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भारत में डिजाइन, दुनिया के लिए निर्माण, ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ को बढ़ावा देने पर जोर

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भारत में नवाचार, डिजाइन और विनिर्माण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘डिजाइन इन इंडिया’, ‘मेक फॉर इंडिया’ और ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ के संकल्प को साकार करने पर जोर दिया जा रहा है। इस पहल का लक्ष्य देश की प्रतिभा, तकनीक और उत्पादन क्षमता को वैश्विक स्तर पर स्थापित करना है।

डिजाइन और नवाचार को मिलेगा बढ़ावा
‘डिजाइन इन इंडिया’ के तहत देश में उत्पादों के डिजाइन, अनुसंधान और नवाचार की क्षमता को मजबूत करने पर जोर है। इसका उद्देश्य भारतीय युवाओं, स्टार्टअप्स और उद्योगों को नए उत्पाद विकसित करने के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।

घरेलू जरूरतों से वैश्विक बाजार तक
‘मेक फॉर इंडिया’ के जरिए देश की बढ़ती घरेलू जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भारत में ही उत्पादन क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य है। वहीं ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ के तहत भारतीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारत की भूमिका मजबूत करने पर फोकस किया जा रहा है।

सरकार का जोर तकनीक, कौशल, अनुसंधान और उद्योग के बीच बेहतर तालमेल विकसित करने पर भी है। इससे विनिर्माण क्षेत्र में नए अवसर पैदा होने और भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता मजबूत होने की उम्मीद है।

इंफ्रास्ट्रक्चर से कृषि तक बड़ा फैसला, MP कैबिनेट ने 13,790 करोड़ रुपये किए स्वीकृत

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मध्यप्रदेश मंत्रिपरिषद ने प्रदेश के विकास को गति देने के लिए बुनियादी ढांचे, कृषि विस्तार और प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण से जुड़े विभिन्न कार्यों के लिए लगभग 13 हजार 790 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। सरकार के इस फैसले का उद्देश्य विकास परियोजनाओं को तेज करना और प्रदेश में आवश्यक अधोसंरचना को और मजबूत बनाना है।

स्वीकृत राशि के माध्यम से बुनियादी ढांचे के विस्तार, कृषि क्षेत्र के विकास और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने से जुड़े कार्यों को गति दी जाएगी। इससे विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आने और विभिन्न क्षेत्रों में सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद है।

कृषि क्षेत्र को मिलेगी नई गति
कृषि विस्तार से जुड़े कार्यों पर विशेष जोर दिया गया है। प्रदेश में कृषि उत्पादन, आधुनिक कृषि तकनीक और किसानों तक सुविधाओं की पहुंच को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न गतिविधियों को गति देने का लक्ष्य है। मध्यप्रदेश का कृषि विभाग पहले से ही कृषि यंत्रीकरण और किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण उपलब्ध कराने के लिए योजनाएं संचालित कर रहा है।

अधोसंरचना और प्रशासनिक व्यवस्था होगी मजबूत
सरकार का फोकस विकास परियोजनाओं के साथ प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर भी है। करीब 13,790 करोड़ रुपये की स्वीकृति से प्रदेश में अधोसंरचना विकास और प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण से जुड़े कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

मंत्रिपरिषद के इस निर्णय को प्रदेश में विकास, कृषि और प्रशासन—तीनों क्षेत्रों को एक साथ मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

बेहतर परिवहन से छत्तीसगढ़ की तस्वीर बदलने पर जोर, CM साय ने गिनाई विकास की प्राथमिकताएं

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में बेहतर कनेक्टिविटी और मजबूत परिवहन व्यवस्था से प्रदेश के विकास को नई गति मिलेगी। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों को भी सड़क, परिवहन और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जोड़कर विकास की मुख्यधारा में लाया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दूरियां कम होने से लोगों के लिए आवागमन आसान होगा और शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार तथा व्यापार जैसी सुविधाओं तक उनकी पहुंच बेहतर होगी। ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी मजबूत होने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।

परिवहन और कनेक्टिविटी पर जोर
सीएम साय ने कहा कि प्रदेश के विकास के लिए मजबूत सड़क नेटवर्क और सुगम परिवहन व्यवस्था बेहद जरूरी है। सरकार ऐसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दे रही है, जहां भौगोलिक परिस्थितियों के कारण लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी से न केवल लोगों का समय बचेगा, बल्कि किसानों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और श्रमिकों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा। दूरस्थ क्षेत्रों में सड़क और परिवहन सुविधाओं के विस्तार से वहां पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

