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मुख्यमंत्री ने बच्चों से संवाद कर जानी आंगनवाड़ी संचालन की गतिविधियां

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मुख्यमंत्री ने बच्चों से संवाद कर जानी आंगनवाड़ी संचालन की गतिविधियां
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आदर्श आंगनवाड़ी केंद्र बच्चों के सर्वांगीण विकास की प्रथम पाठशाला है। सरकार द्वारा छोटे बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों पर सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सीएसआर फंड से बनाए गए सदावल में स्थित इस आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किये गये है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा निरंतर इस दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। आंगनवाड़ी केंद्रों का नियमित रूप से विकास किया जा रहा है, जिससे निरंतर उनकी दशा में सकारात्मक परिवर्तन आ रहे हैं। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा बच्चों के विकास एवं पढ़ाई के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को उज्जैन के स्वेज फार्म सक्षम आदर्श आंगनवाड़ी केंद्र के अवलोकन एवं हितलाभ वितरण कार्यक्रम में उक्त बातें कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पोषण आहार सप्ताह के अंतर्गत लगाई गई पोषण प्रदर्शनी का अवलोकन कर सराहना की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि आंगनवाड़ी के बच्चों के लिए सर्व सुविधा युक्त पक्के भवन, फर्नीचर, खिलौने, पोषण आहार, स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, प्रारंभिक शिक्षा सब कुछ एक ही छत के नीचे एक ही जगह उपलब्ध करवाया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि बच्चों का सर्वांगीण विकास हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आंगनवाड़ी केंद्र में व्यवस्थाओं का अवलोकन कर बच्चों से संवाद किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आंगनवाड़ी केंद्र पर फूड जोन, स्वास्थ्य परीक्षण कक्ष, मेडिसिन कक्ष का अवलोकन कर जानकारी ली। उज्जैन कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने आंगनवाड़ी केंद्र में संचालित गतिविधियों की जानकारी दी।

प्रभारी मंत्री लोधी ने मूंदी में सांदीपनि विद्यालय व जनपद के नए भवन का लोकार्पण किया

