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शुक्र करेंगे अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश, तुला और वृश्चिक राशि वालों की करियर में खूब होगी तरक्की

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शुक्र करेंगे अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश, तुला और वृश्चिक राशि वालों की करियर में खूब होगी तरक्की
23 जून 2026 को सुख, सौंदर्य और भौतिक उन्नति के कारक शुक्रदेव अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। यह बुधदेव के स्वामित्व वाला एक बहुत ही गहरा और रहस्यमयी नक्षत्र है। अश्लेषा नक्षत्र पूरी तरह से कर्क राशि के भीतर आता है, जिसका सीधा संबंध मन की आवाज, गहरे अहसासों, सही नीतियों, छिपी हुई प्रतिभाओं और मानसिक समझ से है।

शुक्रदेव के इस नक्षत्र से गुजरने के दौरान आपके आपसी संबंध, धन का प्रबंधन, मन के विचार और व्यक्तिगत इच्छाएं बहुत महत्वपूर्ण हो जाएंगी। यह गोचर लोगों को अपनी आंतरिक जरूरतों को समझने और धन व प्रेम के मामलों में बहुत ही सोच-समझकर फैसले लेने के लिए प्रेरित करेगा। ऐसे में आइए एस्ट्रोलॉजर आनंद सागर पाठक से जानते हैं कि शुक्रदेव के गोचर से किन राशियों का शुरू होगा गोल्डन टाइम।

1. तुला राशि
शुक्रदेव आपके दशम भाव (कर्म, करियर और प्रतिष्ठा का क्षेत्र) को सक्रिय कर रहे हैं। यह समय आपके कामकाज और समाज में आपकी साख के लिए बहुत अनुकूल रहने वाला है। आपकी कलात्मक सोच और सूझबूझ आपको कामकाजी मामलों में बड़ी सफलता दिलाएगी। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत के लिए आपको एक नई पहचान और मान-सम्मान मिल सकता है।
उपाय: अपने काम के प्रति पूरी तरह समर्पित रहें और अपनी जिम्मेदारियों को अच्छे से निभाएं।

2. वृश्चिक राशि
शुक्रदेव आपके नवम भाव (भाग्य, धर्म और उच्च शिक्षा का क्षेत्र) को प्रभावित कर रहे हैं। यह गोचर आपके भाग्य को जगाने, यात्राओं और उच्च शिक्षा के लिए बहुत ही सुंदर अनुभव लेकर आएगा। महत्वपूर्ण फैसलों में आपको भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। यात्रा के अवसरों, पढ़ाई-लिखाई के कामों और धर्म-कर्म से आपको बहुत सुखद परिणाम मिलेंगे। आपको अपने मेंटर्स और बुजुर्गों से बहुत कीमती सलाह मिल सकती है।
उपाय: अपने शिक्षकों और बड़े बुजुर्गों का हमेशा सम्मान करें और उनका आशीर्वाद लेकर ही आगे बढ़ें।

3. धनु राशि
शुक्रदेव आपके अष्टम भाव (परिवर्तन, आयु और संयुक्त धन का क्षेत्र) को सक्रिय कर रहे हैं। यह गोचर आपका ध्यान संयुक्त धन, निवेश और कुछ गुप्त मामलों की तरफ खींच सकता है। संवेदनशील विषयों को आपको बहुत ही सावधानी से संभालना होगा। पैसों से जुड़ा कोई भी बड़ा जोखिम उठाने से बचें। अपने महत्वपूर्ण और करीबी रिश्तों में पूरी पारदर्शिता रखना आपके लिए बहुत जरूरी होगा।
उपाय: जल्दबाजी में किए जाने वाले निवेश और पैसों के बड़े वादों से पूरी तरह दूर रहें।

