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DPL में युवा बल्लेबाज सांसद पप्पू यादव के बेटे ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की

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दिल्ली प्रीमियर लीग (DPL) में एक बार फिर युवा बल्लेबाज ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से क्रिकेट प्रशंसकों का ध्यान खींचा। सांसद पप्पू यादव के बेटे ने मुकाबले में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए लगातार बड़े शॉट लगाए और अपनी टीम के लिए अहम पारी खेली।

मैच के दौरान उनकी बल्लेबाजी का अंदाज बेहद आक्रामक रहा। गेंदबाजों पर दबाव बनाते हुए उन्होंने कई गेंदों को बाउंड्री के पार पहुंचाया। उनकी पारी में लगातार छक्कों की झड़ी देखने को मिली, जिसके बाद मैदान पर मौजूद दर्शकों में खासा उत्साह नजर आया।

युवा बल्लेबाज ने पारी के दौरान अपनी टाइमिंग और शॉट चयन से प्रभावित किया। उन्होंने तेज रन गति बनाए रखी और टीम के स्कोर को मजबूत स्थिति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी इस पारी की चर्चा सोशल मीडिया पर भी होने लगी।

DPL में इससे पहले भी वह अपनी बल्लेबाजी से सुर्खियां बटोर चुके हैं। लगातार प्रभावी प्रदर्शन के बाद क्रिकेट प्रशंसकों की नजर अब उनके आगामी मुकाबलों पर टिकी है। अगर उनका शानदार फॉर्म जारी रहता है तो टूर्नामेंट में उनकी टीम को इसका बड़ा फायदा मिल सकता है।

युवा खिलाड़ी की आक्रामक बल्लेबाजी ने एक बार फिर साबित किया कि घरेलू क्रिकेट में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कोई कमी नहीं है। DPL जैसे मंच युवा क्रिकेटरों को अपनी प्रतिभा दिखाने और आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान कर रहे हैं।

मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने का खास दिन, जानें वरलक्ष्मी व्रत की तारीख और पूजा विधि

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हिंदू धर्म में वरलक्ष्मी व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। यह व्रत माता लक्ष्मी के वरलक्ष्मी स्वरूप को समर्पित होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन विधि-विधान से पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि, धन-धान्य और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। वर्ष 2026 में वरलक्ष्मी व्रत 28 अगस्त, शुक्रवार को रखा जाएगा। यह व्रत श्रावण शुक्ल पक्ष के अंतिम शुक्रवार को मनाया जाता है।

वरलक्ष्मी व्रत 2026 की तारीख
इस साल वरलक्ष्मी व्रत 28 अगस्त 2026 को रखा जाएगा। दक्षिण भारत में इस पर्व को विशेष श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। व्रत के दिन महिलाएं माता लक्ष्मी की पूजा कर परिवार की सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं।

वरलक्ष्मी पूजा का शुभ समय
पूजा का सबसे सही समय स्थानीय पंचांग और स्थान के अनुसार निर्धारित किया जाता है। इसलिए पूजा का मुहूर्त अपने शहर के सूर्योदय और तिथि के आधार पर देखना उचित माना जाता है। वरलक्ष्मी व्रत श्रावण शुक्ल पक्ष के अंतिम शुक्रवार को पड़ता है।

वरलक्ष्मी व्रत की पूजा विधि
सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें और पूजा स्थल को साफ करें। इसके बाद चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर कलश स्थापित करें। कलश में जल भरकर उसमें अक्षत, सुपारी और सिक्का डालें तथा आम के पत्ते लगाकर ऊपर नारियल रखें।

इसके बाद कलश को माता लक्ष्मी के स्वरूप के रूप में सजाएं। माता लक्ष्मी की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक जलाएं और उन्हें फूल, अक्षत, रोली, कुमकुम, फल और मिठाई अर्पित करें। इसके बाद लक्ष्मी मंत्र का जाप करें और वरलक्ष्मी व्रत की कथा का श्रवण या पाठ करें।

पूजा के अंत में माता लक्ष्मी की आरती करें और परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें। धार्मिक परंपराओं में कलश, नारियल और आम के पत्तों से पूजा करने को वरलक्ष्मी पूजन का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।

इन बातों का रखें ध्यान
वरलक्ष्मी व्रत के दौरान श्रद्धालुओं को सात्विक भोजन, संयम और शुद्धता का पालन करना चाहिए। पूजा में मन को शांत रखते हुए माता लक्ष्मी का ध्यान करना चाहिए। व्रत रखने की क्षमता व्यक्ति की सेहत और व्यक्तिगत परिस्थितियों पर निर्भर करती है, इसलिए स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर कठोर उपवास से बचना उचित है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, वरलक्ष्मी व्रत श्रद्धा और विधि-विधान से करने पर माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और परिवार में सुख, शांति एवं समृद्धि बनी रहती है।