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प्रभारी मंत्री लोधी ने मूंदी में सांदीपनि विद्यालय व जनपद के नए भवन का लोकार्पण किया
प्रदेश सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा खंडवा जिले के प्रभारी मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने बुधवार को मूंदी में आयोजित कार्यक्रम में 37.50 करोड़ रुपए लागत से निर्मित सांदीपनि विद्यालय मूंदी के नवनिर्मित भवन एवं 80 लाख रुपए लागत से बने जनपद पंचायत पुनासा के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया। मूंदी के सांदीपनि विद्यालय के मैदान में आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्रीय सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, खंडवा की विधायक कंचन मुकेश तन्वे, मांधाता विधायक नारायण पटेल, पंधाना विधायक श्रीमती छाया मोरे, जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती पिंकी सुदेश वानखेड़े, कलेक्टर ऋषव गुप्ता और नगर पंचायत मूंदी की अध्यक्ष ज्योतिबाला राठौर, जिला भाजपा अध्यक्ष राजपाल सिंह तोमर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण मौजूद थे।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री लोधी ने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में विकास कार्यों की श्रृंखला लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि मूंदी में 37.50 करोड़ रुपए लागत से निर्मित सांदीपनि विद्यालय एक बड़ी उपलब्धि है। इस विद्यालय के बनने से मूंदी एवं आसपास के गांवों के विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय शिक्षा की सुविधा मूंदी में ही मिलने लगेगी। प्रभारी मंत्री लोधी ने इस अवसर पर कहा कि संदीपनी स्कूलों में आधुनिकतम ई-लाइब्रेरी भौतिक, रसायन और जीव विज्ञान की प्रयोगशालाएं और कंप्यूटर लैब जैसी सभी सुविधाएं उपलब्ध है। अब गरीबी पढ़ाई में बाधक नहीं है। क्योंकि गरीब का बच्चा भी सरकारी स्कूलों में बेहतर सुविधाएं पाकर अपना परीक्षा परिणाम सुधार सकता है और अपना भविष्य उज्ज्वल बना सकता है। उन्होंने धर्मस्व विभाग की ओर से संत बुखार दास बाबा मेले के लिए प्रतिवर्ष 10 लाख रुपए स्वीकृत करने की घोषणा भी की। कार्यक्रम के अंत में प्रभारी मंत्री लोधी ने उपस्थित विद्यार्थियों एवं अन्य नागरिकों को नशा मुक्ति संबंधी शपथ दिलाई।
सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने इस अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि पहले सरकारी स्कूलों में संसाधनों की कमी रहती थी, और शिक्षकों के पद रिक्त रहते थे, अब सरकार ने शिक्षकों के पदों पर बड़ी संख्या में भर्ती की है जिससे अब स्कूलों में शिक्षकों की कमी नहीं रही है। उन्होंने कहा कि सांदीपनि विद्यालयों में उच्चस्तरीय शिक्षा व्यवस्था, खेल के मैदान और घर से स्कूल आने जाने के लिए बसों की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को हम बेहतर सुविधा देंगे तभी तो वे अच्छे परीक्षा परिणाम लाएंगे और अपना भविष्य उज्ज्वल बना सकेंगे। सांसद पाटिल ने कहा कि अब जरूरत है कि बच्चे मन लगाकर पढ़ें, और अपने मनपसंद कोर्स पूरे कर बड़े बड़े पदों पर चयनित हों।
मांधाता विधायक नारायण पटेल ने इस अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मूंदी में संदीपनि विद्यालय स्वीकृत कर क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए विकास के अवसर खोल दिए हैं। उन्होंने कहा कि सांदीपनि विद्यालयों में प्राइवेट स्कूलों से भी अच्छी पढ़ाई हो रही है और महानगर स्तर पर उपलब्ध होने वाली शिक्षा सुविधाएं इन स्कूलों में बच्चों को मिल रही हैं। कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री लोधी ने विज्ञान प्रदर्शनी में बच्चों द्वारा बनाए गए मॉडल देखे। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली पर्वतारोही अमिता श्रीवास को दी बधाई

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली पर्वतारोही अमिता श्रीवास को दी बधाई
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज जांजगीर-चांपा जिले की होनहार पर्वतारोही अमिता श्रीवास ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने विश्व की सर्वोच्च चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराकर इतिहास रचने वाली अमिता श्रीवास को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।इस अवसर पर विधायक गोमती साय उपस्थित थीं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अमिता श्रीवास ने अपने साहस, अदम्य इच्छाशक्ति, अनुशासन और अटूट संकल्प के बल पर विश्व की सबसे ऊँची चोटी पर भारत का तिरंगा लहराकर न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे देश का गौरव बढ़ाया है। उनकी यह उपलब्धि प्रदेश के लिए अत्यंत गर्व और सम्मान का विषय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद लक्ष्य के प्रति समर्पण और निरंतर प्रयास से असंभव प्रतीत होने वाले लक्ष्य भी प्राप्त किए जा सकते हैं। अमिता श्रीवास की सफलता प्रदेश के युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा का सशक्त उदाहरण है।

उल्लेखनीय है कि जांजगीर-चांपा जिले की रहने वाली पर्वतारोही अमिता श्रीवास ने 22 मई को समुद्र तल से 8,848.86 मीटर ऊंची दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराकर छत्तीसगढ़ और देश का गौरव बढ़ाया है।

प्रदेश के विकास और जनहित के संकल्पों को साकार करने का सशक्त मंच है विधानसभा – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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प्रदेश के विकास और जनहित के संकल्पों को साकार करने का सशक्त मंच है विधानसभा – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा लोकसेवा का वह केन्द्र है जहां जनसेवक संसदीय सदन में लोक कल्याण का पावन अनुष्ठान संपादित करते हैं और इसलिए लोकतंत्र में संसदीय सदन को मंदिर की संज्ञा दी गयी है और इस मंदिर की प्रतिष्ठा सभी सदस्यों के आचरण व्यवहार और विचार पर निर्भर करती है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा की गणना देश की श्रेष्ठ विधानसभाओं के उदाहरण के रूप में होती है। इस विधानसभा में पक्ष-प्रतिपक्ष के मध्य जो समन्वय है, सामन्जस्य है, और समादर का भाव है, वह निश्चित रूप से प्रशंसनीय और अनुकरणीय है।

