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अमेरिका ने लगातार पांचवे दिन ईरान पर दागीं मिसाइलें, एक जहाज तबाह

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अमेरिका ने लगातार पांचवे दिन ईरान पर दागीं मिसाइलें, एक जहाज तबाह
मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। अमेरिका ने ईरान के खिलाफ कार्रवाई के पांचवें दिन भी ईरानी ठिकानों पर हमले किए हैं। इस दौरान अमेरिकी बलों ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के बंदरगाहों पर लगाए गए नौसैनिक ब्लॉकेड को तोड़ने की कोशिश कर रहे एक खाली ऑयल टैंकर को निष्क्रिय कर दिया।

एक जहाज पर दागीं मिसाइलें
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, एक अमेरिकी एयरक्राफ्ट ने जहाज के स्मोकस्टैक में हेलफायर मिसाइलें दागीं, जिसके बाद एक जहाज डिसेबल हो गया और वह ईरान की ओर आगे नहीं बढ़ सका।

अमेरिकी सेना ने बताया कि बुधवार को एक अमेरिकी विमान ने ईरान के बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहे एक खाली तेल टैंकर पर गोलीबारी करके उसे निष्क्रिय कर दिया।

इसके अलावा, अमेरिकी बलों ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा के लिए ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए हमले जारी रखे। गौरतलब है कि इससे पहले भी अमेरिका ईरानी बंदरगाहों को ब्लॉक कर चुका है, जिस दौरान कई जहाजों को प्रभावित किया जा चुका है।

बंदर अब्बास, अहवाज और चाबहार में विस्फोट
अमेरिकी सेंट्रल कमांड द्वारा घोषित अमेरिकी हवाई हमलों के एक नए दौर के बाद, ईरान के कई हिस्सों में विस्फोटों की खबरें आईं, जिनमें दक्षिणी बंदरगाह शहर बंदर अब्बास और शहर अहवाज और चाबहार शामिल हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के साथ किया आत्मीय व प्रेरक संवाद

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के साथ किया आत्मीय व प्रेरक संवाद
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी युवा, नारी, किसान और गरीब वर्ग को आगे बढ़ाने के लिए सतत प्रयासरत है। इन वर्गों के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाएं संचालित की जा रही है और उससे समाज सशक्त भी हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य शासन पशुपालन, डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश में पशुधन बढ़े और दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हो, यह जरूरी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज इंदौर में लक्ष्मीबाई नगर कृषि उपज मण्डी में बलराम कृषि महोत्सव में आयोजित सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषिगत कार्यों से जुड़े विषयों पर प्रेरक विषयवस्तु बनाने वाले युवा इन्फ्लुएंसर्स से आत्मीय व प्रेरक संवाद किया। उन्होंने युवा इन्फ्लुएंसर्स के प्रश्न का जवाब देते हुए कहा कि फसल चक्र में बदलाव करते रहे ताकि मिट्टी उर्वरा बनी रहे। वहीं अल्पवर्षा की स्थिति में किसानों को नुकसान नहीं हो। इसके लिये किसान कम अवधि की फसलों की बुवाई करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश भर से आये सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को आव्हान किया कि वे राज्य शासन द्वारा चलायी जा रही योजनाओं पर केन्द्रीत रील्स बनायें, ताकि किसानों को योजनाओं का लाभ मिल सके।

कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, मध्यप्रदेश गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष ओम जैन, जिला पंचायत अध्यक्ष रीना सतीश मालवीय, विधायक मधु वर्मा, मालिनी गौड़, गोलू शुक्ला, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, श्रवण चावड़ा, कपिल यार्दें सहित अन्य जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद थे।

वृद्ध, दिव्यांग और निराश्रितों के घर तक पहुंचाया जाएगा मुफ्त राशन, योगी सरकार शुरू करेगी नई पहल

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वृद्ध, दिव्यांग और निराश्रितों के घर तक पहुंचाया जाएगा मुफ्त राशन, योगी सरकार शुरू करेगी नई पहल
खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज पांडेय ने कहा है कि अब राज्य के प्रत्येक वृद्ध, दिव्यांग, असहाय और निराश्रित व्यक्ति के घर तक प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का खाद्यान्न पहुंचाया जाएगा। अब उन्हें सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों तक नहीं जाना होगा। इसमें शिथिलता करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होगी।

