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मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप से युवाओं को मिलेगा प्रशासनिक क्षेत्र में करियर का अवसर

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मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप से युवाओं को मिलेगा प्रशासनिक क्षेत्र में करियर का अवसर
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के युवाओं को सुशासन और पब्लिक पॉलिसी के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के उद्देश्य से “मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप” के तहत संचालित दो वर्षीय MBA इन पब्लिक पॉलिसी एंड गवर्नेंस कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।

इस क्रम में भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर के प्रतिनिधि बिनॉय टी एवं एस.एन. मंडल द्वारा जशपुर सहित प्रदेश के उत्तरी जिलों का दौरा कर विद्यार्थियों को इस कोर्स की जानकारी दी जा रही है। टीम द्वारा विभिन्न इंजीनियरिंग एवं स्नातक महाविद्यालयों में पहुंचकर कार्यक्रम की विशेषताओं, पात्रता एवं आवेदन प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है। साथ ही पंपलेट वितरण के माध्यम से भी अधिक से अधिक युवाओं तक जानकारी पहुंचाई जा रही है।

यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ शासन एवं IIM रायपुर के संयुक्त प्रयास से संचालित किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत चयनित अभ्यर्थियों की पूरी फीस राज्य शासन द्वारा वहन की जाएगी। इसके साथ ही विद्यार्थियों को प्रति माह 50 हजार रूपए की छात्रवृत्ति भी प्रदान की जाएगी।

कार्यक्रम की विशेषता यह है कि अभ्यर्थियों को IIM रायपुर में उच्च स्तरीय कक्षा शिक्षण के साथ-साथ राज्य शासन के विभिन्न विभागों के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण (फील्ड एक्सपोजर) का अवसर भी मिलेगा, जिससे उन्हें नीति निर्माण और प्रशासनिक कार्यों का वास्तविक अनुभव प्राप्त होगा।

यह फेलोशिप विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों के लिए उपलब्ध है तथा इसमें राज्य शासन की आरक्षण नीति लागू होगी। इच्छुक अभ्यर्थी विस्तृत जानकारी एवं आवेदन के लिए IIM रायपुर की आधिकारिक वेबसाइट पर निर्धारित तिथि तक आवेदन कर सकते हैं।

उल्लेखनीय है कि IIM रायपुर की टीम द्वारा जशपुर जिले के सभी विकासखंडों के महाविद्यालयों का भ्रमण कर विद्यार्थियों को इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे प्रदेश के प्रतिभाशाली युवाओं को सुशासन के क्षेत्र में करियर बनाने का सुनहरा अवसर मिल सके।

मुख्यमंत्री साय ने पीएम मोदी को दिया आमंत्रण, विकास का ब्लूप्रिंट सौंपा

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मुख्यमंत्री साय ने पीएम मोदी को दिया आमंत्रण, विकास का ब्लूप्रिंट सौंपा
उन्होंने बताया कि बस्तर समेत पूरे राज्य में नक्सलवाद समाप्त हो चुका है और अब शांति स्थापित है। शिक्षा व स्वास्थ्य सुधार के तहत नए एजुकेशन सिटी, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज बनाए जा रहे हैं, जबकि इंद्रावती नदी पर बैराज, रेल लाइन और एयरपोर्ट विस्तार से कनेक्टिविटी मजबूत हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस ब्लूप्रिंट के जरिए बस्तर में अब विकास, रोजगार और बेहतर सुविधाओं का नया दौर शुरू होगा।

मुख्यमंत्री ने अपने विकास दस्तावेज़ में उल्लेख किया कि एक दशक पहले प्रधानमंत्री द्वारा बस्तर के लिए देखा गया शांति और विकास का सपना अब जमीन पर साकार हो रहा है। नक्सलवाद खत्म होने के बाद अब लोगों में डर नहीं, बल्कि उम्मीद और विकास की नई चमक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन से बस्तर को नई दिशा और गति मिलेगी, जिससे क्षेत्र में विश्वास और उत्साह बढ़ेगा।

मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत विकास ब्लूप्रिंट ‘सैचुरेशन, कनेक्ट, फैसिलिटेट, एम्पावर और एंगेज’ रणनीति पर आधारित है। इसके तहत बस्तर में बुनियादी सुविधाओं को तेजी से विस्तार देने का लक्ष्य रखा गया है। सड़कों के व्यापक जाल के माध्यम से दूर-दराज के गांवों को जोड़ा जाएगा। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधूरे कार्यों को 2027 तक पूरा करने के साथ-साथ नई 228 सड़कों और 267 पुलों का निर्माण प्रस्तावित है। इसके अलावा 61 नई परियोजनाओं के लिए विशेष केंद्रीय सहायता की मांग भी की गई है।

