Home Blog Page 60

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 19.51 करोड़ के 6 विकास कार्यों का किया भूमिपूजन

0

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 19.51 करोड़ के 6 विकास कार्यों का किया भूमिपूजन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जशपुरनगर में पुलिस लाइन हेलीपैड के समीप कुल 19 करोड़ 51 लाख 78 हजार रुपए की लागत से 6 महत्वपूर्ण विकास कार्यों का भूमिपूजन कर क्षेत्र को विकास की नई सौगात दी। इस अवसर पर उन्होंने शहरी एवं ग्रामीण बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।

मुख्यमंत्री साय ने नगर पालिका जशपुर के वार्ड क्रमांक 18 भागलपुर में 35.46 लाख रुपए की लागत से मुक्तिधाम निर्माण कार्य तथा वार्ड क्रमांक 16 में 6.76 करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक ऑडिटोरियम निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। इन परियोजनाओं से शहरवासियों को बेहतर सामाजिक, सांस्कृतिक एवं सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

मुख्यमंत्री साय ने जशपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन को सुगम एवं सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से चार प्रमुख सड़कों के निर्माण कार्यों का भी भूमिपूजन किया। इनमें 2.89 करोड़ रुपए लागत से चटकपुर-रेंगारबहार मार्ग, 3.01 करोड़ रुपए लागत से कुनकुरी-औंरीजोर-मतलूटोली-पटेल पारा मार्ग, 3.29 करोड़ रुपए लागत से रानीबंध-चिड़ाटांगर-उपरकछार मार्ग तथा 3.18 करोड़ रुपए लागत से धुरीअम्बा-कटुखोसा मार्ग का निर्माण शामिल है। इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के समग्र और संतुलित विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार और ग्रामीण अंचलों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन विकास कार्यों के पूर्ण होने से क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को नई दिशा और गति मिलेगी।

इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

सरहुल उत्सव जनजातीय संस्कृति की विशिष्ट धरोहर, इसे संजोकर रखना हम सबकी जिम्मेदारी – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

0

सरहुल उत्सव जनजातीय संस्कृति की विशिष्ट धरोहर, इसे संजोकर रखना हम सबकी जिम्मेदारी – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री साय ने जिलेवासियों को सरहुल उत्सव एवं हिंदू नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरहुल महोत्सव सदियों से प्रकृति, धरती और जीवन के संतुलन का प्रतीक रहा है। बैगा, पाहन एवं पुजारी द्वारा की जाने वाली पूजा-अर्चना केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और सामूहिक जीवन मूल्यों की अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा कि यह पर्व जनजातीय समाज की समृद्ध सभ्यता और संस्कृति का जीवंत प्रतीक है, जिसे सहेजकर रखना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की जनता से किए गए वादों को तेजी से पूरा कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से लाखों परिवारों को आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं। महतारी वंदन योजना के तहत अब तक 25 किश्तों में 16 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि जारी किए जा चुके हैं, जिससे महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा मिली है। वहीं 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि विधानसभा में प्रस्तुत धर्म स्वातंत्र्य विधेयक भी सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक अस्मिता की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो अवैध धर्मांतरण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करेगा।

उल्लेखनीय है कि सरहुल परब चैत्र माह में मनाया जाने वाला उरांव समुदाय का प्रमुख पर्व है, जो प्रकृति के नवजीवन और ऋतु परिवर्तन का प्रतीक है। इस पर्व में धरती माता और सूर्य देव के प्रतीकात्मक विवाह के साथ सामूहिक पूजा की जाती है। सरना स्थल पर पारंपरिक विधि से पूजा-अर्चना, प्रसाद वितरण और लोकनृत्य-गीतों के माध्यम से सामाजिक एकता और सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ किया जाता है। घर-घर सरई फूल और पवित्र जल का वितरण कर सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।

कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक वेशभूषा में सजी 100 से अधिक महिलाओं एवं युवतियों की टोली ने मनमोहक सरहुल नृत्य प्रस्तुत किया। मांदर की गूंजती थाप और उत्साह से भरे वातावरण ने पूरे परिसर को जनजातीय संस्कृति के रंग में रंग दिया, जहां जनसैलाब उमड़ पड़ा और उत्सव का उल्लास चरम पर रहा।

इस अवसर पर अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह, राष्ट्रीय महामंत्री योगेश बापट, विधायक गोमती साय, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव सहित अनेक जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

