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रणक्षेत्र बना नोएडा- वेतन वृद्धि की मांग पर उग्र हुए श्रमिक, सेक्टर 63 थाने पर हमला

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रणक्षेत्र बना नोएडा- वेतन वृद्धि की मांग पर उग्र हुए श्रमिक, सेक्टर 63 थाने पर हमला
नोएडा के 121 किलेओ कॉउंटी में तमाम काम करने वाली मेड सड़को पर विरोध प्रदर्शन कर रहीं हैं. उनका कहना है कि हमारा वेतन कम है हमारी सैलरी बढ़नी चाहिए . हमें छुट्टी नही मिलती है जब तक हमारा वेतन नही बढेगा हम काम करने नही जायेगें. यूपी पुलिस फिलहाल मौके पर है.

पुलिस ने सेक्टर-63 में फ्लैग मार्च निकाला. पुलिस इंस्पेक्टर माता प्रसाद गुप्ता ने बताया, “कुछ लोग पथराव कर रहे थे. जो काम करने वाले लोग हैं वे अपनी मांग को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे थे. पहचान करके लोगों को पकड़ लिया गया है. पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई हैं. पूछताछ की जाएगी.”

एमपी कैबिनेट के बड़े फैसले: सिंचाई, सड़क और सेहत पर रहेगा फोकस, प्रदेश के विकास को मिलेगी नई रफ्तार

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एमपी कैबिनेट के बड़े फैसले: सिंचाई, सड़क और सेहत पर रहेगा फोकस, प्रदेश के विकास को मिलेगी नई रफ्तार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में लोक कल्याणकारी और विकास कार्यों के लिए तकरीबन 19,810 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई। मंत्री-परिषद ने लोक निर्माण विभाग, सिंचाई परियोजना, महिला बाल विकास के कार्यों, नवीन चिकित्सा महाविद्यालयों तथा कृषि विभाग के प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी है।

मंत्री-परिषद द्वारा सागर जिले की मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना के निर्माण के लिए 286 करोड़ 26 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई। इस परियोजना से सागर जिले की सागर तहसील के 27 ग्रामों की 7200 हैक्टेयर भूमि की सिंचाई के लिये किसानों को लाभ मिलेगा।

कैबिनेट के 10 बड़े और निर्णायक फैसले
सागर की मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए 286.26 करोड़ रुपये मंजूर
सड़कों के विकास और रखरखाव के लिए 10,801 करोड़ रुपए स्वीकृत
सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मेकेनाईजेशन’ के तहत 2,250 करोड़ रुपए मंजूर
नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के लिए 1,674 करोड़ रुपए की स्वीकृति।
पोषण शक्ति—मध्याह्न भोजन योजना के लिए 3,55 करोड़ रुपये का बजट
भोपाल गैस पीड़ित स्वास्थ्य सेवाएं के लिए 1,005 करोड़ रुपए का अनुमोदन
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ महिला हेल्पलाइन-181 के लिए 240.42 करोड़ रुपए
मैहर, मऊगंज, पांढुर्णा, धार, इंदौर और झाबुआ जिलों में नए केंद्र खुलेंगे
नरवाई प्रबंधन के लिए आधुनिक मशीनों पर सब्सिडी का प्रावधान
कैबिनेट ने लोक कल्याणकारी योजनाओं को 2031 तक निरंतर चलाने लगाई मुहर

सबसे ज्यादा राशि पंचायत एवं ग्रामीण विकास को
मंत्रि-परिषद द्वारा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत प्रधानमंत्री पोषण शक्ति और मध्याह्न भोजन सहित विभिन्न योजनाओं/कार्यक्रमों के सुचारू संचालन के लिए 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतरता के लिए 3,553 करोड़ 35 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है।

