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सीएम मोहन यादव के काफिले में कम हो सकती हैं गाड़ियां, पेट्रोल बचाने के लिए सरकार की तैयारी

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सीएम मोहन यादव के काफिले में कम हो सकती हैं गाड़ियां, पेट्रोल बचाने के लिए सरकार की तैयारी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पेट्रोल-डीजल उपयोग का उपयोग कम करने की अपील का असर मध्य प्रदेश सरकार में दिखने लगा है। राज्य सरकार ने तय किया है कि अब शासकीय कार्यों में उपयोग के लिए निजी एजेंसी के माध्यम से पेट्रोल-डीजल वाहनों की जगह इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) को टैक्सी के रूप में लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने काफिले में से वाहनों की संख्या कम कर सकते हैं। इसके अलावा वित्त विभाग ने शासकीय सेवकों की विदेश यात्रा पर भी रोक लगा रखी है।

मुख्यमंत्री के काफिले में लगभग 13 गाड़ियां हैं। इसमें से पांच से छह गाड़ियां कम की जा सकती हैं। सुरक्षा के हिसाब से कुछ वाहन काफिले में खाली चलते हैं, इन्हें कम किया जा सकता है। इसके अलावा मुख्यमंत्री जहां भी दौरे पर जाते हैं उनके स्वागत के लिए वाहनों से जुटने वाली भीड़ पर भी रोक लगाई जा सकती है। इस बीच, वन विभाग और पुलिस को छोड़कर सभी विभागों में नए वाहन क्रय करने पर रोक लगा दी गई है।

खर्चों में कटौती के सख्त निर्देश
जल्द ही कम खपत वाले वाहनों के उपयोग के निर्देश जारी किए जाएंगे। वित्त विभाग यह भी निर्धारित करने जा रहा है कि प्रदेश में पेट्रोल-डीजल का कितना और कब उपयोग हो, जल्द ही इसको लेकर निर्णय लिया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी के आग्रह के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने मंत्रियों से कहा है कि पेट्रोल-डीजल के मद में खर्च कम करें और खुद के खर्चों में भी कटौती करें।

मंत्रियों के काफिले पर स्थिति
केवल जनता से पेट्रोल-डीजल के किफायती उपयोग की अपील की जा रही है, लेकिन मंत्रियों के काफिले में वाहनों की संख्या घटाने पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। प्रदेश में मुख्यमंत्री और दो उप मुख्यमंत्रियों को मिलाकर कुल 30 मंत्री हैं। मंत्रियों के काफिले में तीन से चार वाहन चलते हैं। स्टेट गैराज से इन्हें वाहन आवंटित होता है और पेट्रोल-डीजल भी मिलता है।

आध्यात्मिक पर्यटन का नया हब बनेगा नेपाल

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आध्यात्मिक पर्यटन का नया हब बनेगा नेपाल
नेपाल अब खुद को दुनिया के बड़े आध्यात्मिक और धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने की तैयारी में जुट गया है। राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल ने संसद में ‘देवभूमि नेपाल’ राष्ट्रीय अभियान की घोषणा की है। इस अभियान का उद्देश्य नेपाल की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाना है।

सरकार का फोकस पशुपतिनाथ, मुक्तिनाथ और जनकपुरधाम जैसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करने पर रहेगा। इसके साथ ही महाभारत क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने की योजना भी तैयार की गई है, ताकि विदेशी श्रद्धालुओं और पर्यटकों को यात्रा में आसानी हो सके।

डिजिटल सेवाओं और पर्यटन ढांचे पर जोर
नेपाल सरकार पर्यटन क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए डिजिटल सेवाओं पर तेजी से काम कर रही है। सरकार ने सभी पर्यटक वीजा सेवाओं को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित कर दिया है, जिससे विदेशी यात्रियों के लिए नेपाल आने की प्रक्रिया पहले से आसान हो जाएगी।

इसके अलावा पर्वतारोहण और साहसिक पर्यटन को सुरक्षित बनाने के लिए नई प्रणालियां विकसित की जाएंगी। सरकार का मानना है कि बेहतर सुरक्षा और आधुनिक सुविधाएं नेपाल को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन बाजार में और मजबूत बनाएंगी।