ऊर्जा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में भी बड़े बदलाव की योजना है। हर घर तक बिजली पहुंचाने के कार्य तेज होंगे। शिक्षा के क्षेत्र में 45 पोटा केबिन स्कूलों को स्थायी भवनों में बदला जाएगा। युवाओं के लिए 15 स्टेडियम और 2 मल्टीपर्पज हॉल बनाए जाएंगे, जबकि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का विस्तार और डॉक्टरों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल बनाए जा रहे हैं।

कृषि और सिंचाई के क्षेत्र में इंद्रावती नदी पर दो बड़े प्रोजेक्ट देउरगांव और मटनार में स्वीकृत किए गए हैं, जिनसे 31,840 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। यह परियोजनाएं बस्तर की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगी।

आजीविका और आय बढ़ाने के लिए सरकार ने तीन वर्षीय योजना तैयार की है, जिसका लक्ष्य 2029 तक 85% परिवारों की मासिक आय 15,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये करना है। ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ योजना के तहत अब अधिक जिलों को जोड़ा जा रहा है, जिससे विकास का लाभ व्यापक स्तर पर पहुंचेगा। 10 जिलों में शुरू की गई यह योजना अब 7 जिलों और 3 नए जिलों (गरियाबंद, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई) तक विस्तारित हो रही है।

‘अंजोर विजन 2047’ और ‘विकसित भारत@2047’ के तहत स्टार्टअप नीति भी लागू की गई है, जिसमें 2030 तक 5,000 स्टार्टअप तैयार करने का लक्ष्य है।

पर्यटन के क्षेत्र में बस्तर की पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की दिशा में भी तेजी से काम हो रहा है। चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी नेशनल पार्क, एडवेंचर टूरिज्म, कैनोपी वॉक और ग्लास ब्रिज जैसी परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजन क्षेत्र को नई पहचान दे रहे हैं। वहीं, एक लाख से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से 40 हजार को रोजगार भी मिल चुका है।

नक्सलवाद से मुक्त बस्तर के विकास के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज प्रधानमंत्री के सामने जो कार्ययोजना प्रस्तुत की, उसमें ‘बस्तर मुन्ने’ (अग्रणी बस्तर) कार्यक्रम एक अहम पहल है। इस कार्यक्रम के तहत हर ग्राम पंचायत में शिविर लगाए जाएंगे, जहाँ अधिकारियों की मौजूदगी में लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे दिया जाएगा, जरूरी दस्तावेज वहीं बनाए जाएंगे और उनकी समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जाएगा। इसका उद्देश्य है कि हर व्यक्ति तक सरकार की योजनाएँ आसानी से पहुँचें और बस्तर तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़े।

प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे के दौरान जिन प्रमुख परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण की योजना है, उनमें रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन, जगदलपुर एयरपोर्ट का विस्तार, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज, जगरगुंडा और ओरछा में एजुकेशन सिटी जैसी महत्वपूर्ण पहल शामिल हैं। ये परियोजनाएं बस्तर को शिक्षा, स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी।

डोनाल्ड ट्रंप ने किया सीजफायर का ऐलान, ईरान स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज खोलने के लिए सहमत

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डोनाल्ड ट्रंप ने किया सीजफायर का ऐलान, ईरान स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज खोलने के लिए सहमत
मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर का ऐलान कर दिया है. ट्रंप ने मंगलवार (7 अप्रैल) को घोषणा की कि अमेरिका ईरान के साथ दो सप्ताह के संघर्ष विराम के लिए सहमत हो गया है. उनका यह बयान ऐसे समय में आया, जब कुछ ही घंटों पहले उन्होंने ईरान पर बड़ा हमला करने और पूरी सभ्यता को खत्म कर देने की चेतावनी दी थी. सीजफायर कराने में पाकिस्तान का भी अहम रोल रहा. जिसका जिक्र ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में किया. वहीं, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल मुनीर का धन्यवाद दिया.

ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘मैं ईरान पर बमबारी और हमले को दो सप्ताह की अवधि के लिए स्थगित करने पर सहमत हूं. यह एक द्विपक्षीय युद्धविराम (Ceasefire) होगा.’

ट्रंप ने कहा, ‘जैसा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के साथ हुई बातचीत और उनके अनुरोध पर कि मैं आज रात ईरान की ओर भेजी जा रही विनाशकारी सैन्य शक्ति को रोक दूं और इस शर्त पर कि ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह और तुरंत और सुरक्षित रूप से खोलने पर सहमत है.’

ट्रंप ने कहा, ‘ऐसा करने का कारण यह है कि हम पहले ही सभी सैन्य उद्देश्यों को पूरा कर चुके हैं और उनसे आगे बढ़ चुके हैं, और हम ईरान के साथ दीर्घकालिक शांति तथा मध्य पूर्व में शांति के लिए एक ठोस समझौते के काफी करीब पहुँच चुके हैं.’