किसानों को मशीनरी के लिए मिलेगा अनुदान
मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मेकेनाईजेशन (SMAM) के तहत कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने, ग्रामीण युवाओं के माध्यम से कस्टम हायरिंग केन्द्रों की स्थापना करने, नरवाई प्रबंधन को बढ़ावा देने और प्रदेश के वन पट्टाधारियों के लिए हस्तचलित/बैलचलित कृषि यंत्रों पर अनुदान उपलब्ध कराने के लिए योजना आगामी 5 वर्षों के निरन्तर संचालन के लिए 2,250 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है।

दिल्ली से देहरादून अब सिर्फ 2.5 घंटे में, पीएम मोदी कल करेंगे 210 किमी लंबे एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन

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दिल्ली से देहरादून अब सिर्फ 2.5 घंटे में, पीएम मोदी कल करेंगे 210 किमी लंबे एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन
इंतजार खत्म, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल 210 किलोमीटर लंबे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे (DDE) का उद्घाटन करेंगे। 12 हजार करोड़ रुपए से अधिक की लागत से बने इस एक्सप्रेस-वे खुलने से दिल्ली से देहरादून की दूरी 6.5 घंटे से घटकर मात्र ढाई घंटा रह जाएगी। छह लेन का यह एक्सेस-कंट्रोल्ड दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड राज्यों से गुजरेगा। इसमें 12 किलोमीटर एशिया का सबसे लंबा वाइल्डलाइफ एलिवेटेड कॉरिडोर भी बनाया गया है। जो की राजाजी नेशनल पार्क के उपर से गुजर रहा है। इसमें टू व्हीलर, थ्री व्हीलर और ट्रैक्टर के चलने पर बैन रहेगा।

क्या-क्या होंगी खूबियां
केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने बताया कि इसमें दूसरे रूटों को कनेक्ट करने के लिए 10 इंटरचेंज, रेलवे क्रॉसिंग पर रूकने की जरूरत ना पड़े इसलिए पांच रेलवे ओवर ब्रिज (ROBs) और 10 बड़े ब्रिज समेत एक्सप्रेस-वे के साइड में फूड कोर्ट, पेट्रोल-डीजल और अन्य तरह की सुविधाओं से लैस 12 वे-साइड एमेनिटीज भी बनाई गई हैं। इसका बिना किसी बाधा के तेज गति से गाड़ी चलाने और सुरक्षित यात्रा के लिए कॉरिडोर में एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) भी लगाया गया है। 113 अंडरपास, कॉरिडोर का पिलर बेस्ड डिजाइन,60 से अधिक बस शेल्टर, पांच बस-बे, 35 जंक्शन और पांच एफओबी, लोकल ट्रैफिक के लिए 76 किलोमीटर सर्विस रोड बनाई गई है।

रास्ते में दिखाई दें सकते हैं बाघ, किंग कोबरा और हाथी
एक्सप्रेस-वे के बनने से वाइल्ड लाइफ एनिमल को कोई नुकसान ना पहुंचे और वह बिना किसी बाधा के पहले की तरह की हाईवे पर अपनी जान जोखिम में ना डालते हुए आरपार जा सकें। इसके लिए आठ एनिमल पास, हाथियों जैसे बड़े जानवर भी एक्सप्रेस-वे को नीचे से पार कर सकें। इसके लिए 200-200 मीटर लंबे दो हाथी अंडरपास और देहरादून के पास दात काली मंदिर के पास 370 मीटर लंबी विशेष टनल भी बनाई गई है। इसके गणेशपुर-आशारोड़ी रूट के 18 किलोमीटर में की गई स्टडी से 18 विभिन्न प्रजातियों के वन्य जीव भी दिखाई दिए। जिनमें बाघ, किंग कोबरा, हाथी, ग्रेटर हॉर्नबिल, कई तरह के हिरण समेत अन्य वन्यजीव शामिल हैं। इसके प्रचार के लिए एनएचएआई अपने एक्स हैंडल से एक वीडियो शेयर किया है। जिसमें हाल ही में रिलीज हुई धुरंधर मूवी के टाइटल सांग का इस्तेमाल किया जा रहा है।

पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (DDEC) प्रमुख पर्यटन और आर्थिक क्षेत्रों को कनेक्ट करने के रूप में भी इलाकों को आर्थिक विकास को गति देगा। छह लेन के इस अत्याधुनिक एक्सप्रेस-वे पर 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक की स्पीड से सुरक्षित यात्रा करने का भी सफल ट्रायल किया गया है। इसे आठ लेन तक भी बढ़ाया जा सकता है। यह एक्सप्रेस-वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के मार्गदर्शन में बनकर तैयार हुआ। जिसमें बीच-बीच में कई बाधाएं आईं। जिन्हें केंद्रीय मंत्री गडकरी ने खुद अपने स्तर पर सुलझाते हुए इसे बनाने में अहम रोल निभाया।

रास्ते में कहां-कहां होगा फायदा
दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर-पांडव नगर से शुरू होकर यह एक्सप्रेस-वे गीता कॉलोनी, लोनी, बागपत, बड़ौत, खेकड़ा, शामली, देवबंद, सहारनपुर, गणेशपुर और डाट काली मंदिर से होते हुए देहरादून के आशारोड़ी चौक तक जा रहा है। यह ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे को भी कनेक्ट करता है। रास्ते में पड़ने वाले गांव वालों के लिए भी इसमें इंटरचेंज और एग्जिट पॉइंट्स बनाए गए हैं। इसमें क्रैश बैरियर, शोर कम करने वाले साउंड बैरियर, आधुनिक साइनेज सिस्टम और नाइट रिफ्लेक्टर्स – यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करेंगे। रास्ते में सोलर पावर पैनल भी लगाए गए हैं। जो की यहां गीता कॉलोनी से ही शुरू हो जाते हैं। हालांकि, इन्हें एक्सप्रेस-वे के दोनों तरफ ऐसे लगाया गया है। जिसमें इनके नीचे चलते ट्रैफिक के उपर भी गिरने का खतरा है।

नियम तोड़ने वालों से 20 हजार रुपए तक का जुर्माना
इस पर ट्रैक्टर-ट्राली, टू वीलर और थ्री वीलर चलाने पर बैन रहेगा। नियम तोड़ने वालों पर 20 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। टोल टैक्स फास्टैग से कटेगा। इसमें टोल का आधुनिक सिस्टम लगाया गया है। जिसमें जितना एक्सप्रेस-वे इस्तेमाल किया जाएगा। उतना टोल कटेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कल यानी 14 अप्रैल की सुबह दिल्ली से इसका उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा समेत अन्य गणमान्य लोग उपस्थित होंगे।

IPL 2026 का रोमांच चरम पर: 20 मैचों के बाद प्लेऑफ की रेस हुई तेज

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IPL 2026 का रोमांच चरम पर: 20 मैचों के बाद प्लेऑफ की रेस हुई तेज
आईपीएल 2026 के 20वें मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने मुंबई इंडियंस को 18 रन से हरा दिया। आरसीबी ने पहले बल्लेबाजी करते हुए मुंबई इंडियंस को सामने 241 रनों का लक्ष्य दिया था। लेकिन आरसीबी के गेंदबाजों के सामने मुंबई इंडियंस 5 विकेट के नुकसान पर 222 रन ही बना पाई। ये आरसीबी की इस सीजन में तीसरी जीत है, जबकि मुंबई इंडियंस की तीसरी हार है। इस मैच के बाद पॉइंट्स टेबल में बड़ा बदलाव आया है। हालांकि, टॉप पर अभी भी राजस्थान रॉयल्स की टीम है, जो एक भी मुकाबला नहीं हारी है।

