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“युद्ध ने बिगाड़ा दुनिया का बजट! तेल की कीमतों में लगी आग, सोना-चांदी में भारी उथल-पुथल

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“युद्ध ने बिगाड़ा दुनिया का बजट! तेल की कीमतों में लगी आग, सोना-चांदी में भारी उथल-पुथल
पश्चिम एशिया में ईरान से जुड़े युद्ध और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने भारत समेत दुनियाभर के वित्तीय बाजारों को बुरी तरह झकझोर दिया है और अर्थव्यवस्था के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। सोमवार को वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी के कारण भारतीय इक्विटी और मुद्रा (करेंसी) बाजार में चौतरफा बिकवाली दिखी। इस संकट ने निवेशकों को करीब 12 लाख करोड़ रुपये का चूना लगा दिया। अर्थशास्त्रियों के अनुसार, भारत इस समय एक ‘तिहरे प्रहार’- महंगा कच्चा तेल, गिरते रुपये और शेयर बाजार में गिरावट का सामना कर रहा है। वहीं, सोने-चांदी की कीमतों में भी लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है।

शेयर बाजार में अचानक इतनी बड़ी गिरावट का मुख्य कारण क्या है?
पश्चिम एशिया में ईरान-इस्राइल-अमेरिका युद्ध के कारण कच्चे तेल की सप्लाई बाधित होने का भारी डर पैदा हो गया है। इस दहशत के कारण सोमवार को सेंसेक्स 2,400 अंकों का गोता लगा गया, जबकि निफ्टी करीब 3% टूटकर 24,028.05 के स्तर पर आ गया। भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) तेजी से अपना पैसा निकालकर सुरक्षित विकल्पों (जैसे डॉलर) का रुख कर रहे हैं। इससे बाजार में बिकवाली की सुनामी आ गई है। हालांकि, बाजार बंद होते समय सेंसेक्स और निफ्टी अपने निचले स्तरों से संभलकर बंद हुए।

पश्चिम एशिया में ईरान से जुड़े युद्ध और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने भारत समेत दुनियाभर के वित्तीय बाजारों को बुरी तरह झकझोर दिया है और अर्थव्यवस्था के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। सोमवार को वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी के कारण भारतीय इक्विटी और मुद्रा (करेंसी) बाजार में चौतरफा बिकवाली दिखी। इस संकट ने निवेशकों को करीब 12 लाख करोड़ रुपये का चूना लगा दिया। अर्थशास्त्रियों के अनुसार, भारत इस समय एक ‘तिहरे प्रहार’- महंगा कच्चा तेल, गिरते रुपये और शेयर बाजार में गिरावट का सामना कर रहा है। वहीं, सोने-चांदी की कीमतों में भी लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है।

शेयर बाजार में अचानक इतनी बड़ी गिरावट का मुख्य कारण क्या है?
पश्चिम एशिया में ईरान-इस्राइल-अमेरिका युद्ध के कारण कच्चे तेल की सप्लाई बाधित होने का भारी डर पैदा हो गया है। इस दहशत के कारण सोमवार को सेंसेक्स 2,400 अंकों का गोता लगा गया, जबकि निफ्टी करीब 3% टूटकर 24,028.05 के स्तर पर आ गया। भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) तेजी से अपना पैसा निकालकर सुरक्षित विकल्पों (जैसे डॉलर) का रुख कर रहे हैं। इससे बाजार में बिकवाली की सुनामी आ गई है। हालांकि, बाजार बंद होते समय सेंसेक्स और निफ्टी अपने निचले स्तरों से संभलकर बंद हुए।

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से भारत को सबसे ज्यादा खतरा क्यों है?
भारत अपनी जरूरत का 89% से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है। युद्ध शुरू होने के बाद से ब्रेंट क्रूड 50% से अधिक उछलकर 117 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है। भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ है, जहां से हमारा रोजाना 26 लाख बैरल तेल गुजरता है। कतर के ऊर्जा मंत्री ने चेतावनी दी है कि अगर खाड़ी देशों के ऊर्जा निर्यात पर असर पड़ा, तो तेल की कीमतें 150 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती हैं।

सोने-चांदी में उतार-चढ़ाव और रुपये के टूटने के क्या मायने हैं?
सोमवार को दिल्ली में चांदी की कीमतों में 3,400 रुपये की गिरावट आई और यह 2.68 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई, जबकि सोने का भाव लगभग स्थिर रहा और 1,64,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बना रहा। अस्थिर वैश्विक बाजारों के बीच मजबूत अमेरिकी डॉलर ने कीमती धातुओं की मांग को कम कर दिया।

ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार, सफेद धातु (सोने) में लगातार तीसरे दिन गिरावट जारी रही और शुक्रवार के बंद भाव 2,71,700 रुपये प्रति किलोग्राम से गिरकर 3,400 रुपये या लगभग 1.3 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,68,300 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) पर पहुंच गया। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के कमोडिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक सौमिल गांधी ने कहा, “कच्चे तेल की कीमतों में तेज वृद्धि से मुद्रास्फीति का दबाव फिर से बढ़ने की आशंका बढ़ गई है, जिसके चलते चांदी की कीमतों में पिछले सप्ताह की गिरावट जारी रही।”

