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डोनाल्ड ट्रंप ने किया सीजफायर का ऐलान, ईरान स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज खोलने के लिए सहमत

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डोनाल्ड ट्रंप ने किया सीजफायर का ऐलान, ईरान स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज खोलने के लिए सहमत
मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर का ऐलान कर दिया है. ट्रंप ने मंगलवार (7 अप्रैल) को घोषणा की कि अमेरिका ईरान के साथ दो सप्ताह के संघर्ष विराम के लिए सहमत हो गया है. उनका यह बयान ऐसे समय में आया, जब कुछ ही घंटों पहले उन्होंने ईरान पर बड़ा हमला करने और पूरी सभ्यता को खत्म कर देने की चेतावनी दी थी. सीजफायर कराने में पाकिस्तान का भी अहम रोल रहा. जिसका जिक्र ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में किया. वहीं, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल मुनीर का धन्यवाद दिया.

ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘मैं ईरान पर बमबारी और हमले को दो सप्ताह की अवधि के लिए स्थगित करने पर सहमत हूं. यह एक द्विपक्षीय युद्धविराम (Ceasefire) होगा.’

ट्रंप ने कहा, ‘जैसा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के साथ हुई बातचीत और उनके अनुरोध पर कि मैं आज रात ईरान की ओर भेजी जा रही विनाशकारी सैन्य शक्ति को रोक दूं और इस शर्त पर कि ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह और तुरंत और सुरक्षित रूप से खोलने पर सहमत है.’

ट्रंप ने कहा, ‘ऐसा करने का कारण यह है कि हम पहले ही सभी सैन्य उद्देश्यों को पूरा कर चुके हैं और उनसे आगे बढ़ चुके हैं, और हम ईरान के साथ दीर्घकालिक शांति तथा मध्य पूर्व में शांति के लिए एक ठोस समझौते के काफी करीब पहुँच चुके हैं.’

उन्होंने आगे कहा, ‘मैं ईरान की ओर से 10 बिंदुओं का एक प्रस्ताव प्राप्त हुआ है, और हमें विश्वास है कि यह बातचीत के लिए एक व्यवहार्य आधार है. अतीत के लगभग सभी विवादित मुद्दों पर अमेरिका और ईरान के बीच सहमति बन चुकी है, लेकिन यह दो सप्ताह की अवधि समझौते को अंतिम रूप देने और उसे पूरा करने के लिए आवश्यक है.

‘संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में, और साथ ही मध्य पूर्व के देशों का प्रतिनिधित्व करते हुए, इस दीर्घकालिक समस्या के समाधान के करीब पहुँचना मेरे लिए सम्मान की बात है.’

अराघची ने शहबाज-मुनीर को दिया धन्यवाद
अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के सीजफायर में अहम रोल निभाने के लिए ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल मुनीर का धन्यवाद दिया. ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा, ‘ईरान की ओर से मैं अपने प्रिय भाइयों पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शरीफ और फील्ड मार्शल मुनीर का क्षेत्र में युद्ध समाप्त करने के उनके अथक प्रयासों के लिए आभार और प्रशंस करता हूं.’

अराघची ने कहा, ‘प्रधानमंत्री शरीफ के ट्वीट में किए गए भाईचारे के अनुरोध के जवाब में और अमेरिका के 15-बिंदु प्रस्ताव के आधार पर बातचीत के अनुरोध और अमेरिकी राष्ट्रपति के ईरान के 10-बिंदु प्रस्ताव के सामान्य ढांचे को वार्ता के आधार के तौर पर स्वीकार करने की घोषणा को ध्यान में रखते हुए मैं ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की ओर से यह घोषणा करता हूं कि अगर ईरान के खिलाफ हमले रोक दिए जाते हैं, तो हमारी शक्तिशाली सशस्त्र सेनाएं अपनी रक्षात्मक कार्रवाइयां बंद कर देंगी. साथ ही दो सप्ताह के लिए स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ से सुरक्षित आवागमन संभव होगा.’

MP में श्रीराम वन गमन पथ में जोड़े जाएंगे 10 और स्थल

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MP में श्रीराम वन गमन पथ में जोड़े जाएंगे 10 और स्थल
मध्य प्रदेश से गुजरने वाले श्रीराम वन गमन पथ में अब 10 नए स्थल जुड़ेंगे। इनमें वे स्थान भी शामिल हैं, जहां श्रीराम अयोध्या का राजा बनने के बाद गए थे या उन्होंने तीर्थ दर्शन किए। श्रीराम सांस्कृतिक शोध संस्थान न्यास के प्रबंध न्यासी व शोधकर्ता डॉ. रामअवतार का कहना है कि मध्य प्रदेश में अब तक श्रीराम वन गमन पथ पर 25 स्थल चिह्नित हुए हैं। 10 और बढ़ने से इनकी संख्या 35 हो जाएगी।