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने मुंबई इंडियंस को हराया
आरसीबी ने रविवार को टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए ओवर में 4 विकेट गंवाकर 240 रन बनाए। फिल साल्ट और विराट कोहली ने टीम को शानदार शुरुआत दी और पहले विकेट के लिए 120 रनों की साझेदारी निभाई। कोहली ने 38 गेंदों में 50 रन बनाए, तो साल्ट ने 36 गेंदों में 78 रनों की शानदार पारी खेली। साल्ट ने अपनी इस पारी में 6 चौके और 6 छक्के लगाए। कप्तान रजत पाटीदार बेहतरीन लय में दिखाई दिए और उन्होंने 20 गेंदों में 53 रन बनाए। अंत के ओवरों में टिम डेविड ने सिर्फ 16 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 34 रन बनाए, जबकि जितेश शर्मा 10 रन ही बना सके। गेंदबाजी में मुंबई इंडियंस की ओर से बोल्ट-हार्दिक, सैंटनर और शार्दुल ने एक-एक विकेट चटकाया।

पॉइंट्स टेबल में कौन कहां है? रोमांचक आईपीएल प्लेऑफ की रेस
राजस्थान रॉयल्स ने अब तक 4 मैच खेले हैं और सभी जीत कर 8 अंक हासिल किए हैं। वहीं, पंजाब किंग्स 4 में से 3 मैच जीत कर 7 अंक के साथ दूसरे स्थान पर है।
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने भी 4 में तीन मैच जीतकर 6 अंक हासिल करते हुए तीसरे स्थान पर है। दिल्ली कैपिटल्स, गुजरात टाइटंस, लखनऊ सुपर जांयट्स के पास अभी 4-4 अंक हैं।
सनराइजर्स हैदराबाद, मुंबई इंडियंस, चेन्नई सुपर किंग्स ने अभी तक 4-4 मैच में से सिर्फ 1-1 मैच ही जीत सके हैं। इन तीनों टीमों के अंक 2 हैं।
वहीं, सबसे निचले पायदान पर कोलकाता नाइटराइडर्स है, जिसने अभी तक एक मैच भी नहीं जीता है।

आईपीएल प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई करने के लिए कितने पॉइट्स की जरूरत?
आईपीएल में प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई करने के लिए आमतौर पर 14 से 16 पॉइंट्स की जरूरत होती है। हर टीम लीग स्टेज में 14 मैच खेलती है, जहां जीत पर 2 पॉइंट मिलते हैं।
ज्यादातर सीजन में 16 पॉइंट्स हासिल करने वाली टीम सुरक्षित रूप से टॉप-4 में पहुंच जाती है, जबकि 14 पॉइंट्स वाली टीमों का चयन नेट रन रेट पर निर्भर करता है।
कभी-कभी 12 पॉइंट्स वाली टीम भी क्वालीफाई कर सकती है, लेकिन यह दुर्लभ स्थिति होती है। इसलिए मजबूत प्रदर्शन और अच्छा नेट रन रेट बेहद जरूरी होता है।

16 से कम पॉइंट्स के साथ आईपीएल प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई करने वाली टीमें कौन-सी हैं?
2019: सनराइजर्स हैदराबाद ने 12 पॉइंट्स के साथ चौथे स्थान पर रहकर क्वालीफाई किया (NRR के आधार पर)।
2020: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और कोलकाता नाइटराइडर्स ने 14-14 पॉइंट्स (NRR के आधार पर) के साथ यह कामयाबी हासिल की।
2021: कोलकाता नाइटराइडर्स 14 पॉइंट्स (NRR के आधार पर) के साथ आईपीएल प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई किया।
2022: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 14 पॉइंट्स (NRR के आधार पर) के साथ यह कामयाबी हासिल की।

ट्रंप का ईरान को अल्टिमेटम: ‘नाकेबंदी में दखल दिया तो उड़ा देंगे ईरानी जहाज’