भैरहवा और पोखरा एयरपोर्ट से बढ़ेंगी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें
पर्यटकों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए नेपाल सरकार हवाई अड्डों के विस्तार पर भी काम करेगी। भैरहवा और पोखरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संख्या बढ़ाने की तैयारी है।

सरकार का लक्ष्य हवाई अड्डों पर सेवाओं में सुधार करना और यात्रियों का प्रतीक्षा समय कम करना है। इससे धार्मिक और साहसिक पर्यटन को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।
खुलेगा नया तीर्थाटन विभाग

पर्यटन और संस्कृति मंत्रालय के तहत एक नया तीर्थाटन विभाग भी बनाया जाएगा। यह विभाग महाभारत क्षेत्र से मानस खंड तक बुनियादी ढांचे के विकास पर काम करेगा। नेपाल सरकार अब केवल प्राकृतिक सुंदरता के सहारे पर्यटन बढ़ाने की रणनीति तक सीमित नहीं रहना चाहती। सरकार देश को सुरक्षित, आधुनिक और वैश्विक स्तर के आध्यात्मिक गंतव्य के रूप में विकसित करना चाहती है।

शांति से या किसी और तरीके से, जीत अमेरिका की होगी -डोनाल्ड ट्रंप

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शांति से या किसी और तरीके से, जीत अमेरिका की होगी -डोनाल्ड ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया। चीन रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि ईरान की सैन्य ताकत लगभग खत्म हो चुकी है और अमेरिका यह लड़ाई ‘शांति से या किसी और तरीके से जीत लेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ‘ईरान की नौसेना खत्म हो चुकी है, उसकी वायुसेना खत्म हो चुकी है और उसकी युद्ध मशीन का हर हिस्सा बर्बाद हो चुका है।’

ईरान को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि देश सैन्य रूप से हार चुका है। उन्होंने कहा, ‘वे या तो सही फैसला करेंगे या फिर हम अपना काम पूरा कर देंगे।’ ट्रंप के इस बयान को अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच बेहद अहम माना जा रहा है।

अमेरिकी नाकेबंदी को बताया पूरी तरह सफल
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के खिलाफ लगाई गई नौसैनिक नाकेबंदी को शत प्रतिशत असरदार बताया। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई का असर साफ दिखाई दे रहा है। ट्रंप ने कहा, ‘यह नाकेबंदी पूरी तरह सफल रही है और इसका नतीजा बहुत अच्छा निकलेगा।’

नाटो पर भी भड़के ट्रंप
ट्रंप ने इस दौरान नाटो की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि जब अमेरिका को नाटो की जरूरत थी तब यह संगठन उसके साथ नहीं था। उन्होंने कहा कि नाटो मेरे लिए बहुत निराशाजनक रहा। हमें उनकी जरूरत नहीं है, लेकिन अगर होती भी तो वे हमारे साथ नहीं होते।

वहीं, मार्क रुट्टे ने नाटो के भविष्य को लेकर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि संगठन मजबूत है और यूरोपीय देश रक्षा खर्च बढ़ाने के लिए तैयार हैं। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि इस समय मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव और समुद्री सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है।

दक्षिणी लेबनान में इजरायली हवाई हमलों में 13 लोगों की मौत

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दक्षिणी लेबनान में इजरायली हवाई हमलों में 13 लोगों की मौत
इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच जारी संघर्ष एक बार फिर तेज होता दिखाई दे रहा है। दक्षिणी लेबनान में इजरायली हवाई हमलों में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई है। लेबनान की सरकारी मीडिया के अनुसार, युद्धविराम लागू होने के बावजूद दोनों पक्षों के बीच हिंसा लगातार जारी है और हालात फिर से गंभीर होते जा रहे हैं।

लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी ने बताया कि सोमवार रात कफर दूनिन इलाके में एक घर पर हुए हवाई हमले में छह लोगों की मौत हो गई, जबकि सात अन्य घायल हो गए। इसके अलावा मंगलवार को नबातियेह इलाके में हुए एक अन्य हमले में लेबनान सिविल डिफेंस के दो पैरामेडिक्स की भी जान चली गई।

