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होली खुशियों और जुड़ाव का अवसर, किसानों की समृद्धि से बढ़ा उत्साह – मुख्यमंत्री साय

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होली खुशियों और जुड़ाव का अवसर, किसानों की समृद्धि से बढ़ा उत्साह – मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज धरसींवा विधानसभा क्षेत्र में विधायक अनुज शर्मा द्वारा आयोजित होली मिलन समारोह में शामिल हुए और क्षेत्रवासियों के साथ होली की खुशियाँ साझा कीं। मुख्यमंत्री ने आयोजन में आमंत्रित किए जाने पर विधायक अनुज शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए सभी उपस्थितजनों को होली की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करने का पर्व है। यह हमें मन-मुटाव भुलाकर एक-दूसरे के साथ मिलकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि होलिका बुराई का प्रतीक है, जिसका दहन कर हमें जीवन में अच्छाई, सकारात्मकता और खुशहाली को अपनाना है तथा सबके सहयोग से छत्तीसगढ़ को विकास के पथ पर आगे बढ़ाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष 4 मार्च को होली का पर्व है और इसका उत्साह अभी से दिखाई देने लगा है। उन्होंने बताया कि हाल ही में कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत किसानों के खातों में राशि अंतरित की गई है, जिससे किसानों में विशेष उत्साह है और इस बार प्रदेश में होली का पर्व और अधिक उल्लासपूर्ण माहौल में मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि होली सामाजिक और पारिवारिक जुड़ाव का अवसर भी है, जो समाज में आत्मीयता और विश्वास को मजबूत करता है।

विधायक अनुज शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा किसानों के खातों में सहायता राशि अंतरित किए जाने से किसानों में खुशी का माहौल है और वे इस वर्ष होली का त्योहार अधिक आनंद और उत्साह के साथ मना रहे हैं। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक फाग गीत प्रस्तुत कर वातावरण को उत्सवमय बना दिया, जिससे पूरा परिसर होली के रंग में सराबोर हो गया।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भी क्षेत्रवासियों को होली की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

इस अवसर पर विधायक मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सु मोना सेन सहित अन्य जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में गणमान्यजन उपस्थित थे।

तेहरान-बेरुत पर इजरायल ने की एयरस्ट्राइक

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तेहरान-बेरुत पर इजरायल ने की एयरस्ट्राइक
इजरायल की वायुसेना लगातार ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम पर हमला कर रही है. इजरायली सेना के प्रवक्ता अविचाय अदरई के मुताबिक, इजरायली विमानों ने ईरान के रडार सिस्टम और मिसाइल लॉन्चर को निशाना बनाया है. उन लोगों को भी टारगेट किया गया जो इन डिफेंस सिस्टम को चला रहे थे. इजरायल ने यह भी दावा किया कि उसने ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल ठिकानों पर हमला किया है. ईरान में अब तक 742 लोगों की मौत हो गई है और 750 से ज्यादा घायल हैं.

हाथरस में भीषण सड़क हादसा, डबल डेकर स्लीपर बस और वैन की टक्कर

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हाथरस में भीषण सड़क हादसा, डबल डेकर स्लीपर बस और वैन की टक्कर
उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में मंगलवार (3 मार्च) की सुबह यमुना एक्सप्रेसवे पर डबल डेकर स्लीपर बस ने एक वैन को पीछे से टक्कर मार दी, जिससे उसमें सवार तीन महिलाओं सहित छह लोगों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए. पुलिस ने बताया कि हादसा तड़के चार बजकर 20 मिनट पर सादाबाद थाना क्षेत्र के हरिया गढ़ी गांव के पास हुआ.

अपर पुलिस अधीक्षक राम आनंद कुशवाह ने बताया कि वैन में सवार 16 लोग दिल्ली के प्रेम नगर से राजस्थान के धौलपुर जा रहे थे. इस बीच नोएडा से गोरखपुर जा रही स्लीपर बस ने वैन को पीछे से टक्कर मार दी.
पुलिस अधीक्षक ने दी घटना की जानकारी

पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने कहा कि दुर्घटना उस समय हुई जब बस चालक वैन से आगे निकलने का प्रयास कर रहा था. उन्होंने बताया कि बस चालक, परिचालक और ऑपरेटर को गिरफ्तार कर लिया गया है और संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है.

सिन्हा ने बताया कि बस मालिक के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान दिनेश (50), उनकी पत्नी सुनीता (48), विजय बघेल (27), उनकी पत्नी पिंकी बघेल (26), लोकेश (35) और नाथू देवी (65) के रूप में की गई है.

दिल्ली के रहने वाले थे वैन में सवार लोग
पुलिस ने बताया कि वैन में सवार सभी लोग दिल्ली के निवासी थे और अलग-अलग परिवार से थे. उसने बताया कि वैन का चालक सुरक्षित है. सूचना मिलने पर अपर पुलिस अधीक्षक राम आनंद कुशवाह, सादाबाद के क्षेत्राधिकारी और थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घायलों को अस्पताल पहुंचाया.

