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8 जून को INDIA गठबंधन की अहम बैठक

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8 जून को INDIA गठबंधन की अहम बैठक
कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया है कि आगामी INDIA गठबंधन की बैठक में 23 राजनीतिक दलों ने अपनी भागीदारी की पुष्टि कर दी है। यह अहम बैठक सोमवार, 8 जून 2026 को दोपहर 12 बजे नई दिल्ली के प्रतिष्ठित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित की जाएगी। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य देश के वर्तमान राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक परिदृश्य पर गहन विचार-विमर्श करना और भविष्य की रणनीति तैयार करना है।

हालांकि, कुछ राजनीतिक दलों ने अपनी विभिन्न आंतरिक या अन्य अपरिहार्य कारणों से इस विशेष बैठक में शामिल होने में असमर्थता व्यक्त की है। इन अनुपस्थित दलों ने स्पष्ट किया है कि उनकी गैर-मौजूदगी का यह अर्थ कतई नहीं है कि वे वर्तमान मोदी सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली से सहमत हैं। इसके विपरीत, इन दलों ने मोदी सरकार की उन नीतियों और कार्रवाइयों का कड़ा विरोध व्यक्त किया है, जिनका सीधा असर लाखों भारतीयों के जीवन और देश के लोकतांत्रिक ताने-बाने पर पड़ रहा है।

विपक्षी दलों का मोदी सरकार पर आरोप
इन दलों ने विशेष रूप से मोदी सरकार पर आरोप लगाया है कि वह लाखों भारतीयों से उनके वोट देने का अधिकार छीनने का प्रयास कर रही है। उनका मानना है कि सरकार ऐसी नीतियां और प्रक्रियाएं लागू कर रही है, जो आम जनता को अपने मताधिकार का प्रयोग करने से वंचित कर सकती हैं, जो किसी भी स्वस्थ लोकतंत्र के लिए एक गंभीर खतरा है।

इसके साथ ही, इन अनुपस्थित दलों ने यह भी कहा है कि मोदी सरकार द्वारा प्रतिदिन संविधान पर हमला किया जा रहा है। उनका तर्क है कि सरकार संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता को लगातार कमजोर कर रही है और संविधान में निहित मूल सिद्धांतों का उल्लंघन कर रही है, जिससे देश का संघीय ढांचा और लोकतांत्रिक मूल्य खतरे में पड़ गए हैं।

जांच एजेंसियों के दुरुपयोग पर विपक्षी दलों ने जताई आपत्ति
विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए जांच एजेंसियों के दुरुपयोग पर भी इन दलों ने गंभीर आपत्ति जताई है। उनका आरोप है कि सरकार राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है, ताकि विपक्षी आवाजों को दबाया जा सके और राजनीतिक विरोध को कुचला जा सके। यह कार्रवाई लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।

करोड़ों भारतीयों की रोजी-रोटी को गंभीर नुकसान पहुंचाने वाली सरकारी नीतियों को भी इन दलों ने आड़े हाथों लिया है। उनका मानना है कि सरकार की आर्थिक नीतियां रोजगार सृजन में पूरी तरह विफल रही हैं और इसने बड़े पैमाने पर लोगों की आजीविका पर नकारात्मक प्रभाव डाला है, जिससे बेरोजगारी और गरीबी में लगातार वृद्धि हुई है।

लगातार बढ़ती महंगाई के जरिए घरेलू बजट को बिगाड़ने के लिए भी मोदी सरकार की कड़ी आलोचना की गई है। इन दलों का कहना है कि आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बेतहाशा बढ़ रही हैं, जिससे आम आदमी का जीवनयापन मुश्किल हो गया है और घरों का मासिक बजट पूरी तरह से गड़बड़ा गया है, जिससे जनता त्रस्त है।

विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस पर मुख्यमंत्री ने की खाद्य गुणवत्ता के प्रति जागरूक रहने की अपील

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विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस पर मुख्यमंत्री ने की खाद्य गुणवत्ता के प्रति जागरूक रहने की अपील
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि खाद्य सुरक्षा आज के दौर की बड़ी जरूरत है, क्योंकि यह हम सबके उदर-पोषण से जुड़ा विषय है। ‘विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस’ की सार्थकता हर नागरिक को शुद्ध, स्वच्छ, सुरक्षित और पौष्टिक भोजन मिलने में है। प्राकृतिक खेती अपनाने से इसमें महत्वपूर्ण योगदान होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्व खाद्य सुरक्षा पर यह संदेश देते हुए कहा कि स्वस्थ नागरिक ही सशक्त और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण कर सकता है। उन्होंने इस विशेष दिवस पर प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि आइए, हम सब खाद्य सुरक्षा, गुणवत्ता और इसके पोषक तत्वों के मानकों के प्रति सदैव जागरूक रहें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला फुटबॉल टीम को दी बधाई

