भारत ने एफआईएच पुरुष प्रो लीग हॉकी में पाकिस्तान को 7-1 से हराया
एफआईएच पुरूष प्रो लीग हॉकी में, कल रात भारत ने पाकिस्तान को 7-1 से करारी शिकस्त दी। लंदन के ली वैली हॉकी सेंटर में खेले गये मैच के पहले र्क्वाटर में अबू बकर ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर पाकिस्तान को बढ़त दिलाई। दूसरे क्वार्टर में सुखजीत सिंह और हरमनप्रीत सिंह के गोल ने मैच का रुख पलट दिया। इसके बाद तीसरे क्वार्टर में हार्दिक सिंह, जुगराज सिंह, अभिषेक और राजकुमार पाल ने चार और गोल किए। सातवां गोल चौथे क्वार्टर में दिलप्रीत सिंह ने किया।
भारत ने एफआईएच पुरुष प्रो लीग हॉकी में पाकिस्तान को 7-1 से हराया
सिया-केतन को मिलाने में मित्तल परिवार की अहम भूमिका
सिया-केतन को मिलाने में मित्तल परिवार की अहम भूमिका
केतन अग्रवाल हत्याकांड में अब एक नया एंगल सामने आया है, जिसमें सिया गोयल और केतन की सगाई में अहम भूमिका निभाने वाले मित्तल परिवार की भूमिका भी चर्चा में है. जिस परिवार ने दोनों को मिलवाया, वही अब इस पूरे मामले से हैरान और स्तब्ध है. पुलिस मित्तल परिवार से पूछताछ कर रही है ताकि यह समझा जा सके कि रिश्ते की शुरुआत से लेकर हत्या तक के बीच क्या-क्या हुआ?
रिश्ता तय कराने में मित्तल परिवार की भूमिका
सिया गोयल के रिश्तेदार नरेंद्र मित्तल और रेनू मित्तल ने ही सिया और केतन अग्रवाल के बीच शादी की बातचीत शुरू करवाई थी. उनके मुताबिक, उनका काम सिर्फ दोनों परिवारों को मिलाने और शादी की बात आगे बढ़ाने तक सीमित था. जनवरी 2026 में दोनों परिवारों के बीच बातचीत शुरू हुई और फरवरी में सगाई भी हो गई थी.
‘हमें बिल्कुल अंदाजा नहीं था’- मित्तल परिवार
पुलिस पूछताछ में मित्तल दंपति ने कहा कि उन्हें कभी शक नहीं हुआ कि सिया इस तरह का कदम उठा सकती है. उन्होंने बताया कि सिया और केतन दोनों ही शांत और अच्छे स्वभाव के थे. मित्तल परिवार का कहना है कि सिया के किसी और के साथ रिश्ते के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं थी.
ट्रेकिंग ट्रिप में केतन की हत्या
दरअसल, 18 जून को केतन अग्रवाल की मौत पुणे के लोहागढ़ किले पर ट्रेकिंग के दौरान हुई थी. शुरुआत में इसे हादसा माना गया, लेकिन सिया के व्यवहार पर शक होने के बाद पुलिस जांच शुरू हुई. जांच में धीरे-धीरे यह मामला एक साजिश के रूप में सामने आया.
परिवारों के बीच मतभेद और बयान
वहीं, सिया के माता-पिता का कहना है कि उन्हें उसकी निजी जिंदगी के बारे में कुछ भी पता नहीं था. उन्होंने तो यहां तक कहा कि अगर उनकी बेटी दोषी साबित होती है, तो उसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए. दूसरी ओर, मित्तल परिवार ने खुद को इस साजिश से पूरी तरह अलग बताया है.
सूत्रों के मुताबिक, सिया ने पुलिस के सामने अपना गुनाह कबूल कर लिया है. उसने कहा कि उसके लिए केतन की हत्या करना अपने परिवार से सच छुपाने का आसान तरीका था. फिलहाल पुलिस इस पूरे केस के हर पहलू की जांच कर रही है.
