Home Blog

72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड में चमकी Yami Gautam की Article 370

0

72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड में चमकी Yami Gautam की Article 370
72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स के विजेताओं की घोषणा 18 जुलाई को हुई। जहां एक तरफ कार्तिक आर्यन और ममूटी ने बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड शेयर किया, तो वहीं साल 2024 में रिलीज हुई यामी गौतम की फिल्म ‘आर्टिकल 370’ सबसे बड़ी विजेता बनकर उभरी।

यामी गौतम की फिल्म ‘आर्टिकल 370’ को न सिर्फ बेस्ट फीचर फिल्म के पुरस्कार से सम्मानित किया गया, बल्कि इस मूवी में उनकी एक्टिंग भी काफी सराहनीय रही। यामी गौतम ने इस फिल्म के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड भी जीता।

किस ओटीटी प्लेटफॉर्म पर देखें ‘आर्टिकल-370’?
यामी गौतम की फिल्म ‘आर्टिकल 370’ 23 फरवरी 2024 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। इस मूवी ने थिएटर्स में 50 दिन पूरे किए थे और जब 19 अप्रैल 2024 को यह फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म पर आई, तो यह उस साल की टॉप 10 ग्लोबल ट्रेंडिंग फिल्मों में से एक बन गई। यामी गौतम ने फिल्म में NIA ऑफिसर जूनी हक्सर का दमदार किरदार अदा किया था।

अगर आपने अभी तक यह मूवी नहीं देखी है और आपको इसकी कहानी नहीं पता है, तो निराश होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि ‘आर्टिकल 370’ नेटफ्लिक्स (Netflix) पर अभी भी उपलब्ध है। दर्शकों ने इस बात की काफी सराहना की थी कि यह फिल्म बिना किसी गैर-जरूरी ड्रामे के सीधे अपने मुद्दे पर बात करती है।

‘आर्टिकल 370’ बॉक्स ऑफिस पर हिट हुई थी या फ्लॉप?
नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स की घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर ‘आर्टिकल 370’ को लेकर सर्च काफी बढ़ गया है। कई लोग गूगल पर यह जानने के इच्छुक हैं कि यामी गौतम स्टारर यह फिल्म 2024 में बॉक्स ऑफिस पर हिट हुई थी या फ्लॉप?

मध्य प्रदेश के ओंकारेश्वर में ऋणमुक्तेश्वर महादेव मंदिर में दाल चढ़ाने की अनोखी परंपरा

0

मध्य प्रदेश के ओंकारेश्वर में ऋणमुक्तेश्वर महादेव मंदिर में दाल चढ़ाने की अनोखी परंपरा
हम सभी ने भगवान शिव के मंदिर में उन्हें दूध, बेलपत्र, शहद, गंगाजल और पानी चढ़ाते हुए तो देखा होगा, लेकिन क्या कभी किसी शिव मंदिर में दाल चढ़ाते किसी को देखा है?

चौकिए मत मध्य प्रदेश की तीर्थ नगरी कहा जाने वाला ओंकारेश्वर अपने धार्मिक महत्व और आस्था के लिए दुनियाभर में जाना जाता है। इस नगरी में स्थित है ऋणमुक्तेश्वर महादेव का मंदिर जो देश के अन्य शिव मंदिरों से थोड़ा अलग है।
मध्य प्रदेश का ऋणमुक्तेश्वर मंदिर

इस मंदिर में भगवान शिव के शिवलिंग को दूध, बेलपत्र और गंगाजल के अलावा दाल भी चढ़ाई जाती है। ऋणमुक्तेश्वर मंदिर को लेकर मान्यता है कि, यहां सच्ची श्रद्धा के साथ दाल चढ़ाने से व्यक्ति को कर्ज से मुक्ति मिलने के साथ जीवन में सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

नर्मदा नदी के तट पर बसे इस प्राचीन मंदिर में रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के लिए आते हैं। खासकर सोमवार, शिवरात्रि और धार्मिक उत्सवों के मौके पर यहां भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। मंदिर में दर्शन करने से पहले भक्त नर्मदा नदी में स्नान करते हैं, और इसके बाद ऋणमुक्तेश्वर महादेव मंदिर में प्रवेश कर उन्हें चने की दाल अर्पित करते हैं।

