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डॉ. हेडगेवार ने दिया था समानता का विचार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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डॉ. हेडगेवार ने दिया था समानता का विचार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राष्ट्रवादी विचारधारा के संगठन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने देशभक्ति के साथ समानता का दर्शन दिया था। वे भारत माता को मिलने जा रही स्वतंत्रता को कायम रखने के महत्व को पहले ही जान चुके थे, इस नाते उन्होंने राष्ट्र हित में अपनी भूमिका का निर्वाह किया। वे दूरदर्शी सोच के साथ रचनात्मक प्रकल्प संचालित करते थे। डॉ. हेडगेवार के समता के भाव को आज राष्ट्र भी अंगीकार कर रहा है। समान नागरिक संहिता लागू करने की पहल भी इस भाव को दृष्टिगत रखते हुए की गई है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रवींद्र भवन में संस्कार भारती द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष होने के अवसर पर हुए महानाट्य “युग प्रवर्तक डॉ. हेडगेवार” के मंचन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ईश्वर विशेष कार्य के लिए कोई निमित्त ढूंढता है। स्वामी विवेकानंद की ये भविष्यवाणी कि आने वाली सदी भारत की होगी,आज चरितार्थ हो रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, डॉ. हेडगेवार जी की कल्पना के भारत के निर्माण में संलग्न हैं। राष्ट्र अपने गर्व और गौरव को प्राप्त कर रहा है।भारत की पहचान एक विधान है।हमारा मूल दर्शन समानता का है। डॉ. हेडगेवार ने स्वतंत्रता के पहले चुनौती भरे दौर में राष्ट्र प्रेम और राष्ट्र सर्वोपरि के भाव का प्रकटीकरण ही नहीं किया,लाखों लाख नागरिकों को राष्ट्र सेवा की प्रेरणा भी दी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संस्कार भारती को डॉ. हेडगेवार के योगदान को नाटक के माध्यम से मंचित किये जाने के लिए बधाई दी। प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को मध्यप्रदेश विधानसभा में समान नागरिक संहिता विधेयक पारित होने का उल्लेख करते हुए बधाई और शुभकामनाएं दी गईं।

कार्यक्रम को राष्ट्रीय सेवक संघ के पदाधिकारी हेमंत मुक्तिबोध ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि डॉ. हेडगेवार ने राष्ट्र को वैभव की ओर ले जाने के भरसक प्रयास किए। यह नाटक उनके जीवन के समर्पण,राष्ट्र निष्ठा और कर्म आधारित जीवन के स्वरूप को सामने लाने का माध्यम है। इस अवसर पर मंच पर वरिष्ठ पदाधिकारी अशोक पांडे, , फिल्म अभिनेता और रंगमंच निर्देशक राजीव वर्मा उपस्थित थे। कार्यक्रम में शशि भाई सेठ, पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग, संस्कृति संचालक एन.पी. नामदेव और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। प्रारंभ में अतिथियों का स्वागत किया गया। आभार प्रदर्शन रविंद्र सहस्त्रबुद्धे ने किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नाटक के कलाकारों को उत्कृष्ट अभिनय के लिए बधाई दी। नागपुर की नादब्रम्ह संस्था द्वारा तैयार इस नाटक का निर्देशन सुबोध सुरजीकर ने किया। नाटक के लेखक डॉ. अजय प्रधान हैं। संस्कृति विभाग मध्यप्रदेश शासन के सहयोग से हुए नाटक में दक्ष कलाकारों ने प्रभावी अभिनय कर नाट्य प्रस्तुति को सफल बनाया। देश के अनेक नगरों में नाटक का मंचन हुआ है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीसी से सहभागिता कर किसानों को दीं शुभकामनाएं