ज्येष्ठ पूर्णिमा 2026 पर बन रहा है दुर्लभ संयोग, जरूर करें ये 5 अचूक उपाय
ज्येष्ठ पूर्णिमा 2026 पर बन रहा है दुर्लभ संयोग, जरूर करें ये 5 अचूक उपाय
इस साल ज्येष्ठ पूर्णिमा का पर्व 29 जून, 2026 को मनाया जाएगा। पूर्णिमा तिथि 29 जून की सुबह 3 बजकर 6 मिनट पर शुरु होकर अगले दिन 30 जून को सुबह 5 बजकर 26 मिनट पर खत्म होगी। मान्यता है कि, इस दिन भगवान विष्णु, मां लक्ष्मी और चंद्रदेव की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
इस साल की ज्येष्ठ पूर्णिमा बेहद खास है, क्योंकि इस दिन मूल नक्षत्र और शुक्ल योग का मिलाजुला संयोजन देखने को मिलेगा। ज्योतिषियों का मानना है कि, ऐसी अनूठी खगोलीय घटनाएं सुख और समृद्धि को अपनी ओर आकर्षित करती है। ज्येष्ठ पूर्णिमा के मौके पर कुछ खास उपाय करने से पैसों से जुड़ी समस्या से राहत मिल सकती है।
ज्येष्ठ पूर्णिमा के 5 असरदार उपाय
मां लक्ष्मी को मिश्री वाली खीर का भोग लगाएं
ज्येष्ठ पूर्णिमा के मौके पर देवी लक्ष्मी को खुश करने के लिए उन्हें प्रणाम करने के बाद खीर बनाएं और उसमें मिश्री भी मिलाएं। मान्यता है कि मां लक्ष्मी को इसका भोग लगाने से घर में कभी भी दुख-दरिद्रता नहीं रहती है।
चंद्रमा को अर्घ्य दे
पूर्णिमा का चंद्रमा चंद्र देवता से घनिष्ठ रूप से जुड़ा होता है। ऐसा माना जाता है कि, पूर्णिमा की रात को चंद्रमा उदय होने के बाद जल, दूध, अक्षत और सफेद फूलों का अर्घ्य देना चाहिए। मान्यता है कि, इस अनुष्ठान का पालन करने से मानसिक तनाव कम होता है।
मुख्य प्रवेश द्वार को आशीर्वाद दें
किसी भी घर का मुख्य द्वारा सकारात्मक ऊर्जा से भरा होता है। पूर्णिमा की सुबह इस द्वार पर घी का दीपक जलाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
शिवलिंग पर खास जल अभिषेक
पूर्णिमा के मौके पर भगवान शिव की भी पूजा आध्यात्मिक रूप काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दिन शिवलिंग पर बेलपत्र और फूल अर्पित करना चाहिए। ऐसा भी माना जाता है कि, इससे भगवान शिव खुश होते हैं और जीवन की समस्त बाधाएं दूर होती हैं।
पूर्णिमा पर जरूरतमंदों की सहायता
ज्येष्ठ पूर्णिमा का दिन दान-पुण्य से जुड़े कार्यों के लिए खास माना जाता है। जरुरतमंद को खाने खिलाने से सकारात्मक परिणाम देखने को मिलते हैं। ज्येष्ठ पूर्णिमा पर इन अनुष्ठानों में भाग लेने से व्यक्ति की आध्यात्मिक यात्रा को बढ़ावा मिल सकता है और जीवन में सकारात्मक बदलाव भी आसान होती है।
दिल्ली-NCR में महसूस किए गए भूकंप के झटके
दिल्ली-NCR में महसूस किए गए भूकंप के झटके
राजधानी दिल्ली और इसके आसपास के इलाके में शनिवार शाम को भूकंप के झटके महसूस किए गए। लोग डर से अपने घरों और दफ्तरों से बाहर आ गए।
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सेशेल्स में 194 साल के ‘जोनाथन’ से मिले पीएम मोदी
सेशेल्स में 194 साल के ‘जोनाथन’ से मिले पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने शनिवार को विक्टोरिया में सेशेल्स के राष्ट्रीय वनस्पति उद्यान का दौरा किया। अभयारण्य के दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को बड़े कछुओं को खाना खिलाते हुए देखा गया, जिनमें प्रसिद्ध 194 वर्षीय जोनाथन कछुआ भी शामिल था। जोनाथन कछुआ को दुनिया का सबसे पुराना जीवित स्थलीय जानवर माना जाता है।
