मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीं हनुमान प्राकट्योत्सव की मंगलकामनाएं
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को हनुमान प्राकट्योत्सव की मंगलकामनाएं और बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कामना की है कि हनुमान जी की कृपा सब पर बनी रहे, उनके आशीर्वाद से सबको सद्बुद्धि-यश और कीर्ति प्राप्त हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रार्थना की है कि पवन पुत्र बजरंगबली सभी की मनोकामनाएं पूर्ण करें। सभी के जीवन में सुख-समृद्धि, संपन्नता का आलोक प्रकाशित हो।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीं हनुमान प्राकट्योत्सव की मंगलकामनाएं
पूर्व CM के बेटे अमित जोगी को हाई कोर्ट ने ठहराया हत्या का दोषी
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को NCP नेता की हत्या के मामले में दोषी ठहराया
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को NCP नेता रामावतार जग्गी की हत्या मामले में दोषी करार दे दिया। 2003 में हुई हत्या के मामले में कोर्ट ने अमित जोगी को दोषी ठहराते हुए तीन हफ्तों के अंदर कोर्ट में सरेंडर करने का निर्देश दिया है। बता दे कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने पिछले महीने इस मामले में कार्यवाही फिर से शुरू की थी।
2003 में हुई थी NCP नेता की हत्या
CBI के वकील वैभव ए गोवर्धन ने PTI को बताया कि, मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार वर्मा की बेंच ने अमित जोगी को बरी किए जाने के फैसले को रद्द कर दिया। इसके साथ ही सरेंडर करने का निर्देश जारी किया है। मालूम हो कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता रामावतार जग्गी की हत्या 4 जून, 2003 को हुई थी। जब अजीत जोगी छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री थे।
ट्रायल कोर्ट ने किया था सभी आरोपों से बरी
इस मामले की शुरुआती जांच राज्य पुलिस ने की थी और बाद में इसे केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दिया गया था। CBI ने अमित जोगी सहित कई आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। वहीं 31 मई, 2007 को रायपुर की ट्रायल कोर्ट ने फैसला सुनाया था। इस दौरान अभियोजन पक्ष ने 28 आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों को साबित कर दिया था। हालांकि, कोर्ट ने अमित जोगी को उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों से बरी कर दिया था।
हाई कोर्ट ने देरी के आधार पर खारिज की थी याचिका
CBI ने बाद में इस बरी किए जाने के फैसले को चुनौती दी, लेकिन हाई कोर्ट ने 2011 में देरी के आधार पर उसकी याचिका खारिज कर दी। छत्तीसगढ़ सरकार और रामावतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी की अलग-अलग अपीलें भी खारिज कर दी गईं।
इसके बाद पिछले साल नवंबर में, SC ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट से CBI की उस याचिका पर नए सिरे से विचार करने को कहा था, जिसमें अमित जोगी को बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ अपील दायर करने की अनुमति मांगी गई थी।
बंगाल चुनाव: छत्तीसगढ़ के रणनीतिकारों की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, 56 सीटों पर घेराबंदी शुरू
बंगाल के 56 विधानसभा क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ के नेताओं ने डाला डेरा
पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के शंखनाद के साथ ही छत्तीसगढ़ भाजपा के धुरंधरों ने बंगाल में मोर्चा संभाल लिया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के गढ़ में सेंध लगाने के लिए छत्तीसगढ़ भाजपा के रणनीतिकारों और जमीनी कार्यकर्ताओं की पूरी फौज तैनात की गई है।
इस चुनावी रण में सबसे अहम बनकर उभरे हैं प्रदेश भाजपा महामंत्री (संगठन) पवन साय, जिन्हें बंगाल की 56 विधानसभा सीटों के बूथ प्रबंधन की कमान सौंपी गई है।
पवन साय बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करेंगे
पवन साय के कंधों पर जिम्मेदारी है कि वह बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करें। खास बात यह है कि छत्तीसगढ़ के छह निगम-मंडल अध्यक्ष फरवरी से ही बंगाल के अलग-अलग जिलों में डेरा डाले हुए हैं। अब इस खेमेबंदी को मजबूती देने के लिए प्रदेश के कद्दावर विधायकों और पूर्व मंत्रियों को भी रणक्षेत्र में उतारा गया है।
मूणत-शर्मा के साथ युवा विधायकों की टोली सक्रिय
पूर्व मंत्री राजेश मूणत और शिवरतन शर्मा पहले से ही बंगाल की गलियों में कमल खिलाने के लिए सक्रिय हैं। अब उनके साथ महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, दुर्ग ग्रामीण के ललित चंद्राकर, पूर्व विधायक रजनीश सिंह और मोतीराम चंद्रवंशी जैसे नेता बंगाल पहुंच चुके हैं।
मुख्य काम मतदाताओं को मतदान केंद्र तक लाना
इन नेताओं का मुख्य काम मतदाताओं को मतदान केंद्र तक लाना और केंद्र सरकार की योजनाओं के प्रति जागरूक करना है। बंगाल की चुनावी पिच अपनी राजनीतिक हिंसा के लिए बदनाम है, जिसे लेकर निर्वाचन आयोग बेहद सख्त है।
पदाधिकारी, विधायक और कार्यकर्ता सतर्कता बरत रहे