ऊर्जा की बढ़ती कीमतें व्यापक मुद्रास्फीति की आशंकाओं को बढ़ावा देती हैं, जिससे फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की गति में देरी हो सकती है। उन्होंने आगे कहा कि इस परिदृश्य से अमेरिकी डॉलर और ट्रेजरी यील्ड को समर्थन मिला, जिससे बदले में कीमती धातुओं पर दबाव पड़ा।

“MP हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: विजयपुर से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव रद्द, रामनिवास रावत होंगे नए MLA”

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“MP हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: विजयपुर से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव रद्द, रामनिवास रावत होंगे नए MLA”
मध्य प्रदेश के विजयपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर हाईकोर्ट ने सोमवार को महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। कोर्ट ने उपचुनाव को शून्य घोषित करते हुए पूर्व वन मंत्री रामनिवास रावत को विजयी बताकर विधायक घोषित कर दिया है। इस फैसले से विजयपुर की राजनीति में बड़ा बदलाव आ गया है और कांग्रेस के मौजूदा विधायक मुकेश मल्होत्रा की विधायकी छिन गई है। कोर्ट ने कहा कि मुकेश मल्होत्रा ने नामांकन पत्र और चुनावी शपथ पत्र में गलत व अधूरी जानकारी दी थी, जो चुनाव आयोग के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। इससे चुनाव की निष्पक्षता प्रभावित हुई।

11 महीने बाद हाईकोर्ट ने सुनाया फैसला
करीब 11 महीने पहले रामनिवास रावत ने हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दाखिल की थी। उन्होंने विजयनगर उपचुनाव को रद्द करने की मांग की थी। रावत का आरोप था कि कांग्रेस उम्मीदवार मुकेश मल्होत्रा ने अपराधिक रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां छुपाईं। याचिका की सुनवाई के बाद कोर्ट ने अंतिम बहस पूरी की और फैसला सुरक्षित रख लिया था। सोमवार को सुनवाई पूरी होने पर कोर्ट ने रामनिवास रावत के पक्ष में फैसला सुनाया। कोर्ट ने माना कि नामांकन में गड़बड़ी के कारण चुनाव वैध नहीं था।

रामनिवास रावत फिर से होंगे विधायक
उपचुनाव में मुकेश मल्होत्रा ने रामनिवास रावत को हराकर विधायक का पद हासिल किया था। रावत उस समय राज्य के वन मंत्री थे। लेकिन, अब कोर्ट के फैसले से रावत को विधायक का दर्जा मिल गया है। हालांकि, हाईकोर्ट ने अपने आदेश को 15 दिनों के लिए स्थगित रखा है। इस दौरान मुकेश मल्होत्रा को सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का मौका दिया गया है। 15 दिन बाद ही कोर्ट का आदेश प्रभावी होगा।

इस फैसले से विजयपुर क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस खेमे में निराशा है, जबकि भाजपा समर्थक उत्साहित हैं। रामनिवास रावत ने फैसले का स्वागत किया और कहा कि न्याय की जीत हुई है। वहीं, मुकेश मल्होत्रा ने कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट जाएंगे और न्याय की उम्मीद रखते हैं।

कांग्रेस विधायक ने कौन से केस छिपाए
कांग्रेस विधायक मुकेश ने अपने नामांकन में अपने खिलाफ दायर इन आपराधिक मामलों का उल्लेख नहीं किया था।
वन विभाग द्वारा दर्ज अपराध इस मामले में CJM श्योपुर ने 2020 में प्रतिवादी पर 7 हजार का जुर्माना और एक महीने का डिफॉल्ट कारावास दिया था।
अपराध क्रमांक 32/2011 थाना कराहल: JMFC श्योपुर ने 2015 में प्रतिवादी को धारा 332 और 294 का दोषी माना था और 6 महीने की सजा के साथ 500 का जुर्माना लगाया था।
अपराध क्रमांक 2/203 थाना कराहल: JMFC श्योपुर ने 2013 में मामले का निपटारा किया लेकिन शपथ पत्र में जानकारी नहीं दी गई।
अपराध क्रमांक 2/2013 थाना कराहल: इस मामले में प्रतिवादी को 2023 में बरी किया गया लेकिन इसका खुलासा नाकांकन में नहीं किया गया।
मुकेश मल्होत्रा के खिलाफ दो मामले श्योपुर की अदालत में हैं जिसका जिक्र नामांकन में किया गया लेकिन पूरी जानकारी नहीं दी गई।

रामनिवास रावत के कांग्रेस छोड़ने के बाद हुए थे शामिल
आदिवासी नेता मुकेश मल्होत्रा ने मई 2024 को कांग्रेस जॉइन की थी। विधानसभा चुनाव–2023 में मुकेश मल्होत्रा विजयपुर सीट से निर्दलीय मैदान में उतरे थे, तब पूरे क्षेत्र के आदिवासियों ने उनका साथ दिया था। उन्हें 45 हजार वोट मिले थे। वह पहले में बीजेपी में थे, तब सरकार ने उन्हें सहारिया प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया था।

वहीं, 2023 का विधानसभा चुनाव विजयपुर से जीतने के बाद लोकसभा चुनाव के समय रामनिवास रावत ने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी की सदस्यता ली थी। मोहन यादव की कैबिनेट में उन्हें वन मंत्री बनाया गया था। लेकिन उपचुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