ऐसे लोगों को चिन्हित करने का कार्य चल रहा है। इसके अतिरिक्त दो माह में 47 लाख लोगों को मुफ्त खाद्यान्न योजना से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। इस दिशा में अभियान चल रहा है।

बुधवार को लोकभवन में पत्रकार वार्ता में मंत्री पांडेय ने कहा कि वह अब तक 16 जिलों में चौपाल लगाकर जनता की समस्या सुन चुके हैं। बिना भेदभाव, राजनीतिक कटुता के 16 करोड़ नागरिकों को खाद्यान्न योजना का लाभ दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सीधा निर्देश है कि एक भी पात्र वंचित नहीं रहना चाहिए, राजनीतिक कारणों या ग्रामीण स्तर पर प्रतिद्वंदिता चलते अगर किसी पात्र व्यक्ति का नाम लाभार्थी सूची से कट गया है तो ग्रामीण चौपालों में ही उसे जोड़ा जाएगा।

प्रत्येक पंचायत में बनाए जाएंगे अन्नपूर्णा भवन
इसी निगरानी वह खुद कर रहे हैं हैं। सीधे ग्रामीणों से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों को गांव-गांव जाने का निर्देश दिया गया है। वह खुद गांवों में प्रवास करेंगे और लोगों की बात सुनेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर से किया राज्य स्तरीय बलराम कृषि महोत्सव का शुभारंभ

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर से किया राज्य स्तरीय बलराम कृषि महोत्सव का शुभारंभ
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को इंदौर में राज्य स्तरीय बलराम कृषि महोत्सव का शुभारंभ करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 को “किसान कल्याण वर्ष” के रूप में समर्पित किया है। इस उद्देश्य से कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता, एमएसएमई, राजस्व, ऊर्जा सहित 16 विभागों को एक साथ लाकर किसानों के समग्र विकास का अभियान प्रारंभ किया गया है और किसानों की आय बढ़ाने के लिये रोडमैप तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने, आधुनिक तकनीक उपलब्ध कराने, प्रसंस्करण, विपणन और रोजगार से जोड़ने का व्यापक अभियान है, जो अब पूरे प्रदेश के सभी जिलों में आयोजित किया जाएगा। अभियान के तहत प्रदेश के सभी 55 जिलों में आगामी 13 नवम्बर तक अनेक आयोजन होंगे और खेती-किसानी पर आधारित गतिविधियां आयोजित की जायेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों, महिलाओं, युवाओं और गरीबों के सर्वांगीण विकास का संकल्प लेकर सरकार आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि यदि देश के इन चार वर्गों का विकास सुनिश्चित हो जाता है तो भारत की उन्नति स्वतः सुनिश्चित हो जाएगी। किसान इन चारों वर्गों के केंद्र में है, इसलिए सरकार ने किसान कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष सरकार ने उद्योग एवं रोजगार वर्ष मनाया था, जिसके परिणामस्वरूप प्रदेश में 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश धरातल पर उतर रहे हैं। अब उसी प्रकार वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाते हुए कृषि क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन लाया जा रहा है।

इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, मध्यप्रदेश गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष ओम जैन, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीना सतीश मालवीय, विधायक मधु वर्मा, श्रीमती मालिनी गौड़, गोलू शुक्ला, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा, श्रवण चावड़ा, कपिल यार्दें सहित अन्य जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद थे।

शुभारंभ समारोह को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है। प्रदेश की 250 से अधिक नदियाँ लाखों लोगों के जीवन को समृद्ध बनाती हैं। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने नर्मदा जैसी जीवनदायिनी नदी के जल का समुचित उपयोग नहीं किया, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नर्मदा घाटी परियोजनाओं को नई गति मिली। अनेक योजनाओं ने मालवा अंचल को सिंचाई और पेयजल उपलब्ध कराया तथा प्रदेश की बिजली उत्पादन क्षमता को भी मजबूत किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1956 से लेकर 2003 तक प्रदेश में केवल 7.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध थी, जबकि हमारी सरकारों ने इसे बढ़ाकर 65 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाया है। आगामी वर्षों में सिंचित क्षेत्र को और बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान की समृद्धि का आधार पानी, बिजली और सड़क है। इन तीनों क्षेत्रों में सरकार ने ऐतिहासिक कार्य किए हैं। उन्होंने बताया कि किसानों को अब रात्रि के बजाय दिन में कृषि बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार तेजी से काम कर रही है, जिससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी और खेती करना अधिक सुविधाजनक होगा। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। इस वर्ष गेहूं की खरीदी 2625 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर की गई। इसी प्रकार सोयाबीन उत्पादकों को भावांतर योजना के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराई गई। उन्होंने कहा कि हमारी सरकारों को छोड़कर अन्य पूर्ववर्ती सरकारों के समय किसानों को न उचित मूल्य मिलता था और न ही समर्थन मूल्य पर व्यवस्थित खरीदी होती थी। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण उपलब्ध कराने की योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि अब किसानों को हर छह माह में ऋण नवीनीकरण कराने की आवश्यकता नहीं होगी। किसान यदि जून में ऋण लेते हैं तो अगले वर्ष जून में ही राशि जमा कर सकेंगे। इससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।

