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छह विश्वकप में गोल करने वाले पहले खिलाड़ी बने रोनाल्डो

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छह विश्वकप में गोल करने वाले पहले खिलाड़ी बने रोनाल्डो
पुर्तगाल के स्टार खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने उज्बेकिस्तान के खिलाफ ग्रुप के मुकाबले में शानदार गोल किया और टीम को शुरुआत में ही बढ़त दिला दी। रोनाल्डो का यह गोल ऐतिहासिक रहा क्योंकि वह छह विश्व कप में गोल करने वाले दुनिया के एकमात्र खिलाड़ी बन गए हैं। इस रिकॉर्ड के साथ उन्होंने फुटबॉल इतिहास में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करा दिया है।

छठे मिनट में ही दागा गोल
रोनाल्डो ने उज्बेकिस्तान के खिलाफ शुरुआती मिनट में ही गोल दागा। रोनाल्डो डीआर कांगो के खिलाफ टीम के पिछले मैच में गोल नहीं कर सके थे और इस मैच में उन पर दबाव था। हालांकि, रोनाल्डो ने दबाव को हावी नहीं होने दिया और छठे मिनट में ही गोल दाग कर टीम को बढ़त दिला दी। रोनाल्डो ने जोआओ कांसेलो के पास मौके को पूरी तरह भुनाया और गोल दागा। रोनाल्डो का फीफा विश्व कप में यह नौवां गोल था। इसके साथ ही वह छह विश्व कप में गोल करने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं।

गोल करने की भूख बरकरार
पुर्तगाल के स्टार खिलाड़ी ने अपने शानदार करियर में लगातार छह विश्व कप संस्करणों में गोल दागकर अनोखा मुकाम हासिल किया। उनकी यह उपलब्धि न सिर्फ उनकी फिटनेस और निरंतरता को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि उम्र बढ़ने के बावजूद उनका खेल और गोल करने की क्षमता आज भी बरकरार है। रोनाल्डो ने पहली बार विश्व कप में गोल करने का कारनामा 2006 में किया था। इसके बाद उन्होंने 2010, 2014, 2018, 2022 और अब अपने छठे विश्व कप संस्करण में भी गोल कर इतिहास रच दिया। इससे पहले कोई भी पुरुष फुटबॉलर लगातार छह अलग-अलग विश्व कप टूर्नामेंट में गोल नहीं कर पाया था।

रोनाल्डो के नाम पहले से ही अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में सबसे ज्यादा गोल, सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने जैसे कई बड़े रिकॉर्ड दर्ज हैं। अब छह विश्व कप संस्करणों में गोल करने का यह नया रिकॉर्ड उनके शानदार करियर को और भी खास बना देता है। रोनाल्डो की यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

‘परमाणु निरीक्षण से किया इनकार तो रद्द कर दूंगा बैठकें’ -ट्रंप

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‘परमाणु निरीक्षण से किया इनकार तो रद्द कर दूंगा बैठकें’ -ट्रंप
पश्चिम एशिया में अमेरिका-ईरान समझौते के तहत तीन महीने से ज्यादा समय बाद आई शांति पर फिर संकट के बादल गहराने लगे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि अगर ईरान अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) को अपने परमाणु कार्यक्रम का निरीक्षण करने की अनुमति नहीं देता है, तो वह तेहरान के साथ चल रही तकनीकी वार्ताओं से जुड़ी बैठकों को रद्द कर देंगे।

पेंसिल्वेनिया के लीहाई काउंटी स्थित मैक ट्रक्स संयंत्र के दौरे के दौरान पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने ईरान के निरीक्षण संबंधी रुख को लेकर उठ रही आशंकाओं को खारिज किया। संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था के निरीक्षकों की तैनाती से जुड़े सवाल पर ट्रंप ने कहा कि ईरान सैद्धांतिक रूप में पहले ही इसके लिए सहमत हो चुका है।