उज्जैन में 4-लेन और 2-लेन कॉरीडोर निर्माण के लिए 945 करोड़ रूपये से अधिक की स्वीकृति

0

उज्जैन में 4-लेन और 2-लेन कॉरीडोर निर्माण के लिए 945 करोड़ रूपये से अधिक की स्वीकृति
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा लोक निर्माण विभाग अंतर्गत प्रदेश में विभिन्न विकास कार्यों और अनुरक्षण के लिए 4 हजार 525 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। साथ ही रबी विपणन वर्ष 2026-27 में किसानों से समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूं पर 40 रूपये प्रति क्विंटल के मान से बोनस दिए जाने का निर्णय लिया है। मंत्रि-परिषद ने उज्जैन शहर में चिमनगंज मंडी से इंदौर गेट तक 4-लेन एवं निकास चौराहा से इंदौर गेट तक 2-लेन ऐलिवेटेड कॉरीडोर के निर्माण के लिए 945 करोड़ 20 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इसके साथ रीवा की पनवार माइक्रो सिंचाई परियोजना के लिए 228 करोड़ 42 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। इसी तरह मंत्रि-परिषद ने पशुपालन विभाग का नाम गौपालन एवं पशुपालन किये जाने की भी स्वीकृति दी है।

निर्णय अनुसार उपार्जित गेहूं में से भारत सरकार द्वारा स्वीकार न की जाने वाली सरप्लस मात्रा का निस्तारण मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन द्वारा खुली निविदा के माध्यम से किया जाकर इस पर होने वाला व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया जायेगा। किसानों को बोनस राशि का भुगतान विभागीय मद में बजट प्रावधान कराकर तथा सरप्लस मात्रा के निस्तारण व्यय की प्रतिपूर्ति मुख्यमंत्री कृषक फसल उपार्जन सहायता योजनांतर्गत आवंटित बजट से किया जाएगा।

लोक निर्माण विभाग अंतर्गत विकास कार्यों के लिए 4,525 करोड़ रूपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा लोक निर्माण विभाग अंतर्गत प्रदेश में विभिन्न विकास कार्यों और अनुरक्षण के लिए 4 हजार 525 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। स्वीकृति अनुसार उज्जैन शहर में चिमनगंज मंडी (इंद्रा नगर) चौराहा से इंदौर गेट तक 4-लेन ऐलिवेटेड कॉरिडोर एवं निकास चौराहा से इंदौर गेट तक 2 लेन ऐलिवेटेड कॉरिडोर लंबाई 5.32 कि.मी. के निर्माण कार्य को विभागीय सूचकांक से मुक्त रखते हुए लागल राशि 945 करोड़ 20 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट प्रोग्राम की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2028 और जन भागीदारी अंतर्गत विकास हेतु अनुदान योजना की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए 7 करोड़ 38 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। एनडीबी से वित्त पोषण पुल और सड़क निर्माण की योजना की निरंतरता के लिए 50 करोड़ 10 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है।

मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट प्रोग्राम-6 की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए 1543 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट प्रोग्राम-7 की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए 1,476 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। शासकीय आवास गृह, विश्राम गृहों के रखरखाव और अनुरक्षण के लिये 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए के लिए 200 करोड़ 35 रूपये की स्वीकृति दी गई है। कार्यालय भवनों के रखरखाव, सतपुड़ा और विंध्याचल भवन के अनुरक्षण कार्य एवं शौर्य स्मारक के संचालन और संधारण हेतु 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए के लिए 300 करोड़ 70 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है।

रीवा की पनवार माईक्रो सिंचाई परियोजना के लिए 228 करोड़ 42 लाख रूपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा रीवा की पनवार माईक्रो सिंचाई परियोजना लागत राशि 228 करोड़ 42 लाख रूपयें, सैंच्य क्षेत्र 7350 हेक्टेयर की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया है। परियोजना से रीवा जिले की जवा एवं त्योंथर तहसील के 37 ग्रामों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा।

मध्यप्रदेश कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन कर मध्यप्रदेश भण्डार क्रय तथा सेवा उपार्जन नियम को वित्त विभाग के अंतर्गत किए जाने का अनुमोदन दिया गया है। “मध्यप्रदेश भण्डार क्रय तथा सेवा उपार्जन नियम” को एमएसएमई से वित्त विभाग को आवंटित किये जाने से राज्य पर कोई वित्तीय भार नहीं आयेगा।