नदी जोड़ों परियोजनाओं से मिलेगा 13 जिलों को लाभ

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के समय परिकल्पित केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रारंभ पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) परियोजना मध्यप्रदेश के जल इतिहास को बदल देंगी। लगभग एक लाख करोड़ रुपये की लागत वाली इन परियोजनाओं से श्योपुर, मुरैना, भिंड, ग्वालियर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, उज्जैन, नीमच, मंदसौर सहित 13 जिलों को सिंचाई एवं पेयजल का लाभ मिलेगा। इससे पश्चिमी मध्यप्रदेश और मालवा क्षेत्र को भी बड़ी राहत मिलेगी।

मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि सरकार खेती को केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि “खेत से कारखाने और कारखाने से बाजार” तक संपूर्ण कृषि अर्थव्यवस्था विकसित की जा रही है। प्रदेश में तेजी से फूड प्रोसेसिंग इकाइयाँ स्थापित हो रही हैं। हाल ही में उज्जैन में 1250 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित आलू प्रसंस्करण इकाई प्रदेश के 32 जिलों से आलू खरीदेगी, जिससे किसानों को स्थायी बाजार मिलेगा। इसी प्रकार इंदौर, आगर, उज्जैन सहित अनेक जिलों में कृषि आधारित उद्योग स्थापित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने बच्चों से संवाद कर जानी आंगनवाड़ी संचालन की गतिविधियां

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मुख्यमंत्री ने बच्चों से संवाद कर जानी आंगनवाड़ी संचालन की गतिविधियां
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आदर्श आंगनवाड़ी केंद्र बच्चों के सर्वांगीण विकास की प्रथम पाठशाला है। सरकार द्वारा छोटे बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों पर सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सीएसआर फंड से बनाए गए सदावल में स्थित इस आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किये गये है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा निरंतर इस दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। आंगनवाड़ी केंद्रों का नियमित रूप से विकास किया जा रहा है, जिससे निरंतर उनकी दशा में सकारात्मक परिवर्तन आ रहे हैं। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा बच्चों के विकास एवं पढ़ाई के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को उज्जैन के स्वेज फार्म सक्षम आदर्श आंगनवाड़ी केंद्र के अवलोकन एवं हितलाभ वितरण कार्यक्रम में उक्त बातें कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पोषण आहार सप्ताह के अंतर्गत लगाई गई पोषण प्रदर्शनी का अवलोकन कर सराहना की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि आंगनवाड़ी के बच्चों के लिए सर्व सुविधा युक्त पक्के भवन, फर्नीचर, खिलौने, पोषण आहार, स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, प्रारंभिक शिक्षा सब कुछ एक ही छत के नीचे एक ही जगह उपलब्ध करवाया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि बच्चों का सर्वांगीण विकास हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आंगनवाड़ी केंद्र में व्यवस्थाओं का अवलोकन कर बच्चों से संवाद किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आंगनवाड़ी केंद्र पर फूड जोन, स्वास्थ्य परीक्षण कक्ष, मेडिसिन कक्ष का अवलोकन कर जानकारी ली। उज्जैन कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने आंगनवाड़ी केंद्र में संचालित गतिविधियों की जानकारी दी।

प्रभारी मंत्री लोधी ने मूंदी में सांदीपनि विद्यालय व जनपद के नए भवन का लोकार्पण किया

