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देश की प्रगति और राष्ट्रीय एकता में क्षत्रिय कुर्मी समाज का योगदान अविस्मरणीय : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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देश की प्रगति और राष्ट्रीय एकता में क्षत्रिय कुर्मी समाज का योगदान अविस्मरणीय : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कुर्मी समाज का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। छत्रपति शिवाजी महाराज और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जैसी महान विभूतियों ने देश की एकता, सुरक्षा और राष्ट्र निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि कुर्मी समाज मेहनतकश, प्रगतिशील और जागरूक समाज है, जिसने खेती-किसानी से लेकर शिक्षा, प्रशासन और सामाजिक नेतृत्व तक हर क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पुनर्जागरण के नए दौर से गुजर रहा है। अयोध्या में भगवान राम मंदिर निर्माण करोड़ों देशवासियों की आस्था का प्रतीक बना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार रामलला दर्शन योजना के माध्यम से श्रद्धालुओं को अयोध्या दर्शन करा रही है तथा अब तक लगभग 42 हजार श्रद्धालु इसका लाभ ले चुके हैं। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को भी पुनः प्रारंभ किया गया है, जिसके अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों को देश के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में “मोदी की गारंटी” को धरातल पर उतारने का कार्य किया है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत अब तक 27 किश्तों का भुगतान किया जा चुका है, जिससे प्रदेश की लाखों मातृशक्ति के खातों में 27-27 हजार रुपये की राशि पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 10 हजार 500 करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है, जिससे कृषि क्षेत्र को नई मजबूती मिलेगी। रेलवे अधोसंरचना के विस्तार और आधुनिकीकरण पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने के लिए विजन डॉक्यूमेंट तैयार कर योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। प्रदेश की पांच प्रमुख शक्ति पीठों को विकसित कर धार्मिक और सांस्कृतिक कॉरिडोर के माध्यम से जोड़ने की दिशा में भी सरकार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जो समाज शिक्षित और संगठित होता है, वही निरंतर विकास के नए आयाम स्थापित करता है।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकता और संगठन में निहित होती है। उन्होंने कहा कि जिस समाज के प्रेरणास्रोत छत्रपति शिवाजी महाराज और सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे महानायक हों, वह समाज स्वाभाविक रूप से गौरवशाली और प्रगतिशील बनता है। उन्होंने समाज से शिक्षा, संगठन और सामाजिक समरसता को और मजबूत करने का आह्वान किया।

राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि कुर्मी समाज की सबसे बड़ी ताकत उसकी एकजुटता, संगठन और पारस्परिक विश्वास है। उन्होंने कहा कि जहां विश्वास, संस्कार और चरित्र का समावेश होता है, वहां समाज निरंतर प्रगति करता है और नई पीढ़ियों को दिशा देता है।

तखतपुर विधायक धरमजीत सिंह ने कहा कि कुर्मी समाज छत्तीसगढ़ का एक प्रमुख, जागरूक और प्रगतिशील समाज है, जिसकी मजबूत उपस्थिति प्रदेश के लगभग प्रत्येक गांव में दिखाई देती है। पंडरिया विधायक मती भावना बोहरा ने कहा कि कुर्मी समाज मेहनत, कर्मठता और प्रगतिशील सोच के लिए जाना जाता है तथा समाज के लोग हर क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं।

अखिल भारतीय क्षत्रिय कुर्मी समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष सर्वेश कटियार ने कहा कि कुर्मी समाज की संगठनात्मक परंपरा 132 वर्षों से अधिक पुरानी है। समाज ने अपनी मेहनत, सामाजिक मूल्यों और एकता के बल पर देशभर में विशिष्ट पहचान स्थापित की है। उन्होंने कहा कि जहां-जहां कुर्मी समाज की सक्रिय भागीदारी रही है, वहां विकास और सामाजिक प्रगति को नई दिशा मिली है। इस अवसर पर गणमान्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं समाज के लोग उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री चौहान भैरूंदा में राज्य स्तरीय कार्यक्रम में हुए शामिल