प्रदेश सरकार करा रही शोध
श्रीराम वन गमन पथ मार्ग के स्थलों को चिह्नित करने में जुटे डॉ. रामअवतार कहते हैं कि प्रदेश सरकार केवल अभी भगवान श्रीराम के पथ से जुड़े स्थलों पर शोध करवा रही है। अभी इस पर काम शुरू नहीं हुआ है। वहीं उत्तर प्रदेश सरकार ने श्रीराम वन गमन पथ मार्ग में परिवर्तन कर कई स्थलों को निकाल दिया है। ऐसा ही प्रयास छत्तीसगढ़ सरकार ने भी किया था, लेकिन उन्होंने बाद में सुधार कर लिया।

48 वर्षों का शोध और भारत सरकार की मान्यता
बता दें, डॉ. रामअवतार रामायण परिपथ, पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार के अध्यक्ष भी हैं। डॉ. रामअवतार ने कई देशों में भगवान श्रीराम की यात्राओं पर शोध पत्र प्रस्तुत किए हैं। वह 48 वर्षों से श्रीराम वन गमन पथ पर शोध कर रहे हैं। इसे भारत सरकार ने भी मान्यता दी है।

सिंहस्थ 2028 से पहले तैयार होगा उज्जैन का एयरपोर्ट

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सिंहस्थ 2028 से पहले तैयार होगा उज्जैन का एयरपोर्ट
2028 में होने वाले सिंहस्थ के लिए सरकार अधोसरंचना विकास के साथ सभी सुविधाएं विकसित करने में जुटी है। इस कड़ी में मंगलवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उज्जैन हवाई पट्टी के विकास और विस्तार के लिए 437 एकड़ भूमि अधिग्रहण करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए 590 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई।

साथ ही किसानों के हित में बड़ा कदम उठाते हुए आगामी तीन साल तक चना और मसूर समर्थन मूल्य पर खरीदने की स्वीकृति दी गई।

इसके लिए सरकार 3,174 करोड़ रुपये की निश्शुल्क गारंटी भी देगी। बैठक के निर्णय की जानकारी देते हुए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि भारत सरकार की उड़ान योजना के तहत उज्जैन स्थित शासकीय हवाई पट्टी का बोइंग 320 एयरबस विमानों के संचालन के लिए विकास व विस्तार करने के लिए राज्य सरकार एवं भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के बीच अनुबंध हो चुका है।

बैठक में इसके लिए 437.5 एकड़ भूमि अधिग्रहित करने के साथ 590 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। सिंहस्थ में 35 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के आने की संभावना है।

तीन साल तक चना, मसूर खरीदेगी सरकार
किसान हित और दलहन उत्पादन को प्रोत्साहित करने की दिशा में सरकार ने आगामी तीन वर्ष तक समर्थन मूल्य पर चना एवं मसूर की खरीदी करने का निर्णय लिया है। भारत सरकार की प्राइस सपोर्ट स्कीम के अंतर्गत चना कुल उत्पादन का 25 और मसूर का 100 प्रतिशत उपार्जन किया जाएगा। इसके लिए 3,174 करोड़ रुपये की निश्शुल्क गारंटी दी जाएगी। खरीदी राज्य सहकारी विपणन संघ करेगा। इतना ही नहीं चना एवं मसूर के उपार्जन पर मंडी शुल्क भी नहीं लिया जाएगा।

केदारनाथ जाने वालों के लिए बड़ी खबर: बाबा के दर्शन तो फ्री, पर जेब पर भारी पड़ेगी यात्रा

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केदारनाथ जाने वालों के लिए बड़ी खबर: बाबा के दर्शन तो फ्री, पर जेब पर भारी पड़ेगी यात्रा
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा का सीजन दस्तक देने वाला है और केदारनाथ धाम की यात्रा 2026 को लेकर भी इस बार श्रद्धालुओं को अपनी जेब थोड़ी और ढीली करनी पड़ेगी, क्योंकि हेलिकॉप्टर सेवाओं के किराए में बदलाव किया गया है और पूजा-अर्चना के शुल्क में भी बढ़ोतरी हुई है. हालांकि राहत की बात यह है कि सामान्य दर्शन पहले की तरह पूरी तरह निःशुल्क रहेंगे. इस बार हेली सेवाओं में नई टेंडर प्रक्रिया लागू की गई है, जिसके तहत कुल 8 हेलिकॉप्टर ऑपरेटर कंपनियां सेवाएं देंगी. रूट के हिसाब से गुप्तकाशी से 2, फाटा से 4 और सिरसी से 2 ऑपरेटर उड़ानें संचालित करेंगे, जबकि सभी हेलीपैड से केदारनाथ के लिए सेवाएं जारी रहेंगी.

नई दरों में गुप्तकाशी से इतना रहेगा एकतरफा किराया
नई दरों के अनुसार एकतरफा किराया गुप्तकाशी से ₹6,077, फाटा से ₹4,840 और सिरसी से ₹3,043 तय किया गया है, जिसमें GST और बुकिंग शुल्क अलग से जोड़ा जाएगा, जिससे कुल खर्च और बढ़ जाएगा. पिछले साल की तुलना में दरें एकतरफा घोषित होने के कारण सीधी तुलना मुश्किल है, लेकिन फाटा रूट पर बढ़ोतरी ज्यादा महसूस की जा रही है, जबकि सिरसी रूट से जाने वालों को कुछ राहत मिली है.