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प्रभारी मंत्री लोधी ने मूंदी में सांदीपनि विद्यालय व जनपद के नए भवन का लोकार्पण किया
प्रदेश सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा खंडवा जिले के प्रभारी मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने बुधवार को मूंदी में आयोजित कार्यक्रम में 37.50 करोड़ रुपए लागत से निर्मित सांदीपनि विद्यालय मूंदी के नवनिर्मित भवन एवं 80 लाख रुपए लागत से बने जनपद पंचायत पुनासा के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया। मूंदी के सांदीपनि विद्यालय के मैदान में आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्रीय सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, खंडवा की विधायक कंचन मुकेश तन्वे, मांधाता विधायक नारायण पटेल, पंधाना विधायक श्रीमती छाया मोरे, जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती पिंकी सुदेश वानखेड़े, कलेक्टर ऋषव गुप्ता और नगर पंचायत मूंदी की अध्यक्ष ज्योतिबाला राठौर, जिला भाजपा अध्यक्ष राजपाल सिंह तोमर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण मौजूद थे।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री लोधी ने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में विकास कार्यों की श्रृंखला लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि मूंदी में 37.50 करोड़ रुपए लागत से निर्मित सांदीपनि विद्यालय एक बड़ी उपलब्धि है। इस विद्यालय के बनने से मूंदी एवं आसपास के गांवों के विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय शिक्षा की सुविधा मूंदी में ही मिलने लगेगी। प्रभारी मंत्री लोधी ने इस अवसर पर कहा कि संदीपनी स्कूलों में आधुनिकतम ई-लाइब्रेरी भौतिक, रसायन और जीव विज्ञान की प्रयोगशालाएं और कंप्यूटर लैब जैसी सभी सुविधाएं उपलब्ध है। अब गरीबी पढ़ाई में बाधक नहीं है। क्योंकि गरीब का बच्चा भी सरकारी स्कूलों में बेहतर सुविधाएं पाकर अपना परीक्षा परिणाम सुधार सकता है और अपना भविष्य उज्ज्वल बना सकता है। उन्होंने धर्मस्व विभाग की ओर से संत बुखार दास बाबा मेले के लिए प्रतिवर्ष 10 लाख रुपए स्वीकृत करने की घोषणा भी की। कार्यक्रम के अंत में प्रभारी मंत्री लोधी ने उपस्थित विद्यार्थियों एवं अन्य नागरिकों को नशा मुक्ति संबंधी शपथ दिलाई।
सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने इस अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि पहले सरकारी स्कूलों में संसाधनों की कमी रहती थी, और शिक्षकों के पद रिक्त रहते थे, अब सरकार ने शिक्षकों के पदों पर बड़ी संख्या में भर्ती की है जिससे अब स्कूलों में शिक्षकों की कमी नहीं रही है। उन्होंने कहा कि सांदीपनि विद्यालयों में उच्चस्तरीय शिक्षा व्यवस्था, खेल के मैदान और घर से स्कूल आने जाने के लिए बसों की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को हम बेहतर सुविधा देंगे तभी तो वे अच्छे परीक्षा परिणाम लाएंगे और अपना भविष्य उज्ज्वल बना सकेंगे। सांसद पाटिल ने कहा कि अब जरूरत है कि बच्चे मन लगाकर पढ़ें, और अपने मनपसंद कोर्स पूरे कर बड़े बड़े पदों पर चयनित हों।
मांधाता विधायक नारायण पटेल ने इस अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मूंदी में संदीपनि विद्यालय स्वीकृत कर क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए विकास के अवसर खोल दिए हैं। उन्होंने कहा कि सांदीपनि विद्यालयों में प्राइवेट स्कूलों से भी अच्छी पढ़ाई हो रही है और महानगर स्तर पर उपलब्ध होने वाली शिक्षा सुविधाएं इन स्कूलों में बच्चों को मिल रही हैं। कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री लोधी ने विज्ञान प्रदर्शनी में बच्चों द्वारा बनाए गए मॉडल देखे। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली पर्वतारोही अमिता श्रीवास को दी बधाई

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली पर्वतारोही अमिता श्रीवास को दी बधाई
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज जांजगीर-चांपा जिले की होनहार पर्वतारोही अमिता श्रीवास ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने विश्व की सर्वोच्च चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराकर इतिहास रचने वाली अमिता श्रीवास को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।इस अवसर पर विधायक गोमती साय उपस्थित थीं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अमिता श्रीवास ने अपने साहस, अदम्य इच्छाशक्ति, अनुशासन और अटूट संकल्प के बल पर विश्व की सबसे ऊँची चोटी पर भारत का तिरंगा लहराकर न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे देश का गौरव बढ़ाया है। उनकी यह उपलब्धि प्रदेश के लिए अत्यंत गर्व और सम्मान का विषय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद लक्ष्य के प्रति समर्पण और निरंतर प्रयास से असंभव प्रतीत होने वाले लक्ष्य भी प्राप्त किए जा सकते हैं। अमिता श्रीवास की सफलता प्रदेश के युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा का सशक्त उदाहरण है।