उन्होंने आगे कहा, ‘मैं ईरान की ओर से 10 बिंदुओं का एक प्रस्ताव प्राप्त हुआ है, और हमें विश्वास है कि यह बातचीत के लिए एक व्यवहार्य आधार है. अतीत के लगभग सभी विवादित मुद्दों पर अमेरिका और ईरान के बीच सहमति बन चुकी है, लेकिन यह दो सप्ताह की अवधि समझौते को अंतिम रूप देने और उसे पूरा करने के लिए आवश्यक है.

‘संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में, और साथ ही मध्य पूर्व के देशों का प्रतिनिधित्व करते हुए, इस दीर्घकालिक समस्या के समाधान के करीब पहुँचना मेरे लिए सम्मान की बात है.’

अराघची ने शहबाज-मुनीर को दिया धन्यवाद
अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के सीजफायर में अहम रोल निभाने के लिए ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल मुनीर का धन्यवाद दिया. ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा, ‘ईरान की ओर से मैं अपने प्रिय भाइयों पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शरीफ और फील्ड मार्शल मुनीर का क्षेत्र में युद्ध समाप्त करने के उनके अथक प्रयासों के लिए आभार और प्रशंस करता हूं.’

अराघची ने कहा, ‘प्रधानमंत्री शरीफ के ट्वीट में किए गए भाईचारे के अनुरोध के जवाब में और अमेरिका के 15-बिंदु प्रस्ताव के आधार पर बातचीत के अनुरोध और अमेरिकी राष्ट्रपति के ईरान के 10-बिंदु प्रस्ताव के सामान्य ढांचे को वार्ता के आधार के तौर पर स्वीकार करने की घोषणा को ध्यान में रखते हुए मैं ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की ओर से यह घोषणा करता हूं कि अगर ईरान के खिलाफ हमले रोक दिए जाते हैं, तो हमारी शक्तिशाली सशस्त्र सेनाएं अपनी रक्षात्मक कार्रवाइयां बंद कर देंगी. साथ ही दो सप्ताह के लिए स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ से सुरक्षित आवागमन संभव होगा.’

MP में श्रीराम वन गमन पथ में जोड़े जाएंगे 10 और स्थल

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MP में श्रीराम वन गमन पथ में जोड़े जाएंगे 10 और स्थल
मध्य प्रदेश से गुजरने वाले श्रीराम वन गमन पथ में अब 10 नए स्थल जुड़ेंगे। इनमें वे स्थान भी शामिल हैं, जहां श्रीराम अयोध्या का राजा बनने के बाद गए थे या उन्होंने तीर्थ दर्शन किए। श्रीराम सांस्कृतिक शोध संस्थान न्यास के प्रबंध न्यासी व शोधकर्ता डॉ. रामअवतार का कहना है कि मध्य प्रदेश में अब तक श्रीराम वन गमन पथ पर 25 स्थल चिह्नित हुए हैं। 10 और बढ़ने से इनकी संख्या 35 हो जाएगी।

प्रदेश सरकार करा रही शोध
श्रीराम वन गमन पथ मार्ग के स्थलों को चिह्नित करने में जुटे डॉ. रामअवतार कहते हैं कि प्रदेश सरकार केवल अभी भगवान श्रीराम के पथ से जुड़े स्थलों पर शोध करवा रही है। अभी इस पर काम शुरू नहीं हुआ है। वहीं उत्तर प्रदेश सरकार ने श्रीराम वन गमन पथ मार्ग में परिवर्तन कर कई स्थलों को निकाल दिया है। ऐसा ही प्रयास छत्तीसगढ़ सरकार ने भी किया था, लेकिन उन्होंने बाद में सुधार कर लिया।

48 वर्षों का शोध और भारत सरकार की मान्यता
बता दें, डॉ. रामअवतार रामायण परिपथ, पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार के अध्यक्ष भी हैं। डॉ. रामअवतार ने कई देशों में भगवान श्रीराम की यात्राओं पर शोध पत्र प्रस्तुत किए हैं। वह 48 वर्षों से श्रीराम वन गमन पथ पर शोध कर रहे हैं। इसे भारत सरकार ने भी मान्यता दी है।

सिंहस्थ 2028 से पहले तैयार होगा उज्जैन का एयरपोर्ट

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सिंहस्थ 2028 से पहले तैयार होगा उज्जैन का एयरपोर्ट
2028 में होने वाले सिंहस्थ के लिए सरकार अधोसरंचना विकास के साथ सभी सुविधाएं विकसित करने में जुटी है। इस कड़ी में मंगलवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उज्जैन हवाई पट्टी के विकास और विस्तार के लिए 437 एकड़ भूमि अधिग्रहण करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए 590 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई।