राज्यपाल डेका ने अपने संबोधन में सभी सम्मानित जनप्रतिनिधियों एवं पत्रकारों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि लोकतंत्र के इस मंदिर में जनप्रतिनिधियों का दायित्व है कि वे जनता के प्रति उत्तरदायी रहते हुए समर्पण भाव से कार्य करें। राज्यपाल डेका ने कहा कि सभी प्रतिनिधि मिलकर प्रदेश के विकास के लिए कार्य करें, तभी राज्य निरंतर प्रगति करेगा। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों से संवाद, स्वच्छता अभियान में सहभागिता तथा समाज के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाले कार्यों को प्राथमिकता देने का भी आह्वान किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा देश की पहली और एकमात्र ऐसी विधानसभा है, जहां गर्भगृह में किसी विधायक के प्रवेश करते ही वे स्वतः निलंबित हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था केवल नियमों का पालन नहीं, बल्कि आत्मानुशासन, संसदीय मर्यादा और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है। ऐसी विशिष्ट संसदीय परंपराओं ने छत्तीसगढ़ विधानसभा को राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई है।

मुख्यमंत्री साय ने लोकतंत्र में पत्रकारिता की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और पत्रकार लोकतांत्रिक व्यवस्था को जनता से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा की कार्यवाही, जनहित के मुद्दों और लोकतांत्रिक विमर्श को निष्पक्ष एवं तथ्यपरक ढंग से जनता तक पहुँचाने में संसदीय पत्रकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सम्मानित पत्रकारों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी निष्पक्ष एवं जिम्मेदार पत्रकारिता लोकतंत्र को और अधिक सशक्त बनाती है।

मुख्यमंत्री साय ने सम्मानित विधायकों की सराहना करते हुए कहा कि धरमलाल कौशिक का सार्वजनिक जीवन अत्यंत समृद्ध और अनुभवपूर्ण रहा है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष जैसे विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन करते हुए संसदीय परंपराओं को समृद्ध किया है। वहीं राघवेंद्र कुमार सिंह ने प्रथम बार विधायक निर्वाचित होने के बावजूद सदन में तथ्यपूर्ण, अध्ययनशील एवं प्रभावी ढंग से अपनी बात रखकर एक सकारात्मक पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि दोनों जनप्रतिनिधियों का सम्मान लोकतांत्रिक मूल्यों और उत्कृष्ट संसदीय आचरण के प्रति सम्मान का प्रतीक है।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि नवीन विधानसभा भवन के लोकार्पण के बाद आज नवनिर्मित प्रेक्षागृह का लोकार्पण विधानसभा के विकास की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा की षष्ठम विधानसभा अपने कार्यकाल में उत्कृष्ट संसदीय परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सदैव स्मरणीय रहेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि पक्ष और प्रतिपक्ष राजनीतिक मतभेदों के बावजूद प्रदेशहित के विषयों पर सकारात्मक और सार्थक चर्चा करते हैं। यही स्वस्थ लोकतंत्र की पहचान है।

डॉ. रमन सिंह ने कहा कि उत्कृष्टता अलंकरण केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों का सम्मान नहीं है, बल्कि यह संसदीय लोकतंत्र की सर्वोत्तम परंपराओं को प्रोत्साहित करने का माध्यम भी है। ऐसे सम्मान जनप्रतिनिधियों, पत्रकारों और लोकतांत्रिक संस्थाओं को और अधिक उत्तरदायी तथा उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रेरित करते हैं।