पशुपालन विभाग का नाम गौपालन एवं पशुपालन किये जाने की मंजूरी
मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश कार्य (आवंटन) नियमों की अनुसूची में संशोधन की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग का नाम संशोधित कर गौपालन एवं पशुपालन विभाग और संचालनालय, पशुपालन एवं डेयरी का नाम परिवर्तित कर संचालनालय,गौपालन एवं पशुपालन किये जाने का अनुमोदन किया गया है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विधानसभा परिसर में तीन दिवसीय स्वास्थ्य शिविर का किया शुभारंभ

0

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विधानसभा परिसर में तीन दिवसीय स्वास्थ्य शिविर का किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर में आयोजित तीन दिवसीय स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शिविर में स्वयं स्वास्थ्य जांच कराकर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का सशक्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान जीवनशैली में शारीरिक गतिविधियों में कमी आने के कारण विभिन्न प्रकार की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं, ऐसे में नियमित स्वास्थ्य जांच अत्यंत आवश्यक हो गई है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराने से व्यक्ति समय रहते जागरूक रहकर आवश्यक सावधानी अपनाते हुए गंभीर बीमारियों से बचाव कर सकता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही सशक्त समाज और समृद्ध राज्य की नींव होते हैं।
मुख्यमंत्री साय ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह द्वारा की गई इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे स्वास्थ्य शिविर न केवल लोगों को जागरूक करते हैं, बल्कि उन्हें अपने स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदार बनने के लिए प्रेरित भी करते हैं।
इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, संचालक स्वास्थ्य संजीव कुमार झा, सीजीएमएससी के प्रबंध संचालक रितेश अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए प्राथमिकता आधारित वितरण व्यवस्था लागू

0

कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए प्राथमिकता आधारित वितरण व्यवस्था लागू
खाद्य सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले के दिशानिर्देश पर छत्तीसगढ़ में निर्बाध एलपीजी आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ-साथ कमर्शियल गैस कनेक्शन वाले संस्थानों एवं प्रतिष्ठानों के लिए संतुलित और प्राथमिकता आधारित वितरण व्यवस्था केंद्रीय पेट्रोलियम एवं नैसर्गिक गैस मंत्रालय के अधीन लागू करने का निर्णय लिया गया है।

खाद्य सचिव रीना कंगाले ने कहा कि प्रदेश में घरेलू एलपीजी की आपूर्ति सुचारु रूप से जारी रहे और आम उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार एवं ऑयल कंपनियों के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कमर्शियल उपभोक्ताओं को विगत माहों की खपत के आधार पर अधिकतम 20 प्रतिशत की सीमा के अंदर एलपीजी प्रदाय करने पर सहमति बनी है।

कमर्शियल एलपीजी की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत शैक्षणिक संस्थानों एवं चिकित्सालयों के साथ-साथ सैन्य एवं अर्द्धसैन्य कैंप, जेल, हॉस्टल, समाज कल्याण संस्थान, रेलवे एवं एयरपोर्ट कैंटीन को पूर्ण प्राथमिकता देते हुए 100 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। वहीं शासकीय कार्यालयों, सार्वजनिक उपक्रमों एवं उनके गेस्ट हाउस और कैंटीन के लिए 50 प्रतिशत, पशु आहार उत्पादक संयंत्र एवं बीज उत्पादक इकाई तथा रेस्टोरेंट एवं होटल के लिए 20 प्रतिशत आपूर्ति निर्धारित की गई है।

उन्होंने कहा कि कमर्शियल एलपीजी के वितरण की दैनिक समीक्षा ऑयल कंपनियों द्वारा की जाएगी तथा इसकी जानकारी प्रतिदिन खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग को उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी एवं प्रभावी बनी रहे।

खाद्य सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले ने कहा कि आम नागरिकों को निर्बाध एलपीजी आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि आवश्यक सेवाओं पर किसी प्रकार का प्रभाव न पड़े, साथ ही सभी वर्गों तक संतुलित रूप से गैस की उपलब्धता बनी रहे।

बगदाद में अमेरिकी दूतावास पर बरसे रॉकेट, दुबई एयरपोर्ट के पास गिरा ड्रोन

0

बगदाद में अमेरिकी दूतावास पर बरसे रॉकेट, दुबई एयरपोर्ट के पास गिरा ड्रोन
ईरान और इजराइल के बीच भड़की युद्ध की चिंगारी अब पूरे मध्य पूर्व (Middle East) को झुलसाने लगी है। खाड़ी देशों में तनाव अब तक के सबसे चरम स्तर पर पहुंच चुका है। ताज़ा घटनाक्रम में, तेहरान ने अपने हमलों का दायरा बढ़ाते हुए इराक की राजधानी बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावास और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दुबई शहर को अपना निशाना बनाया है। लगातार हो रहे ड्रोन और मिसाइल हमलों (Drone Strike) से यह स्पष्ट हो गया है कि ईरान अब इजराइल के साथ-साथ अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के अहम ठिकानों पर सीधे और आक्रामक वार कर रहा है।