विकास की मुख्यधारा से जुड़ेंगे दूरस्थ क्षेत्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के हर क्षेत्र तक विकास का लाभ पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। कनेक्टिविटी के विस्तार के साथ प्रदेश के शहरों और गांवों के बीच संपर्क मजबूत होगा। इससे रोजगार के अवसर बढ़ाने और स्थानीय संसाधनों को बाजार से जोड़ने में भी मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और प्रदेश के सभी क्षेत्रों को बेहतर सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में लगातार काम कर रही है।

महिला सशक्तिकरण पर CM साय का फोकस, सम्मान-सुरक्षा के साथ आर्थिक आत्मनिर्भरता पर जोर

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की माताओं-बहनों का सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री ने यह बात राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के निवास पर आयोजित तीज मिलन समारोह के दौरान कही। उन्होंने समारोह में शामिल माताओं-बहनों से मुलाकात कर उन्हें तीज पर्व की शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराओं में मातृशक्ति का विशेष स्थान है। सरकार महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभ लेने वाला वर्ग नहीं, बल्कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय सहभागी मानकर कार्य कर रही है। उनका कहना है कि महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत होने से परिवार और समाज को भी मजबूती मिलती है।

68 लाख से अधिक महिलाओं को महतारी वंदन का लाभ
मुख्यमंत्री के मुताबिक महतारी वंदन योजना के तहत 68 लाख से अधिक महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जा रही है। वहीं प्रदेश में 13.85 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं और स्व-सहायता समूहों तथा स्वरोजगार से जुड़कर आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

सीएम साय ने कहा कि महिलाओं को स्थायी आजीविका, कौशल विकास और स्वरोजगार से जोड़ना महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश की माताएं-बहनें आत्मनिर्भर बनें और परिवार एवं समाज के विकास में उनकी भूमिका और मजबूत हो।

तीज पर्व को बताया संस्कृति और आत्मीयता का प्रतीक
मुख्यमंत्री ने कहा कि तीज का पर्व छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और आत्मीय रिश्तों से जुड़ा है। भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना से जुड़े इस पर्व पर उन्होंने प्रदेश की सभी माताओं-बहनों और उनके परिवारों के सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।

महानदी बेसिन में ONGC की बड़ी कामयाबी, ओडिशा तट के पास मिली प्राकृतिक गैस

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देश की ऊर्जा खोज के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। सरकारी तेल एवं प्राकृतिक गैस कंपनी ONGC ने ओडिशा तट के पास महानदी अपतटीय बेसिन के गहरे समुद्री क्षेत्र में प्राकृतिक गैस की खोज की है। यह खोज 18 सितंबर को MN-DW18-1-H-D कुएं में की गई, जिसकी ड्रिलिंग करीब 1,623 मीटर की गहराई तक की गई।

बताया गया है कि यह कुआं कोणार्क तट से करीब 43 किलोमीटर दूर स्थित है। शुरुआती परीक्षणों में कुएं से गैस का प्रवाह और जलाशय में दबाव उत्साहजनक पाया गया है। हालांकि, खोज की व्यावसायिक क्षमता का आकलन आगे की जांच और मूल्यांकन के बाद किया जाएगा।

यह खोज महानदी बेसिन में गहरे समुद्र में हाइड्रोकार्बन संसाधनों की तलाश के लिए चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। जुलाई 2026 में इसी क्षेत्र में पहले मूल्यांकन कुएं की ड्रिलिंग शुरू की गई थी। सरकार की ‘समुद्र मंथन’ राष्ट्रीय अपतटीय अन्वेषण योजना का उद्देश्य देश की घरेलू तेल और गैस खोज को बढ़ावा देना तथा आयात पर निर्भरता कम करने में मदद करना है।

ONGC की यह खोज भारत के अपतटीय ऊर्जा संसाधनों के आकलन के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आगे होने वाले मूल्यांकन से यह स्पष्ट होगा कि यहां उपलब्ध गैस भंडार को व्यावसायिक उत्पादन के लिए किस स्तर तक विकसित किया जा सकता है।