साथ ही किसानों के हित में बड़ा कदम उठाते हुए आगामी तीन साल तक चना और मसूर समर्थन मूल्य पर खरीदने की स्वीकृति दी गई।

इसके लिए सरकार 3,174 करोड़ रुपये की निश्शुल्क गारंटी भी देगी। बैठक के निर्णय की जानकारी देते हुए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि भारत सरकार की उड़ान योजना के तहत उज्जैन स्थित शासकीय हवाई पट्टी का बोइंग 320 एयरबस विमानों के संचालन के लिए विकास व विस्तार करने के लिए राज्य सरकार एवं भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के बीच अनुबंध हो चुका है।

बैठक में इसके लिए 437.5 एकड़ भूमि अधिग्रहित करने के साथ 590 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। सिंहस्थ में 35 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के आने की संभावना है।

तीन साल तक चना, मसूर खरीदेगी सरकार
किसान हित और दलहन उत्पादन को प्रोत्साहित करने की दिशा में सरकार ने आगामी तीन वर्ष तक समर्थन मूल्य पर चना एवं मसूर की खरीदी करने का निर्णय लिया है। भारत सरकार की प्राइस सपोर्ट स्कीम के अंतर्गत चना कुल उत्पादन का 25 और मसूर का 100 प्रतिशत उपार्जन किया जाएगा। इसके लिए 3,174 करोड़ रुपये की निश्शुल्क गारंटी दी जाएगी। खरीदी राज्य सहकारी विपणन संघ करेगा। इतना ही नहीं चना एवं मसूर के उपार्जन पर मंडी शुल्क भी नहीं लिया जाएगा।

केदारनाथ जाने वालों के लिए बड़ी खबर: बाबा के दर्शन तो फ्री, पर जेब पर भारी पड़ेगी यात्रा

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केदारनाथ जाने वालों के लिए बड़ी खबर: बाबा के दर्शन तो फ्री, पर जेब पर भारी पड़ेगी यात्रा
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा का सीजन दस्तक देने वाला है और केदारनाथ धाम की यात्रा 2026 को लेकर भी इस बार श्रद्धालुओं को अपनी जेब थोड़ी और ढीली करनी पड़ेगी, क्योंकि हेलिकॉप्टर सेवाओं के किराए में बदलाव किया गया है और पूजा-अर्चना के शुल्क में भी बढ़ोतरी हुई है. हालांकि राहत की बात यह है कि सामान्य दर्शन पहले की तरह पूरी तरह निःशुल्क रहेंगे. इस बार हेली सेवाओं में नई टेंडर प्रक्रिया लागू की गई है, जिसके तहत कुल 8 हेलिकॉप्टर ऑपरेटर कंपनियां सेवाएं देंगी. रूट के हिसाब से गुप्तकाशी से 2, फाटा से 4 और सिरसी से 2 ऑपरेटर उड़ानें संचालित करेंगे, जबकि सभी हेलीपैड से केदारनाथ के लिए सेवाएं जारी रहेंगी.

नई दरों में गुप्तकाशी से इतना रहेगा एकतरफा किराया
नई दरों के अनुसार एकतरफा किराया गुप्तकाशी से ₹6,077, फाटा से ₹4,840 और सिरसी से ₹3,043 तय किया गया है, जिसमें GST और बुकिंग शुल्क अलग से जोड़ा जाएगा, जिससे कुल खर्च और बढ़ जाएगा. पिछले साल की तुलना में दरें एकतरफा घोषित होने के कारण सीधी तुलना मुश्किल है, लेकिन फाटा रूट पर बढ़ोतरी ज्यादा महसूस की जा रही है, जबकि सिरसी रूट से जाने वालों को कुछ राहत मिली है.

वहीं बद्रीनाथ धाम और केदारनाथ दोनों ही धामों में पूजा-अर्चना के शुल्क में भी इजाफा किया गया है. बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने नई दरें लागू करते हुए केदारनाथ में दिनभर की पूजा का शुल्क ₹28,600 से बढ़ाकर ₹51,000 कर दिया है, जो लगभग 78% की वृद्धि है. इसके अलावा महाभिषेक ₹11,500, रुद्राभिषेक ₹7,500, लघु रुद्राभिषेक ₹7,100, अखंड ज्योति (दैनिक) ₹5,100 और वार्षिक ₹35,000, शिव सहस्रनाम ₹2,500, कपूर आरती ₹2,400 और बाल भोग ₹1,500 कर दिया गया है.

