Home Blog Page 93

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पात्र किसानों को दिए भावांतर राशि के चेक

0

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पात्र किसानों को दिए भावांतर राशि के चेक
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मौसम कोई भी हो, किसानों को हमेशा अपने खेत-खलिहान की ही चिंता रहती है। फसल अच्छी हो, तो पूरे साल की हरियाली… पर किसी वजह से कम पैदावार हो जाए, कीड़ा लग जाए, ओला-पाला से फसल खराब हो जाए, तो फिर पूरे साल का सूखा। अब ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। किसान हमारे अन्नदाता हैं, इन्हें कोई भी परेशानी हो, कठिनाई हो, तो हमारी सरकार किसानों का संबल और इनकी ढाल बनकर हमेशा साथ खड़ी है। किसान हमारी संस्कृति का आधार हैं, हमारी धरोहर हैं और प्रदेश की अर्थव्यवस्था के वास्तविक कर्णधार हैं। किसानों की जिंदगी बेहतर बनाना, इनके खेत, खलिहानों और घरों में समृद्धि लाना ही हमारा एकमात्र ध्येय है। किसानों की समृद्धि में ही प्रदेश की समृद्धि है। सोयाबीन भावांतर भुगतान योजना किसानों के जीवन में समृद्धि लाने के लिए सरकार का प्रयास है। यह योजना किसानों के कठिन तप, साधना और समर्पण का सम्मान है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ में ‘अन्नदाता सम्मान समारोह’ को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने सोयाबीन भावांतर भुगतान योजना की अंतिम किश्त के रूप में प्रदेश के 1 लाख 17 हजार किसानों के खातों में लगभग 200 करोड़ रूपए की भावांतर राशि अंतरित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि योजना के प्रारंभ से अब तक 7 लाख 10 हजार से अधिक किसानों को हमारी सरकार लगभग 1500 करोड़ रूपए की भावांतर राशि सोयाबीन उत्पादक किसानों को दे चुकी है। आज जिन किसानों को भावांतर की राशि मिली है, उसमें मंदसौर‍जिले के किसान भी शामिल हैं। मंदसौर जिले के 27 हजार से अधिक किसानों को लगभग 43 करोड़ रूपए की भावांतर राशि मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भावांतर योजना में मंदसौर जिले के 5 किसान रघुवीर सिंह को 95 हजार रूपए, मुकेश पाटीदार को 73 हजार रूपए, ओमकार सिंह को 64 हजार रूपए सहित रामदयाल और जगदीशचंद्र पाटीदार को भी भावांतर राशि के चेक भी सौंपे।

शौर्य को मिला सम्मान – स्व. मनोहर सिंह चौहान के पुत्र को दिया शासकीय सेवा का नियुक्ति पत्र
मल्हारगढ़ सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का एक बेहद संवेदनशील पक्ष भी सामने आया। मुख्यमंत्री ने मल्हारगढ़ में हुई एक दुर्घटना में जान की बाजी लगाकर 4 लोगों की जिन्दगी बचाने वाले स्व. मनोहर सिंह चौहान के पुत्र संजय सिंह को अनुकम्पा नियुक्ति पत्र प्रदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह शौर्य का सम्मान है। मल्हारगढ़ के पास हुई एक दुर्घटना में एक कार को पानी में डूबते देखकर अपनी जान की परवाह न करते हुए मनोहर सिंह तत्काल पानी में कूदे। कार में मौजूद 4 जिंदगियां तो बचा लीं, पर खुद की जान न बचा सके। ऐसी वीरता को सम्मानित करना हमारा फर्ज है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. मनोहर सिंह के 22 वर्षीय पुत्र संजय सिंह को विशेष प्रकरण के तहत पुलिस आरक्षक (जीडी) के पद पर सीधा नियुक्ति-पत्र (अनुकम्पा के रूप में) दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मानवता प्रदर्शित करने वाला हर नागरिक सम्मान का अधिकारी है। हम सबमें दूसरों की जिंदगी बचाने का करूणा भाव होना ही चाहिए।

मंदसौर के निवासियों को भी दीं सौगातें
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदसौर जिलेवासियों को भी विभिन्न विकास कार्यों की सौगातें दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र में 51.91 करोड़ रूपए की लागत से मंदसौर-नीमच स्टेट हाईवे पर 4 लेन फ्लाई-ओवर निर्माण तथा पिपलिया मंडी में 5.53 करोड़ रूपए लागत से बनने वाले रेलवे अंडरब्रिज निर्माण कार्य का भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री ने मल्हारगढ़ रेलवे स्टेशन से नारायणगढ़ मार्ग पर 2.06 करोड़ रूपए लागत से नवनिर्मित रेलवे अंडर-पास का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उप मुख्यमंत्री देवड़ा की मांग पर मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र के पिपलियामंडी में नया फ्लाई-ओवर ब्रिज बनाने सहित भुवानी माता मंदिर का जीर्णोद्धार कराने और काका गाडगिल सागर डेम को एक आकर्षक पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मंदसौरवासियों को 25 करोड़ की लागत से बने भगवान पशुपतिनाथ लोक के रूप में आज एक और बड़ी सौगात भी मिली है।

मध्यप्रदेश पहला राज्य, जिसने देश में सबसे पहले लागू की भावांतर योजना
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश, देश का पहला ऐसा राज्य है, जिसने किसानों के हित में सबसे पहले भावांतर की राशि को शासकीय व्यवस्था से भुगतान करने की योजना लागू की। इस योजना से प्रदेश के सोयाबीन उत्पादक किसानों को उनकी फसल का पूरा दाम मिला है। । उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की पहचान किसानों के पसीने, उनके धैर्य और अटूट परिश्रम से ही है। हम हर अन्नदाता को उसकी मेहनत का पूरा दाम दिलाएंगे।

