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मुख्यमंत्री डॉ. यादव 5,017 करोड़ रुपये की उज्जैन–जावरा ग्रीनफील्ड फोरलेन परियोजना का करेंगे भूमि पूजन

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव 5,017 करोड़ रुपये की उज्जैन–जावरा ग्रीनफील्ड फोरलेन परियोजना का करेंगे भूमि पूजन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश के सड़क अधोसंरचना विकास में 10 जुलाई को एक और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। इस दिन उज्जैन–जावरा ग्रीनफील्ड फोरलेन मार्ग परियोजना का भूमि पूजन होगा। लगभग 98.73 किलोमीटर लंबी इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण 5,017 करोड़ रुपये की लागत से मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा किया जाएगा। यह परियोजना उज्जैन दक्षिण, घट्टिया, नागदा-खाचरौद, आलोट एवं जावरा विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। दो वर्ष में पूर्ण होने वाली इस परियोजना से लगभग 35 लाख आबादी तथा 62 ग्राम प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्रीनफील्ड फोरलेन मार्ग के निर्माण से उज्जैन को दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेस-वे से सीधा एवं तेज संपर्क मिलेगा। विशेष रूप से सिंहस्थ-2028 के दौरान राजस्थान, गुजरात तथा देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए यह मार्ग अत्यंत सुगम और सुविधाजनक साबित होगा। साथ ही इंदौर, भोपाल एवं मालवा क्षेत्र की कनेक्टिविटी भी और अधिक सुदृढ़ होगी। परियोजना के अंतर्गत 98.73 किलोमीटर ग्रीनफील्ड फोरलेन मार्ग, 3 रेल ओवरब्रिज, 9 वृहद पुल, 26 मध्यम पुल तथा 417 पुलियों का निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त जावरा बायपास पर दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेस-वे इंटरचेंज से महू–नीमच फोरलेन मार्ग तक दोनों ओर सर्विस रोड का भी निर्माण प्रस्तावित है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र के औद्योगिक, व्यापारिक एवं कृषि विकास को नई गति प्रदान करेगी। किसानों को अपनी उपज विभिन्न कृषि उपज मंडियों तक शीघ्र पहुँचाने में सुविधा मिलेगी, वहीं उद्योगों, लॉजिस्टिक्स एवं निवेश गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। बेहतर सड़क संपर्क से यात्रा समय एवं ईंधन की बचत होगी तथा सड़क सुरक्षा में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा। उज्जैन–जावरा ग्रीनफील्ड फोरलेन परियोजना मध्यप्रदेश की प्रमुख आधारभूत संरचना परियोजनाओं में से एक है, जिसके पूर्ण होने पर प्रदेश की आर्थिक, औद्योगिक और सामाजिक प्रगति को नई दिशा मिलेगी तथा मालवा क्षेत्र के समग्र विकास को महत्वपूर्ण गति प्राप्त होगी।

सरकार गठन के बाद 11 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूर्ण

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सरकार गठन के बाद 11 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूर्ण
रायपुर स्थित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आज आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश में सरकार गठन के बाद 11 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूर्ण होने तथा ‘मोर गांव–मोर पानी’ महाअभियान की उल्लेखनीय उपलब्धियों से संबंधित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सम्मिलित हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 11 लाख आवास पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 11 हितग्राहियों को उनके नए आवास की प्रतीकात्मक चाबी प्रदान कर सम्मानित किया तथा “मोर गांव मोर पानी “महाअभियान के उत्कृष्ट कार्यों पर आधारित कॉम्पेंडियम का विमोचन किया।

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने गठन के तुरंत बाद अपनी प्रथम कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों के लिए राशि जारी करने का निर्णय लिया था। इसके बाद निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 11 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। इनमें से विगत वित्तीय वर्ष में लगभग 6 लाख आवास पूर्ण किए गए, जो एक वर्ष में देश में सर्वाधिक आवास पूर्ण करने की उपलब्धि है। वहीं वर्तमान वित्तीय वर्ष के प्रथम 100 दिनों (1 अप्रैल से 9 जुलाई) में ही 1 लाख 51 हजार आवास पूर्ण किए गए हैं। अर्थात प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 1,500 से अधिक आवास पूर्ण किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम में ‘मोर गांव–मोर पानी’ महाअभियान के उत्कृष्ट कार्यो पर एक पुस्तिका विमोचित की गई। उल्लेखनीय है कि यह महाअभियान 24 अप्रैल 2025 को पंचायती राज दिवस के अवसर पर प्रारंभ किया गया था। जनभागीदारी आधारित इस अभियान के अंतर्गत पूर्ववर्ती महात्मा गांधी नरेगा एवं वर्तमान वीबी- जीरामजी के माध्यम से 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से एक लाख से अधिक जल संरक्षण एवं जल संवर्धन कार्य स्वीकृत एवं क्रियान्वित किए जा रहे हैं। अभियान के तहत आजीविका डबरी, नवा तरिया, कंटूर ट्रेंच सहित विभिन्न जल संरचनाओं का निर्माण कर जल संरक्षण, भूजल संवर्धन एवं ग्रामीण आजीविका को नई दिशा दी जा रही है।