एक पेड मां के नाम
‘एक पेड़ मां के नाम’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया एक राष्ट्रव्यापी जन-अभियान है। इसका उद्देश्य अपनी माँ के सम्मान में एक पौधा लगाना और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है। पीएम मोदी और पैटिक हर्मिनी ने परिसर के भीतर एक स्मारक पौधा भी लगाया और संरक्षण केंद्र के कर्मचारियों के साथ गहन बातचीत की, जिन्होंने अतिथि गणमान्य व्यक्तियों को अभयारण्य की अनूठी वनस्पति और जीव-जंतुओं के बारे में जानकारी दी।
तीन दिन के दौर पर पहुंचे सेशेल्स
प्रधानमंत्री शनिवार दोपहर तीन दिवसीय दौरे पर राजधानी पहुंचे। द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देते हुए, प्रधानमंत्री मोदी देश के राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में विशिष्ट अतिथि होंगे, जो 1976 में यूनाइटेड किंगडम से सेशेल्स की स्वतंत्रता के 50 वर्ष पूरे होने का प्रतीक है।
एयरपोर्ट पर पीएम मोदी का हुआ भव्य स्वागत
दोनों लोकतांत्रिक देशों के बीच गहरे राजनयिक संबंधों को दर्शाते हुए एक विशेष संकेत के रूप में, राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने कई शीर्ष कैबिनेट मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री मोदी का व्यक्तिगत रूप से स्वागत किया।
स्वागत समारोह में गुजरात के कच्छ क्षेत्र के पारंपरिक नृत्य सहित जीवंत सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं। इस सांस्कृतिक प्रस्तुति पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, ‘अद्भुत सांस्कृतिक जुड़ाव! सेशेल्स हवाई अड्डे पर स्वागत में कच्छ का नृत्य शामिल था। जिस तरह से हमारे प्रवासी भारतीयों ने भारत के विभिन्न हिस्सों की संस्कृति को संरक्षित और मनाया है, वह सराहनीय है।’
पीएम मोदी ने जताया आभार
प्रधानमंत्री मोदी ने X पर भव्य स्वागत की तस्वीरें भी अपलोड कीं और भारतीय प्रवासी भारतीयों के अपार स्नेह और प्रेम के लिए आभार व्यक्त किया। सेशेल्स में उतरते ही मिले आधिकारिक स्वागत को स्वीकार करते हुए, प्रधानमंत्री ने अपनी यात्रा के प्रति आशावाद व्यक्त किया और X पर पोस्ट किया, ‘सेशेल्स में उतरा। हवाई अड्डे पर डॉ. पैट्रिक हर्मिनी द्वारा दिए गए हार्दिक स्वागत के लिए मैं अत्यंत आभारी हूं। सेशेल्स एक महत्वपूर्ण समुद्री साझेदार और हिंद महासागर में एक घनिष्ठ मित्र है। हमारे दीर्घकालिक संबंधों को और मजबूत करने तथा दोनों देशों के लोगों के हित में सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से एक सार्थक यात्रा की आशा करता हूं।’
मणिक्कम टैगोर बने तमिलनाडु कांग्रेस के नए अध्यक्ष
मणिक्कम टैगोर बने तमिलनाडु कांग्रेस के नए अध्यक्ष
तमिलनाडु कांग्रेस में बड़ा बदलाव हो गया है। कांग्रेस आलाकमान ने शनिवार को मणिक्कम तागोर को तमिलनाडु कांग्रेस का नया अध्यक्ष नियुक्त कर दिया है। सीएम विजय की पार्टी टीवीके के साथ राज्य में सरकार बनाने के बाद कांग्रेस का यह पहला बड़ा फैसला है।
इस फैसले के बाद यह माना जा रहा है कि पार्टी राज्य में अपनी जड़ें मजबूत करने की कोशिश कर रही है। पुराने अध्यक्ष के सेल्वापेरुन्थगई की जगह अब टैगोर कांग्रेस की कमान संभालेंगे।
क्यों हुआ यह बदलाव?
