Home Blog

जिम्बाब्वे टी20 सीरीज के लिए टीम इंडिया का एलान, संजू सैमसन बाहर

0

जिम्बाब्वे टी20 सीरीज के लिए टीम इंडिया का एलान, संजू सैमसन बाहर
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने सोमवार (06 जुलाई) को जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की टी20 सीरीज के लिए 15 सदस्यीय टीम इंडिया का एलान कर दिया है. स्क्वॉड से विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन का नाम गायब रहा. वहीं तेज गेंदबाज मयंक यादव की वापसी हुई. इसके अलावा कुछ अनकैप्ड खिलाड़ियों को भी स्क्वॉड का हिस्सा बनाया गया है. सीरीज 23 जुलाई से शुरू होगी, जिसके लिए टीम इंडिया जिम्बाब्वे का दौरा करेगी. सभी मैच हरारे में होंगे.

15 साल के वैभव सूर्यवंशी को इस सीरीज में भी जगह दी गई है. जैसे इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 में भारत की प्लेइंग 11 से संजू की जगह वैभव को जगह दी गई थी. वैसे ही स्क्वॉड में भी संजू की जगह वैभव को मौका दिया है. हालांकि बोर्ड ने संजू के बाहर होने का कोई कारण नहीं बताया है.

मयंक यादव और रिंकू सिंह की वापसी, अनकैप्ड खिलाड़ियों को भी मौका
पिछले दो साल से इंजरी के कारण बाहर चल रहे तेज गेंदबाज मयंक यादव को भी टीम का हिस्सा बनाया गया है. उन्होंने भारत के लिए पिछला मैच अक्टूबर 2024 में खेला था. इसके अलावा बाएं हाथ के स्टार बल्लेबाज रिंकू सिंह की भी वापसी हुई है. रिंकू ने मेन इन ब्लू के लिए पिछला मैच इस साल फरवरी में खेला था. आयरलैंड और इंग्लैंड टी20 सीरीज में उन्हें जगह नहीं मिली थी.

वहीं टीम में अनकैप्ड तेज गेंदबाज यश ठाकुर, अशोक शर्मा और विकेटकीपर बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह को शामिल किया गया. यश और प्रभसिमरन पंजाब किंग्स के लिए खेलते हैं. अशोक शर्मा गुजरात टाइटंस का हिस्सा हैं.

इस बार सावन में पड़ेंगे 4 सोमवार

0

इस बार सावन में पड़ेंगे 4 सोमवार
सनातन धर्म में सावन के महीने का अधिक महत्व है। इस पूरे महीने में भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने का विधान है। साथ ही सोमवार और मंगलवार का व्रत किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, महादेव की साधना करने से वैवाहिक जीवन में आने वाली बाधा दूर होती है और मनचाहा जीवनसाथी मिलता है।

ऐसी मान्यता है कि सावन के महीने में भगवान शिव कैलाश पर्वत से अपनी ससुराल कनखल आते हैं। इसलिए सावन में महादेव की पूजा का खास महत्व है।

इस दिन से शुरू होगा सावन 2026
वैदिक पंचांग के अनुसार, सावन के पवित्र महीने की शुरुआत 30 जुलाई से होगी, वहीं, इसका समापन 28 अगस्त को होगा। इस बार सावन में 4 सोमवार पड़ेंगे।

सावन सोमवार व्रत पूजा समाग्री
धतूरा, बेलपत्र, गंगाजल, गाय का दूध, दही, इलायची, लौंग, रुद्राक्ष, भस्म, सफेद चंदन, पान का पत्ता, बेलपत्र, शहद, शक्कर, घी, कपूर, रुइ की बत्ती, धूप, दीया, नैवेद्य

इस तरह करें सावन सोमवार व्रत
सुबह जल्दी उठें और स्नान करें- सावन सोमवार व्रत के दिन सुबह जल्दी उठें और स्नान करने के बाद साफ कपड़े धारण करें।

व्रत का संकल्प लें- मंदिर की सफाई करने के बाद भगवान शिव के सामने बैठकर व्रत का संकल्प लें। इस दौरान किसी के बारे में कुछ गलत न सोचें। मन शांत होना चाहिए।

पंचामृत से अभिषेक करें- इसके बाद भगवान शिव का पंचामृत से अभिषेक करें। देसी घी दीपक जलाकर आरती करें और मंत्रों का जप करें।

व्रत कथा का पाठ करें- पूजा के दौरान व्रत कथा का पाठ जरूर करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि व्रत कथा का पाठ न करने से साधक को व्रत का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता है। इस दौरान शिव चालीसा का पाठ जरूर करें।
इन बातों का रखें ध्यान

