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बांग्लादेश का प्रधानमंत्री बनते ही तारिक रहमान के नाम जुड़ा ये खास रिकॉर्ड

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बांग्लादेश का प्रधानमंत्री बनते ही तारिक रहमान के नाम जुड़ा ये खास रिकॉर्ड
बांग्लादेश में हुए 13वें संसदीय चुनाव में प्रचंड जीत हासिल करने के बाद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के मुखिया तारिक रहमान की आज यानी 17 फरवरी को ताजपोशी हो चुकी है. राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने तारिक रहमान को पीएम पद की शपथ दिलाई. ‘डॉर्क प्रिंस’ के प्रधानमंत्री बनने के साथ ही बांग्लादेश की राजनीति में एक नए अध्याय का आगाज हो गया है. 35 साल बाद यह पहला मौका है जब कोई पुरुष बांग्लादेश की कमान संभाल रहा है.

बांग्लादेश में ‘रहमान युग’ का आगाज
17 फरवरी को ढाका की जातीय संसद भवन में निर्वाचित हुए सांसदों ने शपथ ली. शपथ ग्रहण के बाद बांग्लादेश राष्ट्रीय पार्टी (बीएनपी) की संसदीय दल की मीटिंग हुई, जिसमें तारिक रहमान को औपचारिक रूप से बांग्लादेश का अगला प्रधानमंत्री चुना गया. वह बांगलादेश में मोहम्मद यूनुस की अगुवाई वाली अंतरिम सरकार से सत्ता संभालेंगे. अंतरिम सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के तख्तापलट के बाद करीब 18 महीने देश में सरकार चलाई थी.

रहमान संभालेंगे सत्ता
17 फरवरी को ढाका की जातीय संसद भवन में निर्वाचित हुए सांसदों ने शपथ ली. शपथ ग्रहण के बाद बांग्लादेश राष्ट्रीय पार्टी (बीएनपी) की संसदीय दल की मीटिंग हुई, जिसमें तारिक रहमान को औपचारिक रूप से बांग्लादेश का अगला प्रधानमंत्री चुना गया. वह बांगलादेश में मोहम्मद यूनुस की अगुवाई वाली अंतरिम सरकार से सत्ता संभालेंगे. अंतरिम सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के तख्तापलट के बाद करीब 18 महीने देश में सरकार चलाई थी.

संसद भवन में हुआ शपथ ग्रहण समारोह
बांग्लादेश में तारिक रहमान की अगुवाई वाली बीएनपी सरकार का शपथ ग्रहण समारोह मंगलवार (17 फरवरी) को ढाका में राष्ट्रीय संसद भवन के साउथ प्लाजा में आयोजित किया गया. बांग्लादेश और विदेश से लगभग 1,200 प्रतिष्ठित नव निर्वाचित सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए. भारत को भी बांग्लादेश की नई सरकार के शपथ ग्रहण का न्योता मिला था, जिसमें लोकसभा स्पीकर ओम बिरला शामिल हुए और तारिक रहमान को प्रधानमंत्री बनने की बधाई दी.

भारत से मजबूत रिश्ते के संकेत
भारत और बांग्लादेश के संबंधों में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान कुछ तनाव की स्थिति बनी थी, लेकिन तारिक रहमान की जीत के साथ दोनों देशों के रिश्ते दोबारा पटरी पर लौटने के आसार हैं. पीएम मोदी ने तारिक रहमान को फोन कर जीत की शुभकामनाएं दी थीं और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने को लेकर प्रतिबद्धता जताई थी.

‘हिंदू गर्जना रैली’ में टी. राजा सिंह ने हत्याकांड को बताया ‘लव जिहाद’

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‘हिंदू गर्जना रैली’ में टी. राजा सिंह ने हत्याकांड को बताया ‘लव जिहाद’
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में आयोजित ‘हिंदू गर्जना रैली’ में तेलंगाना के फायरब्रांड विधायक टी. राजा सिंह ने एक बार फिर विवादित और तीखे बयानों से सियासी पारा चढ़ा दिया है. शिवाजी जयंती के अवसर पर आयोजित धर्म सभा को संबोधित करते हुए राजा सिंह ने भोपाल के चर्चित सिया हत्याकांड को ‘लव जिहाद’ करार दिया और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से विशेष समुदाय के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की.