राहतकर्मियों की मौत पर बढ़ा विवाद
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, पैरामेडिक्स पहले हुए एक हमले में घायल लोगों की मदद के लिए पहुंचे थे तभी उन पर दोबारा हमला हुआ। इस घटना में एक अन्य राहतकर्मी घायल भी हुआ है।

कुम्हारी में दुर्घटना पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जताया गहरा दुःख

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कुम्हारी में दुर्घटना पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जताया गहरा दुःख
दुर्ग जिले के कुम्हारी थाना क्षेत्र में शॉर्ट सर्किट और सिलेंडर विस्फोट से एक ही परिवार के चार सदस्यों की दर्दनाक मौत पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गहरा शोक व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह घटना अत्यंत हृदयविदारक है। इससे मन अत्यंत व्यथित है। उन्होंने शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कठिन समय में राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को परिजनों को हर संभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की विशेष सहायता राशि देने की घोषणा की है। यह राशि शासन के नियमानुसार दी जाने वाली 4-4 लाख रुपये की सहायता के अतिरिक्त होगी।

मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को परिजनों के ठहरने, भोजन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने तथा घटना के कारणों की विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए हैं।

देश का चौथा सबसे गर्म शहर बना रतलाम, 46.5 डिग्री पर पहुंचा पारा

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देश का चौथा सबसे गर्म शहर बना रतलाम, 46.5 डिग्री पर पहुंचा पारा
प्रदेश में गर्मी के तेवर अधिक तीखे हो रहे हैं। झंझावाती मौसम में प्रदेश के पश्चिमी जिलों का तापमान रिकॉर्ड तोड़ रहा है। मंगलवार को रतलाम का अधिकतम तापमान 46.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से 7.2 डिग्री अधिक है। यह प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा। मौसम विभाग ने इसे देश के चौथे सबसे गर्म शहर के तौर पर चिह्नित किया है। मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक देश में सबसे अधिक तापमान राजस्थान के बाड़मेर में 47.3 डिग्री दर्ज हुआ। वहीं फलोदी में इसे 46.8 डिग्री दर्ज किया गया। राजस्थान के जैसलमेर और महाराष्ट्र के अकोला में तापमान रतलाम जैसा ही 46.5 डिग्री सेल्सियस रहा।

बढ़ा रात का पारा और लू का प्रकोप
दिन के तापमान में कई दिनों से वृद्धि के ट्रेंड की वजह से रात का तापमान भी बढ़ा है। प्रदेश के अधिकांश जिलों में न्यूनतम तापमान 24 से 29 डिग्री के बीच बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को रतलाम और धार भीषण लू की चपेट में रहे। तो दूसरी तरफ चक्रवातीय परिसंचरण के चलते कुछ हिस्सों में मौसम बदल गया है। दक्षिण-पश्चिम बालाघाट में 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं और कहीं-कहीं ओले गिरे। इंदौर, धार जिले के मांडू, देवास, सीहोर, सागर, छिंदवाड़ा और रायसेन में धूल भरी आंधी चली।

अब गंदगी-कचरा किया तो लगेगी पेनल्टी – इंदौर निगम कमिश्नर

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अब गंदगी-कचरा किया तो लगेगी पेनल्टी – इंदौर निगम कमिश्नर
इंदौर शहर को स्वच्छ बनाए रखने के लिए नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल मंगलवार को एक बार फिर सक्रिय दिखे। दरअसल उन्होंने शहर के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों पर सफाई व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया और जहां भी कमी पाई, वहां संबंधित अधिकारियों पर नाराजगी जताई। कमिश्नर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी और कचरा फैलाने वालों के खिलाफ अब सख्ती से कार्रवाई की जाएगी, जिसमें पहले समझाइश और न मानने पर पेनल्टी का प्रावधान होगा।

दरअसल इस कड़ी में कमिश्नर सिंघल सबसे पहले बांगड़दा इलाके में स्थित सीटीपीटी (कॉमन ट्रीटमेंट प्लांट) और एक कुएं के हालात का जायजा लेने पहुंचे। उन्होंने वहां की सफाई व्यवस्था को परखा और अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन महत्वपूर्ण स्थानों पर नियमित रूप से साफ-सफाई बनी रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सीटीपीटी और जल स्रोतों की स्वच्छता सीधे तौर पर शहर के स्वास्थ्य से जुड़ी है, इसलिए इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