ईरान ने दिया है आश्वासन : ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “वे गलत हैं। उन्हें पता है कि वे गलत हैं। उन्होंने हमें अंदरूनी तौर पर यह बताया है और हमारे पास निरीक्षण को लेकर 100 प्रतिशत आश्वासन है। अगर वे सही होते, तो मैं अभी इसी समय बैठकें रद्द कर देता।” निरीक्षण कब शुरू होगा, इस सवाल पर ट्रंप ने कहा, “उचित समय पर। कोई जल्दबाजी नहीं है, लेकिन उचित समय आने पर निरीक्षक वहां मौजूद होंगे।” गौरतलब है कि ईरान की ओर से अभी तक परमाणु कार्यक्रम के निरीक्षण को लेकर कोई पुष्टि नहीं की गई है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि ईरान के साथ बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है और तेहरान की स्थिति पहले की तुलना में काफी कमजोर हुई है। उन्होंने कहा, “हम ईरान के साथ बहुत अच्छा कर रहे हैं। वे बुरी तरह कमजोर हो चुके हैं और हम उनके साथ एक समझौता कर रहे हैं। देखते हैं आगे क्या होता है।”

होर्मुज को लेकर किया बड़ा दावा
ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य से ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े घटनाक्रम का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि दोनों पक्षों के बीच स्विट्जरलैंड में हुई शुरुआती तकनीकी वार्ताओं के बाद तेल परिवहन में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। ये वार्ताएं क्षेत्र में शत्रुता समाप्त करने के लिए तैयार किए गए 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत हुई थीं।

उन्होंने कहा, “जैसा कि आपने कल सुना होगा, 1.9 करोड़ बैरल तेल निकला और यह होर्मुज जलडमरूमध्य के इतिहास में सबसे बड़ा आंकड़ा है।” ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अपने प्रशासन के रुख को दोहराते हुए ट्रंप ने कहा, “सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होगा।”

ईरान की सैन्य ताकत हो चुकी खत्म :अमेरिकी राष्ट्रपति
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान सामरिक रूप से कमजोर स्थिति में पहुंच चुका है। उन्होंने कहा, “हमने ईरान को ऐसी स्थिति में पहुंचा दिया है, जैसी किसी ने पहले कभी नहीं की। यह काम पिछले 47 वर्षों में दूसरे राष्ट्रपतियों को करना चाहिए था। ईरान की सैन्य क्षमता लगभग खत्म हो चुकी है। उसका नेतृत्व कमजोर हो चुका है और उसकी रडार प्रणाली भी नष्ट हो चुकी है।”

24 जून 2026 को बुधवार और परिघ योग का दुर्लभ संयोग

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24 जून 2026 को बुधवार और परिघ योग का दुर्लभ संयोग
वैदिक पंचांग के अनुसार, आज यानी 24 जून को बुधवार और परिघ का महासंयोग बन रहा है। यह दिन भगवान गणेश की कृपा प्राप्त करने के लिए शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान गणेश की साधना करने से जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और सुख-शांति बनी रहती है।

बुधवार के दिन सूर्य देव मिथुन और चन्द्र देव तुला राशि में स्थित हैं। आइए जानते हैं आज की तिथि, शुभ-अशुभ योग, सूर्योदय, सूर्यास्त और राहुकाल का समय समेत आदि जानकारी।

तिथि: शुक्ल दशमी
मास: ज्येष्ठ
दिन: बुधवार
संवत्: 2083

तिथि: शुक्ल दशमी – सायं 06 बजकर 12 मिनट तक, फिर एकादशी
योग: परिघ – प्रातः 10 बजकर 23 मिनट तक, फिर शिव
करण: गरज – सायं 06 बजकर 12 मिनट तक
करण: वणिज – पूरी रात (अगले दिन तक)

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय का समय: प्रातः 05 बजकर 25 मिनट
सूर्यास्त का समय: सायं 07 बजकर 23 मिनट
चंद्रोदय का समय: दोपहर 02 बजकर 42 मिनट
चंद्रास्त का समय: मध्यरात्रि बाद 01 बजकर 35 मिनट (25 जून)