महाभारत काल से जुड़ा है मंदिर का इतिहास
भगवान शिव का ऋणमुक्तेश्वर मंदिर का इतिहास पांडव काल से जुड़ा है। अज्ञातवास के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के कहने पर पांडवों ने ऋण से मुक्ति पाने के लिए ऋणमुक्तेश्वर महादेव मंदिर की स्थापना की थी। जब अज्ञातवास खत्म हुआ तो, यहां आकर सभी पांडवों ने भगवान का आभार जताया था।

उसी परंपरा का अनुसरण करते हुए इस मंदिर में आने वाले भक्त शिवलिंग पर चने की दाल अर्पित करते हैं। मंदिर की यही खासियत इसे अन्य शिव मंदिरों से अलग बनाती है। माना जाता है कि, दाल चढ़ाने की परंपरा कोई आज की नहीं बल्कि अनादिकाल से चली आ रही है।

ऋणमुक्तेश्वर मंदिर से जुड़ी प्रचलित मान्यता
ऋणमुक्तेश्वर मंदिर में भगवान शिव को दाल चढ़ाने के पीछे एक प्रचलित मान्यता यह भी है कि, ऋणमुक्तेश्वर मंदिर देवताओं के गुरु कहे जाने बृहस्पति का निवास स्थान है। भगवान शिव ने यहां सभी को अलग-अलग स्थान दिया था, जिसमें बृहस्पति को ऋणमुक्तेश्वर मंदिर स्थान दिया गया।

आग की घटनाओं को लेकर योगी सरकार हुई सख्त, फायर NOC की अनिवार्यता वाले सभी भवनों की मांगी लिस्ट

0

आग की घटनाओं को लेकर योगी सरकार हुई सख्त, फायर NOC की अनिवार्यता वाले सभी भवनों की मांगी लिस्ट
हाल के दिनों में लखनऊ सहित अन्य शहरों में भवनों में आग लगने की घटनाओं से हुए जान माल के नुकसान को देखते हुए नगर विकास विभाग ने उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद, विकास प्राधिकरणों, विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरणों तथा समस्त विनियमित क्षेत्र से फायर अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) की अनिवार्यता वाले भवनों की सूची मांगी है।

इस सूची में भवन मालिकों का नाम व पता, फायर एनओसी की स्थिति, मानचित्र स्वीकृति की तिथि, भवन के आक्युपेंसी का प्रकार, भवन की ऊंचाई, भवन का भू-क्षेत्र आदि विवरण शामिल करने को कहा गया है।

उप निदेशक वीपी नागेश ने इस आशय का पत्र समस्त आवास एवं विकास परिषदों के आयुक्त, समस्त विकास प्राधिकरणों के उपाध्यक्ष, समस्त विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरणों के अध्यक्ष के साथ ही समस्त विनियमित क्षेत्र के जिलाधिकारी/नियंत्रक अधिकारी को भेजा है।

जिसमें निर्धारित प्रारूप पर फायर एनओसी की अनिवार्यता वाले भवनों की सूची तैयार कर निदेशक, आवास बंधु लखनऊ व शासन को तत्काल भेजने के लिए कहा गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की मंत्रि-परिषद् बैठक और विधानसभा सत्र की तैयारियों की समीक्षा

0

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की मंत्रि-परिषद् बैठक और विधानसभा सत्र की तैयारियों की समीक्षा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में एक उच्च स्तरीय बैठक ली। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार, 19 जुलाई को भोपाल जिले के ग्राम जगदीशपुर के पुरातात्विक धरोहर स्थल में होने वाली मंत्रि-परिषद् की बैठक एवं सोमवार, 20 जुलाई से प्रारंभ होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र की तैयारियों की गहन समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद् की बैठक में अनुमोदन के लिए लाये जाने वाले विधेयक प्रस्तावों की विस्तार से जानकारी प्राप्त की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा एवं संसदीय कार्य अनुपम राजन, अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन विभाग एवं संस्कृति शिवशेखर शुक्ला, अपर मुख्य सचिव नगरीय प्रशासन एवं आवास संजय दुबे, अपर मुख्य सचिव वित्त मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्धन राघवेन्द्र कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव कौशलेन्द्र विक्रम सिंह सहित सचिव, अपर सचिव एवं उप सचिव स्तर के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

कोलकाता में आयोजित 17वें सीएससी स्थापना दिवस समारोह में धमतरी के कृषि नवाचार की सराहना, ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कृषि सेवाओं के विस्तार का बना मॉडल