समारोह के सांस्कृतिक आयोजन में देश के प्रख्यात भजन गायक अनूप जलोटा ने अपने लोकप्रिय भजनों की मनोहारी प्रस्तुति देकर उपस्थित जनसमूह को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। उनकी मधुर एवं भावपूर्ण प्रस्तुति ने पूरे प्रेक्षागृह को आध्यात्मिक वातावरण से अनुप्राणित कर दिया और कार्यक्रम को अविस्मरणीय बना दिया।

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, विधायकगण, विधानसभा के सचिव दिनेश शर्मा, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, पत्रकार तथा विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

ग्रामीण विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ना विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में महत्वपूर्ण कदम : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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ग्रामीण विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ना विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में महत्वपूर्ण कदम : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज पूरी दुनिया कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स, ड्रोन, डेटा साइंस और डिजिटल तकनीकों की ओर तेजी से आगे बढ़ रही है। ऐसे समय में यह आवश्यक है कि ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों को भी इन उभरती हुई तकनीकों का ज्ञान और व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि अवसरों में किसी प्रकार की असमानता न रहे और गाँव का बच्चा भी भविष्य की तकनीकों में उतना ही सक्षम बने जितना किसी महानगर का विद्यार्थी होता है।

उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति का मूल उद्देश्य भी विद्यार्थियों में कौशल, नवाचार, प्रयोगधर्मिता और रचनात्मक सोच का विकास करना है। यह मोबाइल लैब उसी दिशा में एक सार्थक प्रयास है, जो बच्चों को केवल तकनीक का उपयोग करना ही नहीं सिखाएगी, बल्कि उन्हें नई तकनीकों के निर्माण और नवाचार की दिशा में भी प्रेरित करेगी।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि आज का युग विज्ञान और तकनीक का युग है तथा बच्चों को समय के साथ नई तकनीकों से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ‘भावना दीदी की साइंस पाठशाला’ जैसी अभिनव पहल ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को भी वही अवसर उपलब्ध कराएगी, जो बड़े शहरों के विद्यार्थियों को मिलते हैं। इससे बच्चों में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा बढ़ेगी, नवाचार की सोच विकसित होगी और वे आधुनिक तकनीकों को समझने के साथ उनका व्यावहारिक उपयोग भी सीख सकेंगे।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि मोबाइल लैब के माध्यम से विद्यार्थी केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि स्वयं ड्रोन उड़ाने, रोबोट संचालित करने, 3डी मॉडल तैयार करने और आधुनिक उपकरणों पर कार्य करने का अनुभव प्राप्त करेंगे। उन्होंने कहा कि यह पहल ग्रामीण प्रतिभाओं को नई दिशा देने के साथ-साथ भविष्य के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों की मजबूत नींव तैयार करेगी।

उन्होंने पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा की सराहना करते हुए कहा कि वे अपने विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा, नवाचार और युवा प्रतिभाओं के विकास के लिए निरंतर नए प्रयास कर रही हैं। यह मोबाइल साइंस लैब भी उनकी दूरदर्शी सोच और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है, जो आने वाले समय में हजारों विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाएगी।

मोबाइल लैब की तकनीकी सुविधाओं का किया अवलोकन

कार्यक्रम के दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मोबाइल इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब का अवलोकन किया। प्रशिक्षकों ने उन्हें लैब में उपलब्ध विभिन्न उपकरणों, प्रशिक्षण मॉड्यूल और शिक्षण प्रणाली की विस्तार से जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने विशेष रुचि लेते हुए एआई, रोबोटिक्स, ड्रोन और अन्य तकनीकी उपकरणों का स्वयं निरीक्षण किया तथा यह जाना कि विद्यार्थी किस प्रकार इन तकनीकों को व्यवहारिक रूप से सीखेंगे। उन्होंने इसे ग्रामीण प्रतिभाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने वाला अभिनव और प्रेरणादायी प्रयास बताया। उन्होंने लैब में प्रदर्शित विभिन्न तकनीकी मॉड्यूल का अवलोकन करते हुए प्रशिक्षकों से प्रशिक्षण प्रक्रिया की जानकारी ली और बच्चों को मिलने वाले व्यावहारिक अनुभव की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रयोग आधारित शिक्षा विद्यार्थियों में सीखने की रुचि और आत्मविश्वास दोनों को बढ़ाती है।

