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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी भारतीय क्रिकेट टीम को बधाई

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी भारतीय क्रिकेट टीम को बधाई
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आईसीसी मेन्स टी-20 वर्ल्ड कप सीरीज में भारत की इंग्लैंड पर शानदार विजय के लिए भारतीय क्रिकेट खिलाड़ियों को हार्दिक बधाई दी है। गुरूवार को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में भारत ने इंग्लैंड को हराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आशा व्यक्त की है कि भारत सीरीज के अंतिम मुकाबले में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर अवश्य जीतेगा।

मुख्यमंत्री जल संचय-जन भागीदारी अभियान की समीक्षा में वर्चुअली हुए शामिल

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मुख्यमंत्री जल संचय-जन भागीदारी अभियान की समीक्षा में वर्चुअली हुए शामिल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश नदियों का मायका है। देश की कई महत्वपूर्ण नदियों के उद्गम स्थल होने के साथ ही प्रदेश में 250 से अधिक नदियां हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आहवान पर जल संसाधनों के संरक्षण, संवर्धन के लिए देश में आरंभ हुआ जल संचय-जन भागीदारी अभियान सामुदायिक सहभागिता का उत्कृष्ट उदाहराण बन गया है। मध्यप्रदेश ने इस अभियान के प्रथम चरण में 2 लाख 79 हजार जल संग्रहण संरचनाओं का निर्माण कर महत्वपूर्ण योगदान दिया है। द्वितीय चरण में भी मध्यप्रदेश में 64 हजार 395 कार्य प्रगति पर हैं और 72 हजार 647 कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं। इस प्रकार 1 लाख 37 हजार 42 संरचनाओं के साथ प्रदेश, देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव केन्द्रीय जल शक्ति मंत्रालय द्वारा गुरूवार को आयोजित संयुक्त वीडियो कॉन्फ्रेंस को मंत्रालय भोपाल से संबोधित कर रहे थे। जल संचय-जन भागीदारी की व्यापक समीक्षा के लिए आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंस में केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल, प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, सभी संभागायुक्त और जिला कलेक्टर्स शामिल हुए।

केन्द्रीय मंत्री पाटिल ने अभियान के अंतर्गत मध्यप्रदेश की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश सामुदायिक सहभागिता पर आधारित जल संरक्षण और सतत् जल प्रबंधन में देश के सम्मुख श्रेष्ठ उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भूजल स्त्रोतों के दोहन के कारण गिरते हुए भूजल स्तर, प्राचीन जल संग्रहण संरचनाओं के क्षरण और नदियों के कम होते प्रवाह के प्रति हम पूर्णत: सजग है। इसलिए मध्यप्रदेश ने जल संचय-जन भागीदारी की राष्ट्रीय पहल को सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आत्मसात करते हुए राज्य स्तर पर इसे व्यापक जनभागीदारी से जोड़ा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश से जिन नदियों का उद्गम है, उनके जल का स्त्रोत प्रदेश के वन हैं। यह नदियां अन्य राज्यों की कृषि और अन्य आर्थिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। इस प्रकार प्रदेश की नदियों का राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय योगदान है। इस दृष्टि से राज्य में विद्यमान वनों के रखरखाव के लिए राज्य सरकार को केन्द्र की ओर से अतिरिक्त आर्थिक सहयोग की अपेक्षा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण के लिए बुनियादी ढांचे के विकास के लिए खेत-तालाबों और नए सरोवरों का निर्माण किया गया है। भू-जल संवर्धन के लिए कुओं का पुनर्भरण किया गया है। शहरी क्षेत्रों और वन क्षेत्रों में भी वर्षा जल संचयन संरचनाओं का निर्माण किया गया है। औद्योगिक इकाइयों को रूफ वाटर हार्वेस्टिंग के लिए प्रेरित किया गया है। नदियां निर्मल और अविरल रहे, यह हमारी प्रतिबद्धता है और इसके लिए अभियान के अंतर्गत प्रमुख नदियों में गिरने वाले प्रदूषित नालों की पहचान कर उनके शोधन की याजना बनाई गई है। पाठशालाओं में जल के संबंध में विभिन्न गतिविधियों जैसे चित्रकला, निबंध प्रतियोगिता, जल शपथ तथा रैलियों का आयोजन किया गया है। पानी के दक्षतापूर्ण उपयोग को भी अभियान के अंतर्गत प्रोत्साहित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा संकल्प है कि प्रत्येक जिला, प्रत्येक ग्राम और प्रत्येक शहर इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाए और जल संरक्षण को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाए। केंद्र, राज्य सरकार और जनसहयोग से हम जल सुरक्षा के लक्ष्य को अवश्य प्राप्त करेंगे।