भोपाल के गुनगा इलाके में 33 वर्षीय सिया की हत्या और शव को सेप्टिक टैंक में छिपाने की घटना का जिक्र करते हुए राजा सिंह ने मंच से कहा, “हमारी गोंदिया की बेटी सिया को धोखे से लिव-इन में रखा गया और निकाह की बात करने पर उसे मार दिया गया.” हालांकि, पुलिस जांच में मुख्य आरोपी का नाम ‘शिवप्रसाद’ सामने आया है, लेकिन राजा सिंह ने मंच से आरोपी को ‘समीर’ कहकर संबोधित किया और इस घटना को ‘लव जिहाद’ और ‘मिशन नरसंहार’ का हिस्सा बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि यह एक जेहादी मानसिकता का परिणाम है.

CM मोहन यादव से की मांग
राजा सिंह ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से मांग करते हुए कहा कि प्रदेश में ऐसे अपराधियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि “वोटों के लालच में ऐसे लोगों को मुफ्त राशन और सरकारी मकान देना बंद किया जाए.” उन्होंने लव जिहाद, लैंड जिहाद और जिम जिहाद का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश की जनता अब ‘मुसलमान मुक्त मध्य प्रदेश’ चाहती है. उन्होंने सरकार से आरोपियों के घरों पर तत्काल बुलडोजर चलाने की अपील की.
ओवैसी और राजनीति पर तीखा प्रहार

अपने भाषण में राजा सिंह ने हैदराबाद के ओवैसी भाइयों पर भी जमकर निशाना साधा. उन्होंने ओवैसी भाइयों को ‘साले’ और खुद को उनका ‘जीजा’ बताते हुए कहा कि “भारत में रहना है तो वंदे मातरम कहना होगा.” राजनीति को ‘कीचड़’ बताते हुए राजा सिंह ने कहा कि वे अपने बेटे को नेता नहीं, बल्कि धर्म रक्षक ‘संभाजी महाराज’ जैसा बनाएंगे. उन्होंने तेलंगाना के मुख्यमंत्री को भी ‘वोट का भिखारी’ करार दिया.

साल 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण कब लगेगा ? क्या ये भारत में दिखेगा

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साल 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण कब लगेगा ? क्या ये भारत में दिखेगा
साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण खत्म हो चुका है. अब दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 को सावन अमावस्या पर लगेगा. इस दिन हरियाली अमावस्या रहेगी. शिव साधना के लिए ये दिन बहुत लाभकारी माना जाता है.

ये पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा, वैज्ञानिकों और खगोल प्रेमियों के लिए ऐसे ग्रहण हमेशा विशेष अध्ययन का अवसर प्रदान करते हैं. दूसरे सूर्य ग्रहण का समय, सूतक काल, क्या ये भारत में दिखेगा या नहीं, कहां कहां नजर आएगा सभी जानकारी यहां देखें.

12 अगस्त हरियाली अमावस्या पर सूर्य ग्रहण
पूर्ण सूर्य ग्रहण में चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य के ठीक बीच में आ जाता है और सूर्य को पूरी तरह से ढक लेता है, जिससे पृथ्वी के एक छोटे से हिस्से में कुछ देर के लिए दिन में रात जैसा अंधेरा छा जाता है.

भारत में दिखेगा दूसरा सूर्य ग्रहण ?
यह ग्रहण भारतीय समय के अनुसार, रात 9 बजकर 4 मिनट से आरंभ होगा. देश के लोग इसे प्रत्यक्ष रूप से नहीं देख पाएंगे. ऐसे में इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा.

कहां-कहां नजर आएगा
इस साल का दूसरा सूर्य ग्रहण अफ्रीका, यूरोप, आर्कटिक, स्पेन, उत्तरी अमेरिका, , ग्रीनलैंड, आइसलैंड में दिखाई देगा. भारत में भले ही ग्रहण दिखाई न दें, लेकिन राशियों पर इसका प्रभाव देखने को मिलता है. ऐसे में ग्रहण दोष से बचने के लिए कुछ विशेष उपाय जरुर करें.