सरसों और मूंगफली की फसल को भी लाएंगे भावांतर योजना के दायरे में
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश के धरतीपुत्र किसानों ने अपनी मेहनत से भारी मात्रा में अनाज उत्पादन कर प्रदेश का देश में मान बढ़ाया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में हमारी सरकार ने अनेक किसान हितैषी निर्णय लिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कृषक कल्याण वर्ष-2026 में किसानों को कृषि आधारित उद्योगों और खाद्य प्रसंस्करण से उपज में वैल्यू एडीशन करने से जोड़ा है। अब हमारे प्रदेश का किसान खुद अपनी उपज की प्रोसेसिंग करेगा, जिससे उसे उसकी उपज का भरपूर दाम मिलेगा। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाते हुए उनकी समृद्धि में कोई कमी नहीं रहने देगी। प्रदेश के सभी पात्र किसानों को भावांतर योजना से फसल का समुचित दाम मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार आने वाले सालों में सरसों और मूंगफली की फसल को भी भावांतर भुगतान योजना के दायरे में लेकर आएगी।

अगले 5 साल में देंगे ढाई लाख नई नौकरियां
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के युवाओं को एक लाख नौकरियां देने का वादा किया था। इसमें से अब तक 60 हजार पदों पर भर्ती की जा चुकी है। अगले 5 साल में प्रदेश के ढाई लाख पदों पर नई नौकरियां दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि मंदसौर और नीमच में मेडिकल कॉलेज पहले ही बन चुके हैं। बहनों को रोजगार से जोड़ने के लिए हमने मंदसौर को नर्सिंग कॉलेज की सौगात भी दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की सभी पात्र महिलाओं को लाड़ली बहना योजना का लाभ मिल रहा है। हमारी सरकार ने मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की राशि बढ़ाकर 1500 रुपए की है। बहनों को हर माह यह राशि उनके खातों में ट्रांसफर की जा रही है। प्रदेश की धरती पर भगवान राम और कृष्ण से जुड़े सभी स्थानों को हम तीर्थ के रूप में विकसित कर रहे हैं।

कपास उत्पादक किसानों को मिलेगा देश के पहले पीएम मित्र पार्क का भरपूर लाभ
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ऑर्गेनिक कॉटन उत्पादन में भी विशेष स्थान रखता है। प्रधानमंत्री मोदी ने धार में कपास उत्पादक किसानों को उनकी उपज का सही दाम दिलवाने के लिए देश के पहले पीएम मित्र पार्क का भूमि-पूजन किया है। इससे 6 लाख किसानों को लाभ मिलेगा और युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकारों ने प्रदेश के गांव-गांव को पक्की सड़क से जोड़ा है। ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुगम होने से किसानों को भी लाभ मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मंदसौर की भूमि उपजाऊ है, यहां की लहसुन विश्व प्रसिद्ध है।

मंदसौर बना रहा है विशिष्ट पहचान
मंदसौर अपनी एक विशिष्ट पहचान बना रहा है। मंदसौर की पहचान आज श्वेत क्रांति, हरित क्रांति और नील क्रांति में अव्वल है। मंदसौर की फसलें, फूल और मसालों की खुशबू अलग ही है। कूनो नेशनल पार्क के बाद अब चीते मंदसौर की धरती में भी पहुंच गए हैं।

हर गांव और खेत को मिल रहा है गांधी सागर बांध का पानी : उपमुख्यमंत्री देवड़ा
उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र के हर गांव, हर खेत को गांधीसागर बांध का पानी मिल रहा है। प्रदेश में सिंचाई का रकबा निरंतर बढ़ रहा है। हमारी सरकार ने पिछले साल 4 लाख 21 हजार करोड़ से अधिक का बजट पेश किया था। नए वित्त वर्ष में हम इससे भी आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मल्हारगढ़ विधानसभा को स्कूल, अस्पताल, उद्योगों की अनेक सौगातें मिली हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश विकसित राज्य बन रहा है। हमारी सरकार ने अगले 5 सालों में राज्य बजट की राशि दोगुना करने का लक्ष्य रखा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मिला विशेष स्नेह : सांसद गुप्ता
मंदसौर के लोकसभा सांसद सुधीर गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विशेष स्नेह मंदसौर को मिला है। प्रदेश के किसानों को भावांतर राशि के साथ मंदसौरवासियों को भी कई सौगातों का लाभ मिला है। मुख्यमंत्री ने वर्ष-2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित कर किसान हित में एक बेहद प्रभावशाली कदम उठाया है। आज हमारे प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत निरंतर समृद्ध हो रही है। सिंचित भूमि का रकबा भी लगातार बढ़ रहा है।

अन्नदाता सम्मान समारोह में राज्यसभा सदस्य बंशीलाल गुर्जर ने आभार माना। कार्यक्रम में सुवासरा विधायक एवं पूर्व मंत्री हरदीप सिंह डंग, नीमच विधायक दिलीप सिंह परिहार, विधायक अनिरूद्ध मारू, पूर्व विधायक यशपाल सिंह सिसौदिया सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रीय किसान बंधु एवं लाड़ली बहनें उपस्थित थीं।

मुख्यमंत्री ने वीसी से 3 दिवसीय सीतामऊ साहित्य महोत्सव का किया शुभारंभ

0

मुख्यमंत्री ने वीसी से 3 दिवसीय सीतामऊ साहित्य महोत्सव का किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सीतामऊ के महाराज कुमार रघुवीर सिंह ने 1974 में नट नागर संस्थान की स्थापना की। यह संस्थान आज शोधार्थियों का तीर्थ स्थल के रूप में जाना जाता है। संस्थान, 30 हजार दुर्लभ पांडुलिपियों होने से यह एशिया की लाइब्रेरी के रूप में विख्यात है। यहाँ से न सिर्फ भारतवर्ष के बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शोधार्थी विभिन्न विषयों से संबंधित पीएचडी का शोध भी करते है। संस्थान से इतिहासकार और हिंदी साहित्य जगत से रामधारी सिंह दिनकर, मती महादेवी वर्मा, सुमित्रानंदन पंत, हजारी प्रसाद द्विवेदी आदि प्रसिद्ध नाम भी संबंधित है। संस्थान में महत्वपूर्ण पांडुलिपियों में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम से संबंधित कई दस्तावेजों के अतिरिक्त 1857 की क्रांति के महत्वपूर्ण दस्तावेज भी संग्रहित है। यह संस्थान भारतीय इतिहास साहित्य और संस्कृति का एक महत्वपूर्ण केंद्र स्थल है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 3 दिवसीय द्वितीय सीतामऊ साहित्य महोत्सव का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से वर्चुअल शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महोत्सव में शामिल महानुभावों से कहा कि सांस्कृतिक पुनरुत्थान के इस पर्व में आपका स्वागत है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व को आयोजित कर हजारों वर्षों से राष्ट्र और सांस्कृतिक धरोहरों की रक्षा करने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि दी। सोमनाथ का उन्नत शिखर और आकाश में लहराता ध्वज हमें गर्व से भर देता है। इसी प्रकार नट नागर शोध संस्थान विश्व और राष्ट्र की अनमोल धरोहर है ‌और तीर्थस्थल के समान है। सीतामऊ में स्थित यह अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संस्थान हमारे गौरवशाली अतीत की विरासत से विकास तक की जानकारी रखता है।