उल्लेखनीय है कि जांजगीर-चांपा जिले की रहने वाली पर्वतारोही अमिता श्रीवास ने 22 मई को समुद्र तल से 8,848.86 मीटर ऊंची दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराकर छत्तीसगढ़ और देश का गौरव बढ़ाया है।

प्रदेश के विकास और जनहित के संकल्पों को साकार करने का सशक्त मंच है विधानसभा – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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प्रदेश के विकास और जनहित के संकल्पों को साकार करने का सशक्त मंच है विधानसभा – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा लोकसेवा का वह केन्द्र है जहां जनसेवक संसदीय सदन में लोक कल्याण का पावन अनुष्ठान संपादित करते हैं और इसलिए लोकतंत्र में संसदीय सदन को मंदिर की संज्ञा दी गयी है और इस मंदिर की प्रतिष्ठा सभी सदस्यों के आचरण व्यवहार और विचार पर निर्भर करती है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा की गणना देश की श्रेष्ठ विधानसभाओं के उदाहरण के रूप में होती है। इस विधानसभा में पक्ष-प्रतिपक्ष के मध्य जो समन्वय है, सामन्जस्य है, और समादर का भाव है, वह निश्चित रूप से प्रशंसनीय और अनुकरणीय है।

राज्यपाल डेका ने अपने संबोधन में सभी सम्मानित जनप्रतिनिधियों एवं पत्रकारों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि लोकतंत्र के इस मंदिर में जनप्रतिनिधियों का दायित्व है कि वे जनता के प्रति उत्तरदायी रहते हुए समर्पण भाव से कार्य करें। राज्यपाल डेका ने कहा कि सभी प्रतिनिधि मिलकर प्रदेश के विकास के लिए कार्य करें, तभी राज्य निरंतर प्रगति करेगा। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों से संवाद, स्वच्छता अभियान में सहभागिता तथा समाज के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाले कार्यों को प्राथमिकता देने का भी आह्वान किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा देश की पहली और एकमात्र ऐसी विधानसभा है, जहां गर्भगृह में किसी विधायक के प्रवेश करते ही वे स्वतः निलंबित हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था केवल नियमों का पालन नहीं, बल्कि आत्मानुशासन, संसदीय मर्यादा और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है। ऐसी विशिष्ट संसदीय परंपराओं ने छत्तीसगढ़ विधानसभा को राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई है।

मुख्यमंत्री साय ने लोकतंत्र में पत्रकारिता की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और पत्रकार लोकतांत्रिक व्यवस्था को जनता से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा की कार्यवाही, जनहित के मुद्दों और लोकतांत्रिक विमर्श को निष्पक्ष एवं तथ्यपरक ढंग से जनता तक पहुँचाने में संसदीय पत्रकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सम्मानित पत्रकारों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी निष्पक्ष एवं जिम्मेदार पत्रकारिता लोकतंत्र को और अधिक सशक्त बनाती है।

मुख्यमंत्री साय ने सम्मानित विधायकों की सराहना करते हुए कहा कि धरमलाल कौशिक का सार्वजनिक जीवन अत्यंत समृद्ध और अनुभवपूर्ण रहा है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष जैसे विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन करते हुए संसदीय परंपराओं को समृद्ध किया है। वहीं राघवेंद्र कुमार सिंह ने प्रथम बार विधायक निर्वाचित होने के बावजूद सदन में तथ्यपूर्ण, अध्ययनशील एवं प्रभावी ढंग से अपनी बात रखकर एक सकारात्मक पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि दोनों जनप्रतिनिधियों का सम्मान लोकतांत्रिक मूल्यों और उत्कृष्ट संसदीय आचरण के प्रति सम्मान का प्रतीक है।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि नवीन विधानसभा भवन के लोकार्पण के बाद आज नवनिर्मित प्रेक्षागृह का लोकार्पण विधानसभा के विकास की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा की षष्ठम विधानसभा अपने कार्यकाल में उत्कृष्ट संसदीय परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सदैव स्मरणीय रहेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि पक्ष और प्रतिपक्ष राजनीतिक मतभेदों के बावजूद प्रदेशहित के विषयों पर सकारात्मक और सार्थक चर्चा करते हैं। यही स्वस्थ लोकतंत्र की पहचान है।