ग्रहण दोष के अशुभ प्रभाव
दुर्घटना बढ़ जाती है. देश-दुनिया पर प्राकृति आपदा का खतरा रहता है.
वैवाहिक जीवन में अस्थिरता आती है.
वंश वृद्धि में अवरोध पैदा होते हैं, कई बार गर्भपात की स्थिति पैदा हो सकती है.
पिता के साथ रिश्तों में खटास की संभावना बढ़ जाती है.
निर्णय लेने की क्षमता क्षीण हो जाती है.

ग्रहण दोष से बचने के उपाय
ऋग्वेद में सूर्य ग्रहण को असुर स्वरभानु से जोड़ा गया है, जो बाद में भगवान् विष्णु के चक्र से अलग किये जाने पर राहु-केतु के नाम से जाने गए. ऋषि अत्री ने “अत्रिर्देवतां देवभिः सपर्यन् स्वरभानोरप हनद्विदत तमः” मंत्र का जाप कर स्वरभानु के फैलाए गए अंधकार को दूर किया था.

बांग्लादेश के नए PM तारिक रहमान को दिया दिल्ली आने का न्योता

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बांग्लादेश के नए PM तारिक रहमान को दिया दिल्ली आने का न्योता
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार (17 फरवरी) को बांग्लादेश के नव निर्वाचित प्रधानमंत्री तारिक रहमान से मुलाकात की और उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का व्यक्तिगत बधाई पत्र सौंपा. ओम बिरला, विदेश सचिव विक्रम मिसरी के साथ भारत सरकार की ओर से रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए. लोकसभा अध्यक्ष ने मालदीव के राष्ट्रपति, भूटान के प्रधानमंत्री और अन्य नेताओं से भी मुलाकात की.

तारिक रहमान को मिला दिल्ली आने का न्योता
लोकसभा अध्यक्ष ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, ‘बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के साथ एक सार्थक बैठक संपन्न हुई. मैंने पीएम मोदी का व्यक्तिगत पत्र उन्हें सौंपा, जिसमें पीएम मोदी ने तारिक रहमान को जल्द से जल्द भारत आने का निमंत्रण दिया.’

तारिक रहमान के साथ बैठक को लेकर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा, ‘मैंने भारत की जनता की ओर से हार्दिक बधाई दी और अपने दोनों पड़ोसी देशों के बीच स्थायी साझेदारी को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई.’ भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज हामिदुल्लाह ने कहा, ‘ओम बिरला ने भारत की ओर से शुभकामनाएं दीं और देश में आने का निमंत्रण दिया. दोनों नेताओं ने बांग्लादेश और भारत की जनता के कल्याण के लिए जन-केंद्रित सहयोग नीतियों पर मिलकर काम करने की आशा व्यक्त की.’

मोहम्मद यूनुस का कार्यकाल का हुआ अंत
तारिक रहमान के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेते ही मोहम्मद यूनुस नीत अंतरिम सरकार का 18 महीने से जारी शासन समाप्त हो गया, जिस दौरान बांग्लादेश में राजनीतिक अनिश्चितता और अराजकता की स्थिति रही थी. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बांग्लादेश के शीर्ष राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व की उपस्थिति में जातीय संसद के साउथ प्लाजा के खुले परिसर में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व किया. शपथ ग्रहण के बाद तारिक रहमान ने पद और गोपनीयता की शपथ वाले दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए.

साउथ एशिया के कई नेता शपथ ग्रहण में रहे मौजूद
तारिक रहमान पहली बार प्रधानमंत्री बने हैं और उनका कार्यकाल 5 साल का होगा. मोहम्मद यूनुस का शासनकाल के दौरान ढाका के नयी दिल्ली के साथ संबंधों में काफी गिरावट आई थी. बांग्लादेश के राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने समारोह में 25 मंत्रियों और 24 राज्य मंत्रियों को भी शपथ दिलाई. इस कार्यक्रम में भारत और पाकिस्तान सहित पड़ोसी देशों के कई नेता उपस्थित थे.

