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MP में दिव्यांगजनों के लिए नई पहल, राज्य दिव्यांग निधि के संचालन को लेकर जारी हुए निर्देश

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मध्यप्रदेश सरकार ने दिव्यांगजनों के कल्याण और उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य दिव्यांग निधि के संचालन के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने इसे अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर प्रमुख सूचना के रूप में जारी किया है।

इस पहल का उद्देश्य दिव्यांगजनों से जुड़ी सहायता को व्यवस्थित तरीके से उपलब्ध कराना और निधि के संचालन की प्रक्रिया को स्पष्ट करना है। विभाग की ओर से दिव्यांगजन कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनमें पेंशन, पुनर्वास और सहायता से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं।

विभाग की वेबसाइट के अनुसार, राज्य दिव्यांग निधि से संबंधित दिशा-निर्देशों को हालिया प्रमुख सूचनाओं में शामिल किया गया है। इसके साथ ही दिव्यांगजनों के लिए विशेष विद्यालयों में अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था और ITI में प्रवेश लेने वाले दृष्टिबाधित एवं श्रवण बाधित विद्यार्थियों के लिए आवास सहायता से जुड़े आदेश भी हाल में जारी किए गए हैं।

सरकार के इन कदमों से दिव्यांगजनों के लिए संचालित सहायता एवं पुनर्वास व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित करने की दिशा में काम आगे बढ़ने की उम्मीद है।

संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत की सक्रियता बढ़ी, वैश्विक चुनौतियों पर अहम चर्चाएं

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संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के दौरान भारत की कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। न्यूयॉर्क में आयोजित उच्चस्तरीय बैठकों के बीच भारत विभिन्न देशों के साथ द्विपक्षीय और बहुपक्षीय मुद्दों पर संवाद कर रहा है। इन चर्चाओं में वैश्विक सुरक्षा, आर्थिक सहयोग, तकनीक, रक्षा और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार जैसे विषय प्रमुख रहे।

भारत की ओर से विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों के साथ मुलाकातों के जरिए आपसी सहयोग को मजबूत करने और साझा वैश्विक चुनौतियों पर समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। इस दौरान भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार और विकासशील देशों की भूमिका बढ़ाने जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया।

UNGA का यह सत्र ऐसे समय हो रहा है जब दुनिया कई भू-राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियों से गुजर रही है। ऐसे में भारत की सक्रिय भागीदारी को वैश्विक मंच पर उसके बढ़ते कूटनीतिक संवाद के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में भारतीय प्रतिनिधिमंडल की कई अहम द्विपक्षीय बैठकों और बहुपक्षीय कार्यक्रमों में भागीदारी प्रस्तावित है।

गोल्ड पर भारत का कब्जा, श्रीलंका को हराकर महिला क्रिकेट टीम ने बढ़ाया देश का गौरव

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एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका को 147 रन से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ भारत ने महिला क्रिकेट में लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स का गोल्ड मेडल जीता है। यह मौजूदा एशियन गेम्स में भारत का पहला स्वर्ण पदक भी है।

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने 20 ओवर में 216 रन बनाए और 3 विकेट गंवाए। स्मृति मंधाना ने 45 गेंदों में 79 रन की शानदार पारी खेली, जबकि शेफाली वर्मा ने 29 गेंदों पर 48 रन बनाए। दोनों ने पहले विकेट के लिए 99 रन की साझेदारी कर भारत को तेज शुरुआत दिलाई।

पारी के आखिरी ओवरों में रिचा घोष ने 22 गेंदों पर नाबाद 49 रन बनाकर भारतीय स्कोर को 200 के पार पहुंचाया। भारत का 216/3 का स्कोर एशियन गेम्स महिला क्रिकेट में रिकॉर्ड टोटल रहा।

217 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और 15.4 ओवर में महज 69 रन पर ऑलआउट हो गई। दीप्ति शर्मा ने चार विकेट लिए, जबकि शेफाली वर्मा ने भी गेंदबाजी में दो विकेट हासिल किए।

