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बेंगलुरु रोड शो में उत्तर प्रदेश को 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले

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बेंगलुरु रोड शो में उत्तर प्रदेश को 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले
राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए बेंगलुरु में बुधवार को आयोजित रोड शो में विभिन्न कंपनियों ने 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव दिए हैं।

साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में 15 कंपनियों ने निवेश को लेकर सरकार के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इन एमओयू से वैश्विक क्षमता केंद्र, इलेक्ट्रानिक्स व इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।

सबसे अधिक निवेश प्रस्ताव औद्योगिक एवं बिजनेस पार्क के क्षेत्र में प्राप्त हुए हैं। होराइजन (ब्लैकस्टोन) ने 10 हजार करोड़ रुपये, एंबेसी ने पांच हजार करोड़ रुपये, रहेजा-माइंडस्पेस रीट ने पांच हजार करोड़ रुपये, प्रेस्टीज ने 15 हजार करोड़ रुपये और सत्व डेवलपर्स ने चार हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव दिए हैं। श्रीराम प्रापर्टीज ने भी राज्य में निजी औद्योगिक व व्यापारिक पार्क विकसित करने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं।

वहीं, एलजी, एओएन, मेटलाइफ, टेबलस्पेस समेत अन्य कंपनियों ने जीसीसी के क्षेत्र में निवेश को लेकर एमओयू पर हस्ताक्षर किए। उत्तर प्रदेश में जीसीसी टैलेंट डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के लिए टीमलीज ने गैर वित्तीय एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस साझेदारी का मकसद राज्य में प्रशिक्षित कर्मियों की उपलब्धता को मजबूत करना है।

अवैध खनन पर साय सरकार का बड़ा प्रहार, बढ़ा जुर्माना और कार्रवाई हुई सख्त

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अवैध खनन पर साय सरकार का बड़ा प्रहार, बढ़ा जुर्माना और कार्रवाई हुई सख्त

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सख्ती का असर

मंत्रिपरिषद् की मंजूरी के बाद किया गया है नियमों में संशोधन

छत्तीसगढ़ में अब अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और भंडारण करने वालों के खिलाफ पहले से कहीं अधिक सख्त कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल और उनके सख्त प्रशासनिक रुख के तहत राज्य सरकार ने गौण खनिज नियमों में व्यापक संशोधन किया है। मंत्रिपरिषद की मंजूरी के बाद नए नियम लागू हो गए हैं। इन बदलावों का उद्देश्य अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाना, राजस्व बढ़ाना और खनिज संसाधनों का वैज्ञानिक एवं पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करना है।

सबसे बड़ा बदलाव अवैध खनिज परिवहन और उत्खनन पर लगने वाले जुर्माने में किया गया है। अब किसी भी मामले में समझौता राशि 25 हजार रुपये से कम नहीं होगी। अवैध परिवहन के मामलों में प्रति टन 2 हजार रुपये की दर से समझौता शुल्क देना होगा। इसके अलावा अवैध रूप से ले जाए जा रहे खनिज का पूरा मूल्य भी अलग से वसूला जाएगा। उदाहरण के तौर पर यदि कोई वाहन 35 टन खनिज का अवैध परिवहन करता है, तो उसे केवल प्रशमन शुल्क के रूप में 70 हजार रुपये और खनिज का मूल्य अलग से देना होगा। वहीं ट्रैक्टर से अवैध रेत परिवहन करने पर भी न्यूनतम 25 हजार रुपये का प्रशमन शुल्क तथा रेत का मूल्य देना अनिवार्य होगा।