मध्यप्रदेश बांधों की संख्या के मामले में देश में दूसरे स्थान पर : केन्द्रीय मंत्री पाटिल

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने कहा कि मध्यप्रदेश बांधों की संख्या के मामले में देश में दूसरे स्थान पर है। मध्यप्रदेश गुजरात को पानी दे रहा है। केन-बेतवा लिंक परियोजना के माध्यम से उत्तर प्रदेश को भी पानी मिलेगा। इस परियोजना से 10 लाख 62 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी और लाखों लोगों को पेयजल की सुविधा मिलेगी। राजस्थान के साथ भी पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना को लेकर मध्यप्रदेश सरकार ने सकारात्मक सोच दिखाई है। मध्यप्रदेश, देश के सर्वाधिक लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने वाला राज्य है। केन्द्रीय मंत्री पाटिल ने कहा कि मध्यप्रदेश ने जल संचय-जनभागीदारी अभियान में उत्कृष्ट कार्य किया है। हमारी कोशिश है कि गांव का पानी गांव और खेत का पानी खेत में सिंचाई के लिए उपयोग हो। प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से पेयजल की बर्बादी रोकने का भी आह्वान किया है। केंद्रीय मंत्री पाटिल ने कहा कि मध्यप्रदेश एक बड़े वन क्षेत्र वाला राज्य है। वर्षा जल को संचित करने के प्रयासों से राज्य में सिंचाई और पेयजल के लिए पानी की उपलब्धता में और वृद्धि की जा सकती है।

बैठक के दौरान खंडवा (पूर्व निमाड़), राजगढ़ और इंदौर जिलों के जिला कलेक्टरों ने विस्तृत प्रस्तुतियाँ दीं, जिनमें जल संचय जनभागीदारी 2.0 के क्रियान्वयन की जिला स्तरीय प्रगति तथा आगामी कार्ययोजना प्रस्तुत की गई। प्रस्तुतियों में भूजल पुनर्भरण, नदी पुनर्जीवन तथा जल संरक्षण गतिविधियों में सामुदायिक सहभागिता को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। उल्लेखनीय है कि अभियान के अंतर्गत मध्यप्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर चौथा स्थान प्राप्त किया था। विशेष रूप से खंडवा (पूर्व निमाड़) जिला देशभर के जिलों में प्रथम स्थान पर रहा, जो जल संरक्षण के क्षेत्र में प्रभावी नेतृत्व और जनभागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण है। मंत्रालय भोपाल में बैठक में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, श्रीमती दीपाली रस्तोगी, संजय दुबे, प्रमुख सचिव पी. नरहरि सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लोकतंत्र सेनानी महावीर प्रसाद जैन के निधन पर जताया शोक

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लोकतंत्र सेनानी महावीर प्रसाद जैन के निधन पर जताया शोक
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जशपुर के वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता और लोकतंत्र सेनानी महावीर प्रसाद जैन के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महावीर प्रसाद जैन ने अपने जीवन को समाजसेवा, राष्ट्रहित और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए समर्पित किया।आपातकाल के कठिन दौर में उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए साहसपूर्वक संघर्ष किया और अपने सिद्धांतों पर अडिग रहे। उस समय उनके द्वारा किया गया त्याग और समर्पण लोकतांत्रिक चेतना के प्रति उनकी अटूट निष्ठा का परिचायक है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जैन का जीवन समाज के लिए प्रेरणादायी रहा है। उनका योगदान सदैव स्मरण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री साय ने ईश्वर से प्रार्थना की है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोक संतप्त परिवार को इस दुःख की घड़ी में संबल प्रदान करें।

नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए दाखिल किया नामांकन

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नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए दाखिल किया नामांकन
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल कर दिया है। इस मौके पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी पटना पहुंचे। आज सुबह ही नीतीश कुमार ने ट्वीट करते हुए राज्यसभा जाने की इच्छा जताई थी। हालांकि उनके इस फैसले से जेडीयू कार्यकर्ता और समर्थक खासे नाराज़ नज़र आए और उन्होंने जमकर हंगामा भी किया। वहीं कांग्रेस भी इस मुद्दे पर उन्हें घेर रही है।

कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने नीतीश कुमार के इस फैसले पर तीखा हमला बोला है। जयपुर में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि ये जनता के साथ धोखा है। अगर छह महीने पहले वो ये बात बोल देते तो शायद बिहार चुनाव के नतीजे कुछ और होते। पायलट ने कहा कि नीतीश कुमार जी पहले भी कई बार अपना मन बदल चुके हैं और कभी इस पाले में कभी उस पाले में जाते रह हैं।

नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए भरा नामांकन
बिहार की राजनीति में बड़े उलटफेर होने जा रहा है। सारी अटकलों पर विराम देते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल कर दिया है। इस अवसर पर अमित शाह भी पटना पहुंचे। इससे पहले नीतीश कुमार ने ट्वीट करते हुए राज्यसभा जाने की इच्छा ज़ाहिर की थी और कहा था कि संसदीय जीवन की शुरुआत से ही उनके मन में यह इच्छा रही है कि वे बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के साथ-साथ संसद के दोनों सदनों के सदस्य बनें। इसी क्रम में वे अब राज्यसभा चुनाव में भाग लेकर सदस्य बनना चाहते हैं। नीतीश कुमार ने बिहार की जनता का आभार जताया और भरोसा दिलाया कि नई बनने वाली सरकार को उनका पूरा समर्थन और मार्गदर्शन मिलता रहेगा।

कौन होगा बिहार का अगला सीएम
उनके नामांकन दाखिल करने के बाद अब बिहार के अगले मुख्यमंत्री के नाम को लेकर कयास लगने शुरु हो गए हैं। वहां एनडीए सरकार के छह महीने भी पूरे नहीं हुए हैं और नए सीएम की तलाश शुरु हो गई है। माना जा रहा है कि अगला सीएम भारतीय जनता पार्टी से हो सकता है। अगर ऐसा होता है तो बिहार में बीजेपी का पहला मुख्यमंत्री बनेगा। बीजेपी की तरफ से सम्राट चौधरी, दिलीप जायसवाल, संजीव चौरसिया सहित कुछ और नाम रेस में हैं। वहीं चर्चा है कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को डिप्टी सीएम का पद दिया जा सकता है।