अधिकारियों ने बताया कि घायल बच्चों को आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज भेजा गया है, जहां उनमें से दो की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है. पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है. आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है.

सेमीफाइनल में होगी भारत और इंग्लैंड की टक्कर

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सेमीफाइनल में होगी भारत और इंग्लैंड की टक्कर
आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत सेमीफाइनल में पहुंच चुका है. टीम इंडिया ने 1 मार्च को वेस्टइंडीज को रोमांचक मुकाबले में पांच विकेट से हराकर अंतिम चार में एंट्री की. इस जीत के हीरो रहे संजू सैमसन, जिन्होंने नाबाद 97 रन की बेहतरीन पारी खेली. उनकी पारी में 12 चौके और 4 छक्के शामिल रहे और उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया.

भारत ग्रुप-1 में दूसरे स्थान पर रहा, जबकि साउथ अफ्रीका शीर्ष पर रही. अब सेमीफाइनल में भारत का सामना ग्रुप-2 की टॉपर इंग्लैंड से होने जा रहा है. पहला सेमीफाइनल साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड के बीच खेला जाएगा. दोनों मुकाबलों के विजेता 8 मार्च को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में फाइनल खेलेंगे.

IND VS ENG मैच कब और कितने बजे होगा?
भारत और इंग्लैंड के बीच दूसरा सेमीफाइनल 5 मार्च, गुरुवार को खेला जाएगा. मैच भारतीय समयानुसार शाम 7 बजे शुरू होगा, जबकि टॉस 6:30 बजे होगा. यह मुकाबला बेहद हाई-वोल्टेज माना जा रहा है, क्योंकि दोनों टीमें लगातार तीसरी बार टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में आमने-सामने हैं.

IND VS ENG मैच कहां खेला जाएगा?
यह अहम सेमीफाइनल मुंबई के ऐतिहासिक वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा. इस मैदान पर बड़े मुकाबलों का लंबा इतिहास रहा है और फैंस को एक बार फिर रोमांचक क्रिकेट की उम्मीद है.

IND VS ENG मैच कहां खेला जाएगा?
यह अहम सेमीफाइनल मुंबई के ऐतिहासिक वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा. इस मैदान पर बड़े मुकाबलों का लंबा इतिहास रहा है और फैंस को एक बार फिर रोमांचक क्रिकेट की उम्मीद है.

IND VS ENG मैच कहां देखें लाइव?
भारत बनाम इंग्लैंड सेमीफाइनल का सीधा प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर किया जाएगा. वहीं ऑनलाइन दर्शक इस मुकाबले की लाइव स्ट्रीमिंग जियो हॉटस्टार ऐप और वेबसाइट पर देख सकेंगे.

दोनों टीमों के स्क्वॉड
भारत: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), संजू सैमसन, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, हार्दिक पांड्या, जसप्रीत बुमराह, ईशान किशन, रिंकू सिंह, मोहम्मद सिराज, वॉशिंगटन सुंदर, शिवम दुबे, अभिषेक शर्मा, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह और तिलक वर्मा.

इंग्लैंड: हैरी ब्रूक (कप्तान), रेहान अहमद, जोफ्रा आर्चर, टॉम बैंटन, जैकब बेथेल, जोस बटलर, सैम करन, लियाम डॉसन, बेन डकेट, विल जैक्स, जेमी ओवरटन, आदिल राशिद, फिल सॉल्ट, जोश टंग और ल्यूक वुड.

आलिया-दीपिका को पछाड़ बॉक्स ऑफिस पर राज करेंगी रश्मिका मंदाना

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आलिया-दीपिका को पछाड़ बॉक्स ऑफिस पर राज करेंगी रश्मिका मंदाना
रश्मिका मंदाना इन दिनों विजय देवरकोंडा संग अपनी शादी को लेकर चर्चा में बनी हुई हैं. एक्ट्रेस ने 26 फरवरी को उदयपुर में विजय संग सात फेरे लिए थे. इस जोड़ी की शादी की तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं. इन सबके बीच एक्ट्रेस के प्रोफेशनल फ्रंट की बात की जाए तो उनकी अपकमिंग लाइनअप में एक से एक जबरदस्त फिल्मों की भरमार है. जिससे वे आलिया भट्ट और दीपिका पादुकोण को पछाड़ कर बॉक्स ऑफिस पर राज कर सकती हैं. चलिए यहां रश्मिक मंदाना की अपकमिंग फिल्मों की पूरी लिस्ट जान लेते हैं.

रश्मिका मंदाना की 6 अपकमिंग फिल्में
साउथ में तमाम ब्लॉकबस्टर फिल्में दे चुकी रश्मिका ने बॉलीवुड में भी अपनी जगह पक्की कर ली है. पुष्पा फ्रेंचाइजी और एनिमल में अपनी शानदार परफॉर्मेंस से रश्मिका ने खूब पॉपुलैरिटी बटोरी. हाल ही में आई एक्ट्रेस की द गर्लफ्रेंड को भी खूब पसंद किया गया था. इन सबके बीत फैंस रश्मिका बड़े की अपकमिंग फिल्मों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. तो बता दें कि एक्ट्रेस की बैक टू बैक 6 धाकड़ फिल्में आने वाली हैं जो उन्हें बॉक्स ऑफिस की क्वीन बना देंगी. इनमें ये फिल्में शामिल हैं.