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीसी से सहभागिता कर किसानों को दीं शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बड़वानी के नाम में ही प्रकृति विराजी है। क्योंकि इस जिले का नामकरण ही ‘बड़ के वन’ यानी बरगद के विशाल वृक्षों से हुई है। उन्होंने कहा कि जैसे बरगद का वृक्ष विशाल छाया, निरंतर मिलने वाली हरियाली का प्रतीक है, वैसे ही बड़वानी जिला यहां के लोगों की मेहनत और नवाचारों के बल पर पूरे देश में कृषि, उद्यमिता, नवाचार का नवीन उदाहरण बन रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मप्र विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कक्ष से बड़वानी जिले में हुए बलराम कृषि महोत्सव में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़कर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने किसानों से कहा कि बलराम कृषि महोत्सव सबके लिए एक स्वर्णिम अवसर है। उन्होंने किसानों विशेषकर युवा किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे बढ़-चढ़ कर इस कृषि महोत्सव में सहभागिता करें। खेती में तकनीक और नवाचार को शामिल करें। एग्री-स्टार्टअप प्रारंभ करें, आधुनिक कृषि तकनीक सीखें। सरकार की योजनाओं का लाभ और कृषि विशेषज्ञों की समुचित सलाह लें, सरकार आपके हर कदम पर साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की सहभागिता से ही बलराम कृषि महोत्सव सफल होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे मिर्च उत्पादक किसान अब पारंपरिक तरीकों को छोड़कर वैज्ञानिक खेती, आधुनिक ग्रेडिंग और उन्नत पैकेजिंग को अपना रहे हैं। इससे बड़वानी की मिर्च की मांग राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बड़वानी की लाल मिर्च को ‘जीआई टैग’ दिलाने के लिए प्रयास कर रही है। एक बार यह टैग मिल गया, तो दुनिया के बाजारों में बड़वानी की मिर्च का पेटेंट हो जाएगा और ग्लोबल ब्रांड के रूप में नई पहचान मिलेगी। इस अवसर पर बड़वानी जिले के पानसेमल विधायक श्याम बरडे भी उपस्थित थे।

पूरी निष्ठा और सेवा भाव से करें जनसेवा, विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में निभाएं महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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पूरी निष्ठा और सेवा भाव से करें जनसेवा, विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में निभाएं महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ से अखिल भारतीय सेवाओं में चयनित अभ्यर्थियों ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनसे जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता बनाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अखिल भारतीय सेवाओं में चयनित होना केवल अभ्यर्थियों और उनके परिवार की नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का अवसर है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवा समाज और राष्ट्र के निर्माण का सबसे प्रभावी माध्यम है तथा इसमें कार्य करने वाले अधिकारियों को संवेदनशीलता, ईमानदारी और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने चयनित अभ्यर्थियों से कहा कि उन्हें लोगों की सेवा का जो अवसर मिला है, वह ईश्वर का आशीर्वाद और समाज का विश्वास है। इस अवसर का उपयोग आमजन के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने तथा प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने में युवा प्रशासनिक अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी चयनित अभ्यर्थी अपनी प्रतिभा, कार्यकुशलता और सेवा भावना से छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

इस अवसर पर चयनित अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री से अपने अनुभव साझा किए तथा उनके मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया।

सौजन्य मुलाकात के दौरान अखिल भारतीय सेवाओं में चयनित अभ्यर्थियों में सुष्मिता सिंह, वैभवी अग्रवाल, दर्शना सिंह बघेल, रौनक अग्रवाल, अजय गुप्ता, अंकित सकनी, डायमंड ध्रुव एवं संजय डहरिया सहित उनके परिजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अंतरराष्ट्रीय लोक कलाकार विक्रम यादव के उपचार के दिए निर्देश

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अंतरराष्ट्रीय लोक कलाकार विक्रम यादव के उपचार के दिए निर्देश
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश के बाद पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त लोक कलाकार एवं बांस वादक विक्रम यादव के परिजनों से दूरभाष पर चर्चा कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उनके समुचित उपचार तथा आवश्यक सहायता के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि उपचार में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।

संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने राजनांदगांव के कलेक्टर तथा मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव के वरिष्ठ चिकित्सकों से भी चर्चा की। उन्होंने चिकित्सकों को विक्रम यादव के उपचार पर विशेष ध्यान देने, आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि यदि उपचार के लिए अतिरिक्त चिकित्सा सुविधा अथवा अन्य व्यवस्थाओं की आवश्यकता होगी तो राज्य शासन द्वारा हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि विक्रम यादव केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे देश की सांस्कृतिक धरोहर हैं। उन्होंने अपनी बांसुरी और लोक कला के माध्यम से भारत की समृद्ध लोक परंपरा को अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाया है। ऐसे कलाकार प्रदेश का गौरव हैं और उनके सम्मान, स्वास्थ्य तथा सुरक्षा की जिम्मेदारी शासन और समाज दोनों की है। मुख्यमंत्री ने उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए परिवार को आश्वस्त किया कि इस कठिन समय में राज्य सरकार हरसंभव सहयोग के साथ उनके साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उनकी सरकार लोक कलाकारों के सम्मान, संरक्षण और कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। कलाकारों ने अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय छत्तीसगढ़ की संस्कृति, लोक परंपराओं और विरासत को जीवंत बनाए रखने में समर्पित किया है। आवश्यकता की घड़ी में उनके साथ खड़ा होना सरकार का नैतिक दायित्व है।

उल्लेखनीय है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट बांस वादन शैली से पहचान बनाने वाले विक्रम यादव लंबे समय से अस्वस्थ हैं और वर्तमान में उनका उपचार राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर राज्य सरकार ने उनके स्वास्थ्य की स्थिति का तत्काल संज्ञान लेते हुए बेहतर उपचार और आवश्यक सहयोग सुनिश्चित करने की पहल की है।

संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के इस गौरवशाली लोक कलाकार के स्वास्थ्य और सम्मान से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा उनके उपचार के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।

राज्यपाल डेका से महिला आयोग की अध्यक्ष ने भेंट की

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राज्यपाल डेका से महिला आयोग की अध्यक्ष ने भेंट की
राज्यपाल रमेन डेका से आज यहां लोकभवन में राज्य महिला आयोग की नव नियुक्त अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने सौजन्य भेंट की।

सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से मिली छुट्टी, गुरुग्राम के वेदांता में किए गए शिफ्ट

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सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से मिली छुट्टी, गुरुग्राम के वेदांता में किए गए शिफ्ट
नीट पेपर लीक के विरोध में आमरण अनशन कर रहे एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को मंगलवार (21 जुलाई, 2026) को दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और इसके बाद उन्हें गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है. यह घटनाक्रम दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद सामने आया है.

दरअसल, दिल्ली हाईकोर्ट के मंगलवार (21 जुलाई, 2026) के आदेश के तहत सोनम वांगचुक को आगे के इलाज के लिए सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल के डॉक्टरों की टीम को सौंपा गया है. वहीं, उनके इलाज में किसी तरह की रुकावट न आए, इसके लिए वांगचुक के सभी मेडिकल रिकॉर्ड, जांच रिपोर्ट और उपचार संबंधी दस्तावेज भी मेदांता की मेडिकल टीम को सौंप दिया गया है.

शाम करीब साढ़े छह बजे वांगचुक को किया गया डिस्चार्ज
दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद मंगलवार (21 जुलाई) को शाम 6:40 बजे एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को VMMC और सफदरजंग अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया. डिस्चार्ज के समय उनके वाइटल पैरामीटर स्थिर पाए गए. हालांकि, पैनसाइटोपेनिया (Pancytopenia) की स्थिति अभी भी बनी हुई है. वहीं, सीरम पोटैशियम स्तर 3.4 mEq/L दर्ज किया गया.