मुख्यमंत्री निवास में आयोजित होली मिलन समारोह में सभी को दीं मंगलकामनाएं

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मुख्यमंत्री निवास में आयोजित होली मिलन समारोह में सभी को दीं मंगलकामनाएं
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास में आयोजित होली मिलन समारोह में प्रदेशवासियों को उत्साह, उमंग और समरसता के पावन पर्व होली की बधाई और मंगलकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह उत्सव हर आंगन में सुख, शांति और समृद्धि के नए रंग बिखेरे और समाज में सद्भाव-सकारात्मकता और एकता का रंग सदा चटक रहे यही कामना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी से आत्मीयता और सौहार्द के साथ त्यौहार मनाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने होली पर मुख्यमंत्री निवास पहुंचे नागरिकों के साथ होली की मंगलकामनाओं का आदान-प्रदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास पधारे संतों से आशीर्वाद प्राप्त किया। वरिष्ठ और गणमान्य नागरिकों का अभिवादन किया तथा सभी आगंतुकों पर पुष्प वर्षा एवं गुलाल उड़ाकर मेजबान के रूप में सबका स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सांस्कृतिक प्रस्तुति देने वाले कलाकारों को गुलाल लगाया और पारम्परिक वाद्य यंत्रों के साथ उनके सुर में सुर भी मिलाया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को मुख्यमंत्री निवास पधारे राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, वरिष्ठ सांसद विष्णु दत्त शर्मा, विधायक रामेश्वर शर्मा, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, मनु श्रीवास्तव, शिवशेखर शुक्ला , प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव , सचिव परिवहन एवं आयुक्त जनसंपर्क मनीष सिंह, खाटू श्याम मंदिर भोपाल के प्रमुख प्रचारक पूज्य अनिल आनंद महाराज सहित कई जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, पत्रकार गण और वरिष्ठ अधिकारियों ने मंगल कामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री निवास में आयोजित होली मिलन समारोह में उड़ते रंग गुलाल और पुष्प वर्षा के बीच, ब्रज-बरसाने के होली गीतों, पारंपरिक संगीत और मयूर नृत्य के साथ उल्लास और उमंग से सराबोर वातावरण में सभी ने शालीनता के साथ पर्व का आनंद लिया। मंच पर प्रस्तुति दे रहे कलाकारों ने रंग बरसे, होली के दिन दिल खिल जाते हैं, होली खेलें रघुवीरा, आज ब्रज में होली रे रसिया जैसे होली गीतों का सस्वर गायन कर सभी के उल्लास को दोगुना कर दिया। मुख्यमंत्री निवास में होली पर्व पर आयोजित मिलन समारोह में सभी को गुजिया, बालूशाही, ठंडाई सहित कई परंपरागत व्यंजन परोसे गए।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों-कर्मचारियों संग खेली होली

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मुख्यमंत्री निवास में होली के रंगों की बौछार: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों-कर्मचारियों संग खेली होली
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, सद्भाव और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। यह पर्व समाज में एकता, भाईचारे और सकारात्मकता की भावना को सुदृढ़ करता है तथा जीवन में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के पर्व हमें आपसी मतभेद भुलाकर मिल-जुलकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज मुख्यमंत्री निवास में आयोजित होली मिलन समारोह में सभी से आत्मीय भेंट कर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हुई। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों, साथियों और प्रदेशवासियों के साथ स्नेह, विश्वास और अपनत्व के रंग साझा करना इस पर्व की सबसे बड़ी विशेषता है। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों का स्नेह और आशीर्वाद ही जनसेवा के उनके संकल्प को और अधिक सशक्त बनाता है।

मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए सभी को होली की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि रंगों का यह पावन पर्व सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और नई ऊर्जा का संचार करे तथा हमारा छत्तीसगढ़ निरंतर विकास और खुशहाली के नए आयाम स्थापित करता रहे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अमित कुमार, रायपुर के पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला सहित मुख्यमंत्री सचिवालय एवं निवास कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

शीतला माता का पर्व किस दिन, जानिए सटीक डेट

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शीतला माता का पर्व किस दिन, जानिए सटीक डेट
वैदिक पंचांग के अनुसार, हर साल चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर शीतला अष्टमी मनाई जाती है, जिसे बसौड़ा के नाम से भी जाना जाता है। यह पर्व होली से 8 दिन बाद मनाया जाता है। इस खास अवसर पर मां शीतला देवी की पूजा-अर्चना करने का विधान है। इस दिन महिलाएं संतान के अच्छे स्वास्थ्य, लंबी उम्र के लिए व्रत करती हैं। इससे शुभ फल की प्राप्ति होती है। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं कि कब मनाई जाएगी शीतला अष्टमी।

शीतला अष्टमी 2026 डेट और शुभ मुहूर्त (Sheetla Ashtami 2026 Date and Shubh Muhurat)
वैदिक पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत 11 मार्च को रात 01 बजकर 54 मिनट पर होगी। वहीं, इसका समापन 12 मार्च को सुबह 04 बजकर 19 मिनट पर होगा। ऐसे में शीतला अष्टमी 11 मार्च को मनाई जाएगी।
शीतला अष्टमी के दिन पूजा मुहूर्त- सुबह 06 बजकर 36 मिनट से 06 बजकर 27 मिनट तक।