एक वर्ष में पाँच हजार से अधिक विद्यार्थियों तक पहुँचेगी तकनीकी शिक्षा

उल्लेखनीय है कि यह मोबाइल इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के शासकीय विद्यालयों तथा सरस्वती शिशु मंदिरों में जाकर प्रशिक्षण प्रदान करेगी। पाँच अनुभवी प्रशिक्षकों की टीम प्रत्येक विद्यालय में तीन से पाँच दिनों की कार्यशाला आयोजित करेगी, जिसमें विद्यार्थियों को AI, रोबोटिक्स, ड्रोन एवं एयरोमॉडलिंग, 3डी प्रिंटिंग, कोडिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स तथा AR/VR जैसी आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत पहले वर्ष में पाँच हजार से अधिक विद्यार्थियों तक तकनीकी शिक्षा पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रथम चरण में कक्षा 10वीं, 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी, जबकि आगामी चरणों में अन्य कक्षाओं के विद्यार्थियों को भी इसका लाभ मिलेगा।

इस मोबाइल लैब की सबसे बड़ी विशेषता इसकी हैंड्स-ऑन लर्निंग पद्धति है। विद्यार्थी स्वयं ड्रोन उड़ाना, रोबोट संचालित करना, कोडिंग करना, 3डी मॉडल तैयार करना तथा AI और AR/VR जैसी तकनीकों का वास्तविक अनुभव प्राप्त करेंगे। इससे उनमें तकनीकी समझ, रचनात्मकता, समस्या समाधान क्षमता और नवाचार की भावना का विकास होगा।

कार्यक्रम के दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मोबाइल लैब में स्थापित फीडबैक बोर्ड पर अपने विचार भी लिखे और इस अभिनव पहल की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक श्रीमती भावना बोहरा, विधायक सुशांत शुक्ला, विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सु मोना सेन सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे।

‘हैवानियत’ शुरू करेंगे Akshay Kumar

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‘हैवानियत’ शुरू करेंगे Akshay Kumar
भूत बंगला और वेलकम टू द जंगल जैसी कॉमेडी फिल्मों के बाद अक्षय कुमार (Akshay Kumar) मोस्ट अवेटेड मूवी हैवान में नजर आएंगे। निर्देशक प्रियदर्शन के साथ अक्षय की ये 8वीं फिल्म है, जिसकी चर्चा लंबे समय से चल रही है। अब तक प्रियदर्शन संग अधिक कॉमेडी फिल्में करने वाले अक्की अब हैवान के जरिए हैवानियत फैलाने को तैयार हैं।

देर रात अक्षय कुमार ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया था, जिसके जरिए उन्होंने ये जानकारी दी थी कि बुधवार यानी आज हैवान (Haiwaan) को लेकर बहुत बड़ा सरप्राइज मिलने वाला है।

हैवान का आएगा टीजर
फिल्म हैवान की चर्चा काफी वक्त से हो रही है। अक्षय कुमार और सैफ अली खान जैसे कलाकारों से सजी हैवान एक साइको थ्रिलर फिल्म है, जिसमें दोनों की कलाकारों का किरदार काफी अहम रहने वाला है।

18 साल बाद अक्षय और सैफ की वापसी
फिल्म हैवान के जरिए अक्षय कुमार और सैफ अली खान की जोड़ी लंबी समय बाद वापसी करेगी। मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी, आरजू और टशन जैसी कई मूवीज में नजर आने वाले अक्षय और सैफ 18 साल बाद फिल्म हैवान में एक साथ नजर आएंगे। इस मूवी का एलान बीते साल प्रियदर्शन की तरफ से किया गया था। इस वजह से हैवान को लेकर फैंस की एक्साइटमेंट काफी हाई है।

रोग, कर्ज व शत्रु बाधा से राहत के लिए महादेव को प्रसन्न करने के प्रभावी उपाय

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रोग, कर्ज व शत्रु बाधा से राहत के लिए महादेव को प्रसन्न करने के प्रभावी उपाय
साल 2026 का सावन भगवान शिव के भक्तों के लिए कई मायनों में बेहद खास रहने वाला है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इस बार सावन के दौरान ऐसे कई दुर्लभ संयोग बन रहे हैं, जो सालों के बाद देखने को मिलते हैं। इस बार सावन का महीना 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक रहेगा। पूरे महीने शिव मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक और जलाभिषेक का आयोजन होगा।
इस बार क्यों खास रहेगा सावन?