गार्डन में सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं
बांगड़दा से निकलकर कमिश्नर रामकृष्ण आश्रम के पास बने एक गार्डन पहुंचे। यहां पहुंचकर उन्होंने पाया कि गार्डन में सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं है। कचरा और पत्तियां बिखरी पड़ी थीं, जिससे गार्डन की सुंदरता प्रभावित हो रही थी। इस पर कमिश्नर सिंघल ने मौके पर मौजूद संबंधित उद्यान दरोगा को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने दरोगा को तत्काल प्रभाव से सफाई व्यवस्था में सुधार करने और गार्डन को हमेशा स्वच्छ रखने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने यह भी दोहराया कि सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने वालों को पहले जागरूक किया जाए, और यदि वे नहीं मानते हैं, तो उन पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए पेनल्टी लगाई जाए। यह निर्देश शहर में स्वच्छता के प्रति निगम की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

सफाई व्यवस्था का जायजा लेने पहुंचे
इसके बाद नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने अग्रसेन कॉलोनी गार्डन, वीआईपी रोड पर स्थित आरएपीटीसी गार्डन और अन्य सीटीपीटी की सफाई व्यवस्था का गहनता से निरीक्षण किया। उन्होंने इन सभी स्थानों पर स्वच्छता मानकों की जांच की और अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। यहां से वे एयरपोर्ट रोड और उसके आसपास के इलाकों की सफाई व्यवस्था का जायजा लेने पहुंचे। कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन क्षेत्रों में नियमित रूप से मॉनिटरिंग की जाए और स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। उनका जोर था कि शहर के हर कोने में साफ-सफाई का उच्च स्तर बनाए रखा जाए, ताकि इंदौर अपनी स्वच्छता की पहचान बरकरार रख सके।

निरीक्षण का सिलसिला यहीं नहीं थमा। कमिश्नर सिंघल ने गणगौर घाट और कृष्णपुरा छत्री घाट की स्थिति का भी अवलोकन किया। उन्होंने नदी-नाला सफाई अभियान के तहत किए जा रहे कार्यों का विशेष रूप से निरीक्षण किया। कमिश्नर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि घाट क्षेत्रों में लगातार सफाई कार्य संचालित किए जाएं, ताकि जल स्रोत स्वच्छ बने रहें। उन्होंने कहा कि नदी-नाला सफाई अभियान को और अधिक गति प्रदान करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं। उनका यह दौरा यह संदेश देता है कि इंदौर नगर निगम शहर की स्वच्छता को लेकर कोई समझौता नहीं करेगा और नागरिकों से भी इसमें सहयोग की अपेक्षा है। कमिश्नर ने जोर देकर कहा कि इंदौर की पहचान स्वच्छता से है और इसे बनाए रखने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जाएंगे, जिसमें जनता की भागीदारी भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

नए CBI डायरेक्टर की नियुक्ति पर पीएम आवास में बैठक

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नए CBI डायरेक्टर की नियुक्ति पर पीएम आवास में बैठक
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के नए डायरेक्टर के लिए आज मंगलवार (12 मई, 2026) को प्रधानमंत्री आवास पर महत्वपूर्ण बैठक चली. इस अहम बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी भी मौजूद रहे. हालांकि, पीएम आवास में नए सीबीआई डायरेक्टर के चयन को लेकर नेता विपक्ष राहुल गांधी ने बैठक में अपनी असहमति जताई है. उन्होंने बैठक खत्म होने के बाद नोट ऑफ डिसेंट यानी असहमति का नोट भी दिया है.

सीबीआई की नए डायरेक्टर के लिए करीब आधा दर्जन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारियों के नामों पर चर्चा चल रही है. हालांकि, इस वक्त सीबीआई निदेशक के पद पर प्रवीण सूद कार्यरत हैं, जिन्हें केंद्र सरकार की तरफ से साल 2025 में एक साल का सेवा विस्तार दिया गया था और उनका कार्यकाल इसी महीने की 25 तारीख, यानी 25 मई, 2026 को खत्म हो रहा है.