शीतला अष्टमी पूजा विधि (Sheetala Ashtami Puja Vidhi)
इस दिन सुबह जल्दी उठें और स्नान करने के बाद साफ कपड़े धारण करें।
इसके बाद सूर्य देव को अर्घ्य दें।
चौकी पर मां शीतला देवी की प्रतिमा को विरजामन करें और उन्हें रोली, अक्षत और फूल चढ़ाएं।
दीपक जलाकर आरती करें।
व्रत कथा का पाठ करें।
बासी भोग अर्पित करें।
जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति के लिए कामना करें।

इन बातों का रखें ध्यान
इस दिन मंदिर या गरीब लोगों में दान करें
किसी से वाद-विवाद न करें।
किसी के बारे में गलत न सोचें।
तामसिक भोजन का सेवन न करें।

विकास दर में तेजी, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज का बड़ा योगदान

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विकास दर में तेजी, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज का बड़ा योगदान
जुलाई-सितंबर 2025 तिमाही में जीडीपी ग्रोथ के आंकड़ों ने तमाम अनुमानों को पीछे छोड़ दिया है। इस तिमाही भारत की जीडीपी 8.2 प्रतिशत बढ़ी। यह 2023-24 की चौथी तिमाही के बाद सबसे ज्यादा है, जब अर्थव्यवस्था में 8.4 प्रतिशत वृद्धि हुई थी। इस वर्ष पहली तिमाही में ग्रोथ 7.8 प्रतिशत और 2024-25 की दूसरी तिमाही में 5.6 प्रतिशत थी। इस ग्रोथ का श्रेय मैन्युफैक्चरिंग (manufacturing growth) और सर्विसेज (services sector) में तेज ग्रोथ को दिया जा सकता है।

आर्थिक आंकड़ों की गणना दो पैमाने पर की जाती है- स्थिर मूल्यों पर और मौजूदा मूल्यों पर। जीडीपी में 8.2 प्रतिशत वृद्धि स्थिर मूल्यों (2011-12) के आधार पर है। मौजूदा मूल्यों के आधार पर (नॉमिनल) इसमें 8.7 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है। मौजूदा मूल्यों पर गणना में महंगाई के प्रभाव को भी शामिल किया जाता है। रियल और नॉमिनल के बीच का अंतर 2019-20 की तीसरी तिमाही के बाद सबसे कम है।

रेटिंग एजेंसी क्रिसिल के मुख्य अर्थशास्त्री धर्मकीर्ति जोशी के अनुसार, निजी खपत में वृद्धि तेज ग्रोथ का मुख्य कारण है। सप्लाई साइड से, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज में काफी बढ़ोतरी देखी गई। लो-बेस इफेक्ट से भी मदद मिली, क्योंकि पिछले साल इसी तिमाही में इकोनॉमी औसत से कम, 5.6% की दर से बढ़ी थी।

 

खुदरा और थोक महंगाई पहली तिमाही के मुकाबले दूसरी तिमाही में कम थी। खाने-पीने की चीजों की कम महंगाई ने अपनी मर्जी से (डिस्क्रेशनरी) खर्च को बढ़ावा दिया। गुड्स एंड सर्विसेज़ टैक्स (GST) की दरों को तर्कसंगत बनाने और उनमें कमी करने से भी निजी खपत बढ़ रही है। इनकम टैक्स और ब्याज दरों में कटौती का भी लाभ मिल रहा है।
मैन्युफैक्चरिंग ने दिखाई तेज रफ्तार

इस ग्रोथ में मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा योगदान है। मैन्युफैक्चरिंग ग्रॉस वैल्यू एडिशन (GVA) 9.1 प्रतिशत बढ़ा है, जबकि पिछले साल समान तिमाही में इसमें सिर्फ 2.2 प्रतिशत वृद्धि हुई थी। बिजली, गैस जैसी यूटिलिटी सर्विसेज में ग्रोथ 3 प्रतिशत से बढ़कर 4.4 प्रतिशत, ट्रेड, होटल, कम्युनिकेशन जैसी सर्विसेज में 6.1 प्रतिशत के मुकाबले 7.4 प्रतिशत, फाइनेंशियल सर्विसेज में 7.2 प्रतिशत से बढ़कर 10.2 प्रतिशत और जन-प्रशासन, रक्षा तथा अन्य सेवाओं में 8.9 प्रतिशत की तुलना में 9.7 प्रतिशत रही है।