छत्तीसगढ़ से गए भाजपा पदाधिकारी, विधायक और कार्यकर्ता भी पूरी सतर्कता बरत रहे हैं और पल-पल की जानकारी साझा कर रहे हैं। चर्चा है कि यदि बंगाल के नतीजे भाजपा के पक्ष में आते हैं, तो मिशन बंगाल में पसीना बहाने वाले छत्तीसगढ़ी नेताओं का कद दिल्ली के दरबार में बढ़ जाएगा।
मिडिल ईस्ट में युद्ध के बावजूद भारत के पास 2 महीने का बैकअप, सरकार का बड़ा दावा
मिडिल ईस्ट में युद्ध के बावजूद भारत के पास 2 महीने का बैकअप, सरकार का बड़ा दावा
मिडिल ईस्ट में जारी जंग के कारण दुनिया भर में एलपीजी गैस और तेल की कमी का संकट छाया हुआ है। इसका असर भारत में भी देखने को मिला है। हालाकि भारत ने इनको अफवाह करार देते हुए कहा कि कि देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बुधवार को कहा कि भारत का कच्चा तेल भंडार पर्याप्त बना हुआ है और सरकार ने अगले दो महीनों के लिए पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित कर ली है।
देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं
ईंधन आपूर्ति में स्थिरता का आश्वासन देते हुए सुजाता शर्मा ने कहा कि हमारी रिफाइनरियां उच्चतम स्तर पर काम कर रही हैं। खुदरा दुकानों पर ईंधन की कमी की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। वैश्विक मूल्य रुझानों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि लगभग दो महीने पहले ब्रेंट क्रूड 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बिक रहा था, और आज यह 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया है। इस तीव्र वृद्धि के बावजूद उन्होंने जोर देकर कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं की गई है।
अप्रैल 2022 के बाद नहीं बढ़ी पेट्रोल और डीजल की कीमतें
सुजाता शर्मा ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 6 अप्रैल, 2022 से कोई वृद्धि नहीं हुई है और मार्च 2024 में कीमतों में 2 रुपये की कमी की गई थी, जो अभी भी प्रभावी है। सरकारी उपायों पर उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मूल्य अस्थिरता से घरेलू उपभोक्ताओं की रक्षा के लिए, भारत सरकार ने उत्पाद शुल्क कम कर दिया ताकि कीमतों में वृद्धि न हो। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया, कीमतें स्थिर रखी गई हैं, जिसके परिणामस्वरूप पेट्रोल और डीजल दोनों पर हमारी तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) को कम लाभ मिल रहा है।
युद्ध के बीच ब्रिटेन ने बदला पाला, नाटो से अलग होगा अमेरिका
युद्ध के बीच ब्रिटेन ने बदला पाला, नाटो से अलग होगा अमेरिका
ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष बढ़ता जा रहा है। संघर्ष की वजह से तेल की कीमतें बढ़ती जा रही हैं। कई देशों में तेल का संकट नजर आ रहा है। जंग के इसी बीच अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने बड़ा झटका दिया है। पीएम कीर स्टारमर ने बुधवार को कहा है कि ईरान के साथ चल रहा संघर्ष हमारे देश के भविष्य को प्रभावित करेगा। साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ब्रिटेन आर्थिक नतीजों को झेलने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि यह तूफान कितना भी भयंकर क्यों न हो, हम इसका सामना करने के लिए अच्छी स्थिति में हैं।
होर्मुज स्टेट को फिर से खोला जाए
ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने यह भी दोहराया कि यह हमारा युद्ध नहीं है और ब्रिटेन इसमें शामिल नहीं होगा क्योंकि यह हमारे राष्ट्रीय हित में नहीं है। जीवनयापन की बढ़ती लागतों पर चिंताओं को दूर करते हुए स्टारमर ने कहा, ‘ब्रिटेन में जीवनयापन की लागत का समर्थन करने का सबसे प्रभावी तरीका मध्य पूर्व में तनाव कम करने और होर्मुज स्टेट को फिर से खोलने के लिए दबाव डालना है, जो ऊर्जा के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण मार्ग है।
ब्रिटेन ने ट्रंप से किया किनारा
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने चल रहे राजनयिक प्रयासों पर जोर देते हुए कहा कि इस उद्देश्य के लिए, हम अपने लिए उपलब्ध हर राजनयिक मार्ग का पता लगा रहे हैं। स्टारमर ने घोषणा की कि विदेश सचिव यवेट कूपर अंतरराष्ट्रीय साझेदारों को एक बैठक में आमंत्रित करेंगी। उन्होंने कहा, आज मैं यह घोषणा कर सकता हूं कि इस सप्ताह के अंत में विदेश सचिव एक बैठक की मेजबानी करेगा। यह बैठक पहली बार उन देशों को एक साथ लाएगी, जहां हम नौवहन की स्वतंत्रता को बहाल करने, फंसे हुए जहाजों और नाविकों की सुरक्षा की गारंटी देने और आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही को फिर से शुरू करने के लिए सभी व्यवहार्य राजनयिक और राजनीतिक उपायों का आकलन करेंगे।
होर्मुज खोलने के लिए बुलाई 35 देशों की मीटिंग
उन्होंने आगे कहा कि ब्रिटेन ने पहले ही व्यापक समन्वय स्थापित कर लिया है। विदेश सचिव और चांसलर जी7 में अपने समकक्षों से मिल चुके हैं। रक्षा सचिव मध्य पूर्व में हमारे साझेदारों से बात कर चुके हैं और ब्रिटेन ने अब खाड़ी क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को एकजुट करने के अपने आशय पत्र के इर्द-गिर्द 35 देशों को एक साथ ला दिया है।
सहयोगियों पर भड़के ट्रंप, कहा- नाटो से अलग होगा अमेरिका?