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला फुटबॉल टीम को दी बधाई
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारतीय महिला फुटबॉल टीम को साउथ एशियन फुटबॉल फेडरेशन चैम्पियनशिप-2026 जीतने पर बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह शानदार विजय भारत की बेटियों के साहस, प्रतिभा और टीम भावना का प्रतीक है। भारतीय टीम की यह सफलता खेल जगत में प्रेरणा का नया अध्याय लिखेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय महिला फुटबॉल खिलाड़ियों ने पूरे देश को गौरवान्वित किया है। पूरी टीम हार्दिक बधाई की पात्र है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला फुटबॉल खिलाड़ियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दी हैं।

उल्लेखनीय है कि गोवा राज्य के मडगांव में 25 मई से 6 जून की अवधि में हुई इस चैम्पियनशिप में भारत की सफलता पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी हर्ष व्यक्त करते हुए भारतीय महिला खिलाड़ियों को बधाई दी है। इस टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने 18 गोल करने की उपलब्धि भी हासिल की है। अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल प्रतियोगिता में भारतीय महिला खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की चहुँओर प्रशंसा हो रही है।

राज्यपाल डेका से राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने की सौजन्य भेंट

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राज्यपाल डेका से राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने की सौजन्य भेंट
राज्यपाल रमेन डेका से आज यहां लोकभवन में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष सु साध्वी निरंजन ज्योति ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर नेहरू राम निषाद, एमएस चंद्र कांति वर्मा एवं अमित श्रीवास्तव उपस्थित थे।

टीम इंडिया ने 9 साल बाद जीती एशिया कप ट्रॉफी

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टीम इंडिया ने 9 साल बाद जीती एशिया कप ट्रॉफी
भारत ने अंडर-18 हॉकी एशिया कप 2026 का खिताब जीत लिया है. शुक्रवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में टीम इंडिया ने जापान को 4-1 से हराकर ट्रॉफी जीती. इससे पहले सेमीफाइनल में भारत ने पाकिस्तान को 5-3 से हराकर फाइनल में प्रवेश पाया था. यह कुल तीसरी बार है जब भारत ने अंडर-18 लेवल पर हॉकी एशिया कप जीता है. इस यादगार जीत पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टीम इंडिया को बधाई दी.

जिस तरह सेमीफाइनल में आशीष पूर्ति ने आखिरी क्वार्टर में मैच का पासा पलट कर रख दिया था. फाइनल में भी उन्होंने 3 गोल करते हुए मैच जिताऊ प्रदर्शन करके दिखाया. मैच के दूसरे मिनट में भी भारत ने 1-0 की बढ़त बना ली थी और तीसरे क्वार्टर के अंत तक टीम इंडिया 4-0 की बढ़त लेकर जीत की ओर बढ़ रही थी.

जापान को चौथे क्वार्टर में चमत्कारी प्रदर्शन करने की जरूरत थी. जापान की तरफ से पूरे मैच में एकमात्र गोल चौथे क्वार्टर में आया, लेकिन यह टीम इंडिया को हराने के लिए काफी नहीं था. इससे पहले भारत 2001 और 2016 में अंडर-18 एशिया कप का खिताब जीत चुका है.

पीएम मोदी ने दी बधाई
भारत की मेंस अंडर-18 हॉकी टीम को बधाई देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा – हमारे युवा हॉकी खिलाड़ियों की शानदार उपलब्धि. अंडर-18 एशिया कप का खिताब जीतने के लिए पूरी टीम को बधाई. पूरे टूर्नामेंट के दौरान टीम ने बेहतरीन स्किल्स और शानदार टीम वर्क दिखाया, जिसके परिणामस्वरूप फाइनल में भारत को यादगार जीत मिली. यह उपलब्धि दिखाती है कि हॉकी का खेल युवाओं के बीच लोकप्रियता बटोर रहा है. मैं भारतीय टीम को अगली चुनौतियों के लिए शुभकमानाएं देता हूं.