इस मुकाबले में स्मृति मंधाना ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की। वह 11,000 अंतरराष्ट्रीय रन पूरे करने वाली महिला क्रिकेट की पहली बल्लेबाज बनीं। भारत की इस जीत के साथ एशियन गेम्स में महिला क्रिकेट का स्वर्ण एक बार फिर भारतीय टीम के नाम रहा।

नेशनल अवॉर्ड में यामी गौतम और कार्तिक आर्यन छाए, अनंत नाग को मिला दादा साहेब फाल्के सम्मान

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72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में भारतीय सिनेमा के दिग्गज कलाकारों और फिल्मों का सम्मान हुआ। गुजरात के एकता नगर में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वर्ष 2024 के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान किए। इस दौरान दिग्गज कन्नड़ अभिनेता अनंत नाग को दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। पांच दशक से अधिक लंबे उनके सिनेमाई सफर और भारतीय सिनेमा में योगदान के लिए उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान दिया गया।

अभिनय के क्षेत्र में यामी गौतम ने ‘आर्टिकल 370’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार हासिल किया। वहीं कार्तिक आर्यन को ‘चंदू चैंपियन’ में उनके अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिला। इस श्रेणी में मलयालम सिनेमा के दिग्गज ममूटी को ‘ब्रह्मयुगम’ के लिए कार्तिक के साथ संयुक्त रूप से सर्वश्रेष्ठ अभिनेता चुना गया।

‘आर्टिकल 370’ को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार भी मिला। फिल्म के लिए यामी गौतम को मिले अभिनय सम्मान ने इसकी उपलब्धियों में एक और अध्याय जोड़ा। वहीं तमिल फिल्म ‘अमरन’ के लिए राजकुमार पेरियासामी को सर्वश्रेष्ठ निर्देशन का पुरस्कार मिला।

समारोह में रणदीप हुड्डा को ‘स्वतंत्र वीर सावरकर’ के लिए सर्वश्रेष्ठ नवोदित निर्देशक का पुरस्कार भी प्रदान किया गया। इस बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह पहली बार नई दिल्ली से बाहर गुजरात के एकता नगर में आयोजित हुआ, जिससे आयोजन को एक अलग स्वरूप मिला।

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 का बढ़ा क्रेज, 72 देशों से पहुंचेंगे करीब 600 विदेशी खरीदार

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उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक कर आयोजन की तैयारियों की समीक्षा की और सुरक्षा, ट्रैफिक, स्वच्छता, विदेशी मेहमानों के स्वागत तथा सुविधाओं को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश दिए। यह आयोजन 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित होगा।

इस वर्ष ट्रेड शो में 72 देशों और क्षेत्रों से करीब 600 अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के पहुंचने की उम्मीद है। विदेशी खरीदारों को फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशंस (FIEO) और विदेशों में स्थित भारतीय मिशनों के माध्यम से जोड़ा जा रहा है। जापान, वियतनाम, रूस, सिंगापुर, ऑस्ट्रिया और बेलारूस इस संस्करण के साझेदार देश होंगे।

ट्रेड शो में उत्तर प्रदेश के ODOP, MSME, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी, डिफेंस और एयरोस्पेस, कृषि, रिन्यूएबल एनर्जी, ऑटोमोबाइल एवं इलेक्ट्रिक व्हीकल, फार्मा, टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स, पर्यटन और संस्कृति जैसे क्षेत्रों को प्रदर्शित किया जाएगा। करीब 36,500 वर्ग मीटर प्रदर्शनी क्षेत्र बुक किया जा चुका है और 20 से अधिक नॉलेज सेशन आयोजित किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने विदेशी खरीदारों और प्रदर्शकों के लिए बेहतर आवास व्यवस्था, संबंधित देशों के लिए लायजन अधिकारियों की नियुक्ति और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ बिजनेस मीटिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आयोजन स्थल पर CCTV, इंटरनेट-वाइफाई, पेयजल, स्वच्छता और पार्किंग जैसी सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

