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वकील से मारपीट पर बड़ा एक्शन, जहांगीराबाद TI समेत 3 पुलिसकर्मी निलंबित

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राजधानी भोपाल में वकील के साथ कथित मारपीट के मामले में पुलिस विभाग ने कार्रवाई करते हुए जहांगीराबाद थाना प्रभारी (TI) समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में भी हलचल तेज हो गई है।

जानकारी के मुताबिक, वकील के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा मारपीट किए जाने का मामला सामने आया था। घटना के बाद मामले ने तूल पकड़ा और वरिष्ठ अधिकारियों तक शिकायत पहुंची। प्रारंभिक स्तर पर मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग ने संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की।

निलंबन के साथ ही पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ पुलिसकर्मियों के आचरण को लेकर भी विभाग गंभीर है।

वहीं, घटना के बाद वकीलों के बीच भी नाराजगी देखी गई। मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर आगे की स्थिति जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।

बीजेपी मीडिया विभाग में बड़ा बदलाव, आशीष अग्रवाल राष्ट्रीय मीडिया संयोजक; बृजगोपाल लोया को MP की जिम्मेदारी

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मध्य प्रदेश बीजेपी के मीडिया विभाग में बुधवार को बड़ा बदलाव हुआ। ग्वालियर के आशीष उषा अग्रवाल को बीजेपी का राष्ट्रीय मीडिया संयोजक बनाया गया है। इससे पहले वे राष्ट्रीय मीडिया सह-संयोजक की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

आशीष अग्रवाल लंबे समय से मध्य प्रदेश बीजेपी के मीडिया संगठन से जुड़े रहे हैं। वे प्रदेश प्रवक्ता और इसके बाद 29 अप्रैल 2023 से मध्य प्रदेश बीजेपी के मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अब उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी दी गई है।

वहीं, आशीष अग्रवाल के राष्ट्रीय संगठन में जाने के बाद रायसेन के बृजगोपाल लोया को मध्य प्रदेश बीजेपी का नया प्रदेश मीडिया प्रभारी बनाया गया है। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी है।

इस बदलाव के साथ बीजेपी के मध्य प्रदेश मीडिया विभाग की जिम्मेदारियों में भी फेरबदल हुआ है। पार्टी के मीडिया और संचार तंत्र में यह बदलाव 2026 के संगठनात्मक पुनर्गठन का हिस्सा है।

भोपाल से होगा ‘सुगम परिवहन सेवा’ का शंखनाद, MP की सड़कों पर दौड़ेंगी हाईटेक और सुरक्षित बसें

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मध्य प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक सुगम, सुरक्षित और आधुनिक बनाने की दिशा में एक अहम पहल होने जा रही है। राजधानी भोपाल से ‘सुगम परिवहन सेवा’ का शुभारंभ किया जाएगा। इस सेवा के जरिए प्रदेश में यात्रियों को बेहतर सुविधाओं से लैस हाईटेक और सुरक्षित बस परिवहन उपलब्ध कराने की तैयारी है।

नई परिवहन व्यवस्था में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी। बसों में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे संचालन की निगरानी, यात्रियों की सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाया जा सके।

‘सुगम परिवहन सेवा’ के जरिए प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने पर जोर रहेगा। आधुनिक बसों के संचालन से यात्रियों को बेहतर यात्रा सुविधा मिलने के साथ ही परिवहन व्यवस्था में पारदर्शिता और निगरानी को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

राजधानी भोपाल से इस सेवा की शुरुआत को प्रदेश के सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का लक्ष्य ऐसी परिवहन व्यवस्था विकसित करना है, जो सुरक्षित, सुविधाजनक और तकनीक आधारित हो तथा आम यात्रियों की रोजमर्रा की यात्रा को आसान बनाए।

शारदीय नवरात्रि का उत्साह चरम पर, बाजारों में बढ़ी रौनक और खरीदारी

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शारदीय नवरात्रि के आगमन से पहले बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। देवी आराधना के इस प्रमुख पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह नजर आ रहा है। शहर के बाजारों में पूजा सामग्री, माता की चुनरी, श्रृंगार सामग्री, फूल-माला और सजावटी सामान की दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही बढ़ गई है।

पूजा सामग्री की खरीदारी तेज
नवरात्रि की तैयारियों के लिए लोग पूजा की थाली, कलश, नारियल, चुनरी, रोली, मौली, धूप-बत्ती और अन्य पूजन सामग्री की खरीदारी कर रहे हैं। वहीं माता की प्रतिमा और पूजा स्थलों को सजाने के लिए आकर्षक सजावटी सामग्री भी बाजार में उपलब्ध है।

देवी मंदिरों में भी तैयारियां
नवरात्रि को देखते हुए शहर के देवी मंदिरों में भी विशेष तैयारियां की जा रही हैं। मंदिरों की साफ-सफाई, सजावट और रोशनी का काम तेज हो गया है। नवरात्रि के दौरान विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने की तैयारियां भी चल रही हैं।