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सायकल चलाकर फिट रहने और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

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उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सायकल चलाकर फिट रहने और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
उप मुख्यमंत्री साव ने कार्यक्रम में खुद सायकल चलाकर पर्यावरण संरक्षण और फिट रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सायकल हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। नियमित सायकल चलाने से शरीर स्वस्थ रहता है। दैनिक जीवन में सायकल का उपयोग हमें फिट और ऊर्जावान बनाए रखने में मदद करता है।

साव ने कहा कि सायकल पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक बचत का भी एक सरल माध्यम है। अधिक से अधिक सायकल का उपयोग कर हम स्वच्छ वातावरण बनाने में योगदान दे सकते हैं। सायकल हमारे लिए हर दृष्टि से उपयोगी है। हमें जितना संभव हो सके, सायकल का उपयोग करना चाहिए।

जंतर मंतर पर प्रदर्शन को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी पर हुई FIR

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जंतर मंतर पर प्रदर्शन को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी पर हुई FIR
सोशल मीडिया और कुछ समाचार रिपोर्टों में जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस द्वारा एफआईआर (FIR) दर्ज किए जाने का दावा किया जा रहा है. अब इस पूरे मामले पर दिल्ली पुलिस की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आया है, जिसमें इन दावों को पूरी तरह से खारिज और गलत बताया गया है.

दिल्ली पुलिस ने किया साफ, नहीं दर्ज हुई कोई FIR
दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर चल रही इन खबरों का खंडन करते हुए स्पष्ट किया है कि जंतर मंतर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ ऐसी कोई भी एफआईआर दर्ज नहीं की गई है. इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हो रहे दावे पूरी तरह से बेबुनियाद और भ्रामक हैं.

अफवाहों से बचने की सलाह
पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों और सोशल मीडिया यूजर्स से सख्त अपील की है कि वे इस तरह की किसी भी असत्यापित (Unverified) जानकारी या अफवाहों पर न तो विश्वास करें और न ही इन्हें आगे शेयर (Circulate) करें.

दिल्ली पुलिस ने कहा है कि भ्रामक खबरों से समाज में अनावश्यक भ्रम और तनाव पैदा होता है, इसलिए किसी भी जानकारी को सच मानने से पहले केवल दिल्ली पुलिस द्वारा जारी किए जाने वाले आधिकारिक अपडेट्स और बयानों पर ही भरोसा करें.

15 साल के वैभव सूर्यवंशी को स्पेशल ट्रीटमेंट देगी BCCI

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15 साल के वैभव सूर्यवंशी को स्पेशल ट्रीटमेंट देगी BCCI
भारतीय टीम मैनेजमेंट वैभव सूर्यवंशी को फास्ट-ट्रैक करने के लिए अहम फैसले ले रहा है. BCCI वैभव के प्रदर्शन और उनकी तैयारियों पर खास नजर रखने का प्लान बना रहा है. वैभव बहुत जल्द आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर जाएंगे. वैभव वहां के वातावरण में ठीक से ढल पाएं, इसके लिए बीसीसीआई वैभव के माता-पिता को उनके साथ भेजने की तैयारी कर रहा है.

वैभव सूर्यवंशी को अगर आयरलैंड, इंग्लैंड दौरे पर या फिर एशियन गेम्स में इंटरनेशनल डेब्यू करने का मौका मिलता है, तो वे भारत के लिए अंतर्राष्ट्रीय डेब्यू करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन जाएंगे. अभी यह रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम है, जिन्होंने 1989 में पाकिस्तान दौरे पर 16 साल 205 दिन की उम्र में टीम इंडिया के लिए पहला मैच खेला था.

केवल 15 साल की उम्र में वैभव टीम इंडिया में चुने गए हैं. स्वभाव में थोड़ा बचपना है, ऐसे में बोर्ड को लगता है कि माता-पिता साथ होंगे, तो वैभव को ना केवल बाहरी परिस्थितियों के साथ तालमेल बिठाने में मदद मिलेगी बल्कि अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट के दबाव के लिए भी खुद को तैयार कर पाएंगे. इसके लिए माता-पिता को वैभव के साथ आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर भेजा जाएगा.

वैभव सूर्यवंशी ने पिछले साल राइजिंग स्टार्स एशिया कप 2025 में इंडिया ए के लिए डेब्यू किया था. अब वैभव एक बार फिर इंडिया ए का प्रतिनिधित्व करने जा रहे हैं. वैभव फिलहाल श्रीलंका में हैं, जहां इंडिया ए को अफगानिस्तान ए और श्रीलंका ए के खिलाफ ट्राई सीरीज में भाग लेना है.