द्वितीय सीतामऊ साहित्य महोत्सव का आयोजन सीतामऊ स्थित नट नागर शोध संस्थान में किया जा रहा है। देशभर से साहित्य क्षेत्रों के विद्वान, वक्ता, कलाकार, इतिहासकार महोत्सव में शामिल हो रहे है। साहित्य महोत्सव को “नॉलेज कुंभ” के रूप में विकसित किया गया है। इसमें स्कूल के बच्चों से तारामंडल संबंधी गतिविधियाँ आयोजित की जा रही है। महोत्सव में विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न स्टॉल भी लगाए गए है जिनमें पुस्तकें, पेंटिंग, दुपट्टे, रुमाल, स्थानीय उत्पाद एवं खाद्य सामग्री उपलब्ध रहेगी। साहित्य महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर विधायक एवं पूर्व मंत्री हरदीप सिंह डंग, निदेशक अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य एवं मानव संसाधन विभाग राजेश कुमार, विवेक चतुर्वेदी एवं बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी नागरिक उपस्थित रहे।

प्रथम दिवस के वक्ता एवं विषय
सीतामऊ साहित्य महोत्सव के प्रथम दिन 29 जनवरी को सर्वप्रथम राजेश कुमार, निदेशक अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य एवं मानव संसाधन, नई दिल्ली ने “इतिहास के पन्नो से” पर व्याख्यान दिया।

कवि और लेखक विवेक चतुर्वेदी ने “शब्दों का जादू”, मीर रंजन नेगी, भारतीय महिला राष्ट्रीय फील्ड हॉकी टीम के पूर्व कोच ने “खेल और जीवन”, रघुबीर यादव भारतीय अभिनेता, कवि, संगीतकार ने “कथा और रंगमंच” पर व्याख्यान और जासु मंगानियार समूह ने स्वरांजलि पर प्रस्तुति दी।

दूसरे दिवस के वक्ता एवं विषय
महोत्सव के दूसरे दिन 30 जनवरी को प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य संजीव सान्याल “इतिहास का भूगोल” पर व्याख्यान देंगे। आलोक वास्तव द्वारा “शब्दों का आलोक” पर व्याख्यान होगा। प्रो. रविन्द्र कुमार शर्मा द्वारा “भारतीय संस्कृति और इतिहास” पर व्याख्यान होगा। चंबल सफारी, मगरमच्छ और ऊदबिलाव देखने का जश्न मनाया जाएगा। कबीर स्टूडियो द्वारा “वेव्स में स्वरागिनी” पर प्रस्तुति दी जायेगी। विशेषज्ञ के मार्गदर्शन में तारों का अवलोकन किया जाएगा।

तीसरे दिवस के वक्ता एवं विषय
महोत्सव के तीसरे और अंतिम दिन 31 जनवरी को पद्म ज्ञान चतुर्वेदी द्वारा “किस्से कहानियां”, जेरी पिंटो, साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता द्वारा “किताबों की दुनिया” पर और रज़ा काज़मी पर्यावरणविद्” पर्यावरण संरक्षण” पर व्याख्यान देंगे। प्रशांत पांडे, फिल्मफेयर पुरस्कार विजेता द्वारा “सुवासरा से फिल्मफेयर तक का सफर” के बारे में बताएंगे।

साहित्य महोत्सव में मगरमच्छ और ऊदबिलाव देखना, चंबल नदी सफारी, अफीम और क्विनोआ के खेत का दौरा इत्यादि गतिविधियां भी आयोजित की जायेगी।

भविष्य की जरूरत के अनुरूप हो विद्युत सुविधाओं का विस्तार: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

0

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ऊर्जा विभाग के कार्यों की उच्च स्तरीय समीक्षा की। बैठक में उन्होंने राज्य में विद्युत उत्पादन, ट्रांसमिशन, वितरण तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली आमजन की मूलभूत आवश्यकता है और इसकी निर्बाध आपूर्ति सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी विद्युत उत्पादक राज्यों में शामिल है और भविष्य की बढ़ती मांग को देखते हुए ऊर्जा अवसंरचना का समयबद्ध विस्तार किया जाना आवश्यक है। उन्होंने ऑफ-ग्रिड विद्युतीकृत गांवों को शीघ्र ग्रिड से जोड़ने तथा विद्युत अधोसंरचनाओं के सुदृढ़ीकरण कार्यों को तय समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री साय ने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को विद्युत आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए इसके प्रति उपभोक्ताओं में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने सोलर पैनल स्थापना एवं रखरखाव की प्रक्रिया को सरल बनाने, इंस्टालेशन की दैनिक संख्या बढ़ाने और सभी शासकीय भवनों में सोलर पैनल लगाने के निर्देश दिए। साथ ही पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना एवं स्मार्ट मीटर से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा।

मुख्यमंत्री ने लंबित बिजली बिलों की समीक्षा करते हुए उपभोक्ताओं को भुगतान के लिए अवसर और सुविधा देने विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने बस्तर के दूरस्थ अंचलों में ग्रिड आधारित विद्युतीकरण को गति देने, नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ाने तथा पीक डिमांड के अनुरूप ट्रांसमिशन क्षमता विस्तार पर भी जोर दिया।

