Home Blog Page 2

बलराम कृषि महोत्सव में CM यादव की किसानों से खास बातचीत, खेती के मुद्दों पर हुआ मंथन

0

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रीवा में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव में शामिल किसानों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से खेती-किसानी, कृषि उत्पादन, सिंचाई, आधुनिक तकनीक और उनकी स्थानीय जरूरतों को लेकर चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने किसानों से बातचीत करते हुए कृषि क्षेत्र को अधिक समृद्ध और आधुनिक बनाने के लिए नई तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों की आय और कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।

कार्यक्रम में किसानों ने भी खेती से जुड़े अपने अनुभव साझा किए और क्षेत्र की कृषि संबंधी आवश्यकताओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों की बातों को सुना और कृषि क्षेत्र के विकास के लिए सरकार की विभिन्न योजनाओं एवं प्रयासों की जानकारी दी।

बलराम कृषि महोत्सव के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों, नई तकनीक और कृषि क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान और कृषि क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि मौजूद रहे।

स्थापना दिवस पर किसानों को मिलेगी प्राथमिकता, CM यादव ने दी ‘समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश’ की थीम

0

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश का स्थापना दिवस इस वर्ष “समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश” की थीम पर मनाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की प्रगति में किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका है और स्थापना दिवस के आयोजनों में कृषि, किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास को प्रमुखता दी जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्थापना दिवस की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेशभर में होने वाले कार्यक्रमों में मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, कृषि शक्ति और विकास की उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया जाए। उन्होंने आयोजन को जनभागीदारी से जोड़ने पर भी जोर दिया।

उन्होंने कहा कि किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, नवाचार और बेहतर बाजार व्यवस्था से जोड़ने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं। स्थापना दिवस के अवसर पर किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों की भागीदारी सुनिश्चित कर प्रदेश की कृषि क्षमता को सामने लाया जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि स्थापना दिवस के कार्यक्रम गरिमापूर्ण और आकर्षक होने के साथ-साथ प्रदेश के विकास की दिशा और भविष्य की संभावनाओं को भी प्रदर्शित करें। विभिन्न जिलों में स्थानीय संस्कृति और परंपराओं के अनुरूप कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, ताकि प्रदेश की विविधता और विरासत की झलक भी देखने को मिले।

तीज मिलन उत्सव में दिखेगी छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक, CM साय होंगे शामिल

0

छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने वाले तीज पर्व के अवसर पर नवा रायपुर में आज भव्य तीज मिलन उत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपनी पत्नी कौशल्या देवी साय के साथ शामिल होंगे। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह भी अपनी पत्नी के साथ इस उत्सव में भाग लेंगे।

नवा रायपुर के सेक्टर-24 स्थित आयोजन स्थल पर तीजा पर्व की पारंपरिक झलक देखने को मिलेगी। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी लोकगीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, पारंपरिक नृत्य और स्थानीय व्यंजनों का आयोजन किया जाएगा। बड़ी संख्या में महिलाओं और सामाजिक संगठनों की भागीदारी की संभावना है।

तीज मिलन उत्सव को छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक माना जाता है। मुख्यमंत्री साय का इस आयोजन में शामिल होना राज्य की लोक परंपराओं और सांस्कृतिक आयोजनों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उत्सव के दौरान प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना भी की जाएगी।

ओडिशा प्रवास पर CM साय, राज्यपाल से हुई अहम मुलाकात

0

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ओडिशा प्रवास के दौरान सोमवार को भुवनेश्वर स्थित लोक भवन में राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कंभमपति से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान दोनों के बीच छत्तीसगढ़ और ओडिशा के साझा सामाजिक एवं सांस्कृतिक संबंधों के साथ विभिन्न समसामयिक विषयों पर चर्चा हुई।

मुलाकात के दौरान दोनों राज्यों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में विकास और आपसी सहयोग को और मजबूत करने की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ। राज्यपाल डॉ. कंभमपति ने कहा कि दोनों राज्यों के बीच लंबे समय से मजबूत सांस्कृतिक संबंध रहे हैं और इन्हें आगे और प्रगाढ़ बनाने की व्यापक संभावनाएं हैं।

मुख्यमंत्री साय का यह ओडिशा दौरा दो दिवसीय है। प्रवास के दौरान उन्होंने ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से भी मुलाकात की। साथ ही मुख्यमंत्री साय ने भुवनेश्वर में भगवान लिंगराज मंदिर में दर्शन-पूजन किया।

22 सितंबर को परिवर्तिनी एकादशी, भगवान विष्णु की पूजा का विशेष दिन

0

हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। भाद्रपद शुक्ल पक्ष की परिवर्तिनी एकादशी का व्रत 22 सितंबर 2026, मंगलवार को रखा जाएगा। यह एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित मानी जाती है और इस दिन विशेष रूप से भगवान विष्णु के वामन स्वरूप की पूजा करने की परंपरा है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चातुर्मास के दौरान भगवान विष्णु योगनिद्रा में रहते हैं और परिवर्तिनी एकादशी के दिन करवट बदलते हैं। इसी वजह से इस एकादशी को परिवर्तिनी एकादशी कहा जाता है। इसे पद्मा, पार्श्व या वामन एकादशी के नाम से भी जाना जाता है।