4. मकर राशि
शुक्रदेव आपके सप्तम भाव (विवाह, साझेदारी और व्यापार का क्षेत्र) को प्रभावित कर रहे हैं। यह गोचर आपके आपसी संबंधों और साझेदारियों के लिए बहुत ही उत्तम रहने वाला है। आपके रिश्ते पहले से और अधिक गहरे और अर्थपूर्ण बनेंगे। दूसरों से मिलने वाला सहयोग इस दौरान बढ़ेगा। व्यापारिक साझेदारियों और विवाह से जुड़े मामलों को इस गोचर से पूरा बल मिलेगा।
उपाय: अपनी बातचीत को हमेशा बिल्कुल साफ रखें और स्वभाव में धीरज बनाए रखें।

5. कुंभ राशि
शुक्रदेव आपके षष्ठ भाव (रोग, ऋण और कार्यक्षेत्र की जिम्मेदारियों का क्षेत्र) को सक्रिय कर रहे हैं। आपका ध्यान आपके काम, सेहत और रोजमर्रा के कर्तव्यों की तरफ ज्यादा रहेगा। कार्यक्षेत्र के रिश्तों पर आपको थोड़ा ध्यान देने की जरूरत पड़ सकती है। अपनी सेहत और दिनचर्या के प्रति पूरी तरह अनुशासित रहकर आप जीवन में बहुत अच्छा संतुलन बनाए रख सकते हैं।
उपाय: काम की जगह पर किसी भी तरह के वाद-विवाद से दूर रहें और अपनी दिनचर्या को अच्छा रखें।

6 मीन राशि
शुक्रदेव आपके पंचम भाव (बुद्धि, विद्या, संतान और रचनात्मकता का क्षेत्र) को प्रभावित कर रहे हैं। यह गोचर आपकी नई सोच, पढ़ाई-लिखाई और कलात्मक क्षमता के लिए बहुत ही बढ़िया रहने वाला है। विद्यार्थियों, कलाकारों, लेखकों और कला के क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए यह समय बहुत उन्नति लेकर आएगा। आपके प्रेम संबंधों में भी इस दौरान मधुरता और गहराई बढ़ेगी।
उपाय: अपनी बुद्धि और कलात्मक सोच का हमेशा सही कामों में उपयोग करें और मन में अच्छे विचार रखें।

राम चरण की स्पोर्ट्स ड्रामा ने दुनियाभर में कमाई से किया राज

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राम चरण की स्पोर्ट्स ड्रामा ने दुनियाभर में कमाई से किया राज
साउथ फिल्म इंडस्ट्री के लोकप्रिय अभिनेता राम चरण का नाम फिल्म पेद्दी की कमर्शियल सफलता को लेकर चर्चा में बना हुआ है। घरेलू बॉक्स ऑफिस के अलावा विदेशों में भी राम की पेद्दी कमाई के मामले में धमाकेदार प्रदर्शन करती हुई नजर आ रही है

डॉ. मुखर्जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाना जरूरी -मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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डॉ. मुखर्जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाना जरूरी -मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्रीय एकीकरण के लिए समर्पित रहा। उन्होंने राष्ट्र की एकता और अखंडता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनका जन्म 6 जुलाई 1901 को निधन 23 जून 1953 को हुआ, जिसे राष्ट्रहित में दिए गए उनके सर्वोच्च बलिदान के रूप में देखा जाता है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में विशेष व्यवस्था के विरोध में आंदोलन किया था, उनका बलिदान राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक माना जाता है। डॉ. मुखर्जी शिक्षाविद, चिंतक, सांसद और दूरदर्शी राजनेता थे। डॉ. मुखर्जी ने वर्ष 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना की। उन्होंने वैचारिक राजनीति और संगठन निर्माण पर बल दिया और राष्ट्रहित को दलगत राजनीति से ऊपर रखने का संदेश दिया। डॉ. मुखर्जी की पुण्यतिथि 23 जून से उनकी जयंती 6 जुलाई तक विशेष पखवाड़ा आयोजित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगरीय निकायों के महापौर तथा नगरपालिका अध्यक्ष को मुख्यमंत्री निवास से वी.सी. के माध्यम से संबोधित कर यह निर्देश दिए।