व्रत के दौरान किसी से वाद-विवाद न करें।
काले रंग के कपड़े धारण न करें।
तामसिक चीजों का सेवन न करें।
घर और मंदिर की सफाई का ध्यान रखें।

एआई-रेडी और ग्रीन डेटा हब बनेगा उत्तर प्रदेश

0

एआई-रेडी और ग्रीन डेटा हब बनेगा उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश को वैश्विक स्तर पर एक अत्याधुनिक और टिकाऊ तकनीकी महाशक्ति बनाने की दिशा में योगी सरकार ने सोमवार को एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में बहुप्रतीक्षित ‘उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर नीति-2026’ को हरी झंडी दे दी गई। इस महत्वाकांक्षी नीति का मुख्य उद्देश्य यूपी को देश का पहला ‘ग्रीन, एआई-रेडी और वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी’ डेटा सेंटर हब बनाना है।

इस नई नीति के जरिए सरकार ने प्रदेश में 2 गीगावाट की अतिरिक्त क्षमता विकसित करने और 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक का भारी-भरकम निवेश आकर्षित करने का रोडमैप तैयार किया है। इसके साथ ही, इस पूरी योजना से प्रदेश के करीब 50 हजार युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना जताई जा रही है।

तैयार होगा वैश्विक इकोसिस्टम, बुंदेलखंड-पूर्वांचल को विशेष बूस्ट
कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील शर्मा ने बताया कि पुरानी नीति के 27 जनवरी 2026 को समाप्त होने के बाद, बदलते तकनीकी परिदृश्य को देखते हुए यह नई और उन्नत नीति लाई गई है। इस बार सरकार का विशेष ध्यान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और पर्यावरण संरक्षण पर है।

50 हजार से अधिक युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर
इस नीति को मंजूरी मिलने के बाद उत्तर प्रदेश में एक वर्ल्ड-क्लास डेटा सेंटर इकोसिस्टम खड़ा होगा। डेटा सेंटर्स के आने से उनके आसपास सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और आईटीईएस (ITeS) सेक्टर की अन्य कंपनियों का भी जमावड़ा लगेगा, जिससे रोजगार के अभूतपूर्व अवसर सृजित होंगे।

ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव बनाए गए कृष्ण मोहन

0

ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव बनाए गए कृष्ण मोहन
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में ट्रस्ट महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल कुमार मिश्र का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है।

माना जा रहा है जिस तरह से चढ़ावा चोरी का प्रकरण सामने आया है, उसे देखते हुए कुछ बड़े फैसले भी लिए गए हैं। कृष्ण मोहन को ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

पांच जून को पहली बार चोरी का प्रकरण सामने आने के बाद 13 जून को एसआईटी का गठन और फिर प्रारंभिक जांच के बाद अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री ने सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क और कन्वेंशन सेंटर का किया भूमि-पूजन

0

मुख्यमंत्री ने सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क और कन्वेंशन सेंटर का किया भूमि-पूजन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर भोपाल को सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क और कन्वेंशन सेंटर की बड़ी सौगात मिली है। यह इंडस्ट्रियल पार्क देश के पहले उद्योग मंत्री डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम से जाना जाएगा। सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क में 15 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। सतगढ़ी क्षेत्र औद्योगिक विकास की दिशा में एक मंदिर के समान होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम जो कहते हैं, करके दिखाते हैं। प्रदेश में विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्र हमारे किसानों के लिए भी समृद्धि का द्वार खोलेंगे। युवाओं को रोजगार मिलेगा। गारमेंट इंडस्ट्री से कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा। हमारी सरकार खेत से कारखाने और उद्योग को बाजार से जोड़ने के लिए कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी अलग पहचान बना रहा है। उन्होंने गरीब, अन्नदाता, युवा और नारी कल्याण पर विशेष ध्यान दिया है। राज्य सरकार प्रदेश के हर वर्ग के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर सोमवार को भोपाल के कोलार क्षेत्र स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मार्ट औद्योगिक क्षेत्र का भूमिपूजन और शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे।

समाज के हर वर्ग के लिए एक जैसा होना चाहिए कानून
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने ‘एक देश – एक विधान – एक निशान – एक प्रधान’ की बात कही थी। उनके इस संकल्प को साकार करने के लिए राज्य सरकार इसी माह समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। समाज के हर वर्ग के लिए कानून एक जैसा होना चाहिए। प्रदेश की जनता ने तय कर लिया है कि यूसीसी मध्यप्रदेश में लागू होगा। इसके लिए कमेटी ने सभी धर्म-समुदाय के सुझाव लिए गए, जिससे किसी के साथ भेदभाव न हो। देश के बड़े राज्यों में, मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता लागू करने वाला पहला राज्य होगा। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में हम इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