बद्रीनाथ धाम में भी बढ़ाए गए पूजा शुल्क
इसी तरह बद्रीनाथ धाम में भी पूजा शुल्क बढ़ाए गए हैं, जहां श्रीमद्भागवत कथा का शुल्क ₹51,000 से बढ़ाकर ₹1,00,000 कर दिया गया है, जबकि महाभोग ₹45,000, बाल भोग ₹10,000, स्वर्ण आरती ₹6,100, महाभिषेक ₹5,500, अभिषेक ₹5,300, चांदी आरती ₹5,100, अखंड ज्योति (दैनिक) ₹2,100, वार्षिक ₹6,000, वेद व गीता पाठ ₹3,100, खीर भोग ₹2,100 और कपूर आरती ₹3,000 कर दी गई है.

ऐसे में जो श्रद्धालु इस बार चारधाम यात्रा की योजना बना रहे हैं, उन्हें अपना बजट पहले से तैयार करते समय इन नई दरों को ध्यान में रखना होगा. हेलिकॉप्टर बुकिंग के साथ GST और अन्य चार्ज भी जोड़ने होंगे और अगर विशेष पूजा कराने की योजना है तो उसके अनुसार खर्च का आकलन करना जरूरी होगा. हालांकि आम श्रद्धालुओं के लिए सबसे बड़ी राहत यही है कि बाबा केदार के सामान्य दर्शन अब भी पूरी तरह निःशुल्क रहेंगे और इसके लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा.

अर्जुन तेंदुलकर की बैक-टू-बैक यॉर्कर ने लखनऊ सुपर जायंट्स के कैंप में मचाई खलबली

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अर्जुन तेंदुलकर की बैक-टू-बैक यॉर्कर ने लखनऊ सुपर जायंट्स के कैंप में मचाई खलबली
अर्जुन तेंदुलकर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह ऋषभ पंत को लगातार सटीक यॉर्कर गेंदें डाल रहे हैं. अर्जुन IPL 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स टीम में शामिल हैं, उन्हें LSG ने ट्रेड के जरिए मुंबई इंडियंस से खरीदा था. हालांकि अर्जुन को अभी लखनऊ के लिए डेब्यू करने का मौका नहीं मिला है.

नेट पर अर्जुन तेंदुलकर ऋषभ पंत को गेंदें डाल रहे हैं. अर्जुन सटीक लाइन और तेज गति से यॉर्कर गेंदें फेंक रहे हैं, जिनका पंत के पास कोई जवाब नहीं दिखा. अर्जुन ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि वह किसी को कुछ साबित करने के लिए नहीं बल्कि अपने क्रिकेट के प्रति जूनून के लिए खेलते हैं.

अर्जुन तेंदुलकर IPL करियर
26 वर्षीय अर्जुन ने 2023 में मुंबई इंडियंस के लिए खेलते हुए आईपीएल डेब्यू किया था. उस सीजन उन्होंने कुल 4 मैच खेले, जिनमें 3 विकेट लिए. 2024 में उन्हें सिर्फ एक ही मैच खेलने को मिला, जिसमें वह कोई विकेट नहीं ले पाए. 2025 में मुंबई इंडियंस ने उन्हें किसी मैच में नहीं खिलाया. IPL 2026 से पहले अर्जुन ट्रेड के जरिए मुंबई से लखनऊ सुपर जायंट्स में आ गए.

लखनऊ सुपर जायंट्स ने IPL 2026 में 2 मैच खेले हैं. टीम दिल्ली के हाथों पहले मैच में अपने होम ग्राउंड पर हार गई थी, जिसमें टीम की खराब बल्लेबाजी देखने को मिली थी. अपने दूसरे मैच में LSG ने सनराइजर्स हैदराबाद को 5 विकेट से हराया. टीम में शामिल अनुभवी गेंदबाज मोहम्मद शमी शानदार फॉर्म में नजर आए हैं. हैदराबाद के खिलाफ उन्होंने पॉवरप्ले में 2 विकेट लेकर अच्छी शुरुआत दिलाई थी, उन्होंने दोनों खतरनाक बल्लेबाज अभिषेक शर्मा और ट्रेविस हेड को सस्ते में आउट किया था.

लक्ष्य का पीछा करते हुए ऋषभ पंत ने 68 रनों की नाबाद पारी खेली थी. अब टीम का अगला मैच कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ 9 अप्रैल को है.