सीबीआई चीफ बनने की रेस में कौन-कौन से अधिकारी शामिल?
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के नई डायरेक्टर की नियुक्ति के लिए कई आईपीएस अधिकारियों के नामों पर चर्चा चल रही है. जिसमें हरियाणा कैडर के 1990 बैच के आईपीएस अधिकारी शत्रुजीत सिंह कपूर, भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ के प्रमुख और 1989 बैच के IPS अधिकारी पराग जैन, मध्य प्रदेश कैडर के 1989 बैच के IPS अधिकारी अजय कुमार शर्मा और महाराष्ट्र के वर्तमान पुलिस महानिदेशक (DGP) और 1990 बैच के अधिकारी IPS सदानंद वसंत दाते का नाम भी शामिल है.

पुंछ सेक्टर में एलओसी पर सेना का बड़ा ऑपरेशन

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पुंछ सेक्टर में एलओसी पर सेना का बड़ा ऑपरेशन
जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में भारतीय सेना ने एक बार फिर पाकिस्तान की नापाक साजिश का करारा जवाब दिया है। अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास घुसपैठ की एक बड़ी कोशिश को हमारी सतर्क सेना ने पूरी तरह से विफल कर दिया है। सेना की इस त्वरित कार्रवाई में एक हथियारबंद घुसपैठिया मौके पर ही मारा गया है। मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार तड़के अंधेरे और खराब मौसम का फायदा उठाते हुए कुछ आतंककारियों ने भारतीय सीमा में दाखिल होने की कोशिश की। लेकिन सीमा पर मुस्तैद सेना के जवानों ने अत्याधुनिक थर्मल इमेजिंग और नाइट विजन कैमरों की मदद से उनकी संदिग्ध हरकतों को तुरंत भांप लिया। जैसे ही आतंकियों ने नियंत्रण रेखा पार करने का दुस्साहस किया, जवानों ने उन्हें रुकने की चेतावनी दी।

ताबड़तोड़ गोलीबारी और सेना का पलटवार
चेतावनी को अनसुना करते हुए आतंकियों ने भारतीय चौकियों पर गोलीबारी शुरू कर दी। इसके बाद भारतीय सेना ने भी मोर्चा संभाला और जवाबी कार्रवाई करते हुए भारी फायरिंग की। दोनों तरफ से कुछ देर तक चली इस भीषण मुठभेड़ में सेना के जवानों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए एक घुसपैठिए को ढेर कर दिया। मारे गए आतंकी के पास से भारी मात्रा में गोला-बारूद और आधुनिक हथियार बरामद होने की खबर है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस विभाग के पुरस्कारों की राशि बढ़ाने की दी मंजूरी

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस विभाग के पुरस्कारों की राशि बढ़ाने की दी मंजूरी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारी और कर्मचारियों ने अपने अटूट साहस और कर्तव्यनिष्ठा के बल पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। पुलिस सुशासन के मार्ग पर चलने में सरकार का अहम हिस्सा है। राज्य की शांति और सुरक्षा व्यवस्था देशभक्ति और जनसेवा में समर्पित पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों को सम्मानित कर मैं स्वयं गर्व का अनुभव कर रहा हूँ। यह पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों की दक्षता, योग्यता और क्षमता का ही परिणाम है कि उन्हें के.एफ. रुस्तमजी पुरस्कार से सम्मानित किया जा रहा है। मध्यप्रदेश पुलिस ने जिस प्रकार से धाक और साख बनाई है वह निश्चित ही प्रशंसनीय है। पुलिस विभाग में जो भी नवाचार किया जाना है, राज्य सरकार का पूर्ण सहयोग उसके साथ है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश की शांति और सुरक्षा के लिए असधारण कार्य करने वाले पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों को वर्ष 2019-2020 और 2020-2021 के लिए रवीन्द्र भवन में आयोजित के.एफ. रुस्तमजी पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, सम्मानित होने वाले पुलिस अधिकारी-कर्मचारी और उनके परिजन उपस्थित थे।