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री चौहान भैरूंदा में राज्य स्तरीय कार्यक्रम में हुए शामिल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विकास की प्रबल इच्छा-शक्ति हो, तो एक योजना ही पूरे देश के ग्रामीण इलाकों की तकदीर बदल सकती है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ने यह संभव कर दिखाया है। इस योजना से बनीं सड़कें गांवों की जीवन धारा बन चुकी हैं। ग्रामीण भारत की तकदीर और तस्वीर बदलने में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का योगदान अतुलनीय है। देश-प्रदेश के छोटे-बड़े कस्बों, गांव-देहात, टोले-मजरों की अंतिम सीमा तक पक्की सड़कों की पहुंच हो गई है। अब ग्रामीण क्षेत्रों तक आवागमन बेहद आसान हो गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्राम विकास कार्यक्रमों और लोक कल्याणकारी योजनाओं को धरातल में उतारकर समावेशी विकास की लक्ष्य पूर्ति में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से नई रफ्तार मिली है। ग्राम्य भारत का पूरा परिदृश्य ही बदल देने वाली प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के 25 साल पूरे होने पर आज मध्यप्रदेश इस ऐतिहासिक अवसर का साक्षी बन रहा है। इस योजना का रजत जयंती समारोह वास्तव में ग्रामीण विकास के एक नए युग का उद्घोष है। पीएमजीएसवाय-फोर और पीएम जन-मन का राष्ट्रव्यापी शुभारंभ देश के गांवों को मजबूत, टिकाऊ और सर्वकालिक सड़क सम्पर्क से जोड़ने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को सीहोर जिले के भैरुंदा में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना फेज-4 एवं प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाभियान (पीएम जन-मन) के कार्यों के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव, केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं संचार राज्यमंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी, केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री कमलेश पासवान सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर राज्य स्तरीय समारोह का विधिवत् शुभारंभ किया। कार्यक्रम में पीएमजीएसवाय की 25 वर्षों की यात्रा पर केंद्रित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा मध्यप्रदेश ग्रामीण कनेक्टिविटी के मामले में देश में पहले स्थान पर है। प्रदेश में बीते कुछ सालों में 90 हजार 150 किमी सड़कों का निर्माण कर 17 हजार 540 से अधिक बसाहटों को मुख्य मार्गों से जोड़ा गया है। पिछले 25 सालों में सड़कों से मंडियों तक किसानों की पहुंच आसान हुई है। बच्चों की शिक्षा नियमित हुई और स्वास्थ्य सेवाओं में भी व्यापक सुधार हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समारोह के जरिए मध्यप्रदेश को 5 हजार करोड़ रुपये से अधिक की सौगातें मिली हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास की बात पर हम सभी साथ हैं। गरीब का कल्याण हमारा लक्ष्य है। इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए हम केन्द्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर काम करेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गांव-देहात की सड़क एक रास्ता भर नहीं होती, यह विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सम्मानजनक जीवन की आधार रेखा होती है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ने देश के गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया है। पीएमजीएसवाय-फोर ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने में मील का पत्थर सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में ग्रामीण अधोसंरचना को लगातार मजबूत किया जा रहा है। मध्यप्रदेश हमेशा ही इस राष्ट्रीय अभियान में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। सुदूरवर्ती गांवों तक सड़क बनने से किसानों को बाजार तक पहुंचने, विद्यार्थियों को शिक्षा, मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं और युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिले हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बुधनी क्षेत्र से आज प्रदेश को विकास की बड़ी सौगातें मिली हैं। उन्होंने कहा कि स्व. अटल जी ने 25 साल पहले ग्रामीण सड़कों के निर्माण की शुरुआत की थी, जिसे भारत सरकार के सहयोग से राज्य सरकार आगे बढ़ा रही है। आज प्रदेशवासियों को प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़कें, प्रधानमंत्री आवास और अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए राशि मिली है। सड़कों के निर्माण और रखरखाव के लिए मध्यप्रदेश को अलग-अलग कैटेगरी में तीन पुरस्कार मिले हैं। ग्रामीण सड़कों के निर्माण के मामले में मध्यप्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। उन्होंने कहा कि विदिशा लोकसभा संसदीय क्षेत्र के विकास में कोई कसर नहीं रहने दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों द्वारा मांगे गए सभी विकास कार्यों एवं मांगों पर सहमति देते हुए इनकी पूर्ण मंजूरी की घोषणा की।

केन्द्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री चौहान ने पीएमजीएसवाय-फोर एवं पीएम-जन-मन योजनाओं के स्वीकृति आदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सौंपे। केन्द्रीय मंत्री चौहान ने मध्यप्रदेश को वर्तमान वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से संबंधित निधि का 830 करोड़ रुपये सांकेतिक आवंटन मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सौंपा। कार्यक्रम के दौरान देश के अन्य राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों को डिजिटल माध्यम से वर्ष 2026-27 के लिए पीएमजीएसवाय से संबंधित निधि 18 हजार 907 करोड़ रुपये का सांकेतिक वित्तीय आवंटन जारी किया गया। इसमें से 830 करोड़ रुपये मध्यप्रदेश में होने वाले विकास कार्यों के लिए आरक्षित हैं। कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण के अंतर्गत मध्यप्रदेश को 2 हजार 55 करोड़ रुपये की मदर सैंक्शन जारी कर इसका स्वीकृति पत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सौंपा। केन्द्र सरकार का यह बजट आवंटन ग्रामीण क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास और आवासीय सुविधाओं को नई गति देगा। केन्द्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री चौहान ने भारत सरकार द्वारा मूंग एवं सरसों की फसल समर्थन मूल्य में खरीदे जाने का स्वीकृति पत्र भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव सौंपा।