वहीं बद्रीनाथ धाम और केदारनाथ दोनों ही धामों में पूजा-अर्चना के शुल्क में भी इजाफा किया गया है. बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने नई दरें लागू करते हुए केदारनाथ में दिनभर की पूजा का शुल्क ₹28,600 से बढ़ाकर ₹51,000 कर दिया है, जो लगभग 78% की वृद्धि है. इसके अलावा महाभिषेक ₹11,500, रुद्राभिषेक ₹7,500, लघु रुद्राभिषेक ₹7,100, अखंड ज्योति (दैनिक) ₹5,100 और वार्षिक ₹35,000, शिव सहस्रनाम ₹2,500, कपूर आरती ₹2,400 और बाल भोग ₹1,500 कर दिया गया है.

बद्रीनाथ धाम में भी बढ़ाए गए पूजा शुल्क
इसी तरह बद्रीनाथ धाम में भी पूजा शुल्क बढ़ाए गए हैं, जहां श्रीमद्भागवत कथा का शुल्क ₹51,000 से बढ़ाकर ₹1,00,000 कर दिया गया है, जबकि महाभोग ₹45,000, बाल भोग ₹10,000, स्वर्ण आरती ₹6,100, महाभिषेक ₹5,500, अभिषेक ₹5,300, चांदी आरती ₹5,100, अखंड ज्योति (दैनिक) ₹2,100, वार्षिक ₹6,000, वेद व गीता पाठ ₹3,100, खीर भोग ₹2,100 और कपूर आरती ₹3,000 कर दी गई है.

ऐसे में जो श्रद्धालु इस बार चारधाम यात्रा की योजना बना रहे हैं, उन्हें अपना बजट पहले से तैयार करते समय इन नई दरों को ध्यान में रखना होगा. हेलिकॉप्टर बुकिंग के साथ GST और अन्य चार्ज भी जोड़ने होंगे और अगर विशेष पूजा कराने की योजना है तो उसके अनुसार खर्च का आकलन करना जरूरी होगा. हालांकि आम श्रद्धालुओं के लिए सबसे बड़ी राहत यही है कि बाबा केदार के सामान्य दर्शन अब भी पूरी तरह निःशुल्क रहेंगे और इसके लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा.

अर्जुन तेंदुलकर की बैक-टू-बैक यॉर्कर ने लखनऊ सुपर जायंट्स के कैंप में मचाई खलबली

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अर्जुन तेंदुलकर की बैक-टू-बैक यॉर्कर ने लखनऊ सुपर जायंट्स के कैंप में मचाई खलबली
अर्जुन तेंदुलकर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह ऋषभ पंत को लगातार सटीक यॉर्कर गेंदें डाल रहे हैं. अर्जुन IPL 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स टीम में शामिल हैं, उन्हें LSG ने ट्रेड के जरिए मुंबई इंडियंस से खरीदा था. हालांकि अर्जुन को अभी लखनऊ के लिए डेब्यू करने का मौका नहीं मिला है.

नेट पर अर्जुन तेंदुलकर ऋषभ पंत को गेंदें डाल रहे हैं. अर्जुन सटीक लाइन और तेज गति से यॉर्कर गेंदें फेंक रहे हैं, जिनका पंत के पास कोई जवाब नहीं दिखा. अर्जुन ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि वह किसी को कुछ साबित करने के लिए नहीं बल्कि अपने क्रिकेट के प्रति जूनून के लिए खेलते हैं.

अर्जुन तेंदुलकर IPL करियर
26 वर्षीय अर्जुन ने 2023 में मुंबई इंडियंस के लिए खेलते हुए आईपीएल डेब्यू किया था. उस सीजन उन्होंने कुल 4 मैच खेले, जिनमें 3 विकेट लिए. 2024 में उन्हें सिर्फ एक ही मैच खेलने को मिला, जिसमें वह कोई विकेट नहीं ले पाए. 2025 में मुंबई इंडियंस ने उन्हें किसी मैच में नहीं खिलाया. IPL 2026 से पहले अर्जुन ट्रेड के जरिए मुंबई से लखनऊ सुपर जायंट्स में आ गए.

लखनऊ सुपर जायंट्स ने IPL 2026 में 2 मैच खेले हैं. टीम दिल्ली के हाथों पहले मैच में अपने होम ग्राउंड पर हार गई थी, जिसमें टीम की खराब बल्लेबाजी देखने को मिली थी. अपने दूसरे मैच में LSG ने सनराइजर्स हैदराबाद को 5 विकेट से हराया. टीम में शामिल अनुभवी गेंदबाज मोहम्मद शमी शानदार फॉर्म में नजर आए हैं. हैदराबाद के खिलाफ उन्होंने पॉवरप्ले में 2 विकेट लेकर अच्छी शुरुआत दिलाई थी, उन्होंने दोनों खतरनाक बल्लेबाज अभिषेक शर्मा और ट्रेविस हेड को सस्ते में आउट किया था.

लक्ष्य का पीछा करते हुए ऋषभ पंत ने 68 रनों की नाबाद पारी खेली थी. अब टीम का अगला मैच कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ 9 अप्रैल को है.