मुख्यमंत्री करीला धाम में रंगपंचमी मेला महोत्सव में हुए शामिल

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मुख्यमंत्री करीला धाम में रंगपंचमी मेला महोत्सव में हुए शामिल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अशोकनगर जिले का करीला धाम श्रद्धा, आस्था और भक्ति का अदभुत संगम है। इस पावन स्थल पर माता सीता अपने दोनों पुत्र लव-कुश के साथ विराजमान हैं। यह देश का एक मात्र अद्वितीय मंदिर है, जहाँ माता सीता अपने दोनों पुत्रों के साथ पूजी जाती हैं। देश के अधिकांश मंदिर भगवान श्रीराम को समर्पित हैं। करीला धाम लव-कुश की जन्म-स्थली भी है, जो लव-कुश की बाल लीलाओं की साक्षी है। इस पवित्र स्थली के सम्पूर्ण विकास की योजना बनाई जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को अशोकनगर जिले के करीलाधाम में रंगपंचमी मेला महोत्सव में श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने करीलाधाम में माता जानकी के दर्शन भी किये और जिले को 115 करोड़ रूपये लागत के 50 विकास कार्यों की सौगात भी दी। इसमें 57 करोड़ 3 लाख की लागत के 11 विकास कार्यों का लोकार्पण और 58 करोड़ 32 लाख की लागत के 39 विकास कार्यों का भूमि-पूजन शामिल है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि माता सीता धैर्य, साहस और आत्म-सम्मान का प्रतीक हैं। जब हम नारी शक्ति की बात करते हैं तो माता सीता का ध्यान आता है। माता सीता ने यह संदेश दिया कि नारी का आत्म-सम्मान ही सबसे बड़ी शक्ति है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम का भी विशेष स्नेह मिला है। यहाँ चित्रकूट में उन्होंने वनवास काल के 11 वर्ष बिताए। मध्यप्रदेश सरकार राम वन गमन वथ विकसित कर रही है। जहाँ-जहाँ भगवान श्रीराम के श्रीचरण पड़े हैं, उन्हें तीर्थ स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि करीला धाम में आस्था के साथ श्रद्धालु माता जानकी के दर्शन करने आते हैं। माता जानकी श्रद्धालुओं की मनोकामना पूर्ण करती हैं। उन्होंने कहा कि आज का दिन अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर माता जानकी के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया है। माता सीता शक्ति एवं पराक्रम की देवी हैं, उनका प्रताप गौरवशाली संस्कृति है। इस पवित्र स्थान से महर्षि वाल्मीकि, सीता माता एवं लव-कुश की कहानी जुड़ती है।

हमारी भारतीय संस्कृति में मातृशक्ति को प्रथम स्थान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी भारतीय संस्कृति में मातृशक्ति को प्रथम स्थान दिया गया है। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के कल्याण के लिए अनेकों योजनाएं संचालित की जा रही है। साथ ही आगामी लोकसभा एवं विधानसभा निर्वाचन में भी 33 प्रतिशत महिलाओं को आरक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि लाड़ली बहनों को प्रदेश सरकार प्रतिमाह 1500 रूपए की राशि प्रदान कर रही है। महिलाओं को विभिन्न विभागों में आरक्षण देकर उच्च पदों पर नियुक्ति दी गईं हैं। उन्होंने कहा कि किसान कल्याण वर्ष का आयोजन प्रदेश में किया जा रहा है। किसानों के उत्थान के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा 6-6 हजार रुपए की राशि किसान सम्मन निधि के रूप में दी जा रही है।

जानकी मंदिर में की विधि-विधान से पूजा-अर्चना
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने करीला धाम में जानकी मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। साथ ही मंदिर परिसर में ढोल बजाकर शंखनाद किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रद्धालुओं के साथ फूलों की होली भी खेली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्राम दीपनाखेड़ा से करीला धाम तक 10 किलोमीटर की सड़क स्वीकृत किये जाने की घोषणा की। इस दौरान उन्होंने करीला धाम तीर्थ के संपूर्ण विकास की कार्ययोजना बनाने के निर्देश कलेक्टर को दिए। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन कर समूह की महिलाओं से संवाद भी किया।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं को किया सम्मानित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली जिले की सात महिलाओं को सम्मानित किया। इनमें शिक्षा के क्षेत्र में डॉ. अमिता सेठी, धार्मिक क्षेत्र में नैना शर्मा, खेल के क्षेत्र में सु पूनम रघुवंशी, पर्यावरण के क्षेत्र में विनीता साहू, स्वंयसिद्धा के क्षेत्र में श्रीमती गायत्री शर्मा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में छाया बैस तथा समाजसेवा के क्षेत्र में कुलविंदर कौर को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला, पूर्व मंत्री एवं मुंगावली विधायक बृजेन्द्र सिंह यादव, अध्यक्ष जिला पंचायत अजय प्रताप सिंह यादव सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में महिलाएं एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