MP में दिव्यांगजनों के लिए नई पहल, राज्य दिव्यांग निधि के संचालन को लेकर जारी हुए निर्देश

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मध्यप्रदेश सरकार ने दिव्यांगजनों के कल्याण और उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य दिव्यांग निधि के संचालन के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने इसे अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर प्रमुख सूचना के रूप में जारी किया है।

इस पहल का उद्देश्य दिव्यांगजनों से जुड़ी सहायता को व्यवस्थित तरीके से उपलब्ध कराना और निधि के संचालन की प्रक्रिया को स्पष्ट करना है। विभाग की ओर से दिव्यांगजन कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनमें पेंशन, पुनर्वास और सहायता से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं।

विभाग की वेबसाइट के अनुसार, राज्य दिव्यांग निधि से संबंधित दिशा-निर्देशों को हालिया प्रमुख सूचनाओं में शामिल किया गया है। इसके साथ ही दिव्यांगजनों के लिए विशेष विद्यालयों में अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था और ITI में प्रवेश लेने वाले दृष्टिबाधित एवं श्रवण बाधित विद्यार्थियों के लिए आवास सहायता से जुड़े आदेश भी हाल में जारी किए गए हैं।

सरकार के इन कदमों से दिव्यांगजनों के लिए संचालित सहायता एवं पुनर्वास व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित करने की दिशा में काम आगे बढ़ने की उम्मीद है।

संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत की सक्रियता बढ़ी, वैश्विक चुनौतियों पर अहम चर्चाएं

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संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के दौरान भारत की कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। न्यूयॉर्क में आयोजित उच्चस्तरीय बैठकों के बीच भारत विभिन्न देशों के साथ द्विपक्षीय और बहुपक्षीय मुद्दों पर संवाद कर रहा है। इन चर्चाओं में वैश्विक सुरक्षा, आर्थिक सहयोग, तकनीक, रक्षा और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार जैसे विषय प्रमुख रहे।

भारत की ओर से विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों के साथ मुलाकातों के जरिए आपसी सहयोग को मजबूत करने और साझा वैश्विक चुनौतियों पर समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। इस दौरान भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार और विकासशील देशों की भूमिका बढ़ाने जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया।

UNGA का यह सत्र ऐसे समय हो रहा है जब दुनिया कई भू-राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियों से गुजर रही है। ऐसे में भारत की सक्रिय भागीदारी को वैश्विक मंच पर उसके बढ़ते कूटनीतिक संवाद के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में भारतीय प्रतिनिधिमंडल की कई अहम द्विपक्षीय बैठकों और बहुपक्षीय कार्यक्रमों में भागीदारी प्रस्तावित है।

गोल्ड पर भारत का कब्जा, श्रीलंका को हराकर महिला क्रिकेट टीम ने बढ़ाया देश का गौरव

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एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका को 147 रन से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ भारत ने महिला क्रिकेट में लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स का गोल्ड मेडल जीता है। यह मौजूदा एशियन गेम्स में भारत का पहला स्वर्ण पदक भी है।

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने 20 ओवर में 216 रन बनाए और 3 विकेट गंवाए। स्मृति मंधाना ने 45 गेंदों में 79 रन की शानदार पारी खेली, जबकि शेफाली वर्मा ने 29 गेंदों पर 48 रन बनाए। दोनों ने पहले विकेट के लिए 99 रन की साझेदारी कर भारत को तेज शुरुआत दिलाई।

पारी के आखिरी ओवरों में रिचा घोष ने 22 गेंदों पर नाबाद 49 रन बनाकर भारतीय स्कोर को 200 के पार पहुंचाया। भारत का 216/3 का स्कोर एशियन गेम्स महिला क्रिकेट में रिकॉर्ड टोटल रहा।

217 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और 15.4 ओवर में महज 69 रन पर ऑलआउट हो गई। दीप्ति शर्मा ने चार विकेट लिए, जबकि शेफाली वर्मा ने भी गेंदबाजी में दो विकेट हासिल किए।

इस मुकाबले में स्मृति मंधाना ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की। वह 11,000 अंतरराष्ट्रीय रन पूरे करने वाली महिला क्रिकेट की पहली बल्लेबाज बनीं। भारत की इस जीत के साथ एशियन गेम्स में महिला क्रिकेट का स्वर्ण एक बार फिर भारतीय टीम के नाम रहा।