गीतांजलि आंग्मो की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने दिया आदेश
जंतर-मंतर पर आमरण अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक को तीन दिन पहले शनिवार (18 जुलाई, 2026) को दिल्ली पुलिस ने तबीयत बिगड़ने का हवाला देते हुए तत्काल राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल में डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में भर्ती कराया गया. वहीं, उनकी पत्नी डॉ. गीतांजलि आंग्मो ने अस्पताल प्रशासन पर आरोप लगाते हुए दिल्ली हाई कोर्ट से वांगचुक को दूसरे अस्पताल में भर्ती कराने की अनुमति के लिए याचिका दाखिल की.

दिल्ली हाई कोर्ट की एकल बेंच ने रविवार (19 जुलाई, 2026) को गीतांजलि आंग्मो की याचिका के विपरीत आदेश दिया. जिसके बाद, उन्होंने आदेश को चुनौती देते हुए फिर से याचिका दाखिल की. इस बार उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश यानी दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली दो जजों की बेंच ने सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से डिस्चार्ज कर मेदांता अस्पताल में भर्ती कराने के आदेश दिया.

अभिषेक शर्मा के निशाने पर सिकंदर रजा का सबसे ज्‍यादा रन का रिकॉर्ड

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अभिषेक शर्मा के निशाने पर सिकंदर रजा का सबसे ज्‍यादा रन का रिकॉर्ड
आयरलैंड और इंग्‍लैंड के दौरे के बाद अब भारतीय टीम जिम्‍बाब्‍वे के दौरे पर है। जहां हरारे में भारत 23 जुलाई से तीन मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज खेलेगा। इस सीरीज में सबकी नजर 15 साल के वैभव सूर्यवंशी और उनके ओपिनंग पार्टनर अभिषेक शर्मा पर टिकी होंगी। अभिषेक के पास पहले ही टी20 में एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम करने का मौका होगा। वह सिर्फ 16 रन बनाते ही इन दोनों टीमों के बीच खेले गए मुकाबलों में सबसे ज्‍यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बन जाएंगे।

अभिषेक शर्मा ने जिम्‍बाब्‍वे के खिलाफ 177.22 के स्‍ट्राइक रेट से बनाए 179 रन
जिम्‍बाब्‍वे के खिलाफ भले ही टी20 इंटरनेशनल भारत का पलड़ा भारी हो, लेकिन अब भी सबसे ज्‍यादा रन का रिकॉर्ड सिकंदर रजा के नाम दर्ज है। रजा ने भारत के खिलाफ 11 मैचों की 11 पारियों में 17.63 के औसत और 115.47 के स्‍ट्राइक रेट से कुल 194 रन बनाए हैं। जबकि इस मामले में अभिषेक शर्मा दूसरे स्‍थान पर हैं। उन्‍होंने जिम्‍बाब्‍वे के खिलाफ 6 मैचों सिर्फ पांच पारियों में 35.80 के औसत और 177.22 के जबरदस्‍त स्‍ट्राइक रेट से 179 रन बनाए हैं। हरारे में खेले जाने पहले टी20 में वह 16 रन बनाते ही सिकंदर रजा को पीछे छोड़ देंगे।

जीत के सूखे से जूझ रहे श्रेयस अय्यर
आयरलैंड के दौरे से पहले श्रेयस अय्यर को भारतीय टी20 टीम की कप्तानी सौंपी गई थी। लेकिन, उनकी अगुवाई में भारतीय टीम ने अब तक 8 टी20 मैच खेले हैं, लेकिन भारतीय टीम एक भी मैच नहीं जीत सकी। ऐसे में जिम्बाब्वे दौरा श्रेयस के लिए बेहद अहम है। उन्‍हें हरारे में अपनी पहली सीरीज जीत की तलाश होगी।

‘द ओडिसी’ का बॉक्स ऑफिस पर तूफान, 6 फिल्मों को पछाड़ बनाया रिकॉर्ड

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‘द ओडिसी’ का बॉक्स ऑफिस पर तूफान, 6 फिल्मों को पछाड़ बनाया रिकॉर्ड
क्रिस्टोफर नोलन की फिल्म ‘द ओडिसी’ 17 जुलाई को रिलीज हुई. फिल्म को बहुत शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है. फिल्म मंडे टेस्ट में भी पास हो गई है. ‘द ओडिसी ने ‘जोकर’ को पछाड़ दिया है.