सावन के 4 सोमवार में से 2 सोमवार विशेष महत्व के माने जा रहे हैं। सबसे बड़ा संयोग 17 अगस्त को बन रहा है। इस दिन सावन सोमवार के साथ नाग पंचमी का पर्व भी मनाया जाएगा।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सामान्यतः नाग पंचमी और सावन सोमवार अलग-अलग तिथियों पर पड़ते हैं, लेकिन इस बार दोनों का एक साथ आना अत्यंत दुर्लभ संयोग माना जा रहा है। ज्योतिषीय मान्यता है कि ऐसा योग करीब 23 साल बाद बन रहा है। इससे पहले यह संयोग वर्ष 2003 में देखने को मिला था।

नाग पंचमी और सावन सोमवार का संयुक्त प्रभाव
मान्यता है कि सावन सोमवार और नाग पंचमी के दिन भगवान शिव को श्रद्धापूर्वक बेलपत्र अर्पित करने से राहु-केतु से जुड़े दोषों में कमी आती है। साथ ही जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, मानसिक शांति और सुख-समृद्धि का संचार होता है। इस दिन शिव उपासना करने से कालसर्प दोष, ग्रह बाधाओं और नकारात्मक प्रभावों से भी राहत मिलने की मान्यता है

राहुल गांधी को राहत, कोर्ट ने खारिज की निगरानी याचिका

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राहुल गांधी को राहत, कोर्ट ने खारिज की निगरानी याचिका
गृहमंत्री अमित शाह पर कथित विवादित टिप्पणी से जुड़े मानहानि के मामले में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को एमपी-एमएलए कोर्ट से राहत मिली है। स्पेशल जज राकेश यादव की अदालत ने भाजपा नेता विजय मिश्र की निगरानी याचिका खारिज कर दी। अदालत ने मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप से इनकार किया। इस फैसले से स्पेशल मजिस्ट्रेट की अदालत में लंबित मानहानि मुकदमे की सुनवाई का रास्ता साफ हो गया है।

अब मामले में 18 जुलाई को सुनवाई होगी। स्पेशल जज ने अपने आदेश में कहा कि मजिस्ट्रेट कोर्ट में लंबित अंतिम बहस की कार्यवाही को रोकना उचित नहीं था। अदालत ने माना कि परिवादी की ओर से दायर निगरानी याचिका स्वीकार करने योग्य नहीं है। यह मामला भाजपा नेता विजय मिश्र ने वर्ष 2018 में दायर किया था। आरोप है कि राहुल गांधी ने अमित शाह के संबंध में विवादित टिप्पणी की थी।

आवाज के नमूने की मांग खारिज
मुकदमे की सुनवाई के दौरान विजय मिश्र ने 12 मार्च को राहुल गांधी की आवाज का नमूना जांच कराने की मांग की थी। स्पेशल मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा की अदालत ने 2 मई को यह अर्जी खारिज कर दी थी। उन्होंने जमानतनामा प्रस्तुत करने और अंतिम बहस आगे बढ़ाने का आदेश दिया था। विजय मिश्र ने इस आदेश को एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में चुनौती दी थी। बुधवार को स्पेशल जज ने उनकी याचिका खारिज कर दी।