त्योहारों से पहले महंगी हुई चीनी, कीमत में करीब 20% का उछाल

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त्योहारी सीजन से पहले चीनी की कीमतों में तेज उछाल ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले करीब 12 दिनों में खुदरा बाजार में चीनी का भाव लगभग ₹52 से बढ़कर ₹62 प्रति किलो तक पहुंच गया है, यानी कीमत में करीब 19-21 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

थोक बाजार में भी रिकॉर्ड तेजी
चीनी के थोक भाव में भी जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है। उत्तर प्रदेश में एक्स-फैक्ट्री कीमतें ₹5,400 प्रति क्विंटल के पार पहुंच गई हैं, जबकि दिल्ली और मुजफ्फरनगर जैसे प्रमुख बाजारों में थोक भाव करीब ₹5,800 और ₹5,754 प्रति क्विंटल तक बताए जा रहे हैं।

हालांकि, सरकारी मूल्य निगरानी के आंकड़ों के अनुसार देश में चीनी का औसत खुदरा भाव करीब ₹51.68 प्रति किलो है। अलग-अलग शहरों और बाजारों में स्थानीय मांग और आपूर्ति के कारण वास्तविक खुदरा कीमत इससे अधिक हो सकती है।

आखिर क्यों बढ़ रहे हैं चीनी के दाम?
चीनी की कीमतों में तेजी के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। त्योहारी सीजन से पहले मांग बढ़ रही है, जबकि घरेलू बाजार में उपलब्धता को लेकर दबाव बना हुआ है। कम उत्पादन, गन्ने की उपलब्धता और एथेनॉल उत्पादन की ओर गन्ने के इस्तेमाल जैसे कारकों ने भी बाजार को प्रभावित किया है।

आने वाले महीनों में गणेश चतुर्थी, दशहरा और दिवाली जैसे त्योहारों के कारण चीनी की मांग और बढ़ने की संभावना है। इसी वजह से कीमतों पर दबाव बना हुआ है।

सरकार ने उठाए कदम
बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने चीनी के स्टॉक को लेकर नियम और सख्त किए हैं। 1 सितंबर से 30 नवंबर तक प्रति माह 10 मीट्रिक टन से अधिक चीनी का इस्तेमाल करने वाले थोक उपभोक्ताओं के लिए स्टॉक सीमा 15 दिनों की खपत तक निर्धारित की गई है।

इसके अलावा सरकार रिकॉर्ड कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सीमित शुल्क-मुक्त चीनी आयात और अन्य उपायों पर भी विचार कर रही है।

ऐसे में आने वाले दिनों में सरकार के फैसलों और बाजार में चीनी की उपलब्धता पर कीमतों की दिशा काफी हद तक निर्भर करेगी।

NCERT की पॉलिटिकल साइंस की किताबों को अपडेट करने की तैयारी शुरू

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राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) की पॉलिटिकल साइंस की किताबों को अपडेट करने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए नई टीम का गठन किया गया है, जो पाठ्यक्रम और पुस्तकों की मौजूदा सामग्री की समीक्षा कर आवश्यक बदलावों पर काम करेगी।

नई टीम का मुख्य उद्देश्य राजनीतिक विज्ञान की पुस्तकों को वर्तमान शैक्षणिक जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है। टीम पाठ्यक्रम में शामिल विषयों, अध्यायों और अध्ययन सामग्री की समीक्षा करेगी। इसके बाद विशेषज्ञों की राय के आधार पर पुस्तकों में आवश्यक संशोधन किए जा सकते हैं।

NCERT की पाठ्यपुस्तकें देशभर के स्कूलों में विद्यार्थियों की पढ़ाई का महत्वपूर्ण आधार हैं। ऐसे में पॉलिटिकल साइंस की किताबों में होने वाले बदलावों पर शिक्षकों, विद्यार्थियों और शिक्षा जगत की भी नजर रहेगी।

बताया जा रहा है कि नई टीम शैक्षणिक दृष्टिकोण से विषय-वस्तु की प्रासंगिकता, तथ्यात्मकता और विद्यार्थियों की समझ के स्तर का भी ध्यान रखेगी। समीक्षा प्रक्रिया पूरी होने के बाद संशोधित पुस्तकों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा सकता है।

