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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गृह विभाग की समीक्षा में दिए निर्देश

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गृह विभाग की समीक्षा में दिए निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बदलते दौर में पुलिस बल को नई चुनौतियों से निपटने के लिए व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध करवाए जाएंगे। अपराधों के अन्वेषण का दायित्व निभाने वाले विवेचना अधिकारियों को अन्वेषण भत्ता भी मिले, इस दृष्टि से अन्य राज्यों में लागू व्यवस्थाओं का अध्ययन किया गया है। इस क्षेत्र में अपराध स्थल पर त्वरित पहुंच, सुरक्षा व्यवस्था, साक्ष्य संकलन, अभियुक्त गवाह और पीड़ित के परिवहन, भोजन आदि के साथ फोटोग्राफी -वीडियोग्राफी, डिजिटल साक्ष्य संग्रह, न्यायलीन प्रक्रिया से जुड़े आकस्मिक खर्च देखते हुए मध्यप्रदेश में अन्वेषण भत्ता लागू किए जाने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में निर्देश दिए कि पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति मजबूत रहे, इसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर आरक्षक स्तर तक सजगता और सक्रियता से भूमिका निभाई जाए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय में गृह विभाग की समीक्षा में कहा कि सायबर अपराधों की बढ़ती संख्या को देखते हुए गृह विभाग द्वारा आईटी कंसल्टेंट की सेवाएं लेने का कार्य प्राथमिकता से किया जाए। बैठक में सिंहस्थ: 2028 के लिए भीड़ प्रबंधन, कानून व्यवस्था, वीआईपी सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और आपदा प्रबंधन के उद्देश्य से आवश्यक पुलिस बल की व्यवस्था पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ की दृष्टि से विभिन्न कंट्रोल रूम तथा अन्य व्यवस्थाओं को इस तरह पूर्ण किया जाए ताकि उनका स्थाई महत्व और प्रभाव रहे। उज्जैन में अनेक बाबा महाकाल मंदिर सहित देव स्थान हैं। सभी व्यवस्थाओं को तात्कालिक के स्थान पर स्थायी अधोसंरचना के रूप में विकसित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बसंत पंचमी और हाल ही में भोजशाला से संबंधित प्रसंग में पुलिस बल की सजग सक्रिय भूमिका के लिए वरिष्ठ अधिकारियों और फोर्स के अन्य सदस्यों को बधाई दी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस द्वारा किए जा रहे नवाचार सराहनीय हैं। राज्य को नक्सल मुक्त बनाने, आपदा मित्रों को प्रशिक्षित करने, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, अन्य विभागों के सहयोग से सुगम परिवहन सुनिश्चित करने, अग्निशमन इकाईयों को सहयोग, एयर एम्बुलेंस के उपयोग में सहयोग, सैनिक कल्याण प्रयासों को बढ़ाने के कार्य सराहनीय हैं। इसके साथ ही खुले स्थानों में मांस विक्रय पर प्रतिबंध और तेज ध्वनि में स्पीकर आदि के प्रयोग को नियंत्रित करने के निर्देशों का भी निरंतर पालन किया गया है। यह व्यवस्थाएं सुचारू बनी रहें, इसके लिए विभाग का अमला सक्रिय रहे।

बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन वर्चुअली शामिल हुए। अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव गृह संजय कुमार शुक्ल, अपर मुख्य सचिव वित्त मनीष रस्तोगी, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा, एडीजी ए. साई मनोहर सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक में मध्यप्रदेश पुलिस चयन और भर्ती बोर्ड के गठन की पहल, सायबर अपराधों, सोशल मीडिया आधारित गतिविधियों और अपराधों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता(एआई) के बढ़ते दुरूपयोग के प्रभावी विशलेषण के लिए राज्य सायबर सेल ने विशेषज्ञों की सेवाएं प्राप्त करने के संबंध में विचार किया गया। इसके साथ ही काउंटर टेररिस्ट ग्रुप की संरचना और बल में वृद्धि, राज्य स्तरीय उन्नत प्रशिक्षण संस्थान के माध्यम से एटीएस,एसटीएफ, हॉक फोर्स और अन्य विशिष्ट इकाईयों के लिए क्षमता संवर्धन प्रबंध, जिला स्तर पर सीन ऑफ क्राइम मोबाइल इकाई के संचालन के प्रावधान, वीवीआईपी ड्यूटी में तैनात अधिकारी-कर्मचारियों को विशेष भत्ता देने, एआई का प्रयोग कर सेफगार्ड एमपी प्रणाली के माध्यम से बुजुर्गों, कमजोर व्यक्तियों, महिलाओं की सुरक्षा के लिए देश में एक नई तरह की पहल करने के संबंध में भी चर्चा हुई।