मिडिल ईस्ट में युद्ध की आहट! ट्रंप की धमकी के बीच भारतीयों के लिए कड़े निर्देश जारी

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मिडिल ईस्ट में युद्ध की आहट! ट्रंप की धमकी के बीच भारतीयों के लिए कड़े निर्देश जारी
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को न खोलने पर ईरान में बड़े हमले की चेतावनी दी है. इस बीच भारत सरकार ने ईरान में रहने वाले भारतीयों के लिए एक एडवायजरी जारी की है. ईरान की राजधानी तेहरान में स्थित भारतीय दूतावास ने भारत के नागरिकों से कहा है कि वे अगले 48 घंटों तक जहां है, वहीं रहे. एडवायजरी में यह भी कहा गया है कि लोग घर के अंदर रहें और सभी बिजली और सैन्य प्रतिष्ठानों और बहुमंजिला इमारतों की ऊपरी मंजिलों से दूर रहें.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को न खोलने पर ईरान में बड़े हमले की चेतावनी दी है. इस बीच भारत सरकार ने ईरान में रहने वाले भारतीय नागरिकों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है. ईरान की राजधानी तेहरान में स्थित भारतीय दूतावास ने भारत के नागरिकों से कहा है कि वे अगले 48 घंटों तक जहां है, वहीं रहे. एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि लोग घर के अंदर रहें और सभी बिजली और सैन्य प्रतिष्ठानों और बहुमंजिला इमारतों की ऊपरी मंजिलों से दूर रहें.

एडवाइजरी में कहा गया, ‘जो लोग भारतीय दूतावास की ओर से बुक किए गए होटलों में ठहरे हुए हैं, वे वहीं अंदर ही रहें और वहां मौजूद दूतावास की टीमों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखें.’

दूतावास ने शेयर किए इमरजेंसी संपर्क सूत्र
भारतीय दूतावास ने अपनी एडवाइजरी में चार इमरजेंसी नंबर और ईमेल भी साझा किए है. जिनमें- +989128109115, +989128109102, +989128109109, +989932179359 मोबाइल नंबर्स शामिल हैं और cons.tehran@mea.gov.in ईमेल आईडी है.

शनि-राहु का खतरनाक संयोग, इन राशियों पर टूटेगा मानसिक तनाव का पहाड़

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शनि-राहु का खतरनाक संयोग, इन राशियों पर टूटेगा मानसिक तनाव का पहाड़
10 अप्रैल 2026 को आने वाली कालाष्टमी इस बार बेहद खास और ज्योतिषीय दृष्टि से चुनौतीपूर्ण होने वाली है। इस दिन मीन राशि में शनि देव ‘अस्त’ अवस्था में होंगे, जबकि कुंभ राशि में राहु अपना पूर्ण प्रभाव दिखाएंगे।

ग्रहों का यह दुर्लभ मेल न केवल मानसिक दबाव और कामों में देरी ला सकता है, बल्कि मेष से लेकर मीन तक सभी 12 राशियों के जीवन में उथल-पुथल मचा सकता है। एस्ट्रोपत्री के आनंद सागर पाठक के अनुसार, इस कठिन समय में भगवान काल भैरव की शरण ही एकमात्र सुरक्षा कवच है।

शनि और राहु का संयुक्त प्रभाव:
धैर्य की परीक्षा: कोशिशों के बाद भी उलझनें बढ़ सकती हैं और कामों में देरी आपके सब्र का इम्तिहान लेगी।
मानसिक दबाव: भावनात्मक और मानसिक तनाव बढ़ सकता है, इसलिए खुद को शांत रखने का प्रयास करें।
अचानक आने वाली चुनौतियां: कार्मिक स्थितियों के कारण अचानक कुछ चुनौतियां सामने आ सकती हैं, जिन्हें केवल विवेक से ही सुलझाया जा सकता है।

आध्यात्मिक लाभ: यह समय आध्यात्मिक उपायों और पूजा-पाठ के लिए बहुत ही प्रभावशाली है।
जल्दबाजी से बचें: यह समय रुकने, सोचने और बिना सोचे-समझे कोई भी बड़ा कदम न उठाने का है।

राशि अनुसार प्रभाव और सावधानी
मेष राशि (Aries):
मेष राशि वालों के लिए यह कालाष्टमी मानसिक अस्थिरता ला सकती है। लक्ष्य को लेकर भ्रम और अचानक बढ़ते खर्च आपको परेशान कर सकते हैं। रिश्तों में भी भावनात्मक दूरी महसूस हो सकती है। आर्थिक मामलों में किसी भी तरह का जोखिम न लें।
उपाय: भगवान काल भैरव की पूजा करें और सरसों के तेल का दान करें।

वृषभ राशि (Taurus):
आपके करियर से जुड़े फैसलों में अनिश्चितता रह सकती है और लाभ मिलने में देरी हो सकती है। प्रेम जीवन में उम्मीदें तुरंत पूरी न होने से मन खिन्न रहेगा। आर्थिक विकास होगा, लेकिन उसकी गति धीमी रहेगी।
उपाय: सफेद मिठाई का दान करें और “ॐ शुक्राय नमः” मंत्र का जाप करें।