15 साल के वैभव के लिए आईपीएल 2026 सीजन शानदार रहा. उन्होंने अपने करियर में पहली बार ऑरेंज कैप जीती. वैभव ने पूरे सीजन में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए 776 रन बनाए थे और इसी दौरान एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्के (72) लगाने का रिकॉर्ड भी बनाया.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंडिया-एलएसी ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट फोरम-2026 के उद्घाटन सत्र में हुए शामिल

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंडिया-एलएसी ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट फोरम-2026 के उद्घाटन सत्र में हुए शामिल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश तेजी से भारत के नए वैश्विक निवेश एवं निर्यात केंद्र के रूप में उभर रहा है। हमारा मध्यप्रदेश अब वैश्विक व्यापार जगत में भी अपनी सशक्त पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत तथा लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन देशों के बीच बढ़ती परस्पर आर्थिक साझेदारी में मध्यप्रदेश भी अपनी अधिकतम क्षमताओं के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश असीम अवसरों की धरती है। प्रदेश की स्थिर और पारदर्शी नीतियां निवेश और उद्योग फ्रेंडली हैं। आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, रिन्यूएबल एनर्जी, ऑटोमोबाइल, फार्मा इंडस्ट्री, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, डिफेंस सेक्टर, और टेक्नॉलजी के क्षेत्र में हम तेजी से प्रगति कर रहे हैं। हमारे पास 1.25 लाख एकड़ से अधिक का रेडी-टू-यूज़ लैंड बैंक उपलब्ध है। आज मध्यप्रदेश लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी का सबसे बड़ा हब बन चुका है। प्रदेश में 5 लाख किमी से अधिक के सुदृढ़ सड़क नेटवर्क और अत्याधुनिक रेल व हवाई कनेक्टिविटी ने यातायात को सुगम बना दिया है। अगले 5 सालों में हम 6 प्रमुख औद्योगिक कॉरिडोर विकसित करेंगे, जो मालवा से बुंदेलखंड और निमाड़ से विंध्य तक रोड़ कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लैटिन-अमेरिकी एवं कैरेबियन देशों के व्यापार प्रतिनिधियों को मध्यप्रदेश में निवेश, उत्पादन और नवाचार के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि हम आपके साथ एक ठोस और दीर्घकालिक साझेदारी के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश के मध्य में होने के कारण व्यापार-व्यवसाय के लिए सबसे अनुकूल स्थान है। राज्य में कानून- व्यवस्था की कोई परेशानी नहीं है। यहां औद्योगिक कुशल श्रमिकों की कोई कमी नहीं है। मध्यप्रदेश सबको अपनाने वाला राज्य है, जो एक बार आता है, यहीं का होकर रह जाता है। मध्यप्रदेश में खुले दिल से निवेश करें, यहां निवेश करना बड़े लाभ का सौदा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को इंदौर में आयोजित भारत-लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन व्यापार एवं निवेश मंच – 2026 के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जवलित कर इस ट्रेड फोरम के उद्घाटन सत्र का विधिवत् आरंभ किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत-लैटिन अमेरिका एवं कैरिबियन व्यापार एवं निवेश फोरम-2026 के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए डिजिटल प्लेटफार्म और वेबसाइट का रिमोट से शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन देशों के साझा व्यापार-व्यवसाय पर केन्द्रित स्पेशल मैगजीन ‘द बिजनेस टायकून्स’ का विमोचन भी किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विगत वित्त वर्ष 2025-26 में मध्यप्रदेश का लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन देशों को निर्यात बढ़कर 3 हज़ार 835 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 19 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है। इस उपलब्धि में फार्मास्यूटिकल्स क्षेत्र की विशेष भूमिका रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग उत्पाद, प्लास्टिक उत्पाद एवं जंबो बैग, कृषि आधारित उत्पाद तथा विनिर्माण क्षेत्र प्रदेश की निर्यात क्षमता के प्रमुख आधार बनकर उभरे हैं। ब्राजील, मेक्सिको, चिली, डोमिनिकन रिपब्लिक, अर्जेंटीना, पेरू और कोलंबिया जैसे देशों के साथ मध्यप्रदेश का व्यापारिक विनिमय लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये आंकड़े लैटिन अमेरिकी एवं कैरेबियन देशों में ‘मेड इन इंडिया’ के साथ ‘मेड इन एमपी’ उत्पादों को मिल रहे स्नेह, अपनत्व, विश्वास और दिनों-दिन बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर ने अपने सुशासन और नेतृत्व क्षमता के बल पर मालवा को नई पहचान दिलवाई थी। उन्होंने कहा कि इंदौर प्राचीन काल में भी उन्नत व्यापार और व्यवसाय की सुगमता के कारण बड़ा व्यावसायिक केन्द्र हुआ करता था। पहले यहां सिल्क मार्ग से दुनियाभर में व्यापार होता था। भारत और लैटिन अमेरिका की परंपराओं में नजदीकियां दिखाई पड़ती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश आज भारत के सबसे तेज़ी से विकसित होते औद्योगिक राज्यों में से एक है। हम सच्चे अर्थों में ‘वोकल फॉर लोकल’ की अवधारणा को आगे बढ़ा रहे हैं, इसलिए मध्यप्रदेश की आर्थिक प्रगति अब ‘लोकल से ग्लोबल’ हो रही है। अब हम वैश्विक मूल्य श्रृंखला का भी एक मजबूत हिस्सा बन चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिस तरह लैटिन अमेरिका की प्राचीन संस्कृतियों ने मदर अर्थ (Pachamama – पचमामा) को पूजा, वैसे ही हम पंच तत्वों और प्रकृति के कण-कण को पूजते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे उत्सवों का उल्लास, संगीत, अनुराग, पारिवारिक ताना-बाना और हमारी जनजातीय कलाओं की जीवंतता सबमें बड़ी समानताएं हैं। यह बताते हैं कि हमारे जीवन मूल्य और हमारे संस्कार मूलत: एक हैं, समान हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि आजादी के अमृतकाल में हमारा भारत अपनी क्षमता, योग्यता और विशेषताओं के साथ दुनियाभर में व्यापार, व्यवसाय और सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए कटिबद्ध है।

