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छत्तीसगढ़ बनेगा स्वच्छ ऊर्जा का नया हब, मंत्रिपरिषद ने दी सीजी-सीबीजी नीति 2026 को मंजूरी

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छत्तीसगढ़ बनेगा स्वच्छ ऊर्जा का नया हब, मंत्रिपरिषद ने दी सीजी-सीबीजी नीति 2026 को मंजूरी

कृषि अवशेष, गोबर और जैविक अपशिष्ट से तैयार होगी हरित ऊर्जा, किसानों की आय बढ़ाने और निवेश को मिलेगा नया प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आज आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ कम्प्रेस्ड बायोगैस (CG-CBG) नीति 2026 को मंजूरी प्रदान की गई। यह नीति राज्य में स्वच्छ ऊर्जा, हरित औद्योगिकीकरण, कृषि आधारित अर्थव्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा देने वाली महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।

छत्तीसगढ़ में कृषि एवं फसल अवशेष, पैडी स्ट्रॉ, पशु गोबर, पशुधन अपशिष्ट, नगरीय ठोस अपशिष्ट, प्रेसमड, गन्ना अवशेष तथा नेपियर जैसी ऊर्जा फसलों से प्रतिवर्ष लगभग 1.65 लाख मेट्रिक टन कम्प्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) उत्पादन की संभावना है। इससे राज्य में स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा तथा पारंपरिक जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम होगी।

नई नीति के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रतिवर्ष लगभग 2.16 लाख टन पेट्रोल एवं डीजल के समतुल्य ईंधन की आपूर्ति सीबीजी के माध्यम से की जा सकेगी। इससे विदेशी मुद्रा की बचत होने के साथ-साथ देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को भी मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के किसानों, गौपालकों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए यह नीति नए अवसर लेकर आएगी। कृषि अवशेषों एवं जैविक अपशिष्टों के बेहतर उपयोग से किसानों की अतिरिक्त आय बढ़ेगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर सृजित होंगे।

सीबीजी संयंत्रों से सह-उत्पाद के रूप में प्राप्त जैविक खाद के उपयोग से प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा। इससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होगी, भूमि की उर्वरता संरक्षित रहेगी और टिकाऊ कृषि को प्रोत्साहन मिलेगा।

यह नीति राज्य को हरित विकास और जलवायु अनुकूल अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। सीबीजी के उपयोग से ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन में कमी आएगी तथा छत्तीसगढ़ नेट-ज़ीरो उत्सर्जन के राष्ट्रीय लक्ष्य की दिशा में प्रभावी योगदान दे सकेगा।

भारत सरकार द्वारा सतत एवं किफायती परिवहन को बढ़ावा देने के लिए संचालित SATAT (Sustainable Alternative Towards Affordable Transportation) पहल के अनुरूप यह नीति तैयार की गई है। राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के प्रयासों में छत्तीसगढ़ की यह पहल महत्वपूर्ण योगदान देगी।

राज्य में विकसित हो रहे सिटी गैस वितरण नेटवर्क तथा गैस अधोसंरचना का लाभ भी इस नीति को मिलेगा। इससे सीबीजी उत्पादन, वितरण और उपयोग की मजबूत पारिस्थितिकी विकसित होगी तथा निवेशकों को बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।

छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण (CBDA) द्वारा वर्ष 2024 से सीबीजी क्षेत्र में सक्रिय पहल की जा रही है। वर्तमान में रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर, राजनांदगांव, धमतरी, अंबिकापुर, रायगढ़ और कोरबा सहित आठ स्थानों पर बीपीसीएल एवं गेल इंडिया लिमिटेड के निवेश से सीबीजी संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। इन सभी परियोजनाओं के लिए भूमि आबंटन की प्रक्रिया पूर्ण की जा चुकी है।

राज्य में निजी क्षेत्र से भी सीबीजी उद्योग के प्रति उल्लेखनीय रुचि दिखाई गई है तथा लगभग 3,600 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। नई नीति लागू होने के बाद इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश, रोजगार सृजन तथा औद्योगिक विकास की संभावनाओं को और अधिक बल मिलेगा।

मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदित इस नीति के छह प्रमुख आधार स्तंभ हैं – आधारभूत अधोसंरचना सहायता, फीडस्टॉक आपूर्ति श्रृंखला सुदृढ़ीकरण, संयंत्र स्थापना एवं संचालन सहायता, जैव उर्वरक प्रबंधन एवं सहायक अधोसंरचना विकास, सीबीजी मांग सृजन एवं परिवहन क्षेत्र में एकीकरण तथा निवेश प्रोत्साहन एवं उद्योग विकास।

नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण (CBDA) को राज्य की नोडल एजेंसी नामित किया गया है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह नीति छत्तीसगढ़ को स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन, हरित उद्योग, जैविक कृषि और सतत विकास के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगी। यह पहल विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान करेगी।

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारत की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय स्वाभिमान के सशक्त प्रहरी – मुख्यमंत्री साय

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डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारत की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय स्वाभिमान के सशक्त प्रहरी – मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में प्रख्यात शिक्षाविद्,भारत के प्रथम उद्योग मंत्री, राष्ट्रवादी चिंतक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारत की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय स्वाभिमान के सशक्त प्रहरी थे। उन्होंने राष्ट्रहित को सर्वाेपरि रखते हुए अपना संपूर्ण जीवन देश सेवा के लिए समर्पित किया। उनके विचार, संघर्ष और त्याग भारतीय लोकतंत्र एवं राष्ट्रवादी चिंतन की अमूल्य धरोहर हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने देश की राजनीति को वैचारिक आधार प्रदान किया तथा राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। राष्ट्र की अखंडता और सांस्कृतिक अस्मिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता आज भी प्रत्येक देशवासी के लिए प्रेरणास्रोत है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित, आत्मनिर्भर और सशक्त भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ते समय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्श और सिद्धांत हमें निरंतर मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। उनके विचारों को आत्मसात कर ही हम राष्ट्र निर्माण के संकल्प को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा सकते हैं।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह, राम गर्ग सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

एकनाथ शिंदे के दल में शामिल हुए शिवसेना यूबीटी के बागी 6 सांसद

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एकनाथ शिंदे के दल में शामिल हुए शिवसेना यूबीटी के बागी 6 सांसद
शिवसेना यूबीटी से बागी हुए 6 सांसदों ने आज महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना का दामन थाम लिया , शिंदे ने अपनी पार्टी का अंग वस्त्र पहनाकर अपने दल में सभी सांसदों की शामिल किया और कहा कट्टर शिवसैनिक सांसदों का स्वागत है।

उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना से बागी हुए 6 सांसद संजय हरिभाऊ जाधव, भाऊसाहब राजाराम वाकचौरे, ओमप्रकाश भूपालसिंह निम्बालकर (ओमराजे निम्बालकर) , संजय दीना पाटिल, संजय उत्तमराव देशमुख और नागेश बापुराव पाटिल आष्टीकर आज महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गुट में शामिल हो गए। शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने कहा, आज हम इन सभी 6 ‘कट्टर शिवसैनिक सांसदों’ का बालासाहेब ठाकरे और आनंद दिघे की असली शिवसेना में स्वागत करते हैं।

शिंदे ने कहा 4 साल पहले 2022 में हमने बगावत की थी जब 40 विधायक हमारे साथ आए थे और इस बार हमने छक्का मारा है। शिंदे बोले 2022 में हमने बालासाहेब की शिवसेना को बचाने के लिए बगावत की थी और अब यह 4 साल पहले हुई उसी बगावत का दूसरा चरण है। हम शिवसेना और बालासाहेब के विचारों को बचाने के लिए यहां हैं। इसीलिए इन 6 सांसदों ने बालासाहेब की असली शिवसेना में आने का फैसला किया है।

ओमराजे निंबालकर ‘रील स्टार’ नहीं ‘रियल स्टार’
एकनाथ शिंदे ने कहा ओमराजे निंबालकर बड़े दिल के साथ हमारे साथ आए। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से बातचीत की और फिर हमारे साथ आने का फ़ैसला किया। लोग उन्हें ‘रील स्टार’ कहते हैं, लेकिन मेरी नज़र में वे ‘रियल स्टार’ हैं। ये सभी लोग अपने निजी फ़ायदे के लिए नहीं, बल्कि अपने चुनाव क्षेत्र की भलाई के लिए हमारे साथ आए हैं।

जब हमने बगावत की तब 40 थे चुनाव बाद 60 हो गए
एकनाथ शिंदे ने कहा 2022 में हमने जो फ़ैसला लिया लोगों ने उसे स्वीकार किया उसके बाद हम जनता की अदालत में गए और चुनावों में लोगों ने हमें मंजूरी दी। जब हमने बगावत की थी, तब हमारे पास 40 विधायक थे, लेकिन बाद में चुनावों में हमारी संख्या 40 से बढ़कर 60 हो गई।