छत्तीसगढ़ सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि अवैध खनन में पकड़े गए वाहन आसानी से दोबारा अपराध में इस्तेमाल न हो सकें। अब जब्त वाहन, मशीन या अन्य सामग्री की सुपुर्दगी से पहले संबंधित न्यायालय में वाहन के प्रकार के अनुसार 50 हजार रुपये से लेकर 3 लाख रुपये तक की सुरक्षा राशि जमा करनी होगी। इसके बाद ही वाहन सुपुर्द किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार ने विकास कार्यों को गति देने के लिए उत्खनन अनुज्ञापत्र के नियम भी आसान बनाए हैं। शासकीय निर्माण कार्यों के लिए उत्खनन क्षेत्र की सीमा 1 हेक्टेयर से बढ़ाकर 2 हेक्टेयर कर दी गई है, जबकि अनुज्ञापत्र की अवधि 2 वर्ष से बढ़ाकर 3 वर्ष कर दी गई है। इससे निर्माण कार्यों के लिए पर्याप्त खनिज उपलब्ध होगा और व्यवस्थित खनन को बढ़ावा मिलेगा।

खनिजों के वैज्ञानिक अन्वेषण और आधारभूत संरचना के विकास के लिए छत्तीसगढ़ राज्य खनिज अन्वेषण न्यास-2025 की स्थापना भी की गई है। अब गौण खनिजों से प्राप्त रॉयल्टी का 2 प्रतिशत इस न्यास में जमा होगा, जिससे हर वर्ष लगभग 5.25 करोड़ रुपये अतिरिक्त प्राप्त होने का अनुमान है।

सरकार ने खनन पट्टों के समामेलन की प्रक्रिया को भी सरल बनाया है। इससे अलग-अलग प्रकार से स्वीकृत पट्टों के एकीकरण में आ रही व्यवहारिक कठिनाइयां दूर होंगी और शासन को प्रीमियम राशि प्राप्त करने में सुविधा होगी।

निर्माण विभागों में खनिज रॉयल्टी कटौती की व्यवस्था को भी एक समान बनाया गया है। अब सभी विभाग खनिज की कीमत के साथ रॉयल्टी, डीएमएफ, पर्यावरण उपकर, अधोसंरचना उपकर और सुरक्षा के तौर पर अतिरिक्त राशि निर्धारित नियमों के अनुसार काटेंगे। खनिज विभाग से रॉयल्टी क्लीयरेंस मिलने पर यह राशि वापस कर दी जाएगी, अन्यथा विभाग इसे खनिज मद में जमा करेगा। इससे अवैध स्रोतों से खनिज के उपयोग पर भी प्रभावी रोक लगेगी।

एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय के तहत गौण खनिज से मिलने वाले राजस्व का लाभ अब केवल नगरीय निकायों, ग्राम पंचायतों और जनपद पंचायतों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जिला पंचायतों को भी इसका हिस्सा मिलेगा।
करीब 30 वर्षों बाद खदानों के डेड रेंट (अनिवार्य भाटक) की दरों में भी बढ़ोतरी की गई है। राज्य में 1900 से अधिक गौण खनिज खदानें हैं, जिनमें बड़ी संख्या में खदानें वर्षों से बंद पड़ी हैं। सरकार का मानना है कि बढ़े हुए डेड रेंट से केवल गंभीर पट्टाधारी ही खदानों का संचालन करेंगे। जो खदानें संचालित नहीं होंगी, वे समर्पित होकर दोबारा नीलामी के लिए उपलब्ध हो सकेंगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की इस पहल को अवैध खनन के खिलाफ सरकार के जीरो टॉलरेंस और सख्त प्रशासनिक रुख का बड़ा सख्त कदम माना जा रहा है। नए नियमों से एक ओर अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश लगेगा, वहीं राज्य के राजस्व में वृद्धि, पारदर्शिता और खनिज संसाधनों के बेहतर प्रबंधन को भी मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर कार्यक्रम को जबलपुर में संबोधित किया