भारत और लैटिन अमेरिकी देशों के बीच सहयोग के इस महान मंच की मेजबानी का अवसर मध्यप्रदेश को मिला है। आज हम सिर्फ़ देशों को नहीं, महाद्वीपों को जोड़ने वाली दीर्घकालिक साझेदारियों की नींव रख रहे हैं। यह मंच भारत, लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन देशों के बीच नई आर्थिक साझेदारी, नई संभावनाओं और नए विश्वास का सेतु है। भारत का हरेक राज्य अपनी क्षमताओं और विशेषताओं के साथ विकसित और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प की सिद्धि में तत्पर है। मध्यप्रदेश भी इस दिशा में महत्वपूर्ण योगदान के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर और पीथमपुर का विशेष ज़िक्र करते हुए कहा कि ये दोनों ही क्षेत्र आज फार्मास्यूटिकल्स का ग्लोबल हब बन चुके हैं। यहां निर्मित दवाएं ब्राजील, पेरू और चिली जैसे बड़े अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच रही हैं, जिससे प्रदेश की औद्योगिक क्षमता और गुणवत्ता को वैश्विक मान्यता मिल रही है। ब्राजील की औद्योगिक जरूरतों के लिए मध्यप्रदेश सबसे भरोसेमंद और सप्लाई चेन पार्टनर की भूमिका निभा सकता है। पेरू के साथ इंजीनियरिंग मशीनों की सप्लाई के लिए मध्यप्रदेश एक भरोसेमंद पार्टनर बन सकता है। हम क्यूबा के विश्व प्रसिद्ध बायोटेक एवं फार्मा अनुसंधान के साथ मिलकर चिकित्सा क्षेत्र में नए नवाचार करने के लिए पूरी तरह तत्पर हैं। ब्राज़ील, मेक्सिको, चिली, डोमिनिकन रिपब्लिक, अर्जेंटीना, पेरू और कोलंबिया के साथ मध्यप्रदेश का निरंतर बढ़ता व्यापार हमारे अटूट भरोसे का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फोरम के सदस्य देशों के व्यापार प्रतिनिधियों से कहा कि आप सब आजादी के अमृतकाल में मध्यप्रदेश पधारे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारा देश “विकसित भारत-2047” के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। संकल्प को साकार करने में वैश्विक व्यापार और रणनीतिक साझेदारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि कृषि और खाद्य प्रसंस्करण से लेकर उन्नत स्वास्थ्य सेवा, फार्मा, आईटी, डिजिटल टेक्नोलॉजी, हरित और स्वच्छ ऊर्जा, खनन और लॉजिस्टिक्स तक ऐसे अनेक क्षेत्र हैं, जहां हम मिलकर एक इतिहास रच सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमें क्रेता-विक्रेता, आयातक-निर्यातक से बढ़कर साझेदार की भूमिका निभानी है। हम संयुक्त उद्यमों की स्थापना करें, उन्नत प्रौद्योगिकी का हस्तांतरण करें और परस्पर कौशल विकास तथा निवेश सहयोग को एक नई गति प्रदान करें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग उत्पाद और मजबूत इंडस्ट्रियल पैकेजिंग (जंबो बैग्स/एफआईबीसी) हमारे निर्यात की प्रमुख रीढ़ हैं। मैक्सिको में चल रहे ‘ऑटो नियरशोरिंग’ के इस दौर में और ब्राज़ील की औद्योगिक आवश्यकताओं के लिए मध्यप्रदेश सबसे भरोसेमंद और प्रतिस्पर्धी सप्लाई चेन पार्टनर की भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि हमारा इंदौर आज देश के सबसे तेजी से बढ़ते आईटी और स्टार्ट-अप हब्स में से एक है। मैक्सिको के आईटी इको सिस्टम, डोमिनिकन गणराज्य के पर्यटन-टेक और इक्वाडोर के उभरते फिनटेक परिदृश्य के लिए हमारे पास कुशल और नवाचारी युवा उपलब्ध हैं, जो आपकी वैश्विक मांगों की पूर्ति करेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खेती-किसानी भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और आपकी भी अर्थव्यवस्था का प्रमुख स्तंभ है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश, भारत का फूड बास्केट बन रहा है। कृषि से संबंधित क्षेत्रों और फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में मध्यप्रदेश, देश की ताकत बन रहा है। मध्यप्रदेश, अर्जेंटीना और ग्वाटेमाला की मजबूत कृषि और खाद्य प्रसंस्करण तकनीकों के साथ समन्वय कर वैश्विक खाद्य सुरक्षा की दिशा में हम वृहद स्तर पर एक प्रयास कर सकते हैं। हमारा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग क्षेत्र लैटिन-अमेरिकी-कैरेबियन देशों की आवश्यकताओं के अनुसार कस्टमाइज्ड उत्पाद और सेवाएं देने में पूरी तरह सक्षम है। मध्यप्रदेश सौर ऊर्जा और खनिज संपदा में अग्रणी है। चिली और पेरू के खनिज भंडारों तथा वेनेजुएला के ऊर्जा संसाधनों के क्षेत्र के लिए इंजीनियरिंग मशीनों की सप्लाई के लिए मध्यप्रदेश एक आदर्श और भरोसेमंद पार्टनर बन सकता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश विद्युत सरप्लस राज्य है। हमारी 31 हज़ार मेगावाट से अधिक की उत्पादन क्षमता है, जिसमें 30 प्रतिशत हिस्सा क्लीन एनर्जी का है। देश में सर्वाधिक हीरा, मैंगनीज और चूना पत्थर जैसी खनिज संपदा और उद्योगों के लिए आरक्षित जल हमारी औद्योगिक रीढ़ को और मज़बूत बनाते हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश का स्टार्ट-अप इको सिस्टम देश में मिसाल है। हमारे 6 हजार से अधिक स्टार्ट-अप्स में से 45 प्रतिशत से अधिक का संचालन महिला उद्यमियों द्वारा किया जा रहा है। हम महिलाओं को हर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं, जिससे महिला कार्य बल को बढ़ावा मिल रहा है। ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को नई दिशा देते हुए हमने ‘जन विश्वास अधिनियम’ लागू किया है। इसमें 108 पुराने और जटिल नियमों को पूरी तरह समाप्त या पहले से सरल कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास जताया कि भारत-लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन व्यापार एवं निवेश मंच में हो रहा मंथन दोनों क्षेत्रों के आर्थिक संबंधों को एक नई दिशा देगा। इस मंच से निकलने वाले सार्थक सुझावों और अमृत संदेशों को राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता, क्षमता और दक्षता के साथ आत्मसात कर धरातल पर उतारेगी, जिससे मध्यप्रदेश वैश्विक व्यापार और निवेश के मानचित्र पर और अधिक मजबूती से उभरेगा।