0

कोलकाता में आयोजित 17वें सीएससी स्थापना दिवस समारोह में धमतरी के कृषि नवाचार की सराहना, ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कृषि सेवाओं के विस्तार का बना मॉडल

कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के 17वें स्थापना दिवस के अवसर पर पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित धोनो धान्यो ऑडिटोरियम में आयोजित राष्ट्रीय समारोह में छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले की अभिनव पहल PACS ड्रोन मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान मिली। कार्यक्रम में जिले द्वारा प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) के माध्यम से संचालित ड्रोन सेवाओं, डिजिटल क्रॉप सर्वे तथा किसान पंजीयन (फार्मर रजिस्ट्री) जैसे नवाचारों की सराहना की गई। समारोह के मुख्य अतिथि पश्चिम बंगाल शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष थे।

कार्यक्रम के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत धमतरी जयंत नाहटा ने PACS के माध्यम से कृषि उन्नयन“ विषय पर आयोजित पैनल चर्चा में भाग लेते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में ड्रोन सेवाओं के विस्तार तथा PACS को ’वन स्टॉप रूरल सर्विस सेंटर’ के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि वर्तमान में जिले की 10 प्राथमिक कृषि साख समितियों के माध्यम से ड्रोन द्वारा तरल उर्वरकों का छिड़काव किया जा रहा है, जो छत्तीसगढ़ में धमतरी जिले की एक अभिनव पहल है।

उन्होंने कहा कि भविष्य में PACS के माध्यम से किसानों को कृषि यंत्रीकरण, डिजिटल सेवाएं, फसल सर्वेक्षण, किसान पंजीयन, वित्तीय एवं बैंकिंग सेवाओं सहित विभिन्न सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने की योजना है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक कृषि सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी तथा किसानों को तकनीक आधारित सुविधाओं का लाभ सहजता से प्राप्त होगा।

कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के उपयोग को किसानों की आय बढ़ाने, कृषि लागत कम करने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सीएससी-व्हीएलई को सम्मानित भी किया गया।

कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल शासन के सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के अपर मुख्य सचिव, भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय के सचिव तथा सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी अखिल कुमार सहित देशभर के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं सीएससी प्रतिनिधि उपस्थित थे।

नई दिल्ली के होटल ताज में आयोजित फेथ कांक्लेव 2026 में छत्तीसगढ़ पर्यटन की प्रभावशाली प्रस्तुति, राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर मजबूत हुई प्रदेश की पहचान

0

नई दिल्ली के होटल ताज में आयोजित फेथ कांक्लेव 2026 में छत्तीसगढ़ पर्यटन की प्रभावशाली प्रस्तुति, राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर मजबूत हुई प्रदेश की पहचान

देशभर के पर्यटन एवं हॉस्पिटेलिटी विशेषज्ञों, ट्रैवल एजेंट्स और मीडिया प्रतिनिधियों के बीच छत्तीसगढ़ की पर्यटन संभावनाओं पर हुई विशेष चर्चा

रायपुर, 18 जुलाई 2026। देश के पर्यटन एवं हॉस्पिटेलिटी क्षेत्र की अग्रणी संस्था फेडरेशन ऑफ एसोसिएशंस इन इंडियन टूरिज्म एंड हॉस्पिटेलिटी (FAITH) द्वारा होटल ताज, नई दिल्ली में आयोजित फेथ कांक्लेव 2026 में छत्तीसगढ़ पर्यटन ने अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराते हुए राष्ट्रीय पर्यटन परिदृश्य में प्रदेश की सशक्त पहचान को नई ऊंचाई प्रदान की। सम्मेलन में देशभर से आए पर्यटन एवं हॉस्पिटेलिटी विशेषज्ञों, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय ट्रैवल एजेंट्स, विभिन्न राज्यों के पर्यटन विभागों के प्रतिनिधियों, ट्रैवल मीडिया तथा पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रमुख हितधारकों की उपस्थिति में छत्तीसगढ़ के पर्यटन विषय पर विशेष पैनल चर्चा आयोजित की गई।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा तथा छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने प्रदेश की प्राकृतिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, जनजातीय एवं साहसिक पर्यटन संभावनाओं का व्यापक प्रस्तुतीकरण किया। उन्होंने उपस्थित प्रतिनिधियों को बताया कि छत्तीसगढ़ अपनी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत, अद्वितीय जनजातीय जीवन, घने वन, जलप्रपातों, पुरातात्विक धरोहरों, वन्यजीव संपदा और आध्यात्मिक स्थलों के कारण देश के सबसे विशिष्ट पर्यटन गंतव्यों में तेजी से उभर रहा है।