जनसेवा का अभियान हो पखवाड़ा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का मानना था कि युवा राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति हैं। उन्होंने युवाओं को नेतृत्व, शिक्षा और सामाजिक उत्तरदायित्व के लिए प्रेरित किया। इस पखवाड़े का मुख्य उद्देश्य उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाना है। पखवाड़े के दौरान युवा सम्मेलन, निबंध प्रतियोगिता और संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। इससे नई पीढ़ी को राष्ट्रवादी विचारधारा से जोड़ने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नगरीय निकायों द्वारा मार्गों और उद्यानों का नामकरण डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर किया जा सकता है। इस प्रकार की पहल के लिए सभी प्रक्रियाओं का पालन, आवश्यक रूप से किया जाए तथा सक्षम स्तर से सभी स्वीकृतियां अवश्य ली जाएं। पखवाड़ा जनसेवा का अभियान होना चाहिए। पौधरोपण, स्वच्छता अभियान, रक्तदान, स्वास्थ्य शिविर जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएं। यह पखवाड़ा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने तथा सेवा, सुशासन और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को मजबूत करने का अवसर है।

सोमनाथ मंदिर हमारे राष्ट्रीय स्वाभिमान, सांस्कृतिक गौरव और आस्था का प्रमुख केन्द्र – मुख्यमंत्री साय

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सोमनाथ मंदिर हमारे राष्ट्रीय स्वाभिमान, सांस्कृतिक गौरव और आस्था का प्रमुख केन्द्र – मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज यहां राजधानी रायपुर के रेलवे स्टेशन से सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के लिए विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सोमनाथ मंदिर हमारे राष्ट्रीय स्वाभिमान, सांस्कृतिक गौरव और आस्था का प्रमुख केन्द्र है। सोमनाथ मंदिर को अनेक बार आक्रांताओं ने तोड़ा, लेकिन हर बार मंदिर का पुनर्निर्माण हुआ, ये देशवासियों की अटूट आस्था का परिणाम है।

सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा के तहत विशेष ट्रेन से छत्तीसगढ़ से सोमनाथ के लिए 1000 से अधिक विशिष्टजन, पद्मश्री, राज्य एवं राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित कलाकार एवं साहित्यकार रवाना हुए। यात्रा में शामिल श्रद्धालु छत्तीसगढ़ के शिवालयों की पावन भूमि के माटी कलश और पावन नदियों का जल कलश बाबा सोमनाथ को अर्पण करेंगे। मुख्यमंत्री साय ने भगवान सोमनाथ से छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की प्रार्थना की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ के लिए बहुत गौरवशाली दिन है जब प्रदेश भर से 1000 से अधिक श्रद्धालु भगवान सोमनाथ के दर्शन के लिए रवाना हो रहे हैं। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में 11 जनवरी 2026 से 11 जनवरी 2027 तक सोमनाथ स्वाभिमान पर्व राष्ट्रीय स्मरणोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। इस पर्व के अंतर्गत सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा का आयोजन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हम लौहपुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल का श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हैं, उन्होंने भारत की आजादी के बाद राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के प्रतीक के रूप में सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया था। 75 वर्ष पूर्व देश के प्रथम राष्ट्रपति डा. राजेंद्र प्रसाद जी ने पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर का लोकार्पण किया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे लिए गौरव की बात है कि छत्तीसगढ़ से पद्मश्री, राज्य एवं राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित कलाकार एवं साहित्यकार इस यात्रा में अपने साथ अपने-अपने क्षेत्रों के धार्मिक, ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व के शिवालयों की पावन माटी और पावन नदियों कंे जल कलश लेकर रवाना हो रहे हैं। यह यात्रा भारत की सांस्कृतिक एकता का जीवंत उदाहरण है।

इस अवसर पर संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि सोमनाथ धाम की यह यात्रा श्रद्धालुओं को केवल आध्यात्मिक अनुभूति ही नहीं बल्कि भारत की महान सांस्कृतिक परम्परा और राष्ट्रीय गौरव को निकट से अनुभव करने का अवसर भी प्रदान करेगी। भगवान सोमनाथ से प्रार्थना है कि वे हमारे प्रदेश छत्तीसगढ़ सहित भारतवर्ष को समृद्धि, शांति और विकास के पथ पर अग्रसर करें।