हालांकि कृषि और कंस्ट्रक्शन की विकास दर कम हुई है। कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर 4.1 प्रतिशत से घटकर 3.5 प्रतिशत और कंस्ट्रक्शन की 8.4 प्रतिशत की तुलना में 7.2 प्रतिशत रह गई। कृषि में पहली तिमाही में 3.7 प्रतिशत वृद्धि हुई थी। खनन में ग्रोथ निगेटिव है। कुल मिलाकर पिछली तिमाही में जीवीए 8.1 प्रतिशत बढ़ा है।
सर्विसेज ने भी दिया इकोनॉमी को सहारा

GVA में सर्विसेज (टर्शियरी सेक्टर) का हिस्सा 60 प्रतिशत हो गया है, जो शायद पहली बार हुआ है। प्राइमरी सेक्टर की हिस्सेदारी सिर्फ 14.9 प्रतिशत रह गई है। बाकी 25.1 प्रतिशत हिस्सा सेकंडरी सेक्टर का है। प्राइमरी सेक्टर में कृषि और खनन आते हैं। सेकंडरी सेक्टर में मैन्युफैक्चरिंग और कंस्ट्रक्शन के साथ बिजली-गैस जैसी यूटिलिटी सर्विसेज होती हैं। टर्शियरी सेक्टर में ट्रेड, होटल तथा बाकी सभी सेवाएं शामिल हैं।

टर्शियरी सेक्टर में तेज वृद्धि ने भी अर्थव्यवस्था को बूस्ट दिया है। इकोनॉमी में सबसे ज्यादा (60 प्रतिशत) हिस्सेदारी वाले टर्शियरी सेक्टर की ग्रोथ रेट 7 प्रतिशत से बढ़कर 9.3 प्रतिशत हो गई। सेकंडरी सेक्टर की 6.3 प्रतिशत के मुकाबले 7.6 प्रतिशत और प्राइमरी सेक्टर की 2.8 प्रतिशत की तुलना में 2.9 प्रतिशत रही है।
कितना है जीडीपी का आकार

सितंबर तिमाही में जीडीपी का आकार पिछले साल के 44.94 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 48.63 लाख करोड़ रुपये रहा है। मौजूदा मूल्यों पर या नॉमिनल जीडीपी 78.40 लाख करोड़ से बढ़कर 85.25 लाख करोड़ रुपये रही है।

छमाही आधार पर देखें तो अप्रैल-सितंबर 2025 के दौरान जीडीपी का आकार (स्थिर मूल्यों पर) 96.52 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल 89.35 लाख करोड़ रुपये था। इस दौरान नॉमिनल जीडीपी 157.48 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 171.30 लाख करोड़ रुपये हो गई।
GDP में निजी खर्च 62.5 प्रतिशत पहुंचा

अर्थव्यवस्था में मांग का बड़ा महत्व होता है। इसमें सबसे बड़ा कंपोनेंट निजी खपत (PFCE) का रहता है। इसमें 7.9 प्रतिशत वृद्धि हुई है। इस साल पहली तिमाही में निजी खपत (private consumption) में 7 प्रतिशत और पिछले साल की दूसरी तिमाही में 6.4 प्रतिशत वृद्धि हुई थी। सरकारी खर्च (GFCE) 2.7 प्रतिशत घटा है, जबकि पहली तिमाही में यह 7.4 प्रतिशत और पिछले साल दूसरी तिमाही में 4.3 प्रतिशत बढ़ा था। यह संभवतः राजकोषीय घाटा कम रखने की कोशिश का नतीजा है। पूंजी निवेश (GFCF) 7.3 प्रतिशत बढ़ा है। जीडीपी में निजी खर्च की हिस्सेदारी 62.5 प्रतिशत, सरकारी खर्च की 9.1 प्रतिशत और पूंजी निवेश की 30.5 प्रतिशत रही है।

