मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की माताओं-बहनों का सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री ने यह बात राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के निवास पर आयोजित तीज मिलन समारोह के दौरान कही। उन्होंने समारोह में शामिल माताओं-बहनों से मुलाकात कर उन्हें तीज पर्व की शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराओं में मातृशक्ति का विशेष स्थान है। सरकार महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभ लेने वाला वर्ग नहीं, बल्कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय सहभागी मानकर कार्य कर रही है। उनका कहना है कि महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत होने से परिवार और समाज को भी मजबूती मिलती है।
68 लाख से अधिक महिलाओं को महतारी वंदन का लाभ
मुख्यमंत्री के मुताबिक महतारी वंदन योजना के तहत 68 लाख से अधिक महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जा रही है। वहीं प्रदेश में 13.85 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं और स्व-सहायता समूहों तथा स्वरोजगार से जुड़कर आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
सीएम साय ने कहा कि महिलाओं को स्थायी आजीविका, कौशल विकास और स्वरोजगार से जोड़ना महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश की माताएं-बहनें आत्मनिर्भर बनें और परिवार एवं समाज के विकास में उनकी भूमिका और मजबूत हो।
तीज पर्व को बताया संस्कृति और आत्मीयता का प्रतीक
मुख्यमंत्री ने कहा कि तीज का पर्व छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और आत्मीय रिश्तों से जुड़ा है। भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना से जुड़े इस पर्व पर उन्होंने प्रदेश की सभी माताओं-बहनों और उनके परिवारों के सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।