भारत में उरुग्वे के राजदूत एमरिला ने कहा कि ‘इनक्रेडिबल इंडिया’ में मध्यप्रदेश ने हमें हमेशा से आकर्षित किया है। भारत सरकार ने अपनी इच्छा शक्ति के बल पर अपने लक्ष्यों को हासिल किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने विकसित भारत @2047 का संकल्प लिया है। उरुग्वे ने भारत के साथ अपने रिश्तों को मजबूत करते हुए व्यापार और निवेश गतिविधियों को बढ़ाया है। अब तेजी से गुड्स प्रोडेक्ट्स साउथ अमेरिका से भारत पहुंचाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी तो सिर्फ शुरूआत है, हमारे बीच व्यापारिक संबंधों का उत्कृष्ट परिणाम आना अभी शेष है। यह आयोजन निश्चित रूप से निवेश और व्यापार को प्रोत्साहन देगा।

प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेंद्र कुमार सिंह ने मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास और अपार निवेश संभावनाओं पर प्रेजेंटेशन दिया। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन देशों के लिए व्यापार एवं निवेश की अपार संभावनाएं हैं। मध्यप्रदेश की इंडस्ट्रियल ग्रोथ सबसे अधिक है। मध्यप्रदेश को ‘हार्ट ऑफ इनक्रेडिबल इंडिया’ भी कहा जाता है। देश के मध्य में होने के कारण यहां से हवाई, रेल और सड़क परिवहन की सुगम व्यवस्था है। मध्यप्रदेश गेहूं उत्पादन में भारत में दूसरे स्थान पर है। प्रदेश में कुल 340 नोटिफाई इंडस्ट्रियल एरिया हैं। औद्योगिक गतिविधियों के लिए राज्य में पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध है। मध्यप्रदेश सरकार ने औद्योगिक प्रोत्साहन के लिए कैबिनेट कमेटी गठित की है, जिसके अध्यक्ष स्वयं मुख्यमंत्री हैं। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए राज्य सरकार ने उद्योग केंद्रित 18 पॉलिसी लागू की हैं। उद्योग और निवेशकों के लिए राज्य में सिंगल विंडो सिस्टम की व्यवस्था भी लागू है। देश-दुनिया के निवेशकों और बड़े औद्योगिक समूहों ने मध्यप्रदेश सरकार की उद्योग अनुकूल नीतियों पर भरोसा किया है। इसके परिणामस्वरूप राज्य में हर सेक्टर में निवेश में बड़ी तेजी आयी है।

स्वागत संबोधन में ग्लोबल इंडिया बिजनेस फोरम के फाउंडर और ग्लोबल प्रेसीडेंट डॉ. जितेंद्र जोशी ने कहा कि भारत और लैटिन अमेरिका केवल समुद्री तौर पर अलग हैं, लेकिन एक साझा लक्ष्य के लिए साथ मिलकर काम कर रहे हैं। भारत-लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट फोरम-2026 का मूल उद्देश्य ग्लोबल साउथ को समृद्ध करना और इसकी सम्प्रभुता को भी मजबूत बनाना है। मध्यप्रदेश औद्योगिक निवेश के लिए सर्वाधिक गतिशील राज्य है, जहां फार्मास्युटिकल, मैन्यूफैक्चरिंग, एग्रीकल्चर, सर्विस इंडस्ट्री, ऑटोमोबाइल पार्ट्स सहित अन्य उत्पाद भी तैयार किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के दूरदर्शी विजन से ही मध्यप्रदेश में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 और रीजनल इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव सहित आज हो रहा यह आयोजन संभव हुए हैं। उन्होंने बताया कि आज भारत-लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट फोरम में 15 देशों के व्यापार प्रतिनिधि शामिल हुए हैं।

इस अवसर पर भारत में उरुग्वे के राजदूत अल्बर्टो एंटोनियो गुआने एमरिला, पेरू के राजदूत जेवियर मैनुअल पॉलिंच वेलाद्रे, पनामा रिपब्लिक के राजदूत अलोंसो कोरिया मिगुएल, अल-सल्वाडोर के राजदूत गुइलेर्मो रुबियो फुनेस, क्यूबा के राजदूत जुआन कार्लोस मार्सन एगुइलेरा, ग्वाटेमाला के राजदूत उमर लिसैंड्रो कास्टानेडा सोलारेस, गुयाना के हाई कमिश्नर (उच्चायुक्त) धरमकुमार सीराज, इक्वाडोर के राजदूत थियोडोरो माल्डोनाडो, मुंबई स्थित दूतावास में मेक्सिको के महावाणिज्य दूत एडोल्फो गार्सिया एस्ट्राडा, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, इंदौर सांसद शंकर लालवानी सहित प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्धन राघवेन्द्र कुमार सिंह, प्रबंध संचालक, म.प्र. औद्योगिक विकास निगम चंद्रमौली शुक्ला, अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में निवेशक, बिजनेस टायकून्स, उद्योगपति, फोरम के सदस्य एवं गणमान्यजन उपस्थित थे।

आम की छांव में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की चौपाल: खाट पर बैठे, ग्रामीणों की सुनी बात