पॉलिटिकल साइंस की किताबों को अपडेट करने की यह कवायद नई शिक्षा नीति के अनुरूप पाठ्यक्रम और अध्ययन सामग्री को समयानुकूल बनाने की व्यापक प्रक्रिया का हिस्सा मानी जा रही है।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार के अवसरों से संवर रहा प्रदेश के बच्चों का भविष्य : सीएम साय

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नए प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि प्रदेश के बच्चों और युवाओं को बेहतर शिक्षा के साथ रोजगार के नए अवसर मिल सकें। सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ उनके कौशल विकास पर भी विशेष ध्यान देना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज और राज्य के विकास की मजबूत नींव है। राज्य सरकार स्कूलों और उच्च शिक्षा संस्थानों में सुविधाओं के विस्तार, आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता और विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने की दिशा में काम कर रही है। इसके साथ ही युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा और प्रशिक्षण से जोड़ने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि बच्चों को उनकी प्रतिभा और रुचि के अनुरूप आगे बढ़ने के अवसर मिलें, इसके लिए सरकार विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षा एवं कौशल विकास को बढ़ावा दे रही है। इससे विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे भविष्य में रोजगार के साथ स्वरोजगार के क्षेत्र में भी आगे बढ़ सकेंगे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के बच्चों और युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता उन्हें सही दिशा, बेहतर अवसर और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की है। राज्य सरकार इसी सोच के साथ शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रही है।

उन्होंने विश्वास जताया कि इन प्रयासों से छत्तीसगढ़ के बच्चे शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल करेंगे और प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

महिला जन प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री निवास में मनाया सावन का उत्सव, दिखी लोक संस्कृति की झलक

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मुख्यमंत्री निवास में महिला जन प्रतिनिधियों ने सावन के अवसर पर उत्साह और उल्लास के साथ पारंपरिक पर्व की खुशियां मनाईं। कार्यक्रम में महिलाओं ने सावन के गीतों, झूले और पारंपरिक गतिविधियों का आनंद लिया। पूरे आयोजन में छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और परंपराओं की झलक देखने को मिली।

सावन के इस विशेष आयोजन में महिला जन प्रतिनिधियों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं और आपसी संवाद के साथ उत्सव का आनंद उठाया। कार्यक्रम का वातावरण गीत-संगीत और उमंग से सराबोर रहा। महिलाओं ने सावन से जुड़ी पारंपरिक रीति-रिवाजों और लोक परंपराओं को भी उत्साहपूर्वक मनाया।

महिला जन प्रतिनिधियों ने कहा कि इस तरह के आयोजन सामाजिक और सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूत करने के साथ महिलाओं को एक-दूसरे के साथ संवाद और अनुभव साझा करने का अवसर देते हैं। सावन का पर्व भारतीय संस्कृति में उल्लास, हरियाली और पारिवारिक सौहार्द का प्रतीक माना जाता है।

मुख्यमंत्री निवास में आयोजित इस कार्यक्रम ने महिला जन प्रतिनिधियों के बीच उत्साह और आत्मीयता का माहौल बनाया। आयोजन के दौरान छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और महिला सहभागिता का सुंदर संगम देखने को मिला।

विकास की नई इबारत लिखेगी युवा शक्ति, CM साय बोले- बनेगा विकसित छत्तीसगढ़

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि देश और प्रदेश के विकास में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा, नवाचार और रचनात्मक सोच के माध्यम से ही विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज के युवा नई तकनीक को अपनाने के साथ-साथ समाज और राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में युवाओं को शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के युवा अपनी प्रतिभा का उपयोग कर आत्मनिर्भर बनें और विकास की मुख्यधारा में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

उन्होंने कहा कि नवाचार और तकनीक के क्षेत्र में युवाओं के लिए नए अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं। स्टार्टअप, डिजिटल सेवाओं, कौशल विकास और उद्यमिता को बढ़ावा देकर युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी ऊर्जा और रचनात्मकता का सकारात्मक उपयोग करते हुए प्रदेश और देश के विकास में भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति के संकल्प, परिश्रम और नवाचार से छत्तीसगढ़ विकास की नई ऊंचाइयों को हासिल करेगा और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

कृषि विविधीकरण से किसानों को मिलेगा लाभ, पशुपालन और उद्यानिकी को बढ़ावा दे रही सरकार