महतारी वंदन योजना से मातृशक्ति को मिला आर्थिक संबल : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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महतारी वंदन योजना से मातृशक्ति को मिला आर्थिक संबल : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर बस्तर के लाल बहादुर शास्त्री मिनी स्टेडियम में आयोजित वृहद महतारी वंदन सम्मेलन–2026 में प्रदेश की माताओं-बहनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति समाज की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कहा कि महिलाओं का आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण ही विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव है और राज्य सरकार का हर निर्णय महिलाओं के कल्याण, सम्मान और आत्मनिर्भरता को केंद्र में रखकर लिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर महतारी वंदन योजना की 25वीं किश्त जारी करते हुए प्रदेश की 69 लाख 48 हजार महिलाओं के खातों में 641 करोड़ 58 लाख रुपये अंतरित किए। इसके साथ ही इस योजना के अंतर्गत अब तक महिलाओं को 16 हजार 237 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता का माध्यम नहीं, बल्कि माताओं-बहनों के आत्मविश्वास, सम्मान और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने वाला जनकल्याणकारी अभियान बन चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें 10 मार्च 2024 का वह दिन याद है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महतारी वंदन योजना का शुभारंभ किया था। उसी समय यह संकल्प लिया गया था कि प्रदेश की प्रत्येक पात्र महिला के खाते में हर महीने निर्धारित तिथि पर एक हजार रुपये की राशि पहुंचेगी। पिछले 25 महीनों से यह संकल्प लगातार पूरा किया जा रहा है और इस किश्त के साथ अब तक प्रत्येक हितग्राही महिला को 25 हजार रुपये की राशि प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने जो वादा किया था, उसे पूरी प्रतिबद्धता के साथ निभाया है।

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि महतारी वंदन योजना को निर्बाध रूप से जारी रखने के लिए राज्य सरकार ने इस वर्ष के बजट में 8 हजार 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि यह राशि माताओं-बहनों के जीवन में प्रत्यक्ष बदलाव ला रही है। महिलाएं इस सहायता का उपयोग बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य, घरेलू जरूरतों, बचत और स्वरोजगार जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में कर रही हैं। इससे परिवारों में आर्थिक स्थिरता बढ़ रही है और समाज के समग्र विकास को नई दिशा मिल रही है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश की माताएं-बहनें केवल परिवार का संचालन ही नहीं करतीं, बल्कि वे उत्कृष्ट वित्तीय प्रबंधक भी होती हैं। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि का महिलाओं ने अत्यंत समझदारी से उपयोग किया है। किसी ने बेटियों के भविष्य के लिए बचत की, किसी ने स्वरोजगार शुरू किया, किसी ने परिवार के छोटे व्यवसाय को बढ़ाया, तो किसी ने बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च कर घर की स्थिति को मजबूत बनाया। यह इस योजना की सबसे बड़ी सफलता है कि महिलाओं ने इसे स्वयं और परिवार की उन्नति का माध्यम बनाया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प तथा सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से नक्सलवाद अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों और आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए राज्य सरकार ने 15 हजार आवास स्वीकृत किए हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर सहित दूरस्थ अंचलों में शांति, विकास और विश्वास का नया वातावरण बन रहा है, जिसमें महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार अनेक स्तरों पर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत पिछले दो वर्षों में 21 हजार 754 बेटियों के विवाह कराए गए हैं। महिलाओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और गरिमापूर्ण कार्यस्थल उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में 368 महतारी सदन बनाने की स्वीकृति दी गई है, जिनमें से 137 महतारी सदन का निर्माण पूर्ण हो चुका है। ग्राम पंचायत स्तर पर इनका उपयोग महिलाओं की बैठकों, प्रशिक्षण, विपणन और सामुदायिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में किया जाएगा।

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार लगातार पहल कर रही है। प्रदेश में अब तक 8 लाख महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाया जा चुका है और अब सरकार का लक्ष्य इसे बढ़ाकर 10 लाख लखपति दीदी बनाने का है। उन्होंने कहा कि महिलाएं अब केवल सहभागी नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की नई नेतृत्वकारी शक्ति बनकर उभर रही हैं। इसी दिशा में महिला स्वसहायता समूहों के माध्यम से रेडी टू ईट फूड निर्माण का कार्य पुनः प्रारंभ कराया गया है और इसे चरणबद्ध रूप से प्रदेश के शेष जिलों में भी लागू किया जा रहा है, ताकि स्थानीय स्तर पर महिलाओं को व्यापक रोजगार के अवसर मिल सकें।

मुख्यमंत्री ने बस्तर क्षेत्र के संदर्भ में कहा कि नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से नक्सल प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाएं पुनः प्रारंभ की गई हैं, बंद पड़े स्कूलों को दोबारा शुरू कराया गया है, बिजली पहुंची है, मोबाइल टावर लगाए जा रहे हैं तथा स्वच्छ पेयजल और बेहतर सड़कों की सुविधा दूरस्थ बसाहटों तक पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि केवल सड़कों का निर्माण ही नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री बस सेवा योजना के माध्यम से बस्तर और सरगुजा अंचल के ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधा भी मजबूत की गई है, जिससे लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों तक पहुंचने में आसानी हो रही है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से धमतरी की श्रीमती नीतू साहू, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी की श्रीमती मिथलेश चतुर्वेदी, जांजगीर-चांपा की श्रीमती सरस्वती केंवट, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही की श्रीमती अनीता साहू तथा सरगुजा की श्रीमती निधि जायसवाल से संवाद किया।

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी की श्रीमती मिथलेश चतुर्वेदी ने बताया कि पति के निधन के बाद उनके सामने परिवार चलाने की बड़ी चुनौती थी। शासन से मिली सहायता राशि और महतारी वंदन योजना के संबल से उन्होंने ई-रिक्शा खरीदकर आजीविका का नया साधन शुरू किया, जिससे अब वे अपने परिवार का भरण-पोषण आत्मसम्मान के साथ कर पा रही हैं।

