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यूपी में रोजगार अभियान की शुरुआत आज, CM योगी 818 युवाओं को देंगे नियुक्ति पत्र

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उत्तर प्रदेश में युवाओं को सरकारी सेवाओं से जोड़ने की दिशा में आज, 19 सितंबर से नियुक्ति पत्र वितरण का अभियान शुरू हो रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ स्थित लोकभवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान करेंगे। इस चरण में कुल 818 अभ्यर्थियों को विभिन्न विभागों में नियुक्ति दी जाएगी।

मुख्यमंत्री कार्यक्रम में 21 चयनित अभ्यर्थियों को स्वयं नियुक्ति पत्र देंगे, जबकि शेष 797 अभ्यर्थियों को संबंधित विभागों के माध्यम से नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे। नियुक्तियां व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास, उद्योग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं तथा आयुष विभाग में की गई हैं।

इनमें 357 एक्सरे-टेक्नीशियन, आयुष विभाग के 404 अभ्यर्थी, कौशल विकास विभाग के 48 अनुदेशक और उद्योग विभाग के 9 सहायक सांख्यिकीय अधिकारी शामिल हैं। आयुष विभाग में होम्योपैथिक फार्मासिस्ट, प्रोफेसर, आयुर्वेद रीडर और यूनानी से जुड़े विभिन्न पदों पर चयन हुआ है।

सरकार के अनुसार, यह अभियान युवाओं को रोजगार और सरकारी सेवाओं से जोड़ने के प्रयास का हिस्सा है। नियुक्ति पत्र वितरण के साथ चयनित अभ्यर्थियों को संबंधित विभागों में अपनी सेवाएं शुरू करने का अवसर मिलेगा।

CM विष्णु देव साय ने पेश किया ‘विकसित छत्तीसगढ़ 2047’ का रोडमैप, उद्योग से लेकर डिजिटल गवर्नेंस तक पर फोकस

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को नवा रायपुर में आयोजित ‘विकसित छत्तीसगढ़ कॉन्क्लेव-2026’ के दौरान ‘सेवा संकल्प: विकसित छत्तीसगढ़ 2047’ विषय पर राज्य के दीर्घकालिक विकास का रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक छत्तीसगढ़ को समृद्ध, समावेशी और अवसरों से भरपूर राज्य बनाने के लिए कृषि, आधुनिक उद्योग, तकनीक और सुशासन को विकास का आधार बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने के लिए ई-ऑफिस, GeM पोर्टल और अटल मॉनिटरिंग पोर्टल जैसी व्यवस्थाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है। इन तकनीकों के जरिए सरकारी योजनाओं की प्रगति की निगरानी और पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

₹8 लाख करोड़ से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव
सीएम साय के मुताबिक औद्योगिक नीति 2024-30 लागू होने के बाद राज्य को ₹8 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। पारंपरिक क्षेत्रों के साथ-साथ फार्मा, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी और डेटा सेंटर जैसे नए क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम को भी मजबूत कर रही है।

बस्तर के विकास पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर अब केवल सुरक्षा के नजरिए से नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, पर्यटन और आर्थिक अवसरों के केंद्र के रूप में आगे बढ़ेगा। वन संपदा और लघु वनोपज के प्रसंस्करण एवं वैल्यू एडिशन के साथ इको-टूरिज्म, सांस्कृतिक पर्यटन और ग्रामीण पर्यटन को भी विकास के नए अवसरों से जोड़ा जा रहा है।

महिला आर्थिक सशक्तिकरण को भी रोडमैप का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया। सीएम साय ने कहा कि महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से आगे बढ़ाकर उद्यमी, उत्पादक और रोजगार सृजक बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

कुल मिलाकर ‘विकसित छत्तीसगढ़ 2047’ के रोडमैप में आर्थिक विकास, निवेश, डिजिटल सुशासन, महिला सशक्तिकरण, प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग और बस्तर के पुनर्निर्माण को प्रमुख प्राथमिकताओं के रूप में रखा गया है।

इंदौर में राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां तेज, पुलिस ने तय की 31 शर्तें