बगदाद में अमेरिकी दूतावास और तेल ठिकानों पर बड़ा हमला
इराक की राजधानी बगदाद के अति-सुरक्षित माने जाने वाले ‘ग्रीन जोन’ में स्थित अमेरिकी दूतावास पर मंगलवार को बड़ा हमला हुआ। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान की ओर से दागे गए दो विस्फोटक से लैस ड्रोन दूतावास परिसर के भीतर गिरे, जिससे वहां भीषण आग लग गई और चारों तरफ धुआं फैल गया। हमले के तुरंत बाद सायरन बजने लगे, लेकिन दूतावास की उन्नत रक्षा प्रणाली इन ड्रोन्स को इंटरसेप्ट करने में नाकाम रही। इराक के गृह मंत्रालय के सूत्रों ने भी पुष्टि की है कि सुरक्षा सीमा को भेदते हुए ये ड्रोन भीतर जाकर फटे।

ऊर्जा और तेल सुविधाओं को भी निशाना बनाया
राजनयिक ठिकानों के अलावा, ईरान ने ऊर्जा और तेल सुविधाओं को भी निशाना बनाया है। इराक के तेल मंत्रालय के मुताबिक, दक्षिणी इराक के मजनून तेल क्षेत्र में भी दो ड्रोन से हमले किए गए। इनमें से एक ड्रोन वहां काम कर रही एक अमेरिकी कंपनी के कार्यालयों के पास गिरा, जबकि दूसरा टेलीकॉम टावर से टकराया।

दुबई एयरपोर्ट के पास ड्रोन स्ट्राइक
बगदाद के साथ-साथ ईरान के घातक ड्रोन्स ने दुबई को भी अपनी चपेट में लिया। दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के करीब एक ईरानी ड्रोन फ्यूल (ईंधन) टैंकर से जा टकराया। इस टक्कर के बाद जोरदार धमाका हुआ और आग की लपटें उठने लगीं। यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दुबई नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने तुरंत अलर्ट जारी किया और एहतियात के तौर पर एयरपोर्ट से उड़ानों को अस्थायी रूप से रोक दिया। हालांकि, दुबई की सिविल डिफेंस टीमों ने मुस्तैदी दिखाते हुए जल्द ही आग पर काबू पा लिया और राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

इजराइल पर हिजबुल्लाह का प्रहार और मिसाइल हमले
दूसरी ओर, इजराइल पर भी हमले लगातार जारी हैं। ईरान समर्थित लेबनानी संगठन हिजबुल्लाह ने इजराइल के नहरिया शहर पर ताबड़तोड़ मिसाइलें दागीं, जिससे शहर में भारी तबाही हुई है। धमाकों और आग के कारण कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं और राहत-बचाव दल मलबे के बीच लगातार काम कर रहे हैं।

ताज़ा हमलों में 7 से ज्यादा लोगों के घायल होने की सूचना
वहीं, वेस्ट बैंक और बीतार इलिट बस्ती के आसमान में भी दर्जनों मिसाइलें देखी गईं और वहां धुआं उठता दिखा। हालांकि, इजराइली रक्षा प्रणालियों ने वेस्ट बैंक के आसमान में कई मिसाइलों को नष्ट कर दिया है। इन ताज़ा हमलों में 7 से ज्यादा लोगों के घायल होने की सूचना है। इससे पहले, इराक के अर्धसैनिक संगठन पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज (PMF) ने भी दावा किया था कि सीरिया सीमा के पास अल-कायम शहर में एक इजराइली हमले में उसके 6 सदस्य मारे गए हैं।

वैश्विक चिंता और प्रभाव
इन श्रृंखलाबद्ध हमलों ने यह साबित कर दिया है कि ईरान ने खाड़ी देशों में अपने रणनीतिक हमले तेज कर दिए हैं। इन घटनाओं से होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण जलमार्गों की सुरक्षा को लेकर भी वैश्विक चिंताएं बढ़ गई हैं। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित कई वैश्विक नेताओं ने चिंता जताई है कि इन हमलों का सीधा असर दुनिया भर में कच्चे तेल की सप्लाई पर पड़ सकता है। अमेरिका और उसके सहयोगी देश अब इस तनावपूर्ण स्थिति के बाद अपनी आगे की सुरक्षा रणनीति तय करने में जुट गए हैं।