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर कार्यक्रम को जबलपुर में संबोधित किया
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि रानी दुर्गावती, अदम्य साहस, अद्वितीय पराक्रम और साहस की प्रतिमूर्ति थीं। नारी शक्ति का पराक्रम मां दुर्गावती के व्यक्तित्व में नजर आता है। मुगलों को युद्धों में धूल चटाने वाली ऐसी वीरांगना रानी दुर्गावती का आज 463वां बलिदान दिवस है। रानी दुर्गावती ने गौंडवाना साम्राज्य में 52 गढ़ों पर शासन किया। पति की असमय मृत्यु के बाद 5 साल के बेटे को सिंहासन पर बैठाया और 15 साल तक जनता की सेवा के लिए और क्षेत्र की रक्षा के लिए स्वयं को समर्पित कर दिया। मध्यप्रदेश की धरती पर लगभग 500 वर्ष पूर्व रानी दुर्गावती का जन्म हुआ, लेकिन आज पूरा देश और प्रदेश उन्हें आदर के साथ स्मरण करता है। हमारा सौभाग्य है कि प्रदेश सरकार के गठन के बाद मंत्रि-परिषद की पहली बैठक जबलपुर में रानी दुर्गावती को समर्पित कर आयोजित की गई थी। इसके बाद दूसरी कैबिनेट बैठक रानी दुर्गावती के गौंडवाना साम्राज्य की राजधानी संग्रामपुर में आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि जबलपुर एयरपोर्ट का नाम वीरांगना रानी दुर्गावती के नाम पर रखने के लिए केंद्रीय उड्डयन मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर उनकी समाधि स्थल नर्रई नाला जबलपुर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रानी दुर्गावती को समर्पित नवीन संस्थान जबलपुर में 100 करोड़ रूपए की लागत से मदन महल के पास तैयार हो रहा है, जिसका लोकार्पण बहुत जल्द किया जाएगा। इस संस्थान से प्रदेश की भावी पीढ़ी रानी दुर्गावती के गौरवशाली अतीत और कार्यों से परिचित होंगी। जबलपुर में रानी दुर्गावती के नाम पर एक चिड़ियाघर (जू) और वन्य प्राणी रेस्क्यू सेंटर बन रहा है। इसके साथ ही 35वीं बटालियन मंडला का नाम रानी दुर्गावती के नाम पर रखा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के नायकों की वीरता और समृद्ध विरासत को सही रूप में प्रस्तुत करने के लिए ‘विरासत से विकास’ अभियान शुरू किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रानी दुर्गावती का शासन काल, गौंड साम्राज्य का स्वर्णिम युग था। रानी दुर्गावती ने किसान कल्याण के लिए उस दौर में बीज संग्रह, फसल चक्रण और जल संचय के महत्वपूर्ण कार्य कराए थे। उनके प्रबंधन के परिणाम स्वरूप अनाज के भंडार भरे हुए थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विकसित मध्यप्रदेश पर आयोजित कॉन्क्लेव को किया संबोधित

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विकसित मध्यप्रदेश पर आयोजित कॉन्क्लेव को किया संबोधित
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि समय तभी बदलता है, जब संकल्प बड़ा होता है। सभी भारतीयों के लिए यह गर्व का विषय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृढ़ संकल्प और दूरदर्शी नेतृत्व में भारत का समय बदला है। विश्व के कई देशों ने अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से प्रधानमंत्री मोदी को विभूषित किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने विकसित भारत @2047 और अर्थव्यवस्था को 30 ट्रिलियन डॉलर पहुंचाने का संकल्प लिया है। राज्य सरकार का यह प्रयास होगा कि इसमें से लगभग 2 ट्रिलियन डॉलर का योगदान मध्यप्रदेश का हो। मध्यप्रदेश, प्रधानमंत्री मोदी के सेवा, सुशासन और जन कल्याण के संकल्पों को पूर्ण करने का निरंतर प्रयास कर रहा है। वर्तमान में मध्यप्रदेश की गिनती देश के सबसे तेजी से प्रगति करने वाले राज्यों में हो रही है। हम विरासत भी और विकास भी के पथ पर लगातार अग्रसर हो रहे है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज वीरांगना रानी दुर्गावती का बलिदान दिवस है। उन्होंने रानी दुर्गावती का स्मरण करते हुए कहा कि प्रदेशवासी रानी दुर्गावती के बलिदान को सदैव याद रखेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव “विकसित मध्यप्रदेश” विषय पर आयोजित कॉन्क्लेव को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल में आयोजित कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। कॉन्क्लेव में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, सूक्ष्म लघु एवं उद्योग मंत्री चैतन्य काश्यप, मुख्य सचिव अनुराग जैन विशेष रूप से उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉन्क्लेव में शामिल उद्योगपतियों से राज्य में मौजूद निवेश संभावनाओं का लाभ उठाने का आह्वान करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश की विशेषता है कि एक बार जो मध्यप्रदेश आता है, यहीं का होकर रह जाता है। कार्यक्रम में उद्योग व्यापार जगत के प्रतिनिधि, निवेशक, बैंकिंग और वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधि तथा नीति निर्माता शामिल हुए।