फिल्में समाज में सकारात्मक बदलाव की सशक्त माध्यम हैं – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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फिल्में समाज में सकारात्मक बदलाव की सशक्त माध्यम हैं – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर में संस्कृति विभाग एवं छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित डॉक्यूमेंट्री फिल्म निर्माताओं, कलाकारों एवं विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिभाशाली व्यक्तित्वों के सम्मान समारोह में शामिल हुए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि फिल्में केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि समाज की सोच, संस्कृति और संवेदनाओं को दिशा देने वाली सशक्त विधा हैं। एक अच्छी फिल्म समाज में जागरूकता पैदा करती है और सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करती है। भारतीय सिनेमा ने समय-समय पर सामाजिक बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि मदर इंडिया जैसी फिल्मों ने भारतीय समाज में नैतिक मूल्यों, त्याग और आत्मसम्मान की भावना को सुदृढ़ किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ी सिनेमा का गौरवशाली इतिहास रहा है। पहली छत्तीसगढ़ी फिल्म कही देबे संदेश ने सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध सार्थक संदेश दिया था। आज छालीवुड की फिल्में मनोरंजन के साथ-साथ व्यावसायिक सफलता के नए आयाम स्थापित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल और ओटीटी प्लेटफॉर्म के विस्तार से फिल्मों की पहुंच समाज के हर वर्ग तक हुई है, ऐसे में जिम्मेदार, सकारात्मक और मूल्याधारित सिनेमा को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ी फिल्म उद्योग को नई पहचान दिलाने और स्थानीय प्रतिभाओं को अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी दिशा में छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम को पुनः सक्रिय किया गया है। उन्होंने बताया कि इसी वर्ष जनवरी में 150 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली चित्रोत्पला फिल्म सिटी तथा ट्राइबल एवं कल्चरल कन्वेंशन सेंटर का भूमिपूजन किया गया है। इस परियोजना से राज्य में फिल्म निर्माण गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, हजारों कलाकारों, तकनीशियनों एवं श्रमिकों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे तथा फिल्म पर्यटन को नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम एवं संस्कृति विभाग को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश की कला, संस्कृति और सिनेमा को प्रोत्साहित करने की दिशा में यह सराहनीय पहल है। ऐसे सम्मान समारोह कलाकारों और रचनाकारों का मनोबल बढ़ाने के साथ नई पीढ़ी को भी प्रेरित करते हैं।

कार्यक्रम में 11 देशों में सम्मानित छत्तीसगढ़ी डॉक्यूमेंट्री फिल्म “छत्तीसगढ़ का भीम – चिंताराम” का विशेष प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सु मोना सेन को जन्मदिवस की शुभकामनाएं भी दीं।
इस अवसर पर उन्होंने गरियाबंद जिले के छुरा क्षेत्र स्थित गिधनी पाठ में विभिन्न विकास कार्यों के लिए 20 लाख रुपये तथा धमतरी में सेन समाज भवन निर्माण हेतु 10 लाख रुपये की घोषणा की।

इस अवसर पर सर्व सेन समाज के प्रदेश अध्यक्ष पुनीत सेन, वरिष्ठ फिल्म निर्माता मोहन सुंदरानी, छत्तीसगढ़ फिल्म उद्योग से जुड़े निर्माता, निर्देशक, कलाकार एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए बिछा रेड कारपेट, 9,580 करोड़ रुपये के मिले प्रस्ताव