पुलिसकर्मियों को उनके जिले में आवास उपलब्ध कराये जायेंगे
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज 2 वर्ष के पुरस्कार एक साथ दिये जा रहे है। कर्तव्यनिष्ठा और असाधारण कार्य के लिए प्रोत्साहन स्वरूप दिये जाने वाले यह पुरस्कार आगामी वर्षों में प्रति वर्ष प्रदान किये जायें। यह सुनिश्चित किया जाये कि पुरस्कार वितरण में भविष्य में विलंब न हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस विभाग द्वारा प्रदान किए जाने वाले पुरस्कारों की राशि बढ़ाने को मंजूरी दी गई है। पुलिस महानिदेशक (डीजी) स्तर पर पहले 25 हजार रूपये तक के पुरस्कार दिए जाते थे, जिसे अब बढ़ाकर 50 हजार रूपये कर दिया गया है, जिससे उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों का और अधिक उत्साहवर्धन हो सके। उन्होंने कहा कि हमारे पुलिसकर्मियों को उनके जिले में पात्रता अनुसार आवास उपलब्ध कराने के लिए हाउसिंग बोर्ड एवं संबंधित प्राधिकरणों से समन्वय कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। पुलिसकर्मी समाज की सुरक्षा के लिए सदैव समर्पित रहते हैं, इसलिए उनके कल्याण का ध्यान रखना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिसकर्मियों की प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनके समर्पण के लिये मेरे मन में विशेष स्नेह और सम्मान का भाव है।

वर्ष 2026 की भर्ती प्रक्रिया पूर्ण होते ही अगले वर्ष की प्रक्रिया होगी आरंभ
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस सेवा में भर्ती प्रक्रिया को तेज किया जा रहा है, जिससे अधिक से अधिक युवा पुलिस बल से जुड़कर जन-कल्याण, सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने में अपनी भूमिका निभा सकें। वर्ष 2026 की भर्ती प्रक्रिया पूर्ण होते ही अगले वर्ष की भर्ती प्रक्रिया आरंभ कर दी जायेगी। उन्होंने कहा कि जिला बल में पुलिस बैंड के लिये भी भर्ती प्रक्रिया आरंभ की गई है।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश नया दौर देख रहा है
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय मंत्री अमित शाह ने वर्ष 2026 तक देश से नक्सली उन्मूलन का संकल्प लिया था। हमने वह लक्ष्य डेडलाइन से पहले ही पूरा कर लिया। पुलिस का प्रत्येक जवान इसकी बधाई का पात्र है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की इच्छाशक्ति के बलबूते पर ही देश नक्सली समस्या से मुक्त हो पाया। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश नया दौर देख रहा है और केन्द्रीय गृह मंत्री शाह के प्रयासों से हम देश में सकारात्मक बदलाव का अनुभव कर रहे हैं।

पद्मविभूषण के.एफ. रुस्तमजी पुलिस कर्मियों के लिए प्रेरणा पुंज
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी पद्मविभूषण के.एफ. रुस्तमजी का स्मरण करते हुए कहा कि वे पुलिस कर्मियों के लिए प्रेरणा पुंज रहेंगे। प्रदेश में चम्बल के बीहड़ों से डाकुओं के गिरोहों का सफाया कर जनता को भयमुक्त करने का अभूतपूर्व कार्य किया। उन्होंने हर चुनौती का बखूबी सामना किया। रुस्तमजी के मार्गदर्शन में ही सीमा सुरक्षा बल की नींव रखी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश की सुरक्षा में प्राण प्रण से जुटे 101 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को उनकी उत्कृष्ठ सेवाओं के लिए के.एफ रुस्तम पुरस्कार से सम्मानित किया जा रहा है। यह पुरस्कार उन वीरों को मिल रहे है, जिन्होंने दस्यु उन्मूलन, नक्सल विरोधी अभियानों और साम्प्रदायिक सदभाव बनाये रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