विदेश मंत्रालय का बजट 20% बढ़ाने की सिफारिश

0

विदेश मंत्रालय का बजट 20% बढ़ाने की सिफारिश
संसदीय समिति (Parliamentary Panel) ने विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) के लिए बजट (Budget Allocation) में 20% की शानदार वृद्धि (Hike) की सिफारिश की है। शशि थरूर (Shashi Tharoor) की अध्यक्षता वाली इस समिति (Committee) ने मंगलवार को अपनी रिपोर्ट (Report) पेश की। इस रिपोर्ट के मुताबिक भारत की विदेश नीति (Foreign Policy) को अधिक स्पष्ट और प्रभावी बनाने की जरूरत है। इसके लिए एक नया विदेशी नीति दस्तावेज (Policy Document) तैयार करने का सुझाव दिया गया है। वर्तमान में मंत्रालय (MEA) का बजट केवल 7.81 प्रतिशत बढ़ा है, जो वैश्विक मंच (Global Platform) पर भारत के बढ़ते कद के हिसाब से काफी कम है। समिति का मानना है कि कूटनीतिक (Diplomatic) मजबूती के लिए यह कदम उठाना बेहद जरूरी है। रिपोर्ट में विदेशोंं में रह रहे भारतीयों (Indian Diaspora) के कल्याण और सुरक्षा (Safety) पर भी जोर दिया गया है। इसके साथ ही ओवरसीज मोबिलिटी बिल (Mobility Bill) को जल्द से जल्द संसद (Parliament) में लाने की बात कही गई है। इस कदम से विदेशों में काम करने वाले भारतीयों (Indian Workers) को बेहतर सुरक्षा मिलेगी। यह भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि (International Image) को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

विदेश मंत्रालय का मौजूदा बजट और चिंताएं (Budget Concerns)
संसदीय समिति की रिपोर्ट के अनुसार, 2026-27 के लिए विदेश मंत्रालय को 22,118.97 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। यह कुल केंद्रीय बजट का मात्र 0.41 प्रतिशत है। बजट आवंटन के मामले में विदेश मंत्रालय अन्य मंत्रालयों की तुलना में 23वें स्थान पर आता है। समिति ने जोर दिया है कि भारत जैसी उभरती वैश्विक शक्ति के लिए यह बजट नाकाफी है। इसलिए इसमें तुरंत 20 प्रतिशत की वृद्धि होनी चाहिए ताकि कूटनीतिक कार्यों को सुगमता से किया जा सके।

एक नई और स्पष्ट विदेश नीति की जरूरत (Strategic Document)
भारत के पास अभी तक 36 अन्य प्रमुख देशों (जैसे अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, जापान आदि) की तरह कोई एक लिखित और सार्वजनिक विदेश नीति दस्तावेज नहीं है। समिति ने कड़ाई से सिफारिश की है कि नीति नियोजन और अनुसंधान प्रभाग के माध्यम से एक स्पष्ट दस्तावेज बनाया जाए। इससे दुनिया को भारत के कूटनीतिक उद्देश्यों, क्षेत्रीय प्राथमिकताओं और द्विपक्षीय संबंधों का साफ पता चलेगा।

प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा पर जोर (Emigrant Welfare)
विदेशों में काम करने वाले 3.2 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ‘ओवरसीज मोबिलिटी बिल 2025’ को विधायी प्राथमिकता देते हुए तत्काल पारित करने की सिफारिश की गई है। यह 1983 के पुराने अधिनियम की जगह लेगा। इसके अलावा, प्रवासी भारतीयों के हितों की रक्षा के लिए विदेश मंत्रालय के तहत एक अलग ‘प्रवासी भारतीय मामलों का विभाग’ बनाने का भी अहम सुझाव दिया गया है।

मिशन सुरक्षा और सांस्कृतिक कूटनीति (Cultural Diplomacy)
बढ़ते वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव को देखते हुए विदेशों में स्थित भारतीय मिशनों की सुरक्षा के लिए एक अलग बजट ‘सब-हेड’ की मांग की गई है। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की सांस्कृतिक पहचान और सॉफ्ट पावर को मजबूत करने के लिए भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) का बजट बढ़ाकर 500-600 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव भी समिति ने दिया है।