स्पेशल टीम यूपी के हर जिले में करेगी ऑडिट : CM योगी

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स्पेशल टीम यूपी के हर जिले में करेगी ऑडिट : CM योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के अलीगंज में बीते सोमवार को आग लगने की घटना को एक बड़ा सबक बताते हुए कहा है कि इस पीड़ा दायक घटना से सीख लेते हुए यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इसके लिए शासन, प्रशासन और आमजन को मिलकर अग्निसुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करना होगा।

मुख्यमंत्री ने अग्निसुरक्षा की जांच को लेकर सभी जिलों में विशेष जांच दल (एसआइटी) का गठन कर अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। एसआइटी अस्पतालों, नर्सिंग होमों, मेडिकल कालेजों, कोचिंग संस्थानों, शापिंग माल, सरकारी भवनों तथा अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच कर अग्निसुरक्षा की व्यवस्था को पुख्ता बनाएगी।

मंगलवार को अपने सरकारी आवास पर विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश भर में अग्निसुरक्षा को लेकर चलाया जाने वाला अभियान पूरी तरह जनहित में संचालित किया जाएगा। पहले जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अभियान के नाम पर किसी भी नागरिक का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मौसम की अनिश्चितता के मद्देनजर कृषि व संबंधित विभागों को बीमा कवरेज बढ़ाने के निर्देश दिए

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मौसम की अनिश्चितता के मद्देनजर कृषि व संबंधित विभागों को बीमा कवरेज बढ़ाने के निर्देश दिए
अल नीनो के प्रभाव की आशंकाओं के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कृषि और अन्य संबंधित विभागों को मौसम की अनिश्चितता और वर्षा के बदलते स्वरूप के हिसाब के चलते हर परिस्थिति के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।

कृषि विभाग ने इसके लिए आकस्मिक कार्ययोजना तैयार की है। आवश्यकता पड़ने पर उर्द, मूंग, ज्वार, बाजरा, तिल तथा अन्य कम अवधि वाली फसलों के आच्छादन को बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने खरीफ अभियान के तहत मिशन मोड में काम करने और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का कवरेज बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

मंगलवार को समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को समय पर बीज, उर्वरक, सिंचाई जल, विद्युत आपूर्ति, फसली ऋण और वैज्ञानिक परामर्श उपलब्ध कराया जाए। बैठक में बताया गया कि खरीफ के लिए 110.65 लाख हेक्टेयर आच्छादन का लक्ष्य है। धान उत्पादन का लक्ष्य 224.25 लाख टन और कुल खरीफ उत्पादन का लक्ष्य 302.62 लाख टन रखा गया है। इस बार अनुदान पर 2.29 लाख क्विंटल बीज वितरण का लक्ष्य रखा गया है।

हिंदुस्तान कोका कोला समूह मध्यप्रदेश में करेगा 300 करोड़ रुपये का निवेश

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हिंदुस्तान कोका कोला समूह मध्यप्रदेश में करेगा 300 करोड़ रुपये का निवेश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हेमंत रुपानी ने मंत्रालय में सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रूपानी को प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण को प्रोत्साहित करने के लिए संचालित योजनाओं गतिविधियों की जानकारी दी। रूपानी ने राज्य सरकार की उद्योग मित्र नीतियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि हिंदुस्तान कोका कोला समूह मध्यप्रदेश में 300 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बना रहा है। इससे रोजगार के अवसर सृजित होंगे। उल्लेखनीय है कि राजगढ़ जिले के पिलूखेड़ी इंडस्ट्रियल एरिया में हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेस की इकाई पहले से ही संचालित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भेंट के दौरान हिंदुस्तान कोका-कोला के नेशनल हेड विवेक झा, राज्य प्रमुख अश्विनी यीलेने तथा औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कौशल विकास और रोजगार विभाग के कार्यों की समीक्षा