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कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर इंदौर में पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। कार्यक्रम 19 सितंबर को आयोजित होना है। इसे देखते हुए पुलिस, प्रशासन और आयोजकों के बीच सुरक्षा, प्रवेश, यातायात और भीड़ प्रबंधन को लेकर बैठकें हुई हैं।

कार्यक्रम के लिए पुलिस ने आयोजकों के सामने 31 सुरक्षा शर्तें रखी हैं। इनमें भीड़ की संख्या और प्रवेश-निकास व्यवस्था, पार्किंग, मंच की सुरक्षा, आपातकालीन निकासी और चिकित्सा सुविधाओं से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। आयोजन स्थल पर कम से कम 1,500 स्वयंसेवकों, जिनमें 500 महिलाएं शामिल हों, की तैनाती का प्रावधान किया गया है।

सुरक्षा व्यवस्था के तहत आयोजन स्थल पर 40 सीसीटीवी कैमरे, मेटल डिटेक्टर, अलग-अलग प्रवेश और निकास द्वार तथा संयुक्त कंट्रोल रूम की व्यवस्था रखी गई है। महिलाओं की अलग तलाशी व्यवस्था के साथ मेडिकल टीम, एंबुलेंस और आपातकालीन व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित करने को कहा गया है।

पुलिस ने आयोजन स्थल पर अनधिकृत ड्रोन के इस्तेमाल पर रोक लगाई है। साथ ही मौसम खराब होने या किसी आपात स्थिति में कार्यक्रम को रोकने, छोटा करने या स्थगित करने का अधिकार पुलिस और जिला प्रशासन के पास रहेगा।

सुरक्षा शर्तों के दस्तावेज में 1991 में राजीव गांधी की हत्या के बाद गठित वर्मा आयोग की रिपोर्ट का संदर्भ दिए जाने को लेकर राजनीतिक विवाद भी सामने आया है। कांग्रेस नेताओं ने इस पर सवाल उठाए हैं, जबकि पुलिस की ओर से इसे सुरक्षा व्यवस्था और आयोजकों की जिम्मेदारियों के संदर्भ में बताया गया है।

कार्यक्रम से पहले इंदौर में सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन पर विशेष फोकस किया जा रहा है। प्रशासन का जोर कार्यक्रम को निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप संचालित कराने पर है।

रूसी तेल पर अमेरिकी दबाव से भारत की बढ़ी चुनौती, व्यापार समझौते पर भी असर की आशंका

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रूसी कच्चे तेल की खरीद को लेकर भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक तनाव बढ़ने की स्थिति बनी हुई है। अमेरिकी कांग्रेस ने ऐसा कानून पारित किया है, जो रूस से तेल और गैस खरीदने वाले प्रमुख देशों पर 100 प्रतिशत तक अतिरिक्त टैरिफ लगाने का अधिकार अमेरिकी राष्ट्रपति को देता है। भारत भी रूसी तेल के बड़े खरीदारों में शामिल है। हालांकि, यह 100 प्रतिशत टैरिफ भारत पर स्वतः लागू नहीं हुआ है; इसके लिए अमेरिकी प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई जरूरी होगी।

भारत ने इस घटनाक्रम पर अपनी चिंता अमेरिका के सामने रखी है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, नई अमेरिकी कार्रवाई के संभावित प्रभावों को लेकर भारत ने कहा है कि इससे द्विपक्षीय संबंधों और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर पड़ सकता है। साथ ही भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा और व्यापारिक हितों की रक्षा करने की प्रतिबद्धता दोहराई है।

भारत के लिए रूसी तेल महत्वपूर्ण ऊर्जा स्रोत बन चुका है। 2026 में भी भारतीय रिफाइनरियों ने रूसी कच्चे तेल की खरीद जारी रखी है। पश्चिम एशिया में आपूर्ति संबंधी अनिश्चितताओं के बीच रूसी तेल को तुरंत दूसरे स्रोतों से पूरी तरह बदलना चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।