कांग्रेस पार्टी लंबे समय से तमिलनाडु में मजबूत पकड़ बनाने की कोशिश कर रही है। डीएमके के साथ गठबंधन के बावजूद पार्टी की अपनी संगठनात्मक ताकत कमजोर रही है। कई नेता और कार्यकर्ता मानते थे कि पुरानी नेतृत्व व्यवस्था में नई ऊर्जा की कमी है।
मणिक्कम को लाकर पार्टी ने एक सक्रिय और युवा चेहरा चुना है, जो संसद में भी सक्रिय रहे हैं। टैगोर लोकसभा सांसद हैं और कांग्रेस के अंदर उन्हें अच्छा संगठनकर्ता माना जाता है।
उनका तमिलनाडु की स्थानीय राजनीति से गहरा जुड़ाव है। खासकर दक्षिणी जिलों में उनकी पहुंच अच्छी मानी जाती है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि यह बदलाव सिर्फ नाम का नहीं, बल्कि रणनीति का हिस्सा है।
मैदान में सक्रिय रहते हैं टैगोर
मणिक्कम टाइग कांग्रेस के उन नेताओं में शामिल हैं जो मैदान में उतरकर काम करते दिखते हैं। वे पहले भी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों पर रहे हैं।
उनकी नियुक्ति को पार्टी के अंदर कुछ लोग राहत की सांस के रूप में देख रहे हैं क्योंकि अब संगठन में नई गति आने की उम्मीद है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस फैसले की घोषणा एक्स पर की। उन्होंने साफ कहा कि टैगोर तुरंत प्रभाव से अपना काम संभालेंगे। यह फैसला दिल्ली से लेकर चेन्नई तक कांग्रेस कार्यकर्ताओं में चर्चा का विषय बन गया है।
कनाडा की तर्ज पर कानूनी शरण के रास्ते खोलेगा UK
कनाडा की तर्ज पर कानूनी शरण के रास्ते खोलेगा UK
यूनाइटेड किंगडम सरकार अगले हफ्ते इमिग्रेशन और असाइलम बिल लाने वाली है। इससे शरणार्थियों के लिए कनाडा की तर्ज पर नए कानूनी रास्ते खुलेंगे, साथ ही मानवाधिकार और आधुनिक गुलामी के दावों से जुड़े नियमों को सख्त किया जाएगा।
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, गृह मंत्री शबाना महमूद ने कहा कि इन सुधारों का मकसद असली शरणार्थियों की सुरक्षा करना और ब्रिटेन की असाइलम व्यवस्था में जनता का भरोसा बहाल करना है।
प्रस्तावित ढांचे के तहत, कम्युनिटी ग्रुप, चैरिटी, चर्च और चुनिंदा यूनिवर्सिटीज को यूनाइटेड किंगडम में सुरक्षा चाहने वाले शरणार्थियों को स्पॉन्सर करने की इजाजत दी जाएगी। यह मॉडल कनाडा के कम्युनिटी स्पॉन्सरशिप प्रोग्राम पर आधारित है, जिसने 1979 से अब तक लगभग 4,00,000 शरणार्थियों को फिर से बसाने में मदद की है।
होम ऑफिस ने कहा कि कनाडाई सिस्टम के तहत स्पॉन्सर किए गए शरणार्थियों में बेहतर एकीकरण के नतीजे दिखे हैं। पारंपरिक सरकारी योजनाओं के ज़रिए आने वालों की तुलना में, इनमें से ज्यादा लोगों को एक साल के भीतर नौकरी मिल गई। अगले साल एक और रास्ता शुरू होने की उम्मीद है, जिससे नियोक्ता शरणार्थियों को स्पॉन्सर कर सकेंगे।
यूनिवर्सिटीज और कंपनियों की होगी बड़ी भूमिका
यूनिवर्सिटी-स्पॉन्सर्ड रिफ्यूजी रूट के लिए आवेदन इस साल के आखिर में शुरू होने की उम्मीद है, और पहले शरणार्थियों के 2027 से आने की संभावना है। नियोक्ताओं को भी एक खास वर्क पाथवे के जरिए शरणार्थियों को स्पॉन्सर करने का विकल्प दिया जाएगा।
हालांकि, मंत्रियों ने उन शरणार्थियों की संख्या का खुलासा नहीं किया है जिन्हें मंज़ूरी दी जाएगी, लेकिन अधिकारियों ने कहा कि शुरुआत में आने वालों की संख्या सीमित होगी और इसे मौजूदा यूनाइटेड किंगडम रीसेटलमेंट स्कीम से कहीं ज्यादा बढ़ाने से पहले सीमित स्तर पर शुरू किया जाएगा।
असाइलम अपीलों और आधुनिक गुलामी के दावों पर सख्ती
नए कानूनी रास्तों के साथ-साथ, सरकार असाइलम और डिपोर्टेशन की अपीलों पर सख्त पाबंदियां लगाने की योजना बना रही है। प्रस्तावित कानून मानवाधिकारों पर यूरोपीय कन्वेंशन के अनुच्छेद 8 के तहत परिवार की परिभाषा को सीमित करेगा, जिससे इसमें मुख्य रूप से करीबी रिश्तेदार ही शामिल होंगे।