भारत-जिम्बाब्वे समेत सुपर-8 की सात टीमें कंफर्म

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भारत-जिम्बाब्वे समेत सुपर-8 की सात टीमें कंफर्म
2026 टी20 वर्ल्ड कप में सुपर-8 स्टेज की सात टीम सामने आ चुकी हैं. टूर्नामेंट के दोनों सह-मेजबान देश यानी भारत और श्रीलंका भी अगले चरण के लिए क्वालीफाई कर चुके हैं. मंगलवार को जिम्बाब्वे बनाम आयरलैंड मैच बारिश के कारण रद्द हो गया. इसके कारण ऑस्ट्रेलिया टी20 वर्ल्ड कप से बाहर हो गया है, जबकि जिम्बाब्वे सुपर-8 में जाने वाली कुल सातवीं टीम बन गई है. यहां देख लीजिए उन सभी टीमों की लिस्ट, जो अब तक सुपर-8 में अपनी जगह पक्की कर चुकी हैं.

सुपर-8 की सात टीम कंफर्म
अब तक कुल 7 टीम सुपर-8 स्टेज में प्रवेश पा चुकी हैं. इनके नाम भारत, श्रीलंका, जिम्बाब्वे, वेस्टइंडीज, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड अगले स्टेज में जगह पक्की कर चुके हैं. ग्रुप B से श्रीलंका और जिम्बाब्वे ने क्वालीफाई किया है, जबकि ऑस्ट्रेलिया बाहर हो गया है. ग्रुप C से वेस्टइंडीज और इंग्लैंड सुपर-8 में पहुंचे हैं, वहीं ग्रुप D से दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड ने क्वालीफाई किया है.

सात टीम हुईं कंफर्म- भारत, श्रीलंका, जिम्बाब्वे, वेस्टइंडीज, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड

पाकिस्तान पर लटकी तलवार
अब सबकी नजरें ग्रुप A पर जा टिकी हैं, जिसमें से भारत पहले ही सुपर-8 में जा चुका है. दूसरे स्लॉट के लिए पाकिस्तान और यूएसए के बीच जंग छिड़ी है. ग्रुप A में अभी यूएसए और पाकिस्तान, दोनों के चार-चार अंक हैं. मगर नेट रन-रेट के मामले में पाकिस्तान काफी पीछे है.

पाकिस्तान का ग्रुप स्टेज में आखिरी मैच 18 फरवरी को नामीबिया के साथ होगा. अगर पाक टीम यह मैच जीत लेती है तो वह सुपर-8 के लिए क्वालीफाई कर जाएगी, वहीं नामीबिया यदि पाकिस्तान को हरा देता है तो यूएसए सुपर-8 में जाकर नया इतिहास लिख देगा.

भारत-फ्रांस बनाएंगे एवरेस्ट की ऊंचाई तक उड़ाने वाला हेलीकॉप्टर – पीएम मोदी

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भारत-फ्रांस बनाएंगे एवरेस्ट की ऊंचाई तक उड़ाने वाला हेलीकॉप्टर – पीएम मोदी
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम पीएम मोदी ने कहा कि फ्रांस भारत के सबसे पुराने स्ट्रैटजिक पार्टनर में से एक है. उन्होंने कहा, ‘आज हम अपने संबंधों को स्पेशस, ग्लोबल, स्ट्रैटिजिक पार्टनरशिप के रूप में स्थापित कर रहे हैं. यह ग्लोबल स्टेबिलिटी और प्रोग्रेस की पार्टनरशिप है. राष्ट्रपति मैक्रों के साथ मिलकर हमने इस स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप को अभूतपूर्व गहराई और ऊर्जा दी है.’

पीएम मोदी ने H-125 हेलीकॉप्टर का किया जिक्र
पीएम मोदी ने एच-125 हेलीकॉप्टर के बारे में बात करते हुए कहा, ‘हमें गर्व है कि भारत और फ्रांस मिलकर माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई तक उड़ान भरने वाला विश्व का पहला हेलीकॉप्टर भारत में बनाएंगे. इसे हम पूरे विश्व को एक्सपोर्ट करेंगे. भारत और फ्रांस के बीच कोई बाउंड्री नहीं है. कुछ ही दिन पहले हमने ईयू से फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किया, ये फ्री ट्रेड एग्रीमेंट भारत और फ्रांस के संबंधों में भी अभूतपूर्व गति लाएगा.’

पीएम मोदी ने कहा, ‘इनोवेशन आईसोलेशन से नहीं, बल्कि कोलेबोरेशन से होता है. हर क्षेत्र में हम अपनी इंडस्ट्री और इनोवेशन को कलेक्ट करेंगे. हम अपने स्टूडेंट और रीर्सच के आदान-प्रदान को सुगम बनाएंगे. आज दुनिया अनसर्टेनिटी के दौर से गुजर रही है, हम इंटरनेशनल सोलर एलांएस, IMEC के जरिए समृद्धि को बल देते रहेंगे.’