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छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए बिछा रेड कारपेट, 9,580 करोड़ रुपये के मिले प्रस्ताव
छत्तीसगढ़ ने निवेश आकर्षित करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। हैदराबाद में आयोजित ‘छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट’ कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों की सात प्रमुख कंपनियों ने 9,580 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव दिए हैं, जिनसे 7,800 से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने देश के प्रमुख उद्योगपतियों और निवेशकों को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा विकसित भारत के ग्रोथ इंजन के रूप में छत्तीसगढ़ तेजी से उभर रहा है और राज्य में निवेशकों के लिए ‘रेड कारपेट’ बिछा हुआ है। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन सहित दक्षिण भारत के कई बड़े उद्योगपति, निवेशक और कारोबारी प्रतिनिधि मौजूद रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने बताया कि नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु के साथ-साथ जापान और दक्षिण कोरिया में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य को 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। राज्य सरकार इन प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए तेजी से कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज निवेश के लिए देश के सबसे बेहतर राज्यों में से एक बनकर उभर रहा है। राज्य में उद्योगों के लिए आसान प्रक्रियाएं, सिंगल विंडो व्यवस्था, बेहतर बुनियादी सुविधाएं और उद्योग अनुकूल नीतियां उपलब्ध हैं। उन्होंने निवेशकों को छत्तीसगढ़ में उद्योग स्थापित करने का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हैदराबाद ने आईटी, फार्मा, बायोटेक्नोलॉजी और एयरोस्पेस जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। छत्तीसगढ़ भी इन क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है और दोनों राज्यों के उद्योगपति एवं उद्यमी मिलकर नए अवसरों का लाभ उठा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि मध्य भारत में स्थित छत्तीसगढ़ देश का सबसे उपयुक्त लॉजिस्टिक हब बनने की क्षमता रखता है। छत्तीसगढ़ सात राज्यों से घिरा हुआ है और 60 करोड़ से अधिक उपभोक्ताओं तक सीधी पहुंच प्रदान करता है। रेलवे नेटवर्क, भारतमाला परियोजना, एयर कार्गाे सुविधाओं तथा खनिज संसाधनों की उपलब्धता उद्योगों के लिए इसे अत्यंत अनुकूल बनाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश में ग्रीन स्टील को बढ़ावा देने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल है। ऊर्जा क्षेत्र में राज्य को 3.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे प्रदेश देश के प्रमुख पावर हब के रूप में उभर रहा है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सात प्रमुख कंपनियों को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए ‘इन्विटेशन टू इन्वेस्ट’ (ऑफर लेटर) प्रदान किए। इनमें डेटा सेंटर, सीमेंट, सेमीकंडक्टर एवं जीपीयू इंफ्रास्ट्रक्चर, सौर ऊर्जा उपकरण निर्माण, वस्त्र, फार्मास्यूटिकल और डेयरी प्रसंस्करण क्षेत्रों की अग्रणी कंपनियां शामिल हैं।

सबसे बड़ा निवेश प्रस्ताव हाइपरनेक्स्ट डाटा सेंटर लिमिटेड की ओर से प्राप्त हुआ, जिसने छत्तीसगढ़ में भारत का पहला समर्पित डिजास्टर रिकवरी डेटा सेंटर कैंपस स्थापित करने के लिए 4,200 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया। इस परियोजना से राज्य में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिलेगी और छत्तीसगढ़ डेटा सेंटर क्षेत्र का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकेगा। इस परियोजना से लगभग 250 रोजगार सृजित होंगे।

फीग्रेड एंड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड ने सीमेंट क्षेत्र में 2,912 करोड़ रुपये निवेश का प्रस्ताव दिया है, जिससे लगभग 4,000 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। वहीं निवाई लैब्स प्राइवेट लिमिटेड ने 1,000 करोड़ रुपये के निवेश से एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), जीपीयू इंफ्रास्ट्रक्चर, एडवांस कंप्यूटिंग और सेमीकंडक्टर असेंबली से जुड़ी सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव दिया। इससे राज्य में आधुनिक तकनीकी उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा एवं लगभग 200 रोजगार सृजित होंगे।

सौर ऊर्जा उपकरण निर्माण क्षेत्र की एसजी मार्ट लिमिटेड ने 700 करोड़ रुपये निवेश का प्रस्ताव दिया है, जिससे लगभग 450 लोगों को रोजगार मिल सकता है। सरवणा मिल्स प्राइवेट लिमिटेड ने 528 करोड़ रूपए के निवेश से अत्याधुनिक टेक्सटाइल और परिधान निर्माण इकाई स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। इस परियोजना से लगभग 2,500 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।

फार्मास्यूटिकल क्षेत्र की काबरा ड्रग्स ने 200 करोड़ रुपये तथा डेयरी क्षेत्र की दिनशॉज़ डेयरी फूड्स प्राइवेट लिमिटेड ने 40 करोड़ रुपये निवेश का प्रस्ताव दिया है। इन दोनों परियोजनाओं से क्रमशः लगभग 250 और 150 रोजगार सृजित होंगे। हैदराबाद दौरे के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और राज्य के प्रतिनिधिमंडल ने देश की कई अग्रणी कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठकें कीं। इनमें पेज इंडस्ट्रीज और डेल्टा इलेक्ट्रॉनिक्स, एक्सिस एनर्जी, सेल्कॉन ग्रुप, मैग्नमविंग्स जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल रहीं। बैठकों में छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं, उपलब्ध औद्योगिक सुविधाओं और राज्य सरकार की उद्योग-अनुकूल नीतियों पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके अलावा स्वामी नारायण गुरुकुल संगठन के प्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात कर रायपुर के टाटीबंध में 650 बिस्तरों वाले चौरिटेबल अस्पताल की स्थापना के प्रस्ताव पर चर्चा की।

इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में आईटी, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स, एयरोस्पेस एवं रक्षा, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) और उन्नत विनिर्माण जैसे भविष्य के उद्योगों में निवेश के अवसरों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया। निवेशकों ने इन क्षेत्रों में विशेष रुचि दिखाई।

कार्यक्रम में सीएसआईडीसी के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, इन्वेस्टमेंट कमिश्नर सु रितु सैन, सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक विश्वेश कुमार, उद्योग विभाग के संचालक प्रभात मलिक एवं अन्य अधिकारी भी शामिल रहे।

भोपाल आबकारी विभाग द्वारा लगातार की जा रही कार्यवाहियों में एक और बड़ी कार्यवाही

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भोपाल आबकारी विभाग द्वारा लगातार की जा रही कार्यवाहियों में एक और बड़ी कार्यवाही
कलेक्टर भोपाल प्रियंक मिश्रा के निर्देशन पर,सहायक आबकारी आयुक्त * वीरेंद्र धाकड़*के मार्गदर्शन और नियंत्रण कक्ष प्रभारी आर.जी.भदौरिया के नेतृत्व में भोपाल जिले की आबकारी विभाग की टीम द्वारा दिनांक 12/06/2026 कोअल सुबह मुखबिर की सूचना के आधार पर व्रत 5 के अन्तर्गत छावनी पठार,बंजारा बस्ती, ट्रांसपोर्ट नगर कोकता एवम हरिपुरा में कुल 600 किलोग्राम महुआ लाहन एवं 35 लीटर हाथ भट्टी मदिरा जब्त किया जाकर म.प्र.आब.अधि.1915(संशोधन 2000)की धारा 34 (1) क , च के तहत कुल पाँच प्रकरण कायम किए गए तथा सैंपल लेकर मौके पर महुआ लाहन को नष्ट किया गया।आरोपियों का विवरण निम्नानुसार है
1. गीता बाई w/o विजय पंजाबी उम्र 26 वर्ष निवासी :- छावनी पठार भोपाल
2. सुगना बाई w/o प्रभुलाल बंजारा उम्र 50 निवासी कोकता टांसपोर्ट नगर भोपाल
3. निशा w/o रतन पंजाबी उम्र 37 निवासी छावनी पठार भोपाल
4. डुली बाई w/o विजय बंजारा उम्र 45 निवासी डेरी कोकता भोपाल
5. बसंती बाई w/0 हेमंत बंजारा उम्र 40 निवासी हरिपुरा भोपाल
सभी प्रकरणों में विवेचना जारी है ।
जब्त अवैध लाहन एवं मदिरा की कुल कीमत 67000 / आंकलित की गई है ।
उक्त कार्यवाही वृत्त प्रभारी सहायक जिला आबकारी अधिकारी शरद मिश्रा द्वारा की गई lउपरोक्त कार्यवाही में सहायक जिला आबकारी अधिकारी प्रीति उइके ,सुरेन्द्र देवांगन , महेश विश्वकर्मा , विवेक सक्सेना , आबकारी उपनिरीक्षक स्वाति बघेल , चंदर सिंह , तथा जिला आबकारी बल का सराहनीय योगदान रहा ।
सहायक आयुक्त आबकारी वीरेंद्र सिंह धाकड ने बताया कि इस प्रकार की कार्यवाही लगातार जारी रहेंगी ।

‘जो जीता वही सिकंदर’ गाना तीन अलग-अलग हीरोइनों के साथ तीन बार शूट हुआ

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‘जो जीता वही सिकंदर’ गाना तीन अलग-अलग हीरोइनों के साथ तीन बार शूट हुआ
आमिर खान (Aamir Khan) की फिल्म ‘जो जीता वही सिकंदर’ (Jo Jeeta Whi Sikandar) को आज भी एक कल्ट क्लासिक फिल्म माना जाता है। फैन्स के बीच आज भी इसकी दीवानगी देखने को मिलती है। रिलीज के लगभग तीन दशक बाद भी इसका गाना ‘पहला नशा’ लोगों के दिलों में बसा हुआ है।

इस गाने को बॉलीवुड के सबसे यादगार रोमांटिक गानों में से एक माना जाता है। हाल ही में, कोरियोग्राफर और फिल्ममेकर फराह खान ने इस गाने के बनने से जुड़ी दिलचस्प बातें शेयर कीं।