1-रणबाली- शादी के बाद रश्मिका और विजय पहली बार रणबाली में साथ में स्क्रीन शेयर करते दिखेंगे. इस मूवी का अब फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. ये पीरियड ड्रामा फिल्म 11 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों रिलीज होगी.

2-कॉकटेल 2- रश्मिका की साल 2026 में रिलीज होने वाली दूसरी मच अवेटेड फिलम कॉकटेल 2 है. इस बॉलीवुड रोमांटिक कॉमेडी सीक्वल में वे शाहिद कपूर और कृति सेनन संग स्क्रीन शेयर करती दिखेंगी. हालांकि इस फिल्म की ऑफिशियल रिलीज डेट अभी अनाउंस नहीं की गई है.

3-पुष्पा 3- पुष्पा और पुष्पा द रूल की सुपर सक्सेस के बाद फैंस इसकी तीसरे पार्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे. इन फिल्मों में श्रीवल्ली के रोल में रश्मिका मंदाना ने खऊब पॉपुलैरिटी बटोरी थी. एक्ट्रेस की इस ब्लॉकबस्टर सीरीज का तीसरा पार्ट दिसंबर 2026 में रिलीज हो सकता है.

4-मायसा- ये एक तेलुगु प्रोजेक्ट है जिसमें रश्मिका मंदाना लीड रोल में नजर आएंगी. रविंद्र पुल्ले निर्देशित इस एक्शन थ्रिलर पैन इंडिया फिल्म के 20 मार्च 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने की उम्मीद है.

5-AA22- पुष्पा 3 के अलावा रश्मिका मंदाना अल्लू अर्जुन के साथ एटली की साइंस फिक्शन फिल्म में भी नजर आएंगी. इस अनटाइटल्ड फिल्म में दीपिका पादुकोण भी अहम रोल में दिखेंगी. ये फिल्म अगले साल यानी 2027 में रिलीज हो सकती है.

6-एनिमल पार्क- रणवीर सिंह के साथ रश्मिका मंदाना की जोड़ी एनिमल में खूब पसंद की गई थी. इस ब्लॉकबस्टर फिल्म के सीक्वल का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. बता दें कि एनिमल पार्क भी अगले साल यानी 2027 में बड़े पर्दे पर रिलीज हो सकती है. हालांकि अभी तक इसकी ऑफिशियल रिलीज डेट अनाउंस नहीं की गई है.

मंगलवार को साल का पहला चंद्र ग्रहण, सुबह इतने बजे से शुरू हो जाएगा सूतक काल

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मंगलवार को साल का पहला चंद्र ग्रहण, सुबह इतने बजे से शुरू हो जाएगा सूतक काल
मंगलवार को फाल्गुन मास की पूर्णिमा पर साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण (Total Lunar Eclipse) लगने जा रहा है। भारत के विभिन्न शहरों में शाम 06:15 से 06:30 के बीच देखने को मिलेगा। चंद्र ग्रहण आरंभ होने के 9 घंटे पहले से सूतक काल आरंभ हो जाता है, ऐसे में 3 मार्च को सुबह 06:20 बजे से सूतक काल शुरू हो जाएगा, जो ग्रहण समाप्त होने के साथ खत्म होगा। इस दिन मन के कारक चंद्रमा सिंह राशि और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में रहेंगे।

चंद्र ग्रहण को ब्‍लड मून नाम दिया गया
नेशनल अवार्ड प्राप्‍त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने बताया कि मंगलवार (3 मार्च 2026) को पूर्ण चंद्र ग्रहण की खगोलीय घटना होने जा रही है। इसमें चंद्रमा पृथ्‍वी की पूर्ण छाया में से होकर गुजरेगा, जिससे यह गहरे लाल या तांबे जैसे रंग का दिखाई देगा । भारत में इसे आंशिक चंद्रग्रहण के रूप में शाम को केवल कुछ मिनिट के लिए ही देखा जा सकेगा। यह ग्रहण ग्रस्‍तोदय के रूप में नजर आयेगा जिसमे चंद्रोदय के समय ही चंद्रमा पर ग्रहण लगा हुआ होगा । इस चंद्र ग्रहण को ब्‍लड मून भी कहा जा रहा है क्‍योंकि चंद्रमा और सूर्य के बीच पृथ्‍वी के आ जाने से पृथ्‍वी का वायुमंडल सूर्य की नीली रोशनी को बिखेरेगा और केवल लाल प्रकाश ही चंद्रमा तक पहुंचेगा जिससे वह तामिया लाल दिख रहा होगा। चंद्रग्रहण को बिना किसी विशेष चश्‍मे के आंखो से सुरक्षित रूप से देखा जा सकता है । इस ग्रहण का कुछ न कुछ भाग विश्‍व के लगभग 63% लोग देख सकेंगे ।