ईरान युद्ध के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने बुधवार को बड़ा ऐलान किया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका नाटो (नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गेनाइजेशन) से बाहर निकलने पर विचार कर रहा है। डेली टेलीग्राफ को दिए एक इंटरव्यू में अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में सहयोगी देशों का पूरा समर्थन नहीं मिलने से वह नाराज है। उन्होंने साफ संकेत दिया कि अब नाटो में बने रहने पर दोबारा सोचने की जरूरत नहीं है और अमेरिका इस गठबंधन से बाहर भी निकलने का विचार कर रहा है।
चंडीगढ़ में पंजाब बीजेपी दफ्तर के बाहर जोरदार धमाका
चंडीगढ़ में पंजाब बीजेपी दफ्तर के बाहर जोरदार धमाका
पंजाब और हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ के सेक्टर 37 में स्थित भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मुख्यालय के बाहर बुधवार शाम अचानक एक जोरदार धमाका हो गया। इस धमाके की आवाज काफी दूर तक सुनी गई, जिसके बाद पूरे इलाके में तुरंत अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। घटना की जानकारी मिलते ही चंडीगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और तत्काल प्रभाव से सघन जांच शुरू कर दी गई है। धमाके की सटीक प्रकृति और इसमें इस्तेमाल हुए विस्फोटक सामग्री की वैज्ञानिक पहचान करने के लिए विशेष फॉरेंसिक टीम को भी घटनास्थल पर साक्ष्य जुटाने के लिए बुला लिया गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस घटना में किसी भी व्यक्ति के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है, लेकिन कार्यालय के बाहर खड़े कुछ दोपहिया और चार पहिया वाहनों को मामूली नुकसान पहुंचा है।
पुलिस की प्रारंभिक कार्रवाई : पूरे इलाके को आम लोगों के लिए खाली करवाया
घटना बुधवार शाम लगभग पांच बजे की बताई जा रही है, जब कार्यालय में सामान्य कामकाज चल रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाका सड़क के किनारे खड़ी एक स्कूटी के पास हुआ। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां और बम निरोधक दस्ता भी तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गया। सुरक्षा बलों ने एहतियात के तौर पर पूरे इलाके को आम लोगों के लिए खाली करवा लिया है और बैरिकेडिंग कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी धमाके के कारणों के बारे में कुछ भी स्पष्ट रूप से कहना जल्दबाजी होगी, लेकिन हर एक पहलू को ध्यान में रखकर गंभीरता से काम किया जा रहा है।
शहर में बढ़ाई गई सुरक्षा,हाई अलर्ट घोषित
इस घटना के तुरंत बाद पूरे चंडीगढ़ शहर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। शहर के सभी प्रमुख चौराहों, प्रवेश और निकास मार्गों पर पुलिस की नाकाबंदी कड़ी कर दी गई है। आने-जाने वाले हर संदिग्ध वाहन और व्यक्ति की सघन तलाशी ली जा रही है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
रूस-अमेरिका नहीं, परमाणु हथियारों में नंबर-1 बनेगा जापान
रूस-अमेरिका नहीं, परमाणु हथियारों में नंबर-1 बनेगा जापान
ईरान और US-इजरायल के बीच जारी जंग की वजह से मिडिल ईस्ट में नाजुक हालात हैं। इस समय पूरी दुनिया की नजर ईरान-इजरायल संघर्ष पर है। मिडिल में जारी तनाव के बीच चीन ने परमाणु हथियारों के बारे में बड़ा खुलासा किया है। चीनी सेना के मुखपत्र PLA डेली ने जापान पर परमाणु हथियार बनाने की सामग्री का जखीरा रखने का दावा किया है।
जापान के पास 5500 से ज्यादा परमाणु हथियार बनाने का भंडार
चीनी सेना के मुखपत्र PLA डेली ने जापान पर परमाणु हथियार बनाने की सामग्री का जखीरा रखने का दावा किया है। रिपोर्ट में कहा गया कि जापान के पास परमाणु बम बनाने की तकनीकि है। इसके साथ ही जापान में 44.4 टन प्लूटोनियम का भंडार है। इस प्लूटोनियम से 5500 से ज्यादा परमाणु बमों को बनाया जा सकता है।
चीन का जापान पर गंभीर आरोप
PLA डेली ने 30 मार्च को प्रकाशित अपनी रिपोर्ट में जापान पर चीन के खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया है। रिपोर्ट में दावा किया गया कि जापान अपनी रक्षा क्षमता बढ़ाने, तकनीकि और अंतरराष्ट्रीय भागीदारी को मजबूत करने और चीन के खिलाफ साजिश रच रहा है। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई कि जापान लक्ष्मण रेखा को पार कर रहा है। जापान के पास 55000 से ज्यादा परमाणु हथियार बनाने की सामग्री का भंडार है।
दुनिया में कितने परमाणु हथियार?