बैठक में बताया गया कि पिछले दो वर्षों में ट्रांसफार्मर क्षमता 24,227 एमवीए से बढ़कर 27,820 एमवीए हो गई है तथा 400/220 केवी, 220/132 केवी और 132/33 केवी उपकेंद्रों के उन्नयन सहित कई परियोजनाएं प्रगति पर हैं। मुख्यमंत्री ने सौर सुजला योजना, कुसुम योजना, नियद नेल्ला नार एवं ग्राम विद्युतीकरण से जुड़ी योजनाओं की भी समीक्षा की।

ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव ने पीपीटी के माध्यम से विद्युत उत्पादन, ट्रांसमिशन, वितरण, पीएम सूर्यघर, पीएम जनमन, कृषि पंपों के ऊर्जीकरण, मजराटोला विद्युतीकरण एवं नवीकरणीय ऊर्जा से संबंधित योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने आगामी वर्षों में नए उपकेंद्रों की स्थापना, वितरण ट्रांसफार्मरों की संख्या बढ़ाने और अंडरग्राउंड केबल सहित विभिन्न विकास कार्यों की कार्ययोजना प्रस्तुत की।

बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, सीएसपीडीसीएल, सीएसपीजीसीएल, सीएसपीटीसीएल के वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आंध्र प्रदेश सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य भेंट

0

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आंध्र प्रदेश सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य भेंट
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मंत्रालय महानदी भवन में आंध्र प्रदेश सरकार के बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन के अध्यक्ष दिनकर लंका ने सौजन्य भेंट की। यह भेंट आंध्र प्रदेश सरकार के अध्ययन दौरे के अंतर्गत हुई।

दिनकर लंका ने बताया कि भेंट अध्ययन भ्रमण का उद्देश्य केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं, फ्लैगशिप परियोजनाओं, सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) तथा छत्तीसगढ़ राज्य की सफल कार्यप्रणालियों का अवलोकन करना रहा।

भेंट के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, अमृत योजना, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पीएम जनमन, लखपति दीदी योजना, आकांक्षी जिला एवं आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की योजनाओं पर चर्चा की गई।
राज्य नीति आयोग की अधिकारी डॉ. नीतू गार्डिया ने छत्तीसगढ़ विज़न 2047 की जानकारी दी। वहीं दिनकर लंका ने स्वर्ण आंध्र विज़न 2047 के तहत 2.40 ट्रिलियन डॉलर की जीएसडीपी अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की जानकारी दी।

अध्ययन दौरे को ज्ञानवर्धक बताते हुए उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की सर्वोत्तम प्रथाएँ आंध्र प्रदेश में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायक होंगी।

फरवरी 2026 से लागू होंगे ये 6 नए नियम

0

फरवरी 2026 से लागू होंगे ये 6 नए नियम
फरवरी का महीना वित्तीय मामलों के लिए जरूरी होंने वाला है। आरबीआई एमपीसी बैठक का आयोजन होगा, कई महत्वपूर्ण फैसले हो सकते हैं। बजट 2026 की पेशपेश भी होगी। इसी के साथ कई नए नियम (February New Rules) भी लागू होंगे। जिसका असर आम आदमी के जेब भी पड़ सकता है। इस बदलावों की सूची में बैंकिंग, फास्टैग, पेट्रोल-डीजल की कीमत इत्यादि शामिल हैं। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया कुछ सेवाओं के शुल्क में बदलाव करने वाला है। जिसकी जानकारी आम नागरिक को होनी चाहिए।

ऑयल मार्केटिंग कंपनियां एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बदलाव करती हैं। 1 फरवरी को घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर के भाव में संशोधन हो सकता है। जनवरी 2026 में 19 किलोग्राम कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर सस्ता हुआ था। इंटरनेशनल क्रूड ऑयल के दाम के आधार पर सिलेंडर की कीमतों में उतार-चढ़ाव हो सकता है।

महंगी हो जाएंगी ये चीजें

1 फरवरी 2026 से तंबाकू और इससे जुड़े उत्पादों पर की जीएसटी की गणना अब रिटेल सेल प्राइस (RSP) के आधार पर निर्भर करेगी। 31 दिसंबर 2025 को जारी अधिसूचना के मुताबिक पान मसाला, सिगरेट, सिगार, बिना उत्पादन वाला तंबाकू इत्यादि को वस्तुओं को आरएसपी मॉडल में शामिल किया गया है। इन चीजों पर नए शुल्क नए जीएसटी दरों के अलावा भी शुल्क लगेगा, जिससे इनकी कीमतों में वृद्धि हो सकती है।
टोल ने जुड़े नए नियम

1 फरवरी से लाखों वाहन चालकों को राहत मिलने वाली है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने FASTag के लिए केवाईवी प्रक्रिया को खत्म कर दिया है। इससे टोल प्लाज़ा पर होने वाली बाधाएं खत्म होंगी। टोल पेमेंट भी आसान होगा। इससे संबंधित आधिकारिक बयान भी जारी किया गया है। कुछ विशेष परिस्थितियों में केआईवी लागू होगी। फास्टैग किसी गलत वाहन से लिंक्ड पाया जाता है/टैग सही से न चिपका हो/धोखाधड़ी की आशंका/टोल प्लाज़ा पर विवाद जैसी परिस्थितियां शामिल हैं।
कई दिन बंद रहेंगे बैंक

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने राज्यवार बैंक हॉलिडे लिस्ट जारी कर दी है। नियमों के मुताबिक रविवार के अलावा हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी रहेगी। इसके अलावा लोसर, छत्रपती शिवाजी महाराज जयंती और स्टेट डे को मिलाकर तीन छुट्टियाँ भी शामिल हैं। हालांकि ऑनलाइन और डिजिटल सेवाओं पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।
एसबीआई का नया नियम