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ट्रंप का ईरान को अल्टिमेटम: ‘नाकेबंदी में दखल दिया तो उड़ा देंगे ईरानी जहाज’
अमेरिकी सेना ने ईरान के बंदरगाहों की तरफ आने-जान वाले जहाजों की नाकाबंदी शुरू कर दी है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर ईरान को धमकी दी. उन्होंने कहा कि ईरान की नौसेना समुद्र की तलहटी में पड़ी है, पूरी तरह नष्ट हो चुकी है. हमने उनके एक या दो नहीं, 158 जहाजों को निशाना बनाया. हमने अभी तक उनके ‘फास्ट अटैक शिप्स’ को निशाना नहीं बनाया है. अगर इनमें से कोई भी जहाज हमारी नाकाबंदी के करीब आता है, तो उसे तुरंत तबाह कर दिया जाएगा. यह त्वरित और क्रूर कार्रवाई होगी.

इधर, ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है. तेहरान का कहना है कि अगर उसके जहाज रोके गए तो वह खाड़ी में पड़ोसी देशों के बंदरगाहों को निशाना बनाएगा. ट्रंप का कहना है कि नाकेबंदी की वजह ईरान की तेल ब्रिकी को रोकना है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि इस दौरान ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों में दाखिल होने वाले सभी देशों के जहाजों को रोका जाएगा. हालांकि CENTCOM ने साफ किया कि अन्य देशों के जहाजों की आवाजाही नहीं रोकी जाएगी.

ईरान के छोटे जहाज खतरा क्यों?
अमेरिका का दावा है कि उसने ईरान की नौसेना को काफी नुकसान पहुंचाया है, लेकिन खतरा अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. इस्लामी रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के पास छोटे और तेज हमलावर जहाजों का एक अलग बेड़ा मौजूद है. ये जहाज खास तौर पर खाड़ी और होर्मुज जैसे संकरे इलाकों में लड़ाई के लिए बनाए गए हैं.

ये छोटे जहाज तेजी से हमला करने, मिसाइल दागने, समुद्र में माइंस बिछाने और व्यापारिक जहाजों को परेशान करने में सक्षम हैं. होर्मुज स्ट्रेट की चौड़ाई सबसे संकरे हिस्से में करीब 20 मील है, जिससे इन छोटे जहाजों को रणनीतिक बढ़त मिलती है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ये जहाज आसानी से छिप सकते हैं और इन्हें खत्म करना आसान नहीं है.

दरअसल, ईरान ने यह रणनीति 1988 के टैंकर वॉर के बाद अपनाई थी, जब अमेरिका ने एक दिन की लड़ाई में उसके बड़े जहाजों को नष्ट कर दिया था. इसके बाद ईरान ने छोटे और तेज जहाजों पर ज्यादा ध्यान देना शुरू कर दिया.

ब्रिटेन-फ्रांस नाकाबंदी में शामिल नहीं
नाटो के कई सदस्य देशों जैसे ब्रिटेन और फ्रांस ने साफ कर दिया है कि वे अमेरिका-ईरान टकराव में नाकाबंदी का हिस्सा नहीं बनेंगे. इन देशों ने कहा कि उनका ध्यान संघर्ष बढ़ाने के बजाय होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने पर है, क्योंकि दुनिया का करीब 20% तेल इसी रास्ते से गुजरता है. अमेरिका-ईरान जंग की वजह से होर्मुज से जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है. 28 फरवरी से पहले रोज करीब 125 जहाज इस रास्ते से गुजरते थे, लेकिन अब यह संख्या कुछ ही जहाजों तक सीमित हो गई है.

नोएडा में पत्थरबाजी और आगजनी के बाद धरपकड़ तेज; 60 लोग गिरफ्तार, सैकड़ों हिरासत में

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नोएडा में पत्थरबाजी और आगजनी के बाद धरपकड़ तेज; 60 लोग गिरफ्तार, सैकड़ों हिरासत में
नोएडा श्रमिक प्रोटेस्ट मामले में 60 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इन पर हिंसक प्रदर्शन करने का आरोप है. 200 से ज्यादा लोगों को डिटेन किया गया है. उनसे पूछताछ की जा रही है. पुलिस ने FIR दर्ज की है.