सायबर क्राइम की चुनौती से भी प्रभावी तौर पर निपटेगी मध्यप्रदेश पुलिस
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान में सायबर क्राइम के रूप में अपराध का एक नया चेहरा हमारे सामने है, जिसमें अपराधी सॉफ्टवेयर से हमला कर रहे है। सायबर क्राइम की इस चुनौती का सामना करने के लिए हमें बौद्धिक और तकनीकी श्रेष्ठता की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि मध्यप्रदेश पुलिस अपनी गौरवशाली परंपरा को कायम रखते हुए, दृढ़ इच्छा शक्ति और संकल्प के आधार पर साइबर क्राइम की चुनौती से भी प्रभावी तौर पर निपटेगी और अपनी प्रतिष्ठा को बनाये रखेगी।

परम विशिष्ट-अतिविशिष्ट तथा विशिष्ट श्रेणी में दिये गये पुरस्कार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि रुस्तमजी पुरस्कार के अंतर्गत परम विशिष्ट श्रेणी में सम्मानित अधिकारियों को सम्मान स्वरूप 5-5 लाख रुपये अथवा रिवॉल्वर/गन तथा अतिविशिष्ट श्रेणी के अंतर्गत्2-2 लाख रुपये अथवा रिवॉल्वर/गन प्रदान की जा रही है। विशिष्ट श्रेणी के अंतर्गत 50 हजार रुपये और प्रमाण-पत्र प्रदान किये जा रहे है।

वर्तमान समय में कम्युनिटी पुलिसिंग निभा रही है अहम भूमिका
पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने कहा कि के.एफ. रुस्तमजी पुरस्कार की शुरुआत वर्ष 2013 में की गई थी। अब तक 418 पुलिस अधिकारियों को यह पुरस्कार प्रदान किया जा चुका है। दस्यु उन्मूलन, कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण सहित अन्य कार्यों के लिए यह पुरस्कार दिया जाता है।

पुलिस महानिदेशक मकवाना ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में हमारा पुलिस बल प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा में अहम योगदान दे रहा है। मध्यप्रदेश पुलिस ने अनेक उपलब्धियां भी हासिल की हैं। इसमें 11 दिसंबर 2025 को प्रदेश को नक्सलवाद से मुक्त कराना और डायल 112 सेवा का क्रियान्वयन शामिल है। पिछले साल कुल साढ़े 8 हजार पदों पर पुलिस भर्ती की स्वीकृति प्राप्त हुई है। कॉन्स्टेबल भर्ती की प्रक्रिया पूर्ण हो गई है और सिपाहियों को ज्वाइनिंग दी जा रही है। सिंहस्थ-2028 एक बड़ा आयोजन होगा, इसके लिए पुलिस बल को प्रशिक्षण देकर जमीनी स्तर पर तैनात करना बहुत आवश्यक है, इसके लिए तैयारियां जारी हैं। वर्तमान समय में कम्युनिटी पुलिसिंग अहम भूमिका निभा रही है, जनभागीदारी से म.प्र. पुलिस ने पिछले साल “नशे से दूरी है जरूरी” अभियान का सफल क्रियान्वयन किया, लाखों की संख्या में प्रदेशवासी इस अभियान का हिस्सा बने। अगले 3 वर्षों में प्रदेश को नारकोटिक ड्रग्स से पूर्णत: मुक्त करने का लक्ष्य है। वर्तमान दौर में प्रदेश पुलिस नई तकनीक से लैस हो रही है। सायबर अपराध से निपटने के लिए ई-जीरो एफआईआर की शुरुआत की गई है। हमारे पुलिस अधिकारी और कर्मचारी अपराध नियंत्रण के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं।