पैनल चर्चा के दौरान प्रदेश में पर्यटन अधोसंरचना के विस्तार, नई पर्यटन नीतियों, निजी निवेश की संभावनाओं, सामुदायिक सहभागिता, ईको-टूरिज्म, होम-स्टे, धार्मिक पर्यटन, हेरिटेज पर्यटन तथा सतत पर्यटन विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर भी विस्तार से जानकारी साझा की गई। साथ ही देश-विदेश से आए टूर ऑपरेटरों एवं पर्यटन उद्योग के प्रतिनिधियों को छत्तीसगढ़ का भ्रमण कर यहां की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विविधता और पर्यटन अनुभवों से रूबरू होने का आमंत्रण दिया गया।

छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज केवल प्राकृतिक सौंदर्य का प्रदेश नहीं, बल्कि अनुभव आधारित पर्यटन का एक उभरता हुआ केंद्र बनकर सामने आ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन को रोजगार, निवेश और स्थानीय आर्थिक विकास का प्रभावी माध्यम बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने पर्यटन उद्योग से जुड़े सभी प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे छत्तीसगढ़ आएं, यहां की अनूठी संस्कृति, आतिथ्य और पर्यटन स्थलों का अनुभव करें तथा राज्य को अपने पर्यटन परिपथों में प्रमुख स्थान दें।

छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने कहा कि राज्य में पर्यटन क्षेत्र के विकास के लिए अधोसंरचना, डिजिटल प्रचार-प्रसार, निवेश अनुकूल वातावरण, निजी क्षेत्र की भागीदारी और गुणवत्तापूर्ण पर्यटन सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड का उद्देश्य प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर एक विशिष्ट एवं पसंदीदा गंतव्य के रूप में स्थापित करना है। उन्होंने विभिन्न राज्यों, ट्रैवल एजेंसियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से साझेदारी बढ़ाने तथा छत्तीसगढ़ में पर्यटन व्यवसाय की नई संभावनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया।

सम्मेलन के दौरान छत्तीसगढ़ पर्यटन की प्रस्तुति को उपस्थित प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक सराहा तथा राज्य की विविध पर्यटन संभावनाओं में गहरी रुचि दिखाई। पर्यटन विशेषज्ञों ने माना कि प्राकृतिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, साहसिक और जनजातीय पर्यटन के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के पास अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें प्रभावी प्रचार-प्रसार और साझेदारी के माध्यम से वैश्विक पहचान दिलाई जा सकती है।

फेथ कांक्लेव 2026 में छत्तीसगढ़ पर्यटन की यह प्रभावशाली भागीदारी देश के पर्यटन मानचित्र पर राज्य की सशक्त उपस्थिति दर्ज कराने, नए निवेश आकर्षित करने, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन नेटवर्क से जुड़ने तथा “अनदेखा भारत” के रूप में छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में खनन क्षेत्र में हासिल हुई एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि

0

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में खनन क्षेत्र में हासिल हुई एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “क्रिटिकल मिनरल मिशन” एवं “आत्मनिर्भर भारत” के विजन को साकार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ ने एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में राज्य सरकार खनिज संसाधनों के वैज्ञानिक, सतत एवं मूल्यवर्धित उपयोग की दिशा में लगातार प्रभावी पहल कर रही है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (सीएमडीसी) और जवाहरलाल नेहरू एल्युमिनियम अनुसंधान, विकास एवं डिजाइन केंद्र (जेएनएआरडीडीसी), नागपुर के मध्य आज एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व, सीएमडीसी के अध्यक्ष सौरभ सिंह, खनिज साधन विभाग के सचिव पी. दयानंद, तथा प्रबंध संचालक रजत बंसल के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
एमओयू के माध्यम से वैज्ञानिक अनुसंधान, खनन, खनिज संसाधनों के मूल्य संवर्धन तथा क्रिटिकल मिनरल्स के विकास को नई दिशा मिलेगी। साथ ही राज्य में उपलब्ध खनिज संपदा का योजनाबद्ध, समयबद्ध एवं आधुनिक तकनीकों के माध्यम से बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा, जिससे छत्तीसगढ़ के समग्र विकास को गति मिलेगी।
एमओयू एक्सचेंज कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि पंकज कुलश्रेष्ठ ने अपने संबोधन में अनुसंधान आधारित खनिज विकास, नवाचार और संस्थागत सहयोग के महत्व पर बल देते हुए कहा कि यह साझेदारी राज्य एवं देश के खनिज क्षेत्र के लिए दूरगामी परिणाम देने वाली पहल साबित होगी। भारतीय खान ब्यूरो के कंट्रोलर ऑफ माइंस डॉ. बी.एल. गुर्जर ने सीएमडीसी एवं खनिज साधन विभाग के बीच बेहतर समन्वय की सराहना करते हुए कहा कि दोनों संस्थाओं का तालमेल राज्य के खनिज क्षेत्र के विकास को नई गति प्रदान कर रहा है।
कार्यक्रम में सीएमडीसी के महाप्रबंधक यू.के. कुरैशी ने निगम की 25 वर्षों की विकास यात्रा, प्रमुख उपलब्धियों, संचालित खनिज परियोजनाओं, भविष्य की कार्ययोजनाओं तथा सेवा प्रदाता के रूप में निगम की सफल पहलों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने छत्तीसगढ़ में उपलब्ध खनिज संसाधनों की अपार संभावनाओं तथा उनके वैज्ञानिक एवं समावेशी दोहन के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी। वहीं रीजनल कंट्रोलर ऑफ माइंस प्रेम प्रकाश ने सीएमडीसी की टिन एवं कोरंडम परियोजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि इन परियोजनाओं से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिले हैं तथा खनिज क्षेत्र में पारदर्शिता एवं वैधानिक प्रक्रियाओं को मजबूती मिली है।
जेएनएआरडीडीसी के वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक एवं विभागाध्यक्ष डॉ. उपेंद्र सिंह ने बताया कि संस्थान रेड मड से गैलियम एवं वैनेडियम तथा बॉक्साइट के उप-उत्पादों से स्कैंडियम की पुनर्प्राप्ति (रिकवरी) पर महत्वपूर्ण अनुसंधान कर रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे शोध भारत को क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
एमओयू का औपचारिक आदान-प्रदान भारतीय खान ब्यूरो के कंट्रोलर जनरल एवं जेएनएआरडीडीसी के निदेशक पंकज कुलश्रेष्ठ तथा सीएमडीसी के मुख्य महाप्रबंधक संजय कनकने ने वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी वक्ताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि सीएमडीसी एवं जेएनएआरडीडीसी के बीच यह सहयोग खनिज अनुसंधान, तकनीकी नवाचार, संसाधनों के वैज्ञानिक उपयोग तथा सतत खनन को नई दिशा देगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में खनिज क्षेत्र में हासिल यह एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। राज्य सरकार खनिज संसाधनों के वैज्ञानिक प्रबंधन, मूल्य संवर्धन और आधुनिक तकनीकों के उपयोग के माध्यम से प्रदेश की प्राकृतिक संपदा को विकास का आधार बना रही है। यह पहल न केवल प्रधानमंत्री के क्रिटिकल मिनरल मिशन और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करेगी, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध खनिज संपदा का सुनियोजित उपयोग कर राज्य के औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और आर्थिक प्रगति को भी नई गति प्रदान करेगी।
कार्यक्रम में सीएमडीसी के मुख्य महाप्रबंधक संजय कनकने ने स्वागत उद्बोधन दिया उन्होंने एमओयू को खनिज क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि यह साझेदारी भविष्य में राज्य के खनिज विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।

अहमदाबाद पटाखा फैक्ट्री हादसे पर PM मोदी ने जताया दुख

0

अहमदाबाद पटाखा फैक्ट्री हादसे पर PM मोदी ने जताया दुख
गुजरात के अहमदाबाद में एक पटाखा फैक्ट्री में हुए दर्दनाक हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है. हादसे में लोगों की मौत होने पर प्रधानमंत्री ने शोक जताते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की है.

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के आधिकारिक एक हैंडल से जारी मैसेज में कहा गया कि इस दुखद घटना से प्रधानमंत्री बेहद दुखी हैं. उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की. PMO की ओर से जारी पोस्ट में कहा गया, ‘इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं. घायलों के जल्दी ठीक होने की प्रार्थना करता हूं. स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध करा रहा है.’