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आम की छांव में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की चौपाल: खाट पर बैठे, ग्रामीणों की सुनी बात
सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आज मरवाही विकासखंड के ग्राम निमधा में एक अनूठा और आत्मीय जनसंवाद देखने को मिला। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय गांव के बीच आम के पेड़ की छांव में खाट पर बैठकर ग्रामीणों से रूबरू हुए, उनकी समस्याएं सुनीं और शासन की योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का प्रत्यक्ष फीडबैक लिया। उन्होंने ग्रामीणों से बिजली, पानी, राशन, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं के संबंध में विस्तार से चर्चा की।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 1 मई से 10 जून तक पूरे प्रदेश में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से शासन स्वयं गांवों तक पहुंचकर जनता की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने कहा कि जिन समस्याओं का तत्काल निराकरण संभव है, उनका मौके पर ही समाधान किया जा रहा है, जबकि अन्य मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।

जनचौपाल के दौरान ग्रामीणों और मरवाही विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची ने जिले में नर्सिंग कॉलेज, ग्राम निमधा में मिनी स्टेडियम तथा सर्वसमाज के लिए विशाल मंगल भवन की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की भावनाओं का सम्मान करते हुए तीनों मांगों को तत्काल स्वीकृति प्रदान करते हुए उनकी घोषणा की।

ग्रामीणों द्वारा बिजली आपूर्ति संबंधी समस्याएं उठाए जाने पर मुख्यमंत्री ने मौके पर ही अधिकारियों से जानकारी ली और स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक कदम शीघ्र उठाए जाएंगे।

जनसंवाद के दौरान राजस्व विभाग से जुड़ी शिकायत सामने आने पर मुख्यमंत्री ने संबंधित राजस्व निरीक्षकों को कड़ी चेतावनी देते हुए स्पष्ट कहा कि जनता की समस्याओं का समय पर निराकरण करें, अन्यथा कठोर कार्रवाई के लिए तैयार रहें। मुख्यमंत्री के इस स्पष्ट संदेश से सुशासन और जवाबदेही के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता एक बार फिर सामने आई।

मुख्यमंत्री ने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं और लखपति दीदियों से संवाद करते हुए उन्हें आर्थिक प्रगति की नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अब लक्ष्य केवल लखपति बनना नहीं, बल्कि करोड़पति दीदी बनना होना चाहिए। महिलाओं ने उन्हें बताया कि महतारी वंदन योजना से प्राप्त होने वाली राशि उनके परिवार, बच्चों की शिक्षा और घरेलू जरूरतों में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त के रूप में प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में राशि अंतरित की गई है, जिसका लाभ ग्राम निमधा सहित पूरे जिले की महिलाओं को मिला है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार द्वारा 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी गई है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवासीय सुविधाओं का व्यापक विस्तार हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा की कि प्रदेश में शीघ्र ही सीएम हेल्पलाइन प्रारंभ की जाएगी, जिसके माध्यम से नागरिक टोल फ्री नंबर, ईमेल और व्हाट्सएप के जरिए अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। शिकायतों के त्वरित और समयबद्ध निराकरण के लिए विशेष व्यवस्था विकसित की जा रही है।

जनचौपाल के दौरान राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों ने मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया। महिलाओं ने विष्णु भोग चावल, ब्लैक राइस, शहद, पापड़ और लड्डू जैसे स्थानीय उत्पादों की आकर्षक टोकरी मुख्यमंत्री को भेंट की। मुख्यमंत्री ने महिलाओं की उद्यमशीलता और आत्मनिर्भरता की सराहना करते हुए कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का सबसे प्रभावी माध्यम बन रहे हैं।

ग्रामीण परिवेश में आयोजित इस चौपाल में मुख्यमंत्री ने सरई के दोना-पत्तल में परोसे गए स्थानीय व्यंजनों – जामुन, कोईलार भाजी, बेल का शरबत, आम की चटनी और आमपना का स्वाद भी लिया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जिले की स्व-सहायता समूहों की महिलाओं की प्रेरणादायक सफलता कहानियों पर आधारित ‘आजीविका गाथा’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक ग्रामीण महिलाओं के संघर्ष, आत्मविश्वास, परिश्रम और सफलता का जीवंत दस्तावेज है, जो हजारों महिलाओं को आत्मनिर्भरता और उद्यमिता की दिशा में प्रेरित करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका यह दौरा केवल योजनाओं की समीक्षा नहीं, बल्कि लोगों के बीच बैठकर उनकी वास्तविक जरूरतों और अपेक्षाओं को समझने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि सुशासन का वास्तविक उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना है और राज्य सरकार इसी संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष सु समीरा पैकरा, उपाध्यक्ष राजा उपेन्द्र बहादुर सिंह, नगर पालिका परिषद गौरेला के अध्यक्ष मुकेश दुबे, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल, आईजी रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन, जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।