कितनी बजे से शुरू होगा चंद्र ग्रहण
सारिका ने बताया कि वैसे तो ग्रहण की शुरूआत दोपहर लगभग 3 बजकर 20 मिनिट से होगी लेकिन तब भारत में चंद्रोदय नहीं हुआ होगा। आंशिक ग्रहण की समाप्ति शाम 6 बजकर 47 मिनिट पर होगी । इसके पहले जिन नगरों में चंद्रोदय हो चुका होगा उनमे ग्रहण को कुछ मिनिट के लिये देखा जा सकेगा । पूर्वोत्‍तर नगरों में इसे अधिक देर तक देखा जा सकेगा क्‍योंकि वहां सूर्यास्‍त पहले होने पर चंद्रोदय जल्‍दी होगा । मध्‍यप्रदेश के सिंगरौली में यह सबसे पहले 06: 01 बजे दिखना शुरू होगा तो पश्चिम मे स्थित आलीराजपुर मे यह 06: 37 पर दिखना आरंभ होगा । यह इस साल का पहला चंद्रग्रहण होगा ।

महत्वपूर्ण जानकारी
आंशिक ग्रहण आरंभ दोपहर 3 बजकर 20 मिनिट 07 सेकंड
पूर्णग्रहण आरंभ दोपहर 4 बजकर 34 मिनिट 34 सेकंड
पूर्णग्रहण समाप्ति सायं 5 बजकर 32 मिनिट 49 सेकंड
आंशिक ग्रहण समाप्ति सायं 6 बजकर 47 मिनिट 15 सेकंड
पूर्णग्रहण की अवधि 58 मिनिट

किन-किन देशों में देखा जाएगा चंद्र ग्रहण
यह ग्रहण भारत के साथ साथ एशिया, ऑस्ट्रेलिया, उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका जैसे कई देशों में भी दिखाई देगा। चंद्र ग्रहण सबसे ज्यादा प्रभाव पूर्वी भारत यानी अरुणाचल प्रदेश, असम, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम में दिखाई देगा। पश्चिम बंगाल के पूर्वी हिस्सों के अलावा कोलकाता, गुवाहाटी, हैदराबाद, अहमदाबाद, भुवनेश्वर, पटना, इम्फाल, शिलॉन्ग, कोहिमा, ईटानगर, आइजोल, दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, लखनऊ, और जयपुर जैसे शहरों में भी यह दिखाई देगा।

जानिए कब लगता है चंद्र ग्रहण
चंद्र ग्रहण के दौरान सूर्य की परिक्रमा के दौरान पृथ्वी, चांद और सूर्य के बीच आ जाती है, इस दौरान चांद धरती की छाया से पूरी तरह से छुप जाता है। पूर्ण चंद्र ग्रहण के दौरान सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक दूसरे के बिल्कुल सीध में होते हैं। इस दौरान जब हम धरती से चांद देखते हैं तो वह हमें काला नजर आता है और इसे चंद्रग्रहण कहा जाता है। आंशिक चंद्र ग्रहण के दौरान सिर्फ चांद का एक भाग पृथ्वी की छाया में प्रवेश करता है। चंद्रमा के धरती की तरफ वाले हिस्से पर धरती की छाया काली दिखाई देती है, कटा हिस्सा दिखाई देता है, तो वह इस पर निर्भर करता है कि किस प्रकार सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में हैं।

ग्रहण में क्या करें और क्या नहीं?
ग्रहण के सूतक काल में पूजा पाठ बंद कर देना चाहिए।
ग्रहण के अवधि के दौरान घर के पूजा वाले स्थान को पर्दे से ढक दें।
ग्रहण में भूलकर भी देवी-देवताओं की पूजा नहीं करना चाहिए।
ग्रहण के दौरान खाना-पीना नही चाहिए।
खाद्य पदार्थों में तुलसी के पत्ते डालकर रखना चाहिए
ग्रहण की समाप्ति के बाद घर और पूजा स्थल को गंगाजल का छिड़काव करके शुद्ध करना चाहिए।
गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, उन्हें घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए और न ही ग्रहण देखना चाहिए।
ग्रहण के सूतक काल में भोजन बनाना, खाना, सोना, बाल काटना, तेल लगाना,
सिलाई-कढ़ाई करना और चाकू चलाना नहीं चाहिए।
ग्रहण के दौरान कैंची, सुई या चाकू जैसी नुकीली चीजों का उपयोग करने से बचने चाहिए।
ग्रहण खत्म होने के बाद स्नान करना शुभ माना जाता है। जरूरतमंदों को अनाज, कपड़े या धन का दान करना शुभ माना जाता है।
घर और मंदिर की साफ-सफाई करें और गंगाजल का छिड़काव करें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में नागलवाड़ी में मंत्रि-परिषद की पहली कृषि कैबिनेट