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन कुमार अग्रवाल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के संचालक तारन प्रकाश सिन्हा सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में हितग्राही उपस्थित रहे।

रेडियो के ‘दीदी के गोठ’ से महिलाओं को आगे बढ़ने मिलती है प्रेरक और रोचक जानकारियां : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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रेडियो के ‘दीदी के गोठ’ से महिलाओं को आगे बढ़ने मिलती है प्रेरक और रोचक जानकारियां : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर ‘दीदी के गोठ’ कॉफी टेबल बुक, ‘बिहान वाणी’ त्रैमासिक पत्रिका तथा ‘मोर गांव मोर पानी’ पुस्तक का विमोचन किया। उन्होंने अपनी सफलता की कहानी साझा करने वाली दीदियों को सम्मानित किया तथा ‘दीदी के गोठ’ के 12 एपिसोड पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन कर महिलाओं से संवाद भी किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ऑडिटोरियम परिसर में आयोजित ‘दीदी के गोठ’ फोटो गैलरी का अवलोकन किया तथा स्व-सहायता समूहों की महिलाओं से संवाद कर उनके नवाचारों एवं आजीविका गतिविधियों की जानकारी ली और उन्हें निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान दुर्ग जिले से वर्चुअल माध्यम से जुड़ीं लखपति दीदी श्रीमती विद्या निषाद से चर्चा की। श्रीमती निषाद ने बताया कि कोरोना काल में पति के निधन के बाद उन्हें बिहान समूह से प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन मिला। उन्होंने कपड़े एवं फैंसी स्टोर का व्यवसाय शुरू किया और आज प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित कर आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने उनकी सफलता की सराहना करते हुए उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘दीदी के गोठ’ ने एक वर्ष का सफल सफर पूरा कर लिया है और अब तक 12 एपिसोड प्रसारित हो चुके हैं। प्रत्येक माह के दूसरे गुरुवार को एक सफल दीदी अपनी संघर्ष एवं सफलता की कहानी स्वयं अपनी बोली में साझा करती है, जिससे प्रदेशभर की महिलाओं को नई दिशा और प्रेरणा मिलती है।

उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को देवी स्वरूप माना गया है। वेदों में कहा गया है – “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता।” आज महिलाएं बिहान से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। कोई ड्रोन दीदी बनी है, कोई राजमिस्त्री, कोई ऑर्गेनिक खेती कर रही है, तो कोई सेटरिंग प्लेट , पशुपालन एवं अन्य आजीविका गतिविधियों के माध्यम से अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि आज की लखपति दीदियां आने वाले समय में करोड़पति बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं और विकसित भारत तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने सुशासन तिहार के दौरान आरंग क्षेत्र के भ्रमण का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां मातृशक्ति द्वारा संचालित ‘गोट यूनिट’ में बकरी, मुर्गी एवं मछली पालन का एकीकृत मॉडल विकसित किया गया है, जिससे वह लखपति बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे नवाचार पूरे प्रदेश की महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने मोदी की गारंटी के अधिकांश वादों को ढाई वर्षों में पूरा किया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत प्रदेश को 18 लाख आवासों की स्वीकृति मिली, जिनमें से 11 लाख आवास पूर्ण हो चुके हैं तथा प्रतिदिन लगभग 1600 आवासों का निर्माण हो रहा है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में प्रतिमाह एक-एक हजार रुपये की राशि अंतरित की जा रही है। अब तक 28 किश्तों के माध्यम से लगभग 18 हजार करोड़ रुपये महिलाओं के खातों में पहुंचाए जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 प्रारंभ की है, जहां नागरिक बिजली, पानी, राजस्व, पुलिस सहित विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए लगभग 8 हजार अधिकारी कार्य कर रहे हैं तथा वे स्वयं इसकी नियमित समीक्षा करते हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के माध्यम से दो वर्षों से बकाया बिजली उपभोक्ताओं को सरचार्ज में राहत प्रदान की जा रही है, जिसके तहत अब तक 700 करोड़ रुपये से अधिक की राशि माफ की जा चुकी है।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि ‘दीदी के गोठ’ महिलाओं के लिए ज्ञान, नवाचार और प्रेरणा का मंच बन चुका है। राज्य सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी बनाना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में बिहान समूहों की महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रदेश में 11 लाख प्रधानमंत्री आवास पूर्ण हो चुके हैं तथा इसके लिए राज्य सरकार ने 26 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के उद्देश्य से ‘36 कला’ ब्रांड विकसित किया गया है। राज्य सरकार सभी समूहों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में कार्य कर रही है, जिससे महिलाएं अपने उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचा सकें और उन्हें अपने परिश्रम का पूरा लाभ मिले। उन्होंने खैरागढ़ की ड्रोन दीदी का उदाहरण देते हुए बताया कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से महिलाएं बेहतर आय अर्जित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर में नक्सलवाद समाप्त होने के बाद बैंक सखी, पशु सखी, सीएससी संचालन तथा अन्य गतिविधियों के माध्यम से स्व-सहायता समूहों की भूमिका और अधिक बढ़ेगी।