मिडिल ईस्ट में युद्ध की आहट! ट्रंप की धमकी के बीच भारतीयों के लिए कड़े निर्देश जारी

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मिडिल ईस्ट में युद्ध की आहट! ट्रंप की धमकी के बीच भारतीयों के लिए कड़े निर्देश जारी
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को न खोलने पर ईरान में बड़े हमले की चेतावनी दी है. इस बीच भारत सरकार ने ईरान में रहने वाले भारतीयों के लिए एक एडवायजरी जारी की है. ईरान की राजधानी तेहरान में स्थित भारतीय दूतावास ने भारत के नागरिकों से कहा है कि वे अगले 48 घंटों तक जहां है, वहीं रहे. एडवायजरी में यह भी कहा गया है कि लोग घर के अंदर रहें और सभी बिजली और सैन्य प्रतिष्ठानों और बहुमंजिला इमारतों की ऊपरी मंजिलों से दूर रहें.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को न खोलने पर ईरान में बड़े हमले की चेतावनी दी है. इस बीच भारत सरकार ने ईरान में रहने वाले भारतीय नागरिकों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है. ईरान की राजधानी तेहरान में स्थित भारतीय दूतावास ने भारत के नागरिकों से कहा है कि वे अगले 48 घंटों तक जहां है, वहीं रहे. एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि लोग घर के अंदर रहें और सभी बिजली और सैन्य प्रतिष्ठानों और बहुमंजिला इमारतों की ऊपरी मंजिलों से दूर रहें.

एडवाइजरी में कहा गया, ‘जो लोग भारतीय दूतावास की ओर से बुक किए गए होटलों में ठहरे हुए हैं, वे वहीं अंदर ही रहें और वहां मौजूद दूतावास की टीमों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखें.’

दूतावास ने शेयर किए इमरजेंसी संपर्क सूत्र
भारतीय दूतावास ने अपनी एडवाइजरी में चार इमरजेंसी नंबर और ईमेल भी साझा किए है. जिनमें- +989128109115, +989128109102, +989128109109, +989932179359 मोबाइल नंबर्स शामिल हैं और cons.tehran@mea.gov.in ईमेल आईडी है.

शनि-राहु का खतरनाक संयोग, इन राशियों पर टूटेगा मानसिक तनाव का पहाड़

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शनि-राहु का खतरनाक संयोग, इन राशियों पर टूटेगा मानसिक तनाव का पहाड़
10 अप्रैल 2026 को आने वाली कालाष्टमी इस बार बेहद खास और ज्योतिषीय दृष्टि से चुनौतीपूर्ण होने वाली है। इस दिन मीन राशि में शनि देव ‘अस्त’ अवस्था में होंगे, जबकि कुंभ राशि में राहु अपना पूर्ण प्रभाव दिखाएंगे।

ग्रहों का यह दुर्लभ मेल न केवल मानसिक दबाव और कामों में देरी ला सकता है, बल्कि मेष से लेकर मीन तक सभी 12 राशियों के जीवन में उथल-पुथल मचा सकता है। एस्ट्रोपत्री के आनंद सागर पाठक के अनुसार, इस कठिन समय में भगवान काल भैरव की शरण ही एकमात्र सुरक्षा कवच है।

शनि और राहु का संयुक्त प्रभाव:
धैर्य की परीक्षा: कोशिशों के बाद भी उलझनें बढ़ सकती हैं और कामों में देरी आपके सब्र का इम्तिहान लेगी।
मानसिक दबाव: भावनात्मक और मानसिक तनाव बढ़ सकता है, इसलिए खुद को शांत रखने का प्रयास करें।
अचानक आने वाली चुनौतियां: कार्मिक स्थितियों के कारण अचानक कुछ चुनौतियां सामने आ सकती हैं, जिन्हें केवल विवेक से ही सुलझाया जा सकता है।

आध्यात्मिक लाभ: यह समय आध्यात्मिक उपायों और पूजा-पाठ के लिए बहुत ही प्रभावशाली है।
जल्दबाजी से बचें: यह समय रुकने, सोचने और बिना सोचे-समझे कोई भी बड़ा कदम न उठाने का है।

राशि अनुसार प्रभाव और सावधानी
मेष राशि (Aries):
मेष राशि वालों के लिए यह कालाष्टमी मानसिक अस्थिरता ला सकती है। लक्ष्य को लेकर भ्रम और अचानक बढ़ते खर्च आपको परेशान कर सकते हैं। रिश्तों में भी भावनात्मक दूरी महसूस हो सकती है। आर्थिक मामलों में किसी भी तरह का जोखिम न लें।
उपाय: भगवान काल भैरव की पूजा करें और सरसों के तेल का दान करें।

वृषभ राशि (Taurus):
आपके करियर से जुड़े फैसलों में अनिश्चितता रह सकती है और लाभ मिलने में देरी हो सकती है। प्रेम जीवन में उम्मीदें तुरंत पूरी न होने से मन खिन्न रहेगा। आर्थिक विकास होगा, लेकिन उसकी गति धीमी रहेगी।
उपाय: सफेद मिठाई का दान करें और “ॐ शुक्राय नमः” मंत्र का जाप करें।