मैं कोई काम अधूरा नहीं छोड़ता
शिंदे ने कहा जब मैं मुख्यमंत्री था तो मैंने एक कार्यकर्ता की तरह व्यवहार किया और आज भी मैं एक कार्यकर्ता की तरह ही काम करता हूँ। मैं इन सभी 6 सांसदों से कहना चाहता हूँ कि उन्हें भी आम कार्यकर्ताओं की तरह व्यवहार करना होगा हम उनके साथ सभी का सम्मान करेंगे। हमारे मंत्री आपके साथ बैठकर आपके निर्वाचन क्षेत्रों की समस्याओं का समाधान करेंगे शिंदे ने कहा मैं कोई भी काम अधूरा नहीं छोड़ता ‘ऑपरेशन टाइगर’ आपके सामने सफल हुआ है।

फीफा 2026 में गोल्डन बूट की रेस में मेसी नंबर-1

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फीफा 2026 में गोल्डन बूट की रेस में मेसी नंबर-1
फीफा विश्वकप 2026 में जहां एक ओर टीमें नॉकआउट चरण में जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर गोल्डन बूट की रेस भी लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है। अब तक इस विश्वकप में 94 खिलाड़ियों ने गोल दागे हैं। जॉर्डन और अल्जीरिया के बीच में जॉर्डन के निजार अल रशदन फीफा विश्वकप 2026 में गोल करने वाले 92वें खिलाड़ी और फिर अल्जीरिया के नाधिर बेनबुआली 93वें खिलाड़ी बने। इसके बाद अल्जीरिया के अमीन गोइरी ने गोल दागा और वह 94वें खिलाड़ी बने।

हालांकि, अर्जेंटीना के कप्तान लियोनल मेसी फिलहाल पांच गोल के साथ गोल्डन बूट की रेस में सबसे आगे हैं। ऑस्ट्रिया के खिलाफ दो गोल दागकर उन्होंने न केवल विश्वकप इतिहास में सर्वाधिक गोल करने का रिकॉर्ड अपने नाम किया, बल्कि गोल्डन बूट की दौड़ में भी अपनी बढ़त मजबूत कर ली। मेसी के लिए राह आसान नहीं रहने वाली है। फ्रांस के किलियन एमबाप्पे और नॉर्वे के एर्लिंग हालंद लगातार उनका पीछा कर रहे हैं। दोनों खिलाड़ियों के नाम चार-चार गोल हैं और दोनों अपनी-अपनी टीमों को नॉकआउट चरण में पहुंचाने में अहम भूमिका निभा चुके हैं।

मेसी, एम्बाप्पे और हालंद के बीच सीधी टक्कर
ऑस्ट्रिया के खिलाफ दो गोल कर मेसी पांच गोल तक पहुंच गए। वहीं एमबाप्पे ने इराक के खिलाफ दो गोल दागकर अपना खाता चार गोल तक पहुंचाया। दूसरी तरफ एर्लिंग हालंद ने सेनेगल के खिलाफ दो गोल कर टूर्नामेंट में अपने कुल गोलों की संख्या चार कर ली। दिलचस्प बात यह है कि तीनों खिलाड़ी अपनी टीमों के सबसे बड़े मैच विनर साबित हुए हैं। मेसी जहां अर्जेंटीना को नॉकआउट चरण में पहुंचा चुके हैं, वहीं एमबाप्पे और हालंद भी अपनी टीमों की सफलता के केंद्र में हैं।

टेलीग्राम की एक हफ्ते बाद हुई प्लेस्टोर पर वापसी

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टेलीग्राम की एक हफ्ते बाद हुई प्लेस्टोर पर वापसी
सरकार की ओर से निर्धारित समयसीमा पूरी होने के बाद 22 जून की आधी रात को गूगल ने टेलीग्राम को बहाल कर दिया। कुछ मौजूदा यूजर्स के लिए प्लेटफॉर्म पहले से ही सीमित रूप से उपलब्ध था, लेकिन आधिकारिक तौर पर इसे मंगलवार सुबह फिर से एक्सेस किया जा सका। हालांकि एपल एप स्टोर पर सुबह लगभग 10 बजे तक डीलिस्ट रहा। इस संबंध में एपल की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।