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि आज प्रदेश की महिलाएं समूहों के माध्यम से आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बन रही हैं। महिलाओं का सशक्तिकरण ही समाज, प्रदेश और राष्ट्र के विकास का आधार है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में महिलाओं को लखपति से करोड़पति बनाने की दिशा में प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।

कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण में मातृशक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका है। ‘दीदी के गोठ’ के माध्यम से प्रदेशभर की महिलाओं तक नवाचार, सफलता और स्वरोजगार की प्रेरक कहानियां पहुंच रही हैं, जिससे वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

एक वर्ष में 12 एपिसोड, प्रेरणा और नवाचार का सशक्त मंच

‘दीदी के गोठ’ कार्यक्रम का प्रसारण 31 अगस्त 2025 से प्रत्येक माह के दूसरे गुरुवार को किया जा रहा है। कार्यक्रम से प्रदेश के 25 जिलों की 38 दीदियां जुड़ी हुई हैं, जो अपनी स्थानीय बोली में नवाचार, आजीविका और सफलता की कहानियां साझा करती हैं। आज 9 जुलाई को कार्यक्रम का 12वां एपिसोड प्रदेशभर में प्रसारित किया गया।

छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत अब तक प्रसारित 12 एपिसोड में लखपति दीदी, नियद नेल्ला नार, वनोपज संग्रहण, प्रधानमंत्री आवास योजना में महिलाओं की भागीदारी, सरस मेला, ड्रोन दीदी, कृषि सखी एवं पशु सखी, नई चेतना 4.0, वित्तीय समावेशन, फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी, जनप्रतिनिधि बनीं महिलाओं की सफलता की कहानियां, लाइवस्टॉक, साइबर अपराध एवं बैंकिंग फ्रॉड से बचाव, ‘छत्तीसगढ़ कला’ ब्रांड तथा ‘दीदी के गोठ’ की एक वर्ष की प्रेरणादायी यात्रा जैसे विषयों पर जानकारी प्रसारित की गई है।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन कुमार अग्रवाल, उपाध्यक्ष संदीप यदु, गुरु सौरभ साहेब, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के संचालक तारन प्रकाश सिन्हा, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के मिशन संचालक अश्वनी देवांगन सहित वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में बिहान की दीदियां उपस्थित थीं।

सुशासन, विकास और जनकल्याण ही हमारी सरकार की पहचान है – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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सुशासन, विकास और जनकल्याण ही हमारी सरकार की पहचान है – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन, विकास और जनकल्याण ही हमारी सरकार की पहचान है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अधिकांश वादों को पूरा किया है। उन्होंने कहा कि “मोदी की गारंटी, यानी गारंटी पूरा होने की गारंटी” केवल एक नारा नहीं, बल्कि हमारी सरकार की कार्यशैली और जनविश्वास का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने 18 लाख गरीब परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए हैं, जिनमें से 10 लाख से अधिक आवास पूर्ण हो चुके हैं। किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदा जा रहा है तथा महतारी वंदन योजना के अंतर्गत अब तक 28 किश्तों में 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसी सोच के साथ बस्तर सहित प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही आधारित प्रशासन स्थापित करने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। भ्रष्टाचार और अपराध के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के साथ नागरिक सेवाओं को अधिक सरल और सुलभ बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद, बीज एवं कृषि आदानों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। नागरिकों की सुविधा के लिए सेवा सेतु के माध्यम से 520 से अधिक शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के जरिए शिकायतों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सहकारिता, महिला सशक्तिकरण और जनकल्याण सरकार की प्राथमिकताओं में हैं। उन्होंने नागरिकों से शासन की योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने का आग्रह करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना की अवधि तीन माह के लिए बढ़ा दी गई है। पात्र उपभोक्ता “मोर बिजली” मोबाइल एप अथवा वेबसाइट के माध्यम से सितंबर तक पंजीयन कर योजना का लाभ ले सकते हैं।