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया IMPS से जुड़े नियमों में बदलाव करने जा रहा है। अब इंटरनेट बैंकिंग थोड़ी महंगी होने वाली हैं, नए नियम 15 फरवरी 2026 से लागू होंगे। पहले ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के लिए कोई चार्ज नहीं लगता था, लेकिन अब 25 हजार रुपये से अधिक के लेनदेन पर शुल्क लगेगा। ऑनलाइन चैनल के जरिए 25 हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये के तक आईएमपीएस ट्रांजेक्शन पर 2 रुपये शुल्क लगेगा। 1 लाख से लेकर 3 लाख रुपये के लेनदेन पर 6 रुपये और 2 लाख से लेकर 5 लाख रुपये तक के लेनदेन पर 10 रुपये शुल्क लगेगा।
केनरा बैंक नए नियम

केनरा बैंक ने फॉरेक्स से जुड़े शुल्क में बदलाव किए हैं। तीन नए चार्ज लागू किए गए हैं। निर्यात लेनदेन के लिए एक लाख रुपये तक के ट्रांजेक्शन पर 100 रुपये एसबी शुल्क लगेगा। एक लाख से अधिक और 4 लाख रुपये तक के लेनदेन पर 250 रुपये चार्ज लगेगा। 4 लाख रुपये से लेकर 10 लाख रुपये से अधिक तक के लेनदेन पर 500 रुपये और 10 लाख रुपये से अधिक के लेनदेन पर 1,000 रुपये प्रति शिपिंग बिल फीस लगेगा। यह बदलाव 2 फरवरी से लागू होगा।

इंदौर में विशाल पुस्तक मेला का आयोजन

0

इंदौर में विशाल पुस्तक मेला का आयोजन
30 जनवरी से 1 फरवरी

विश्व संवाद केंद्र मालवा द्वारा आयोजित नर्मदा साहित्य मंथन के पंचम सोपान ‘भारत उदय’ के अंतर्गत इंदौर में तीन दिवसीय विशाल पुस्तक मेला एवं प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन 30 जनवरी से 1 फरवरी 2026 तक देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के तक्षशिला परिसर स्थित विश्वविद्यालय सभागार में होगा। पुस्तक मेला प्रतिदिन प्रातः 9 बजे से सायं 9 बजे तक आमजन के लिए खुला रहेगा तथा इसमें प्रवेश निःशुल्क रहेगा।
आयोजकों के अनुसार यह पुस्तक मेला राष्ट्रीय साहित्य का एक अद्भुत और समृद्ध संग्रह प्रस्तुत करेगा, जिसमें हर आयु वर्ग के पाठकों के लिए विविध विषयों की पुस्तकें उपलब्ध रहेंगी। साहित्य, संस्कृति, इतिहास, विचार और राष्ट्रबोध से जुड़ी पुस्तकों का यह आयोजन पाठकों के लिए एक विशिष्ट अवसर होगा।
कार्यक्रम का उद्घाटन 30 जनवरी 2026 (शुक्रवार) को प्रातः 10 बजे होगा। उद्घाटन सत्र में महामहिम राज्यपाल केरल श्री राजेन्द्र आर्लेकर, आचार्य मिथिलेश नन्दिनी शरण जी (पीठाधीश्वर, हनुमत पीठ – अयोध्या), श्री पूर्णेन्दु सक्सेना (क्षेत्र संघचालक, मध्यप्रदेश – रा. स्व. संघ) एवं श्री राकेश सिंघई (कुलगुरु, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर) प्रमुख रूप से उपस्थित रहेंगे।
वहीं समापन सत्र 1 फरवरी 2026 (रविवार) को सायं 4 बजे आयोजित होगा, जिसमें पद्मश्री श्री सुशील दोषी (लेखक एवं कमेंटेटर) तथा श्री प्रदीप जोशी (अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख, रा. स्व. संघ) विशेष रूप से शामिल होंगे।
कार्यक्रम के दौरान देशभर के प्रतिष्ठित साहित्यकारों, विचारकों और वक्ताओं की सहभागिता भी रहेगी। आयोजकों ने इंदौर सहित आसपास के जिलों के साहित्यप्रेमी विद्द्यार्थी और शोधार्थि से इस आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होंगे।

T20 विश्व कप 2026 से ठीक पहले अमेरिकी क्रिकेटर आरोन जोन्स को मैच फिक्सिंग हुआ सस्पेंड

0

T20 विश्व कप 2026 से ठीक पहले अमेरिकी क्रिकेटर आरोन जोन्स को मैच फिक्सिंग हुआ सस्पेंड
टी20 विश्व कप 2026 से ठीक पहले अमेरिकी क्रिकेट टीम को बड़ा झटका लगा है. टीम के स्टार बल्लेबाज आरोन जोन्स को आईसीसी ने तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है. उन पर मैच फिक्सिंग और भ्रष्टाचार से जुड़े गंभीर आरोप लगे हैं, जिसके बाद यह कड़ा कदम उठाया गया है.

आईसीसी ने बुधवार को आधिकारिक तौर पर पुष्टि की कि आरोन जोन्स को सभी तरह की क्रिकेट गतिविधियों से अस्थायी रूप से निलंबित किया गया है. जोन्स पर कुल पांच आरोप लगाए गए हैं, जो आईसीसी और क्रिकेट वेस्टइंडीज के एंटी-करप्शन कोड के उल्लंघन से जुड़े हैं. उन्हें इन आरोपों का जवाब देने के लिए 14 दिन का समय दिया गया है.

किन मामलों में लगे हैं आरोप
आरोन जोन्स पर लगे पांच आरोपों में से तीन आरोप 2023-24 में खेले गए बारबाडोस आधारित बीआईएम10 टी20 टूर्नामेंट से जुड़े हैं. वहीं, बाकी दो आरोप उनके अंतरराष्ट्रीय मैचों से संबंधित बताए जा रहे हैं. आईसीसी के मुताबिक, इनमें से एक गंभीर आरोप यह है कि जोन्स ने मैच के नतीजे, या किसी अन्य पहलू को गलत तरीके से प्रभावित करने या ऐसा करने की साजिश में शामिल होने की कोशिश की.

आईसीसी ने अपने बयान में यह भी साफ किया है कि यह जांच अभी जारी है और आने वाले समय में अन्य खिलाड़ियों या इससे जुड़े लोगों पर भी आरोप लग सकते हैं. हालांकि, जांच पूरी होने तक आईसीसी इस मामले पर और कोई टिप्पणी नहीं करेगा.