IRCTC की नई बीटा वेबसाइट लॉन्च, बदला टिकट बुकिंग का अंदाज

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IRCTC की नई बीटा वेबसाइट लॉन्च, बदला टिकट बुकिंग का अंदाज
रेल मंत्री ने छात्रों से किया अपना वादा तय समय पर पूरा कर दिया है। यात्रियों को बेहतर टिकट बुकिंग अनुभव देने के लिए आईआरसीटीसी की नई वेबसाइट का बीटा वर्जन बुधवार को लॉन्च कर दिया गया। नई वेबसाइट को यूजर्स के लिए ट्रायल के तौर पर उपलब्ध कराया गया है, ताकि यात्री इसके नए डिजाइन और सुविधाओं का अनुभव लेकर अपने सुझाव दे सकें।

आईआरसीटीसी की नई वेबसाइट को यूजर एक्सपीरियंस बेहतर बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें आसान नेविगेशन, साफ-सुथरा इंटरफेस और टिकट बुकिंग प्रक्रिया को सरल बनाने पर जोर दिया गया है। वेबसाइट में किए गए सुधारों के सुझाव मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MNIT) के छात्रों ने रेल मंत्री के साथ बातचीत के दौरान दिए थे।

आईआरसीटीसी वेबसाइट की शुरुआत साल 2002 में हुई थी और फिलहाल इस पर रोजाना औसतन करीब 14.5 लाख टिकट बुक होते हैं। नई वेबसाइट में चार बड़े बदलाव किए गए हैं।

ICC ने वेस्टइंडीज के लिए पास किया लोन

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ICC ने वेस्टइंडीज के लिए पास किया लोन
अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने वेस्टइंडीज क्रिकेट में सुधार के लिए बड़ा लोन पास किया है. स्कॉटलैंड की राजधानी एडिनबरा में जय शाह की अध्यक्षता में हुई आईसीसी की वार्षिक आम बैठक (AGM) में इस लोन को मंजूरी दी गई. लोन की रकम 12.82 मिलियन अमेरिकी डॉलर है. अगर इस रकम को भारतीय पैसों में तब्दील किया जाए तो करीब 123 करोड़ रुपये बनते हैं.

यह लोन बोर्ड को जरूरी आर्थिक मदद देगा. वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड घटती कमाई, खत्म होते कैश रिजर्व और 2026 में होने वाले एक और बड़े नुकसान की आशंका से जूझ रहा है. आईसीसी ने लोन देते वक्त कहा कि ‘यह सदस्य बोर्ड के समर्थन करने के लिए है.’
लोन चुकाने पर कोई खुलासा नहीं

हालांकि गौर करने वाली बात यह है कि लोन चुकाने की अवधि, ब्याज दर, सिक्योरिटी से जुड़े इंतजाम या फंडिंग से जुड़ी शर्तों का खुलासा नहीं किया गया है. अब देखना दिलचस्प होगा कि वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड आईसीसी के जरिए दिए गए लोन को किस तरह से अपने क्रिकेट में सुधार के लिए इस्तेमाल करता है. यह पहला मौका नहीं है कि जब वेस्टइंडीज क्रिकेट की आर्थिक मदद की गई हो, इससे पहले भी कई बार बोर्ड को इस तरह की मदद मिल चुकी है.
मुश्किल में वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड

वेस्टइंडीज क्रिकेट इन दिनों आर्थिक तंगी से जूझ रहा है. 30 सितंबर 2025 को खत्म हुए साल के लिए क्रिकेट वस्टइंजडीज के ऑडिट किए गए खातों में 28.14 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 270 करोड़ रुपये) का ऑपरेटिंग लॉस दिखाया गया. पिछले फाइनेंशियल ईयर में बोर्ड ने 23.12 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 222 करोड़ रुपये) का ऑपरेटिंग प्रॉफिट दर्ज किया था.

बोर्ड का रेवेन्यू 2024 में 88.35 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 850 करोड़ रुपये) से घटकर 2025 में 40.89 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 393 करोड़ रुपये) हो गया. यह 53 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट रही. इसके अलावा टूर और टूर्नामेंट से जुड़े खर्च 36.85 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 354 करोड़ रुपये) से बढ़कर USD 41.59 मिलियन (करीब 400 करोड़ रुपये) हो गए.