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में नागलवाड़ी में मंत्रि-परिषद की पहली कृषि कैबिनेट
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बड़वानी जिले के भीलट बाबा देवस्थल नागलवाड़ी में सोमवार को हुई पहली कृषि कैबिनेट में कृषि, सिंचाई, पशुपालन, मत्स्य, उद्यानिकी और सहकारिता से संबंधित 27 हजार 500 करोड़ रूपये की विभिन्न योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई। किसान कल्याण वर्ष में आयोजित पहली कृषि कैबिनेट में किसानों और विभिन्न उत्पादक गतिविधियों में लगे लोगों के लिए 25 हजार 678 करोड़ रूपये की योजनाओं से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कृषि कैबिनेट में नर्मदा नियत्रंण मण्डल की बैठक में बड़वानी जिले की 2 सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण के लिए 2,068 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति भी प्रदान की गई है। इन योजनाओं में स्वीकृत की गई राशि अगले 5 वर्षों में व्यय की जायेगी। जनजातीय अंचल में मंत्रि-परिषद के सभी सदस्यों ने जनजातीय परंपरागत वस्त्रों को धारण कर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अभ्युदय मध्यप्रदेश में जनजातीय वर्ग के सम्मान और कल्याण का सशक्त संदेश दिया।

मध्यप्रदेश एकीकृत मत्‍स्‍य उद्योग नीति-2026 की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश एकीकृत मत्‍स्‍य उद्योग नीति-2026 को स्वीकृति दी। इसमें अगले 3 वर्षों तक रुपये 3 हजार करोड़ का निवेश एवं लगभग 20 हजार रोजगार (10 हजार प्रत्यक्ष एवं 10 हजार अप्रत्यक्ष) सृजित होंगे। इस नीति में 18 करोड़ 50 लाख रूपये के बजट प्रावधान की स्वीकृति दी गई। इसमें केज कल्चर को आधुनिक स्वरुप में बढ़ावा देते हुए लगभग एक लाख केज स्थापित किये जायेंगे। इस नीति में मछली पालन संबंधी गतिविधि के साथ ईको-टूरिज्म एवं ग्रीन एनर्जी को शामिल करते हुये बहुउद्देशीय आजीविका मॉडल के रुप में कार्य होगा।

पशुओं के स्वास्थ्य की देखभाल कें लिए 610 करोड़ 51 लाख रूपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद ने पशु चिकित्सालय एवं अन्य भवनों के अधोसंरचनात्मक विकास के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में अगले 5 वर्षों तक पशुओं के स्वास्थ्य की देखभाल कें लिए 610 करोड़ 51 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की। यह कार्य वर्ष 2026 से 2031 तक निरंतर जारी रहेंगे।

मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना के लिए 200 करोड़ रूपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना को आगामी 2 वर्ष, वर्ष 2026-27 और वर्ष 2027-28 की निरंतरता के लिए 200 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई। योजना में मत्स्य बीज संवर्धन, मत्स्य पालकों का प्रशिक्षण, ब्याज अनुदान एवं रोजगार के अवसर प्रदान किये जाते हैं।

राष्ट्रीय उ‌द्यानिकी मिशन को आगामी 5 वर्षों की निरंतरता के लिए 1150 करोड़ रूपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद ने राष्ट्रीय उ‌द्यानिकी मिशन को आगामी 5 वर्षों तक निरंतर रखने के लिए 1150 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी। इस योजना में कृषि क्षेत्र में दक्षता की वृद्धि, विभिन्न कृषि घटकों के प्रभाव वृद्धि, दोहराव से बचाव संबंधी कार्य किये जायेंगे।

सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के लिए 1,375 करोड़ रूपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद ने सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना को आगामी 5 वर्षों (वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2020-31 तक) की निरंतरता के लिए 1,375 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। इस योजना में केन्द्र एवं राज्य सरकार की भागीदारी से, मौजूदा सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करणीय उ‌द्योगों के उन्नयन तथा नवीन खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना की जायेगी।

पौधशाला उ‌द्यान के लिए 1 हजार 739 करोड़ रूपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद ने उद्यानिकी के क्षेत्र में पौधशाला उ‌द्यान में रोपणियों में पौध तैयार करने और उच्च गुणवत्ता की पौध एवं बीज, रियायती दरों पर उपलब्ध कराए जाने के लिए अगले वर्ष 2031 (आगामी 5 वर्ष) तक के लिए 1739 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है।

किसान कल्याण एवं कृषि विकास की 20 परियोजनाओं के लिए 3 हजार 502 करोड़ रुपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद ने किसान कल्याण एवं कृषि विकास की 500 करोड़ से कम वित्तीय आकार की 20 परियोजनाओं को आगामी 5 वर्षों तक अर्थात 31 मार्च, 2031 तक के लिए निरंतर जारी रखने जाने की स्वीकृति दी है। इसके लिए 3 हजार 502 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी प्रदान की गई है।