आगंतुकों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए 500 से अधिक इलेक्ट्रिक शटल बसों की व्यवस्था की जा रही है, जो पार्किंग क्षेत्रों से प्रदर्शनी स्थल तक लोगों को पहुंचाएंगी। अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों और वीआईपी मेहमानों की सहायता के लिए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर विशेष सुविधा केंद्र भी बनाया गया है।

UPITS-2026 को उत्तर प्रदेश के उत्पादों, उद्यमों और औद्योगिक क्षमताओं को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने वाले प्रमुख व्यापारिक मंच के रूप में तैयार किया जा रहा है। आयोजन में बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) बैठकों और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के साथ व्यापारिक संपर्क पर विशेष जोर रहेगा।

‘वंदे मातरम्’ को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त, न गाने पर कार्रवाई के सवाल पर केंद्र से जवाब तलब

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राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के गायन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को अहम सुनवाई हुई। कर्नाटक संगीतकार टी. एम. कृष्णा की याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने इस सवाल पर विचार किया कि अंतरात्मा या धार्मिक कारणों से राष्ट्रीय गीत न गाने वाले व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जा सकती है या नहीं। अदालत ने इस मामले में केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।

छह छंदों को लेकर भी विवाद
याचिका में केंद्र सरकार के उन निर्देशों को चुनौती दी गई है, जिनमें आधिकारिक और अन्य निर्धारित कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ के सभी छह छंदों के गायन का प्रावधान किया गया है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस स्तर पर यह तय करने से इनकार किया कि राष्ट्रीय गीत के रूप में दो छंद गाए जाने चाहिए या सभी छह। अदालत ने कहा कि यह तय करना न्यायालय का विषय नहीं है कि राष्ट्रीय गीत का आधिकारिक स्वरूप कितने छंदों का होना चाहिए।

1986 के ‘बिजो इमैनुएल’ फैसले का जिक्र
सुनवाई के दौरान पीठ ने 1986 के बिजो इमैनुएल मामले का हवाला दिया। उस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि राष्ट्रगान का सम्मानपूर्वक खड़े होकर गायन न करने वाले छात्रों को केवल इस आधार पर दंडित नहीं किया जा सकता, यदि उनका आचरण उनकी अंतरात्मा और धार्मिक विश्वास से जुड़ा हो। अदालत ने संकेत दिया कि इस मामले में भी उस स्थापित कानूनी सिद्धांत की प्रासंगिकता पर विचार किया जाएगा।

2026 के कानून संशोधन से जुड़ा है मामला
केंद्र सरकार ने 2026 में राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 की धारा 3 में संशोधन किया है। सरकारी जानकारी के अनुसार संशोधन के बाद ‘वंदे मातरम्’ को भी उस कानूनी संरक्षण के दायरे में शामिल किया गया है, जिसके तहत राष्ट्रीय गान के गायन को जानबूझकर रोकना या उसके गायन में व्यवधान डालना दंडनीय है।

सुप्रीम कोर्ट में फिलहाल मामला विचाराधीन है। केंद्र का जवाब मिलने के बाद अदालत इस बात पर आगे सुनवाई करेगी कि संशोधित कानून और संबंधित सरकारी निर्देशों को संवैधानिक अधिकारों की कसौटी पर किस तरह देखा जाए।

अभिषेक शर्मा ने फिर दिखाया दम, विस्फोटक बल्लेबाजी से बनाया माहौल

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भारतीय क्रिकेट के युवा बल्लेबाज अभिषेक शर्मा एक बार फिर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी को लेकर चर्चा में हैं। अपनी तेजतर्रार बैटिंग और बड़े शॉट्स के लिए पहचाने जाने वाले अभिषेक ने हालिया मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम के लिए महत्वपूर्ण रन जुटाए।

पारी की शुरुआत से ही अभिषेक ने गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश की। उन्होंने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए चौके-छक्के लगाए और मैदान के अलग-अलग हिस्सों में शॉट्स खेलकर दर्शकों का मनोरंजन किया। उनकी बल्लेबाजी ने मुकाबले का रोमांच बढ़ा दिया।