Telegram पर बैन क्यों लगा था?
सरकार ने 16 जून 2026 को टेलीग्राम पर अस्थायी रूप से बैन लगा दिया था। यह फैसला नीट परीक्षा से जुड़े फर्जी प्रश्नपत्रों, भ्रामक सूचनाओं और परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने वाली कथित धोखाधड़ी गतिविधियों को रोकने में विफल रहने के बाद लिया था।

सरकारी अधिकारियों ने 3 जून को टेलीग्राम के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर इन चिंताओं को साझा किया था। इसके बाद केंद्र सरकार ने एप, वेब वर्जन और उससे जुड़े लिंक को 22 जून तक ब्लॉक करने का आदेश दिया।

मैसेज एडिटिंग फीचर पर अभी भी रोक
हालांकि टेलीग्राम को अभी तक पूरी तरह राहत नहीं मिली है। इसके मैसेज एडिटिंग फीचर पर अभी भी रोक जारी है। सरकार ने टेलीग्राम को निर्देश दिया है कि वह 30 जून तक इस फीचर को बंद रखे। कहा जा रहा है कि जांच पूरी होने तक इस सुविधा पर निगरानी रखी जाएगी।

नीट री-एग्जाम के बाद नहीं मिली नई शिकायत
नीट की पुनर्परीक्षा 21 जून को आयोजित की गई थी। हालांकि अब तक परीक्षा से जुड़ी किसी नई धोखाधड़ी या पेपर लीक की रिपोर्ट सामने नहीं आई है। इसी के बाद टेलीग्राम पर लगे अस्थायी प्रतिबंध की अवधि समाप्त होने दी गई और इसमें कोई विस्तार नहीं किया गया।

टेलीग्राम के CEO ने जताई नाराजगी
इस दौरान टेलीग्राम के सीईओ पावेल डुरोव ने भारत सरकार के फैसले की सार्वजनिक रूप से आलोचना की थी। उनका कहना है कि कुछ यूजर्स की ओर से कथित रूप से लीक सामग्री साझा किए जाने की वजह से पूरे प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि टेलीग्राम के प्रतिद्वंद्वी प्लेटफॉर्म्स की ओर से कंपनी के खिलाफ लॉबिंग की गई हो सकती है।

सोमवार को हुए लखनऊ अग्निकांड की जांच के लिए पहुंची एसआईटी की टीम

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सोमवार को हुए लखनऊ अग्निकांड की जांच के लिए पहुंची एसआईटी की टीम
लखनऊ अग्निकांड की जांच शुरू हो चुकी है। घटना के बाद मंगलवार को एसआईटी के साथ फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंच चुकी है। फोरेंसिक टीम ने जांच के लिए पूरी इमारत को सील कर दिया है। टीम अंदर से सबूत जुटा रही है। अभी भी यह पूरी तरह से आधिकारिक तौर पर साफ नहीं हो पाया है कि यह हादसा कैसे हुआ। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि यह एसी के फटने से हुई है।

इसके पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अलीगंज अग्निकांड को लेकर देर रात उच्चस्तरीय बैठक की। इसमें दोषियों को चिह्नित करने के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का आदेश दिया। वहीं, अलीगंज थाने में छह लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर ली गई है। इनमें से चार को गिरफ्तार कर लिया गया है।

सीएम के निर्देश पर गठित एसआईटी में संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और लखनऊ के एडीजी जोन प्रवीण कुमार सदस्य हैं। जांच दल सात दिन में रिपोर्ट सीएम को सौंपेगा। वहीं, मुख्यमंत्री के निर्देश पर चार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। प्रथम दृष्ट्या दोषी पाए गए गौरव कुमार, एक्सेन कलेक्शन (बिजली विभाग) जानकीपुरम, कमलेंद्र कुमार सिंह, एफएसएसओ (फायर विभाग) इंदिरा नगर, अनिल कुमार, एई, एलडीए और प्रमोद पांडे, जेई-एलडीए के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। एलडीए ने पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की है। इसकी रिपोर्ट के बाद के बाद अन्य अफसरों पर भी गाज गिर सकती है।