बिल में आधुनिक गुलामी से सुरक्षा के इस्तेमाल को भी सख्त करने की कोशिश की जाएगी। अपराधों के लिए दोषी ठहराए गए विदेशी नागरिक और जाली दस्तावेज़ जमा करने वाले लोग उन सुरक्षा उपायों के लिए अपनी पात्रता खो सकते हैं जो अभी डिपोर्टेशन में देरी कराते हैं।
मंत्रियों का तर्क है कि आखिरी समय में किए जाने वाले दावों का इस्तेमाल करके लोगों को निकाले जाने से रोकने की कोशिशों को नाकाम करने के लिए ये बदलाव जरूरी हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में सफल ट्राइबल यूथ हॉस्टल के विद्यार्थियों से की मुलाकात
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में सफल ट्राइबल यूथ हॉस्टल के विद्यार्थियों से की मुलाकात
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इन विद्यार्थियों की सफलता इस बात का सशक्त प्रमाण है कि प्रतिभा कभी भी आर्थिक संसाधनों या पारिवारिक पृष्ठभूमि की मोहताज नहीं होती। किसी के पिता राजमिस्त्री हैं, कोई किसान परिवार से है तो कोई शिक्षक का बेटा है, लेकिन इन सभी ने अपनी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर देश की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षा के प्रथम चरण में सफलता प्राप्त की है। यह पूरे प्रदेश, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणादायी उदाहरण है।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनकी तैयारी, अध्ययन पद्धति, संघर्ष और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। विद्यार्थियों ने ट्राइबल यूथ हॉस्टल में उपलब्ध अध्ययन वातावरण, मार्गदर्शन और सुविधाओं के अनुभव साझा किए तथा बताया कि राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए अनुकूल माहौल ने उन्हें बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने का आत्मविश्वास दिया।
मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों से कहा कि प्रारंभिक परीक्षा की सफलता एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, लेकिन वास्तविक लक्ष्य मुख्य परीक्षा और उसके बाद साक्षात्कार में उत्कृष्ट प्रदर्शन करना है। उन्होंने विद्यार्थियों को पूरी निष्ठा, अनुशासन, समय प्रबंधन और सकारात्मक सोच के साथ तैयारी करने की सलाह देते हुए कहा कि कठिन परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता और निरंतर प्रयास ही सफलता का सबसे बड़ा आधार है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक सेवाएं केवल एक प्रतिष्ठित करियर नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपेक्षा की कि वे भविष्य में प्रशासनिक दायित्व निभाते समय संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जनसेवा की भावना को सर्वाेच्च प्राथमिकता देंगे तथा अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विशेष रूप से दूरस्थ एवं आदिवासी अंचलों के प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए अनेक पहल की जा रही हैं, ताकि प्रतिभा संसाधनों के अभाव में कभी पीछे न रह जाए।