“सहकारी बैंकों के अंश पूंजी सहायता” योजना के लिए 1 हजार 975 करोड़ रूपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा सहकारिता विभाग की “सहकारी बैंकों के अंश पूंजी सहायता” योजना को अगले 5 वर्षों 31 मार्च, 2031 तक संचालित करने के लिए 1 हजार 975 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई। लोकवित्त से वित्त पोषित कार्यक्रम को ऋण प्रदाय करना सहकारिता विभाग द्वारा जिला बैंकों के माध्यम से, कालातीत ऋणों की पूर्ति किये जाने के लिए कृषकों को फसल ऋण की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाती है।

कृषकों को अल्पकालीन ऋण पर ब्याज अनुदान योजना के लिए 3 हजार 909 करोड़ रूपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद ने कृषकों को अल्पकालीन ऋण पर ब्याज अनुदान योजना को 31 मार्च, 2031 तक की निरंतरता के लिए 3 हजार 909 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। सहकारिता विभाग द्वारा प्राथमिक कृषि साख समितियों के माध्यम से कृषकों को अल्पकालीन फसल ऋण राशि रुपये 3 लाख तक शून्य प्रतिशत दर पर उपलब्ध कराया जाता है। किसानों को प्राप्त हो रही सुविधा एवं सहायता प्राप्त होती रहेगी।

सहकारी संस्थाओं के कुशल संचालन के लिए 1, 073 करोड़ रूपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद ने सहकारिता विभाग के अधीन सहकारी संस्थाओं को आवश्यक सहयोग जैसे अंशपूंजी, ऋण तथा अनुदान आदि सुलभ कराने एवं विभागीय गतिविधियों को सुचारु रखने के लिए 12 प्रचलित योजनाओं को भी 31 मार्च, 2031 तक निरंतर संचालित रखने की स्वीकृति प्रदान की है। इन 12 योजनाओं की निरंतरता के लिए 1073 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की है।

सहकारिता की विभिन्न योजनाओं के लिए 1,229 करोड़ रूपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा कृषि क्षेत्र में सहकारिता विभाग के अधीन चल रहीं विभिन्न योजनाओं के अगले 5 वर्षों तक सुचारु संचालन एवं मानीटरिंग के लिए विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत एक हजार 229 करोड़ स्वीकृत किये गये।

पशुधन विकास के लिए 656 करोड़ रूपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद ने राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना अंतर्गत सोर्टेड सेक्स्ड सीमन उत्पादन परियोजना को 31 मार्च, 2031 तक निरंतर संचालित करने के लिए 656 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। इस योजना में चिन्हित नस्ल के मादा गौ-भैंस वंशीय पशुधन बढ़ाये जाने के उद्देश्य से पशु पालकों को आवश्यक तकनीकी सहयोग दिया जाता है। इस योजना से पशु पालकों को निरंतर लाभ प्राप्त होता रहेगा।

पशु स्वास्थ्य रक्षा तथा पशु संवर्धन एवं संरक्षण के लिए 1723 करोड़ रूपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद ने पशु स्वास्थ्य रक्षा तथा पशु संवर्धन एवं संरक्षण के लिए संचालित की जा रही 14 योजनाओं को अगले 5 वर्षों तक निरंतर रखने के लिए 1723 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। इस योजना में पशुधन एवं कुक्कुट उत्पाद में वृद्धि करना तथा कमजोर वर्ग के हितग्राहियों को पशुपालन के माध्यम से आर्थिक लाभ दिया जाता है

पशुपालन एवं डेयरी क्षेत्र की 11 योजनाओं के लिए 6 हजार 518 करोड़ रूपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद ने पशुपालन एवं डेयरी के क्षेत्र में पशु प्रजनन, मुर्गी पालन, भेड़ बकरी प्रक्षेत्र, रोग उन्मूलन, पशुओं के टीकाकरण, गहन पशु विकास परियोजना आदि 11 योजनाओं को अगले 5 वर्षों तक निरंतर संचालन के लिए 6 हजार 518 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है।

बड़वानी जिले की 2 सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण के लिए 2067.97 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में नर्मदा नियत्रंण मण्डल की बैठक में बड़वानी जिले में अल्प वर्षा क्षेत्र तहसील वरला के 33 ग्रामों में तथा तहसील पानसेमल के 53 ग्रामों में भूजल स्तर बढ़ाने के लिए 2 सिंचाई परियोजनाओं के लिए 2 हजार 68 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।

वरला, उद्वहन माईक्रो सिंचाई उद्वहन परियोजना में नर्मदा नदी से 51.42 एम.सी.एम. जल उद्वहन करते हुए वरला तहसील के 33 गाँवों की 15 हजार 500 हैक्टेयर भूमि पर सिंचाई की जा सकेगी। इस परियोजना की लागत 860.53 करोड़ रुपये है ।

पानसेमल माईक्रो सिंचाई उद्वहन परियोजना में तहसील पानसेमल के 53 ग्रामों की 22 हजार 500 हैक्टेयर भूमि पर सिंचाई की जा सकेगी। इसके तहत नर्मदा नदी से 74.65 एम.सी.एम. जल उद्वहन किया जायेगा। इस परियोजना की लागत एक हजार 207.44 करोड़ रूपये है।