आतंकवाद को जड़ से मिटाने के लिए प्रतिबद्ध: पीएम मोदी
ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी ने आतंकवाद और दुनिया के अलग-अलग क्षेत्रों छाए जंग की आहट की ओर इशारा किया. उन्होंने कहा, ‘यूक्रेन, पश्चिमी एशिया या फिर इंडो पेसिफिक, हम हर क्षेत्र में शांति के सभी प्रयासों का समर्थन करते रहेंगे. आतंकवाद के हर रूप और स्वरूप को जड़ से मिटाना हमारी साझी प्रतिबद्धता है. हम जल्द ही फ्रांस में स्वामी विवेकानंद कल्चर खोलने जा रहे हैं. आज हम मिलकर एक नए अध्याय का शुभारंभ कर रहे हैं.’

पीएम मोदी ने कहा, ‘हम हेल्थ में एआई के लिए इंडो-फ्रेंच सेंटर, डिजिटल साइंस एंड टेक्नोलॉजी के लिए इंडो-फ्रेंच सेंटर और एयरोनॉटिक्स में स्किलिंग के लिए नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस लॉन्च करेंगे. ये भविष्य-निर्माण के प्लेटफार्म हैं.’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘आज दुनिया अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है. ऐसे में भारत-फ्रांस साझेदारी वैश्विक स्थिरता के लिए एक ताकत है.’

आज रात हॉस्पिटल में रहेंगे सलीम खान

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आज रात हॉस्पिटल में रहेंगे सलीम खान
सलमान खान के पिता और मशहूर फिल्म राइटर सलीम खान की आज अचानक तबीयत बिगड़ गई थी. जिसके बाद सलीम खान को मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती करवाया गया. खान परिवार के सदस्य लगातार अस्पताल में सलीम खान की तबीयत देखने आते रहे. इसी बीच अब खबर है कि सलीम खान की तबीयत में अब कुछ सुधार आया है. लीलावती अस्पताल से एक बयान जारी हुआ है जिसमें बताया गया है कि अब सलीम खान की तबीयत कैसी है.

कैसी है सलीम खान की तबीयत?
सलीम खान की तबीयत के बारे में अब लीलावती हॉस्पिटल की तरफ से एक बयान जारी हुआ है. इस बयान में बताया गया है कि सलीम खान की तबीयत अब ठीक है लेकिन उन्हें आज रात और हॉस्पिटल में ही रहना होगा. अस्पताल से जारी बयान में लिखा गया है, ‘सभी को नमस्कार! ये सच है कि बॉलीवुड के मशहूर एक्टर सलमान खान के पिता श्री सलीम खान, जो खुद एक प्रतिष्ठित हस्ती हैं, को आज सुबह 8:30 बजे लीलावती अस्पताल के आईसीयू में डॉ. जलील पारकर के अंडर भर्ती कराया गया है’.

परिवार के सम्मान का रखा ध्यान
आगे इस स्टेटमेंट में लिखा है, ‘उन्हें उनकी फैमिली डॉक्टर संदीप चोपड़ा एमरजेंसी रूम में लेकर आए थे. एमरजेंसी रूम में ही पहली मंजिल पर पर स्थित ICU में स्थानांतरित कर दिया गया. डॉ. विनय चव्हाण (न्यूरोलॉजिस्ट), डॉ. अजीत मेनन (कार्डियोलॉजिस्ट), डॉ. नितिन डांगे (न्यूरोसर्जन) और डॉ. बिनीत आलूवालिया की टीम ने उनका इलाज किया. परिवार के अनुरोध का सम्मान करते हुए आज ज्यादा जानकारी शेयर नहीं की जा रही है.