सोमवार रात पुलिस ने बिल्डिंग के मालिक मदेयगंज निवासी वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, अलीगंज निवासी पेट शॉप के मालिक रामकृष्ण उपाध्याय, एनिमेशन सेंटर के संचालक बालागंज निवासी तूशॉक कृष्णा जायसवाल और किरायेदार सुरेश कुमार शाहू निवासी केशवनगर, मड़ियांव को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, एफआईआर में नामजद आरोपी धीरेंद्र शुक्ला और सुरेंद्र शुक्ला की तलाश जारी है। संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था बबलू कुमार के मुताबिक पुरनिया चौकी इंचार्ज शुभम तिवारी की तहरीर पर छह नामजद और अन्य अज्ञात के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं व 6/10 उत्तर प्रदेश अग्निशमन सेवा अधिनियम की धारा में केस दर्ज किया गया है। मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।

शुक्र करेंगे अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश, तुला और वृश्चिक राशि वालों की करियर में खूब होगी तरक्की

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शुक्र करेंगे अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश, तुला और वृश्चिक राशि वालों की करियर में खूब होगी तरक्की
23 जून 2026 को सुख, सौंदर्य और भौतिक उन्नति के कारक शुक्रदेव अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। यह बुधदेव के स्वामित्व वाला एक बहुत ही गहरा और रहस्यमयी नक्षत्र है। अश्लेषा नक्षत्र पूरी तरह से कर्क राशि के भीतर आता है, जिसका सीधा संबंध मन की आवाज, गहरे अहसासों, सही नीतियों, छिपी हुई प्रतिभाओं और मानसिक समझ से है।

शुक्रदेव के इस नक्षत्र से गुजरने के दौरान आपके आपसी संबंध, धन का प्रबंधन, मन के विचार और व्यक्तिगत इच्छाएं बहुत महत्वपूर्ण हो जाएंगी। यह गोचर लोगों को अपनी आंतरिक जरूरतों को समझने और धन व प्रेम के मामलों में बहुत ही सोच-समझकर फैसले लेने के लिए प्रेरित करेगा। ऐसे में आइए एस्ट्रोलॉजर आनंद सागर पाठक से जानते हैं कि शुक्रदेव के गोचर से किन राशियों का शुरू होगा गोल्डन टाइम।

1. तुला राशि
शुक्रदेव आपके दशम भाव (कर्म, करियर और प्रतिष्ठा का क्षेत्र) को सक्रिय कर रहे हैं। यह समय आपके कामकाज और समाज में आपकी साख के लिए बहुत अनुकूल रहने वाला है। आपकी कलात्मक सोच और सूझबूझ आपको कामकाजी मामलों में बड़ी सफलता दिलाएगी। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत के लिए आपको एक नई पहचान और मान-सम्मान मिल सकता है।
उपाय: अपने काम के प्रति पूरी तरह समर्पित रहें और अपनी जिम्मेदारियों को अच्छे से निभाएं।

2. वृश्चिक राशि
शुक्रदेव आपके नवम भाव (भाग्य, धर्म और उच्च शिक्षा का क्षेत्र) को प्रभावित कर रहे हैं। यह गोचर आपके भाग्य को जगाने, यात्राओं और उच्च शिक्षा के लिए बहुत ही सुंदर अनुभव लेकर आएगा। महत्वपूर्ण फैसलों में आपको भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। यात्रा के अवसरों, पढ़ाई-लिखाई के कामों और धर्म-कर्म से आपको बहुत सुखद परिणाम मिलेंगे। आपको अपने मेंटर्स और बुजुर्गों से बहुत कीमती सलाह मिल सकती है।
उपाय: अपने शिक्षकों और बड़े बुजुर्गों का हमेशा सम्मान करें और उनका आशीर्वाद लेकर ही आगे बढ़ें।

3. धनु राशि
शुक्रदेव आपके अष्टम भाव (परिवर्तन, आयु और संयुक्त धन का क्षेत्र) को सक्रिय कर रहे हैं। यह गोचर आपका ध्यान संयुक्त धन, निवेश और कुछ गुप्त मामलों की तरफ खींच सकता है। संवेदनशील विषयों को आपको बहुत ही सावधानी से संभालना होगा। पैसों से जुड़ा कोई भी बड़ा जोखिम उठाने से बचें। अपने महत्वपूर्ण और करीबी रिश्तों में पूरी पारदर्शिता रखना आपके लिए बहुत जरूरी होगा।
उपाय: जल्दबाजी में किए जाने वाले निवेश और पैसों के बड़े वादों से पूरी तरह दूर रहें।