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कौशल विकास और रोजगार विभाग के कार्यों की समीक्षा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में रोजगार के क्षेत्र में सतत रूप से नवाचारों की आवश्यकता है। मध्यप्रदेश में धार्मिक, प्राकृतिक, पुराधरोहर से संबंधित पर्यटन क्षेत्र समृद्ध है। पर्यटकों को आवश्यक मार्गदर्शन के लिए गाइड की व्यवस्था को सशक्त बनाने और विभिन्न व्यंजनों का आनंद दिलवाने के लिए कार्य की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। युवाओं को बड़ी संख्या में इन कार्यों से रोजगार मिलेगा। कौशल विकास और रोजगार विभाग का पर्यटन विभाग से तालमेल स्थापित कर यह कार्य संभव है। इसी तरह के रोजगारपरक कार्य दिलवाने के लिए विभिन्न विभाग नवाचार कर सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में कौशल विकास और रोजगार विभाग की गतिविधियों की बैठक में समीक्षा की। बैठक में कौशल विकास और रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल,मुख्य सचिव अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार विभाग के प्रमुख सचिव मनीष सिंह और विभागीय अधिकारी उपिस्थत थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में फैक्ट्री परिसर में भी प्रशिक्षण संस्था संचालित की जा सकती है। उद्योगों की जरूरत को देखते हुए आवश्यक ट्रेड में प्रशिक्षण के प्रबंध किए जाएं। कौशल विकास और रोजगार दिलवाने के विभिन्न विभागों के कार्यों का समग्र प्रतिवेदन भी तैयार किया जाए। विभिन्न विभाग संचालित योजनाओं से दी जा रही सेवाओं और सृजित नए रोजगारों का विवरण भी संकलित करें ताकि इस क्षेत्र की उपलब्धि एक नजर में दर्शाई जा सके। शासकीय और निजी क्षेत्र द्वारा उपलब्ध करवाए जा रहे रोजगार, राज्य की ही उपलब्धि है।

छत्तीसगढ़ बनेगा स्वच्छ ऊर्जा का नया हब, मंत्रिपरिषद ने दी सीजी-सीबीजी नीति 2026 को मंजूरी

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छत्तीसगढ़ बनेगा स्वच्छ ऊर्जा का नया हब, मंत्रिपरिषद ने दी सीजी-सीबीजी नीति 2026 को मंजूरी

कृषि अवशेष, गोबर और जैविक अपशिष्ट से तैयार होगी हरित ऊर्जा, किसानों की आय बढ़ाने और निवेश को मिलेगा नया प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आज आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ कम्प्रेस्ड बायोगैस (CG-CBG) नीति 2026 को मंजूरी प्रदान की गई। यह नीति राज्य में स्वच्छ ऊर्जा, हरित औद्योगिकीकरण, कृषि आधारित अर्थव्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा देने वाली महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।

छत्तीसगढ़ में कृषि एवं फसल अवशेष, पैडी स्ट्रॉ, पशु गोबर, पशुधन अपशिष्ट, नगरीय ठोस अपशिष्ट, प्रेसमड, गन्ना अवशेष तथा नेपियर जैसी ऊर्जा फसलों से प्रतिवर्ष लगभग 1.65 लाख मेट्रिक टन कम्प्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) उत्पादन की संभावना है। इससे राज्य में स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा तथा पारंपरिक जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम होगी।

नई नीति के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रतिवर्ष लगभग 2.16 लाख टन पेट्रोल एवं डीजल के समतुल्य ईंधन की आपूर्ति सीबीजी के माध्यम से की जा सकेगी। इससे विदेशी मुद्रा की बचत होने के साथ-साथ देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को भी मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के किसानों, गौपालकों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए यह नीति नए अवसर लेकर आएगी। कृषि अवशेषों एवं जैविक अपशिष्टों के बेहतर उपयोग से किसानों की अतिरिक्त आय बढ़ेगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर सृजित होंगे।