धमतरी की श्रीमती नीतू साहू ने बताया कि मजदूरी से होने वाली सीमित आय के कारण बेटियों के भविष्य के लिए बचत करना कठिन था, लेकिन महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि से उन्होंने अपनी दोनों बेटियों के नाम सुकन्या समृद्धि योजना के खाते खुलवाकर हर महीने बचत शुरू की है।

इसी तरह सरगुजा की श्रीमती निधि जायसवाल ने महतारी वंदन योजना से मिली राशि को बचाकर “निधि मेकओवर” नाम से ब्यूटी पार्लर शुरू किया, जबकि गौरेला-पेंड्रा-मरवाही की श्रीमती अनीता साहू ने सिलाई का कार्य प्रारंभ कर “अनीता सिलाई सेंटर” स्थापित किया। जांजगीर-चांपा की श्रीमती सरस्वती केंवट ने भी इस राशि को अपने परिवार के व्यवसाय में लगाकर आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह अनुभव अत्यंत सुखद है कि महतारी वंदन योजना की राशि महिलाओं के हाथों में पहुंचकर परिवारों की तरक्की का आधार बन रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की माताएं-बहनें दूरदर्शिता, परिश्रम और आत्मविश्वास की अद्भुत मिसाल हैं। जब महिलाओं को अवसर और संबल मिलता है, तो वे न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे समाज को आगे बढ़ाने की शक्ति बन जाती हैं।

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से ‘लक्ष्मी सखी मिलेट कार्ट’ का शुभारंभ भी किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से पुनर्वासित महिलाओं को जोड़ा गया है, जिन्हें कृषि महाविद्यालय के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ये महिलाएं मिलेट आधारित खाद्य सामग्री तैयार कर उसका विक्रय करेंगी, जिससे उन्हें सतत आजीविका और आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं को पशुपालन, सूक्ष्म उद्यम, प्रसंस्करण और स्थानीय विपणन से जोड़कर विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा क्षेत्र में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए बजट में भी प्रावधान किए गए हैं।

कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकार गठन के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को लागू करने की दिशा में गंभीरता से कार्य किया गया और उसी क्रम में महतारी वंदन योजना शुरू की गई। उन्होंने कहा कि इस योजना से राज्य की लगभग 70 लाख माताएं-बहनें लाभान्वित हो रही हैं। यह योजना महिलाओं को घरेलू जरूरतों की पूर्ति के साथ आर्थिक संबल भी प्रदान कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ महिला कोष तथा सक्षम योजना के माध्यम से भी महिलाओं को स्वरोजगार स्थापित करने में सहयोग दे रही है।

वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रत्येक माह नियमित रूप से सहायता राशि प्रदान किया जाना सरकार की वचनबद्धता का प्रमाण है।विधायक जगदलपुर किरण देव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से माताएं-बहनें आज घर-परिवार को खुशहाल बनाने के साथ प्रदेश के विकास में भी अहम योगदान दे रही हैं।

कार्यक्रम के आरंभ में महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी ने विभागीय योजनाओं की जानकारी दी ।

कार्यक्रम के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की सफलता की कहानियों पर आधारित एक पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाओं ने मुख्यमंत्री को फलों की टोकरी तथा धुरवा तुवाल भेंटकर योजना के लिए आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर दंतेवाड़ा विधायक चैतराम आटामी, बेवरेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी, अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप, महापौर संजय पांडेय, राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम, राज्य बीज विकास निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर, मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष भरत मटियारा, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक बस्तर के अध्यक्ष दिनेश कश्यप, बस्तर संभाग के कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी., महिला एवं बाल विकास विभाग की संचालक डॉ. रेणुका श्रीवास्तव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में उपस्थित थे।

भारत ने रचा इतिहास, डिफेंड कर लिया टी20 वर्ल्ड कप का खिताब

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भारत ने रचा इतिहास, डिफेंड कर लिया टी20 वर्ल्ड कप का खिताब
भारतीय टीम ने इतिहास रच दिया है. टीम इंडिया लगातार दो बार टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली दुनिया की पहली टीम बन गई है. पहली बार किसी देश ने अपने घर पर आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप जीता है. भारत ने रिकॉर्ड तीसरी बार टी20 विश्व कप जीता है. फाइनल मैच की बात करें तो टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड तो 96 रनों से शिकस्त दी.

खिताबी मैच में भारतीय टीम ने पहले खेलने के बाद 255 रन बनाए थे. जवाब में कीवी टीम 158 रन ही बना सकी. भारत के लिए संजू सैमसन ने 89 रनों की शानदार पारी खेली. अभिषेक शर्मा और ईशान किशन ने भी अर्धशतक जड़े. गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह ने 4 विकेट झटके. उन्होंने 4 ओवर में सिर्फ 15 रन दिए. वहीं अक्षर पटेल को 3 विकेट मिली.