उन्होंने कहा कि द्वारका स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल इसी सोच का परिणाम है, जहां प्रदेश के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिभाशाली विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। यहां उपलब्ध शैक्षणिक वातावरण, मार्गदर्शन और आवश्यक सुविधाओं का सकारात्मक परिणाम अब यूपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में विद्यार्थियों की लगातार बढ़ती सफलता के रूप में सामने आने लगा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का सबसे मजबूत आधार शिक्षित, जागरूक, सक्षम और संवेदनशील युवा हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश का प्रत्येक प्रतिभाशाली विद्यार्थी अपनी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़े और देश के सर्वाेच्च संस्थानों एवं सेवाओं में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करे। उन्होंने सभी सफल अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए पुनः शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे आने वाले समय में प्रशासनिक सेवाओं में उत्कृष्ट योगदान देंगे।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि समाज के वंचित एवं प्रतिभाशाली युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नई दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि करते हुए सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है। इस निर्णय से प्रदेश के दूरस्थ वनांचलों, जनजातीय क्षेत्रों एवं ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों को देश की राजधानी में रहकर संघ लोक सेवा आयोग सहित अन्य प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का बेहतर अवसर प्राप्त हो रहा है।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा तथा स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल भी उपस्थित थे। दोनों मंत्रियों ने विद्यार्थियों को प्रारंभिक परीक्षा में सफलता पर बधाई देते हुए मुख्य परीक्षा के लिए शुभकामनाएं दीं तथा उन्हें पूरी लगन और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
उल्लेखनीय है कि संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 के परिणामों में छत्तीसगढ़ के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। नई दिल्ली के द्वारका स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में रहकर तैयारी कर रहे 13 अभ्यर्थियों ने प्रारंभिक परीक्षा में सफलता प्राप्त कर प्रदेश का मान बढ़ाया है। विशेष बात यह है कि इनमें अधिकांश विद्यार्थी जनजातीय, ग्रामीण एवं सामाजिक रूप से वंचित वर्गों से आते हैं, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी प्रतिभा, परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर यह उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 में सफल होने वाले विद्यार्थियों में गौतम कुमार, कुलभूषण सिंह पोया, हरि चंद्र प्रकाश सिंह, मयंक रात्रे, मलिकराम पटेल, आर्यन राठौर, चेतन लाल, हरीश कुमार पटेल, किशन लाल साहू, सत्यनारायण चंद्राकर, सु दीक्षा दिवाकर, विकेश कुर्रे तथा प्रकाश पटेल शामिल हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव बैतूल की ग्राम पंचायत कुकरू में रात्रि चौपाल में होंगे शामिल
मुख्यमंत्री डॉ. यादव बैतूल की ग्राम पंचायत कुकरू में रात्रि चौपाल में होंगे शामिल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को दो दिवसीय भ्रमण पर बैतूल जिले के हिल स्टेशन कुकरू पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री शाम 6:30 बजे सनसेट पॉइंट का अवलोकन कर ग्राम पंचायत कुकरू में आयोजित रात्रि चौपाल में शामिल होंगे और ग्रामीणों से सीधा संवाद करेगे। इसके बाद मुख्यमंत्री प्रस्तावित सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल होंगे। दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री डॉ. यादव कुकरू रेस्ट हाउस से हेलीपैड के लिए प्रस्थान करेंगे