रजत जयंती समारोह के दौरान ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया। इसके लिए लम्बाई, बसाहटों को जोड़ना, तकनीक के उत्कृष्ट प्रदर्शन, रखरखाव एवं गारंटी पीरियड के बाद भी बेहतर रख-रखाव के मानक की कुल पांच श्रेणियां बनाई गई हैं। इन श्रेणियों में से सर्वाधिक लम्बाई वाली पीएमजीएसवाय सड़क निर्माण में मध्यप्रदेश को पहला स्थान मिला है। मध्यप्रदेश में कुल 90 हजार 150 किमी सड़कों का निर्माण किया गया है। पीएमजीएसवाय सड़कों से ग्रामीण बसाहटों को जोडने की श्रेणी में बिहार राज्य को पहला स्थान प्राप्त हुआ। दूसरा स्थान मध्यप्रदेश को मिला। मध्यप्रदेश में कुल 17 हजार 793 ग्रामीण बसाहटों को पक्की बारहमासी सड़कों से जोड़ा गया है। गारंटी पीरियड के बाद भी सड़कों को बेहतर रख-रखाव के मामले में मध्यप्रदेश को पहला स्थान मिला है।

बताया गया कि केन्द्र सरकार द्वारा देश के ग्रामीण सम्पर्क, अधोसंरचना और समावेशी विकास से जुड़ी भावी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इनसे मध्यप्रदेश को विशेष लाभ मिलेगा। इस अवसर पर पीएमजीएसवाय-फोर के अंतर्गत मध्यप्रदेश को 1 हजार 763 करोड़ रुपये की लागत से 2 हज़ार 117 किमी लंबाई वाली 973 नई सड़कों की बड़ी सौगात मिली। इन सड़कों से 987 ग्रामीण बसाहटों को जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही पीएम जन-मन के तहत 261 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 384 किमी लंबाई वाली सड़क परियोजनाओं की भी इस मौके पर मंजूरी मिली। इन सड़कों के बनने से 168 जनजातीय बहुल बसाहटों को सीधा लाभ मिलेगा। केंद्र सरकार की यह पहल प्रदेश के जनजातीय, दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में विकास की नई रौशनी लेकर आएगी।

केन्द्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव संकल्प के धनी हैं। प्रदेश के विकास में वे कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। उनके नेतृत्व में प्रदेश में विकास का महायज्ञ चल रहा है। प्रदेश में 973 सड़कों को मंजूरी दी गई है। प्रदेश का कोई गांव पक्की सड़कों ने वंचित नहीं रहेगा। पीएम जनमन के अंतर्गत भी पीएम जनमन योजना के अंतर्गत 261 करोड़ लागत की नई सड़कों की सौगात मिली है। प्रदेश का कोई गरीब बिना छत के नहीं रहेगा। इसके लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 2055 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता का स्वीकृति पत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सौंपा है। मध्यप्रदेश प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़कों के निर्माण में नंबर 1 है। इसके लिए राज्य सरकार और अधिकारी बधाई के पात्र हैं। आज देश के विभिन्न राज्यों को सड़क निर्माण कार्य पूर्ण करने के लिए 18 हजार 907 करोड़ रुपए की राशि का आवंटन किया। इसमें से 830 करोड़ रुपए मध्यप्रदेश को मिले हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व गांवों तक पक्की सड़कें बन रही हैं। पहले मध्यप्रदेश में सड़क और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी थी। अब मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश के किसानों को दिन में भी बिजली मिल रही है। स्व. अटल जी की प्रेरणा से ग्रामीण सड़कों का निर्माण जारी है। प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए नए सिरे से सर्वे कराया गया है सबको पक्का मकान मिलेगा। केंद्र सरकार ने 3 करोड़ लखपति दीदी तैयार करने का लक्ष्य हासिल कर लिया है। अब प्रधानमंत्री जी ने इस लक्ष्य को बढ़ाकर 6 करोड़ करने की बात कही है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विकसित और शक्तिशाली भारत का निर्माण हो रहा है।

केन्द्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री कमलेश पासवान ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के माध्यम से गांव और शहर की दूरी कम हुई है। आज किसान अपना अनाज शहर की मंडियों में बेच रहा है। गर्भवती महिलाएं समय पर अस्पताल और बच्चे पढ़ाई के लिए स्कूल जा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय फील्ड में जाकर बेहतर कार्य कर रहा है। प्रधानमंत्री ने देश में तीन करोड़ दीदियों को लखपति बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि बीते एक साल में ही 2 करोड़ लखपति दीदियां बन चुकी हैं। गांवों में बसने वाली देश की आधी आबादी को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की 25वीं वर्षगांठ पर सभी को बधाई दीं।