सतगढ़ी में बनेगा प्रदेश का सबसे बड़ा कन्वेंशन सेन्टर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क से राजाभोज विमानतल की दूरी महज 25 किलोमीटर है। रानी कमलापति स्टेशन भी मात्र 15 किलोमीटर की दूरी पर है। भोपाल का वेस्टर्न बायपास भी यहीं से गुजरेगा। सतगढ़ी के 25 एकड़ क्षेत्र में 10 हजार क्षमता वाला एक आधुनिक कन्वेंशन सेंटर भी बनेगा। यह प्रदेश का सबसे बड़ा कन्वेंशन सेंटर होगा। मध्यप्रदेश अपने औद्योगिक विकास और पारदर्शी व्यवस्था के साथ तेजी से आगे बढ़ता जाएगा। सागर ग्रुप के सुधीर अग्रवाल सतगढ़ी में 100 करोड़ का निवेश करेंगे। भोपाल प्राकृतिक सुंदरता और झील-तालाबों की नगरी है, लेकिन अब यह स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क भी राजधानी की पहचान बनेगा। अनेक क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सृजित होंगे। भोपाल औद्योगिक नगरी के रूप में नई पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यहां से प्रदेश के विकास का नया सूर्योदय हो रहा है।

जीआईएस 2025 का 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर आया
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक अंचल में देश-दुनिया के निवेशक औद्योगिक इकाइयां स्थापित कर रहे हैं। पिछले रविवार को शिवपुरी में 2500 करोड़ लागत से रक्षा क्षेत्र की बड़ी औद्योगिक ईकाई का भूमि-पूजन किया है। यहां बनने वाली मिसाइलों की क्षमता 1000 किलोमीटर की होगी। इससे पहले मुरैना को सोलर सेक्टर की बड़ी सौगात दी है। रोजगार आधारित उद्योगों के लिए गुना में 2 हजार करोड़ रुपये का सीमेंट प्लांट भी बनाया जा रहा है। विकसित भारत @2047 के संकल्प की पूर्ति में मध्यप्रदेश विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। भोपाल में पहली बार जीआईएस जैसे बड़ा आयोजन संपन्न हुआ, जिसे प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आशीर्वाद मिला। जीआईएस 2025 में आए 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश में से 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर आ चुका है।

पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश औद्योगिक प्रदेश बन रहा है। सतगढ़ी में स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क का भूमि-पूजन एक नई सौगात है, जिसकी सालों से प्रतीक्षा थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पहली बार राजधानी भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित की। मध्य प्रदेश अब कृषि के साथ-साथ औद्योगिक विकास की यात्रा में अग्रणी राज्य बन चुका है। प्रदेश के धार में पहले पीएम मित्र पार्क का भूमि-पूजन प्रधानमंत्री मोदी ने किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विकास और जन कल्याण के क्षेत्र में संतुलन के साथ कार्य किया है। मध्यप्रदेश संतुलित विकास के साथ आदर्श और नंबर-वन राज्य बनेगा।

विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारत के पहले उद्योग मंत्री थे। उनके नाम पर बन रहा सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क और कन्वेंशन सेंटर भोपाल की नई पहचान बनेगा। तालाब और झीलों की नगरी भोपाल अब औद्योगिक विकास का केंद्र बन रही है। सतगढ़ी भोपाल के दक्षिणी बायपास पर स्थित है, जो कि नर्मदापुरम रोड से जुड़कर सीधे मंडीदीप औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ेगा यह पार्क राजधानी भोपाल के आसपास नया इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। कोलार क्षेत्र को 6 लेन सड़क की सौगात मिलने से रहवासियों का आवागमन सुलभ हुआ है।

औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन प्रमुख सचिव राघवेंद्र सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा मध्यप्रदेश में निवेश आकर्षित करने के लिए किए गए सतत प्रयास अब धरातल पर परिणाम दे रहे हैं। देश-विदेश में आयोजित निवेशक संवाद और रोड-शो के सकारात्मक परिणामस्वरूप यूनाइटेड किंगडम की हेलियन, कनाडा की मैककेन फूड्स, जापान की टौपान स्पेशलिटी फिल्म्स, अमेरिका की टूयर स्प्लिटवाटर्स, दक्षिण कोरिया की कंपनियों, आयरलैंड की फेलिक्स जेनेरिक्स, यूके की क्लिनीसप्लाइज तथा जर्मनी की टीडब्ल्यूई ओबीटी जैसी वैश्विक कंपनियाँ मध्यप्रदेश में निवेश कर रही हैं। साथ ही चाइनीज कंपनी ल्यूगोंग भी पीथमपुर में निवेश करने जा रही है जिसका शुभारंभ परसों होगा ।वहीं पेप्सिको, अडाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस, अडाणी सीमेंट, लियूगोंग और धनुका बायोटेक जैसी प्रमुख औद्योगिक परियोजनाएँ प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई गति दे रही हैं। उन्होंने कहा कि लगभग 70 हेक्टेयर में विकसित होने वाली सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप आधुनिक औद्योगिक अधोसंरचना का उत्कृष्ट उदाहरण होगी, जहाँ प्लग एंड प्ले सुविधाएँ, विश्वस्तरीय कन्वेंशन एवं एग्जीबिशन सेंटर, लॉजिस्टिक्स एवं कॉमर्शियल हब, आवासीय सुविधाएँ, स्मार्ट कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, सीसीटीवी सर्विलांस तथा पर्यावरण अनुकूल अधोसंरचना विकसित की जाएगी। उन्होंने कहा कि 18 सेक्टर-विशिष्ट निवेश नीतियाँ, जन विश्वास अधिनियम, ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस के अंतर्गत किए गए व्यापक सुधार, अनुपालनों में कमी तथा पारदर्शी अनुमोदन प्रणाली ने मध्यप्रदेश को देश के सबसे निवेश-अनुकूल राज्यों में स्थापित किया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप भोपाल को औद्योगिक विकास का नया केंद्र बनाने के साथ प्रदेश में निवेश, नवाचार और रोजगार सृजन को नई गति प्रदान करेगी।

कार्यक्रम में भोपाल महापौर मालती राय ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

मध्यप्रदेश के मछली उत्पादन को मिली अंतर्राष्ट्रीय पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

0

मध्यप्रदेश के मछली उत्पादन को मिली अंतर्राष्ट्रीय पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अन्नदाता की समृद्धि के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से किसान कल्याण वर्ष में प्रदेश में पशुपालन, मत्स्य पालन जैसी आय बढ़ाने वाली गतिविधियों को प्रोत्साहित या बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश में तालाबों और जलाशयों के बेहतर प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अन्नदाता की समृद्धि के लिए कृषि के साथ-साथ मत्स्य पालन क्षेत्र में भी अपार संभावनाएं विकसित हो रही हैं। प्रदेश के मछुआरा समुदाय के लोग मछली पालन जरिए ही अपनी आजीविका चलाते हैं। इन सबकी बेहतरी के लिए मध्यप्रदेश एकीकृत मत्स्योद्योग नीति 2026 के अंतर्गत गतिविधियों को अंतर्राष्ट्रीय विस्तार दिया जा रहा है। आज कुवैत की अग्रणी मत्स्य कंपनी और कामदार्स केयर इंदौर के बीच हुआ एग्रीमेंट प्रदेश में मत्स्य पालन और मछुआ कल्याण के क्षेत्र में नया इतिहास रचेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में कुवैत की अग्रणी मत्स्य कंपनी- ज़बेदी अल कुवैत फिशरीज कंपनी और कामदार्स केयर इंदौर के बीच, प्रदेश में 7 हजार 430 करोड़ रुपए के निवेश और बाय बैक एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर हुए। यह एग्रीमेंट मध्यप्रदेश एकीकृत मत्स्योद्योग नीति 2026 के अंतर्गत हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में एग्रीमेंट पर हुए हस्ताक्षर के बाद यह विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नारायण सिंह पंवार, विधायक रामेश्वर शर्मा तथा कुवैत फिश ट्रेड यूनियन के निदेशक मंडल के अध्यक्ष फारेस बौकम्माज़ उपस्थित थे।

मध्यप्रदेश में है मत्स्य पालन क्षेत्र में अपार संभावनाएं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में मत्स्य पालन विकास के लिए पर्याप्त जलसंरचनाओं के भंडार हैं। इससे देश की खाद्य आवश्यकताओं की पूर्ति करने के साथ-साथ निर्यात को भी बढ़ावा मिलेगा। कृषि और खाद्यान्न के विकास को लेकर मध्यप्रदेश में अपार संभावनाएं हैं। कुवैत हमारा मित्र देश है, प्रदेश में विदेशी निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए राज्य सरकार पूर्ण समर्पण के साथ तेजी से कार्य कर रही है, अब इसके सुखद परिणाम भी लगातार सामने आ रहे हैं। भविष्य में मध्यप्रदेश मत्स्य पालन के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाएगा।

मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी मत्स्य निवेश और निर्यात केन्द्र बनाएगा यह अनुबंध
यह अनुबंध मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी मत्स्य निवेश और निर्यात केन्द्र बनाने की दिशा में एक प्रयास है। ज़बैदी अल-कुवैत फिशरीज़ कंपनी का 10 से अधिक देशों में प्रीमियम क्वालिटी फूड, डिब्बाबंद खाद्य उत्पाद, मसाले आदि में व्यापारिक नेटवर्क है। कामदार्स केयर, इंदौर एक क्लस्टर-बेस्ट व्यापारिक संगठन है। यह समूह किसान उत्पाद संगठनों के गठन और उनके व्यवसाय को बढ़ाने में मदद करता है। इसे स्टार्टअप इंडिया के अंतर्गत भी मान्यता प्राप्त है। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) नीरज मंडलोई, सचिव मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास स्वतंत्र कुमार सिंह तथा विभाग के अधिकारी, विशेषज्ञगण और कुवैत के पब्लिक अथॉरिटी फॉर एग्रीकल्चर अफेयर्स एंड फिश रिसोर्सेज के उप महानिदेशक नासिर अल-अमीर, कुवैत इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी के सलाहकार अशरफ हुसैन, संचालक कामदार्स केयर संजय पाटीदार भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर अर्पित की पुष्पांजलि

0

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर अर्पित की पुष्पांजलि
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनसंघ के संस्थापक और प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक, श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर लालघाटी स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर पौधरोपण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का स्मरण करते हुए कहा कि भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पूरे सम्मान के साथ मनाई जा रही है। डॉ. मुखर्जी के ‘एक देश-एक विधान-एक निशान-एक प्रधान’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में राज्य सरकार इसी माह समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में अग्रसर है।

प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में भारत ने विश्व में बनाई विशेष पहचान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत सभी क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए विश्व में विशेष पहचान बनाई है। डॉ. मुखर्जी ने देश और समाज के सर्वांगीण विकास की कल्पना की। राज्य सरकार ने डॉ. मुखर्जी की जयंती के अवसर पर 15 दिवसीय जनकल्याण पखवाड़े की शुरुआत की है, जिसके अंतर्गत प्रदेश के सभी गरीब, जरूरतमंद और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जा रहा है। राज्य सरकार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए औद्योगिक विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। इस दिशा में रोजगार के अवसर सृजित होने से हर वर्ग का कल्याण सुनिश्चित हो पा रहा है।

हर क्षेत्र में तेजी से विकास करते हुए आगे बढ़ रहा है मध्यप्रदेश
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देशानुसार बना दिल्ली में बना भारत मंडपम हमारे लिए एक आदर्श उदाहरण है। डॉ. मुखर्जी की जयंती पर आज भोपाल के सतगढ़ी में मध्यप्रदेश के सबसे बडे कन्वेंशन सेंटर और सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क की आधारशिला रखी जा रही है। राज्य सरकार कुशाभाऊ ठाकरे सभागार के पास एक आधुनिक कन्वेंशन सेंटर तैयार कर रही है, जिसकी क्षमता 5 हजार सीट्स की रहेगी। सतगढ़ी में बनने वाले नए विशाल कन्वेंशन सेंटर में 10 हजार से अधिक व्यक्तियों की व्यवस्था है। भोपाल सबसे समृद्ध और सशक्त राजधानी बनने जा रहा है। हमारा प्रदेश हर क्षेत्र में तेजी से विकास करते हुए आगे बढ़ रहा है।

अब मध्यप्रदेश की धरती पर बनेंगे, रक्षा क्षेत्र के उपकरण, मिसाइल और हथियार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने रक्षा क्षेत्र में नया इतिहास रचा है। अब रक्षा क्षेत्र के कई उपकरण, मिसाइल और हथियार मध्यप्रदेश की धरती पर बनेंगे। चंबल की धरती सालों से मां भारती की सेवा करने वाले वीर सैनिकों की भूमि रही है। अब यहां आधुनिक हथियार भी तैयार किए जाएंगे। यह मिसाइल एक हजार किलोमीटर तक दुश्मन के ठिकानों को ध्वस्त करने की क्षमता वाली होंगी। कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, प्रदेश अध्यक्ष एवं वरिष्ठ विधायक हेमंत खंडेलवाल, विधायक रामेश्वर शर्मा, रवीन्द्र यति, जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने शिवपुरी जिले के पाली में 2,500 करोड़ रूपए के अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस प्लांट का किया भूमिपूजन