स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) के अनुसार, जनवरी 2025 तक दुनिया के 9 देशों के पास कुल 12,241 परमाणु हथियार हैं। इस लिस्ट में भारत का नाम भी शामिल है। न्यूक्लियर पॉवर क्षमता वाले देशों में अमेरिका, रूस, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, चीन, भारत, पाकिस्तान, उत्तरी कोरिया और इजराइल शामिल हैं।
UPI और डिजिटल पेमेंट्स के लिए ‘टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन’ अनिवार्य, आज से लागू हुए नए नियम
UPI और डिजिटल पेमेंट्स के लिए ‘टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन’ अनिवार्य, आज से लागू हुए नए नियम
भारत में बढ़ते डिजिटल लेन-देन के बीच ऑनलाइन धोखाधड़ी को रोकने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सख्ती बढ़ा दी है। 1 अप्रैल 2026 से लोकप्रिय यूपीआई (यूपीआई) प्लेटफॉर्म सहित सभी डिजिटल पेमेंट्स के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अनिवार्य हो गया है। आरबीआई के इस कदम से अब केवल पिन डालकर पेमेंट करना संभव नहीं होगा, इससे ग्राहकों की गाढ़ी कमाई पहले से कहीं अधिक सुरक्षित हो जाएगी।
क्या हैं नए नियम और इसका असर?
आरबीआई के निर्देशों के अनुसार, बैंक और गैर-बैंक संस्थाओं सहित सभी भुगतान प्रणाली सेवा का संचालन करने वाली कंपनियों और प्रतिभागियों को 1 अप्रैल, 2026 तक इन दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करना अनिवार्य था। केंद्रीय बैंक ने बैंक धोखाधड़ी को कम करने और जवाबदेही में सुधार के लिए यह व्यवस्था लागू की है।
दोहरे सत्यापन की अनिवार्यता: आज से उपयोगकर्ताओं को केवल अपना यूपीआई पिन दर्ज करके लेन-देन करने की अनुमति नहीं मिलेगी। इसके बजाय, उन्हें वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी), फिंगरप्रिंट ऑथेंटिकेशन या फेशियल रिकॉग्निशन के जरिए ट्रांजैक्शन को वेरिफाई करना होगा।
पिन चोरी होने पर भी सुरक्षा: इस नियम का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यदि किसी को आपका पिन पता भी चल जाए, तो भी दोहरे सत्यापन के बिना अनधिकृत भुगतान सफल नहीं हो सकेंगे।
ओटीपी का बढ़ता उपयोग: आरबीआई ने सभी डिजिटल पेमेंट्स के लिए 2FA अनिवार्य किया है और वर्तमान में डिजिटल भुगतान इकोसिस्टम ने मुख्य रूप से एसएमएस-आधारित वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी) को इस अतिरिक्त कारक के रूप में अपनाया है।
बैंकिंग एप में स्क्रीनशॉट और रिकॉर्डिंग पर पूरी तरह से प्रतिबंध
भुगतान सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए, उपयोगकर्ता अब किसी भी बैंकिंग ऐप में स्क्रीनशॉट या स्क्रीन रिकॉर्डिंग नहीं ले सकेंगे। किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से उपयोगकर्ता को बचाने के लिए इसे पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि ओटीपी दर्ज करने की प्रक्रिया के कारण लेन-देन में कुछ सेकंड की देरी हो सकती है।
विशेषज्ञों का नजरिया
यूपीआई जैसे इकोसिस्टम में, जहां लेन-देन कुछ ही सेकंड में पूरे हो जाते हैं, धोखाधड़ी रोकने के लिए लेन-देन पूरा होने से पहले का समय ही सबसे महत्वपूर्ण होता है। ‘ब्यूरो’ के निदेशक (रणनीति और नियामक मामले) अनिल तादिमेटी ने कहा कि यहीं पर प्रमाणीकरण को विकसित करने की आवश्यकता है। उनके अनुसार, “आप कौन हैं, आप क्या जानते हैं, और आपके पास क्या है, इन सभी को मिलाकर और वास्तविक समय में इन सिग्नलों का मूल्यांकन करके संदर्भ के माध्यम से विश्वास स्थापित किया जाना चाहिए”।
आरबीआई का यह नया टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) प्रोटोकॉल भारतीय डिजिटल पेमेंट व्यवस्था को नई मजबूती दे रहा है। नए नियमों से यूजर्स को लेनदेन के दौरान कुछ अतिरिक्त सेकंड का समय लग सकता है, लेकिन लंबे समय में यह कदम बैंकिंग फ्रॉड पर लगाम कसने और डिजिटल भुगतान को पूरी तरह से सुरक्षित बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।
माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, एपल समेत 18 कंपनियों को ईरान की खुली चेतावनी
माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, एपल समेत 18 कंपनियों को ईरान की खुली चेतावनी
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका को लेकर खुली चेतावनी दी है। ईरान की सैन्य इकाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने कहा कि अगर ईरानी नेताओं पर हमले जारी रहे, तो वह पश्चिम एशिया में अमेरिकी कंपनियों को निशाना बनाएगा। इस बयान से क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है और वैश्विक स्तर पर चिंता गहरा गई है।
ईरान ने साफ कहा है कि 1 अप्रैल से तेहरान समय के अनुसार रात 8 बजे के बाद अमेरिकी कंपनियों के ठिकानों पर हमले शुरू किए जा सकते हैं। भारत के समय के अनुसार यह रात 10:30 बजे होगा। ईरान ने कहा है कि हर हमले के बदले इन कंपनियों की यूनिट्स को तबाह किया जाएगा। इसके साथ ही कर्मचारियों को तुरंत अपने कार्यस्थलों से हटने की चेतावनी भी दी गई है।
क्या अमेरिकी कंपनियां सीधे निशाने पर हैं?