केन्द्रीय ग्रामीण विकास एवं संचार राज्यमंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्पासानी ने कहा कि भूतपूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस पर 25 दिसंबर 2000 को भारत के गांवों को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का उपहार मिला। अटल जी का अटूट विश्वास था ग्रामीण सड़कें देश के विकास का मजबूत आधार हैं। उनका लक्ष्य साफ था कि देश के हर गांव तक पक्की सड़क पहुंचाना है। इस योजना के अंतर्गत अब तक 8 लाख 25 हजार किलोमीटर से अधिक ग्रामीण सड़कों को मंजूरी मिली और इनका 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। देशभर में 1 लाख 7 हजार से अधिक ग्रामीण बस्तियों को मुख्य सड़क से जोड़ा जा चुका है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश केन्द्र सरकार की योजनाओं को अक्षरश: लागू करने के साथ इनका लक्ष्य भी हासिल करता है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना-4 में हम देश में 2500 किलोमीटर की नई सड़कें बनाएंगे और बस्तियों से सम्पर्क सुधारेंगे। हमारी सरकार ग्रामीण क्षेत्रों का कायाकल्प कर रही है। जल जीवन मिशन से हर घर को पानी दिया जा रहा है। विकसित भारत 2047 की यात्रा में गांव और किसान का विकास भी जरूरी है। प्रधानमंत्री मोदी ने स्व. अटल जी के 25 साल पहले लिए संकल्पों को आगे बढ़ाया है।

बुधनी विधायक रमाशंकर भार्गव ने कहा कि भैरुंदा में हो रहे इस राज्यस्तरीय कार्यक्रम के जरिए आज प्रदेश को कई नयी पक्की सड़कों की सौगात मिल रही है। प्रदेश में 1763 करोड़ रुपये लागत से 2117 कि.मी. लंबी 963 सड़कों का निर्माण किया जाएगा।

समारोह में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, विधायक सीहोर सुदेश राय, विधायक आष्टा गोपाल सिंह इंजीनियर, जिला पंचायत अध्यक्षा रचना सुरेन्द्र मेवाड़ा, केन्द्रीय संयुक्त सचिव, ग्रामीण विकास मंत्रालय अदिति सिंह, जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ने पिछले 25 वर्षों में ग्रामीण भारत के सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन में अहम भूमिका निभाई है। देश में लाखों किमी सड़कों के निर्माण ने गांवों को शहरों से जोड़ा है। कृषि उत्पादों को बाजार तक पहुंचाया और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति दी। मध्यप्रदेश में भी इस योजना के जरिए हजारों गांवों तक बारहमासी सड़क सम्पर्क स्थापित हुआ। इस राष्ट्रीय आयोजन में बीते दौर की उपलब्धियों के प्रदर्शन के साथ ही ग्रामीण भारत का भावी विजन भी प्रस्तुत किया गया। पीएमजीएसवाय- फोर और पीएम जन-मन जैसी योजनाएं भविष्य में गांवों को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने का बेहतरीन जरिया बनेंगी। देश-प्रदेशों की राजधानी के बारहमासी ग्रामीण सम्पर्क का यह नया अध्याय विकसित भारत के संकल्प को और भी मजबूत करेगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय हरिनाम संकीर्तन नामयज्ञ में हुए शामिल

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय हरिनाम संकीर्तन नामयज्ञ में हुए शामिल
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर में आयोजित हरिनाम संकीर्तन नामयज्ञ में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने विधि-विधान के साथ भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

मुख्यमंत्री साय ने हरिनाम संकीर्तन की परंपरा को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन लोगों को आध्यात्मिक रूप से जोड़ने के साथ-साथ समाज में भाईचारे और सद्भाव का संदेश भी देते हैं। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालुगण उपस्थित थे।

अपरा एकादशी पर करें ये खास मंत्र जाप, राशि अनुसार मिलेगा अपार धन और सुख

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अपरा एकादशी पर करें ये खास मंत्र जाप, राशि अनुसार मिलेगा अपार धन और सुख
पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष में आने वाली एकादशी पर अपरा एकादशी का व्रत किया जाता है, जो इस बार 13 मई को पड़ रहा है। इस दिन पर भगवान विष्णु के मंत्र का जप करने से अपार सुख, समृद्धि और पापों से मुक्ति मिलती है। विशेष लाभ के लिए आप इस दिन पर अपनी राशि के अनुसार मंत्रों का जप कर सकते हैं।