बॉक्स ऑफिस पर ‘धुरंधर 2’ का वार, ‘डकैत’ की कमाई की रफ्तार पर लगा ब्रेक

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बॉक्स ऑफिस पर ‘धुरंधर 2’ का वार, ‘डकैत’ की कमाई की रफ्तार पर लगा ब्रेक
आदित्य धर की फिल्म ‘धुरंधर 2’ को बॉक्स ऑफिस जोरदार बोलबाला देखने के लिए मिल रहा है. इसकी रिलीज को 26 दिन का वक्त हो चुका है, फिर भी इसका जलवा कम होने का नाम नहीं ले रहा है. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अपने आगे किसी को टिकने ही नहीं दे रही है. इसी बीच अदिवी सेष की एक्शन रोमांटिक ड्रामा फिल्म ‘डकैत’ रिलीज हुई और इसने शुरुआत तो कमाल की लेकिन रविवार तक आते-आते कमाई में गिरावट देखी गई. ऐसे में चलिए बताते हैं ये फिल्म ‘धुरंधर 2’ के आगे मंडे टेस्ट में फेल हुई या फिर पास?

दरअसल, आदित्य धर की फिल्म ‘धुरंधर 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर कमाल की बिजनेस किया है और अभी भी कर रही है. मूवी ने चौथे रविवार को छप्परफाड़ कमाई कर हालिया रिलीज को नाक से चने चबवा दिए. ‘डकैत’ से दोगुना ज्यादा कमाई की. ऐसे में अब बारी आई मंडे टेस्ट की तो ये ‘धुरंधर 2’ का चौथा मंडे टेस्ट है, जिसमें इसने ठीक-ठाक कमाई कर ली है लेकिन रविवार के मुकाबले काफी कम है.

सैकनिल्क की रिपोर्ट की मानें तो रणवीर सिंह की फिल्म ने 26वें दिन सोमवार को 2.86 करोड़ का बिजनेस कर लिया है और इसकी ऑक्यूपेंसी भी कमाल की रही है. हालांकि, रात 10.30 बजे के बाद ही सही आंकड़े आ पाएंगे.

‘डकैत’ मंडे टेस्ट में फेल हुई या पास?
‘धुरंधर 2’ फिल्म ‘डकैत’ के लिए रोड़े के जैसे हो गई है. अदिवी सेष और मृणाल ठाकुर की फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शुरुआत तो अच्छी की लेकिन ‘धुरंधर 2’ के क्रेज के आगे ये टिक नहीं पाई. वीकेंड भी नहीं बीत पाया और जल्द ही इसकी कमाई में गिरावट आ गई, लेकिन फायदा आदित्य धर की फिल्म ने उठा लिया. सैकनिल्क के अनुसार ‘डकैत’ ने चौथे दिन यानी कि पहले सोमवार को 1.34 करोड़ का बिजनेस कर लिया है.

इसके साथ ही अगर ‘डकैत’ की बाकी दिनों की कमाई के बारे में बात की जाए तो फिल्म ने सैकनिल्क के अनुसार, फिल्म ने पहले दिन 6.55 करोड़, दूसरे दिन 6.85 करोड़ और तीसरे दिन 6.40 करोड़ का बिजनेस किया था.

‘धुरंधर 2’ और ‘डकैत’ की ऑक्यूपेंसी
– इसके अलावा अगर ‘धुरंधर 2’ की 26वें दिन की ऑक्यूपेंसी के बारे में बात की जाए तो ये बाकी दिनों के मुकाबले ‘डकैत’ से कहीं ज्यादा है. सोमवार को इसकी ऑक्यूपेंसी 11 प्रतिशत रही.
– वहीं, ‘डकैत’ की ऑक्यूपेंसी बाकी दिनों के मुकाबले काफी घट गई है. जहां 24 और 28 प्रतिशत ऑक्यूपेंसी रहती थी वहीं, आज 8 प्रतिशत रही.