और 12:10 बजे भोपाल के लिए रवाना होंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव 28 जून को प्रातः 6:30 बजे सनराइज एवं बुच प्वाइंट पर मेडिटेशन करेंगे। इसके बाद वे स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित गतिविधियों का अवलोकन करेंगे। मुख्यमंत्री सुबह 7:30 बजे पौध-रोपण कार्यक्रम के बाद कॉफी प्लांटेशन का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद 10 बजे मुख्यमंत्री स्थानीय जनप्रतिनिधियों से संवाद करेंगे और 11 बजे प्रधानमंत्री के रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” के सामूहिक श्रवण में शामिल होंगे।
अधिकारियों ने कार्यक्रम की तैयारियों का लिया जायजा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के जिले के सुप्रसिद्ध हिल स्टेशन कुकरु में आयोजित कार्यक्रम की समुचित तैयारियों का शुक्रवार को कमिश्नर श्रीकांत बनोठ, आईजी मिथलेश कुमार शुक्ल, डीआईजी वीरेंद्र कुमार सिंह, कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे और एसपी वीरेंद्र जैन ने जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने हेलीपैड, रात्रि चौपाल, सांस्कृतिक कार्यक्रम, मेडिटेशन, महिला स्व-सहायता समूहों से संवाद और “मन की बात” कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी तैयारियां समय सीमा में पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव से पदक विजेता हॉकी खिलाड़ियों ने की भेंट
मुख्यमंत्री डॉ. यादव से पदक विजेता हॉकी खिलाड़ियों ने की भेंट
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय हॉकी टीम में मध्यप्रदेश का बढ़ता प्रतिनिधित्व एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। आने वाले समय में मध्यप्रदेश के खिलाड़ी अन्य अंतर्राष्ट्रीय मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करेंगे। मध्यप्रदेश सरकार खिलाड़ियों को पूरा प्रोत्साहन देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने निवास पर भेंट के लिए आये अंडर-18 पुरुष और महिला हॉकी एशिया कप-2026 में पदक विजेता खिलाड़ियों को बधाई दी। टूर्नामेंट का आयोजन जापान के काकामिगाहारा शहर में 29 मई से 06 जून 2026 तक किया गया था। पदक विजेता पुरूष और महिला खिलाड़ियों को श्रेष्ठ प्रदर्शन पर मध्यप्रदेश सरकार ने प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार सभी खेलों और खिलाड़ियों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश के भोपाल, जबलपुर, नर्मदापुरम, सिवनी और बड़वानी के खिलाड़ियों में से कुछ खिलाड़ी बहुत साधारण परिवार से हैं। अपनी प्रतिभा के दम पर इन खिलाड़ियों ने 6 स्वर्ण और 4 कांस्य पदक प्राप्त किए हैं। निश्चित ही यह महत्वपूर्ण उपलब्धि है। आने वाले एशियाई खेलों में इन खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश जो कभी हॉकी में कई ओलम्पियन दे चुका हैं, कुछ वर्ष इस खेल में पीछे रहा, लेकिन अब हरियाणा जैसे राज्यों के समान अग्रणी हो रहा हैं।
खेल मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि जापान में हुए टूर्नामेंट के लिए समीर दाद जैसे कोच खिलाड़ियों को दक्ष बनाने में लगे थे। अंडर-18 की श्रेणी में 6 पुरुष खिलाड़ियों ने 6 स्वर्ण पदक और 4 महिला खिलाड़ियों ने 4 कांस्य पदक जीते हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पदक विजेता खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और उनके साथ समूह छायाचित्र भी खिंचवाया। इस अवसर पर आयुक्त खेल एवं युवक कल्याण संजीव कुमार सिंह और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।