इस घटनाक्रम का असर भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की बातचीत पर भी पड़ सकता है। दोनों देशों के बीच व्यापार, टैरिफ और बाजार पहुंच को लेकर वार्ता चल रही है। ऐसे में रूसी तेल पर अमेरिकी दबाव दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में एक नया महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है।

विज्ञान भवन में जुटेगा पर्यावरण पर वैश्विक मंच, PM मोदी आज करेंगे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज, 19 सितंबर को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में “पर्यावरण और जलवायु गतिकी का भविष्य” विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री का उद्घाटन संबोधन सुबह करीब 10 बजे निर्धारित है।

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की ओर से आयोजित यह दो दिवसीय सम्मेलन 19 और 20 सितंबर को होगा। इसमें पर्यावरण विशेषज्ञों के साथ सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के न्यायाधीश, जिला न्यायाधीश, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी तथा पर्यावरण से जुड़े विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। इसके अलावा 17 देशों के न्यायाधीश और न्यायिक प्रतिनिधि भी सम्मेलन में शामिल होंगे।

सम्मेलन का उद्देश्य जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण से जुड़ी गंभीर चुनौतियों पर वैश्विक स्तर पर संवाद को बढ़ावा देना है। इसमें पर्यावरण कानून, वैज्ञानिक ज्ञान, पर्यावरणीय शासन व्यवस्था तथा विभिन्न देशों के संस्थागत अनुभवों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। साथ ही नीति निर्माण, उसके क्रियान्वयन और पर्यावरणीय नियमों के प्रभावी प्रवर्तन में मौजूद चुनौतियों पर भी चर्चा होगी।

NGT के अनुसार सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन और लचीलापन, सर्कुलर इकोनॉमी, जैव विविधता एवं पारिस्थितिकी तंत्र सेवाएं और सतत ऊर्जा समाधान जैसे प्रमुख विषयों पर भी सत्र आयोजित किए जाएंगे।

इंदौर में बीजेपी के कार्यक्रम के बाद सियासी चर्चा तेज, CM मोहन यादव की टिप्पणी पर विजयवर्गीय का ‘राज’ वाला बयान

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इंदौर में आयोजित स्वामित्व योजना के कार्यक्रम के दौरान मंच से हुई टिप्पणियों ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय समेत कई नेता मौजूद थे।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बीजेपी प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे की आयोजन की तैयारियों में भूमिका का उल्लेख करते हुए उन्हें कार्यक्रम का ‘सूत्रधार’ बताया। इसके बाद मंच पर आए कैलाश विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री की बात का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने “एक राज की बात बता दी।” विजयवर्गीय ने रणदिवे को सफल आयोजन के लिए धन्यवाद भी दिया।

विजयवर्गीय की इस टिप्पणी के बाद कार्यक्रम का यह अंश सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। कुछ रिपोर्टों में इसे बीजेपी के भीतर संगठनात्मक समीकरणों से जोड़कर चर्चा की गई है, हालांकि बीजेपी की ओर से इस घटनाक्रम को लेकर किसी आंतरिक मतभेद की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

दरअसल, नितिन नवीन के इंदौर दौरे को लेकर पार्टी संगठन की ओर से कई स्तरों पर तैयारियां की गई थीं। ऐसे में मुख्यमंत्री द्वारा रणदिवे की भूमिका का सार्वजनिक रूप से उल्लेख और उसके बाद विजयवर्गीय की टिप्पणी ने कार्यक्रम को राजनीतिक चर्चा का विषय बना दिया।

फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, जबकि मंच पर दिए गए बयान और कार्यक्रम की गतिविधियां सोशल मीडिया पर भी चर्चा में हैं।

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना को बड़ा बढ़ावा, BEML को मिला ₹5,400 करोड़ से अधिक का ऑर्डर

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मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना को शुक्रवार को बड़ा बढ़ावा मिला है। सरकारी कंपनी BEML लिमिटेड को नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) से ₹5,400 करोड़ से अधिक का बड़ा ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल (MAHSR) कॉरिडोर के लिए हाई-स्पीड रोलिंग स्टॉक की आपूर्ति, रखरखाव और उससे जुड़े कार्यों के लिए है।