मुख्यमंत्री साय ने सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं से मुलाकात की और उनकी मंगलमय यात्रा की कामना करते हुए उन्हें अंगवस्त्र भेंट किया।
इस अवसर पर कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक धरमलाल कौशिक, अनुज शर्मा, इंद्रकुमार साहू, डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, संपत अग्रवाल, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सु मोना सेन सहित जनप्रतिनिधिगण एवं वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

गोरखपुर ट्रिपल हत्याकांड में बड़ा खुलासा

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गोरखपुर ट्रिपल हत्याकांड में बड़ा खुलासा
यूपी के गोरखपुर में ट्रिपल मर्डर केस में बड़ा खुलासा हुआ है, पुलिस की जांच में पता चला है कि नाबालिग ने पैसों के लेन देन में अपने भाई, भाभी और भतीजे की सोते वक्त हत्या की. पुलिस ने मृतक की मासूम बेटी की गवाही पर आरोपी को हिरासत में लेकर आलाकत्‍ल बरामद कर लिया है. वहीं, मृतक के पिता ने बताया कि 5 लाख रुपये के लिए छोटे बेटे ने वारदात को अंजाम दिया है.

दरअसल, यह मामला बांसगांव थानाक्षेत्र के बांसगांव कस्‍बे से सामने आया है, यहां पारिवारिक विवाद में रविवार/सोमवार 21-22 जून की देर रात ढाई बजे के करीब 16 वर्षीय छोटे भाई ने अपने बड़े भाई अमित गुप्‍ता (35 वर्ष), भाभी रंजना गुप्‍ता (28 वर्ष) और उनके मासूम बच्चे रेयांश (3 वर्ष) की धारदार हथियार से हत्या कर दी.

पुलिस ने घटना स्थल का किया निरीक्षण
वहीं, घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ, एसपी दक्षिणी दिनेश कुमार पुरी सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गए. अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए और परिजनों व आसपास के लोगों से पूछताछ की.

मासूम की गवाही ने आरोपी भेजा सलाखों के पीछे
मृतक की बेटी 7 वर्षीय रूबिका ने बताया कि कमरे में वो मम्‍मी-पापा के साथ सो रही थी. इसी के बाद आरोपी चाचा कमरे में आया. उसने पापा, मम्‍मी और भाई को मार डाला. उसने बताया कि उसने चाचा को मना किया कि वो उसकी मम्‍मी और उसके छोटे भाई को नहीं मारे, लेकिन वो नहीं माना और दोनों का गला काट दिया. इसके पहले उसने पापा को मार डाला. इसके बाद उसने अम्‍मा (दादी) को घटना के बारे में जानकारी दी.

ब्राह्मण समाज बीएसपी में ही सुरक्षित – मायावती

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ब्राह्मण समाज बीएसपी में ही सुरक्षित – मायावती
बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) ने उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले एक बार फिर ब्राह्मण मतदाताओं पर ध्यान केंद्रित कर लिया है। जब विपक्ष की समाजवादी पार्टी पीडीए (पिछड़े , दलित और अल्पसंख्यक) मतदाताओं पर केंद्रित चुनाव अभियान चला रही है और सत्ताधारी एनडीए के दल भी पिछड़ी जातियों पर खास तौर पर ध्यान दे रही है, तब बीएसपी अपने उसी चुनावी फॉर्मूले पर लौट आई है जो उसने सन 2007 के चुनाव में अपनाया था और सरकार बनाने में सफल हुई थी।

बीएसपी प्रमुख मायावती ने एक्स पर एक पोस्ट में उच्च जातियों, और खास तौर पर ब्राह्मण समुदाय को अपनी पार्टी से जोड़ने और उन्हें विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाने की मंशा जाहिर की है। उन्होंने कहा है कि बीएसपी के ब्राह्मणों को प्राथमिकता दिए जाने से समाजवादी पार्टी की नींद उड़ गई है।