तेलुगु में जमकर कमा रही ‘डकैत’
अदिवी सेष की फिल्म ‘डकैत’ का हिंदी में दम नहीं दिखा. फिल्म हिंदी में काफी कम कमाई कर पा रही है. जहां पर इसकी ऑक्यूपेंसी 9 प्रतिशत सोमवार को दर्ज की गई है. फिल्म ने 29 लाख की कमाई की है. वहीं, तेलुगु में ये अच्छी कमाई कर रही है. इसने 1.05 करोड़ का बिजनेस किया है.

निशांत ने ठुकराई डिप्टी CM की कुर्सी, बिहार की राजनीति में नया मोड़

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निशांत ने ठुकराई डिप्टी CM की कुर्सी, बिहार की राजनीति में नया मोड़
बिहार से बड़ी सियासी खबर आई है. सूत्रों के मुताबिक, सीएम नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार फिलहाल नई सरकार के कैबिनेट में शामिल होने के इच्छुक नहीं हैं. सूत्रों की मानें तो निशांत कुमार नई सरकार में डिप्टी सीएम नहीं बनना चाहते. वो संगठन का काम करना चाहते हैं. हालांकि पार्टी नेताओं की इच्छा है कि वह नई सरकार की कैबिनेट में शामिल हों. निशांत से नेताओं की बातचीत जारी है.

गौरतलब है कि बिहार में जहां बीजेपी पहली बार सीएम पद पर अपने नेता के काबिज होने का इंतजार कर रही है, वहीं जेडीयू के लोग चाहते हैं कि बिहार की कमान निशांत कुमार को मिले यानी उन्हें मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी दी जाए. लेकिन सूत्र अब ये दावा कर रहे हैं कि निशांत सरकार में शामिल ही नहीं होना चाहते.

बिहार में सीएम के नाम पर मंथन जारी
बता दें कि बिहार में नए सीएम के नाम पर मंथन जारी है. सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी के सम्राट चौधरी का नाम सीएम की रेस में सबसे आगे हैं. मौजूदा सरकार में वो नीतीश कुमार के बाद ‘नंबर दो’ हैं क्योंकि उनके पास गृह विभाग जैसी बड़ी जिम्मेदारी है. लेकिन बीजेपी अपने फैसलों से सबको चौंकाती रही है, ऐसे में कोई भी नेता खुलकर बोलने से बच रहे हैं.

मंगलवार (14 अप्रैल) को बिहार में जेडीयू के विधायकों की बैठक है. बीजेपी भी अपने विधायकों के साथ बैठक करेगी. इसके बाद कल ही एनडीए के विधायक दल की बैठक होगी. सूत्रों के मुताबिक, कल होने वाली इसी बैठक में बिहार के अलगे सीएम के नाम पर मुहर लग जाएगी.

भोपाल के खतरनाक 90 डिग्री मोड़ वाले ब्रिज की बदलेगी सूरत, 10 महीने बाद बदलेगा डिजाइन

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भोपाल के खतरनाक 90 डिग्री मोड़ वाले ब्रिज की बदलेगी सूरत, 10 महीने बाद बदलेगा डिजाइन
भोपाल के ऐशबाग इलाके में बना 90 डिग्री मोड़ वाला विवादित ब्रिज अब आखिरकार सुधार की राह पर है. करीब 10 महीने तक चली चर्चा, आलोचना और विभागों के बीच खींचतान के बाद इसकी डिजाइन बदलने पर सहमति बन गई है. यह वही ब्रिज है जो अपने खतरनाक मोड़ की वजह से लंबे समय तक चर्चा और सोशल मीडिया पर मजाक का विषय बना रहा.