डिप्रेशन और चिंता होगी छूमंतर! सोमवार को इस विधि से करें महादेव का पूजन, नोट कर लें ये विशेष मंत्र

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डिप्रेशन और चिंता होगी छूमंतर! सोमवार को इस विधि से करें महादेव का पूजन, नोट कर लें ये विशेष मंत्र
सोमवार का दिन देवों के देव महादेव को समर्पित होता है। इस शुभ अवसर पर भगवान शिव और मां पार्वती की भक्ति भाव से पूजा की जाती है। साथ ही उनके निमित्त सोमवार का व्रत रखा जाता है। इस व्रत को करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होती है। साथ ही काल, कष्ट, दुख और संकट दूर हो जाते हैं।

कुंडली में शुक्र और चंद्रमा को मजबूत करने के लिए शिवजी की पूजा करने की सलाह देते हैं। भगवान शिवजी की पूजा करने से चंद्र देव प्रसन्न होते हैं। चंद्र देव की कृपा से जातक को सभी प्रकार के शुभ कामों में सफलता मिलती है। साथ ही मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है।

मानसिक तनाव और चिंता से मुक्ति पाना चाहते हैं, तो सोमवार के दिन भक्ति भाव से शिवजी की पूजा करें। वहीं, पूजा के समय इन मंत्रों का जप करें।

1. ऊँ इमं देवा असपत्नं ग्वं सुवध्यं ।
महते क्षत्राय महते ज्यैश्ठाय महते जानराज्यायेन्दस्येन्द्रियाय
इमममुध्य पुत्रममुध्यै पुत्रमस्यै विश वोsमी राज: सोमोsस्माकं ब्राह्माणाना ग्वं राजा।

2. ऊँ ऐं क्लीं सोमाय नम:।
ऊँ श्रां श्रीं श्रौं चन्द्रमसे नम:।
ऊँ श्रीं श्रीं चन्द्रमसे नम:।

3. ऊँ दधिशंखतुषाराभं क्षीरोदार्णवसंभवम ।
नमामि शशिनं सोमं शंभोर्मुकुटभूषणम ।।

4. ऊँ अमृतंग अन्गाये विधमहे कलारुपाय धीमहि, तन्नो सोम प्रचोदयात ।।

5. ऊँ उद्बुध्यस्वाग्ने प्रतिजागृहि त्वमिष्टापूर्ते स सृजेथामयं च ।
अस्मिन्त्सधस्थे अध्युत्तरस्मिन्विश्वे देवा यजमानश्च सीदत ।।

6. प्रियंगुकलिकाश्यामं रुपेणाप्रतिमं बुधम ।
सौम्यं सौम्यगुणोपेतं तं बुधं प्रणमाम्यहम ।।

7. ऊँ चन्द्रपुत्राय विदमहे रोहिणी प्रियाय धीमहि तन्नोबुध: प्रचोदयात ।

8. ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् |
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात् ||

ऊँ अघोरेभ्यो अथघोरेभ्यो, घोर घोर तरेभ्यः।
सर्वेभ्यो सर्व शर्वेभ्यो, नमस्ते अस्तु रूद्ररूपेभ्यः’।।

9. मामिशमीशान निर्वाण रूपं विभुं व्यापकं ब्रह्म वेद स्वरूपं’।।

10. ऊँ क्लीं क्लीं क्लीं वृषभारूढ़ाय वामांगे गौरी कृताय क्लीं क्लीं क्लीं ऊँ नमः शिवाय।।

फ्लॉप शो के बाद धमाकेदार वापसी: अभिषेक शर्मा ने फाइनल में दिखाया अपना असली ‘तेवर’, तोड़ा फिन एलन का रिकॉर्ड

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फ्लॉप शो के बाद धमाकेदार वापसी: अभिषेक शर्मा ने फाइनल में दिखाया अपना असली ‘तेवर’, तोड़ा फिन एलन का रिकॉर्ड
भारत और न्यूजीलैंड के बीच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले जा रहे टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल मुकाबले में सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने शानदार अर्धशतक जड़ा। उन्होंने महज 18 गेंदों में अपना पचासा पूरा किया और संजू सैमसन के साथ टीम इंडिया को शानदार शुरुआत दिलाई।

अर्धशतकीय पारी से अभिषेक ने दिलाई टीम को शानदार शुरुआत
अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले जा रहे इस मैच में न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया। अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन ने टीम इंडिया को शानदार शुरुआत दिलाई और पहले विकेट के लिए 98 रनों की दमदार साझेदारी की। अभिषेक ने 21 गेंदों में छह चौके और तीन छक्के की मदद से 52 रन बनाए और आलोचकों को मुंहतोड़ जवाब दिया। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 247.61 का रहा।

आलोचकों को मुंहतोड़ जवाब दिया
फाइनल से पहले अभिषेक को खराब फॉर्म के चलते आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। तमाम क्रिकेट पंडितों ने उन्हें फाइनल मैच में प्लेइंग 11 से बाहर करने की भी सलाह दी थी। लेकिन कप्तान सूर्यकुमार यादव ने अभिषेक पर भरोसा बनाए रखा और सलामी बल्लेबाज आज उम्मीदों पर खरे उतरे। 25 वर्षीय बल्लेबाज का यह 10वां टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक है।

फाइनल से पहले सिर्फ एक अर्धशतक लगाया था
इस टूर्नामेंट की शुरुआत अभिषेक के लिए अच्छी नहीं हुई थी। अमेरिका, पाकिस्तान और नीदरलैंड के खिलाफ मुकाबले में वह खाता भी नहीं खोल पाए थे। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उन्होंने 15 रन बनाकर टी20 विश्व कप 2026 में अपना खाता खोला। वहीं, जिम्बाब्वे के खिलाफ चेन्नई में खेले गए मैच में उन्होंने 55 रन बनाए। हालांकि, वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के खिलाफ क्रमश: 10 और 9 रन बना सके। अब फाइनल मैच में अर्धशतक से अभिषेक ने अपना दम दिखा दिया है।