508 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर से जुड़ा है ऑर्डर
मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर करीब 508 किलोमीटर लंबा है। इस परियोजना में हाई-स्पीड ट्रेन संचालन के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर और रोलिंग स्टॉक तैयार किए जा रहे हैं। BEML को मिला नया ऑर्डर परियोजना के ट्रेन निर्माण और रखरखाव से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

भारत में तैयार हो रही है B28 बुलेट ट्रेन
BEML बेंगलुरु स्थित अपने हाई-स्पीड रेल परिसर में भारत की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन B28 तैयार कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक B28 की डिजाइन स्पीड 280 किलोमीटर प्रति घंटे और परिचालन गति 250 किलोमीटर प्रति घंटे रखी गई है। रेलवे ने पहली स्वदेशी हाई-स्पीड ट्रेन के निर्माण का लक्ष्य मार्च 2027 रखा है।

2027 में शुरू हो सकता है शुरुआती संचालन
परियोजना के शुरुआती हिस्से में सूरत-वापी सेक्शन पर संचालन शुरू करने की योजना है। इस करीब 97 किलोमीटर लंबे हिस्से पर सेवाएं अगस्त 2027 के आसपास शुरू करने का लक्ष्य बताया गया है। वहीं परियोजना के निर्माण कार्य में भी लगातार प्रगति हो रही है।

BEML को मिला यह बड़ा ऑर्डर भारत में हाई-स्पीड रेल के लिए घरेलू स्तर पर ट्रेन निर्माण और तकनीकी क्षमता विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण घटनाक्रम है।

निजी विश्वविद्यालय मुनाफे के लिए नहीं चल सकते, सुप्रीम कोर्ट ने मांगी ऑडिट रिपोर्ट

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सुप्रीम कोर्ट ने निजी विश्वविद्यालयों के संचालन को लेकर अहम निर्देश जारी किए हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि निजी विश्वविद्यालयों का उद्देश्य शिक्षा के व्यापक सार्वजनिक हित की पूर्ति होना चाहिए और उन्हें मुनाफा कमाने वाली संस्था के रूप में संचालित नहीं किया जा सकता।

न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और एनवी अंजारिया की पीठ ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि वे निजी विश्वविद्यालयों से संबंधित विस्तृत ऑडिट रिपोर्ट अदालत के समक्ष प्रस्तुत करें। इसके लिए छह सप्ताह की समयसीमा तय की गई है।

फीस से लेकर खर्च और वेतन तक की जानकारी मांगी
सुप्रीम कोर्ट ने विश्वविद्यालयों की फीस वसूली, आय-व्यय, कर्मचारियों के वेतन, उत्पन्न अधिशेष राशि और उसके उपयोग से जुड़ी जानकारी मांगी है। साथ ही सरकारों से विश्वविद्यालयों को मिली जमीन, छूट और अन्य सुविधाओं का विवरण भी उपलब्ध कराने को कहा गया है।

प्रवेश और शिक्षा की गुणवत्ता पर भी निगरानी
अदालत ने निजी विश्वविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया, प्रश्नपत्र तैयार करने, उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन, शिक्षकों की नियुक्ति और पढ़ाई के लिए निर्धारित एवं वास्तव में लिए गए कक्षाओं से संबंधित जानकारी भी मांगी है। विभिन्न नियामक संस्थाओं को विश्वविद्यालयों और संबद्ध कॉलेजों के निरीक्षण तथा पाई गई कमियों और उनके सुधार की स्थिति की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं।

यह मामला मूल रूप से एमिटी यूनिवर्सिटी से जुड़े एक छात्र की याचिका से सामने आया था। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 19 नवंबर को निर्धारित की है।

एनसीआर की हवा सुधारने के लिए बड़ा एक्शन प्लान, CM योगी और भूपेंद्र यादव ने आठ जिलों की समीक्षा की

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दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने शुक्रवार को लखनऊ में उच्चस्तरीय बैठक कर यूपी के एनसीआर से जुड़े आठ जिलों में वायु गुणवत्ता सुधार के उपायों और कार्ययोजना की समीक्षा की।