कार्यक्रम में कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आरंग विधानसभा क्षेत्र को अब तक 858 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में विकास और सुशासन की नई दिशा स्थापित हुई है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ अभियान के अंतर्गत आंवला का पौधारोपण किया। उन्होंने सरस्वती साइकिल योजना के तहत कक्षा 9 की छात्राओं को साइकिल वितरित की तथा जिला प्रशासन के मिशन उत्कर्ष के अंतर्गत उत्कृष्ट विद्यार्थियों को सम्मानित किया।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार विकास बोर्ड के अध्यक्ष ध्रुव कुमार मिर्धा, छत्तीसगढ़ औषधीय पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष अंजय शुक्ला, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

व्रत छूट जाए तो न हों निराश, श्रीहरि के ये 5 महामंत्र दिलाएंगे पूरी पूजा का पुण्य

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व्रत छूट जाए तो न हों निराश, श्रीहरि के ये 5 महामंत्र दिलाएंगे पूरी पूजा का पुण्य
इस साल आषाढ़ मास की पहली योगिनी एकादशी 10 जुलाई 2026, शुक्रवार के दिन रखी जाएगी। यह दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा के लिए बेहद विशेष माना जाता है। कहते हैं इस दिन जो व्यक्ति सच्चे मन से व्रत रखने के साथ विधि विधान से भगवान श्री हरि की पूजा करता है, उसके जीवन की तमाम बाधाएं दूर हो जाती हैं।

लेकिन जो लोग व्रत नहीं रख सकते हैं, उन्हें कम से कम भगवान विष्णु से जुड़े 5 खास मंत्रों का काम से कम 108 बार तो जाप करना ही चाहिए। माना जाता है कि, इन मंत्रों का जाप करने से भगवान विष्णु अपने भक्त से अति प्रसन्न होते हैं।

पहला मंत्र
ऊं नमो भगवते वासुदेव नमः
अर्थात- यह मंत्र भगवान विष्णु के अवतार भगवान श्रीकृष्ण का नाम है। इस मंत्र का जाप करने से आध्यात्मिक विकास के साथ मानसिक तनाव दूर होता है और नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है। इस मंत्र को मोक्ष प्रदाता मंत्र भी कहा जाता है, जो भक्त को भगवान के बेहद करीब ले आता है।

दूसरा मंत्र
ॐ नारायणाय विद्महे। वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णु प्रचोदयात्।।
अर्थात्- यह भगवान विष्णु से जुड़ा गायत्री मंत्र है। योगिनी एकादशी के साथ-साथ अन्य दिनों में भी इस मंत्र का जाप करने से बौद्धिक विकास होता है और तमाम दुख-दर्द दूर होते हैं। श्रीनारायण गायत्री मंत्र का जाप करने से प्रभु की कृपा बनी रहती है।

तीसरा मंत्र
श्री मन नारायण नारायण हरि हरि।
यह मंत्र भगवान श्रीहरि के भजन से जुड़ा मंत्र है। इस मंत्र का अर्थ है कि, हे नारायण, हे हरि आप ही मेरे सब कुछ हैं और मैं आपकी शरण में हूं।

चौथा मंत्र
‘मंगलं भगवान विष्णुः, मंगलं गरुड़ध्वजः, मंगलं पुंडरीकाक्षः, मंगलाय तनो हरिः’
अर्थात्- यह श्लोक संस्कृत भाषा का है, जिसमें भगवान विष्णु की स्तुति की गई है। इस मंत्र का जाप सभी शुभ कार्यों, अनुष्ठान या कार्य के प्रारंभ में किया जाता है।

पांचवां मंत्र
ॐ श्री विष्णुवे च विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो विष्णु प्रचोदयात्
अर्थात्- यह मंत्र भी भगवान विष्णु को समर्पित खास मंत्र है। निर्जला एकादशी के मौके पर इस मंत्र का जाप करने से व्यक्ति को मानसिक शांति और आध्यात्मिक सुख की प्राप्ति होती है।