बेंगलुरु की सड़कों पर ‘एनटीआर’ का तूफान: अस्पताल उद्घाटन में उमड़ा जनसैलाब, भारी भीड़ के चलते एस्किलेटर हुआ चकनाचूर

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बेंगलुरु की सड़कों पर ‘एनटीआर’ का तूफान: अस्पताल उद्घाटन में उमड़ा जनसैलाब, भारी भीड़ के चलते एस्किलेटर हुआ चकनाचूर
अपने पसंदीदा स्टार्स के लिए फैंस का प्यार हमेशा से ही देखने को मिलता रहा है. लेकिन कई बार फैंस का ये प्यार आसपास के लोगों के लिए भारी पड़ जाता है. हाल ही में इसका एक नजारा बैंगलुरु में देखने को मिला. जब जूनियर एनटीआर के फैंस ने उनकी केवल एक झलक पाने के लिए नए बने हुए अस्पताल की एस्किलेटर्स को ही तोड़ दिया. इस पूरे इंसिडेंट का एक वीडियो भी इस समय सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

क्या है पूरा मामला?
दरअसल हाल ही में जूनियर एनटीआर बैंगलुरु में रविवार को KIMS हॉस्पिटल की एपनिंग के लिए पहुंचे थे. यहां एक्टर को देखने के लिए उनके फैंस की भारी भीड़ पहले से ही मौजूद थी. सैकड़ों फैंस हॉस्पिटल के अंदर और बाहर दोनों ही जगह मौजद थे. लेकिन देखते ही देखते ये मौका तब भयानक हो गया जब एक्टर को देखने के चक्कर में भीड़ ने धक्का- मुक्की शुरू कर दी. कई लोगों ने यहां सिक्योरिटी व्यवस्था का ही मखौल उड़ा दिया.

भीड़ ने तोड़ा एस्किलेटर
जूनियर एनटीआर जब यहां से जा रहे थे तब उन्हें देखने के लिए भीड़ के बीच धक्का- मुक्की हुई और इसी में हॉस्पिटल की एस्किलेटर का कांच टूट गया. जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. लोग कमेंट कर अपना ख्याल रखने को कह रहे हैं. इस दौरान भीड़ में लोग जूनियर एनटीआर को आवाज लगा रहे थे, उनसे मिलने के लिए कोशिश कर रहे थे और इतने जोश में आ गए कि उन्होंने नए बने अस्पताल की एस्किलेटर को ही तोड़ दिया

हालांकि इस मामले पर अब तक जूनियर एनटीआर की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. उस समय भी उन्होंने इस स्थिति पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और केवल शांति से वहां से चले गए. बता दें कि इस हादसे में किसी को कोई चोट नहीं आई है. फिलहाल के लिए अस्पताल प्रशासन ने हादसे वाली जगह पर लोगों को आने- जाने के लिए मना किया हुआ है.

खामेनेई के बाद कौन? ईरान की ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ ने चुना नया वारिस, जल्द होगा औपचारिक ऐलान

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खामेनेई के बाद कौन? ईरान की ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ ने चुना नया वारिस, जल्द होगा औपचारिक ऐलान
अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई में मारे गए ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई का उत्तराधिकारी मिल गया है. ईरान की ताकतवर असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स देश के अगले सुप्रीम लीडर पर लगभग बहुमत की सहमति पहुंच गई है. फिलहाल इसकी औपचारिक घोषणा होनी बाकी है.

असेंबली के सदस्य अयातुल्लाह मोहम्मद मेहदी मीरबाकेरी ने रविवार को कहा कि ईरान के अगले नेता पर काफी हद तक सहमति बन गई है. ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी ने कहा कि ज्यादातर लोगों की राय सामने आ गई है. फैसले को फाइनल करने से पहले कुछ रुकावटों को दूर करने की जरूरत है.

अब तक क्या जानकारी आई सामने?
88 सदस्यों वाली असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के एक वरिष्ठ मौलवी ने शनिवार को कहा था कि सदस्य इस्लामिक रिपब्लिक के अगले नेता को चुनने के लिए मिलेंगे. ईरान की मीडिया की मानें तो असेंबली को औपचारिक बनाने के लिए जरूरी प्रक्रिया पर विवाद था. कुछ सदस्यों का मानना है, कि एक फॉर्मल इन पर्सन मीटिंग जरूरी है. अयातुल्ला मोहसेन हैदरी अलेकासिर ने कहा कि अभी इन पर्सन सेशन मुमकिन नहीं है.

ईरानी मीडिया में उत्तराधिकारी चुनने का दावा
रविवार को नूर न्यूज की तरफ से भी एक वीडिया जारी किया गया है. इसमें उन्होंने कहा कि असाधारण स्थिति ने पूरी मीटिंग को प्रैक्टिकल नहीं बनाया है. उन्होंने कहा कि यह एक बहुत बड़ी बात है. असेंबली बैठक में नहीं बन सकती. धर्मगुरुओं की संस्था को निशाना बनाने की कोशिशों से सिर्फ ईरान के दुश्मनों को फायदा होगा. क्रांति को नुकसान होगा.