सलीम खान की हालत है स्थिर
‘हालांकि, कल सुबह 11 बजे परिजनों की सहमति से और मरीज की गोपनीयता का पूर्ण ध्यान रखते हुए हम एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करेंगे. कृपया धैर्य रखें. उनकी हालत स्थिर है, लेकिन उन्हें आज रात अंडर ऑब्जर्वेशन रखा जा रहा है. सादर, डॉ. जलील पारकर।’

बता दें कि सलीम खान की तबीयत खराब होने की खबर सुनकर पूरा परिवार परेशान हो गया था. सभी सदस्य दौड़ते भागते हुए अस्पताल पहुंचे थे. सलमान खान भी अपनी फिल्म की शूटिंग को छोड़कर अस्पताल के लिए भागे. तो वहीं अलवीरा खान, अतुल अग्निहोत्री, हेलन आदि परिवार के सदस्य भी सलीम खान की देखने हॉस्पिटल आए थे.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव अभ्युदय इंडस्ट्री लीडरशिप कॉन्क्लेव 2026 में हुए शामिल

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव अभ्युदय इंडस्ट्री लीडरशिप कॉन्क्लेव 2026 में हुए शामिल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत आगे बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र में विकास की अपार संभावनाएं विद्मान हैं। औद्योगिक निवेश प्राप्त करने, सोलर एनर्जी उत्पादन, कृषि उत्पादन सहित अनेक मामलों में मध्यप्रदेश, देश का अग्रणी राज्य है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत@2047 में मध्यप्रदेश की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। हमारी सरकार ने मध्यप्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए सभी क्षेत्रों के लिए 25 वर्षों का दृष्टिपत्र तैयार किया गया है। प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय अभी 1 लाख 55 हजार रुपए है। अगले 25 साल में इसे 22 लाख 50 हजार करने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम कृषि क्षेत्र में लंबे समय से अग्रणी है, लेकिन एमएसएमई प्रदेश के औद्योगिक विकास की रीढ़ (बैक बोन) है। राज्य सरकार एमएसएमई और लघु-कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित ‘अभ्युदय इंडस्ट्री लीडरशिप कॉन्क्लेव 2026’ में एक निजी मीडिया संस्थान के संपादक प्रफुल्ल केटकर के साथ चर्चा में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चर्चा के दौरान प्रदेश की प्रगति, औद्योगिक विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से संबंधित प्रश्नों का बेबाकी से उत्तर दिया।

प्रदेश में लागू की 18 नई औद्योगिक नीतियों की विशेषताओं पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में औद्योगिक विकास बड़े शहरों के साथ छोटे शहरों तक भी पहुंचे, इसके लिए संभागीय स्तर पर अलग-अलग सेक्टर्स पर केंद्रित रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित की गई हैं। माइनिंग, टेक्सटाइल, टूरिज्म सहित अनेक क्षेत्रों में विकास की अपार संभावनाएं हैं। कटनी और शहडोल में माइनिंग सेक्टर में निवेश के लिए देश के शीर्ष उद्योगपति आगे आए हैं। नर्मदापुरम के बाबई-मोहासा में इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट्स तैयार करने के लिए औद्योगिक क्षेत्र विकसित हो रहा है, जहां उद्योग शुरू करने के लिए तेजी से निवेशक आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का युवा रोजगार देने वाले बनें, इसलिए स्वरोजगार और युवा उद्यमियों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रोत्साहन दिया जा रहा है। प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को भी नई गति मिली है। होम-स्टे से पर्यटकों को सुविधा मिलने के साथ ग्रामीणों को रोजगार के अवसर भी मिल रहे हैं। यही कारण है कि प्रदेश में बेरोजगारी दर तेजी से घट रही है। अब मध्यप्रदेश मात्र 1 से डेढ़ प्रतिशत बेरोजगारी दर वाला राज्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में एमएसएमई सेक्टर को प्रोत्साहन देने के साथ ही रोजगार आधारित उद्योग स्थापित करने पर निवेशकों को विशेष अनुदान दिया जा रहा है।

कृषक कल्याण वर्ष में किसानों की समृद्धि का संकल्प
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की समृद्धि के लिए कृषि उत्पादन के साथ फूड प्रोसेसिंग और पशुपालन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। कृषक कल्याण वर्ष में हमारा संकल्प है कि प्रदेश के किसान आत्मनिर्भर और समृद्ध हों। पशुपालन और दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए नई योजनाओं को लागू कर रहे हैं। राज्य सरकार ने प्रदेश में दूध उत्पादन 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य रखा है। राज्य का सिंचाई रकबा तेजी से बढ़ रहा है। पिछले डेढ़ साल में ही 7.5 लाख हैक्टेयर सिंचाई का रकबा बढ़ा है, इसे 100 लाख हैक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य है। नर्मदा का जल क्षिप्रा नदी में पहुंचने से मालवा अंचल के किसानों को भी लाभ मिला है।

नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन में बन रहे आत्मनिर्भर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन में देश में तीसरे स्थान पर आ चुका है। उत्तर प्रदेश के साथ मिलकर मुरैना में सोलर एनर्जी का बड़ा प्रोजेक्ट स्थापित किया जा रहा है। दोनों राज्य 6-6 महीने इससे निर्मित बिजली का उपयोग करेंगे। किसानों को सोलर पंप देकर बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बना रहे हैं। ग्रीनगो कंपनी ने आंध्र प्रदेश के बाद देश में दूसरा पंप स्टोरेज मंदसौर के गांधी सागर बांध में लगाया है, जिसे 2 साल की अल्प अवधि में पूर्ण किया गया है। मध्यप्रदेश पड़ौसी राज्यों के साथ बेहतर संबंध स्थापित करते हुए जल बंटवारे, नदी जोड़ो अभियान और नशे के खिलाफ अभियान चला रहा है।

प्रदेश के समग्र विकास को गति प्रदान करेगा बजट
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत हो गई है। राज्य सरकार ने 5 साल में प्रदेश का बजट दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। आगामी 18 फरवरी को राज्य सरकार बजट पेश करेगी, जो प्रदेश के समग्र विकास को गति प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास के लिए शहरीकरण और औद्योगिकरण दोनों आवश्यक हैं। इंदौर और भोपाल में मेट्रोपोलिटन एरिया विकसित किए जा रहे हैं। सरकार ने पहले औद्योगिकरण पर जोर दिया, क्योंकि जब उद्योग स्थापित होंगे तो शहर भी विकास करते जाएंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री शाह के नेतृत्व में मध्यप्रदेश 31 मार्च की डेडलाइन से पहले नक्सलवाद से मुक्त होने वाला पहला राज्य बना है। इस उपलब्धि में हमारी हॉक फोर्स और पुलिस के जवानों की अहम भूमिका रही है। अब दोबारा नक्सलवाद प्रदेश की धरती पर न पनपे, इसके लिए समेकित रूप से विकास योजनाएं बनाकर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

युवाओं के कौशल उन्नयन पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि औद्योगिक गतिविधियों बढ़ने से भविष्य में हमें बड़े पैमाने पर कुशल कामगारों की आवश्यकता होगी। इसके लिए शिक्षा नीति 2020 लागू करने के बाद सरकार युवाओं के कौशल उन्नयन के लिए विशेष व्यवस्था कर रही है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस के सकारात्मक उपयोग और भावी चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार है। तकनीक को प्रोत्साहित करने के लिए इंजीनियरिंग कॉलेजों में आईटी सेंटर खोलने की शुरुआत हुई है। हम युवाओं को तकनीकी रूप से मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

संवाद कार्यक्रम में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य काश्यप विशेष रूप से उपस्थित थे। भारत प्रकाशन के प्रबंध निदेशक अरुण कुमार गोयल ने सभी का आभार व्यक्त किया।

आस्था, संस्कृति और रामकथा से आलोकित हुआ राजिम कुंभ कल्प 2026

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आस्था, संस्कृति और रामकथा से आलोकित हुआ राजिम कुंभ कल्प 2026
छत्तीसगढ़ के प्रयाग राजिम की पावन धरा पर आयोजित राजिम कुंभ कल्प 2026 में आस्था, संस्कृति और अध्यात्म का अद्भुत संगम देखने को मिला। त्रिवेणी संगम के पावन तट पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या में सुप्रसिद्ध कलाकार एवं भगवान श्रीराम की भूमिका से जनमानस में विशेष पहचान रखने वाले अरुण गोविल ने “सुनो राम कहानी” की भावपूर्ण प्रस्तुति दी, जिससे संपूर्ण परिसर भक्ति और श्रद्धा के दिव्य वातावरण से ओतप्रोत हो उठा।