नेशनल अवॉर्ड में यामी गौतम और कार्तिक आर्यन छाए, अनंत नाग को मिला दादा साहेब फाल्के सम्मान

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72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में भारतीय सिनेमा के दिग्गज कलाकारों और फिल्मों का सम्मान हुआ। गुजरात के एकता नगर में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वर्ष 2024 के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान किए। इस दौरान दिग्गज कन्नड़ अभिनेता अनंत नाग को दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। पांच दशक से अधिक लंबे उनके सिनेमाई सफर और भारतीय सिनेमा में योगदान के लिए उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान दिया गया।

अभिनय के क्षेत्र में यामी गौतम ने ‘आर्टिकल 370’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार हासिल किया। वहीं कार्तिक आर्यन को ‘चंदू चैंपियन’ में उनके अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिला। इस श्रेणी में मलयालम सिनेमा के दिग्गज ममूटी को ‘ब्रह्मयुगम’ के लिए कार्तिक के साथ संयुक्त रूप से सर्वश्रेष्ठ अभिनेता चुना गया।

‘आर्टिकल 370’ को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार भी मिला। फिल्म के लिए यामी गौतम को मिले अभिनय सम्मान ने इसकी उपलब्धियों में एक और अध्याय जोड़ा। वहीं तमिल फिल्म ‘अमरन’ के लिए राजकुमार पेरियासामी को सर्वश्रेष्ठ निर्देशन का पुरस्कार मिला।

समारोह में रणदीप हुड्डा को ‘स्वतंत्र वीर सावरकर’ के लिए सर्वश्रेष्ठ नवोदित निर्देशक का पुरस्कार भी प्रदान किया गया। इस बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह पहली बार नई दिल्ली से बाहर गुजरात के एकता नगर में आयोजित हुआ, जिससे आयोजन को एक अलग स्वरूप मिला।

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 का बढ़ा क्रेज, 72 देशों से पहुंचेंगे करीब 600 विदेशी खरीदार

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उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक कर आयोजन की तैयारियों की समीक्षा की और सुरक्षा, ट्रैफिक, स्वच्छता, विदेशी मेहमानों के स्वागत तथा सुविधाओं को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश दिए। यह आयोजन 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित होगा।

इस वर्ष ट्रेड शो में 72 देशों और क्षेत्रों से करीब 600 अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के पहुंचने की उम्मीद है। विदेशी खरीदारों को फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशंस (FIEO) और विदेशों में स्थित भारतीय मिशनों के माध्यम से जोड़ा जा रहा है। जापान, वियतनाम, रूस, सिंगापुर, ऑस्ट्रिया और बेलारूस इस संस्करण के साझेदार देश होंगे।

ट्रेड शो में उत्तर प्रदेश के ODOP, MSME, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी, डिफेंस और एयरोस्पेस, कृषि, रिन्यूएबल एनर्जी, ऑटोमोबाइल एवं इलेक्ट्रिक व्हीकल, फार्मा, टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स, पर्यटन और संस्कृति जैसे क्षेत्रों को प्रदर्शित किया जाएगा। करीब 36,500 वर्ग मीटर प्रदर्शनी क्षेत्र बुक किया जा चुका है और 20 से अधिक नॉलेज सेशन आयोजित किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने विदेशी खरीदारों और प्रदर्शकों के लिए बेहतर आवास व्यवस्था, संबंधित देशों के लिए लायजन अधिकारियों की नियुक्ति और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ बिजनेस मीटिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आयोजन स्थल पर CCTV, इंटरनेट-वाइफाई, पेयजल, स्वच्छता और पार्किंग जैसी सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

आगंतुकों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए 500 से अधिक इलेक्ट्रिक शटल बसों की व्यवस्था की जा रही है, जो पार्किंग क्षेत्रों से प्रदर्शनी स्थल तक लोगों को पहुंचाएंगी। अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों और वीआईपी मेहमानों की सहायता के लिए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर विशेष सुविधा केंद्र भी बनाया गया है।

UPITS-2026 को उत्तर प्रदेश के उत्पादों, उद्यमों और औद्योगिक क्षमताओं को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने वाले प्रमुख व्यापारिक मंच के रूप में तैयार किया जा रहा है। आयोजन में बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) बैठकों और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के साथ व्यापारिक संपर्क पर विशेष जोर रहेगा।