0

मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने शिवपुरी जिले के पाली में 2,500 करोड़ रूपए के अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस प्लांट का किया भूमिपूजन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारा मध्यप्रदेश तेज़ी से निवेश, उद्योग और रोजगार का विश्वसनीय केंद्र बन रहा है। मध्यप्रदेश आज सिर्फ़ एक विशाल औद्योगिक परियोजना का साक्षी नहीं, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के नए युग का उद्घोष कर रहा है। उन्होंने कहा कि अब भारत अपनी सुरक्षा के लिए किसी अन्य देश पर निर्भर नहीं है, बल्कि स्वदेश में निर्मित आधुनिक रक्षा उपकरणों के बल पर दुनिया के सामने अपनी सामर्थ्य का परिचय दे रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश का डिफेंस सिस्टम बेहद मजबूत हो गया है। हमारी आंतरिक और बाहरी सुरक्षा और मजबूत हो गई है। प्रधानमंत्री की विजनरी लीडरशीप में रक्षा उत्पादों का आयात करने वाला हमारा देश अब बीते कुछ ही सालों में रक्षा उत्पादों का निर्यातक बन गया है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करने में अब निजी क्षेत्र की भूमिका भी लगातार मजबूत हो रही है। भारत अब रक्षा क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर हो गया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हमारी डबल इंजन की सरकार ने ग्वालियर-चंबल को संबल दिया है। आज ग्वालियर-चंबल रीजन रक्षा क्षेत्र, एविएशन, लॉजिस्टिक और आधुनिक उद्योगों में निवेश का हब बनकर उभर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को शिवपुरी शहर के पोलोग्राउंड में विशाल जनसभा को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ शिवपुरी जिले के पाली में लगभग 2,500 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित होने वाले अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ग्रुप के अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का पूजा-अर्चना कर विधिवत् शिलान्यास किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगल क्लिक से शिवपुरी जिले के लिए करीब 211 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के 38 विकास कार्यों का ई-लोकार्पण एवं ई-भूमिपूजन भी किया। इसमें 166.72 करोड़ रुपये की लागत के 28 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 44.57 करोड़ रुपये लागत के 10 विकास कार्यों का भूमिपूजन शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 106 करोड़ रुपए की लागत से शिवपुरी जिले के करेरा, खनियांधाना और गणेश खेड़ा में नवनिर्मित सांदीपनि शासकीय मॉडल उच्चतर माध्यिमक भवनों का लोकार्पण कर स्कूल चलें अभियान को नई गति दी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह अनाउंसमेंट की नही डेवलपमेंट की सरकार है। पिछले 6 महीने में हमने मध्यप्रदेश में सेवा, संकल्प और सुशासन का नया अध्याय लिखा है। हमारी इन्वेस्मेंट फ्रेंडली नीतियों और सरल प्रक्रियाओं से मध्यप्रदेश देश में निवेश का नया और भरोसेमंद केन्द्र बन रहा है। उन्होंने कहा कि अडानी ग्रुप द्वारा स्थापित किया जा रहा यह अत्याधुनिक रक्षा उत्पादन केंद्र देश की सामरिक आवश्यकताओं की आपूर्ति करेगा। साथ ही रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक, नवाचार और विनिर्माण क्षमता को भी नई गति देगा। इस डिफेंस प्रोडक्ट प्लांट में बनने वाले गोला बारूद और स्वदेशी मिसाइलें देश की सुरक्षा को और मजबूती देंगी, वहीं क्षेत्रीय युवाओं एवं जरूरतमंदों के लिए यहां करीब 4 से 5 हजार प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। स्थानीय लघु रक्षा उत्पादन इकाइयों को नई पहचान मिलेगी और एक सुदृढ़ सप्लाई चेन विकसित होगी, जिससे पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिलेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह अत्याधुनिक सुविधाओं में लैस यह प्लांट दक्षिण एशिया में निजी क्षेत्र का सबसे बड़ा मिसाइल इकोसिस्टम मैन्युफैक्चरिंग प्लांट होगा, जो देश की रक्षा उत्पादन क्षमता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के साथ-साथ आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को एक मजबूत आधार भी देगा। उन्होंने कहा कि हमने राज्य में उद्योग, अधोसंरचना और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया है। इससे वैश्विक स्तर की मेगा मेन्यूफेक्चरिंग यूनिट्स (विशाल औद्योगिक परियोजना ईकाईयां) अब मधप्रदेश में स्थापित हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि शिवपुरी में स्थापित होने वाला यह रक्षा उत्पादन केंद्र क्षेत्रीय विकास का नया अध्याय लिखेगा और भारत को रक्षा क्षेत्र में अधिक आत्मनिर्भर एवं समर्थ बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री एवं शिवपुरी जिले के प्रभारी प्रद्युम्न सिंह तोमर, विधायक शिवपुरी देवेन्द्र कुमार, विधायक पिछोर प्रीतम सिंह लोधी, विधायक कोलारस महेन्द्र यादव, विधायक करेरा रमेश प्रसाद खटीक, अदाणी ग्रुप के डायरेक्‍टर जीत अदाणी, करण अदाणी, जसवंत जाटव तथा अन्य जनप्रतिनिधियों एवं लाड़ली बहनों सहित बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे। इस दौरान नई डिफेंस यूनिट पर केंद्रित एक आडियो-वीडियो फिल्म का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम स्थल पर अदाणी डिफेंस एण्ड एयरोस्पेस प्लांट की प्रदर्शनी भी लगाई गयी।