मिथुन राशि (Gemini):
करियर के मोर्चे पर आप दबाव महसूस कर सकते हैं। काम में भ्रम की स्थिति बन सकती है, इसलिए किसी भी बड़ी सलाह पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। रिश्तों में गलतफहमी से बचने के लिए बातचीत साफ रखें।
उपाय: विद्यार्थियों की मदद करें और बुध मंत्रों का जाप करें।

कर्क राशि (Cancer):
कर्क राशि के जातकों को इस समय बहुत संभलकर रहना होगा। अचानक भावनात्मक या आर्थिक समस्याएं खड़ी हो सकती हैं। प्रेम संबंधों में संवेदनशीलता बढ़ेगी। निवेश के मामलों में किसी भी तरह का जोखिम भारी पड़ सकता है।

उपाय: महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें और भगवान शिव को दूध अर्पित करें।

सिंह राशि (Leo):
अपनों से बातचीत में संयम रखें, क्योंकि छोटी बात भी अहंकार की लड़ाई बन सकती है। साझा संपत्ति के मामलों में सावधानी बरतें। मीठा बोलकर और दूसरों को समझकर रिश्तों में मधुरता बनाए रखें।

उपाय: भगवान काल भैरव को गेहूं अर्पित करें और सुरक्षा की प्रार्थना करें।

कन्या राशि (Virgo):
व्यापारिक साझेदारी या जीवनसाथी के साथ तालमेल बिठाने में दिक्कत आ सकती है। छोटी-छोटी बातों पर विवाद होने के योग हैं। ज्यादा सोच-विचार करने से बचें और रिश्तों में संतुलन बनाए रखें।

उपाय: मां दुर्गा के मंत्रों का जाप करें और व्यर्थ के विवादों से दूर रहें।

तुला राशि (Libra):
रोजमर्रा के कामों और लव-लाइफ में दबाव महसूस हो सकता है। सेहत का ध्यान रखें और आर्थिक रूप से शॉर्टकट से पैसा कमाने की कोशिश न करें।

उपाय: सफेद फूल अर्पित करें और मां लक्ष्मी की आराधना करें।

वृश्चिक राशि (Scorpio):
वृश्चिक राशि वालों के लिए यह समय काफी चुनौतीपूर्ण हो सकता है। घर की शांति भंग हो सकती है और प्रेम संबंधों में भावनात्मक टकराव संभव है। आर्थिक रूप से अनुशासन बनाए रखें और किसी से बहस न करें।

उपाय: मां दुर्गा को लाल फूल चढ़ाएं और मन को शांत रखने का प्रयास करें।

धनु राशि (Sagittarius):
पारिवारिक मामलों में मानसिक दबाव रह सकता है। रिश्तों में संवाद की कमी के कारण दूरियां बढ़ सकती हैं। पैसों के मामले में फिजूलखर्ची से बचें और धैर्य बनाए रखें।

उपाय: गुरु मंत्र का जाप करें और पीली वस्तुओं का दान करें।

मकर राशि (Capricorn):
बातचीत के दौरान कठोर शब्दों का प्रयोग रिश्तों और धन दोनों का नुकसान करा सकता है। निवेश के मामलों में कोई भी बड़ा जोखिम न उठाएं। इस समय आपकी वाणी ही आपकी जीत या हार तय करेगी।

उपाय: तिल के तेल का दीपक जलाएं और गरीबों की मदद करें।

कुंभ राशि (Aquarius):
राहु आपकी ही राशि में है, जो भ्रम की स्थिति पैदा कर सकता है। पैसों को लेकर दबाव महसूस होगा और रिश्तों में बातचीत की कमी से दूरियां आ सकती हैं। कोई भी बड़ा फैसला लेने से पहले अच्छी तरह सोच लें।

उपाय: काले तिल का दान करें और भगवान काल भैरव की उपासना करें।

मीन राशि (Pisces):
शनि आपकी ही राशि में अस्त हैं, जिससे आप पर मानसिक और भावनात्मक बोझ बढ़ सकता है। प्यार के मामले में धैर्य की परीक्षा होगी। पैसों के लेनदेन में जल्दबाजी बिल्कुल न दिखाएं।

उपाय: “ॐ शं शनैश्चराय नमः” का जाप करें और नियमित ध्यान करें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की सुगम संपर्कता परियोजना की समीक्षा