बाजारों में बढ़ी रौनक
त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ कपड़ों, आभूषणों और अन्य सामान की दुकानों पर भी ग्राहकों की आवाजाही बढ़ी है। व्यापारियों को नवरात्रि के दौरान कारोबार में और तेजी आने की उम्मीद है। श्रद्धालु भी पर्व को लेकर उत्साह के साथ खरीदारी और तैयारियों में जुटे हुए हैं।

भारत में डिजाइन, दुनिया के लिए निर्माण, ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ को बढ़ावा देने पर जोर

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भारत में नवाचार, डिजाइन और विनिर्माण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘डिजाइन इन इंडिया’, ‘मेक फॉर इंडिया’ और ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ के संकल्प को साकार करने पर जोर दिया जा रहा है। इस पहल का लक्ष्य देश की प्रतिभा, तकनीक और उत्पादन क्षमता को वैश्विक स्तर पर स्थापित करना है।

डिजाइन और नवाचार को मिलेगा बढ़ावा
‘डिजाइन इन इंडिया’ के तहत देश में उत्पादों के डिजाइन, अनुसंधान और नवाचार की क्षमता को मजबूत करने पर जोर है। इसका उद्देश्य भारतीय युवाओं, स्टार्टअप्स और उद्योगों को नए उत्पाद विकसित करने के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।

घरेलू जरूरतों से वैश्विक बाजार तक
‘मेक फॉर इंडिया’ के जरिए देश की बढ़ती घरेलू जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भारत में ही उत्पादन क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य है। वहीं ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ के तहत भारतीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारत की भूमिका मजबूत करने पर फोकस किया जा रहा है।

सरकार का जोर तकनीक, कौशल, अनुसंधान और उद्योग के बीच बेहतर तालमेल विकसित करने पर भी है। इससे विनिर्माण क्षेत्र में नए अवसर पैदा होने और भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता मजबूत होने की उम्मीद है।

इंफ्रास्ट्रक्चर से कृषि तक बड़ा फैसला, MP कैबिनेट ने 13,790 करोड़ रुपये किए स्वीकृत

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मध्यप्रदेश मंत्रिपरिषद ने प्रदेश के विकास को गति देने के लिए बुनियादी ढांचे, कृषि विस्तार और प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण से जुड़े विभिन्न कार्यों के लिए लगभग 13 हजार 790 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। सरकार के इस फैसले का उद्देश्य विकास परियोजनाओं को तेज करना और प्रदेश में आवश्यक अधोसंरचना को और मजबूत बनाना है।

स्वीकृत राशि के माध्यम से बुनियादी ढांचे के विस्तार, कृषि क्षेत्र के विकास और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने से जुड़े कार्यों को गति दी जाएगी। इससे विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आने और विभिन्न क्षेत्रों में सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद है।

कृषि क्षेत्र को मिलेगी नई गति
कृषि विस्तार से जुड़े कार्यों पर विशेष जोर दिया गया है। प्रदेश में कृषि उत्पादन, आधुनिक कृषि तकनीक और किसानों तक सुविधाओं की पहुंच को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न गतिविधियों को गति देने का लक्ष्य है। मध्यप्रदेश का कृषि विभाग पहले से ही कृषि यंत्रीकरण और किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण उपलब्ध कराने के लिए योजनाएं संचालित कर रहा है।

अधोसंरचना और प्रशासनिक व्यवस्था होगी मजबूत
सरकार का फोकस विकास परियोजनाओं के साथ प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर भी है। करीब 13,790 करोड़ रुपये की स्वीकृति से प्रदेश में अधोसंरचना विकास और प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण से जुड़े कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

मंत्रिपरिषद के इस निर्णय को प्रदेश में विकास, कृषि और प्रशासन—तीनों क्षेत्रों को एक साथ मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

बेहतर परिवहन से छत्तीसगढ़ की तस्वीर बदलने पर जोर, CM साय ने गिनाई विकास की प्राथमिकताएं

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में बेहतर कनेक्टिविटी और मजबूत परिवहन व्यवस्था से प्रदेश के विकास को नई गति मिलेगी। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों को भी सड़क, परिवहन और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जोड़कर विकास की मुख्यधारा में लाया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दूरियां कम होने से लोगों के लिए आवागमन आसान होगा और शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार तथा व्यापार जैसी सुविधाओं तक उनकी पहुंच बेहतर होगी। ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी मजबूत होने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।

परिवहन और कनेक्टिविटी पर जोर
सीएम साय ने कहा कि प्रदेश के विकास के लिए मजबूत सड़क नेटवर्क और सुगम परिवहन व्यवस्था बेहद जरूरी है। सरकार ऐसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दे रही है, जहां भौगोलिक परिस्थितियों के कारण लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी से न केवल लोगों का समय बचेगा, बल्कि किसानों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और श्रमिकों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा। दूरस्थ क्षेत्रों में सड़क और परिवहन सुविधाओं के विस्तार से वहां पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

विकास की मुख्यधारा से जुड़ेंगे दूरस्थ क्षेत्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के हर क्षेत्र तक विकास का लाभ पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। कनेक्टिविटी के विस्तार के साथ प्रदेश के शहरों और गांवों के बीच संपर्क मजबूत होगा। इससे रोजगार के अवसर बढ़ाने और स्थानीय संसाधनों को बाजार से जोड़ने में भी मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और प्रदेश के सभी क्षेत्रों को बेहतर सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में लगातार काम कर रही है।