ईरान ने 15 बड़ी अमेरिकी कंपनियों की सूची जारी की है। इसमें माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, एपल, इंटेल, आईबीएम, टेस्ला और बोइंग जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं। इसके अलावा डेल, एचपी, सिस्को, ओरेकल और जेपी मॉर्गन जैसी कंपनियों के नाम भी सामने आए हैं। इससे साफ है कि ईरान अब सिर्फ सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रहना चाहता। आइए जानते हैं कौन-कौन सी कंपनियां आईआरजीसी के निशाने पर हैं।
माइक्रोसॉफ्ट
गूगल
एपल
इंटेल
आईबीएम (इंटरनेशनल बिजनेस मशीन)
टेस्ला
बोइंग
डेल टेक्नोलॉजीज
हेवलेट पैकार्ड (एचपी)
सिस्को
ओरेकल
मेटा प्लेटफॉर्म्स (फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम)
जेपी मॉर्गन चेस
जनरल इलेक्ट्रिक
हेवलेट पैकार्ड एंटरप्राइज
क्या यह सिर्फ चेतावनी है या बड़ा खतरा?
आईआरजीसी ने पहले भी ऐसी चेतावनियां दी हैं, लेकिन इस बार समय सीमा तय करने से खतरा ज्यादा गंभीर माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह धमकी सच में लागू होती है, तो इससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ सकती है। ईरान ने अपने बयान में कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनियां युद्ध में अहम भूमिका निभा रही हैं। उनका आरोप है कि ये कंपनियां अमेरिका को ऑपरेशन की योजना बनाने और हमले करने में मदद करती हैं। इसी वजह से इन्हें भी निशाना बनाया जा सकता है।
क्या कर्मचारियों के लिए खतरा बढ़ गया है?
ईरान ने कंपनियों के कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि वे तुरंत अपने दफ्तर छोड़ दें। इससे साफ है कि खतरा सिर्फ कंपनियों के ढांचों तक सीमित नहीं है, बल्कि वहां काम करने वाले लोगों की सुरक्षा भी सवालों में है।
क्या इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा?
अगर इन कंपनियों पर हमला होता है, तो इसका असर सिर्फ मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा। ये सभी कंपनियां वैश्विक स्तर पर काम करती हैं। ऐसे में आईटी, टेक्नोलॉजी और व्यापार पर बड़ा असर पड़ सकता है। इससे बाजारों में अस्थिरता बढ़ सकती है और निवेशकों की चिंता भी बढ़ेगी। इस धमकी के बाद अमेरिका और उसके सहयोगियों की प्रतिक्रिया अहम होगी। अगर जवाबी कार्रवाई होती है, तो हालात और बिगड़ सकते हैं। साफ है कि मध्य पूर्व में तनाव अब नए स्तर पर पहुंच चुका है और आने वाले दिन बेहद संवेदनशील हो सकते हैं।
एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन भविष्य की संभावनाओं को प्रदान करेगा मजबूत आधार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन भविष्य की संभावनाओं को प्रदान करेगा मजबूत आधार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि काशी विश्वनाथ धाम दुनिया के सात पवित्र स्थानों में शामिल है, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का कर्मक्षेत्र भी है। उनके नेतृत्व में देश निरंतर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत सशक्त राष्ट्र बनकर उभरा है, जो स्थिरता, संभावनाओं और भरोसे का प्रतीक है। उनके नेतृत्व में हम विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर हैं। वाराणसी की तरह उज्जैन भी धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से विशेष महत्व रखता है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दोनों ही शहरों में धार्मिक पर्यटन की बड़ी संभावनाओं को देखते हुए विकास कार्यों की शुरुआत की गई है। दोनों राज्यों के बीच भौगोलिक रिश्ते होने के साथ सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक संबंध रहे हैं। उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश साझा विरासत के साथ आगे बढ़ रहे हैं। इस क्रम में आज आयोजित एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन भविष्य की संभावनाओं को आधार प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को बनारस में एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं, पारम्परिक शिल्प, ओडीओपी और जीआई टैग उत्पादों, कृषि एवं खाद्य उत्पादों, निवेश अवसरों और पर्यटन संभावनाओं को एक साझा मंच देने के उद्देश्य से आयोजित सहयोग सम्मेलन का वाराणसी के होटल रामाडा में दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में काशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास प्राधिकरण एवं महाकाल मंदिर प्रबंधन समिति तथा ओडीओपी की पहल को मजबूत करने, स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने तथा अंतर्राज्यीय सहयोग के माध्यम से आर्थिक विकास को गति प्रदान करने के लिये उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश के मध्य 2 महत्वपूर्ण एमओयू हुए। सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का उत्तर प्रदेश की विभिन्न औद्योगिक संस्थाओं के पदाधिकारियों द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया।