अमेरिका के लिए अहम खिलाड़ी रहे हैं जोन्स
31 वर्षीय आरोन जोन्स अमेरिका के लिए बेहद अहम खिलाड़ी माने जाते रहे हैं. उन्होंने 2019 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था. इसके बाद अब तक वह अमेरिका के लिए 52 वनडे और 48 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं. कुल मिलाकर उन्होंने 95 पारियों में 2434 रन बनाए हैं.

जोन्स अमेरिका की उस टीम का भी हिस्सा थे, जिसने 2024 टी20 विश्व कप में सुपर-8 तक का सफर तय किया था. पाकिस्तान के खिलाफ डलास में मिली ऐतिहासिक जीत में उन्होंने नाबाद 36 रन बनाकर अहम भूमिका निभाई थी.

विश्व कप से पहले बड़ा नुकसान
टी20 विश्व कप 2026 की शुरुआत अगले हफ्ते होने वाली है. जोन्स हाल ही में अमेरिका के 18 खिलाड़ियों के ट्रेनिंग कैंप का हिस्सा थे और उन्हें टीम का उप-कप्तान बनाए जाने की भी चर्चा थी. हालांकि सस्पेंशन के बाद अब वह टूर्नामेंट के लिए चयन के योग्य नहीं रह गए हैं. विश्व कप से पहले इस तरह का विवाद और एक अहम खिलाड़ी का बाहर होना अमेरिका की तैयारियों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.

UGC के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

0

UGC के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक
सुप्रीम कोर्ट में UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए रोक लगा दी. 29 जनवरी 2026 को हुई सुनवाई में CJI सूर्यकांत की बेंच ने फैसला सुनाया और सरकार को नोटिस जारी कर के जवाब मांगा है.

सु्प्रीम कोर्ट ने नए नियमों पर रोक लगाई
UGC के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है. सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि अभी 2012 वाले नियम ही लागू रहेंगे. सुप्रीम कोर्ट ने 19 मार्च 2026 तक केंद्र सरकार और UGC को नोटिस जारी कर के जवाब मांगा है. यानी अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी.

CJI सूर्यकांत ने नियमों पर रोक लगाते हुए पूछा कि क्या हम जाति विहीन समाज की तरफ बढ़ रहे हैं या पीछे जा रहे हैं? हमने देखा है कि हॉस्टल में छात्र एक साथ रहते हैं. नए नियमों से अलग हॉस्टल बन जाएंगे. ऐसा नहीं होना चाहिए. इस बीच जस्टिस बागची ने भी कहा कि समाज और देश में एकता के लिए काम करना चाहिए.

CJI सूर्यकांत ने कहा, ‘हम सरकार से जवाब लेंगे. ऐसी परिस्थिति से कुछ लोग लाभ ले सकते हैं. एक विशेषज्ञ कमिटी भी बनाई जा सकती है.’

नया नियम समाज में भेदभाव पैदा करेगा
याचिकाकर्ताओं के वकील ने सुनवाई के दौरान कहा, ‘संविधान ने सबको संरक्षण दिया है. सभी नागरिकों की रक्षा होनी चाहिए. लेकिन नया नियम भ्रमित करता है और समाज में भेदभाव पैदा करता है. इसमें सिर्फ OBC, SC और ST की बात की गई है.’

याचिकाकर्ताओं के वकील ने कहा कि नियम 3(e) में भेदभाव की परिभाषा पहले से है. इसके रहते 3(c) की क्या रूरत है. यह समाज मे विभेद पैदा करने वाला है. वकील ने कहा, ‘मैं इन तबकों के अलावा बाकी से भी भेदभाव के उदाहरण दे सकता हूं, लेकिन ऐसा नहीं कर रहा.’

इस पर CJI सूर्यकांत ने कहा, ‘इसकी जरूरत नहीं है. हम सिर्फ यही देख रहे हैं कि नए नियम अनुच्छेद 14 (समानता के अधिकार) के हिसाब से सही हैं या नहीं हैं.’

कुछ जातियों के लिए अलग धारा की जरूरत नहीं: वकील

वकील ने CJI सूर्यकांत से कहा कि मैं सेक्शन 3(c) पर रोक की मांग कर रहा हूं. यहां यह मान लिया गया है कि भेदभाव सिर्फ कुछ ही तबके के साथ हो सकता है. CJI सूर्यकांत ने कहा, ‘मान लीजिए कि कोई दक्षिण भारतीय छात्र उत्तर भारत के कॉलेज में आता है. यहां उस पर अनुचित टिप्पणी होती है तो क्या 3(e) में उस पर बात की गई है? वकील ने जवाब देते हुए कहा, ‘जी हां. यही हमारा कहना है कि कुछ जातियों के लिए अलग से एक धारा बनाने की जरूरत नहीं थी.’

UGC के नए नियम क्या हैं?
हर कॉलेज में ईक्वल अपॉर्च्यूनिटी सेंटर यानी EOC बनेगा.
EOC पिछड़े और विंचित छात्रों को पढ़ाई, फीस और भेदभाव से जुड़ी मदद देगा.
हर कॉलेज में समता समिति बनानी होगी, जिसके अध्यक्ष कॉलेज के प्रमुख होंगे.
कमेट में SC, ST, OBC, महिलाएं और दिव्यांग शामिल होंगे. इस कमेटी का कार्यकाल 2 साल होगा.
कॉलेज में इक्वलिटी स्क्वाड भी बनेगा, जो भेदभाव पर नजर रखेगा.
भेदभाव की शिकायत पर 24 घंटे में मीटिंग जरूरी होगी. 15 दिन में रिपोर्ट कॉलेज प्रमुख को देनी होगी.
कॉलेज प्रमुख को 7 दिन में आगे की कार्रवाई शुरू करनी होगी.
EOC हर 6 महीने में कॉलेज को रिपोर्ट देगा.
कॉलेज को जातीय भेदभाव पर हर साल UGC को रिपोर्ट भेजनी होगी.
UGC राष्ट्रीय निगरानी कमेटी बनाएगा. नियम तोड़ने पर कॉलेज की ग्रांट रोकी जा सकती है.
कॉलेज के डिग्री, ऑनलाइन और डिस्टेंस कोर्स पर रोक लग सकती है.
गंभीर मामलों में UGC की मान्यता भी रद्द हो सकती है.