साल 2007 में बनी थी बीएसपी की सरकार
मायावती ने पोस्ट में लिखा है कि, ‘बहुजन समाज पार्टी ने उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर जब से अपर कास्ट समाज और उसमें से खासकर ब्राह्मण समाज को बीएसपी में जोड़ने को ध्यान में रखकर, पार्टी का उम्मीदवार बनाना शुरू किया है, तब से सभी विरोधी पार्टियों में और खासकर समाजवादी पार्टी में नींद उड़ा देने वाली बेचैनी देखने को मिल रही है। सन 2007 की तरह आगामी चुनाव में ब्राह्मण समाज के योगदान से बीएसपी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनने की स्वाभाविक संभावना प्रतीत होती है।’

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 को वैश्विक उत्सव बनाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने विश्व भर के लोगों का आभार व्यक्त किया

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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 को वैश्विक उत्सव बनाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने विश्व भर के लोगों का आभार व्यक्त किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 को वैश्विक उत्सव बनाने के लिए विश्व भर के लोगों का आभार व्यक्त किया है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री ने कहा कि यह देखकर खुशी होती है कि योग सभी क्षेत्रों के लोगों को, विभिन्न देशों के लोगों को, स्वस्थ जीवन और कल्याण की साझा खोज में एकजुट कर रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह दिन आने वाले समय में अधिक लोगों को योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित करेगा।

ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की दो दिवसीय बैठक की मेजबानी करेगा भारत

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ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की दो दिवसीय बैठक की मेजबानी करेगा भारत
भारत आज से नई दिल्ली में ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की दो दिवसीय बैठक की मेजबानी करेगा। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक में साइबर सुरक्षा, डिजिटल खतरों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े जोखिमों तथा अन्य गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा होगी। प्रतिनिधि आतंकवाद-रोधी सहयोग और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के सुरक्षित उपयोग से जुड़े मुद्दों की भी समीक्षा करेंगे।

बैठक में भारत, ब्राजील, चीन, रूस, दक्षिण अफ्रीका सहित ब्रिक्स के 11 सदस्य देशों के सुरक्षा प्रमुख भाग लेंगे। चीन के विदेश मंत्री वांग यी भी इसमें शामिल होंगे। यह चौथी बार है जब भारत ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है। इस वर्ष भारत की अध्यक्षता का विषय है – “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास का निर्माण”।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कूनो राष्ट्रीय उद्यान का दौरा किया

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कूनो राष्ट्रीय उद्यान का दौरा किया
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कल मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान का दौरा किया। उन्‍होंने भारत के प्रमुख पहल चीता पुनर्वास परियोजना की प्रगति की समीक्षा भी की। इस परियोजना का उद्देश्‍य देश में विलुप्‍त हो रही वन्‍य जीवों की प्रजाति को फिर से बढ़ावा देना है। अपनी यात्रा के दौरान राष्ट्रपति ने उद्यान के चीता प्रबंधन क्षेत्र का दौरा किया, जहां अधिकारियों ने परियोजना की स्थिति के बारे में उन्‍हें जानकारी दी।

देश के पहले चीता पुनर्प्रवेश स्थल कूनो को उसकी उपयुक्त आवासीय परिस्थितियों, पर्याप्त शिकार आधार और अपेक्षाकृत कम मानव हस्तक्षेप के कारण प्रोजेक्ट चीता के तहत विकसित किया गया है। राष्ट्रपति मुर्मु के नवंबर 2025 में अफ्रीकी देश बोत्‍सवाना की अपनी राजकीय यात्रा के दौरान आठ चीतों के प्रतीकात्मक हस्तांतरण किया गया था। इन चीतों को इस वर्ष फरवरी में परियोजना के नवीनतम चरण के तहत कूनो लाया गया था।