‘द ओडिसी’ का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन
कोईमोई की रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म ने इंडिया में चौथे दिन 7.78 करोड़ की कमाई की. फिल्म ने 4 दिनों में 64.58 करोड़ का कलेक्शन किया. फिल्म ने ग्रॉस 76.20 करोड़ का बिजनेस किया. पहले दिन फिल्म ने 16.07 करोड़ कमाए. दूसरे दिन फिल्म ने 20.82 करोड़ का कलेक्शन किया. तीसरे दिन फिल्म ने 19.77 करोड़ की कमाई की. चौथे दिन फिल्म ने 7.78 करोड़ का बिजनेस किया.

इन 6 हॉलीवुड फिल्मों को पछाड़ा
इसी के साथ फिल्म ने 6 हॉलीवुड फिल्मों को पछाड़ दिया है. फिल्म ‘जोकर’ ने 64 करोड़ का कलेक्शन किया था. वहीं फिल्म ‘द कंज्यूरिंग 2’ ने 62 करोड़, ‘थॉर: राग्नारोक’ ने 60 करोड़, ‘कैप्टन अमेरिका: सिविल वॉर’ ने 59 करोड़, ‘स्पाइडर मैन: होमकमिंग’ ने 58 करोड़ और ‘जुमानजी’ ने 58 करोड़ का कलेक्शन किया.

द ओडिसी का ग्लोबल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन
वहीं फिल्म ने नॉर्थ अमेरिकन बॉक्स ऑफिस पर तीन दिन के वीकेंड में 124.5 मिलियन डॉलर की जबरदस्त कमाई की. शुक्रवार को फिल्म ने 51.1 मिलियन डॉलर कमाए. शनिवार को फिल्म ने 41.7 मिलियन डॉलर का बिजनेस किया. रविवार को फिल्म ने 31.7 मिलियन डॉलर कमाए. इंटरनेशनल बॉक्स ऑफिस पर फिल्म ने 139.6 मिलियन डॉलर की कमाई की. फिल्म ने ‘द डार्क नाइट राइजेज’ को पीछे छोड़ दिया है. फिल्म ने 131 मिलियन डॉलर का कलेक्शन किया था. फिल्म का दुनियाभर में ओपनिंग वीकेंड का कलेक्शन 264.1 मिलियन डॉलर (2,271 करोड़ रुपये) तक पहुंच गया.

राहुल-प्रियंका गांधी को दिल्ली पुलिस ने किया रिहा

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राहुल-प्रियंका गांधी को दिल्ली पुलिस ने किया रिहा
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन से रवाना हुईं. उन्हें दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था और कुछ देर पहले यहां लाया गया था.प्रधानमंत्री आवास के पास कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई कांग्रेस नेताओं को हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए जाने के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा किया। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।

धरना स्थल से राहुल गांधी को पुलिस ने हटाकर हिरासत में लिया। इस दौरान उनकी पुलिस अधिकारियों से बहस भी देखने को मिली। कुछ देर बाद प्रियंका गांधी को भी पुलिस ने प्रदर्शन स्थल से हटाकर अपने साथ ले गई। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भी पुलिस ने हिरासत में लेकर वहां से हटाया।

राहुल गांधी बोले- छात्रों की लड़ाई नहीं रुकेगी
हिरासत में लिए जाने के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार चाहे जितनी ताकत लगा ले, छात्रों के न्याय की लड़ाई नहीं रुकेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने, पेपर लीक की घटनाओं और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर जवाब देने से बच रही है। राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर लाठीचार्ज किया गया, संसद के गेट बंद किए गए और विपक्ष की मांगों पर चर्चा नहीं होने दी गई। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग पर भी सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की।