लगातार हमलों और जंग के बीच नेतृत्व चुनने की प्रक्रिया में रुकावट आई है. 28 फरवरी को जंग शुरू होने के बाद से इजरायल और यूएस के हमलों में खामेनेई समेत दर्जनों ईरानी अधिकारी और सैन्य कमांडर मारे गए हैं. ईरानी मीडिया ने इस हफ्ते की शुरुआत में जानकारी दी थी कि हवाई हमलों में कोम शहर में एक्सपर्ट्स असेंबली से जुड़ी एक सहायक बिल्डिंग ढह गई थी.

कौन करेगा नए लीडर की घोषणा?
पैनल के दो सदस्यों, अयातुल्ला मोहसेन हैदरी अलेकासिर और अहमद अलमोल्होता के हवाले से ईरान की मीडिया ने कहा है कि असेंबली ने पहले ही एक उत्तराधिकारी चुन लिया है. अलमोल्होदा के मुताबिक, असेंबली के सेक्रेटेरिएट के हेड अयातुल्ला हशेम हुसैनी बुशहरी फैसले की सार्वजनिक घोषणा करेंगे.

सुप्रीम लीडर में क्या खासियत होना चाहिए?
हैदरी अलेकासिर ने कहा कि चुना गया उम्मीदवार ईरान के सर्वोच्च पद के लिए जरूरी क्वालिटीज के बारे में पहले के सुप्रीम लीडर की क्वालिटी से मेल खाता हो. नए सुप्रीम लीडर को दुश्मन से नफरत करनी चाहिए. यहां तक कि महान शैतान ने उनका नाम लिया है.

यह बयान ट्रंप के प्रतिक्रिया के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई सबसे ज्यादा संभावित उत्तराधिकारी हो सकते हैं. हालाकिं, ट्रंप ने उन्हें ईरान का नया नेता मानने से इनकार कर दिया है. ट्रंप ने व्यक्तिगत रूप से ईरान के नेता को चुनने की प्रक्रिया में शामिल होने की इच्छा जताई. 56 साल के मोजतबा खामेनेई तेहरान में नहीं थे, जब युद्ध के दौरान हवाई हमलों में उनके पिता मारे गए थे.

वुमेन्स डे पर सेलेब्स का जलवा: करीना ने दोहराया अपना आइकॉनिक डायलॉग, तो कंगना ने नारी शक्ति को बताया ‘सुपरपावर’

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वुमेन्स डे पर सेलेब्स का जलवा: करीना ने दोहराया अपना आइकॉनिक डायलॉग, तो कंगना ने नारी शक्ति को बताया ‘सुपरपावर’
आज, 8 मार्च को पूरी दुनिया में इंटरनेशनल वुमेन्स डे सेलिब्रेट किया जा रहा है. इस खास मौके पर आम लोगों से लेकर फिल्म इंडस्ट्री तक हर कोई महिलाओं की ताकत और उनके योगदान को याद कर रहा है. कई सितारों ने सोशल मीडिया पर खास तस्वीरें और पोस्ट कर महिलाओं को शुभकामनाएं दी हैं. आइए देखते हैं कि सेलेब्स किस तरह इस खास दिन को सेलिब्रेट कर रहे हैं और क्या मेसेज दे रहे हैं.

हुमा कुरैशी
हुमा कुरैशी ने अपनी कई तस्वीरें इंस्टाग्राम पर शेयर करते हुए लिखा है ‘उस महिला के लिए जिसने स्क्रीन पर मेरी कहानियों को आकार दिया, और स्क्रीन के बाहर मेरी जिंदगी को प्रेरणा दी. महिला दिवस की शुभकामनाएं.’

अनुपम खेर
दिग्गज एक्टर अनुपम खेर ने महिला दिवस के मौके पर ANI से कहा ‘महिला दिवस पर दुनिया की सभी महिलाओं को मेरा दिल से सलाम. मेरा सच में मानना है कि जिसके पास किसी और जिंदगी को जन्म देने की ताकत है, वो सबसे महान है. वो एक महिला है.’

ट्विंकल खन्ना
ट्विंकल खन्ना ने इंस्टाग्राम पर अपनी एक तस्वीर शेयर की है. इसके साथ उन्होंने महिला दिवस पर लिखा हुआ अपना लेख शेयर किया है. पोस्ट के कैप्शन में उन्होंने लिखा है ‘मुझे बताओ, तुमने आखिरी बार अपनी मां को कब बताया था कि वह तुम्हारे लिए कितनी मायने रखती हैं?’

हेमा मालिनी
हेमा मालिनी ने वुमेन्स डे के मौके पर महिलाओं के नाम खास मेसेज दिया. उन्होंने लिखा कि हर महिला अपने आप में खास और अनोखी होती है, चाहे वो घर संभालने वाली हो, इंटरप्रेन्योर हो या काम और परिवार के बीच संतुलन बनाने वाली एक सफल प्रोफेशनल.

हेमा मालिनी ने सभी महिलाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे जहां भी हों, अपनी काबिलियत और ताकत को पहचानें. उन्होंने ये भी कहा कि हर महिला भगवान की बनाई एक खास रचना है और उसे अपनी शर्तों पर जिंदगी जीना सीखना चाहिए और जीवन का आनंद लेना चाहिए.