अलग-अलग हीरोइनों के साथ हुआ शूट
फिल्ममेकर-कोरियोग्राफर ने अपने लेटेस्ट व्लॉग में एक्टर्स वेदांग रैना और शरवरी के साथ बातचीत करते हुए इस गाने से जुड़ी शूटिंग के दौरान की एक कहानी बताई। फराह ने कहा, “हमारे पास न तो मॉनिटर थे और न ही माइक्रोफोन; हमने यह गाना 1990 में शूट किया था और फिल्म 1992 में आई थी। मैंने तीन अलग-अलग हीरोइनों के साथ यह गाना तीन बार शूट किया। हीरोइनें बदलती रहीं और आखिर में आयशा जुल्का आईं, जिनके साथ हमने जनवरी 1992 में शूटिंग की।”

सेट पर बदतमीजी कर रहे थे लोग
इससे पहले, ‘जस्ट टू फिल्मी’ के साथ बातचीत में आमिर खान ने बताया था कि फिल्म की कास्ट अलग थी और बाद में उसे बदल दिया गया था। इसलिए फिल्म की शूटिंग दोबारा की गई। उन्होंने आगे बताया कि मुश्किलें यहीं खत्म नहीं हुईं। फिल्म में कुछ ऐसे एक्टर्स थे जो सेट पर बहुत बदतमीजी करते थे। फराह ने कहा, “वहां चार एक्टर्स थे और वे बहुत बदतमीज थे। मैं उनके नाम नहीं लूंगा, लेकिन वे हमें बहुत परेशान कर रहे थे। मैंने मंसूर से कहा, ‘अगर हम फिल्म का 80 परसेंट हिस्सा दोबारा शूट कर रहे हैं, तो इन चारों को भी हटा देते हैं और पूरी फिल्म ही दोबारा शूट करते हैं। मैं उन्हें दोबारा बर्दाश्त नहीं कर सकता।’

लखनऊ-दिल्ली इंडिगो फ्लाइट में बम की धमकी, उड़ान से पहले मचा हड़कंप

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लखनऊ-दिल्ली इंडिगो फ्लाइट में बम की धमकी, उड़ान से पहले मचा हड़कंप
हवाई जहाजों से लेकर सरकारी कार्यालयों तक आए दिन बम से उड़ाने की धमकियां मिल रहीं हैं। शुक्रवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब यात्रियों से भरी इंडिगो फ्लाइट को बम से उड़ान की धमकी मिली। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गईं और पूरे विमान की री-स्क्रीनिंग की गई। सुरक्षा एजेंसियों ने यात्रियों को सुरक्षित रखते हुए जांच शुरू तुरंत शुरू कर दी। सूचना मिलते ही एयरपोर्ट अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।

बता दें कि धमकी मिलने के बाद अभी फिलहाल विमान को रोक दिया गया है और सभी सुरक्षा मानकों के तहत अच्छी तरह से जांच की जा रही है। जब विमान उड़ान भरने वाला था तब विमान के शौचालय में बम लिखा हुआ एक टिश्यू पेपर मिला। जिसमें विमान को बम से उड़ाने की धमकी मिली। यह विमान लखनऊ से दिल्ली की ओर जाने वाला था। जिसमें करीब 180 यात्री सवार थे।

धमकी मिलने के बाद विमान समेत एयरपोर्ट तक की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। हालांकि जांच करने पर विमान में किसी तरह का विस्फोटक नहीं मिला है। जिसके बाद यह सूचना केवल अफवाह रही। इस घटना के बाद विमान की उड़ान में देरी हुई और यात्रियों को कुछ समय तक इंतजार करना पड़ा। हालांकि एयरपोर्ट पर अभी भी जांच जारी है।

इस मामले में क्या बोले इंडिगो के प्रवक्ता?
इंडिगो के प्रवक्ता ने बताया कि 12 जून 2026 को लखनऊ से दिल्ली जाने वाली फ्लाइट 6E 2111 में उड़ान भरने से ठीक पहले बम की धमकी मिलने की जानकारी सामने आई। इसके बाद एयरलाइन ने तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचित किया और निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं के अनुसार जांच में पूरा सहयोग किया।

उन्होंने कहा, आवश्यक सुरक्षा जांच और मंजूरी मिलने के बाद विमान को दिल्ली के लिए रवाना किया जाएगा। यात्रियों को हुई असुविधा के लिए हमें खेद है। उनकी सुविधा के लिए रिफ्रेशमेंट की व्यवस्था की गई है और उन्हें समय-समय पर आवश्यक जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है। एयरलाइन ने दोहराया कि यात्रियों, क्रू सदस्यों और विमान की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रारंभिक जांच में धमकी झूठी प्रतीत हुई, हालांकि सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की जांच कर रही हैं।