किसान कल्याण वर्ष की यह पहली कैबिनेट है। भविष्य में प्रदेश के विभिन्न स्थानों में कृषि कैबिनेट का आयोजन कर किसान कल्याण की दिशा में अनेक निर्णय लिए जाएंगे।

राज्यपाल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को होलिका दहन की दी बधाई

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राज्यपाल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को होलिका दहन की दी बधाई
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को होलिका दहन की बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी नागरिक इस पवित्र अग्नि में नकारात्मक तत्वों को समर्पित कर जीवन में मंगल और शुभता का वरदान मांगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देश और समाज के प्रति अपने योगदान की संपूर्णता का संकल्प लेने का प्रदेशवासियों से आह्वान किया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी कृषि एवं विकास योजनाओं की सौगात

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी कृषि एवं विकास योजनाओं की सौगात
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भगोरिया केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ आनंद में झूमने का पर्व है। पर्व में महिला और पुरुष समान रूप से कदम से कदम मिलाकर नृत्य करते हैं और पारंपरिक वेशभूषा में लोक संस्कृति की अद्भुत छटा बिखेरते हैं। ताड़ी जैसे पारंपरिक पेय का आनंद भी इस उत्सव का हिस्सा है। जनजातीय संस्कृति की अपनी विशिष्ट पहचान और महत्व है। इसी परंपरा को संरक्षित करने के लिये राज्य सरकार ने इस पर्व को राजकीय पर्व का दर्जा देकर इसकी गरिमा को और बढ़ाया गया है। यह बातें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बड़वानी जिले के जुलवानिया में भगोरिया उत्सव में कही।

बड़वानी के जुलवानिया में भगोरिया हाट में उस समय उल्लास और उमंग का अनूठा दृश्य देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनजातीय बंधुओं के भगोरिया उत्सव में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आगमन से पूरा हाट परिसर उत्साह, रंग और पारंपरिक उल्लास से सराबोर हो गया। जनजातीय संस्कृति की जीवंत छटा से सजे इस पारंपरिक पर्व में मांदल की गूंजती थाप, पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित नर्तक-नर्तकियों की मनमोहक प्रस्तुतियां तथा गुलाल से रंगीन वातावरण ने भगोरिया को और भी आकर्षक बना दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय कलाकारों के साथ मांदल की थाप पर कदम मिलाकर उनकी कला और परंपराओं के प्रति सम्मान व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निमाड़ क्षेत्र अपनी सांस्कृतिक समृद्धि, उत्सवधर्मिता और जीवन के प्रति आनंदमयी दृष्टिकोण के लिए प्रसिद्ध है। यहां प्रत्येक मौसम के अनुरूप त्यौहारों की परंपरा रही है, जिससे जीवन में उल्लास और सामूहिकता बनी रहे। पूर्वजों द्वारा स्थापित यह आनंदमयी परंपरा आज भी जीवंत है। सदियों से भगोरिया पर्व इस क्षेत्र में हर्ष, उमंग और लोक जीवन की ऊर्जा का प्रतीक बना हुआ है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निमाड़ का क्षेत्र, मां नर्मदा के आशीर्वाद से समृद्ध है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जल प्रबंधन एवं सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से सूखे खेतों तक पानी पहुंचा है और फसलें लहलहा रही हैं। यहां विविध प्रकार की फसलें, फल और सब्जियों का उत्पादन हो रहा है। प्राकृतिक खेती को भी किसान उत्साहपूर्वक अपना रहे हैं, जिसके कारण बड़वानी जिले के फल एवं सब्जियों की मांग देश-विदेश में बनी हुई है। अब लक्ष्य है कि फसल को खेत से कारखाने तक पहुंचाया जाए और फूड प्रोसेसिंग के माध्यम से किसानों के जीवन में व्यापक परिवर्तन लाया जाए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगोरिया के आनंद और बड़वानी की उन्नत कृषि को सम्मान देने के उद्देश्य से कृषि कैबिनेट का आयोजन किया गया, जिसमें किसान कल्याण वर्ष की पहली कैबिनेट में 27,500 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के निर्णय लिए गए। किसानों के हित में भावांतर भुगतान योजना में सोयाबीन पर 1,500 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की गई। लाड़ली बहनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिये 1,500 रुपये प्रतिमाह की सहायता दी जा रही है। किसान सम्मान निधि के माध्यम से किसानों को आर्थिक संबल प्रदान कर समान अवसर सुनिश्चित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कैबिनेट के साथ पहली बार भीलट देव के दर्शन कर मन आनंदित हुआ। निमाड़ महान संत सिंगाजी, दादा धूनिवाले जैसी विभूतियों की पावन भूमि है, जिन्होंने समरसता और सद्भाव का संदेश दिया। आपसी द्वेष और मतभेद भुलाकर प्रेम और भाईचारे के साथ होली का त्यौहार मनाने का संदेश देते हुए अग्रिम शुभकामनाएं दी गईं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बड़वानी जिले में उद्यानिकी फसलों का रकबा अधिक है। इसके विस्तार के लिये कोल्ड स्टोरेज, फूड प्रोसेसिंग इकाइयों के साथ आधुनिक सब्जी मंडी की स्थापना की जाएगी। जनजातीय बहुल क्षेत्रों के लिए पानसेमल एवं वरला माइक्रो सिंचाई उद्वहन परियोजनाओं को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इन परियोजनाओं से हजारों हैक्टेयर भूमि को स्थायी सिंचाई सुविधा मिलेगी और जनजातीय किसानों को सीधा लाभ होगा। खेतिया कृषि उपज मंडी को आदर्श मंडी के रूप में विकसित किया जाएगा। प्राकृतिक खेती के विस्तार के लिये 25 किसानों को अन्य राज्यों में प्रशिक्षण देकर मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया जाएगा। बीज उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 50 एकड़ क्षेत्र में आदर्श बीज उत्पादन केंद्र स्थापित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्षेत्र के विकास को नई गति प्रदान करते हुए विभिन्न महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पलसूद बायपास एवं ओझर बायपास का निर्माण कराया जाएगा, जिससे यातायात सुगम होगा और क्षेत्रीय आवागमन को नई सुविधा मिलेगी। साथ ही एबी रोड से भंवरगढ़ स्थित खाज्या नायक स्मारक तक पहुँच मार्ग का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों को बेहतर संपर्क सुविधा उपलब्ध हो सके। साथ ही दीवानी से जोगवाड़ा पहुँच मार्ग तक 5 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण भी कराया जाएगा। इन सभी कार्यों से क्षेत्र के विकास, व्यापारिक गतिविधियों और आमजन की सुविधा में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति ने भगोरिया हाट के उल्लास को और भी विशेष बना दिया, जहां परंपरा और आधुनिकता का सुंदर संगम नजर आया। जुलवानिया भगोरिया हाट में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष अन्तर सिंह आर्य, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, जिले के प्रभारी मंत्री एवं कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गौतम टेटवाल, सांसद गजेन्द्र पटेल, राज्यसभा सदस्य सुमेर सिंह सोलंकी, विधायक पानसेमल श्याम बरडे अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