इस दिन श्रद्धालु सुबह स्नान के बाद भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करते हैं। भगवान को पीले फूल, तुलसी दल, फल और पंचामृत अर्पित करने की परंपरा है। भक्त भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करने के साथ एकादशी व्रत कथा का पाठ और श्रवण भी करते हैं।

पंचांग के अनुसार, इस बार एकादशी तिथि 21 सितंबर की रात करीब 8 बजे से शुरू होकर 22 सितंबर की रात 9:43 बजे तक रहेगी। व्रत का पारण 23 सितंबर को किया जाएगा। उपलब्ध पंचांग विवरण के अनुसार पारण का समय सुबह 6:10 बजे से 8:35 बजे तक बताया गया है, हालांकि स्थानीय पंचांग के अनुसार समय में थोड़ा अंतर हो सकता है।

परिवर्तिनी एकादशी के अवसर पर मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे। श्रद्धालु भगवान विष्णु की आराधना के साथ दान-पुण्य और जरूरतमंदों की सहायता भी करेंगे।

मेरठ में सीएम योगी का विपक्ष पर हमला, परिवारवाद और जातिवाद को लेकर साधा निशाना

0

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को मेरठ में आयोजित भाजपा के शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन को संबोधित करते हुए विपक्षी दलों पर परिवारवाद और जातिवाद को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और समाज को जाति, क्षेत्र तथा भाषा के आधार पर बांटने वाली कोशिशों से सतर्क रहने की अपील की।

सीएम योगी ने आरोप लगाया कि लंबे समय तक देश की राजनीति में परिवारवाद और जातिवाद का प्रभाव रहा है। उन्होंने समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्षी दलों ने सत्ता को अपने और परिवार के हित साधने का माध्यम बनाया। ये आरोप मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान लगाए।

मुख्यमंत्री ने भाजपा की संगठनात्मक सोच का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी में “व्यक्ति से बढ़कर दल और दल से बढ़कर देश” की भावना को महत्व दिया जाता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से यह सोचने की अपील की कि उन्हें क्या मिला, इसके बजाय वे देश के लिए क्या कर रहे हैं।

योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में अपनी सरकार के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए रोजगार, औद्योगिक विकास और बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों को भी गिनाया। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में साढ़े नौ लाख सरकारी नौकरियां दी गई हैं और ओडीओपी योजना के जरिए बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार के अवसर मिले हैं।

मेरठ में आयोजित कार्यक्रम भाजपा के पश्चिमी क्षेत्र के संगठनात्मक कार्यक्रमों का हिस्सा था। इस दौरान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन समेत संगठन से जुड़े पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

एशियन गेम्स 2026 में भारत की शानदार शुरुआत, शूटिंग में बरसे मेडल

0

जापान के आइची-नागोया में जारी एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार शुरुआत की है। प्रतियोगिता के दूसरे दिन भारत के खाते में कुल 6 पदक हो गए हैं, जिनमें 4 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज शामिल हैं। शूटिंग भारतीय दल के लिए सबसे सफल खेल साबित हुआ है।

भारतीय निशानेबाजों ने 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धाओं में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किया। पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत स्पर्धा में हिमांशु ढिल्लों ने सिल्वर और रुद्रांक्ष पाटिल ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। चीन के शेंग लिहाओ ने इस स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता।

इससे पहले पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में हिमांशु ढिल्लों, पार्थ माने और रुद्रांक्ष पाटिल की भारतीय टीम ने सिल्वर मेडल हासिल किया था। टीम ने 1890.1 अंक बनाए, जबकि चीन ने 1899.0 अंकों के साथ गोल्ड जीता।

भारत के लिए एक और ऐतिहासिक उपलब्धि सुचिका तारियाल ने हासिल की। उन्होंने एशियन गेम्स में पहली बार शामिल किए गए मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रच दिया।

भारत के अब तक के 6 पदकों में 5 पदक शूटिंग से आए हैं, जबकि एक ब्रॉन्ज MMA में मिला है। भारतीय दल की नजर अब आगामी मुकाबलों में स्वर्ण पदक का खाता खोलने और पदकों की संख्या बढ़ाने पर रहेगी।

अगस्त में इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की ग्रोथ 4.8%, आर्थिक गतिविधियों को मिला सहारा

0

देश के प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में अगस्त 2026 के दौरान 4.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। आठ प्रमुख बुनियादी उद्योगों के प्रदर्शन से जुड़े आंकड़ों में यह बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की गतिविधियों में तेजी को अर्थव्यवस्था के लिए अहम संकेत माना जा रहा है।

कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट और बिजली जैसे प्रमुख क्षेत्रों का प्रदर्शन देश की औद्योगिक गतिविधियों से सीधे जुड़ा होता है। इन क्षेत्रों में उत्पादन और मांग में बदलाव का असर व्यापक आर्थिक गतिविधियों पर भी दिखाई देता है।

अगस्त में दर्ज 4.8 प्रतिशत की वृद्धि से संकेत मिलता है कि बुनियादी ढांचे से जुड़े क्षेत्रों में गतिविधियां जारी हैं। सड़क, परिवहन, ऊर्जा, निर्माण और औद्योगिक परियोजनाओं जैसे क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर की भूमिका महत्वपूर्ण है।

सरकार की ओर से लगातार पूंजीगत व्यय और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे में प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के प्रदर्शन पर उद्योग और बाजार की भी नजर बनी हुई है।

आने वाले महीनों में इन आठ प्रमुख क्षेत्रों का प्रदर्शन औद्योगिक उत्पादन और आर्थिक गतिविधियों की रफ्तार को समझने के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।

मराठी फिल्म ‘गोंधल’ ऑस्कर 2027 के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री

0

भारतीय सिनेमा के लिए बड़ी खबर सामने आई है। मराठी फिल्म ‘गोंधल’ को 98वें अकादमी अवॉर्ड्स यानी ऑस्कर 2027 के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री के रूप में चुना गया है। फिल्म का चयन सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय फीचर फिल्म श्रेणी के लिए किया गया है।

मराठी सिनेमा की इस फिल्म के ऑस्कर के लिए चुने जाने के बाद फिल्म इंडस्ट्री में उत्साह का माहौल है। क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिल रही पहचान के बीच ‘गोंधल’ का चयन भारतीय सिनेमा की विविधता को भी सामने लाता है।

फिल्म की कहानी, निर्देशन और प्रस्तुति को ध्यान में रखते हुए इसे भारत की ओर से अकादमी पुरस्कारों की दौड़ में भेजने का फैसला किया गया है। अब फिल्म ऑस्कर की अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में भारत का प्रतिनिधित्व करेगी और आगे के चरणों में आधिकारिक चयन प्रक्रिया से गुजरेगी।

‘गोंधल’ के ऑस्कर एंट्री बनने की खबर सामने आने के बाद मराठी फिल्म इंडस्ट्री के कलाकारों और फिल्म से जुड़े लोगों में खुशी का माहौल है। सोशल मीडिया पर भी फिल्म को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

ऑस्कर की अंतिम दौड़ में फिल्म का सफर आगे किस मुकाम तक पहुंचता है, इस पर अब भारतीय दर्शकों और फिल्म जगत की नजर रहेगी। ‘गोंधल’ का चयन एक बार फिर यह रेखांकित करता है कि भारतीय सिनेमा की क्षेत्रीय कहानियां भी वैश्विक दर्शकों तक पहुंच बनाने की क्षमता रखती हैं।

भोपाल में दत्तात्रेय होसबाले ने उठाया सामाजिक समरसता का मुद्दा, भेदभाव खत्म करने पर जोर

0

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने रविवार को भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में आयोजित स्वयंसेवक एकत्रीकरण को संबोधित करते हुए जातिगत भेदभाव और छुआछूत को लेकर महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने कहा कि जन्म के आधार पर भेदभाव हिंदू संस्कृति का हिस्सा नहीं है और जाति के नाम पर होने वाला दुर्व्यवहार हिंदू समाज पर कलंक है।

होसबाले ने कहा कि जातिभेद और छुआछूत को केवल कानून या उपदेश के जरिए समाप्त नहीं किया जा सकता। इसके लिए लोगों को अपने घर, परिवार और व्यक्तिगत व्यवहार में बदलाव लाना होगा। उन्होंने लोगों से जाति के आधार पर किसी भी तरह का भेदभाव नहीं करने और सामाजिक समरसता के लिए संकल्प लेने की अपील की।

उन्होंने कहा कि समाज को जाति, पंथ, भाषा और क्षेत्र के आधार पर विभाजित करने से उसकी सामूहिक शक्ति कमजोर होती है। सभी को एकजुट होकर ऊंच-नीच और हीनभावना जैसी प्रवृत्तियों को दूर करने की दिशा में काम करना चाहिए।

जागृत और संगठित समाज पर जोर
होसबाले ने कहा कि जागृत और संगठित समाज ही देश को आगे बढ़ा सकता है। उन्होंने नागरिकों से केवल कानून के डर से नहीं, बल्कि अपने कर्तव्य और जिम्मेदारी को समझकर समाज और राष्ट्र के लिए कार्य करने का आह्वान किया।

शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम में जुटे स्वयंसेवक
लाल परेड ग्राउंड में संघ के शताब्दी वर्ष के तहत आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में शारीरिक प्रदर्शन, संघ गीत और घोष वादन सहित विभिन्न गतिविधियां हुईं।

होसबाले ने सामाजिक समरसता के साथ परिवार एवं संस्कार, पर्यावरण संरक्षण, आत्मबोध और नागरिक कर्तव्य जैसे विषयों पर भी काम करने की बात कही।