प्रधानमंत्री ने इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता का भी ऐलान किया है. प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से प्रत्येक मृतक के परिवार को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी. वहीं हादसे में घायल हुए लोगों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी. केंद्र सरकार ने भरोसा दिलाया है कि प्रभावित परिवारों की हर संभव मदद की जाएगी और स्थानीय प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों में पूरी तरह जुटा हुआ है. हादसे के बाद क्षेत्र में राहत कार्य जारी है और घायलों का इलाज कराया जा रहा है.

हादसे में 8 की मौत 15 घायल
गुजरात के अहमदाबाद में शनिवार को एक पटाखा फैक्ट्री में भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया. इस दुर्घटना में 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 15 से अधिक लोग घायल हो गए हैं. हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और राहत-बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया. यह घटना अहमदाबाद के वस्त्रा क्षेत्र में रामोल-गतराद रोड स्थित महमूदपुरा गांव की टैलेंट फायरवर्क्स फैक्ट्री में हुई. दोपहर के समय फैक्ट्री में अचानक अज्ञात कारणों से आग लग गई. फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में पटाखे और ज्वलनशील सामग्री मौजूद होने के कारण आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया.

वेस्टइंडीज के महान ऑलराउंडर सर गैरी सोबर्स का 89 वर्ष की उम्र में निधन

0

वेस्टइंडीज के महान ऑलराउंडर सर गैरी सोबर्स का 89 वर्ष की उम्र में निधन
क्रिकेट जगत ने अपने सबसे महान ऑलराउंडरों में से एक सर गैरी सोबर्स को बीतो दिनों पहले खो दिया है. 89 वर्ष की उम्र में उन्होंने बारबाडोस स्थित अपने घर पर अंतिम सांस ली. क्रिकेट वेस्टइंडीज ने उनके निधन की पुष्टि करते हुए सोशल मीडिया पर भावुक श्रद्धांजलि दी. बोर्ड ने लिखा, ‘एक महान पारी समाप्त हो गई. हमारे दिलों में सर गारफील्ड सोबर्स हमेशा जिंदा रहेंगे.’ अपने शानदार करियर के दौरान सोबर्स ने कई ऐसे रिकॉर्ड बनाए, जिन्होंने उन्हें क्रिकेट इतिहास के सबसे महान खिलाड़ियों में शामिल कर दिया. फर्स्ट क्लास क्रिकेट में एक ओवर में छह छक्के लगाने वाले वह दुनिया के पहले बल्लेबाज बने, जबकि टेस्ट क्रिकेट में सबसे कम उम्र में तिहरा शतक लगाने का रिकॉर्ड भी आज तक उनके नाम दर्ज है.

20 साल तक वेस्टइंडीज की सबसे बड़ी ताकत रहे
28 जुलाई 1936 को बारबाडोस के ब्रिजटाउन में जन्मे सर गैरी सोबर्स ने साल 1954 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया. बाएं हाथ के बल्लेबाज होने के साथ-साथ वह बाएं हाथ से स्पिन गेंदबाजी भी करते थे. 1954 से 1974 तक उन्होंने वेस्टइंडीज के लिए शानदार प्रदर्शन किया. 93 टेस्ट मैचों की 160 पारियों में उन्होंने 26 शतक और 30 अर्धशतकों की मदद से 8032 रन बनाए. इस दौरान उनका सर्वोच्च स्कोर नाबाद 365 रन रहा. गेंद से भी उन्होंने 235 विकेट झटके. उन्होंने वेस्टइंडीज के लिए एक वनडे मैच भी खेला, जिसमें एक विकेट हासिल किया.

एक ओवर में छह छक्के लगाने वाले पहले बल्लेबाज
अपने करियर की शुरुआत गेंदबाज के रूप में करने वाले सोबर्स ने बाद में बल्लेबाजी से भी दुनिया को हैरान किया. साल 1958 में पाकिस्तान के खिलाफ नाबाद 365 रन बनाकर उन्होंने उस समय टेस्ट क्रिकेट के सबसे बड़े व्यक्तिगत स्कोर का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किया. बाद में यह रिकॉर्ड 1994 में ब्रायन लारा ने तोड़ा. इसके अलावा नॉटिंघमशायर की ओर से खेलते हुए उन्होंने ग्लेमोर्गन के गेंदबाज मैल्कम नैश के एक ओवर में लगातार छह छक्के लगाए. फर्स्ट क्लास क्रिकेट में यह उपलब्धि हासिल करने वाले वह दुनिया के पहले बल्लेबाज बने.