4. मकर राशि
शुक्रदेव आपके सप्तम भाव (विवाह, साझेदारी और व्यापार का क्षेत्र) को प्रभावित कर रहे हैं। यह गोचर आपके आपसी संबंधों और साझेदारियों के लिए बहुत ही उत्तम रहने वाला है। आपके रिश्ते पहले से और अधिक गहरे और अर्थपूर्ण बनेंगे। दूसरों से मिलने वाला सहयोग इस दौरान बढ़ेगा। व्यापारिक साझेदारियों और विवाह से जुड़े मामलों को इस गोचर से पूरा बल मिलेगा।
उपाय: अपनी बातचीत को हमेशा बिल्कुल साफ रखें और स्वभाव में धीरज बनाए रखें।

5. कुंभ राशि
शुक्रदेव आपके षष्ठ भाव (रोग, ऋण और कार्यक्षेत्र की जिम्मेदारियों का क्षेत्र) को सक्रिय कर रहे हैं। आपका ध्यान आपके काम, सेहत और रोजमर्रा के कर्तव्यों की तरफ ज्यादा रहेगा। कार्यक्षेत्र के रिश्तों पर आपको थोड़ा ध्यान देने की जरूरत पड़ सकती है। अपनी सेहत और दिनचर्या के प्रति पूरी तरह अनुशासित रहकर आप जीवन में बहुत अच्छा संतुलन बनाए रख सकते हैं।
उपाय: काम की जगह पर किसी भी तरह के वाद-विवाद से दूर रहें और अपनी दिनचर्या को अच्छा रखें।

6 मीन राशि
शुक्रदेव आपके पंचम भाव (बुद्धि, विद्या, संतान और रचनात्मकता का क्षेत्र) को प्रभावित कर रहे हैं। यह गोचर आपकी नई सोच, पढ़ाई-लिखाई और कलात्मक क्षमता के लिए बहुत ही बढ़िया रहने वाला है। विद्यार्थियों, कलाकारों, लेखकों और कला के क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए यह समय बहुत उन्नति लेकर आएगा। आपके प्रेम संबंधों में भी इस दौरान मधुरता और गहराई बढ़ेगी।
उपाय: अपनी बुद्धि और कलात्मक सोच का हमेशा सही कामों में उपयोग करें और मन में अच्छे विचार रखें।

राम चरण की स्पोर्ट्स ड्रामा ने दुनियाभर में कमाई से किया राज

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राम चरण की स्पोर्ट्स ड्रामा ने दुनियाभर में कमाई से किया राज
साउथ फिल्म इंडस्ट्री के लोकप्रिय अभिनेता राम चरण का नाम फिल्म पेद्दी की कमर्शियल सफलता को लेकर चर्चा में बना हुआ है। घरेलू बॉक्स ऑफिस के अलावा विदेशों में भी राम की पेद्दी कमाई के मामले में धमाकेदार प्रदर्शन करती हुई नजर आ रही है

डॉ. मुखर्जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाना जरूरी -मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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डॉ. मुखर्जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाना जरूरी -मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्रीय एकीकरण के लिए समर्पित रहा। उन्होंने राष्ट्र की एकता और अखंडता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनका जन्म 6 जुलाई 1901 को निधन 23 जून 1953 को हुआ, जिसे राष्ट्रहित में दिए गए उनके सर्वोच्च बलिदान के रूप में देखा जाता है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में विशेष व्यवस्था के विरोध में आंदोलन किया था, उनका बलिदान राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक माना जाता है। डॉ. मुखर्जी शिक्षाविद, चिंतक, सांसद और दूरदर्शी राजनेता थे। डॉ. मुखर्जी ने वर्ष 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना की। उन्होंने वैचारिक राजनीति और संगठन निर्माण पर बल दिया और राष्ट्रहित को दलगत राजनीति से ऊपर रखने का संदेश दिया। डॉ. मुखर्जी की पुण्यतिथि 23 जून से उनकी जयंती 6 जुलाई तक विशेष पखवाड़ा आयोजित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगरीय निकायों के महापौर तथा नगरपालिका अध्यक्ष को मुख्यमंत्री निवास से वी.सी. के माध्यम से संबोधित कर यह निर्देश दिए।