ईपीएफओ 3.0 के तहत करोड़ों कर्मचारियों को पेंशन का लाभ मिलेगा

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ईपीएफओ 3.0 के तहत करोड़ों कर्मचारियों को पेंशन का लाभ मिलेगा
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) देश के करोड़ों कर्मचारियों के लिए ‘ईपीएफओ 3.0’ के तहत पेंशन व्यवस्था में एक ऐतिहासिक बदलाव करने जा रहा है।

इस नई व्यवस्था के लागू होने से असंगठित क्षेत्र में कार्यरत गिग वर्कर (Gig Workers) से लेकर निर्माण क्षेत्र के करोड़ों श्रमिकों को पहली बार सामाजिक सुरक्षा और पेंशन का लाभ मिल सकेगा।

वर्तमान में 15 हजार रुपये बेसिक-डीए पर सीलिंग (सीमित दायरा) होने के कारण बड़ी संख्या में कर्मचारी इस लाभ से वंचित हैं। उम्मीद है कि अगले एक से दो महीनों में यह नई व्यवस्था पूरे देश में प्रभावी रूप से लागू हो जाएगी।

6.5 करोड़ नए सदस्य जुड़ेंगे, मिलेंगे निवेश के लचीले विकल्प
प्रस्तावित सुधारों का मुख्य उद्देश्य संगठित क्षेत्र के साथ-साथ असंगठित, गिग और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर कार्यरत कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाना है।

वर्तमान में देश के लगभग 8 करोड़ कर्मचारी ईपीएफओ के दायरे में आते हैं। सीलिंग की सीमा बढ़ने से सदस्यों की संख्या में 6.5 करोड़ तक का भारी इजाफा होने का अनुमान है।

नई व्यवस्था के तहत कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति बचत (Retirement Savings) को सरकार समर्थित सुरक्षित वित्तीय साधनों में निवेश किया जाएगा, ताकि लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न मिल सके।

इसके अलावा, यह प्रणाली बेहद लचीली होगी, जहां कर्मचारी अपनी आयु, वित्तीय आवश्यकता और रिटायरमेंट प्लानिंग के अनुसार निवेश के विकल्प खुद चुन सकेंगे। सेवानिवृत्ति के समय उन्हें मासिक पेंशन या एकमुश्त (Lump-sum) राशि निकासी का विकल्प भी मिलेगा।

डिजिटल डैशबोर्ड और एक UAN की सुविधा
ईपीएफओ 3.0 के अंतर्गत तकनीक को बढ़ावा देते हुए एक डिजिटल डैशबोर्ड की सुविधा प्रस्तावित की गई है। इसके माध्यम से सदस्य अपने अंशदान, निवेश की वृद्धि, अनुमानित पेंशन और रिटायरमेंट फंड की जानकारी वास्तविक समय (Real-time) में देख सकेंगे।

इस योजना की अन्य प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
पोर्टेबिलिटी की सुविधा: यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) को विभिन्न नियोक्ताओं और रोजगार प्लेटफॉर्म से सीधे जोड़ा जाएगा। इससे नौकरी बदलने पर खाते को बार-बार स्थानांतरित (Transfer) कराने का झंझट खत्म हो जाएगा।
एकीकृत अंशदान: नए सिस्टम में कर्मचारी, नियोक्ता, सरकार और अन्य पात्र श्रमिकों के अनुमोदित अंशदान को एक ही खाते में एकीकृत करने का प्रावधान है।
पारिवारिक सुरक्षा: नई व्यवस्था में परिवार और आश्रितों के लिए उत्तरजीवी लाभ (Survivor Benefits) तथा दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा को पहले से कहीं अधिक मजबूत बनाने का प्रस्ताव है।