सितंबर 2022 में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा इसकी शुरूआत की गई थी। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण द्वारा लागू किए गए प्रोजेक्ट चीता का उद्देश्य भारत में इस प्रजाति की पुन:स्‍थापित करना और जैव विविधता संरक्षण के प्रयासों को मजबूत करना है। चीतों का पहला जत्था सितंबर 2022 में नामीबिया से आया था, जिसके बाद दूसरा दल फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से आया था। बोत्सवाना द्वारा दान किया गया तीसरा दल फरवरी 2026 में कूनो उद्यान में शामिल किया गया था।

राष्ट्रपति ने म.प्र. में सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन में हुई सामुदायिक भागीदारी को सराहा

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राष्ट्रपति ने म.प्र. में सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन में हुई सामुदायिक भागीदारी को सराहा
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि अन्तर्राष्ट्रीय सिकल सेल दिवस पर इस विशेष कार्यक्रम का आयोजन स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण चुनौती का सामना करने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है। मैं इस आयोजन से जुड़े सभी लोगों की सराहना करती हूं। राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन अंतर्गत मध्यप्रदेश ने जो बहुआयामी उपलब्धियां हासिल की हैं, उसके लिए मैं राज्य सरकार की सराहना करती हूं। राष्ट्रपति मुर्मु शुक्रवार को खण्डवा जिले के ओंकारेश्वर में विश्व सिकल सेल दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रही थी। राष्ट्रपति मुर्मु ने दीप प्रज्ज्वलित कर राज्य स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ किया। राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रपति का स्वागत किया।

राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि यह संतोष की बात है कि वर्ष 2023 में राष्ट्रीय मिशन का शुभारंभ करते समय जो अनेक बड़े लक्ष्य देश के सामने रखे गए थे, उनमें से स्क्रीनिंग का लक्ष्य समय से पहले ही पूरा हो गया। मुझे बताया गया है कि नवजात शिशुओं से लेकर 40 वर्ष की आयु तक के 7 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य पूरा हो चुका है। यह कोई छोटी उपलब्धि नहीं है। यह पूरे विश्व में आनुवंशिक रोगों की जाँच-परख की सबसे बड़ी पहलों में से एक है। राष्ट्रपति ने कहा कि इस उपलब्धि में मध्यप्रदेश का महत्वपूर्ण योगदान है। प्रदेश में अब तक सवा करोड़ से भी अधिक लोगों की स्क्रीनिंग हो चुकी है। इनमें से अधिकांश लोगों को जेनेटिक काउंसलिंग कार्ड भी दिये जा चुके हैं।

राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि सिकल सेल से जुड़ी चुनौती को भारत सरकार ने बहुत ही गंभीरता से लिया और पिछले कुछ वर्षों में एक समग्र दृष्टि से सरकार ने जो प्रयास किये हैं, वे अत्यंत सराहनीय हैं। लगभग तीन वर्ष पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश के शहडोल से राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन को लॉन्च किया था। इस पहल के पीछे न केवल सरकार का गंभीर प्रयास का दृढ़ संकल्प था बल्कि इस चुनौती से जुड़े हर आयाम का समुचित response देने की दूरदर्शी सोच भी थी।

राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि मुझे बताया गया है कि केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और केन्द्रीय जनजातीय मंत्रालय के संयुक्त मॉडल के रूप में देश में पहली बार ऐसा मिशन प्रारंभ किया। इसे केवल स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या के रूप में नहीं देखा गया, इसे जनजातीय स्वास्थ्य का मुद्दा, आनुवंशिकता से जुड़ी जागरूकता और प्रिवेंटिव हेल्थ केयर की चुनौती के साथ ही सामाजिक आचरण में बदलाव के मिशन के रूप में देखा गया। इस मिशन की पृष्ठभूमि में अनेक स्तरों पर किये गये वैज्ञानिक और सामाजिक अध्ययन रहे हैं। ICMR, Tribal Health Research Institutes, AIIMS, NHM, WHO और विभिन्न राज्य सरकारों ने इस विषय के विभिन्न आयामों पर अध्ययन किया हैं।