चिंतन शिविर 3.0 से विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण को मिलेगी नई दिशा : मुख्यमंत्री

0

चिंतन शिविर 3.0 से विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण को मिलेगी नई दिशा : मुख्यमंत्री
विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दीर्घकालिक रणनीति, सुशासन को और अधिक प्रभावी बनाने तथा भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप प्रशासनिक क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से सुशासन एवं अभिसरण विभाग तथा भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय ‘चिंतन शिविर 3.0’ का सफलतापूर्वक समापन हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, मंत्रिपरिषद के सदस्यों, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों तथा देश के प्रतिष्ठित नीति विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और विषय विशेषज्ञों ने शासन, विकास और जनसेवा के विभिन्न आयामों पर व्यापक विचार-विमर्श किया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि चिंतन शिविर अब केवल विचारों के आदान-प्रदान का मंच नहीं रह गया है, बल्कि शासन व्यवस्था में ठोस सुधारों का प्रभावी माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आधुनिक, पारदर्शी, तकनीक-संचालित और नागरिकों की आकांक्षाओं के प्रति संवेदनशील प्रशासन विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि चिंतन शिविर 3.0 से प्राप्त सुझाव विकसित छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा को नई दिशा देंगे तथा इन्हें शीघ्र ही नीतिगत एवं प्रशासनिक पहलों के रूप में लागू किया जाएगा।

दूसरे दिन आयोजित ‘सतत समृद्धि के इंजन के रूप में पर्यटन’ विषयक सत्र में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एवं पर्यटन नीति विशेषज्ञ सुमन बिल्ला ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक, जनजातीय और सांस्कृतिक पर्यटन के क्षेत्र में देश का अग्रणी हाई-वैल्यू, लो-इम्पैक्ट पर्यटन गंतव्य बनने की अपार क्षमता रखता है। उन्होंने पर्यटन अवसंरचना, सामुदायिक भागीदारी, निवेश, उत्तरदायी पर्यटन और सुशासन आधारित पर्यटन मॉडल पर बल दिया। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के बेहतर समन्वय से छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर क्षेत्र, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान बना सकता है। राज्य की औद्योगिक नीति भी पर्यटन निवेश को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

‘सबका प्रयास के माध्यम से विकासपरक राजनीति’ विषय पर लोकसभा सदस्य शशांक मणि त्रिपाठी ने कहा कि जिला ही विकास का वास्तविक केंद्र (District is the Fulcrum of Growth) होना चाहिए। उन्होंने प्रत्येक जिले के लिए विकासोन्मुख योजना, स्थानीय आर्थिक क्षमता के अनुरूप विकास रणनीति तथा जिला-स्तर पर सकल घरेलू उत्पाद (District GDP) आधारित नियोजन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने ‘अमृत प्रयास’, ‘बनयान रिवोल्यूशन’ और सहभागी शासन की अवधारणा प्रस्तुत करते हुए कहा कि जिला-केंद्रित विकास मॉडल उद्यमिता, रोजगार, कृषि परिवर्तन, स्थानीय नवाचार और जन-क्षमता के विकास को नई गति देगा तथा विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 क्षेत्रों के लिए परिवर्तनकारी सिद्ध होगा।

समापन सत्र में डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सुशासन, प्रभावी नीति-क्रियान्वयन, नेतृत्व विकास तथा लोक प्रशासन के विभिन्न आयामों पर अपने विचार रखे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पिछले दो चिंतन शिविरों में प्राप्त सुझावों को राज्य सरकार ने सफलतापूर्वक क्रियान्वित किया है। मंत्रालय में ई-ऑफिस प्रणाली लागू होने से फाइलों के निपटारे की प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और समयबद्ध हुई है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से आम नागरिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान की प्रभावी व्यवस्था स्थापित हुई है, वहीं सेवा सेतु के माध्यम से 36 विभागों की 520 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराकर नागरिक सेवाओं को सरल, सुगम और पारदर्शी बनाया गया है। उन्होंने कहा कि यही इस चिंतन प्रक्रिया की सबसे बड़ी सफलता है कि विचार अब धरातल पर परिणाम के रूप में दिखाई दे रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि दो दिवसीय शिविर में नेतृत्व विकास, सुशासन, उभरती प्रौद्योगिकियां, पर्यटन, कृषि समृद्धि तथा विकासपरक राजनीति जैसे विषयों पर विस्तृत सत्र आयोजित किए गए। उद्घाटन सत्र में प्रसिद्ध आध्यात्मिक चिंतक गौर गोपाल दास ने जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व, भावनात्मक संतुलन, जनसेवा तथा नैतिक उत्तरदायित्व पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संवेदनशील और मूल्य-आधारित नेतृत्व ही प्रभावी एवं जनोन्मुखी सुशासन की आधारशिला है।