21 साल की उम्र में तिहरा शतक जड़कर बनाया रिकॉर्ड
सर गैरी सोबर्स ने महज 21 साल 213 दिन की उम्र में पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में तिहरा शतक जड़कर इतिहास रच दिया. वह टेस्ट क्रिकेट में सबसे कम उम्र में तिहरा शतक लगाने वाले बल्लेबाज बने. इस दौरान उन्होंने डॉन ब्रैडमैन का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया. खास बात यह है कि उनका यह रिकॉर्ड आज भी कायम है.

उनके नाम पर दिया जाता है ICC का सबसे बड़ा सम्मान
सर गैरी सोबर्स के सम्मान में आईसीसी हर साल पुरुष क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी को ‘सर गारफील्ड सोबर्स अवॉर्ड’ से सम्मानित करता है. यह पुरस्कार तीनों फॉर्मेट में पूरे साल सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी को दिया जाता है. क्रिकेट में उनके असाधारण योगदान को देखते हुए साल 1975 में उन्हें नाइटहुड की उपाधि भी प्रदान की गई.

जॉर्डन में 2 सैनिकों की मौत पर भड़का अमेरिका, ईरान पर फिर शुरू कर दी एयरस्ट्राइक

0

जॉर्डन में 2 सैनिकों की मौत पर भड़का अमेरिका, ईरान पर फिर शुरू कर दी एयरस्ट्राइक
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार गहराता जा रहा है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि शनिवार शाम 6 बजे (ईस्टर्न टाइम) राष्ट्रपति के निर्देश पर अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ नए हवाई हमले शुरू किए. इन हमलों का मकसद होर्मुज में व्यावसायिक जहाजों के लिए खतरा पैदा करने वाली ईरानी क्षमताओं को कमजोर करना और जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों पर हमला करने वाली इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की कार्रवाई का जवाब देना है.

जॉर्डन में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत, एक लापता
जॉर्डन में 17 जुलाई को ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों के दौरान दो अमेरिकी सैनिक मारे गए. वहीं, एक अन्य सैनिक अब भी लापता है. सैनिकों की पहचान फिलहाल सार्वजनिक नहीं की गई है. सेना ने कहा है कि परिजनों को आधिकारिक सूचना देने के 24 घंटे बाद ही उनके नाम जारी किए जाएंगे.

घायल सैनिकों की क्या है स्थिति?
अमेरिकी सेना ने बताया कि हमले के बाद चार सैनिकों को इलाज के लिए जॉर्डन के अस्पतालों में भर्ती कराया गया था. अब सभी चारों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है. वहीं, मामूली रूप से घायल अन्य सैनिक इलाज के बाद दोबारा ड्यूटी पर लौट चुके हैं. इन घटनाओं के बाद युद्ध शुरू होने से अब तक मारे गए अमेरिकी सैनिकों की संख्या 16 हो गई है, जबकि 430 से अधिक सैनिक घायल हो चुके हैं.

ईरान की नई चेतावनी
इस बीच ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका अपने हमले जारी रखता है तो उसे “ऐसा सबक मिलेगा जिसे वह कभी नहीं भूलेगा.” उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर वाले किसी भी समझौते की अब कोई वैधता नहीं रह गई है.

लगातार सातवीं रात अमेरिकी कार्रवाई
अमेरिकी सेना ने बताया कि शनिवार को उसने ईरान में निगरानी केंद्रों, सैन्य लॉजिस्टिक्स ढांचे, भूमिगत हथियार भंडार और समुद्री सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाया. यह लगातार सातवीं रात है जब अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की है.

ईरान का पलटवार
अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने कुवैत, इराक, बहरीन, जॉर्डन और सऊदी अरब में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. सबसे अधिक नुकसान कुवैत में हुआ, जहां एक समुद्री जल शोधन संयंत्र और एक तेल सुविधा को नुकसान पहुंचने की खबर है. इन घटनाओं के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है तथा कूटनीतिक समाधान की संभावनाएं कमजोर पड़ती नजर आ रही हैं.