विदेश नीति दस्तावेज भारत को वैश्विक मंच पर और अधिक प्रभावशाली बनाएगा
इस रिपोर्ट पर विदेशी मामलों के जानकारों और पूर्व राजनयिकों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि एक लिखित विदेश नीति दस्तावेज भारत को वैश्विक मंच पर और अधिक प्रभावशाली बनाएगा और बजट बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में देश की पकड़ और मजबूत होगी। अब सभी की नजरें केंद्र सरकार और वित्त मंत्रालय पर हैं कि वे इन सिफारिशों को कितनी जल्दी लागू करते हैं।

भारतीय प्रवासियों के लिए अलग विभाग बनाने की सिफारिश दूरगामी कदम
आगामी संसद सत्र में ‘ओवरसीज मोबिलिटी बिल 2025’ को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाए जाने की संभावना है। यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब दुनिया भर में कई मोर्चों पर भू-राजनीतिक संकट (जैसे पश्चिम एशिया विवाद) चल रहा है। ऐसे में भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा के लिए अलग से विभाग बनाने की सिफारिश कूटनीतिक लिहाज से एक दूरगामी कदम साबित हो सकती है।

ICC कर सकती है बांग्लादेश क्रिकेट को बैन

0

ICC कर सकती है बांग्लादेश क्रिकेट को बैन
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने सरकार को सीधी चेतावनी दी है कि बोर्ड के चुनावों में सरकार के दखल से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) की कार्रवाई हो सकती है, यहां तक कि बैन का खतरा भी पैदा हो सकता है। राष्ट्रीय खेल परिषद (NSC) ने जो पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की थी, उसे बीसीबी ने ‘सरकारी दखल’ बताया है और इसे तुरंत भंग करने की मांग की है।

बोर्ड का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए क्रिकेट बोर्ड के कामकाज में सरकारी हस्तक्षेप आईसीसी के नियमों का उल्लंघन है। रिपोर्ट्स के अनुसार बीसीबी के अधिकारियों ने इस मुद्दे पर आईसीसी से भी बातचीत की है और श्रीलंका व जिम्बाब्वे जैसे मामलों का हवाला देते हुए कहा है कि सरकारी हस्तक्षेप के मामलों में आईसीसी पहले भी सख्त रुख अपना चुका है।

विवाद की शुरुआत – तमिम इकबाल का बयान
विवाद की शुरुआत सितंबर 2025 में हुई, जब पूर्व कप्तान और दिग्गज खिलाड़ी तमीम इकबाल ने बीसीबी अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम पर चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप का आरोप लगाया। तमीम का आरोप था कि अमीनुल इस्लाम ने खेल मंत्रालय को पत्र लिखकर कुछ जिलों के काउंसलर बदलवाए और नामांकन की अंतिम तिथि दो बार बढ़वाई। इन आरोपों के बाद तमीम ने अपनी दावेदारी वापस ले ली और कहा कि वे इस तरह की भ्रष्ट प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बन सकते। अमीनुल इस्लाम ने इन आरोपों को खारिज किया, लेकिन इस विवाद ने बोर्ड की साख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए और विवाद को वैश्विक स्तर पर उजागर कर दिया।

चुनाव खत्म मगर विवाद नहीं
6 अक्टूबर 2025 को बीसीबी के चुनाव तो हो गए, लेकिन विवाद खत्म नहीं हुआ। ढाका के कई क्रिकेट क्लबों ने चुनाव परिणामों को ‘गैरकानूनी’ बताते हुए 2025-26 सीजन की घरेलू क्रिकेट प्रतियोगिताओं का बहिष्कार कर दिया। इसके कारण कई लीग प्रभावित हुई और जो टूर्नामेंट खेले जा सके उनमें भी कम ही टीमें मैदान में उतरी।

मार्च 2026 में तमीम इकबाल और क्लब अधिकारियों ने NSC से चुनाव प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की। इसके बाद 11 मार्च को NSC ने पांच सदस्यों की जांच समिति गठित कर दी, जिसे 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी है। इस समिति को चुनाव में कथित गड़बड़ियों, हेरफेर और सत्ता के दुरुपयोग के आरोपों की जांच का जिम्मा दिया गया है। हालांकि बीसीबी ने इस कदम का विरोध करते हुए इसे क्रिकेट बोर्ड के कामकाज में सरकारी दखल बताया और सीधे बातचीत के जरिए समाधान निकालने की मांग की है।