भारत-ऑस्ट्रेलिया साझेदारी को मिलेगी नई मजबूती

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भारत-ऑस्ट्रेलिया साझेदारी को मिलेगी नई मजबूती
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में अपने तीन दिवसीय दौरे की शुरुआत की, उन्होंने कहा कि यह यात्रा भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती देगी

इसके अलावा उन्होंने विश्वास जताया कि इस दौरे से दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा और रणनीतिक सहयोग को नई गति मिलेगी, प्रधानमंत्री मोदी ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के निमंत्रण पर इस दौरे पर पहुंचे हैं

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच साझेदारी का महत्व बढ़ता जा रहा है, दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा और रणनीतिक सहयोग को नई गति मिलेगी

इसके अलावा दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और शैक्षिक संबंधों को भी मजबूत किया जाएगा, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह यात्रा भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती देगी

मलक्का स्ट्रैट पर मोदी सरकार के कदम से बढ़ेगी बीजिंग की टेंशन

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मलक्का स्ट्रैट पर मोदी सरकार के कदम से बढ़ेगी बीजिंग की टेंशन
विस्तारवाद पर सख्त संदेश देने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया से चीन का नाम लिए बिना निशाना साधा है. पीएम मोदी ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया दिल और भूगोल दोनों से करीब है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों का रिश्ता सागर का है. पीएम मोदी की ओर से अपने भाषण में समंदर का जिक्र करना सीधे तौर पर ड्रैगन को संदेश है कि जिस तरह ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का इस्तेमाल किया वैसे ही अब भारत मलक्का स्ट्रेट पर अपनी पकड़ और मजबूत करेगा.

इंडो पैसिफिक रीजन में चीन के विस्तारवादी रवैये को लेकर दक्षिण-पूर्व एशिया में बढ़ती चिंताओं के बीच, पीएम मोदी ने मंगलवार (7 जुलाई 2026) को इंडोनेशिया की संसद में कहा कि भारत विकास का रास्ता अपनाता है, विस्तारवाद का नहीं. इसके बाद पीएम मोदी ने जकार्ता में भारतीय समुदायो को संबोधित किया, जहां इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो और वरिष्ठ मंत्री मौजूद थे. यहां उन्होंने कहा कि भौगोलिक तौर पर भारत और इंडोनेशिया बहुत करीब हैं.

मलक्का स्ट्रेट में चीन की घेराबंदी
पीएम मोदी के दौरे के दौरान भारत और इंडोनेशिया के बीच साथ मिलकर सुमात्रा द्वीप के उत्तरी छोर पर स्थित सबांग पोर्ट को संयुक्त रूप से विकसित करने पर सहमति बनी है. यह पोर्ट मलक्का स्ट्रेट के एंट्री गेट पर है. यह भारत के प्रस्तावित ग्रेट निकोबार ट्रांस-शिपमेंट पोर्ट से केवल 160 किलोमीटर दूर स्थित है. इसे भारत और इंडोनेशिया का होर्मुज भी कहा जा रहा है. चीन की पूरी अर्थव्यवस्था मलक्का स्ट्रेट पर निर्भर है. अगर यह समुद्री रास्ता बंद होता है तो चीन की चमकती अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होगी.

चीन के कुल क्रूड ऑयल के आयात का करीब 80 फीसदी यहीं से गुजरता है. उसके अधिकतर व्यापारिक जहाज भी यहीं से गुजरते हैं. स्ट्रैटेजिक तौर पर देखें तो ये रास्ता भारत के लिए गेम चेंजर के रूप में साबित हो सकता है. चीन को अक्सर इस बात का डर सताता रहता है कि जंग जैसे हालात बनने के बाद इस रास्ते को बंद करके बीजिंग को गहरा चोट पहुंचाया जा सकता है.

भारत ने एक के बाद एक रिफॉर्म्स किए: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा, ‘इंडोनेशिया हो या भारत हम दोनों ही देश विकास के लिए अधीर हैं. हमारे पास न रूकने का मौका है, न थमने का. आज भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की ग्रोथ और ड्राइव करने में बड़ी भूमिका निभा रही है. जब दुनिया पर कोरोना का इतना बड़ा संकट आया तो भी भारत की अर्थव्यवस्था ठप नहीं पड़ी. जब वेस्ट एशिया का इतना बड़ा संकट चल रहा था, तब भी भारत की अर्थव्यवस्था थमी नहीं. ये रफ्तार ऐसे ही नहीं आई है. भारत ने एक के बाद एक रिफॉर्म्स किए हैं, हमने लगातार परफॉर्म किया है इसलिए आज देश ट्रांसफॉर्म हो रहा है.’