एकादशी पर राशि अनुसार मंत्र
मेष – अपरा एकादशी की पूजा में आपको ॐ श्री केशवाय नमः या ॐ गोविंदाय नमः मंत्र का जप करना चाहिए।
वृषभ – भगवान विष्णु की पूजा में ॐ श्री हृषीकेशाय नमः मंत्र का जप करें।
मिथुन – मिथुन राशि के जातकों को एकादशी के दिन ॐ श्री कृष्णाय नमः या ॐ राधिकेशाय स्वाहा मंत्र का जप करना चाहिए।
कर्क – आप अपरा एकादशी के दिन ॐ श्री अच्युताय नमः मंत्र का जप कर सकते हैं।
सिंह – सिंह राशि के लोग एकादशी पर ॐ श्री जनार्दनाय नमः मंत्र का जप करें।
कन्या – आप अपरा एकादशी के शुभ अवसर पर ॐ श्री चतुर्भुजाय नमः मंत्र का जप कर सकते हैं।
तुला – तुला राशि के जातकों को एकादशी पर ॐ श्री माधवाय नमः मंत्र का जप करना चाहिए।
वृश्चिक – वृश्चिक राशि वाले लोग एकादशी पर ॐ श्री गोविन्दाय नमः मंत्र का जप कर सकते हैं।
धनु – आपको इस दिन पर ॐ श्री नारायणाय नमः मंत्र का जप करना चाहिए।
मकर – मकर राशि वाले एकादशी पर ॐ श्री वामनाय नमः मंत्र का जप करें।
कुंभ – आप एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा में ॐ श्री उपेन्द्राय अच्युताय नमः मंत्र का जप करके लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
मीन – आपको इस शुभ दिन पर ॐ श्री पद्मनाभाय नमः मंत्र का जप करने से विशेष लाभ मिल सकता है।

कृपा प्राप्ति के लिए करें ये काम
व्रत के दिन प्रातः काल उठकर व्रत का संकल्प लें।
भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करें।
प्रभु श्रीहरि का पंचामृत से अभिषेक करें और पीले फूल चढ़ाएं।
भगवान विष्णु के भोग में तुलसी पत्र अर्पित करना न भूलें।
शाम के समय तुलसी के पास घी का दीपक भी जरूर जलाएं।
इस दिन पर अपनी क्षमता के अनुसार दान आदि करें।
रात्रि में जागरण और विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें।

189 दिनों तक थिएटर्स में लगातार चली थी Vinod Khanna की फिल्म, 55 साल से कायम है रिकॉर्ड

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189 दिनों तक थिएटर्स में लगातार चली थी Vinod Khanna की फिल्म, 55 साल से कायम है रिकॉर्ड
विनोद खन्ना हिंदी सिनेमा के वह अभिनेता थे, जिनकी पर्सनैलिटी की चर्चा आज भी जाती है। जब वह पर्दे पर एंट्री मारते थे, तब सिनेमाघरों में सीटियां सुनाई देती थीं। इंडस्ट्री में उनका कद इतना बड़ा था, जिसकी छाप आज भी कायम है।

इस बीच हम आपको विनोद खन्ना के करियर की उस फिल्म बारे में आपको बताने जा रहे हैं, जिसने हिंदी सिनेमा की परिभाषा को बदलकर रख दिया था। एक्टर की वह फिल्म 27 हफ्तों तक यानी करीब 189 दिनों तक सिनेमाघर में सफलतापूर्वक चली थी।

विनोद खन्ना की ब्लॉकबस्टर फिल्म
अभिनेता विनोद खन्ना हिंदी सिनेमा के उन चुनिंदा कलाकारों में शुमार थे, जो पर्दे पर लीड हीरो के रोल के अलावा एंटी हीरो बनकर भी अपनी छाप छोड़ने में सफल होती थे। ऐसा ही कमाल उन्होंने 55 साल पहले सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली ब्लॉकबस्टर फिल्म मेरा गांव मेरा देश (Mera Gaon Mera Desh) में करके दिखाया था।

इस फिल्म में विनोद खन्ना के अलावा धर्मेंद्र और आशा पारेख जैसे अन्य कई कलाकार मौजूद रहे थे। मेरा गांव मेरा देश में विनोद ने खूंखार डकैत जब्बर सिंह की भूमिका को अदा किया था। जिस तरह से विनोद ने ये नेगेटिव किरदार अदा किया था, उससे वह फिल्म में धर्मेंद्र के रोल पर भी भारी पड़े थे। फिल्म की कहानी और गाने काफी शानदार रहे, जिसकी वजह से मेरा गांव मेरा देश बॉक्स ऑफिस पर भी सफल रही थी।

यही कारण था जो मेरा गांव मेरा देश सिल्वर जुबली भी रही थी और 27 हफ्तों तक सिनेमाघरों में चलती रही थी। 189 दिनों से ज्यादा समय तक मुंबई के एक थिएटर में विनोद खन्ना की इस मूवी के चार शोज लगातार चलते रहे थे।
साल की सबसे बड़ी हिट रही थी मेरा गांव मेरा देश

गौर किया जाए मेरा गांव मेरा देश की कमर्शियल परफॉर्मेंस की तरफ तो साल 1971 में रिलीज होने वाली हिंदी फिल्मों में कमाई में ये मूवी टॉप पर रही थी। माना जाता है कि मेरा गांव मेरा देश के बाद ही निर्देशक रमेश सिप्पी को शोले जैसी कल्ट मूवी बनाने का फैसला लिया था।