क्यों नहीं खुल पाया था ब्रिज?
यह पुल PWD और इंडियन रेलवे की संयुक्त परियोजना है. जून 2025 में इसका निर्माण पूरा हो गया था, लेकिन डिजाइन में खामी होने के कारण इसे जनता के लिए खोला नहीं जा सका. सबसे बड़ी समस्या इसका 90 डिग्री का तीखा मोड़ था, जिसे विशेषज्ञों ने बेहद खतरनाक बताया था. लोगों को डर था कि यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है.

अब इस ब्रिज की डिजाइन में जरूरी बदलाव किए जाएंगे ताकि इसे सुरक्षित बनाया जा सके. अधिकारियों के मुताबिक, खतरनाक 90 डिग्री मोड़ को चौड़ा किया जाएगा और जहां पहले मोड़ काफी संकरा था, वहां अब ज्यादा जगह दी जाएगी.

इसके साथ ही पूरे ब्रिज की चौड़ाई भी बढ़ाई जाएगी, जिससे वाहन चालकों को चलने में आसानी होगी और विजिबिलिटी भी बेहतर होगी. इन बदलावों के बाद इस पुल पर ट्रैफिक चलाना पहले के मुकाबले काफी सुरक्षित हो जाएगा.

जल्द शुरू होगा काम
जानकारी के अनुसार, अगले 4-5 दिनों में ही सुधार का काम शुरू कर दिया जाएगा. खास बात यह है कि जिस ठेकेदार ने इस ब्रिज का निर्माण किया था, वही अब इसमें सुधार का काम भी करेगा.

हाल ही में हुई एक हाई लेवल मीटिंग में PWD और इंडियन रेलवे के बीच चल रहा विवाद खत्म कर लिया गया है, जिससे अब काम में कोई रुकावट नहीं रहेगी.

करीब 18 करोड़ रुपए की लागत से बना यह ब्रिज शुरुआत से ही विवादों में रहा है. डिजाइन की कमी के चलते लोगों ने इस पर सवाल उठाए और इसे सही करने की मांग लगातार की जाती रही. अब जब बदलाव पर सहमति बन गई है, तो उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही यह ब्रिज पूरी तरह सुरक्षित होकर आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा.

मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने क्रिकेटर और कोच अमय खुरासिया की पुस्तक “74 वर्ष बाद” पुस्तक का विमोचन किया

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मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने क्रिकेटर और कोच अमय खुरासिया की पुस्तक “74 वर्ष बाद” पुस्तक का विमोचन किया
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को समत्व भवन, मुख्यमंत्री निवास में क्रिकेटर और केरल के कोच अमय खुरासिया द्वारा लिखित हिन्दी पुस्तक ” 74 वर्ष बाद” का विमोचन किया। इस दौरान अमय खुरासिया की बेटी और पुस्तक की सह-लेखिका अमयसी कीर्ति खुरासिया भी उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अमय खुरासिया और सह-लेखिका अमयसी कीर्ति को बधाई दी। यह पुस्तक अंग्रेजी भाषा में भी लिखी गई है।

यह पुस्तक भगवान कृष्ण के गीता में दिए उपदेशों और युद्ध नीतियों की वर्तमान दौर में उपयोगिता पर आधारित है। खुरासिया ने कोच के रूप में गीता और भगवान कृष्ण के उपदेशों का प्रयोग क्रिकेट टीम की रणनीति बनाने में किया। इसके फलस्वरूप केरल राज्य की टीम ने रणजी ट्रॉफी के इतिहास में 74 वर्ष में पहली बार फाइनल तक का सफर तय किया। दिलीप ट्रॉफी जैसे देश के प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में पहली बार केरल के छह खिलाड़ी एक साथ चुने गए। इस पुस्तक के संदर्भ में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान अनिल कुंबले, राहुल द्रविड़, वीवीएस लक्ष्मण, संजय बांगर, लंका के पूर्व कप्तान दिलीप मेंडिस और बीसीसीआई के पूर्व सचिव संजय जगदाले सहित केरल निवासी अभिनेता मोहनलाल ने भी अपना अभिमत व्यक्त किया हैं।