ओडिशा के पूर्व सीएम बीजू पटनायाक ने इंडोनेशिया में पीएम मोदी की तारीफ

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ओडिशा के पूर्व सीएम बीजू पटनायाक ने इंडोनेशिया में पीएम मोदी की तारीफ
इंडोनेशिया दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी ने ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक की जमकर तारीफ की है. उन्होंने कहा है कि देश की आजादी के लड़ाई के दौरान डच कब्जे वाले जावा से इंडोनेशियाई नेताओं को सुरक्षित निकालने में पटनायक का अहम रोल रहा.

पीएम मोदी ने कहा कि पटनायक एक पायलट थे. उन्होंने देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री सुल्तान शहरिर और उपराष्ट्रपति मोहम्मद हट्टा को सुरक्षित भारत पहुंचाया था. इससे भारत और इंडोनेशिया के बीच नजदीकी बढ़ी.

उन्होंने कहा कि हमारे दोनों देशों को लगभग एक ही समय में आजादी मिली. इंडोनेशिया को 1945 में और भारत को 1947 में. जब आजाद देशों के तौर पर संप्रुभता की बात आई तो भारत ने संयुक्त राष्ट्र में इंडोनेशिया के आजादी के आंदोलन का मजबूती से समर्थन किया. इस दौरान में सम्मानित बीजू पटनायक ने भूमिका निभाई थी. इस तरह से उन्होंने पीएम सुल्तान शहरिर और उपराष्ट्रपति मोहम्मद हट्टा को सुरक्षित भारत पहुंचाया. उससे दोनों देश और करीब आए. .

पीएम मोदी ने किस घटनाक्रम का किया जिक्र
दरअसल, बात 1947 की है. यहां डच औपनिवेशिक शासन के खिलाफ इंडोनिशयाई राष्ट्रीय क्रांति में जान जोखिम में डालकर बीजू पटनायक ने एक अहम भूमिका निभाई थी. उन्होंने नेहरू के अनुरोध पर डच लोगों की घेराबंदी को तोड़ते हुए इंडोनेशिया के शीर्ष विद्रोही नेताओं को बचाया. उनकी आजादी की लड़ाई की ओर दुनिया का ध्यान खींचा. बात सेकंड वर्ल्ड वॉर के वक्त की है. जब डच लोगों ने इंडोनेशिया पर फिर से कब्जा करने की कोशिश की थी. एक बड़ा सैन्य हमला किया था.

उन्होंने आजादी के आंदोलन को दबाने के लिए इंडोनेशियाई पीएम सुल्तान शहरिर और वाइस प्रेसीडेंट मोहम्मद हट्टा को जकार्ता में नजरबंद कर दिया था. साथ ही बाहर निकलने के सभी रास्ते बंद कर दिए. तब नेहरू ने 31 साल के पटनायक को नेताओं के बाहर निकालने के लिए एक सीक्रेट मिशन पर भेजा. ताकि डच लोगों के खिलाफ इंटरनेशनल लेवल पर माहौल बना सकें.

बीजू पटनायक के साथ उनकी पत्नी भी थीं साथ
जुलाई 1947 में बीजू पटनायक और उनकी को पायलट जो उनकी पत्नी भी थी ज्ञानवती पटनायक ने डगलस सी-47 सेना का विमान को भारत से इंडोनेशियाई हवाई क्षेत्र में उड़ाया. इसपर डच लोगों की तरफ से विमान को मार गिराने की धमकी दी. इसके जवाब में पटनायक ने कहा कि किसी भी हमले का नतीजा यह होगा कि बदले में भारतीय आसमान में डच विमानों को निशाना बनाया जाएगा. इसके बाद सफलतापूर्वक शजरिर और हट्टा को सिंगापुर के रास्ते देश से बाहर निकाला. 24 जुलाई 1947 को सुरक्षित नई दिल्ली पहुंच गए थे.