CBSE बोर्ड 12वीं का रिजल्ट जल्द होगा जारी, DigiLocker अलर्ट से छात्रों में उत्साह

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CBSE बोर्ड 12वीं का रिजल्ट जल्द होगा जारी, DigiLocker अलर्ट से छात्रों में उत्साह
सीबीएसई कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा का आयोजन देशभर के विभिन्न केंद्रों पर 17 फरवरी से लेकर 10 अप्रैल 2026 तक किया गया था। कॉपियों का मूल्यांकन इस बार “ऑनस्क्रीन मार्किंग स्कीम” के तहत हो रहा है, जो अंतिम चरण में है। जल्द ही परिणाम घोषित हो सकते हैं। हालांकि अब तक कोई तारीख केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने घोषित नहीं की है।

डिजिटल लॉकर ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट https://www.digilocker.gov.in/ पर “बारहवीं परिणाम को लेकर “Result Coming Soon” का नोटिफिकेशन जारी किया है। पिछले वर्षों के रुझानों को देखते हुए अंदाजा लगाया जा रहा कि मार्कशीट अगले सप्ताह कभी भी जारी हो सकती है। अपेक्षित तारीख 11 से लेकर 20 मई 2026 है। अपडेट के लिए उम्मीदवारों को नियमित तौर पर आधिकारिक वेबसाइट https://www.cbse.gov.in/ विजिट करते रहने की सलाह दी जाती है।

विद्यार्थियों को रिजल्ट से पहले दस्तावेजों को तैयार रखने की सलाह दी जाती है। इसमें रोल नंबर, स्कूल नंबर, एडमिट कार्ड आईडी, जन्मतिथि और डिजिलॉकर एक्सेस कोड इत्यादि शामिल हैं। 6 डिजिट का डिजीलॉकर एक्सेस कोड स्कूल द्वारा छात्रों को प्रदान किया जाएगा। इससे पहले उम्मीदवारों को डिजिलॉकर या उमंग ऐप पर अपना प्रोफाइल क्रिएट करने की सलाह दी जाती है। ताकि परिणाम वाले दिन किसी प्रकार की समस्या न हो।

ध्यान रखें कि 12वीं की डिजिटल मार्कशीट तब तक ही मान्य होगी, जब तक फिजिकल मार्कशीट और सर्टिफिकेट सीबीएसई जारी नहीं कर देता। इसके अलावा छात्र अपना परिणाम एसएमएस के जरिए भी जान सकते हैं।

असम में फिर हिमंत बिस्वा सरमा राज, दूसरी बार बनेंगे मुख्यमंत्री

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असम में फिर हिमंत बिस्वा सरमा राज, दूसरी बार बनेंगे मुख्यमंत्री
असम में हुई बीजेपी विधायक दल की बैठक में नया फैसला लिया गया है। इसके मुताबिक हिमंत बिस्वा सरमा एक बार फिर राज्य के मुख्यमंत्री बनाए जाएंगे। विधायक दल की बैठक में लिए गए फैसले के बाद जेपी नड्डा ने उनके नाम का ऐलान किया।

जानकारी के मुताबिक 12 मई को सुबह 11 बजे हिमंत दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। विधायक दल का नेता चुनने के लिए पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पर्यवेक्षक बनाया गया था। इसके लिए विधायक दल की बैठक बुलाई गई थी। जिसमें औपचारिक रूप से नेता का चुनाव किया गया।

दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री बनेंगे हिमंत
बता दें कि हिमंत ने 6 चुनाव के बाद 6 मई को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। वह फिलहाल कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। नई सरकार के गठन के साथ वह लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं।

कब है शपथ ग्रहण समारोह
असम में शपथ ग्रहण समारोह 12 मई की सुबह 11 बजे गुवाहाटी के खानापारा वेटरिनरी कॉलेज फील्ड में रखा गया है। इस शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता अपनी मौजूदगी दर्ज करवाएंगे। इसके अलावा 22 राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी समारोह में आमंत्रित किया जाएगा।

बता दें कि साल 2016 में बीजेपी पहली बार असम की सत्ता में काबिज हुई थी। उस समय सर्वानंद सोनेवाल को मुख्यमंत्री बनाया गया था। इसके बाद 2021 में हिमंत बिस्वा सरमा ने मुख्यमंत्री का पद संभाला। अब 2026 के विधानसभा चुनाव में मिली जीत के बाद मुख्यमंत्री का पद संभालेंगे।