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की सुगम संपर्कता परियोजना की समीक्षा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण कार्यों में आधुनिक तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग किया जाए। कार्यों की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए ड्रोन का उपयोग हो। सिपरी साफ्टवेयर न सिर्फ डीपीआर तैयार करने की दृष्टि से उपयोगी है बल्कि सड़क के साथ पुल-पुलियों की आवश्यकता दर्शाने में भी इसका उपयोग हो रहा है। सड़क निर्माण कार्यों को पूर्ण करने में वैज्ञानिक पद्धति का उपयोग शुरू करना सराहनीय है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को समत्व भवन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की सुगम संपर्कता परियोजना संबंधी बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि गत माह शुरू किए गए राज्य स्तरीय जल गंगा संवर्धन अभियान की विभागीय स्तर पर प्रति सप्ताह समीक्षा की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने “एक बगिया मां के नाम” अंतर्गत की गई गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने जल गंगा संवर्धन अभियान में आमजन की भागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए। बैठक में जानकारी दी गई कि परियोजना में प्रदेश में एक हजार करोड़ रुपये की लागत से सड़कों का निर्माण कराया जाएगा तथा 100 से अधिक आबादी वाले मजरों-टोलों को सड़क सुविधा से जोड़ा जाएगा।

बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग दीपाली रस्तोगी और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परियोजना की समीक्षा करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए गुणवत्तापूर्ण कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि परियोजना में सड़कों का निर्माण मनरेगा अर्थात वीबी-जी-राम-जी योजना में से करवाया जाएगा। इसके लिए प्रदेश की प्रत्येक जनपद पंचायत तीन करोड़ तक की स्वीकृति प्रदान कर सकेगी। “सुगम संपर्कता परियोजना” के माध्यम से गांवों, ग्राम पंचायतों को दोहरी संपर्कता प्रदान की जाएगी।

पूर्व से निर्मित सड़कों की जियो इंवेंट्री
सुगम संपर्कता परियोजना की विशेषता यह है कि इसमें पूर्व में बनी सड़कों की रिम्स पोर्टल के माध्यम से जियो-इंवेंट्री की जा रही है। इससे नई सड़कों के चयन में दोहराव की स्थिति नहीं बनेगी। जियो इंवेंट्री में राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग, पीएमजीएसवाय, मुख्य जिला सड़क और संपर्कता ऐप से चयनित सड़कें शामिल हैं।

जियो- इंवेंट्री का आधा कार्य पूर्ण
निर्धारित लक्ष्य के अनुसार 33 हजार 655 सड़कों में से 17 हजार 437 सड़कों की जियो इंवेंट्री का कार्य पूरा कर लिया गया है। इसके साथ ही 9 जिलों में 80 प्रतिशत से अधिक सर्वे कार्य पूर्ण कर लिया गया है। रतलाम, जबलपुर, आगर-मालवा, मंदसौर और पन्ना जिले इस कार्य में अग्रणी हैं।

सिपरी सॉफ्टवेयर का उपयोग स्थल चयन में
सुगम संपर्कता परियोजना के तहत 2 गांवों, ग्राम पंचायतों, मजरों-टोलों और विद्यार्थियों के हित में सांदीपनि विद्यालयों तक बनने वाली सड़कों के लिए स्थान का चयन सिपरी सॉफ्टवेयर से किया जा रहा है। सड़कों की डीपीआर तैयार करने के लिए भी इस सॉफ्टवेयर और रिम्स पोर्टल का उपयोग किया जा रहा है। नई प्रस्तावित सड़कों का सर्वे में भी तकनीक उपयोग में लाई जा रही है। सर्वे की गई सड़कों में कार्य स्थल के हिसाब से सड़क निर्माण का प्राक्कलन सॉफ्टवेयर के माध्यम से तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा सड़क निर्माण में किस जगह पर पुल-पुलिया एवं कल्वर्ट की आवश्यकता है, ये भी सॉफ्टवेयर द्वारा बताया जा रहा है। इस प्रकार परियोजना में सड़क निर्माण के कार्य स्थल के चयन से लेकर डीपीआर तैयार करने तक का कार्य वैज्ञानिक पद्धति से हो रहा है।

जिला स्तर पर बनेंगे प्रस्ताव, स्वीकृत भी होंगे
परियोजना अंतर्गत प्रदेश में 7 हजार 135 नवीन सड़कों का प्रस्ताव तैयार किया जा चुका है। प्रदेश के 29 जिलों में 1771 नवीन सड़कों का प्रस्ताव जिला स्तर पर स्वीकृत किया जा चुका है। परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मैदानी अमले को तकनीकी बारीकियों का प्रशिक्षण भी दिया गया है। इसमें राज्य स्तर से 2100 से अधिक तकनीकी स्टॉफ और विभिन्न श्रेणी के अभियंताओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है। सरपंच, सचिव एवं ग्राम रोजगार सहायक को भी निर्माण के तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी जा रही है। परियोजना अंतर्गत बनने वाली सड़कों की गुणवत्ता की जानकारी ड्रोन तकनीक से प्राप्त करने के अलावा सड़कों के निर्माण से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों की निगरानी जनपद, जिला और राज्य स्तर पर डैशबोर्ड से करने की पहल की गई है।