महिला सशक्तिकरण पर CM साय का फोकस, सम्मान-सुरक्षा के साथ आर्थिक आत्मनिर्भरता पर जोर

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की माताओं-बहनों का सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री ने यह बात राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के निवास पर आयोजित तीज मिलन समारोह के दौरान कही। उन्होंने समारोह में शामिल माताओं-बहनों से मुलाकात कर उन्हें तीज पर्व की शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराओं में मातृशक्ति का विशेष स्थान है। सरकार महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभ लेने वाला वर्ग नहीं, बल्कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय सहभागी मानकर कार्य कर रही है। उनका कहना है कि महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत होने से परिवार और समाज को भी मजबूती मिलती है।

68 लाख से अधिक महिलाओं को महतारी वंदन का लाभ
मुख्यमंत्री के मुताबिक महतारी वंदन योजना के तहत 68 लाख से अधिक महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जा रही है। वहीं प्रदेश में 13.85 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं और स्व-सहायता समूहों तथा स्वरोजगार से जुड़कर आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

सीएम साय ने कहा कि महिलाओं को स्थायी आजीविका, कौशल विकास और स्वरोजगार से जोड़ना महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश की माताएं-बहनें आत्मनिर्भर बनें और परिवार एवं समाज के विकास में उनकी भूमिका और मजबूत हो।

तीज पर्व को बताया संस्कृति और आत्मीयता का प्रतीक
मुख्यमंत्री ने कहा कि तीज का पर्व छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और आत्मीय रिश्तों से जुड़ा है। भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना से जुड़े इस पर्व पर उन्होंने प्रदेश की सभी माताओं-बहनों और उनके परिवारों के सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।

महानदी बेसिन में ONGC की बड़ी कामयाबी, ओडिशा तट के पास मिली प्राकृतिक गैस

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देश की ऊर्जा खोज के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। सरकारी तेल एवं प्राकृतिक गैस कंपनी ONGC ने ओडिशा तट के पास महानदी अपतटीय बेसिन के गहरे समुद्री क्षेत्र में प्राकृतिक गैस की खोज की है। यह खोज 18 सितंबर को MN-DW18-1-H-D कुएं में की गई, जिसकी ड्रिलिंग करीब 1,623 मीटर की गहराई तक की गई।

बताया गया है कि यह कुआं कोणार्क तट से करीब 43 किलोमीटर दूर स्थित है। शुरुआती परीक्षणों में कुएं से गैस का प्रवाह और जलाशय में दबाव उत्साहजनक पाया गया है। हालांकि, खोज की व्यावसायिक क्षमता का आकलन आगे की जांच और मूल्यांकन के बाद किया जाएगा।

यह खोज महानदी बेसिन में गहरे समुद्र में हाइड्रोकार्बन संसाधनों की तलाश के लिए चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। जुलाई 2026 में इसी क्षेत्र में पहले मूल्यांकन कुएं की ड्रिलिंग शुरू की गई थी। सरकार की ‘समुद्र मंथन’ राष्ट्रीय अपतटीय अन्वेषण योजना का उद्देश्य देश की घरेलू तेल और गैस खोज को बढ़ावा देना तथा आयात पर निर्भरता कम करने में मदद करना है।

ONGC की यह खोज भारत के अपतटीय ऊर्जा संसाधनों के आकलन के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आगे होने वाले मूल्यांकन से यह स्पष्ट होगा कि यहां उपलब्ध गैस भंडार को व्यावसायिक उत्पादन के लिए किस स्तर तक विकसित किया जा सकता है।

MP में दिव्यांगजनों के लिए नई पहल, राज्य दिव्यांग निधि के संचालन को लेकर जारी हुए निर्देश

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मध्यप्रदेश सरकार ने दिव्यांगजनों के कल्याण और उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य दिव्यांग निधि के संचालन के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने इसे अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर प्रमुख सूचना के रूप में जारी किया है।

इस पहल का उद्देश्य दिव्यांगजनों से जुड़ी सहायता को व्यवस्थित तरीके से उपलब्ध कराना और निधि के संचालन की प्रक्रिया को स्पष्ट करना है। विभाग की ओर से दिव्यांगजन कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनमें पेंशन, पुनर्वास और सहायता से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं।

विभाग की वेबसाइट के अनुसार, राज्य दिव्यांग निधि से संबंधित दिशा-निर्देशों को हालिया प्रमुख सूचनाओं में शामिल किया गया है। इसके साथ ही दिव्यांगजनों के लिए विशेष विद्यालयों में अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था और ITI में प्रवेश लेने वाले दृष्टिबाधित एवं श्रवण बाधित विद्यार्थियों के लिए आवास सहायता से जुड़े आदेश भी हाल में जारी किए गए हैं।

सरकार के इन कदमों से दिव्यांगजनों के लिए संचालित सहायता एवं पुनर्वास व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित करने की दिशा में काम आगे बढ़ने की उम्मीद है।