सीबीजी संयंत्रों से सह-उत्पाद के रूप में प्राप्त जैविक खाद के उपयोग से प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा। इससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होगी, भूमि की उर्वरता संरक्षित रहेगी और टिकाऊ कृषि को प्रोत्साहन मिलेगा।

यह नीति राज्य को हरित विकास और जलवायु अनुकूल अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। सीबीजी के उपयोग से ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन में कमी आएगी तथा छत्तीसगढ़ नेट-ज़ीरो उत्सर्जन के राष्ट्रीय लक्ष्य की दिशा में प्रभावी योगदान दे सकेगा।

भारत सरकार द्वारा सतत एवं किफायती परिवहन को बढ़ावा देने के लिए संचालित SATAT (Sustainable Alternative Towards Affordable Transportation) पहल के अनुरूप यह नीति तैयार की गई है। राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के प्रयासों में छत्तीसगढ़ की यह पहल महत्वपूर्ण योगदान देगी।

राज्य में विकसित हो रहे सिटी गैस वितरण नेटवर्क तथा गैस अधोसंरचना का लाभ भी इस नीति को मिलेगा। इससे सीबीजी उत्पादन, वितरण और उपयोग की मजबूत पारिस्थितिकी विकसित होगी तथा निवेशकों को बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।

छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण (CBDA) द्वारा वर्ष 2024 से सीबीजी क्षेत्र में सक्रिय पहल की जा रही है। वर्तमान में रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर, राजनांदगांव, धमतरी, अंबिकापुर, रायगढ़ और कोरबा सहित आठ स्थानों पर बीपीसीएल एवं गेल इंडिया लिमिटेड के निवेश से सीबीजी संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। इन सभी परियोजनाओं के लिए भूमि आबंटन की प्रक्रिया पूर्ण की जा चुकी है।

राज्य में निजी क्षेत्र से भी सीबीजी उद्योग के प्रति उल्लेखनीय रुचि दिखाई गई है तथा लगभग 3,600 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। नई नीति लागू होने के बाद इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश, रोजगार सृजन तथा औद्योगिक विकास की संभावनाओं को और अधिक बल मिलेगा।

मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदित इस नीति के छह प्रमुख आधार स्तंभ हैं – आधारभूत अधोसंरचना सहायता, फीडस्टॉक आपूर्ति श्रृंखला सुदृढ़ीकरण, संयंत्र स्थापना एवं संचालन सहायता, जैव उर्वरक प्रबंधन एवं सहायक अधोसंरचना विकास, सीबीजी मांग सृजन एवं परिवहन क्षेत्र में एकीकरण तथा निवेश प्रोत्साहन एवं उद्योग विकास।

नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण (CBDA) को राज्य की नोडल एजेंसी नामित किया गया है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह नीति छत्तीसगढ़ को स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन, हरित उद्योग, जैविक कृषि और सतत विकास के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगी। यह पहल विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान करेगी।

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारत की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय स्वाभिमान के सशक्त प्रहरी – मुख्यमंत्री साय

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डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारत की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय स्वाभिमान के सशक्त प्रहरी – मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में प्रख्यात शिक्षाविद्,भारत के प्रथम उद्योग मंत्री, राष्ट्रवादी चिंतक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारत की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय स्वाभिमान के सशक्त प्रहरी थे। उन्होंने राष्ट्रहित को सर्वाेपरि रखते हुए अपना संपूर्ण जीवन देश सेवा के लिए समर्पित किया। उनके विचार, संघर्ष और त्याग भारतीय लोकतंत्र एवं राष्ट्रवादी चिंतन की अमूल्य धरोहर हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने देश की राजनीति को वैचारिक आधार प्रदान किया तथा राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। राष्ट्र की अखंडता और सांस्कृतिक अस्मिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता आज भी प्रत्येक देशवासी के लिए प्रेरणास्रोत है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित, आत्मनिर्भर और सशक्त भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ते समय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्श और सिद्धांत हमें निरंतर मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। उनके विचारों को आत्मसात कर ही हम राष्ट्र निर्माण के संकल्प को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा सकते हैं।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह, राम गर्ग सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