प्रदेश में पिछले तीन साल से विकास का कारवां लगातार बढ़ रहा है आगे
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में पिछले तीन साल से विकास का कारवां लगातार आगे बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश में नए उद्योग स्थापित करने के लिए पर्याप्त लैंड बैंक है। राज्य सरकार ने उद्योग अनुकूल वातावरण तैयार करने लिए पारदर्शी और उद्योग मित्र नीतियां लागू की हैं। मध्यप्रदेश की इन्हीं विशेषताओं के कारण निवेशक उद्योग लगाने के लिए राज्य में आ रहे हैं। देश के मध्य में स्थित होने के कारण उन्हें कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स का विशेष लाभ भी मिलेगा। प्रदेश सरकार ने चारों दिशाओं में सड़क कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए अधोसंरचना विकास पर विशेष बल दिया है।

राज्य सरकार 10 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों को ला चुकी है धरातल पर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में भोपाल में पहली बार ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 का आयोजन किया गया, जिसमें अभूतपूर्व निवेश प्राप्त हुआ और एमओयू साइन हुए। यह प्रसन्नता का विषय है कि 10 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों को राज्य सरकार धरातल पर ला चुकी है। मध्यप्रदेश की छवि कृषि प्रधान राज्य के साथ उद्योग मित्र राज्य की भी बनी है। राज्य सरकार ने वर्ष 2025 को उद्योग और रोजगार को समर्पित किया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय युवा प्रतिभाओं ने दुनिया की बड़ी से बड़ी कंपनियों में शीर्ष पदों पर पहुंचकर भारत का मान बढ़ाया है। स्पेस टेक्नोलॉजी में भारतीय वैज्ञानिकों ने नए कीर्तिमान गढ़े हैं। राज्य सरकार ने भी अपनी स्पेस-टेक पॉलिसी लॉन्च की है। मध्यप्रदेश को सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए हम निरंतर प्रयास कर रहे हैं।

छत्तीसगढ़ में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान के स्थापना का प्रस्ताव विकसित करने की दिशा में अमित शाह से मिले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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छत्तीसगढ़ में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान के स्थापना का प्रस्ताव विकसित करने की दिशा में अमित शाह से मिले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
छत्तीसगढ़ को आयुर्वेद चिकित्सा, अनुसंधान और उच्च शिक्षा के राष्ट्रीय केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बुधवार को नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास, जनकल्याण और विभिन्न समसामयिक विषयों पर विस्तार से चर्चा करते हुए छत्तीसगढ़ में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) की स्थापना का आग्रह किया। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री के साथ छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा भी थे।

मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री को बताया कि नई दिल्ली और पणजी में संचालित अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान देश में आयुर्वेद आधारित चिकित्सा, अनुसंधान और नवाचार के उत्कृष्ट केंद्र के रूप में स्थापित हो चुके हैं। इन संस्थानों ने आधुनिक विज्ञान और पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के समन्वय से स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा दी है तथा बड़ी संख्या में दक्ष आयुर्वेद चिकित्सक और शोधकर्ता तैयार किए हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों और औषधीय संपदा से समृद्ध राज्य है। प्रदेश का बड़ा हिस्सा वनाच्छादित है, जहां अनेक दुर्लभ औषधीय वनस्पतियां और जड़ी-बूटियां प्राकृतिक रूप से उपलब्ध हैं। जनजातीय अंचलों में पारंपरिक औषधीय ज्ञान की समृद्ध विरासत भी मौजूद है। ऐसे में यहां अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की स्थापना आयुर्वेद चिकित्सा और अनुसंधान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

उन्होंने कहा कि AIIA की स्थापना से प्रदेशवासियों को उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी, वहीं युवाओं को राष्ट्रीय स्तर के संस्थान में अध्ययन, अध्यापन और अनुसंधान के अवसर प्राप्त होंगे। इससे आयुर्वेद आधारित चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य, शिक्षा तथा अनुसंधान के क्षेत्र में एक नई पहचान स्थापित करेगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि संस्थान का लाभ केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मध्य भारत के व्यापक क्षेत्र को मिलेगा। पड़ोसी राज्यों के नागरिकों को भी बेहतर आयुर्वेदिक उपचार और शोध सुविधाओं का लाभ प्राप्त हो सकेगा।

मुख्यमंत्री साय ने केंद्रीय बजट 2026 में देश में तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना की घोषणा का उल्लेख करते हुए आग्रह किया कि इनमें से एक संस्थान छत्तीसगढ़ को प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि यह संस्थान राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के साथ-साथ रोजगार, अनुसंधान और ज्ञान आधारित विकास को भी नई गति देगा।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने बस्तर सहित राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों, अधोसंरचना विस्तार और जनहितकारी योजनाओं की प्रगति की जानकारी भी केंद्रीय गृह मंत्री को दी।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य में विकास और जनकल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

भारत और आयरलैंड के बीच 2 मैचों की टी20 सीरीज 26 जून से शुरू

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भारत और आयरलैंड के बीच 2 मैचों की टी20 सीरीज 26 जून से शुरू
अफगानिस्तान को वनडे सीरीज में रौंदने के बाद भारतीय टीम को आयरलैंड से भिड़ना है. भारत और आयरलैंड के बीच दो टी20 मैच 26 जून और 28 जून को खेले जाएंगे. भारतीय क्रिकेट टीम पहली बार श्रेयस अय्यर की कप्तानी में खेल रही होगी, क्योंकि सूर्यकुमार यादव से ना केवल कप्तानी छिन चुकी है, बल्कि उन्हें टीम से ड्रॉप भी कर दिया गया है.

भारत और आयरलैंड के दोनों टी20 मैच बेलफास्ट में खेले जाएंगे. बताते चलें कि 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी इस सीरीज में अपना अंतर्राष्ट्रीय डेब्यू कर सकते हैं. यहां जान लीजिए उन 3 भारतीय खिलाड़ियों के बारे में, जिनपर सीरीज में सबकी नजरें टिकी होंगी.

वैभव सूर्यवंशी
15 साल के वैभव सूर्यवंशी अगर 26 जून को आयरलैंड के खिलाफ खेलते हैं, तो वे इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने वाले सबसे युवा भारतीय खिलाड़ी बन जाएंगे. वैभव ने हाल ही में ट्राई सीरीज के फाइनल में 29 गेंद में 94 रन बना डाले थे. अगर वैभव प्लेइंग इलेवन में आते हैं, तो देखना दिलचस्प होगा कि उन्हें किसकी जगह अंतिम-11 में शामिल किया जाता है.