केन्द्रीय मंत्री शाह के संकल्प से देश ने किया लाल सलाम को आखिरी सलाम
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प से देश ने लाल सलाम को आखिरी सलाम किया है। नक्सलवाद लोकतंत्र की स्थापना के लिए बड़ी चुनौती था। मध्यप्रदेश अब नक्सल मुक्त हो चुका है। इससे प्रदेश के विकास और औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार होगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में सुशासन के नये प्रतिमान स्थापित किए है। उत्तर प्रदेश के अधिकारियों ने भी कानून-व्यवस्था के साथ विकास की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है।
केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना दोनों राज्यों के लिए महत्वपूर्ण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अपनी नीति आधारित पारदर्शिता, उद्योगों के लिए उपलब्ध विशाल भूमि बैंक, विश्वसनीय बिजली आपूर्ति, बेहतर कनेक्टिविटी और निवेशक हितैषी वातावरण के साथ नए अवसरों का केन्द्र बन रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के कार्यों की शुरुआत हुई है। इसका लाभ मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड और उत्तर प्रदेश के जिलों को भी मिलेगा। यह परियोजना सिंचाई के साथ पेयजल सुविधा भी उपलब्ध कराएगी। मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों के लिए यह स्थिति नये प्रयासों और नये सहयोग की दिशा में महत्वपूर्ण संभावनाएं पैदा कर रही है। मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश मिलकर मुरैना में 2000 मेगावॉट के सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में सिंहस्थ के आयोजन के लिए हर तरह के प्रबंधन की तैयारियां चल रही है। प्रयागराज में ऐतिहासिक महाकुंभ के आयोजन की व्यवस्थाओं के अध्ययन से सिंहस्थ के बेहतर प्रबंधन में मदद मिलेगी। इस संदर्भ में आज विश्वनाथ कॉरिडोर की व्यवस्थाओं को भी समझा है।
मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए हैं अनंत निवेश संभावनाएं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार उद्योग और निवेश गतिविधियों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ रही है। मध्यप्रदेश वर्ष 2025 को उद्योग एवं रोजगार वर्ष के रूप में मनाने के बाद वर्तमान वर्ष 2026 में कृषि पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़कर 55 लाख हैक्टेयर हो गया है। राज्य में औद्योगिक विकास के लिए अनंत निवेश संभावनाएं हैं। प्रदेश से 70 हजार करोड़ से अधिक का निर्यात हो रहा है। प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 40 हो गई है। राज्य सरकार अस्पताल खोलने के लिए 1 रुपए लीज पर 30 एकड़ जमीन उपलब्ध करा रही है।
ओडीओपी से बढ़ा उत्तर प्रदेश का निर्यात : एमएसएमई मंत्री यूपी सचान
उत्तर प्रदेश के एमएसएमई मंत्री राकेश सचान ने कहा कि उत्तरप्रदेश देश का बड़ा राज्य है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 9 साल के नव निर्माण में डबल इंजन की सरकार ने अनेक जन हितैषी निर्णय लिए हैं। प्रदेश में इंफ्रॉस्ट्रक्चर का तेजी से विकास हुआ है। एमएसएमई की यहाँ 96 लाख ईकाइयां हैं, जो कृषि के बाद सबसे अधिक 3 करोड़ लोगों को रोजगार दे रही हैं। राज्य सरकार ने 2018 में ओडीओपी प्रोग्राम की शुरुआत की थी। ओडीओपी उत्पादकों से प्रदेश का निर्यात बढ़ा है। ओडीओपी प्रोडक्ट्स को शोकेस करने के लिए अब तक 3 इंटरनेशनल ट्रेड फेयर आयोजित किए जा चुके हैं। युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए बिना ब्याज के 5 लाख रूपये तक का लोन प्रदान किया जा रहा है। मध्यप्रदेश के धार में प्रधानमंत्री मोदी ने वृहद स्तरीय पीएम मित्र पार्क की नींव रखी है। इसी प्रकार से बनारस में 100 एकड़ भूमि पर टेक्सटाइल पार्क का भूमि-पूजन प्रस्तावित है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव का काशी आगमन एक सुखद संयोग
उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास तथा निर्यात एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने कहा कि बाबा महाकाल के अनन्य भक्त मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में आगमन एक सुखद सौभाग्य है। बेहद सरल स्वभाव के मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनता के मन में छाप छोड़ने वाले लोकप्रिय राजनेता हैं। उनके प्रशासनिक निर्णय कठोर होते हैं, मध्यप्रदेश सरकार में लापरवाही बर्दाश्त नहीं है। यह आयोजन दोनों राज्यों के बीच गहरी समझ का स्पष्ट उदाहरण है। बघेलखंड, ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड के लोगों के साथ उत्तर प्रदेश का विशेष संबंध है। कर्मयोगी मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश निवेशकों के लिए सबसे बेहतर डेस्टिनेशन है। हमारा उद्देश्य युवाओं को उद्यमी बनाना है। प्रदेश के कई उत्पादों को वैश्विक पहचान मिली है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. यादव औद्योगिक निवेश को आगे बढ़ा रहे हैं। यह सम्मेलन ओडीओपी और एमएसएमई सेक्टर में सहयोग के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगा। प्रधानमंत्री मोदी की नीति, नीयत और निर्णय बिल्कुल स्पष्ट हैं। वैश्विक संकट के बीच देश में विकास के कार्य तेजी से पूर्ण किए जा रहे हैं।
मध्यप्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर प्राप्त किया ओडीओपी में रजत पदक
प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि इस सहयोग सम्मेलन में मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश का उद्देश्य एक है। एक जिला-एक उत्पाद की अवधारणा के अनुरूप हर जिले को उसके उत्पाद, कौशल और परम्परा से विशेष पहचान दिलाना और जिला स्तर पर रोजगार सृजन के साथ निर्यात में वृद्धि कर आत्मनिर्भर भारत की नींव को मजबूत करना हमारा लक्ष्य है। मध्यप्रदेश के सभी 55 जिलों में ओडीओपी प्रोडक्ट हैं, जिनसे लाखों कारीगर और किसान जुड़े हैं। स्व-सहायता समूहों के माध्यम से ओडीओपी की बिक्री 500 करोड़ रूपए से अधिक हो चुकी है। मध्यप्रदेश में अब निर्यात 65 हजार करोड़ रूपये से अधिक हो चुका है। प्रदेश में 26 उत्पादों को जीआई टैग प्राप्त हुआ है। राष्ट्रीय स्तर पर ओडीओपी में मध्यप्रदेश ने रजत पदक हासिल किया है। प्रदेश में ओडीओपी नई पहचान के रूप में स्थापित हो रहा है। उज्जैन में 284 करोड़ रूपए की लागत से यूनिटी मॉल बनेगा, जो मध्य भारत में सबसे बड़ा ओडीओपी शोकेस होगा। अन्य प्रदेशों के ओडीओपी उत्पाद भी यहां एक छत के नीचे होंगे।
मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश की साझी विरासत का डाकिया बन रहा है “गाँव कनेक्शन”
उत्तर प्रदेश के अधिकारियों ने प्रेजेंटेशन से ओडीओपी प्रोग्राम की विस्तृत जानकारी साझा की। राज्य सरकार ओडीओपी को प्रोत्साहित करने के लिए 1500 कॉमन फैसिलिटी सेंटर भी संचालित कर रही है। अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी उत्तर प्रदेश के ओडीओपी प्रोडक्ट्स का विक्रय किया जा रहा है। गांव कनेक्शन पोर्टल के संस्थापक तथा प्रसिद्ध स्टोरी टेलर नीलेश मिश्रा ने कहा कि मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश का साझा डबल इंजन है। गांव कनेक्शन ने यूपी के जिलों से अपनी यात्रा शुरू की, जिसमें जिलों के ओडीओपी प्रोडक्ट्स को पहचान दिलवाई गई। मध्यप्रदेश का रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव देशभर के लिए एक अनोखा मॉडल बनकर सामने आया है। गांव कनेक्शन मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश की साझी विरासत का डाकिया बन रहा है। सम्मेलन में उत्तर प्रदेश के मंत्री रवींद्र जायसवाल, जीआई टैग एक्सपर्ट पद्म रजनीकांत, लघु उद्योग भारती के राजेश सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव द्वय आलोक सिंह, इलैया राजा टी. विशेष रूप से उपस्थित थे।