बी-1, खसरा, ऋण पुस्तिका एवं भूमि संबंधी अन्य जानकारी व्हाट्सएप के माध्यम से उपलब्ध कराने की होगी व्यवस्था

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बी-1, खसरा, ऋण पुस्तिका एवं भूमि संबंधी अन्य जानकारी व्हाट्सएप के माध्यम से उपलब्ध कराने की होगी व्यवस्था
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। उन्होंने विभाग द्वारा किए जा रहे प्रशासनिक सुधारों, तकनीक आधारित नवाचारों तथा नागरिकों एवं किसानों को सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराने के प्रयासों की समीक्षा करते हुए उनके प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की स्पष्ट नीति राजस्व प्रशासन को पारदर्शी, जवाबदेह एवं भ्रष्टाचारमुक्त बनाना है। राजस्व मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा नागरिकों को बिना अनावश्यक कार्यालयीन आवागमन के गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

बैठक में डिजिटल किसान किताब एवं भूमि संबंधी दस्तावेजों के डिजिटलीकरण की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि किसानों को बी-1, खसरा, ऋण पुस्तिका तथा भूमि संबंधी अन्य जानकारी व्हाट्सएप के माध्यम से सहज रूप से उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि उन्हें तहसील अथवा पटवारी कार्यालय जाने की आवश्यकता न पड़े। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग सीधे आमजन एवं किसानों के जीवन से जुड़ा विभाग है, इसलिए शासन के सभी सुधारों एवं नवाचारों का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध रूप से पहुंचना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने आरबीसी 6-4 के प्रकरणों का त्वरित एवं संवेदनशीलता के साथ निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आरबीसी 6-4 की ऑनलाइन व्यवस्था एक महत्वपूर्ण सुधार है, जिसके लागू होने पर आवेदक स्वयं ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे तथा संपूर्ण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सरल एवं समयबद्ध होगी। उन्होंने अविवादित फौती नामांतरण की प्रक्रिया पंचायतों के माध्यम से संपादित करने की दिशा में आवश्यक कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने लंबित राजस्व प्रकरणों के शीघ्र निराकरण पर विशेष बल देते हुए सीमांकन प्रकरणों का निर्धारित समय-सीमा में निपटारा सुनिश्चित करने तथा समय-सीमा से बाहर लंबित प्रकरणों की जिला-वार नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।

बैठक में VASUNDHARA (Verified Accessible System for Unified Digital Land Records & Historical Archives) परियोजना की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने नकल शाखा को पूर्णतः ऑनलाइन करने के लिए इस परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि परियोजना के अंतर्गत राज्य के सभी जिला एवं तहसील कार्यालयों के महत्वपूर्ण राजस्व अभिलेखों का एकीकृत डिजिटल अभिलेखागार विकसित किया जाएगा। इससे प्रमाणित अभिलेखों का निर्गमन कुछ ही मिनटों में संभव होगा तथा अभिलेखों में छेड़छाड़ की संभावनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने असर्वेक्षित ग्रामों, विशेषकर अबूझमाड़ क्षेत्र में सर्वेक्षण कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि राजस्व अभिलेख तैयार हो सकें, भूमि अभिलेख अद्यतन हों तथा स्थानीय नागरिकों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।

बैठक में स्वामित्व योजना, वन अधिकार पट्टों की प्रविष्टि एवं नामांतरण, पट्टाधृति अधिनियम-2023 के प्रभावी क्रियान्वयन, एग्री स्टैक, फार्मर रजिस्ट्री एवं एक्सेम्प्टेड कैटेगरी फार्मर रजिस्ट्री की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने आगामी खरीफ सीजन के डिजिटल क्रॉप सर्वे एवं गिरदावरी की सभी तैयारियां समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण नहीं, बल्कि नागरिकों को तेज, पारदर्शी, जवाबदेह एवं विश्वासपूर्ण राजस्व व्यवस्था उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के नीतिगत सुधारों एवं नवाचारों से राजस्व प्रशासन में सकारात्मक परिवर्तन आया है और इसे और अधिक प्रभावी बनाना सभी अधिकारियों की सामूहिक जिम्मेदारी है।

बैठक में साइबर तहसील व्यवस्था लागू करने की संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस व्यवस्था के माध्यम से अविवादित नामांतरण, अविवादित बंटवारा सहित विभिन्न राजस्व सेवाएं केंद्रीकृत एवं पूर्णतः ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा सकेंगी। मुख्यमंत्री ने अन्य राज्यों के अनुभवों का अध्ययन कर नागरिक हित में आवश्यक नीतिगत निर्णय लेने के निर्देश दिए।

बैठक में ई-कोर्ट प्रणाली, रेवेन्यू बोर्ड एवं संभागीय आयुक्त कार्यालयों में ऑनलाइन साक्ष्य प्रस्तुत करने की व्यवस्था, नक्शा डिजिटाइजेशन, ऑटो म्यूटेशन, ऑटो डायवर्सन तथा भू-अर्जन से संबंधित विषयों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि धमतरी, अंबिकापुर एवं जगदलपुर में नक्शा परियोजना का पायलट कार्य प्रारंभ किया गया है, जिसे दिसंबर 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग में पटवारी, राजस्व निरीक्षक, लिपिक एवं अन्य रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती, तहसीलों के अधोसंरचना विकास तथा तहसीलदारों के लिए आवश्यक वाहन उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।