विश्व कप विवाद और कोच का खुलासा
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड और सरकार के बीच यह टकराव पहले भी सामने आ चुका है। टी20 विश्व कप 2026 को लेकर भी विवाद हुआ था, जब बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए टूर्नामेंट से बाहर रहने का फैसला लिया था। फरवरी 2026 में टीम के सहायक कोच मोहम्मद सलाहुद्दीन ने इस मुद्दे पर नया खुलासा किया था। उन्होंने पूर्व खेल सलाहकार आसिफ नजरुल पर झूठ बोलने का आरोप लगाया और कहा कि खिलाड़ियों की इच्छा विश्व कप से बाहर रहने की नहीं थी। सलाहुद्दीन के अनुसार, टूर्नामेंट से दूर रहने का फैसला पूरी तरह सरकारी स्तर पर लिया गया था।

इस बयान के बाद बोर्ड और सरकार के बीच तनाव और बढ़ गया, जो अब चुनाव जांच समिति के मुद्दे पर फिर से सामने आ गया है। बीसीबी का कहना है कि क्रिकेट की स्थिरता बनाए रखने के लिए जांच समिति को तुरंत भंग किया जाना चाहिए, वरना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं।

चैत्र नवरात्रि के 9 दिन और 9 भोग, जानें किस देवी को कौन सा भोग लगाना शुभ

0

चैत्र नवरात्रि के 9 दिन और 9 भोग, जानें किस देवी को कौन सा भोग लगाना शुभ
नवरात्रि का पावन पर्व हिंदू धर्म में बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है. नवरात्रि के नौ दिनों में माता रानी के अलग-अलग नौ रूपों की पूजा-अर्चना की जाती है. धार्मिक मान्यता है कि. नवरात्रि के 9 दिनों में श्रद्धापूर्वक और विधि-विधान से मां दुर्गा की आराधना करने से जीवन के सभी कष्ट और बाधाएं दूर होती हैं.

पूरे साल में वैसे तो कुल चार नवरात्रि पड़ती है, जिन्हें अलग-अलग नामों से जाना है. इनमें दो प्रकट और दो गुप्त नवरात्रि होती है. चैत्र महीने में पड़ने वाली चैत्र नवरात्रि प्रकट नवरात्रि है, जिसमें भक्त 9 दिनों तक व्रत नियमों का पालन करते हैं और 9 दिनों तक पूजा-अर्चना की जाती है.

चैत्र नवरात्रि कब है
पंचांग के मुताबिक चैत्र महीने की नवरात्रि चैत्र शुक्ल की प्रतिपदा से शुरू होकर चैत्र नवमी तिथि तक चलती है. इस वर्ष चैत्र नवरात्रि 19 मार्च 2026 को शुरू होगी. इसी दिन हिंदू नव वर्ष भी रहेगा. वहीं 27 मार्च 2026 को चैत्र नवरात्रि का समापन हो जाएगा. इसी दिन रामनवमी भी मनाई जाएगी. मां दुर्गा को समर्पित नौ दिवसीय नवरात्रि का पर्व माता रानी का आशीर्वाद पाने और जीवन में सकारात्मकता लाने के विशेष अवसर की तरह होता है, जब मां स्वयं 9 दिनों तक धरतीलोक पर वास करती हैं.

चैत्र नवरात्रि के 9 दिन और 9 भोग
चैत्र नवरात्रि के अलग-अलग दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूप की पूजा होती है और हर दिन विशेष भोग लगाया जाता है. मान्यता है कि, देवी को प्रिय भोग अर्पित करने से उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है. आइए जानते हैं नवरात्रि के नौ दिनों में किस देवी को कौन सा भोग अर्पित करना शुभ होता है.

पहला दिन (Day 1)- चैत्र नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा होती. इन माता को खीर का भोग लगाना शुभ होता है. मान्यता है कि इससे सेहत स्वस्थ रहता है और रोगों से मुक्ति मिलती है.

दूसरा दिन (Day 2)- चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा होती है. पूजा में आप इन माता को मिश्री, चीनी या शक्कर से बनी चीजों का भोग लगा सकते हैं. इससे सुख-शांति और दीर्घायु का आशीर्वाद मिलता है.

तीसरा दिन (Day 3) – चैत्र नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है. मां चंद्रघंटा को दूध से बनी चीजों का भोग अर्पित करना चाहिए. इससे जीवन के समस्त दुख और कष्ट दूर होते हैं.