इस अवसर पर अरुण गोविल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आत्मीय भेंट की तथा राजिम कुंभ कल्प के भव्य आयोजन और उत्कृष्ट व्यवस्थाओं की सराहना की। मुख्यमंत्री साय ने उन्हें स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। गोविल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत, जनआस्था और लोगों का आत्मीय स्नेह उनके लिए अविस्मरणीय अनुभव रहा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी सनातन परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक चेतना का जीवंत उत्सव है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आस्था, संस्कृति और पर्यटन के संरक्षण-संवर्धन के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है तथा ऐसे आयोजनों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर और सशक्त हो रही है।

कार्यक्रम में खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, महासमुंद सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, राजिम विधायक रोहित साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधियों, संत-महात्माओं एवं श्रद्धालुओं की गरिमामयी उपस्थिति थी।

उल्लेखनीय है कि राजिम कुंभ कल्प 2026 के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान, धार्मिक पर्यटन और आध्यात्मिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल रही है। राज्य सरकार द्वारा आयोजित यह महोत्सव आस्था, संस्कृति और पर्यटन संवर्धन का सशक्त माध्यम बनकर उभर रहा है।

17 फरवरी से CBSE बोर्ड 10वीं-12वीं परीक्षा शुरू

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17 फरवरी से CBSE बोर्ड 10वीं-12वीं परीक्षा शुरू
सीबीएसई कक्षा दसवीं और बारहवीं की बोर्ड (CBSE Board Exam 2026) परीक्षा 17 फरवरी मंगलवार से शुरू होंने वाली है। इसमें करीब 46 लाख से ज्यादा शामिल होंगे। परीक्षा की शुरुआत सुबह 10:30 बजे होगी। स्टूडेंट्स को सुबह 10:00 बजे तक एग्जामिनेशन हॉल में प्रवेश करना होगा। इसके बाद किसी भी उम्मीदवार को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। परीक्षा शुरू होने से पहले केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने स्कूलों और छात्रों के लिए महत्वपूर्ण नोटिस जारी किया है।

दरअसल, सीबीएसई को कुछ अनुरोध मिले हैं, जिसमें कुछ वजह से साथ कक्षा दसवीं से पहले बोर्ड एग्जाम में नहीं बैठ पाएंगे। साथ ही दूसरे बोर्ड परीक्षा में बैठने की मांग कर रहे हैं। इसे लेकर बोर्ड ने स्पष्टीकरण जारी किया है। सभी छात्रों को पहले बोर्ड परीक्षा में शामिल होना होगा।

सभी पास हुए या पात्र स्टूडेंट्स को विज्ञान, गणित, सोशल साइंस और लैंग्वेज में से किसी भी तीन सब्जेक्ट में अपनी परफॉर्मेंस सुधारने की अनुमति होगी। अगर कोई छात्र पहले एग्जाम में तीन या इससे ज्यादा सब्जेक्ट में शामिल नहीं हुआ है, तो उसे दूसरे परीक्षा में बैठने की इजाजत नहीं दी जाएगी। ऐसे छात्रों को “एसेंशियल रिपीट” कैटेगरी में रखा जाएगा। वे अगले साल फरवरी महीने में होने वाली मुख्य परीक्षा में शामिल हो पाएंगे।

स्कूलों को सख्त निर्देश जारी
सीबीएसई ने सभी परीक्षा केंद्रों को एडमिट कार्ड के मुताबिक में विषयों का प्रश्न पत्र देने का निर्देश दिया है। बोर्ड ने कहा कि विषय में कोई बदलाव नहीं होना चाहिए। गणित स्टैन्डर्ड, गणित बेसिक, इंग्लिश, हिंदी, संस्कृत, उर्दू वगैराह विषयों के पेपर प्रवेश पत्र में जैसे विषयों के दो अलग-अलग सब्जेक्ट कोड होते हैं। लेकिन इनका सिलेबस अलग होता है। स्कूलों को सुनिश्चित करना होगा कि प्रश्न पत्र बांटते समय कोई गड़बड़ी न हो। इस दौरान सावधानी बरतना अनिवार्य होगा। यदि कोई स्टूडेंट बोर्ड द्वारा जारी निर्देशों के खिलाफ एग्जाम देता है, तो उसकी परीक्षा भी रद्द कर दी जाएगी। इसी के हिसाब से छात्र का रिजल्ट तैयार किया जाएगा। सीबीएसई दे निर्देशों का अनुपालन न करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।