गोपालकों को सरकार की ओर से दिया जा रहा है पूर्ण प्रोत्साहन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

0

गोपालकों को सरकार की ओर से दिया जा रहा है पूर्ण प्रोत्साहन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास में गौमाता पर केंद्रित फिल्म ‘गोदान’ का ट्रेलर लाँच किया और फिल्म के पोस्टर का विमोचन किया। यह फिल्म आगामी 6 फरवरी को रिलीज होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे स्वयं जनप्रतिनिधियों के साथ फिल्म “गोदान” देखने जाएंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे स्वयं बाल्यकाल से गोपालन और गोसेवा से जुड़े हैं। गौमाता न सिर्फ दूध देती है बल्कि वातावरण को सकारात्मक बनाए रखने का कार्य करती है। गो सेवा से जो संतोष प्राप्त होता है, उसकी तुलना नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि गौ माता का महत्व हमारी संस्कृति में आज से नहीं भगवान राम और कृष्ण के युग से सर्वोपरि रहा है। मध्यप्रदेश सरकार ने गौशालाओं के प्रबंधन, आधुनिक तकनीक का उपयोग कर बड़ी गौशालाओं के संचालन, गौवंश संरक्षण, गोपालकों को दूध के विक्रय पर समुचित लाभ दिलवाने की व्यवस्था की है। उच्च शिक्षा में पशुपालन से संबंधित पाठ्यक्रमों को समावेश कर युवाओं को भी प्रेरित किया जा रहा है। गौशालाओं को प्रति गाय आहार के लिए 20 रुपए के स्थान पर 40 रुपए प्रदान की जा रही है। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए बहुआयामी प्रयास किए जा रहे हैं, जिनमें राष्ट्रीय डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के साथ अनुबंध, गोपालकों को प्रति लीटर 8 रुपए तक लाभ प्रदान करने और जबलपुर एवं ग्वालियर के दुग्ध संयंत्रों को नवीनीकृत करने के प्रयास शामिल हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कामधेनू फिल्म प्रोडेक्शन और इसके निर्माता, निर्देशक विनोद चौधरी सहित अजीत प्रसाद महापात्र, शान्तनु शुक्ला, डॉ. इन्द्रेश प्रताप सिंह, डॉ. मधुसूदन शर्मा, वेदपाल झा को फिल्म निर्माण के लिए बधाई दी। इस अवसर पंचगव्य उत्पाद भी लांच किए गए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का शिक्षक हित के निर्णयों के लिए किया अभिनंदन

0

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का शिक्षक हित के निर्णयों के लिए किया अभिनंदन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि युग बदले, सदियां बदलीं पर शिक्षकों का सम्मान कभी कम नहीं हुआ। शिक्षक उस दीपक के समान होते हैं, जो खुद जलकर दूसरों के जीवन को आलोकित करते हैं। शिक्षकगण सदैव सम्मानित थे, हैं और आगे भी रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश के शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि इनके सद्प्रयासों से ही प्रदेश के शासकीय स्कूलों का परीक्षा परिणाम ऐतिहासिक रूप से बेहतर से और बेहतर हुए हैं। बच्चों के प्रवेश, शाला नामांकन दर में भी रिकार्ड वृद्धि हुई है। साथ ही प्रदेश में बच्चों की ड्राप-आउट दर भी शून्य हो गई है। इसमें शिक्षकों का योगदान अतुलनीय है, वंदनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय के प्रांगण में मध्यप्रदेश शिक्षक संघ द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश स्तरीय शैक्षिक गुणवत्ता शिक्षक सम्मेलन में कहा कि हमारे सांदीपनि विद्यालय और पीएम विद्यालय शिक्षा की गुणवत्ता के नए-नए मानक स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सांदीपनि विद्यालयों की सफलता से हम सब अभिभूत हैं। इसलिए प्रदेश में इसी सत्र से 200 नए सांदीपनि विद्यालय खोले जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नई शिक्षा नीति-2020 को लागू करने में मध्यप्रदेश देश के पहले राज्यों में हैं। हम अपनी आने वाली पीढ़ी के लिए ए.आई., कोडिंग और कौशल आधारित शिक्षा की दिशा में भी तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। इसमें शिक्षकों का बहुमूल्य योगदान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों के हित में सरकार ने कोई कमी नहीं रखी है। आगे भी जो कुछ हित लाभ बचा है, वह भी जल्द ही देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित करने के साथ सरस्वती पूजन कर सम्मेलन का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय की छात्राओं ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में अनेक शिक्षक हितैषी निर्णयों के लिए संघ द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय अभिनंदन किया गया।

सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान कर लिया आशीर्वाद
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेवानिवृत्त व्याख्याता मती कोकिला सिंह, बद्री प्रसाद तिवारी, बृजमोहन आचार्य, देवकृष्ण व्यास, किशनलाल नाकड़ा को सम्मानित किया। मती कोकिला सिंह ने उज्जैन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को भौतिक शास्त्र की शिक्षा दी थी। मुख्यमंत्री ने अपनी गुरु का सम्मान कर उनके चरण छूकर उनका आशीर्वाद लिया। इसी तरह बद्री प्रसाद तिवारी ने नरसिंहपुर में स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह को स्कूल में पढ़ाया था।

कैलेंडर, डायरी और पुस्तिका का किया विमोचन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को सुभाष स्कूल में मध्यप्रदेश शिक्षक संघ की विकास यात्रा पर केन्द्रित प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश शिक्षक संघ के वार्षिक कैलेंडर, ‘हमारा विद्यालय-हमारा तीर्थ’ नामक पुस्तिका, टेबल कैलेंडर एवं डायरी का भी विमोचन किया।