मिथुन राशि (Gemini):
करियर के मोर्चे पर आप दबाव महसूस कर सकते हैं। काम में भ्रम की स्थिति बन सकती है, इसलिए किसी भी बड़ी सलाह पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। रिश्तों में गलतफहमी से बचने के लिए बातचीत साफ रखें।
उपाय: विद्यार्थियों की मदद करें और बुध मंत्रों का जाप करें।

कर्क राशि (Cancer):
कर्क राशि के जातकों को इस समय बहुत संभलकर रहना होगा। अचानक भावनात्मक या आर्थिक समस्याएं खड़ी हो सकती हैं। प्रेम संबंधों में संवेदनशीलता बढ़ेगी। निवेश के मामलों में किसी भी तरह का जोखिम भारी पड़ सकता है।

उपाय: महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें और भगवान शिव को दूध अर्पित करें।

सिंह राशि (Leo):
अपनों से बातचीत में संयम रखें, क्योंकि छोटी बात भी अहंकार की लड़ाई बन सकती है। साझा संपत्ति के मामलों में सावधानी बरतें। मीठा बोलकर और दूसरों को समझकर रिश्तों में मधुरता बनाए रखें।

उपाय: भगवान काल भैरव को गेहूं अर्पित करें और सुरक्षा की प्रार्थना करें।

कन्या राशि (Virgo):
व्यापारिक साझेदारी या जीवनसाथी के साथ तालमेल बिठाने में दिक्कत आ सकती है। छोटी-छोटी बातों पर विवाद होने के योग हैं। ज्यादा सोच-विचार करने से बचें और रिश्तों में संतुलन बनाए रखें।

उपाय: मां दुर्गा के मंत्रों का जाप करें और व्यर्थ के विवादों से दूर रहें।

तुला राशि (Libra):
रोजमर्रा के कामों और लव-लाइफ में दबाव महसूस हो सकता है। सेहत का ध्यान रखें और आर्थिक रूप से शॉर्टकट से पैसा कमाने की कोशिश न करें।

उपाय: सफेद फूल अर्पित करें और मां लक्ष्मी की आराधना करें।

वृश्चिक राशि (Scorpio):
वृश्चिक राशि वालों के लिए यह समय काफी चुनौतीपूर्ण हो सकता है। घर की शांति भंग हो सकती है और प्रेम संबंधों में भावनात्मक टकराव संभव है। आर्थिक रूप से अनुशासन बनाए रखें और किसी से बहस न करें।

उपाय: मां दुर्गा को लाल फूल चढ़ाएं और मन को शांत रखने का प्रयास करें।

धनु राशि (Sagittarius):
पारिवारिक मामलों में मानसिक दबाव रह सकता है। रिश्तों में संवाद की कमी के कारण दूरियां बढ़ सकती हैं। पैसों के मामले में फिजूलखर्ची से बचें और धैर्य बनाए रखें।

उपाय: गुरु मंत्र का जाप करें और पीली वस्तुओं का दान करें।

मकर राशि (Capricorn):
बातचीत के दौरान कठोर शब्दों का प्रयोग रिश्तों और धन दोनों का नुकसान करा सकता है। निवेश के मामलों में कोई भी बड़ा जोखिम न उठाएं। इस समय आपकी वाणी ही आपकी जीत या हार तय करेगी।

उपाय: तिल के तेल का दीपक जलाएं और गरीबों की मदद करें।

कुंभ राशि (Aquarius):
राहु आपकी ही राशि में है, जो भ्रम की स्थिति पैदा कर सकता है। पैसों को लेकर दबाव महसूस होगा और रिश्तों में बातचीत की कमी से दूरियां आ सकती हैं। कोई भी बड़ा फैसला लेने से पहले अच्छी तरह सोच लें।

उपाय: काले तिल का दान करें और भगवान काल भैरव की उपासना करें।

मीन राशि (Pisces):
शनि आपकी ही राशि में अस्त हैं, जिससे आप पर मानसिक और भावनात्मक बोझ बढ़ सकता है। प्यार के मामले में धैर्य की परीक्षा होगी। पैसों के लेनदेन में जल्दबाजी बिल्कुल न दिखाएं।

उपाय: “ॐ शं शनैश्चराय नमः” का जाप करें और नियमित ध्यान करें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की सुगम संपर्कता परियोजना की समीक्षा

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की सुगम संपर्कता परियोजना की समीक्षा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण कार्यों में आधुनिक तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग किया जाए। कार्यों की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए ड्रोन का उपयोग हो। सिपरी साफ्टवेयर न सिर्फ डीपीआर तैयार करने की दृष्टि से उपयोगी है बल्कि सड़क के साथ पुल-पुलियों की आवश्यकता दर्शाने में भी इसका उपयोग हो रहा है। सड़क निर्माण कार्यों को पूर्ण करने में वैज्ञानिक पद्धति का उपयोग शुरू करना सराहनीय है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को समत्व भवन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की सुगम संपर्कता परियोजना संबंधी बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि गत माह शुरू किए गए राज्य स्तरीय जल गंगा संवर्धन अभियान की विभागीय स्तर पर प्रति सप्ताह समीक्षा की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने “एक बगिया मां के नाम” अंतर्गत की गई गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने जल गंगा संवर्धन अभियान में आमजन की भागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए। बैठक में जानकारी दी गई कि परियोजना में प्रदेश में एक हजार करोड़ रुपये की लागत से सड़कों का निर्माण कराया जाएगा तथा 100 से अधिक आबादी वाले मजरों-टोलों को सड़क सुविधा से जोड़ा जाएगा।

बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग दीपाली रस्तोगी और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परियोजना की समीक्षा करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए गुणवत्तापूर्ण कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि परियोजना में सड़कों का निर्माण मनरेगा अर्थात वीबी-जी-राम-जी योजना में से करवाया जाएगा। इसके लिए प्रदेश की प्रत्येक जनपद पंचायत तीन करोड़ तक की स्वीकृति प्रदान कर सकेगी। “सुगम संपर्कता परियोजना” के माध्यम से गांवों, ग्राम पंचायतों को दोहरी संपर्कता प्रदान की जाएगी।

पूर्व से निर्मित सड़कों की जियो इंवेंट्री
सुगम संपर्कता परियोजना की विशेषता यह है कि इसमें पूर्व में बनी सड़कों की रिम्स पोर्टल के माध्यम से जियो-इंवेंट्री की जा रही है। इससे नई सड़कों के चयन में दोहराव की स्थिति नहीं बनेगी। जियो इंवेंट्री में राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग, पीएमजीएसवाय, मुख्य जिला सड़क और संपर्कता ऐप से चयनित सड़कें शामिल हैं।

जियो- इंवेंट्री का आधा कार्य पूर्ण
निर्धारित लक्ष्य के अनुसार 33 हजार 655 सड़कों में से 17 हजार 437 सड़कों की जियो इंवेंट्री का कार्य पूरा कर लिया गया है। इसके साथ ही 9 जिलों में 80 प्रतिशत से अधिक सर्वे कार्य पूर्ण कर लिया गया है। रतलाम, जबलपुर, आगर-मालवा, मंदसौर और पन्ना जिले इस कार्य में अग्रणी हैं।

सिपरी सॉफ्टवेयर का उपयोग स्थल चयन में
सुगम संपर्कता परियोजना के तहत 2 गांवों, ग्राम पंचायतों, मजरों-टोलों और विद्यार्थियों के हित में सांदीपनि विद्यालयों तक बनने वाली सड़कों के लिए स्थान का चयन सिपरी सॉफ्टवेयर से किया जा रहा है। सड़कों की डीपीआर तैयार करने के लिए भी इस सॉफ्टवेयर और रिम्स पोर्टल का उपयोग किया जा रहा है। नई प्रस्तावित सड़कों का सर्वे में भी तकनीक उपयोग में लाई जा रही है। सर्वे की गई सड़कों में कार्य स्थल के हिसाब से सड़क निर्माण का प्राक्कलन सॉफ्टवेयर के माध्यम से तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा सड़क निर्माण में किस जगह पर पुल-पुलिया एवं कल्वर्ट की आवश्यकता है, ये भी सॉफ्टवेयर द्वारा बताया जा रहा है। इस प्रकार परियोजना में सड़क निर्माण के कार्य स्थल के चयन से लेकर डीपीआर तैयार करने तक का कार्य वैज्ञानिक पद्धति से हो रहा है।

जिला स्तर पर बनेंगे प्रस्ताव, स्वीकृत भी होंगे
परियोजना अंतर्गत प्रदेश में 7 हजार 135 नवीन सड़कों का प्रस्ताव तैयार किया जा चुका है। प्रदेश के 29 जिलों में 1771 नवीन सड़कों का प्रस्ताव जिला स्तर पर स्वीकृत किया जा चुका है। परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मैदानी अमले को तकनीकी बारीकियों का प्रशिक्षण भी दिया गया है। इसमें राज्य स्तर से 2100 से अधिक तकनीकी स्टॉफ और विभिन्न श्रेणी के अभियंताओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है। सरपंच, सचिव एवं ग्राम रोजगार सहायक को भी निर्माण के तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी जा रही है। परियोजना अंतर्गत बनने वाली सड़कों की गुणवत्ता की जानकारी ड्रोन तकनीक से प्राप्त करने के अलावा सड़कों के निर्माण से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों की निगरानी जनपद, जिला और राज्य स्तर पर डैशबोर्ड से करने की पहल की गई है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया समग्र क्षमता निर्माण प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन कार्यक्रम का शुभारंभ