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के कल्याण और उनकी आय बढ़ाने के लिए कृषि के साथ-साथ पशुपालन और उद्यानिकी को भी लगातार बढ़ावा दे रही है। सरकार का प्रयास है कि किसानों को खेती के साथ आय के अतिरिक्त साधन उपलब्ध हों और वे आर्थिक रूप से अधिक मजबूत बनें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से जोड़ने, उत्पादन बढ़ाने और किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने के साथ किसानों को उद्यानिकी फसलों की ओर भी आकर्षित किया जा रहा है, जिससे कम लागत में बेहतर आय के अवसर मिल सकें।

उन्होंने कहा कि पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। दुग्ध उत्पादन, पशुधन संवर्धन और पशुपालन से जुड़ी गतिविधियों को प्रोत्साहन देकर किसानों की आमदनी बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार किसानों को आधुनिक पशुपालन तकनीक और आवश्यक सुविधाओं से जोड़ने पर भी जोर दे रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्यानिकी क्षेत्र में फल, सब्जी, मसाला और फूलों की खेती की व्यापक संभावनाएं हैं। किसानों को इन क्षेत्रों में आगे बढ़ाने के लिए तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि कृषि, पशुपालन और उद्यानिकी को एक-दूसरे से जोड़कर किसानों के लिए आय के विविध स्रोत तैयार किए जा सकते हैं। प्रदेश सरकार इसी समग्र दृष्टिकोण के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

लखनऊ में जमीन खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर, सौमित्र विहार योजना में 5,000 से ज्यादा प्लॉट

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राजधानी लखनऊ में अपना घर बनाने का सपना देख रहे लोगों के लिए बड़ी खबर है। सौमित्र विहार योजना के तहत 5,000 से अधिक आवासीय प्लॉट उपलब्ध कराने की तैयारी है। इन प्लॉटों की कीमत करीब 25 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर निर्धारित किए जाने की जानकारी सामने आई है।

योजना के तहत विभिन्न आकार के आवासीय भूखंड विकसित किए जाएंगे, जिससे अलग-अलग बजट और जरूरत वाले लोगों को घर बनाने का अवसर मिल सके। बड़ी संख्या में प्लॉट उपलब्ध होने से लखनऊ में आवास की मांग को पूरा करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

सौमित्र विहार योजना को सुनियोजित आवासीय विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। योजना में सड़क, जल निकासी, बिजली और अन्य जरूरी बुनियादी सुविधाओं के विकास पर भी ध्यान दिया जाएगा, ताकि भविष्य में यहां रहने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

प्लॉट खरीदने वालों के लिए जरूरी बातें
योजना में प्लॉट की दर करीब 25,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर बताई जा रही है। हालांकि, प्लॉट का अंतिम आवंटन, आवेदन प्रक्रिया, पात्रता, पंजीकरण की तारीख और अन्य शर्तों से जुड़ी आधिकारिक जानकारी संबंधित प्राधिकरण की ओर से जारी की जाएगी।

लखनऊ में लगातार बढ़ती आवासीय मांग के बीच सौमित्र विहार योजना लोगों के लिए अपने घर का सपना पूरा करने का एक महत्वपूर्ण अवसर बन सकती है। 5,000 से अधिक प्लॉट उपलब्ध होने से बड़ी संख्या में परिवारों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।

माफियाओं के बहाने सपा पर बरसे CM योगी, गाजीपुर में विपक्ष को जमकर घेरा

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजीपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रदेश में कानून-व्यवस्था और अपराध के मुद्दे पर अपनी सरकार की नीति को स्पष्ट करते हुए कहा कि माफिया और अपराधियों के खिलाफ सरकार ने सख्त कार्रवाई की है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “मैंने माफियाओं को मिट्टी में मिलाया, सपा उनकी कब्र पर फातिहा पढ़ रही है।” उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी का रवैया अपराध और माफिया तत्वों के प्रति नरम रहा है, जबकि उनकी सरकार ने प्रदेश में कानून का राज स्थापित करने के लिए कठोर कदम उठाए हैं।

सीएम योगी ने कहा कि पहले प्रदेश में अपराध और माफिया का प्रभाव आम लोगों के लिए बड़ी चुनौती था। उनकी सरकार ने अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई और कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में निवेश और विकास का माहौल बना है तथा आम नागरिक खुद को पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित महसूस कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक दल अपराधियों और माफिया के प्रति सहानुभूति रखते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता प्रदेश के नागरिकों की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था को मजबूत करना और विकास को गति देना है।

गाजीपुर में अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने सरकार की उपलब्धियों और विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास की योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है और कानून-व्यवस्था में सुधार के साथ उत्तर प्रदेश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर भी सरकार का विशेष जोर है।