श्रेयस अय्यर
श्रेयस अय्यर करीब ढाई साल बाद भारत के लिए कोई टी20 मैच खेल रहे होंगे. उनकी यह वापसी इसलिए यादगार होगी, क्योंकि उनका रिटर्न बतौर कप्तान हो रहा है. श्रेयस की कप्तानी इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि उन्होंने IPL के पिछले दोनों सीजन में पंजाब किंग्स को प्लेऑफ तक पहुंचाया है. फैंस की नजर इस बात पर भी होगी कि बतौर कप्तान श्रेयस अपने पहले मैच में छाप छोड़ पाते हैं या नहीं.

हर्षित राणा
टी20 वर्ल्ड कप 2026 की प्लेइंग इलेवन में हर्षित राणा का नाम पक्का लग रहा था, लेकिन उससे पहले ही वो चोटिल हो गए थे. अब हर्षित करीब साढ़े 4 महीने के बाद टीम इंडिया में वापस आ रहे हैं. आमतौर पर खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट में अपनी गेम फिटनेस साबित करने के बाद टीम इंडिया में वापस आते हैं, लेकिन हर्षित को चार महीने के गैप के बावजूद डायरेक्ट एंट्री मिली है. उनपर भी सबकी नजरें टिकी होंगी कि लंबे इंतजार के बाद हर्षित की गेंदबाजी में पहले जैसी धार दिखाई देगी या नहीं.

लोहगढ़ किला मामले में केतन की मौत की जांच में नए सुराग मिले

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लोहगढ़ किला मामले में केतन की मौत की जांच में नए सुराग मिले
लोहगढ़ किला मामले की जांच में पुलिस को कई ऐसे तथ्य मिले हैं, जिन्होंने जांच की दिशा बदल दी है. पुलिस सूत्रों के अनुसार, मृतक केतन अग्रवाल के परिवार ने पूछताछ के दौरान कई ऐसी जानकारियां दीं, जिनसे जांचकर्ताओं को यह समझने में मदद मिली कि केतन बेहद सतर्क स्वभाव का युवक था और अनावश्यक जोखिम लेने से बचता था.

परिवार ने बताया कि ट्रैकिंग के दौरान भी केतन हमेशा 10 से 20 फीट की दूरी बनाकर चलता था. यहां तक कि गोवा यात्रा के दौरान भी उसने समुद्र में उतरकर नहाया तक नहीं था. इन जानकारियों के बाद पुलिस को यह मानना मुश्किल लगने लगा कि केतन खुद किसी खतरनाक जगह पर जाकर जोखिम उठाएगा.

घंटों चली पूछताछ, परिवार से जुटाई गई जानकारी
घटना वाले दिन केतन के चाचा दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक पुलिस के साथ रहे. इस दौरान पुलिस लगातार केतन के स्वभाव, उसकी आदतों और व्यवहार को समझने का प्रयास कर रही थी. पूछताछ के दौरान पुलिस ने परिवार से यह भी पूछा कि क्या उन्हें किसी पर शक है, लेकिन उन्होंने किसी पर संदेह होने से इनकार कर दिया.

जांच अधिकारियों के मुताबिक, परिवार से मिली जानकारी ने कई सवालों को जन्म दिया और पुलिस ने मामले को अलग-अलग पहलुओं से खंगालना शुरू किया. पुलिस के अनुसार, एक सवाल लगातार जांच टीम के मन में था कि केतन आखिर 18 दिनों के भीतर 3 बार लोहगढ़ किले पर क्यों गया था. इसी कड़ी में 21 जून को 18 जून का सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू की गई.

33 डिग्री सेल्सियस और हुडी!
शुरुआती तौर पर फुटेज में सब कुछ सामान्य दिखाई दिया. पुलिस ने सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक के फुटेज खंगाले. हालांकि, इसी दौरान जांचकर्ताओं की नजर एक ऐसे युवक पर पड़ी, जिसने हुडी और कैप पहन रखी थी. पुलिस ने जब उस दिन का तापमान गूगल पर जांचा तो वह करीब 33 डिग्री सेल्सियस पाया गया. ऐसे मौसम में हुडी पहनकर घूमने वाले व्यक्ति को लेकर पुलिस के मन में कई सवाल उठे.