अमेरिका-इजरायल के हमले में खामेनेई समेत ईरान की टॉप लीडरशिप खत्म

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अमेरिका-इजरायल के हमले में खामेनेई समेत ईरान की टॉप लीडरशिप खत्म
अमेरिका-इजरायल की ओर से ईरान पर किए गए ताबड़तोड़ हमलों में शनिवार (28 फरवरी) को उनके सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई. यही नहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की दूसरी और तीसरी लीडरशिप के भी खात्मे का दावा किया है. ट्रंप ने कहा कि यूएस-इजरायल के हवाई हमले में वह लोग भी मारे गए हैं, जिनको उनका संभावित उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जा रहा था. जिससे अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि ईरान की अगुवाई अब कौन करेगा.

‘दूसरे-तीसरे लेवल की लीडरशिप खत्म’
अमेरिकी चैनल एबीसी से बातचीत के दौरान रविवार (1 मार्च) को ट्रंप ने कहा, ‘अमेरिका-इजरायल का ईरान पर किए गए हमले की सफलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सत्ता संभालने वाले ज्यादातर उम्मीदवार मारे जा चुके हैं, दूसरे और तीसरे लेवल की लीडरशिप वाले भी खत्म हो चुके हैं.’ प्रमुख उम्मीदवारों के बाहर हो जाने के बाद, अब यह स्पष्ट नहीं है कि अगला नेता कौन बनेगा.

खामनेई परिवार के चार सदस्यों की मौत
खामेनेई के परिवार के चार सदस्यों की मौत का दावा किया जा रहा है, जिसमें उनकी एक बेटी और पोता भी शामिल बताए जा रहे हैं. पेंटागन ने इस ऑपरेशन को ‘एपिक फ्यूरी’ नाम दिया है और बताया है कि तीन अमेरिकी सैनिक मारे गए और पांच गंभीर रूप से घायल हुए.

अस्थायी परिषद संभाल रही सत्ता
ईरान के संविधान के मुताबिक, राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन, न्यायपालिका प्रमुख और संरक्षक परिषद के वरिष्ठ धर्मगुरु अयातुल्ला अलीरेजा अराफी वाली अस्थायी परिषद अंतरिम रूप से सर्वोच्च नेता को मिली शक्तियां संभालेगी. अराफी को अंतरिम नेता माना जा रहा है. हालांकि अब तक उन्होंने सार्वजनिक तौर पर कोई भाषण नहीं दिया है. ईरान का संविधान उन राजनीतिक गुटों पर प्रतिबंध लगाता है जो इस्लामी गणराज्य या सर्वोच्च नेता की संस्था को स्वीकार नहीं करते हैं, जिससे कोई औपचारिक विपक्ष नहीं बचता जो कोई विकल्प प्रस्तुत कर सके.

बता दें कि रजा पहलवी ने ईरान में प्रदर्शनकारियों के बीच प्रमुख चेहरे के तौर पर ध्यान खींचा है, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से उनको अभी तक कोई सार्वजनिक समर्थन मिलता हुआ नजर नहीं आया है.