चौथा दिन (Day 4)- चैत्र नवरात्रि का चौथा दिन मां कूष्मांडा को समर्पित है. इन्हें पीला रंग प्रिय है और भोग स्वरूप आप मालपुआ का भोग लगा सकते हैं, जोकि मां कूष्मांडा को प्रिय है.

पांचवां दिन (Day 5)- नवरात्रि का दिन मां स्कंदमाता को समर्पित है. मां को केला भोग प्रिय है. इसलिए आप माता को केला या कच्चे केले से बनी बर्फी आदि का भोग लगा सकते हैं.

छठा दिन (Day 6)- चैत्र नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा होती है. माता को शहद या शहद से बनी चीजों का भोग लगा सकते हैं. इससे व्यक्तित्व में आकर्षण और तेज बढ़ता है.

सातवां दिन (Day 7)- नवरात्रि का सातवां दिन मां कालरात्रि की पूजा के लिए समर्पित है. इस दिन माता को गुड़ या गुड़ का नैवेद्य भोग अर्पित कर सकते हैं. इससे भय और संकटों से मुक्ति मिलती है.

आठवां दिन (Day 8)- नवरात्रि के आठवें दिन मां महागौरी की पूजा होती है. इस दिन मां को नारियल और नारियल से बनी चीजों का भोग अर्पित करना शुभ होता है. इससे मनोकामनाएं पूरी होती हैं.

नौवां दिन (Day 9)- नवरात्रि के अंतिम और नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा होती. इस दिन माता रानी हलवा-पूरी, नारियल और चने का भोग लगाना अत्यंत शुभ होता है.

टीएमसी ने उतारे 291 उम्मीदवार, नंदीग्राम से नहीं लड़ेंगी ममता बनर्जी

0

टीएमसी ने उतारे 291 उम्मीदवार, नंदीग्राम से नहीं लड़ेंगी ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लिए तृणमूल कांग्रेस ने 291 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि 3 सीट पर अनित थापा के नेतृत्व वाली बीजीपीएम दार्जिलिंग में चुनाव लड़ेगी.

सीएम ममता बनर्जी भवानीपुर से चुनाव लडे़ंगी. बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने टीएमसी उम्मीदवारों की सूची जारी करते हुए कहा कि चुनाव आयोग बीजेपी की ओर से ‘अच्छा खेल’ खेल रहा है, उन्हें सीधे बीजेपी के लिए प्रचार करना चाहिए. उन्होंने दावा किया कि टीएमसी 2026 में बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनावों में 226 से अधिक सीटें जीतेगी.

नंदीग्राम सीट से चुनाव नहीं लड़ेंगी ममता बनर्जी
सीएम ममता बनर्जी 2021 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट से बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी से चुनाव हार गई थीं. इसके बाद वह भवानीपुर से उपचुनाव जीतकर विधानसभा में पहुंची थी. इस बार उन्होंने नंदीग्राम सीट से चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है. टीएमसी ने नंदीग्राम से आज ही पार्टी में शामिल हुए पवित्रा कार्केई को टिकट दिया है. पवित्रा विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी थे और उन्होंने 2021 के विधानसभा चुनावों में शुभेंदु अधिकारी की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. उन्हें 2021 में टीएमसी कार्यकर्ता की हत्या के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था.

किस पार्टी के लिए टीएमसी ने छोड़ी 3 सीटें
टीएमसी ने मुर्शिदाबाद जिले की भरतपुर सीट से मुस्तफिजुर रहमान को मैदान में उतारा है. इस सीट से हिमायूं कबीर विधायक थे जिन्होंने बाबरी विवाद खड़ा किया था. टीएमसी ने कालिम्पोंग, कर्सियोंग दार्जिलिंग सीट अनित थापा के नेतृत्व वाली बीजीपीएम के लिए छोड़ दी है.

तृणमूल कांग्रेस ने चंद्रिमा भट्टाचार्य को दम दम उत्तर सीट से, मदन मित्रा को कमरहाटी सीट से, फिरहाद हकीम को कोलकाता पोर्ट सीट से, कुणाल घोष को बेलेघाटा सीट से, डॉ. शशि पांजा को श्यामपुकुर सीट से, ज्योतिप्रियो मल्लिक को हाबरा सीट से चुनावी मैदान में उतरा है. अभिषेक बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल चुनाव में टीएमसी के 291 उम्मीदवारों में से 52 महिलाएं, 95 अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति और 47 अल्पसंख्यक हैं.