क्रिसिल के जोशी के मुताबिक, तीसरी तिमाही में भी इनमें से कुछ वजहों का फायदा मिलने की उम्मीद है। सरकारी निवेश शायद स्थिर रहे, लेकिन प्राइवेट निवेश में बढ़ोतरी के संकेत हैं। इसलिए हमने इस वर्ष भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान 6.5% से बढ़ाकर 7% कर दिया है।

हालांकि रियल GDP में बढ़ोतरी अच्छी है, लेकिन महंगाई में बड़ी गिरावट से होने वाली धीमी नॉमिनल ग्रोथ के बुरे असर हो सकते हैं। यह टैक्स टारगेट को हासिल करने में मुश्किल पैदा करता है। अप्रैल से अक्टूबर तक 4% की टैक्स कलेक्शन ग्रोथ अभी 11% के साल के टारगेट से कम है। इसके अलावा, धीमी नॉमिनल ग्रोथ आमतौर पर कम कॉर्पोरेट कमाई और सुस्त क्रेडिट ग्रोथ से जुड़ी होती है।
अगली बार नई सीरीज के अनुसार आएंगे आंकड़े

सांख्यिकी मंत्रालय के अनुसार स्थिर मूल्यों पर गणना के लिए आधार वर्ष 2011-12 को बदलकर 2022-23 करने की प्रक्रिया चल रही है। आधार वर्ष बदलने पर कुछ पुराने आंकड़ों में भी संशोधन संभव है। अक्टूबर-दिसंबर 2025 तिमाही से जीडीपी के आंकड़े नई सीरीज (222-23) के आधार पर जारी होंगे, जो 27 फरवरी 2026 को आएंगे। जोशी का कहना है कि इससे इकॉनमी को बेहतर तरीके से कैप्चर किया जा सकेगा लेकिन मौजूदा अनुमानों में फर्क पड़ सकता है।

न्यूजीलैंड ने रचा इतिहास, फिन एलन का धमाकेदार शतक

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न्यूजीलैंड ने रचा इतिहास, फिन एलन का धमाकेदार शतक
न्यूजीलैंड ने 2026 टी20 वर्ल्ड कप का पहला सेमीफाइनल जीत लिया है. फिन एलन ने ऐतिहासिक शतक लगाकर न्यूजीलैंड को रिकॉर्ड जीत दिलाई है. इस हार के साथ ही दक्षिण अफ्रीका का टी20 वर्ल्ड कप जीतने का सपना एक बार फिर टूट गया. 2026 टी20 वर्ल्ड कप के पहले सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका ने पहले खेलने के बाद 169 रन बनाए थे. जवाब में न्यूजीलैंड ने 12.5 ओवर में ही 173 रन बनाकर मैच जीत लिया. न्यूजीलैंड के लिए फिल एलन ने 33 गेंद में नाबाद 100 रनों की मैच विनिंग पारी खेली. उनके बल्ले से 10 चौके और 8 छक्के निकले. न्यूजीलैंड दूसरी बार टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंचा है.

कीवी टीम के लिए एलन के अलावा उनके साथ ओपनिंग पर उतरे टीम सीफर्ट ने भी शानदार पारी खेली. सीफर्ट ने 33 गेंदों में 7 चौके और 2 छक्कों की मदद से 58 रन स्कोर किए. दोनों ने पहले विकेट के लिए 55 गेंदों में 117 रनों की साझेदारी की. इसके बाद रचिन रवींद्र और फिन एलन ने दूसरे विकेट के लिए 22 गेंदों में 56* रनों की पार्टनरशिप करके टीम को 43 गेंद पहले ही जीत दिला दी.
टी20 वर्ल्ड कप का सबसे तेज शतक

बता दें कि फिन एलन ने टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास का सबसे तेज शतक पूरा किया. इससे पहले टी20 विश्व कप में सबसे तेज शतक बनाने का रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के क्रिस गेल के नाम पर दर्ज था. गेल ने 2016 के टी20 टूर्नामेंट में 47 गेंदों में शतक पूरा किया था.
बॉलिंग डिपार्टमेंट में दक्षिण अफ्रीका पूरी तरह से फ्लॉप

मुकाबले में पहले बैटिंग के लिए उतरी अफ्रीका ने 20 ओवर में 169/8 रन बनाए. टीम ने यह टोटल 77 रन पर 5 विकेट गिर जाने के बाद बनाया था. इस टोटल के बाद लगने लगा था कि प्रोटियाज टीम मुकाबले में टक्कर देगी, लेकिन न्यूजीलैंड ने ऐसा नहीं होने दिया.