NDA को मिला भारी बहुमत
4 मई को जब 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजे का ऐलान किया गया। तब असम में बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन को भारी बहुमत मिला। 126 सीट वाली असम विधानसभा में बीजेपी ने 82 सीटों पर जीत हासिल की और कांग्रेस को केवल 19 सीट मिल पाई। एजीपी और बीओपीएफ को 10 10 सीट हासिल हुई। एआईयूडीए केवल 2 सीटों पर सिमट कर रह गई।

मुख्यमंत्री बनते ही विजय ने खोला राहत का पिटारा, बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा फायदा

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मुख्यमंत्री बनते ही विजय ने खोला राहत का पिटारा, बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा फायदा
तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री विजय ने पद संभालते ही आम लोगों को बड़ी राहत दी है। विजय ने बिजली बिल में भारी छूट का ऐलान कर दिया है। अब घरेलू उपभोक्ताओं को हर दो महीने में 200 यूनिट बिजली मुफ्त मिलेगी। यह लाभ उन उपभोक्ताओं को मिलेगा, जिनका बिजली खपत दो महीने में 500 यूनिट है।

मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि सरकार का फोकस आम आदमी पर है। जिन परिवारों का दो महीने का बिजली खर्च 500 यूनिट से कम या बराबर है, उन्हें 200 यूनिट बिल्कुल फ्री मिलेंगी। पहले यह छूट सिर्फ 100 यूनिट तक सीमित थी। यानी अब सीधे डबल राहत मिली है।

किसके लिए गेम चेंजर साबित होगी स्कीम?
यह स्कीम उन लोगों के लिए गेम चेंजर साबित होगी, जिनके घर में पंखा, फ्रिज, टीवी और छोटे-मोटे उपकरण चलते हैं। खासकर ग्रामीण इलाकों और छोटे शहरों में जहां बिजली बिल पूरे महीने की कमाई का बड़ा हिस्सा खा जाता था।

500 यूनिट से ज्यादा खर्च करने वालों पर क्या असर?
जिन उपभोक्ताओं का हर माह बिजली खपत 500 यूनिट से ज्यादा है, उनके लिए पुरानी व्यवस्था जारी रहेगी। उन्हें अभी भी 100 यूनिट फ्री मिलेंगी और बाकी यूनिट पर पुराना टैरिफ लागू होगा। सरकार का कहना है कि इससे बिजली की बर्बादी को भी रोका जाएगा और जरूरतमंदों को ज्यादा फायदा पहुंचेगा।

राज्य की बिजली व्यवस्था पर पड़ेगा कितना बोझ?
इस बीच, विशेषज्ञों का कहना है कि यह ऐलान राज्य की बिजली कंपनियों पर अतिरिक्त बोझ डाल सकता है। तमिलनाडु पहले से ही बिजली घाटे से जूझ रहा है। लेकिन नई सरकार का मानना है कि बेहतर प्रबंधन, सोलर पावर बढ़ावा और केंद्र से मदद लेकर इस बोझ को संभाला जाएगा। मुख्यमंत्री विजय ने इस मौके पर कहा- हमारी सरकार का वादा है कि हर घर में सस्ती और लगातार बिजली पहुंचे। यह सिर्फ शुरुआत है।

किसानों और छोटे उद्योगों पर भी नजर
हालांकि, यह स्कीम मुख्य रूप से घरेलू उपभोक्ताओं के लिए है, लेकिन सरकार ने संकेत दिया है कि किसानों को भी बिजली सप्लाई में सुधार किया जाएगा। छोटे उद्योगों और दुकानदारों को भी जल्द कुछ राहत पैकेज आने की उम्मीद है।

विपक्ष की प्रतिक्रिया
विपक्षी पार्टियों ने इस ऐलान का स्वागत तो किया है लेकिन सवाल भी उठाए हैं। एक नेता ने कहा- अच्छा फैसला है, लेकिन सरकार को बताना चाहिए कि इसका खर्च कैसे वहन किया जाएगा। कहीं फिर जनता पर नया टैक्स तो नहीं बढ़ेगा?

बेंगलुरु में PM मोदी के दौरे से पहले सुरक्षा अलर्ट, कार्यक्रम स्थल के पास मिला विस्फोटक

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बेंगलुरु में PM मोदी के दौरे से पहले सुरक्षा अलर्ट, कार्यक्रम स्थल के पास मिला विस्फोटक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बेंगलुरु यात्रा से पहले रविवार (10 मई, 2026) को शहर के बाहरी इलाके में स्थित कार्यक्रम स्थल से थोड़ी दूर पर दो जिलेटिन स्टीक्स बरामद किए गए हैं. पीएम के कार्यक्रम स्थल के नजदीक जिलेटिन स्टीक्स के बरामद किए जाने के बाद सुरक्षा महकमे में हड़कंप मच गया है. यह विस्फोटक बेंगलुरु के कागलीपुरा के पास एक आश्रम के नजदीक मिली, जो मुख्य कार्यक्रम स्थल से करीब 3 किलोमीटर दूर था, जिसमें पीएम मोदी शामिल होने वाले थे.