जनसेवा का अभियान हो पखवाड़ा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का मानना था कि युवा राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति हैं। उन्होंने युवाओं को नेतृत्व, शिक्षा और सामाजिक उत्तरदायित्व के लिए प्रेरित किया। इस पखवाड़े का मुख्य उद्देश्य उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाना है। पखवाड़े के दौरान युवा सम्मेलन, निबंध प्रतियोगिता और संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। इससे नई पीढ़ी को राष्ट्रवादी विचारधारा से जोड़ने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नगरीय निकायों द्वारा मार्गों और उद्यानों का नामकरण डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर किया जा सकता है। इस प्रकार की पहल के लिए सभी प्रक्रियाओं का पालन, आवश्यक रूप से किया जाए तथा सक्षम स्तर से सभी स्वीकृतियां अवश्य ली जाएं। पखवाड़ा जनसेवा का अभियान होना चाहिए। पौधरोपण, स्वच्छता अभियान, रक्तदान, स्वास्थ्य शिविर जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएं। यह पखवाड़ा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने तथा सेवा, सुशासन और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को मजबूत करने का अवसर है।

सोमनाथ मंदिर हमारे राष्ट्रीय स्वाभिमान, सांस्कृतिक गौरव और आस्था का प्रमुख केन्द्र – मुख्यमंत्री साय

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सोमनाथ मंदिर हमारे राष्ट्रीय स्वाभिमान, सांस्कृतिक गौरव और आस्था का प्रमुख केन्द्र – मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज यहां राजधानी रायपुर के रेलवे स्टेशन से सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के लिए विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सोमनाथ मंदिर हमारे राष्ट्रीय स्वाभिमान, सांस्कृतिक गौरव और आस्था का प्रमुख केन्द्र है। सोमनाथ मंदिर को अनेक बार आक्रांताओं ने तोड़ा, लेकिन हर बार मंदिर का पुनर्निर्माण हुआ, ये देशवासियों की अटूट आस्था का परिणाम है।

सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा के तहत विशेष ट्रेन से छत्तीसगढ़ से सोमनाथ के लिए 1000 से अधिक विशिष्टजन, पद्मश्री, राज्य एवं राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित कलाकार एवं साहित्यकार रवाना हुए। यात्रा में शामिल श्रद्धालु छत्तीसगढ़ के शिवालयों की पावन भूमि के माटी कलश और पावन नदियों का जल कलश बाबा सोमनाथ को अर्पण करेंगे। मुख्यमंत्री साय ने भगवान सोमनाथ से छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की प्रार्थना की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ के लिए बहुत गौरवशाली दिन है जब प्रदेश भर से 1000 से अधिक श्रद्धालु भगवान सोमनाथ के दर्शन के लिए रवाना हो रहे हैं। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में 11 जनवरी 2026 से 11 जनवरी 2027 तक सोमनाथ स्वाभिमान पर्व राष्ट्रीय स्मरणोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। इस पर्व के अंतर्गत सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा का आयोजन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हम लौहपुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल का श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हैं, उन्होंने भारत की आजादी के बाद राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के प्रतीक के रूप में सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया था। 75 वर्ष पूर्व देश के प्रथम राष्ट्रपति डा. राजेंद्र प्रसाद जी ने पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर का लोकार्पण किया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे लिए गौरव की बात है कि छत्तीसगढ़ से पद्मश्री, राज्य एवं राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित कलाकार एवं साहित्यकार इस यात्रा में अपने साथ अपने-अपने क्षेत्रों के धार्मिक, ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व के शिवालयों की पावन माटी और पावन नदियों कंे जल कलश लेकर रवाना हो रहे हैं। यह यात्रा भारत की सांस्कृतिक एकता का जीवंत उदाहरण है।

इस अवसर पर संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि सोमनाथ धाम की यह यात्रा श्रद्धालुओं को केवल आध्यात्मिक अनुभूति ही नहीं बल्कि भारत की महान सांस्कृतिक परम्परा और राष्ट्रीय गौरव को निकट से अनुभव करने का अवसर भी प्रदान करेगी। भगवान सोमनाथ से प्रार्थना है कि वे हमारे प्रदेश छत्तीसगढ़ सहित भारतवर्ष को समृद्धि, शांति और विकास के पथ पर अग्रसर करें।

मुख्यमंत्री साय ने सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं से मुलाकात की और उनकी मंगलमय यात्रा की कामना करते हुए उन्हें अंगवस्त्र भेंट किया।
इस अवसर पर कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक धरमलाल कौशिक, अनुज शर्मा, इंद्रकुमार साहू, डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, संपत अग्रवाल, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सु मोना सेन सहित जनप्रतिनिधिगण एवं वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।