रन चेज के लिए उतरी न्यूजीलैंड के सामने अफ्रीका के सभी गेंदबाज फ्लॉप नजर आए. कीवी टीम ने सिर्फ एक ही विकेट गंवाया. अफ्रीका के लिए मार्को यानसन सबसे महंगे साबित हुए, जिन्होंने 2.5 ओवर में 18.70 की इकॉनमी से 53 रन खर्चे. इसके अलावा कॉर्बिन बॉश ने 2 ओवर में 35 रन खर्चे. इसके अलावा केशव महाराज ने 3 ओवर में 33, लुंगी एंडिगी ने 2 ओवर में 22 और कगिसो रबाडा ने 3 ओवर में 28 रन खर्चे.

फिल्म ‘देवदास’ के अभिनेता विजय कृष्णा ने दुनिया को कहा अलविदा

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‘देवदास’ में शाहरुख खान के पिता बने एक्टर विजय कृष्णा का हुआ निधन
बॉलीवुड के गलियारों से एक दुखद खबर सामने आ रही है. सीनियर एक्टर विजय कृष्णा जिन्हें कई फिल्मों में हमने देखा है, उनका निधन हो गया है. विजय कृष्णा फिल्म ‘देवदास’ में शाहरुख खान के पिता ‘नारायण मुखर्जी’ के किरदार में नजर आए थे. विजय की उम्र 81 साल थी, उनके निधन की खबर एक्ट्रेस लिलिएट दुबे ने सोशल मीडिया पर दी है.

लिलिएट दुबे ने किया इमोशनल पोस्ट
एक्ट्रेस लिलिएट दुबे ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिए विजय कृष्णा की फोटोज शेयर की हैं. इनके साथ उन्होंने कैप्शन में लिखा, ‘दिल टूट गया है. हमारे प्यारे विजय कृष्णा, जो 25 सालों से ज्यादा समय तक हमारे थिएटर परिवार और ‘डांस लाइक अ मैन’ का हिस्सा रहे अब हमारे बीच नहीं रहे. बहुमुखी प्रतिभा के धनी. एक प्रतिभाशाली एक्टर, सुंदर, आकर्षक, अपने खास ह्यूमर के लिए मशहूर, वो हम सभी के प्रिय थे और हमें बहुत प्यार करते थे. अनगिनत यादें मेरे दिल और दिमाग में उमड़ रही हैं और मुझे भावुक कर रही हैं. RIP मेरे जयराज, आपको कभी भुलाया नहीं जाएगा. ईश्वर करे कि आप स्वर्ग में भी वैसे ही खुश रहें जैसे आप हम सभी को यहां रखते थे. उनकी प्यारी पत्नी स्मिता, बेटियों नायरिका और फ्रेयान और पूरे परिवार के लिए प्यार और प्रार्थनाएं.’

विजय कृष्णा के बारे में
बता दें कि विजय कृष्णा एक बेहतरीन एक्टर थे. उन्हें संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘देवदास’ के कड़क पिता के रूप में पहचानते हैं. विजय ने इस फिल्म में शाहरुख खान के पिता नारायण मुखर्जी का किरदार निभाया था. जिसमें उन्होंने अपने अभिनय से वाकई में कड़क पिता की छवि बना ली थी. लेकिन असल जिंदगी में विजय ऐसे नहीं थे. एक एक्टर होने के अलावा विजय एक एनवायरमेंटलिस्ट और गोदरेज समूह के बिजनेस में पूर्व कार्यकारी निदेशक भी थे. वो इंडियन थिएटर का जाना-माना नाम थे और 25 सालों से ज्यादा समय तक उन्होंने अभिनय किया. साल 2004 में आई फिल्म ‘डांस लाइक ए मैन’ के लिए भी उन्हें खूब तारीफें मिली थीं.