मुंबई-पुणे मेयर और सीएमओ कार्यालय को भी मिल चुकी है धमकी
बता दें कि हालही में मुंबई पुणे महापौर कार्यालय, सीएमओ कार्यालय और आरएसएस मुख्यालय हो भी बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। यह धमकी नागपुर मेयर के ईमेल पर आई थी। जिसके बाद इन सभी कार्यालयों को खाली कराकर सघन जांच की गई और सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ दी गई। लेकिन जांच के दौरान कुछ भी संदिग्ध या विस्फोटक नहीं मिला। यह सूचना भी केवल अफवाह ही निकली थी।

मीनाक्षी नटराजन मामले में हाई कोर्ट जाएगी कांग्रेस – मल्लिकार्जुन खड़गे

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मीनाक्षी नटराजन मामले में हाई कोर्ट जाएगी कांग्रेस – मल्लिकार्जुन खड़गे
मध्य प्रदेश में राज्य सभा की प्रत्याशी बनाई गई मीनाक्षी नटराजन के नामांकन फॉर्म को निरस्त किये जाने के बाद से प्रदेश का सियासी माहौल गरमाया हुआ है, आज सुप्रीम कोर्ट से भी इस मामले में कांग्रेस को कोई राहत नहीं मिली, सर्वोच्च अदालत ने ये कहकर याचिका ख़ारिज कर दी कि वो चुनाव प्रक्रिया में दखल नहीं दे सकते, अब कांग्रेस ने तय किया है कि वो एमपी हाई कोर्ट में इसके खिलाफ चुनाव याचिका लगायेंगे।

मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन फॉर्म निरस्त किये जाने के बाद शुरू हुआ सियासी तूफान अभी थमा नहीं है हालाँकि कांग्रेस के प्रत्याशी के चुनाव से बाहर हो जाने के बाद मतदान की स्थिति नहीं बहिन और चुनाव अधिकारी ने भाजपा के तीनों प्रत्याशी तरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर लिया है लेकिन कांग्रेस इस पूरी प्रक्रिया को अलोकतांत्रिक और गैर क़ानूनी बता रही है

मीनाक्षी नटराजन को न्याय दिलाने हाई कोर्ट जाएगी कांग्रेस
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आज मीडिया से बात करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट का तर्क है कि हमें पहले चुनाव आयोग, फिर हाई कोर्ट और उसके बाद ही सुप्रीम कोर्ट जाना चाहिए। हालांकि, यह एक खास मामला है। जितना ज़्यादा समय दिया जाएगा, यह मामला उतना ही लंबा खिंचेगा। इसीलिए हम चाहते थे कि सुप्रीम कोर्ट मीनाक्षी नटराजन मामले में राहत दे। फिर भी, चूंकि कोर्ट ने ऐसा कहा है, इसलिए हम उसी के अनुसार हाई कोर्ट जाएंगे।

नामांकन फॉर्म निरस्त करना गैर-कानूनी, अनैतिक और लोकतंत्र-विरोधी
हमारा मानना ​​है कि मीनाक्षी नटराजन के नामांकन फॉर्म को निरस्त किया जाना गैर-कानूनी, अनैतिक और लोकतंत्र-विरोधी है। उन्होंने आरोप लगते हुए कि भाजपा सरकार ने जो किया है, वह गलत है।मेरा मानना है कि इतना बड़ा कदम पीएम मोदी की मंज़ूरी या निर्देश के बिना नहीं उठाए जाते। मोदी जानबूझकर कांग्रेस पार्टी और लोकतंत्र को खत्म करने के लिए ऐसी साजिश रच रहे हैं।

BJP ने हर जगह अपने लोग बैठा दिए हैं जो मनमानी कर रहे
खड़गे ने कहा भाजपा ने हर जगह अपने आदमी बैठा रखे हैं रिटर्निंग ऑफिसर भी उनके खास लोग हैं जिनसे ये कराया जा रहा है, ये या तो वोट खरीदते हैं या फिर डिवाइड करते हैं इनका यही मकसद है हम चाहते हैं लोकतंत्र में प्रधानमंत्री, गृहमंत्री के लोगों की दखलंदाजी नहीं होनी चाहिए। मैं ये नहीं कह रहा सब मोदी ही करते हैं लेकिन उन्होंने आरएसएस के एजेंट बैठा दिए हैं जो ना कानून देख रहे ना नियम देख रहे और मनमानी कर रहे हैं लेकिन हम ये चलने नहीं देंगे।

केन विलियमसन ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से लिया संन्यास, न्यूजीलैंड क्रिकेट के एक युग का अंत

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केन विलियमसन ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से लिया संन्यास, न्यूजीलैंड क्रिकेट के एक युग का अंत
न्यूजीलैंड के दिग्गज बल्लेबाज और कप्तान केन विलियमसन (Kane Williamson) ने शुक्रवार (12 जून) को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का एलान किया. 2027 विश्व कप से पहले उनका इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह देना वाकई फैंस के लिए चौंकाने वाला रहा. कीवी बल्लेबाज का अंतर्राष्ट्रीय करियर 16 साल का रहा. इस दौरान उन्होंने बैटिंग से लेकर कप्तानी तक कई रिकॉर्ड अपने नाम किए, जिसमें हम आपको उनके 30 बड़े रिकॉर्ड्स के बारे में बताएंगे.