साझा विरासत, साझा संकल्प के साथ हुआ टूरिज्म राउण्ड टेबल सेशन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वाराणसी में एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन’ के अंतर्गत आयोजित राउंड टेबल सेशन को संबोधित करते हुए कहा कि दोनों राज्यों के बीच आध्यात्मिक और धार्मिक पर्यटन के एक नए युग की शुरुवात हुई है। मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश मिलकर एक साझा ‘धार्मिक सर्किट’ विकसित कर रहे हैं, जिससे न केवल पर्यटन को गति मिलेगी, बल्कि श्रद्धालुओं को एक सुगम, समृद्ध और एकीकृत तीर्थ अनुभव प्राप्त होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश, पर्यटन क्षेत्र में निवेश के व्यापक अवसर प्रदान कर रहा है। राज्य की प्रगतिशील पर्यटन नीति और मजबूत आधारभूत संरचना निवेशकों के लिए एक आदर्श वातावरण तैयार करती है। सरकार ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देते हुए निवेशकों को ‘एंड-टू-एंड’ सहयोग और सरल अनुमति प्रक्रिया सुनिश्चित कर रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पर्यटन को आधुनिक तरीकों से विस्तार देते हुए मध्यप्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जिसने प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी स्थापित करते हुए ‘पीएम पर्यटन वायु सेवा’ और ‘पीएम हेली पर्यटन सेवा’ की शुरुआत की है। यह पहल सुदूर धार्मिक स्थलों तक पहुंच को सरल और त्वरित बनाएगी।
सम्मेलन में टॉर्नोस डेस्टिनेशन के चेयरमैन प्रतीक हिरा, क्लार्क्स ग्रुप ऑफ होटल्स के प्रतिनिधि उपेद्र गुप्ता, प्रदीप होटल ग्रुप एवं इन-फ्लाइट कैटरिंग के सीईओ प्रदीप नारायण सिंह, और अलकनंदा क्रूज़ के प्रतिनिधि विकास मालवीय उपस्थित रहे। होटल और रियल एस्टेट क्षेत्र से गणपति रियल एस्टेट के संजीव कपूर, एलेगेंस ग्रुप ऑफ होटल्स के विकास अग्रवाल, काशी आनंदम रिज़ॉर्ट के उदित वासुदेव, और रामाडा प्लाज़ा जेएचवी / क्राउन प्लाज़ा के प्रतिनिधि गौरव जायसवाल ने भी सहभागिता की।
पर्यटन और यात्रा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व सुपर ट्रैवल के सुभाष कपूर, वाराणसी पर्यटन गाइड के सचिव सौरभ पांडे, ट्रैवल कैटेलिस्ट प्राइवेट लिमिटेड के आलोक रावत, और ग्लिम्प्सेस हॉलिडेज़ प्राइवेट लिमिटेड के आशुतोष विश्नोई द्वारा किया गया। इनके अतिरिक्त, यूएनडीएमसी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के आशुतोष उपाध्याय, घुमन इंडिया घूम प्राइवेट लिमिटेड के सर्वजीत संस्कृत, थाईलैंड के बौद्ध भिक्षु (सांची में रुचि रखने वाले) फ्राखुसुपमथाव अटचाई माठी, और फिक्की (मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़) के चेयरमैन महेंद्र सिंह भी इस अवसर पर मौजूद थे।
इस अवसर पर उत्तरप्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री गुप्ता, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री सचान, सचिव, पर्यटन विभाग एवं प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड डॉ. इलैया राजा और अपर प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड डॉ. अभय अरविंद बेडेकर और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहें।
प्रदर्शनी में उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश के शिल्पकारों ने बिखेरी कला की चमक
सम्मेलन स्थल पर दोनों राज्यों के शिल्पकारों के प्रमुख उत्पादों की प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा शिल्पियों से संवाद किया। प्रदर्शनी में बांस शिल्प, मेटल क्रॉफ्ट, वस्त्र कला तथा जूट शिल्प के उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं। प्रदर्शनी में लघु उद्योग और शिल्पकारों के परिश्रम को दर्शाया गया। प्रदर्शनी में मध्यप्रदेश एवं उत्तर प्रदेश के एक जिला-एक उत्पाद में शामिल विभिन्न उत्पादों जीआई टैग प्राप्त उत्पादों को साझा मंच प्राप्त हुआ है। राज्य भले अलग-अलग हैं लेकिन उनके शिल्पकारों की कला की चमक एक जैसी है। साथ ही मध्यप्रदेश के निवेश अवसरों औद्योगिक क्षमता पारंपरिक कपड़ों तथा पर्यटन स्थलों को भी इसमें प्रदर्शित किया गया है।
इस प्रदर्शनी में वाराणसी सॉफ्ट-स्टोन, जरी वर्क, बनारस ब्लैंकेटस् एवं साड़ी वर्क, बनारस वुडन वर्क बनारस ग्लास माला उत्पाद एवं बनारस गुलाबी मीनाकारी क्रॉफ्ट के स्टॉल लगाए गए हैं। इसी तरह मध्यप्रदेश के शिल्पियों द्वारा उत्पादित बनाना फाइबर प्रोडक्ट, डिंडोरी तथा मंडला जिलों के मिलेट्स भोपाल जिले के जूट तथा जरी जरदोजी प्रोडक्ट, सीधी जिले की पंजा दरी, रीवा जिले के बांस उत्पाद, बैतूल जिले के भरेवा मेटल क्रॉफ्ट, शिवपुरी के महिला स्व सहायता समूह द्वारा बनाए गए कपड़े के उत्पाद, महेश्वरी हैंडलूम, उज्जैन के बुटीक प्रिंट और चंदेरी साड़ियों के स्टॉल लगाए गये।