बैठक में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव प्रभात मलिक, राजस्व विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, विशेष सचिव श्रीमती इफ़्फत आरा, संचालक भू-अभिलेख विनीत नंदनवार, संयुक्त सचिव अरविन्द एक्का सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

छात्राओं की फ्री स्कूटी योजना 5 साल बढ़ी, हॉकी खिलाड़ियों को मिलेगा नकद इनाम – MP कैबिनेट

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छात्राओं की फ्री स्कूटी योजना 5 साल बढ़ी, हॉकी खिलाड़ियों को मिलेगा नकद इनाम – MP कैबिनेट
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, कृषि, रोजगार और जल प्रबंधन से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। सरकार ने छात्राओं की फ्री स्कूटी योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने, हॉकी खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार देने, अतिरिक्त खरीदे गए अनाज के ई-ऑक्शन और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने जैसे कई निर्णय लिए।

फ्री स्कूटी योजना अगले 5 साल जारी
कैबिनेट ने मेधावी छात्राओं के लिए संचालित फ्री स्कूटी योजना की अवधि अगले पांच वर्षों तक बढ़ाने का फैसला किया। इसका उद्देश्य उच्च शिक्षा के लिए छात्राओं को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना और उन्हें प्रोत्साहित करना है।

‘नमो हरे’ योजना को 100 करोड़ रुपये
कैबिनेट ने ‘नमो हरे’ योजना के लिए अगले पांच वर्षों में 100 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने का निर्णय लिया। साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की सीधी भर्ती की जाएगी। नियुक्त डॉक्टरों का तीन वर्षों तक तबादला नहीं होगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी।

शिवपुरी में एयरोस्पेस यूनिट से 10 हजार रोजगार
बैठक में शिवपुरी में विकसित हो रही अडानी एयरोस्पेस यूनिट की प्रगति की भी समीक्षा हुई। सरकार का अनुमान है कि परियोजना शुरू होने के बाद 10 हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।

हॉकी खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार
जापान में आयोजित हॉकी एशिया कप में स्वर्ण पदक जीतने वाली मध्य प्रदेश की छह खिलाड़ियों को तीन-तीन लाख रुपये तथा कांस्य पदक जीतने वाले चार खिलाड़ियों को एक-एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि देने का निर्णय लिया गया।

स्वामित्व योजना में राहत
ग्रामीण पट्टाधारकों को राहत देते हुए कैबिनेट ने फैसला किया कि स्वामित्व योजना के तहत पट्टा रजिस्ट्री पर लगने वाला सेस अब राज्य सरकार वहन करेगी। इससे लाभार्थियों पर आर्थिक बोझ कम होगा।

गुजरात को 217 करोड़ रुपये
सरदार सरोवर जल समझौते के तहत मध्य प्रदेश सरकार गुजरात को 217 करोड़ रुपये का भुगतान करेगी। जल बंटवारे से जुड़े वित्तीय प्रावधानों में हुए बदलाव के बाद यह निर्णय लिया गया।

अतिरिक्त अनाज का होगा ई-ऑक्शन
सरकार ने समर्थन मूल्य पर खरीदे गए अतिरिक्त गेहूं, धान, ज्वार और बाजरा के निस्तारण के लिए नई व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। अब बचा हुआ अनाज ई-ऑक्शन के जरिए बेचा जाएगा। इसके लिए राज्य स्तरीय समिति गठित की जाएगी, जो मात्रा और मूल्य तय करेगी।

ज्ञान भारतम् योजना में मध्य प्रदेश पहले स्थान पर
केंद्र सरकार की ज्ञान भारतम् योजना में मध्य प्रदेश देश में पहले स्थान पर रहा है। प्रदेश में 34 लाख पंजीकरण हुए हैं। योजना के तहत टीकमगढ़ से जंबूद्वीप का लगभग 10 फीट लंबा ऐतिहासिक नक्शा और बुरहानपुर से करीब 20 वर्ष पुरानी हस्तलिखित पांडुलिपि भी चिन्हित की गई है।

लाखों लोगों पर पड़ेगा असर
कैबिनेट के इन फैसलों का सीधा लाभ छात्रों, किसानों, खिलाड़ियों, ग्रामीण पट्टाधारकों, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं को मिलने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि इन निर्णयों से प्रदेश में शिक्षा, खेल, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र को नई गति मिलेगी।