न्यूजीलैंड के लिए केन विलियमसन के रिकॉर्ड
सबसे ज्यादा इंटरनेशनल रन- 19,346
सबसे ज्यादा इंटरनेशनल शतक- 48
सबसे ज्यादा डबल सेंचुरी- 06
सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले छठे बल्लेबाज- 378
सबसे ज्यादा टेस्ट रन- 9,515
सबसे ज्यादा टेस्ट शतक- 33
सबसे ज्यादा टेस्ट मैच खेलने वाले तीसरे बल्लेबाज- 110
सबसे ज्यादा वनडे रन बनाने वाले चौथे बल्लेबाज- 7,256
सबसे ज्यादा वनडे शतक बनाने वाले चौथे बल्लेबाज- 14
सबसे ज्यादा T20I रन बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज-2575
सबसे ज्यादा टेस्ट औसत- 54.06 (कम से कम 20 मैच)
दूसरा सबसे ज्यादा वनडे औसत- 48.69 (कम से कम 20 मैच)
तीसरा सबसे ज्यादा T20I औसत- 33 (कम से कम 5 मैच)
इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा कैच लेने वाले चौथे खिलाड़ी- 217
टॉम लैथम और टिम साउदी के साथ सबसे ज्यादा टेस्ट जीत (47) की बराबरी
लगातार 4 टेस्ट में शतक लगाने वाले चौथे बल्लेबाज

कप्तानी के रिकॉर्ड
40 टेस्ट – 22 जीत, 10 हार और 8 ड्रॉ (स्टीफन फ्लेमिंग के बाद दूसरे स्थान पर – 80 टेस्ट में 28 जीत)
91 वनडे – 46 जीत, 40 हार, 1 टाई, 4 बेनतीजा (स्टीफन फ्लेमिंग के बाद दूसरे स्थान पर – 218 वनडे में 98 जीत)
75 T20I – 39 जीत, 34 हार, 1 टाई, 1 बेनतीजा (न्यूज़ीलैंड के किसी कप्तान के जरिए सबसे ज्यादा

भारत में 2016 ICC T20 वर्ल्ड कप का सेमी-फाइनल
इंग्लैंड में 2019 ICC क्रिकेट विश्व कप फाइनल
इंग्लैंड में 2021 ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल – जीत

UAE में 2021 ICC T20 वर्ल्ड कप का फाइनल
ऑस्ट्रेलिया में 2022 ICC T20 वर्ल्ड कप का सेमी-फाइनल
भारत में 2023 ICC क्रिकेट विश्व कप का सेमीफाइनल

बाकी रिकॉर्ड और सम्मान
2019 ICC मेंस क्रिकेट वर्ल्ड कप प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट
2019 ICC टेस्ट प्लेयर ऑफ द ईयर
2018 ICC स्पिरिट ऑफ क्रिकेट अवॉर्ड
2016 में सभी प्रमुख टेस्ट खेलने वाले देशों के खिलाफ शतक लगाने वाले इतिहास के सबसे तेज और सबसे युवा खिलाड़ी बने
सर रिचर्ड हैडली मेडल – 2015-16, 2016-17, 2019 और 2020.

उद्धव ठाकरे ने सांसदों की बुलाई इमरजेंसी मीटिंग

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उद्धव ठाकरे ने सांसदों की बुलाई इमरजेंसी मीटिंग
उद्धव ठाकरे ने पार्टी के सांसदों की आपात बैठक बुलाई है

शिवसेना (यूबीटी) के सभी सांसदों की 14 जून को मातोश्री में बैठक होगी.

यह बैठक उद्धव ठाकरे की मौजूदगी में आयोजित की जाएगी.

शिवसेना (यूबीटी) के कुछ सांसदों के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के संपर्क में होने की खबरें लगातार सामने आ रही हैं. इसी पृष्ठभूमि में इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

सांसद संजय उर्फ बंडू जाधव पिछले कुछ बैठकों में अनुपस्थित रहे थे. ऐसे में अब 14 जून की बैठक में उनकी मौजूदगी पर सभी की नजरें टिकी होंगी.