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया समग्र क्षमता निर्माण प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन कार्यक्रम का शुभारंभ
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यद्यपि हमारी संस्कृति हमें सबके सुख की कामना करना सिखाती है, पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त नेतृत्व में दुनिया यह भी जान गई है कि यदि कोई हमें छेड़ेगा, तो हम उसे नहीं छोड़ेंगे। जो जिस भाषा में समझें, उसे उसी भाषा में समझाना जरूरी है।अतिवादी ताकतें देश के विकास में बड़ी बाधक हैं। हमें ऐसी ताकतों से पूरी मजबूती से निपटना होगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (नेशनल सिक्युरिटी गार्ड) भारत का अभेद्य सुरक्षा कवच है। एनएसजी के कारण ही हमारी आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था बेहद सुदृढ़ है। देश में बीते काल में हुई किसी भी प्रकार की अतिवादी, अप्रिय घटनाओं एवं असामान्य परिस्थितियों में एनएसजी गार्ड की पूरी मुस्तैदी से मौजूदगी ने हमें यह एहसास कराया है कि एनएसजी है तो हम हर हाल में सुरक्षित हैं। एनएसजी देश की सीमा के भीतर नागरिक सुरक्षा की पक्की गारंटी की तरह है। उन्होंने कहा कि एनएसजी के जवान अपनी जान की परवाह किए बिना राष्ट्र की रक्षा में तत्पर रहते हैं। यह बल अपनी पेशेवर क्षमता, अनुशासन और तकनीकी दक्षता के लिए पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को लाल परेड मैदान में आयोजित एनएसजी-शो में सहभागिता कर एनएसजी द्वारा मध्यप्रदेश पुलिस के जवानों के लिए आयोजित समग्र क्षमता निर्माण प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन के साझा कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लाल परेड मैदान में आयोजित एनएसजी शो देखा और कमांडो के प्रदर्शन की सराहना की। शो के दौरान एनएसजी जवानों ने मॉक टेररिस्ट अटैक का रीयलस्टिक सीन क्रिएट कर इस तरह के अटैक्स को काउंटर कर पूरी क्षमता से निपटने के लिए एनएसजी द्वारा अपनाई जाने वाली पूरी प्रकिया एवं कार्यवाही का सजीव प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह शो पुरुषार्थ और साहस से पराक्रम की पराकाष्ठा के प्रदर्शन का परिचायक है। इस प्रशिक्षण प्रदर्शन में जवानों ने हवा में उड़ते हुए जो करतब दिखाए हैं, वे सच में अद्भुत है। एनएसजी जवान हमारी सुरक्षा व्यवस्था की धुरी हैं। जल, थल, नभ हर तरह से देश पर किसी भी तरह की चुनौतियां और कठिनाइयां आ सकती हैं, इनसे निपटने की तैयारियों के लिए यह प्रशिक्षण और पूर्वाभ्यास बेहद महत्वपूर्ण है। प्रशिक्षण कार्यक्रम सह एनएसजी शो के शुभारंभ अवसर पर पुलिस बैंड द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिनंदन किया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसी भी प्रकार के टेररिस्ट अटैक से निपटने के लिए हम अपने सुरक्षा बलों, एटीएस और सीटीजी को और अधिक मजबूत करेंगे। सीटीजी के आधुनिकीकरण के लिए सरकार ने 200 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार की है। जल्द ही हम इस दिशा में आगे बढ़ने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा की कि टेररिस्ट अटैक को पूरी दक्षता से काउंटर करने सभी जरूरी प्रशिक्षण के लिए हमारी सरकार भोपाल जिले की हुजुर तहसील के ग्राम तूमड़ा में अत्याधुनिक प्रशिक्षण केन्द्र खोलेगी। इस सेंटर के जरिए हम अपने सुरक्षा बलों को किसी भी प्रकार की आकस्मिक आपदा एवं अतिवादी ताकतों से निपटने के लिए पूरी क्षमता से तैयार करेंगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश के मध्य में है, इसलिए यह सेंटर देश की सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। हमारे जवान अपने हथियार और बुद्धिमत्ता से सभी प्रकार के संकटों से निपटने में सक्षम हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नागरिकों की सेवा और सुरक्षा के लिए हमारी सरकार हर समय तत्पर है। हमारी एटीएस आतंकवाद के खिलाफ एक मजबूत दीवार बनकर खड़ी है। इनकी मदद के लिए तैयार की गई काउंटर टेररिस्ट ग्रुप (सीटीजी) हमारी असॉल्ट यूनिट, आधुनिक हथियारों और मॉडर्न टेक्निक से लैस है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत को अपने सशस्त्र बलों पर बेहद गर्व है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में दुनिया में भारत की अलग पहचान बन रही है। वर्ष 1984 में एनएसजी की स्थापना हुई। एक समय था जब हमारे देश के प्रधानमंत्री भी अपने घर में सुरक्षित नहीं हुआ करते थे। एक सार्वजनिक कार्यक्रम में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की माला पहनाते हुए हत्या कर दी गई। एनएसजी का स्लोगन ‘सर्वत्र सर्वोत्तम सुरक्षा’ है, जो विजय भाव की अनुभूति कराता है। एनएसजी जवानों का शौर्य और निष्ठा बेजोड़ है। जब भी देश में कोई संकट आता है। हमारे एनएसजी जवान (ब्लैक कैट कमांडोज़) देशवासियों को पूरी सुरक्षा देते हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अब हमारी सेना देश के दुश्मनों को उनके घर में घुसकर मारने का माद्दा रखती है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे सशस्त्र बलों ने अपने पराक्रम से आज हमें यह भरोसा दिलाया है। यहां मध्यप्रदेश पुलिस के साथ एटीएस, सीटीजी के प्रशिक्षण की शुरुआत हुई है। आज के विकासशील दौर में आतंकवाद, नक्सलवाद बहुत घातक है। इनसे लड़ने के लिए बलों को हर तरह के प्रशिक्षण की आवश्यकता है। देश ने 35 साल पुरानी एक बड़ी समस्या (नक्सलवाद) को खत्म कर दिया है। हमारा मध्यप्रदेश आज पूरी तरह नक्सलमुक्त हो चुका है। इसमें हमारे सशस्त्र बलों का बड़ा योगदान है। सुरक्षा बलों के कारण ही भारत दुनिया के सबसे सशक्त तीन देशों की कतार में शामिल हुआ है।

पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने कहा कि एनएसजी और म.प्र. पुलिस का यह साझा प्रशिक्षण कार्यक्रम 7 अप्रैल से 4 मई 2026 तक करीब एक माह चलेगा। इस दौरान काउंटर अटैक सहित करीब 8 प्रमुख विषयों पर जवानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस दौरान पुलिस जवान काउंटर/टेररिस्ट अटैक से निपटने की ट्रेनिंग लेंगे और अपने कला, कौशल और टेक्निक को बेहतर से बेहतर बनाएंगे। हम नई चुनौतियों को लेकर तैयार हो रहे हैं। हमारी एटीएस और एसटीएफ पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। हमारी सुरक्षा वाहिनियां वीवीआईपी और वीआईपी को पूरी मुस्तैदी से सुरक्षा मुहैया करा रही है।

एनएसजी के महानिदेशक बी. निवासन ने कहा कि पुलिस जवान अपनी योग्यता और क्षमता के दम पर एनएसजी से जुड़ते हैं। मध्यप्रदेश की एटीएस और सीटीजी बहुत अच्छी तरह अपनी सेवाएं दे रही हैं। उन्होंने कहा कि हमने मध्यप्रदेश पुलिस के एक हजार 164 जवानों और देश के करीब 26 हजार जवानों को प्रशिक्षण दिया है। हम खुद अपने प्रशिक्षण कार्यक्रमों में नवाचार और सुधार लाकर जवानों का कौशल संवर्धन कर रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान मुख्यत: पुलिस जवानों को आतंकवादी घटनाओं से निपटने के गुर सिखाकर उनका कौशल संवर्धन किया जाएगा।

पुलिस महानिदेशक मकवाणा एवं एनएसजी के महानिदेशक निवासन ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पौधा भेंटकर स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रतीक चिन्ह भी भेंट किया गया। एडीजी सशस्त्र सुरक्षा बल चंचल शेखर ने आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने एनएसजी से प्रशिक्षण ले रहे म.प्र. पुलिस के सभी जवानों के साथ समूह चित्र खिंचवाकर उनका उत्साहवर्धन भी किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया “गीता भारती” का विमोचन

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया “गीता भारती” का विमोचन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समत्व भवन में पंडित मुस्तफा आरिफ उज्जैन की पुस्तक ‘गीता भारती’ का विमोचन किया। इस पुस्तक में भगवद गीता के श्लोक ‘हिन्दी मुक्तक’ के रूप में लिखकर संकलित किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लेखक को इस काव्य सृजन के लिए बधाई दी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पंडित मुस्तफा आरिफ ने इस पुस्तक की रचना के बारे में बताया कि जहां धर्म है, वहां कर्म सर्वोपरि है। इसी कारण सभी धर्म- प्रधान हैं। कुरान शरीफ की 6666 आयतों पर 10 हजार हिंदी पद रचने के बाद परमात्मा-प्रदत्त सदबुद्धि ने उन्हें कर्म- आधारित धर्म ग्रंथों की ओर मोड़ा है। मद भगवद्गीता के कर्म-दर्शन ने उन्हें गहराई से प्रेरित किया। उनकी लेखनी परमात्मा की कृपा से गीतामय होकर शोध-यात्रा पर निकली, जिसकी परिणति मद भगवद्गीता के 700 संस्कृत श्लोकों पर 786 हिंदी मुक्तकों में हुई। पं. आरिफ ने बताया कि यह ग्रंथ सनातन हिंदू दर्शन को आत्मसात करने का अभिनव अनुभव रहा है, जो भारत की संस्कृति और अनेकता में एकता की परम्परा को जन-जन तक पहुंचाने की प्रेरणा देता है।

पुस्तक में गीता के गहन संदेश- कर्मयोग, भक्तियोग, ज्ञानयोग और मोक्ष को 786 भावपूर्ण हिंदी मुक्तकों में बांधा गया है। यह हिंदी मुक्तक जीवन की जटिलताओं में स्पष्ट करते हैं। मुक्तकों के प्रत्येक छंद सरल भाषा में रचे गए हैं, जिससे साधारण व्यक्ति गीता का सार समझ सके। पं. आरिफ का विश्वास है कि हिंदू और इस्लामी ग्रंथों में कई समानताएं हैं, जैसे दोनों ईश्वरीय प्रेरणा पर जोर देते हैं। इन ग्रंथों का अध्ययन शोध की भी अनंत संभावनाएं खोलने में सहायक है। भारत के विश्व गुरू होने के जो आधार हैं, वे भी अध्ययन के फलस्वरूप स्पष्ट होते हैं।