डॉ. रमन सिंह ने कहा कि उत्कृष्टता अलंकरण केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों का सम्मान नहीं है, बल्कि यह संसदीय लोकतंत्र की सर्वोत्तम परंपराओं को प्रोत्साहित करने का माध्यम भी है। ऐसे सम्मान जनप्रतिनिधियों, पत्रकारों और लोकतांत्रिक संस्थाओं को और अधिक उत्तरदायी तथा उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रेरित करते हैं।

समारोह के सांस्कृतिक आयोजन में देश के प्रख्यात भजन गायक अनूप जलोटा ने अपने लोकप्रिय भजनों की मनोहारी प्रस्तुति देकर उपस्थित जनसमूह को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। उनकी मधुर एवं भावपूर्ण प्रस्तुति ने पूरे प्रेक्षागृह को आध्यात्मिक वातावरण से अनुप्राणित कर दिया और कार्यक्रम को अविस्मरणीय बना दिया।

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, विधायकगण, विधानसभा के सचिव दिनेश शर्मा, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, पत्रकार तथा विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

ग्रामीण विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ना विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में महत्वपूर्ण कदम : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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ग्रामीण विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ना विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में महत्वपूर्ण कदम : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज पूरी दुनिया कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स, ड्रोन, डेटा साइंस और डिजिटल तकनीकों की ओर तेजी से आगे बढ़ रही है। ऐसे समय में यह आवश्यक है कि ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों को भी इन उभरती हुई तकनीकों का ज्ञान और व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि अवसरों में किसी प्रकार की असमानता न रहे और गाँव का बच्चा भी भविष्य की तकनीकों में उतना ही सक्षम बने जितना किसी महानगर का विद्यार्थी होता है।

उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति का मूल उद्देश्य भी विद्यार्थियों में कौशल, नवाचार, प्रयोगधर्मिता और रचनात्मक सोच का विकास करना है। यह मोबाइल लैब उसी दिशा में एक सार्थक प्रयास है, जो बच्चों को केवल तकनीक का उपयोग करना ही नहीं सिखाएगी, बल्कि उन्हें नई तकनीकों के निर्माण और नवाचार की दिशा में भी प्रेरित करेगी।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि आज का युग विज्ञान और तकनीक का युग है तथा बच्चों को समय के साथ नई तकनीकों से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ‘भावना दीदी की साइंस पाठशाला’ जैसी अभिनव पहल ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को भी वही अवसर उपलब्ध कराएगी, जो बड़े शहरों के विद्यार्थियों को मिलते हैं। इससे बच्चों में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा बढ़ेगी, नवाचार की सोच विकसित होगी और वे आधुनिक तकनीकों को समझने के साथ उनका व्यावहारिक उपयोग भी सीख सकेंगे।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि मोबाइल लैब के माध्यम से विद्यार्थी केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि स्वयं ड्रोन उड़ाने, रोबोट संचालित करने, 3डी मॉडल तैयार करने और आधुनिक उपकरणों पर कार्य करने का अनुभव प्राप्त करेंगे। उन्होंने कहा कि यह पहल ग्रामीण प्रतिभाओं को नई दिशा देने के साथ-साथ भविष्य के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों की मजबूत नींव तैयार करेगी।

उन्होंने पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा की सराहना करते हुए कहा कि वे अपने विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा, नवाचार और युवा प्रतिभाओं के विकास के लिए निरंतर नए प्रयास कर रही हैं। यह मोबाइल साइंस लैब भी उनकी दूरदर्शी सोच और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है, जो आने वाले समय में हजारों विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाएगी।