इसके बाद सीसीटीवी फुटेज दोबारा देखा गया और इस बार पूरा फोकस उसी हुडी पहने युवक पर रखा गया. पुलिस के अनुसार, फुटेज में दिखाई दिया कि वह युवक नीचे से दौड़ते हुए आया और जैसे ही उसने केतन और सिया को देखा, वह अचानक रुक गया और बैठ गया.

2 साल के FD पर मिलेगा 8.30% रिटर्न

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2 साल के FD पर मिलेगा 8.30% रिटर्न
उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक भी जून में फिक्स्ड डिपॉजिट के ब्याज दरों (FD Rates) में बदलाव करने वाले बैंकों की लिस्ट में शामिल हो चुका है। सामान्य नागरिकों को 3.50% से लेकर 7.80% ब्याज ऑफर कर रहा है। वरिष्ठ नागरिकों को 50 आधार अंक की सुविधा भी दे रहा है। वरिष्ठ नागरिकों को 3 करोड़ रुपये से कम के रेगुलर एफडी पर 4% से लेकर 8.30% रिटर्न मिल रहा है। 7 दिन से लेकर 10 साल तक का टेन्योर ऑप्शन मिलता है।

नए रेट लागू हो चुके हैं। रेकरिंग डिपॉजिट (RD) के ब्याज दरों में संशोधन किया गया है। आरडी पर 5.50% से लेकर 7.80% ब्याज मिल रहा है। ध्यान रखें कि सभी बैंक समय-समय एफडी और आरडी के ब्याज दरों में बदलाव करते हैं, जो विभिन्न वित्तीय कारकों पर निर्भर करता है। इसलिए निवेश से पहले ग्राहकों को बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी शाखा विजिट करना की सलाह दी जाती है।

कितने दिन के एफडी पर मिल रहा अधिकतम ब्याज?
2 साल के टेन्योर पर बैंक सबसे ज्यादा ब्याज ऑफर कर रहा है। सामान्य नागरिकों को 7.80% इंटरेस्ट मिल रहा है। 3 साल 1 दिन से लेकर 3 साल 6 महीने पर 7.55% रिटर्न मिल रहा है। 5 साल 1 दिन के टेन्योर पर 7.30% ब्याज मिल रहा है। 1 साल से लेकर 2 साल से कम और 2 साल 1 दिन से लेकर 3 साल तक के टेन्योर पर 7.25% ब्याज मिल रहा है।

टेन्योर वाइज ब्याज दरें जानें
7 दिन से लेकर 29 दिन- 3.50%
30 से लेकर 89 दिन- 4.15%
90 दिन से लेकर 179 दिन- 4.65%
180 दिन- 6%
6 महीने से लेकर 1 साल से कम- 5.50%
1 साल से लेकर 2 साल से कम- 7.25%
2 साल- 7.80%
2 साल 1 दिन से लेकर 3 साल तक- 7.25%
3 साल 1 दिन से लेकर 3 साल 6 महीने तक- 7.55%
3 साल 6 महीने से अधिक और 5 साल तक- 7.20%
5 साल 1 दिन- 7.30%
5 साल 2 दिन से लेकर 10 साल तक- 6.50%

RD के लिए ब्याज दरें
एफडी के साथ-साथ 22 जून से रेकरिंग डिपॉजिट के लिए भी नई ब्याज दरें लागू हो चुकी हैं। बैंक 6 महीने से लेकर 120 महीने तक के टेन्योर पर न्यूनतम 5.50% और अधिकतम 7.80% ब्याज ऑफर कर रहा है। सबसे ज्यादा रिटर्न24 महीने यानी 2 साल के टेन्योर पर मिल रहा है। 39 महीने से लेकर 42 महीने तक के आरडी पर 7.55% ब्याज बैंक दे रहा है। 63 से लेकर 120 महीने तक के टेन्योर के लिए ब्याज दर 6.50% है।