ममता बनर्जी को एक और झटका, कोयल मल्लिक का राज्यसभा से इस्तीफा

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ममता बनर्जी को एक और झटका, कोयल मल्लिक का राज्यसभा से इस्तीफा
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस अब तक के सबसे बड़े राजनीतिक संकट से घिरी है। पार्टी में इस्तीफों की झड़ी लगी है, जिससे सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। एक के बाद एक विधायक, सांसद और प्रमुख नेता टीएमसी का साथ छोड़ रहे हैं, और इस सूची में अब जानी-मानी बंगाली अभिनेत्री कोयल मल्लिक का नाम भी शामिल हो गया है। उन्होंने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है, जिससे ममता बनर्जी के सामने एक और बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।

कोयल मल्लिक 16 मार्च को हुए राज्यसभा चुनाव में ही तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर संसद पहुंची थीं। उनका यह इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब पार्टी पहले से ही कई आंतरिक कलह और नेताओं के पलायन से जूझ रही है। कोयल मल्लिक राज्यसभा से इस्तीफा देने वाली चौथी सांसद हैं। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उन्होंने सिर्फ संसद सदस्यता छोड़ी है या पार्टी से भी किनारा कर लिया है।

इससे पहले, तृणमूल कांग्रेस के तीन अन्य राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रे, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक भी इस्तीफा दे चुके हैं। सुखेंदु शेखर ने 8 जून को अपनी राज्यसभा सदस्यता और पार्टी दोनों से इस्तीफा दिया था, वहीं सुष्मिता देव ने 10 जून को पद छोड़ा था। इन इस्तीफों ने पार्टी में जारी उथल-पुथल को और गहरा कर दिया है।

कौन हैं कोयल मल्लिक?
बंगाली फिल्म इंडस्ट्री में कोयल मल्लिक एक जाना-पहचाना नाम हैं। उनका असली नाम रुक्मिणी मल्लिक है। वे दिग्गज बंगाली अभिनेता रंजीत मल्लिक की इकलौती संतान हैं। कोयल ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत 2003 में ‘नाटेर गुरु’ नामक फिल्म से की थी, जिसमें उनके साथ जीत (जीतेंद्र मदनानी) मुख्य भूमिका में थे। उन्होंने अपने लंबे समय के बॉयफ्रेंड निश्पाल सिंह से शादी की है, और उनके दो बच्चे हैं – एक बेटा कबीर और एक बेटी काव्या।

युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता को देखते हुए, ममता बनर्जी ने उन्हें राज्यसभा भेजने के लिए मनाया था। 16 मार्च को हुए राज्यसभा चुनाव में ही वे TMC के टिकट पर संसद पहुंची थीं। उन्हें अप्रैल 2026 में राज्यसभा की सदस्यता दिलाई गई थी। संसद सदस्य बनने के बाद कोयल मल्लिक ने ममता बनर्जी के प्रति अपना गहरा लगाव भी जाहिर किया था, लेकिन अब उन्होंने अपनी सांसदी छोड़ दी है, जिससे पार्टी को एक और झटका लगा है।

राज्यसभा में टीएमसी के सदस्यों की संख्या घटी
इस भगदड़ का सीधा असर संसद में तृणमूल कांग्रेस की ताकत पर पड़ा है। लोकसभा में टीएमसी के पास कुल 28 सांसद थे, जिनमें से 20 अलग हो चुके हैं। ऐसे में लोकसभा में अब टीएमसी के केवल 8 सांसद बचे हैं। वहीं, राज्यसभा में टीएमसी के सदस्यों की संख्या 13 थी, जिनमें से कोयल मल्लिक के इस्तीफे के बाद 4 सदस्य पद छोड़ चुके हैं। इस प्रकार, राज्यसभा में अब टीएमसी के पास सिर्फ 9 सदस्य रह गए हैं। कुल मिलाकर, ममता बनर्जी के साथ अब संसद में केवल 17 सांसद ही बचे हैं।

पार्टी में सांसदों और विधायकों के अलग होने का सिलसिला जारी
तृणमूल कांग्रेस से सांसदों और विधायकों के अलग होने का सिलसिला लगातार जारी है। लोकसभा से भी 20 सांसद अलग हो चुके हैं, हालांकि उनकी पूरी सूची अभी सामने नहीं आई है। विधानसभा की बात करें तो, कुल 80 टीएमसी विधायकों में से 58 विधायकों ने एक अलग गुट बना लिया है। इन बागी विधायकों ने ऋतुब्रत बनर्जी को अपना नेता चुना है। इन विधायकों की सूची भी अभी तक सार्वजनिक नहीं हुई है, जिससे पार्टी के भीतर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।