‘इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज़’ विषय पर नीति आयोग के सदस्य प्रो. अभय करंदीकर ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, 5जी, ड्रोन, जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी, ब्लॉकचेन तथा डेटा-आधारित प्रशासन की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि तकनीक के माध्यम से शासन को अधिक दक्ष, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाया जा सकता है। साथ ही डिजिटल समावेशन, नवाचार, रोजगार सृजन और सेवा वितरण में छत्तीसगढ़ के लिए उपलब्ध व्यापक अवसरों का भी उल्लेख किया।

‘कृषि से समृद्धि’ विषयक सत्र में कृषि अर्थशास्त्री डॉ. रमेश चंद तथा कृषि विशेषज्ञ टी. विजय कुमार ने प्राकृतिक खेती, जलवायु-अनुकूल कृषि, फसल विविधीकरण, मूल्य संवर्धन, आधुनिक तकनीक और बेहतर बाजार संपर्क पर आधारित कृषि मॉडल प्रस्तुत किए। उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा कृषि को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए व्यावहारिक सुझाव दिए।

चिंतन शिविर में मंत्रिगणों ने समूह आधारित विचार-मंथन के माध्यम से विभिन्न सुझावों पर विस्तार से चर्चा कर विकसित छत्तीसगढ़ की संभावना को मूर्त रूप देने हेतु विचार किया।

दो दिवसीय चिंतन शिविर 3.0 ने सुशासन, नेतृत्व विकास, उभरती प्रौद्योगिकियों, कृषि, पर्यटन तथा विकासपरक राजनीति जैसे विविध विषयों पर राज्य सरकार के दीर्घकालिक विज़न को नई दिशा प्रदान की। विशेषज्ञों के अनुभव, मंत्रिपरिषद के मंथन और प्रशासनिक नेतृत्व के सामूहिक विचारों से प्राप्त सुझाव आने वाले समय में राज्य की नीतियों, प्रशासनिक सुधारों और विकास कार्यक्रमों का आधार बनेंगे। विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय संकल्प के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में यह चिंतन शिविर एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर के वन धन विकास केंद्र पंचक्की की महिला स्व-सहायता समूह को किया सम्मानित

0

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर के वन धन विकास केंद्र पंचक्की की महिला स्व-सहायता समूह को किया सम्मानित मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सहकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए जशपुर जिले के वन धन विकास केंद्र, पंचक्की से जुड़े महिला स्व-सहायता समूह को ‘सहकार प्रेरणा सम्मान’ से सम्मानित किया। यह सम्मान भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के स्थापना के पाँच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मंडपम में आयोजित राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन एवं सहकारी सप्ताह कार्यक्रम में प्रदान किया गया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर के वन धन विकास केंद्र पंचक्की के अनंत स्व-सहायता समूह को उत्कृष्ट कार्यों के लिए सहकार प्रेरणा पुरस्कार एवं लाभांश राशि प्रदान कर सम्मानित किया। यह समूह वन विभाग के अंतर्गत संचालित वन धन विकास केंद्र से जुड़ा है।

अनंत स्व-सहायता समूह की 10 महिलाएं सामूहिक रूप से च्यवनप्राश सहित विभिन्न औषधीय उत्पादों का निर्माण करती हैं। समूह द्वारा उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों की आपूर्ति आयुष विभाग सहित अन्य संस्थानों एवं उपभोक्ताओं को की जाती है। वर्ष 2024-25 के दौरान समूह ने लगभग 36 लाख रुपये के उत्पादों का विक्रय कर महिला स्वावलंबन और ग्रामीण उद्यमिता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गठित सहकारिता मंत्रालय ने देश में श्सहकार से समृद्धिश् के लक्ष्य को नई गति दी है। राज्य सरकार सहकारिता के माध्यम से किसानों, वनवासियों, महिला स्व-सहायता समूहों और ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने तथा उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कृषि के साथ-साथ पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, वनोपज, मत्स्य पालन और ग्रामीण उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में भी सहकारिता को मजबूती प्रदान कर रही है। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के सहयोग से प्रदेश में दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 29 जून से 6 जुलाई तक प्रदेश में सहकारिता सप्ताह के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसी उद्देश्य से प्रदेश में कोई भी पंचायत सहकारिता से वंचित न रहे, इसके लिए अब तक 1352 नई सहकारी समितियों का गठन किया जा चुका हैं।