कोलकाता के टाराटाला में बड़ा हादसा: गोदाम ढहने से 5 की मौत, 20 घायल

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कोलकाता के टाराटाला में बड़ा हादसा: गोदाम ढहने से 5 की मौत, 20 घायल
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के टाराटाला इलाके में मंगलवार को एक बड़ा हादसा हो गया, जब एक गोदाम अचानक ढह गया। इस दुर्घटना में अब तक 5 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि करीब 20 लोग घायल बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और राहत-बचाव कार्य तत्काल शुरू कर दिया गया।
बचाव अभियान में जुटीं कई एजेंसियां

हादसे की सूचना मिलते ही कोलकाता पुलिस, एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF), दमकल विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।

अधिकारियों के अनुसार, कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। बचाव कार्य देर रात तक जारी रहा।
टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने की निष्पक्ष जांच की मांग

हादसे पर प्रतिक्रिया देते हुए कल्याण बनर्जी ने घटना को बेहद दुखद बताया। उन्होंने कहा कि मामले की पूरी तरह निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि हादसे के कारणों का पता लगाना जरूरी है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
हादसे के कारणों की जांच शुरू

गोदाम ढहने के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। प्रशासन और संबंधित एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में निर्माण गुणवत्ता, रखरखाव और सुरक्षा मानकों से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है।

जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसा तकनीकी खामी, संरचनात्मक कमजोरी या किसी अन्य कारण से हुआ।

श्रद्धा कपूर की ‘ईथा’ का पोस्टर रिलीज़ होते ही वायरल

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श्रद्धा कपूर की ‘ईथा’ का पोस्टर रिलीज़ होते ही वायरल
श्रद्धा कपूर ने अपने इंस्टाग्राम पर फिल्म ‘ईथा’ के दो नए पोस्टर्स शेयर किए, जिसमें उनका लुक काफी अलग और दमदार नजर आ रहा है। पोस्ट शेयर करते हुए उन्होंने मजेदार कैप्शन लिखा, “तैयार हो आ रही है”, जिसने फैंस के बीच उत्सुकता और बढ़ा दी। कुछ ही मिनटों में पोस्ट पर लाखों लाइक्स और हजारों कमेंट्स आ गए।

फिल्म का टीजर पहले ही सिनेमाघरों में दिखाया जा चुका था, जो शाहिद कपूर, कृति सेनन और रश्मिका मंदाना की फिल्म ‘कॉकटेल 2’ के साथ स्क्रीन किया गया था। अब पोस्टर सामने आने के बाद साफ है कि मेकर्स फिल्म को बड़े लेवल पर प्रमोट करने की तैयारी में हैं। श्रद्धा का यह अवतार उनके पुराने किरदारों से बिल्कुल अलग है, और यही वजह है कि दर्शक इसे लेकर और ज्यादा उत्साहित नजर आ रहे हैं।

श्रद्धा कपूर ‘ईथा’ पोस्टर
‘ईथा’ के पोस्टर में श्रद्धा कपूर का लुक देखकर लोग हैरान रह गए। उनका किरदार विठाबाई नारायणगांवकर पर आधारित है, जो महाराष्ट्र की मशहूर लावणी कलाकार रही हैं। पोस्टर में श्रद्धा का एक्सप्रेशन, कॉस्ट्यूम और बॉडी लैंग्वेज पूरी तरह उस दौर की झलक देता है। फैंस का कहना है कि पहली ही झलक में वह किरदार में पूरी तरह ढल गई हैं।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पोस्टर तेजी से वायरल हो रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि श्रद्धा ने अपने करियर का अब तक का सबसे चैलेंजिंग रोल चुना है। कुछ लोगों ने तो उनके लुक को “टोटल ट्रांसफॉर्मेशन” तक बता दिया। इंडस्ट्री के जानकार भी मान रहे हैं कि यह फिल्म उनके करियर में एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हो सकती है।