विस्फोटक की बरामदगी के बाद बेंगलुरु सेंट्रल रेंज के डीआईजी ने कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी के आने से पहले की जा रही जांच के दौरान दो जिलेटिन स्टीक्स रविवार (10 मई, 2026) की सुबह फुटपाथ के किनारे से बरामद की गईं, जो मुख्य कार्यक्रम स्थल से करीब 3 किमी दूर था, जिसमें पीएम शामिल होने वाले थे.’

उन्होंने कहा, ‘घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत इलाके को घेर लिया है. बम निरोधक दस्ता और फॉरेंसिक टीम को मौके पर भेजा गया है, जहां बरामद सामग्री की जांच की गई. इस मामले में आगे की जांच फिलहाल जारी है.’

खुफिया एजेंसियों ने संभावित आतंकी खतरे की दी सूचना
यह घटना खुफिया एजेंसियों की तरफ से संभावित आतंकी खतरे की सूचना मिलने के एक दिन बाद सामने आई है. जिसके चलते दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने कई संवेदनशील स्थानों पर अपनी निगरानी बढ़ा दी है. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, एक अधिकारी ने कहा, ‘पुलिस को संवेदनशील इलाकों में संदिग्ध गतिविधियों, लावारिस सामानों और खड़ी गाड़ियों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं.’

पुलिस गहनता से कर रही मामले की जांच
बेंगलुरु पुलिस ने इस मामले में गहनता के साथ अपनी जांच शुरू कर दी है और पुलिस अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर जिलेटिन स्टिक्स उस जगह तक कैसे पहुंचीं और क्या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश थी.

VK चीफ विजय सुबह 10 बजे CM पद की शपथ लेंगे

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VK चीफ विजय सुबह 10 बजे CM पद की शपथ लेंगे
अभिनेता से नेता बने सी जोसेफ विजय आज सुबह 10 बजे तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. उनके शपथग्रहण समारोह में लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी भी शामिल होंगे. विजय को सरकार बनाने के लिए शनिवार को चौथी बार में राज्यपाल से मंजूरी मिली. उनकी पार्टी तमिलगा वेट्री कषगम (टीवीके) को कई छोटे दलों ने सपोर्ट किया है, जिसके बाद 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. विजय ने टीवीके के वरिष्ठ नेताओं के साथ राज्यपाल को 120 विधायकों के समर्थन का पत्र सौंपा.

विजय को किन पार्टियों से मिला समर्थन?
विदुथलाई चिरुथाइगल काची, सीपीआई, सीपीआई एम, और कांग्रेस सहित अन्य पार्टियों ने गठबंधन सरकार के गठन के लिए टीवीके प्रमुख को बिना शर्त समर्थन दिया है. विजय 59 सालों में तमिलनाडु के पहले गैर-द्रविड़ियन मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं और वो अकेले ही शपथ लेंगे. इस बीच मंत्रिमंडल के आकार को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है और अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि उनके साथ कितने मंत्रियों को शामिल किया जाएगा.

1 हफ्ते में राज्यपाल से 4 बार मुलाकात
शनिवार को विजय की राज्यपाल से एक सप्ताह के भीतर चौथी मुलाकात हुई, जिसमें उन्होंने सरकार बनाने का निमंत्रण मांगा. विधायकों से आवश्यक समर्थन पत्र न मिलने के कारण वो 2 बार फेल हुए. तमिलनाडु में कई दिनों की गहन बातचीत के बाद राजनीतिक अनिश्चितता समाप्त हो गई, जब डीएमके के सहयोगियों ने आखिरकार विजय को समर्थन दिया और 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा पार करने में मदद की. हालांकि गठबंधन के पास केवल 120 विधायकों का बहुमत है.

2 सीटों से विधानसभा चुनाव लड़े थे विजय
बहुमत मिलने के बाद टीवीके के कई कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने चेन्नई स्थित पार्टी मुख्यालय के बाहर जश्न मनाया और पटाखे फोड़े. टीवीके विधानसभा चुनाव में 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन बहुमत के आंकड़े से 10 सीटें कम रह गईं. 23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनावों के बाद पार्टी ने डीएमके के सहयोगी दलों, कांग्रेस, सीपीआई, सीपीआई(एम), वीसीके और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग से सरकार बनाने के लिए समर्थन मांगा था.

विजय ने दो विधानसभा सीटों से जीत हासिल की है. उन्हें एक सीट खाली करनी होगी, जिससे टीवीके की सीटों की संख्या घटकर 107 रह जाएगी. टीवीके के सहयोगी दलों में कांग्रेस के 5 विधायक, सीपीआई, सीपीआई(एम), वीसीके और आईयूएमएल के 2-2 विधायक शामिल हैं. इन सबको जोड़कर विधानसभा में गठबंधन की कुल संख्या 120 पहुंच गई है.