अभिषेक की खासियत उनकी तेज रन बनाने की क्षमता मानी जाती है। पावरप्ले के दौरान वह तेजी से रन बटोरने के साथ विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश करते हैं। यही आक्रामक अंदाज उन्हें टी20 क्रिकेट में एक खास बल्लेबाज बनाता है।

भारतीय टीम में अपनी जगह मजबूत करने की कोशिश कर रहे अभिषेक के प्रदर्शन पर क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें बनी हुई हैं। युवा बल्लेबाज से आने वाले मुकाबलों में भी इसी तरह के आक्रामक प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।

परिवर्तिनी एकादशी पर मंदिरों में उमड़ी आस्था, विष्णु पूजा और व्रत का खास महत्व

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भाद्रपद शुक्ल पक्ष की परिवर्तिनी एकादशी आज श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जा रही है। हिंदू धर्म में इस एकादशी का विशेष महत्व माना गया है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा और व्रत करने से पुण्य की प्राप्ति होती है तथा भगवान विष्णु की कृपा बनी रहती है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, परिवर्तिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु शेषशय्या पर करवट बदलते हैं, इसलिए इसे परिवर्तिनी एकादशी कहा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु के वामन स्वरूप की पूजा का भी विशेष महत्व बताया गया है। श्रद्धालु सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करने के बाद भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करते हैं।

पूजन में भगवान विष्णु को पीले फूल, तुलसी दल, फल और नैवेद्य अर्पित किया जाता है। श्रद्धालु दिनभर उपवास रखते हुए भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि एकादशी व्रत मनुष्य को आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है और जीवन में सकारात्मकता लाता है।

परिवर्तिनी एकादशी के अवसर पर मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन के आयोजन किए जा रहे हैं। श्रद्धालु भगवान विष्णु के दर्शन कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना कर रहे हैं।

बलराम कृषि महोत्सव में CM यादव की किसानों से खास बातचीत, खेती के मुद्दों पर हुआ मंथन

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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रीवा में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव में शामिल किसानों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से खेती-किसानी, कृषि उत्पादन, सिंचाई, आधुनिक तकनीक और उनकी स्थानीय जरूरतों को लेकर चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने किसानों से बातचीत करते हुए कृषि क्षेत्र को अधिक समृद्ध और आधुनिक बनाने के लिए नई तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों की आय और कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।

कार्यक्रम में किसानों ने भी खेती से जुड़े अपने अनुभव साझा किए और क्षेत्र की कृषि संबंधी आवश्यकताओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों की बातों को सुना और कृषि क्षेत्र के विकास के लिए सरकार की विभिन्न योजनाओं एवं प्रयासों की जानकारी दी।

बलराम कृषि महोत्सव के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों, नई तकनीक और कृषि क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान और कृषि क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि मौजूद रहे।

स्थापना दिवस पर किसानों को मिलेगी प्राथमिकता, CM यादव ने दी ‘समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश’ की थीम

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश का स्थापना दिवस इस वर्ष “समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश” की थीम पर मनाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की प्रगति में किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका है और स्थापना दिवस के आयोजनों में कृषि, किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास को प्रमुखता दी जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्थापना दिवस की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेशभर में होने वाले कार्यक्रमों में मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, कृषि शक्ति और विकास की उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया जाए। उन्होंने आयोजन को जनभागीदारी से जोड़ने पर भी जोर दिया।

उन्होंने कहा कि किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, नवाचार और बेहतर बाजार व्यवस्था से जोड़ने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं। स्थापना दिवस के अवसर पर किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों की भागीदारी सुनिश्चित कर प्रदेश की कृषि क्षमता को सामने लाया जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि स्थापना दिवस के कार्यक्रम गरिमापूर्ण और आकर्षक होने के साथ-साथ प्रदेश के विकास की दिशा और भविष्य की संभावनाओं को भी प्रदर्शित करें। विभिन्न जिलों में स्थानीय संस्कृति और परंपराओं के अनुरूप कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, ताकि प्रदेश की विविधता और विरासत की झलक भी देखने को मिले।