हर काल में शिक्षकों के मार्गदर्शन में युवा बने महान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे मन के भावों से शिक्षा पद्धति और शिक्षकों से जुड़े हुए हैं। यह सम्मेलन भाव विभोर कर देने वाला है। एक शिक्षक हमारे अंदर विद्मान प्रतिभाओं को निखारने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व में अपनी एक नई पहचान बना रहा है। हर युग में गुरु और शिक्षकों ने अपने शिष्यों के माध्यम से ही समाज को उसके सभी प्रश्नों/समस्याओं के उत्तर दिलवाए हैं। उन्होंने कहा कि हर काल में मध्यप्रदेश की धरती सौभाग्यशाली रही है। हमारा संबंध भगवान राम, कृष्ण से भी जुड़ता है। झाबुआ से निकलकर एक बालक चंद्रशेखर आजाद बनता है। मध्यप्रदेश की धरती पर सम्राट विक्रमादित्य और राजा भोज ने शासन किया। हर काल में युवाओं ने अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन में बड़ी-बड़ी भूमिकाएं अदा की हैं।

विकसित भारत का लक्ष्य पाने में प्रदेश की भूमिका महत्वपूर्ण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार का एक अर्थ ‘सहकार’ भी होता है। यह परस्पर सामंजस्य से ही संभव है। सरकार के लक्ष्य उच्चतम होने चाहिए। उसके समाज के सभी प्रश्नों और समस्याओं के समाधान की मंशा और ऐसा सामर्थ्य भी होना चाहिए। चुनी हुई सरकार हर वर्ग के कल्याण का ध्यान रखती है। विकसित भारत का लक्ष्य पाने में मध्यप्रदेश अपनी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। देश के प्रधानमंत्री, राज्य के मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री भी शासकीय विद्यालयों से ही पढ़कर यहां तक पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के 22 हजार से अधिक शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण बड़ी सरलता से हुआ है।

कुलपति को कुलगुरू का दिया नाम
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नई शिक्षा नीति को सफलतापूर्वक लागू करने में मध्यप्रदेश देश के पांच राज्यों में से एक है। मध्यप्रदेश भारत के सबसे कम बेरोजगारी दर वाले तीन राज्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भव्य सांदीपनि विद्यालय बन रहे हैं। हमारी सरकार ने शिक्षकों को महंगाई भत्ते का भी लाभ दिया है। करीब डेढ़ लाख शिक्षक इससे लाभान्वित हुए हैं। प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति को हमने कुलगुरु का नया नाम दिया है। हमारी सरकार गुरूजनों के सम्मान में कोई कसर नहीं छोड़ रही।

विद्यार्थियों को मिल रही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा : शिक्षा मंत्री सिंह
स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग ने नए आयाम स्थापित किए हैं। राज्य सरकार शिक्षकों को अनेक सौगातें दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के गांवों के साथ शहरों के विकास को गति प्रदान की है। वे प्रदेश के गरीब और किसानों की चिंता करते हैं। स्कूल के भवनों के नव निर्माण के साथ बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है। प्रदेश के शासकीय स्कूलों में ड्राप-आउट दर शून्य हो गई है। नए विद्यार्थियों की नामांकन दर में भी वृद्धि हो रही है। प्रदेश में सरकार के कामों को मान्यता मिल रही है, तो उसमें सबसे बड़ा योगदान शिक्षकों का ही है।

स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह ने बताया कि प्रदेश में पहली बार सभी पात्र शिक्षकों को चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान का लाभ देने के लिए 322 करोड़ रुपए की एकमुश्त राशि मंजूर की गई। यह एक इतिहास है। हमने स्कूल शिक्षा में वर्षों से आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए समय-सीमा तय की है। स्कूलों में सभी जरूरी सुविधाओं के लिए हमने एकमुश्त राशि आवंटित की है। पिछली कैबिनेट मीटिंग में ही प्रदेश को 200 नये सांदीपनि विद्यालयों की सौगात मिली है। देश में नई शिक्षा नीति लागू की गई है। राज्य सरकार इस नीति के पालन के लिए व्यवस्थाओं में कोई कसर नहीं रख रही है। शिक्षा नीति के समुचित क्रियान्वयन की जिम्मेदारी शिक्षकों की ही है।

अखिल भारतीय शिक्षक संघ के संगठन मंत्री महेन्द्र कपूर ने कहा कि राष्ट्र के हित में शिक्षक बच्चों के रूप में भविष्य गढ़ते हैं। हमारा विद्यालय, हमारा स्वाभिमान अभियान से संगठन के 14 लाख से अधिक शिक्षक नई शिक्षा नीति के अनुसार अध्यापन कार्य कर रहे हैं। शिक्षक के लिए कोई अमीर, कोई गरीब नहीं होता है, वे सभी विद्यार्थियों को एक समान दृष्टि से देखते हैं। राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित शिक्षक वेतन-भत्तों के लिए काम नहीं करता है, बल्कि बच्चों को पढ़ाने के साथ समाज में मौजूद समस्याओं का समाधान भी देता है।

म.प्र. शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. क्षत्रवीर सिंह राठौर ने मुख्यमंत्री के अभिनंदन पत्र (प्रशस्ति)का वाचन किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रोजगारोन्मुखी और नवाचारी शिक्षा प्रणाली के प्रसार के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उत्कृष्ट कार्य किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के डेढ़ लाख से अधिक शिक्षकों को चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान देकर मान-सम्मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि सेवा कार्यों केलिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कई पुरस्कार मिले हैं।

म.प्र. शिक्षक संघ के प्रदेश संगठन मंत्री हिम्मत सिंह जैन ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना की जा रही है। जहां बच्चों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है। राज्य सरकार ने शासकीय शिक्षकों को समयमान वेतनमान की सौगात दी है। इसके लिए शिक्षक संघ मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिनंदन करता है। भारतीय जीवन मूल्यों को विकसित करने के लिए हमारे संगठन ने प्रदेश स्तर पर स्कूलों में अभियान शुरू किया है।

कार्यक्रम में संघ के प्रदेश मंत्री राकेश गुप्ता, संजय रावल, विनोद पुनीत सहित अन्य पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में प्रदेश के सभी जिलों से आए शिक्षकवृंद उपस्थित थे। कार्यक्रम के आरंभ में सु शुभाषिनी जोशी द्वारा सुमधुर स्वर में वंदे मातरम गायन किया गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान जन-गण-मन से हुआ।