बैठक में वाहन प्रदूषण, पुराने वाहनों, नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति, इलेक्ट्रिक बसों, प्रदूषण प्रमाणपत्र और एग्रीगेटर वाहनों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। आगामी सर्दियों से पहले प्रदूषण नियंत्रण के उपायों को तेजी से लागू करने और विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया।

80 फीसदी उद्योगों में प्रदूषण निगरानी व्यवस्था
औद्योगिक प्रदूषण की समीक्षा के दौरान बताया गया कि करीब 80 प्रतिशत उद्योगों में ऑनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणाली (OCEMS) और वायु प्रदूषण नियंत्रण उपकरण लगाए जा चुके हैं। शेष उद्योगों में भी इन व्यवस्थाओं को लागू कराने की प्रक्रिया जारी है।

धूल और कचरा प्रदूषण पर भी फोकस
बैठक में सड़क की धूल को नियंत्रित करने के लिए मशीनीकृत और डीप क्लीनिंग, सड़क मरम्मत, फुटपाथ-पेवमेंट तथा सड़क किनारे हरियाली बढ़ाने जैसे उपायों पर जोर दिया गया। साथ ही ठोस कचरा प्रबंधन और निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर भी चर्चा हुई।

केंद्रीय मंत्री के अनुसार, एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण के लिए पिछले दिसंबर से अब तक 30 से अधिक बैठकें हो चुकी हैं। पड़ोसी राज्यों के साथ भी समन्वय बढ़ाया जा रहा है, ताकि वाहन प्रदूषण, औद्योगिक उत्सर्जन, धूल और पराली से जुड़े प्रदूषण को व्यापक स्तर पर नियंत्रित किया जा सके।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को बैठक में तय उपायों पर समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। सरकार का जोर सर्दियों से पहले प्रदूषण नियंत्रण के उपायों को तेजी से जमीन पर उतारने पर है।

Titan ने पेश किया Vetra, भारत की इन-हाउस मैकेनिकल वॉचमेकिंग में नया कदम

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भारतीय वॉचमेकर Titan ने 18 सितंबर 2026 को अपने नए इन-हाउस मैकेनिकल मूवमेंट प्लेटफॉर्म Vetra को पेश किया है। Vetra को Titan की नई Automatics कलेक्शन का आधार बनाया गया है और यह कंपनी की मैकेनिकल वॉचमेकिंग क्षमताओं को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण लॉन्च है।

Vetra 7A सीरीज मूवमेंट आर्किटेक्चर पर आधारित है। इस प्लेटफॉर्म के तहत Infinium, Dualis, Midnite और Atrium नाम से चार अलग-अलग मॉडल पेश किए गए हैं। इनमें 72 घंटे तक का पावर रिजर्व, GMT और Big Date जैसी अलग-अलग मैकेनिकल सुविधाएं दी गई हैं।

Titan के अनुसार, Vetra को कंपनी की Hosur सुविधा में डिजाइन, इंजीनियरिंग, रिसर्च, प्रोटोटाइपिंग, प्रिसिजन कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग, असेंबली और टेस्टिंग जैसी प्रक्रियाओं के जरिए विकसित किया गया है। कंपनी का कहना है कि वह एक दशक से अधिक समय से भारत में मैकेनिकल मूवमेंट विकसित करने की क्षमता पर काम कर रही है।

नई Titan Automatics कलेक्शन की कीमत ₹47,995 से शुरू होकर ₹54,995 तक जाती है। कंपनी के मुताबिक, ये घड़ियां चुनिंदा Titan World और Helios स्टोर्स के साथ Titan की ऑनलाइन वेबसाइट पर उपलब्ध होंगी।

Titan ने यह भी बताया है कि मैकेनिकल वॉच सेगमेंट में कंपनी की बिक्री पिछले तीन वर्षों में करीब पांच गुना बढ़ी है। Vetra के जरिए कंपनी प्रीमियम मैकेनिकल वॉच सेगमेंट में अपनी मौजूदगी को और मजबूत करने की योजना बना रही है।