मोबाइल लैब की तकनीकी सुविधाओं का किया अवलोकन

कार्यक्रम के दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मोबाइल इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब का अवलोकन किया। प्रशिक्षकों ने उन्हें लैब में उपलब्ध विभिन्न उपकरणों, प्रशिक्षण मॉड्यूल और शिक्षण प्रणाली की विस्तार से जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने विशेष रुचि लेते हुए एआई, रोबोटिक्स, ड्रोन और अन्य तकनीकी उपकरणों का स्वयं निरीक्षण किया तथा यह जाना कि विद्यार्थी किस प्रकार इन तकनीकों को व्यवहारिक रूप से सीखेंगे। उन्होंने इसे ग्रामीण प्रतिभाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने वाला अभिनव और प्रेरणादायी प्रयास बताया। उन्होंने लैब में प्रदर्शित विभिन्न तकनीकी मॉड्यूल का अवलोकन करते हुए प्रशिक्षकों से प्रशिक्षण प्रक्रिया की जानकारी ली और बच्चों को मिलने वाले व्यावहारिक अनुभव की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रयोग आधारित शिक्षा विद्यार्थियों में सीखने की रुचि और आत्मविश्वास दोनों को बढ़ाती है।

एक वर्ष में पाँच हजार से अधिक विद्यार्थियों तक पहुँचेगी तकनीकी शिक्षा

उल्लेखनीय है कि यह मोबाइल इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के शासकीय विद्यालयों तथा सरस्वती शिशु मंदिरों में जाकर प्रशिक्षण प्रदान करेगी। पाँच अनुभवी प्रशिक्षकों की टीम प्रत्येक विद्यालय में तीन से पाँच दिनों की कार्यशाला आयोजित करेगी, जिसमें विद्यार्थियों को AI, रोबोटिक्स, ड्रोन एवं एयरोमॉडलिंग, 3डी प्रिंटिंग, कोडिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स तथा AR/VR जैसी आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत पहले वर्ष में पाँच हजार से अधिक विद्यार्थियों तक तकनीकी शिक्षा पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रथम चरण में कक्षा 10वीं, 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी, जबकि आगामी चरणों में अन्य कक्षाओं के विद्यार्थियों को भी इसका लाभ मिलेगा।

इस मोबाइल लैब की सबसे बड़ी विशेषता इसकी हैंड्स-ऑन लर्निंग पद्धति है। विद्यार्थी स्वयं ड्रोन उड़ाना, रोबोट संचालित करना, कोडिंग करना, 3डी मॉडल तैयार करना तथा AI और AR/VR जैसी तकनीकों का वास्तविक अनुभव प्राप्त करेंगे। इससे उनमें तकनीकी समझ, रचनात्मकता, समस्या समाधान क्षमता और नवाचार की भावना का विकास होगा।

कार्यक्रम के दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मोबाइल लैब में स्थापित फीडबैक बोर्ड पर अपने विचार भी लिखे और इस अभिनव पहल की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक श्रीमती भावना बोहरा, विधायक सुशांत शुक्ला, विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सु मोना सेन सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे।

‘हैवानियत’ शुरू करेंगे Akshay Kumar

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‘हैवानियत’ शुरू करेंगे Akshay Kumar
भूत बंगला और वेलकम टू द जंगल जैसी कॉमेडी फिल्मों के बाद अक्षय कुमार (Akshay Kumar) मोस्ट अवेटेड मूवी हैवान में नजर आएंगे। निर्देशक प्रियदर्शन के साथ अक्षय की ये 8वीं फिल्म है, जिसकी चर्चा लंबे समय से चल रही है। अब तक प्रियदर्शन संग अधिक कॉमेडी फिल्में करने वाले अक्की अब हैवान के जरिए हैवानियत फैलाने को तैयार हैं।

देर रात अक्षय कुमार ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया था, जिसके जरिए उन्होंने ये जानकारी दी थी कि बुधवार यानी आज हैवान (Haiwaan) को लेकर बहुत बड़ा सरप्राइज मिलने वाला है।

हैवान का आएगा टीजर
फिल्म हैवान की चर्चा काफी वक्त से हो रही है। अक्षय कुमार और सैफ अली खान जैसे कलाकारों से सजी हैवान एक साइको थ्रिलर फिल्म है, जिसमें दोनों की कलाकारों का किरदार काफी अहम रहने वाला है।

18 साल बाद अक्षय और सैफ की वापसी
फिल्म हैवान के जरिए अक्षय कुमार और सैफ अली खान की जोड़ी लंबी समय बाद वापसी करेगी। मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी, आरजू और टशन जैसी कई मूवीज में नजर आने वाले अक्षय और सैफ 18 साल बाद फिल्म हैवान में एक साथ नजर आएंगे। इस मूवी का एलान बीते साल प्रियदर्शन की तरफ से किया गया था। इस वजह से हैवान को लेकर फैंस की एक्साइटमेंट काफी हाई है।