एकनाथ शिंदे के दल में शामिल हुए शिवसेना यूबीटी के बागी 6 सांसद

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एकनाथ शिंदे के दल में शामिल हुए शिवसेना यूबीटी के बागी 6 सांसद
शिवसेना यूबीटी से बागी हुए 6 सांसदों ने आज महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना का दामन थाम लिया , शिंदे ने अपनी पार्टी का अंग वस्त्र पहनाकर अपने दल में सभी सांसदों की शामिल किया और कहा कट्टर शिवसैनिक सांसदों का स्वागत है।

उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना से बागी हुए 6 सांसद संजय हरिभाऊ जाधव, भाऊसाहब राजाराम वाकचौरे, ओमप्रकाश भूपालसिंह निम्बालकर (ओमराजे निम्बालकर) , संजय दीना पाटिल, संजय उत्तमराव देशमुख और नागेश बापुराव पाटिल आष्टीकर आज महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गुट में शामिल हो गए। शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने कहा, आज हम इन सभी 6 ‘कट्टर शिवसैनिक सांसदों’ का बालासाहेब ठाकरे और आनंद दिघे की असली शिवसेना में स्वागत करते हैं।

शिंदे ने कहा 4 साल पहले 2022 में हमने बगावत की थी जब 40 विधायक हमारे साथ आए थे और इस बार हमने छक्का मारा है। शिंदे बोले 2022 में हमने बालासाहेब की शिवसेना को बचाने के लिए बगावत की थी और अब यह 4 साल पहले हुई उसी बगावत का दूसरा चरण है। हम शिवसेना और बालासाहेब के विचारों को बचाने के लिए यहां हैं। इसीलिए इन 6 सांसदों ने बालासाहेब की असली शिवसेना में आने का फैसला किया है।

ओमराजे निंबालकर ‘रील स्टार’ नहीं ‘रियल स्टार’
एकनाथ शिंदे ने कहा ओमराजे निंबालकर बड़े दिल के साथ हमारे साथ आए। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से बातचीत की और फिर हमारे साथ आने का फ़ैसला किया। लोग उन्हें ‘रील स्टार’ कहते हैं, लेकिन मेरी नज़र में वे ‘रियल स्टार’ हैं। ये सभी लोग अपने निजी फ़ायदे के लिए नहीं, बल्कि अपने चुनाव क्षेत्र की भलाई के लिए हमारे साथ आए हैं।

जब हमने बगावत की तब 40 थे चुनाव बाद 60 हो गए
एकनाथ शिंदे ने कहा 2022 में हमने जो फ़ैसला लिया लोगों ने उसे स्वीकार किया उसके बाद हम जनता की अदालत में गए और चुनावों में लोगों ने हमें मंजूरी दी। जब हमने बगावत की थी, तब हमारे पास 40 विधायक थे, लेकिन बाद में चुनावों में हमारी संख्या 40 से बढ़कर 60 हो गई।

मैं कोई काम अधूरा नहीं छोड़ता
शिंदे ने कहा जब मैं मुख्यमंत्री था तो मैंने एक कार्यकर्ता की तरह व्यवहार किया और आज भी मैं एक कार्यकर्ता की तरह ही काम करता हूँ। मैं इन सभी 6 सांसदों से कहना चाहता हूँ कि उन्हें भी आम कार्यकर्ताओं की तरह व्यवहार करना होगा हम उनके साथ सभी का सम्मान करेंगे। हमारे मंत्री आपके साथ बैठकर आपके निर्वाचन क्षेत्रों की समस्याओं का समाधान करेंगे शिंदे ने कहा मैं कोई भी काम अधूरा नहीं छोड़ता ‘ऑपरेशन टाइगर’ आपके सामने सफल हुआ है।