वर्ष 2019-20 के रुस्तमजी पुरस्कार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष 2019-20 का के.एफ. रुस्तमजी पुरस्कार परम विशिष्ट श्रेणी में तत्कालीन जोनल पुलिस अधीक्षक, विशेष शाखा, जिला इन्दौर हाल पुलिस अधीक्षक, लोकायुक्त इन्दौर राजेश सहाय, तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला नरसिंहपुर हाल सेवानिवृत्त महिला सुरक्षा, जबलपुर राजेश तिवारी, तत्कालीन उप निरीक्षक थाना मझगवां, जिला सतना ओम प्रकाश चौंगडे हाल कार्यवाहक निरीक्षक जिला बडवानी को पुरस्कार प्रदान किया गया है। अति विशिष्ट श्रेणी में मनोज शर्मा, निरीक्षक, अनुभाग 3, विशेष शाखा, मुख्यालय भोपाल, ज्योति तिवारी, तत्कालीन महिला आरक्षक, अ.अ.वि. (विशेष किशोर इकाई), जिला सागर हाल कार्यवाहक प्रधान आरक्षक जिला सागर को प्रदान किया गया। विशिष्ट श्रेणी में मती शालिनी दीक्षित, तत्कालीन सहायक पुलिस महानिरीक्षक, महिला अपराध शाखा, पुलिस मुख्यालय भोपाल हाल अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जोन-3 नगरीय पुलिस भोपाल, संदेश कुमार जैन, तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, सायबर क्राईम, जिला पुलिस बल, भोपाल हाल पुलिस अधीक्षक, रेडियो भोपाल हाल प्रतिनियुक्ति AIIMS भोपाल, विनय प्रकाश पॉल सहायक पुलिस महानिरीक्षक, विशेष शाखा पुलिस मुख्यालय भोपाल, विक्रम सिंह. तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, बीना, जिला सागर हाल जिला मउगंज, ममतेश कुमार माली, तत्का. उप पुलिस अधीक्षक, एटीएस मुख्यालय, भोपाल हाल पुलिस अधीक्षक, पी.टी.एस. (एम.टी.) भोपाल सहित कुल 43 अधिकारियों और कर्मचारियों को पुरस्कार प्रदान किये गये।

वर्ष 2020-21 के रूस्तमजी पुरस्कार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष 2021-22 के के.एफ. रूस्तमजी पुरस्कार, परम विशिष्ट श्रेणी में अपूर्व भलावी, तत्का. अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस), परसवाड़ा, जिला बालाघाट हाल लखनादौन सिवनी, पंकज कर्मा, तत्का, निरीक्षक, एटीएस इकाई, उज्जैन हाल एटीएस इकाई, खण्डवा, मनीष जारवाल, निरीक्षक, एटीएस इकाई, उज्जैन, विजय वास्कले, तत्का. उप निरीक्षक, थाना प्रभारी, टाण्डा, जिला धार हाल कार्यवाहक निरीक्षक, जिला अलीराजपुर को तथा अति विशिष्ट श्रेणी में गोपाल प्रसाद खाण्डेल, तत्का. अति. पु.अ. शहर, जिला जबलपुर हाल सेवानिवृत्त पुलिस अधीक्षक, पीटीएस सागर, वैभव वास्तव, तत्कालीन अतिरिक्त पु.अ., राज्य सायबर, पुलिस मुख्यालय भोपाल हाल सहायक पुलिस महानिरीक्षक, एटीएस मुख्यालय भोपाल, मती भावना मरावी, तत्कालीन अनु. अधिकारी (पुलिस), सीहोरा, जिला जबलपुर हाल अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, रेल जबलपुर, अवधेश सिंह भदौरिया, तत्कालीन उप निरीक्षक, थाना विरसा, जिला बालाघाट हाल कार्यवाहक निरीक्षक, थाना प्रभारी हनुमानगंज भोपाल, सुनील मिश्रा, तत्का. आरक्षक, एटीएस मुख्यालय, भोपाल हाल कार्यवाहक प्रधान आरक्षक एटीएस मुख्यालय, भोपाल अनिल रावत, आरक्षक, एटीएस मुख्यालय, भोपाल को प्रदान किये गये। विशिष्ट श्रेणी गीता चौहान, तत्का. उपुअ पीटीसी, इन्दौर हाल अति. पुलिस अधीक्षक, पीटीसी इन्दौर, दुर्गेश आर्मी, तत्का. उ.पु.अ. लांजी, जिला बालाघाट हाल नगर पुलिस अधीक्षक, जावरा रतलाम, रामशंकर सिलावट उप पुलिस अधीक्षक, एटीएस इकाई, इन्दौर, अभिनव कुमार बारंगे, तत्का. अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) भितरवार, जिला ग्वालियर हाल नगर पुलिस अधीक्षक, जिला खण्डवा सहित कुल 39 अधिकारियों और कर्मचारियों को पुरस्कार से सम्मानित किया।