Home Blog Page 62

अफीम की खेती के अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा

0

अफीम की खेती के अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में मादक पदार्थ अफीम की खेती के बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए बलरामपुर पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के 2 सरगना को बिहार और झारखंड से गिरफ्तार (Opium interstate network busted) किया है। पुलिस की एंड टू एंड विवेचना और टेक्निकल साक्ष्यों के आधार पर की गई कार्रवाई में इन आरोपियों को उनके ठिकानों से दबोचकर छत्तीसगढ़ लाया गया है। इस मामले में पहले ही 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा जा चुका है।

बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कुसमी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम त्रिपुरी घोसराडांड़ तथा कोरंधा थाना क्षेत्र के ग्राम तुर्रीपानी खजूरी में अफीम की खेती (Opium interstate network busted) किए जाने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस, प्रशासन, एफएसएल और अन्य संयुक्त टीमों ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। यहां खेतों में बड़े पैमाने पर अफीम की खेती पाई गई।

जांच के दौरान ग्राम त्रिपुरी घोसराडांड़ से 4344.569 किलोग्राम अफीम बरामद की गईए जिसकी अनुमानित कीमत करीब 4 करोड़ 75 लाख रुपए (Opium interstate network busted) आंकी गई है।

वहीं ग्राम तुर्रीपानी खजूरी से 1883.76 किलोग्राम अफीम जब्त की गई, जिसकी कीमत करीब 2 करोड़ रुपए बताई गई है। दोनों मामलों में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8 और 18 के तहत अपराध दर्ज कर पुलिस ने पहले ही 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल (Opium interstate network busted) भेज दिया था।

कई संभावित ठिकानों पर दबिश
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा और पुलिस अधीक्षक बलरामपुर के निर्देशन में विशेष टीमों का गठन किया गया। आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमों ने झारखंड और बिहार (Opium interstate network busted) के कई संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी। एंड टू एंड विवेचना और टेक्निकल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को मुख्य आरोपियों के ठिकानों की जानकारी मिली।

45,000 मीट्रिक टन LPG से लदा ‘शिवालिक जहाज’ भारत पहुंचा

0

45,000 मीट्रिक टन LPG से लदा ‘शिवालिक जहाज’ भारत पहुंचा
भारत के लिए आज एक बहुत बड़ी और सुकून देने वाली (Relief) खबर सामने आई है। मिडिल ईस्ट (Middle East) में चल रहे युद्ध (War) के बीच, देश की रसोई गैस (Cooking Gas) की जरूरत को पूरा करने वाला एक अहम मालवाहक जहाज ‘शिवालिक’ (Shivalik Ship) आखिरकार सुरक्षित भारत की सीमा में दाखिल हो गया है। यह विशालकाय जहाज (Vessel) दुनिया के सबसे खतरनाक समुद्री रास्तों में से एक, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पार करके गुजरात (Gujarat) के मुंद्रा पोर्ट (Mundra Port) पर सफलतापूर्वक पहुंच गया है। पहले इस जहाज के केवल पहुंचने की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन अब यह शाम 5 बजे अपने गंतव्य (Destination) पर लंगर डाल चुका है। इस जहाज में 45 हजार मीट्रिक टन (Metric Ton) से अधिक लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) भरी हुई है। यह भारत सरकार की कूटनीतिक (Diplomatic) सफलता का एक बहुत बड़ा उदाहरण है, जिससे देश भर में गैस संकट (Gas Crisis) की सभी अफवाहें और आशंकाएं अब पूरी तरह खत्म हो गई हैं।

कूटनीति और समन्वय की बड़ी जीत(Strategic Success)
इस विशालकाय जहाज का सुरक्षित मुंद्रा पोर्ट (Mundra Port) तक पहुंचना कोई मामूली बात नहीं है। मौजूदा समय में लाल सागर और ईरान के आस-पास के समुद्री मार्गों में भारी अस्थिरता (Instability) बनी हुई है। ऐसे मुश्किल हालातों में 45,000 मीट्रिक टन एलपीजी (LPG) को देश में लेकर आना एक बड़ी चुनौती थी। लेकिन भारतीय कूटनीति और शिपिंग (Shipping) कंपनियों के बेहतरीन समन्वय से यह संभव हो सका है।

आम जनता और बाजार (Market) में खुशी और राहत का माहौल
जहाज के गुजरात पहुंचने के तुरंत बाद, गैस को उतारने (Unloading) और उसे देश की अलग-अलग रिफाइनरियों (Refineries) और बॉटलिंग प्लांट (Bottling Plant) तक पहुंचाने का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है। तेल और गैस कंपनियों (Oil Companies) ने यह सुनिश्चित किया है कि इस गैस की सप्लाई चेन (Supply Chain) बिल्कुल सुचारू रहे, ताकि किसी भी राज्य में गैस की कोई कमी न महसूस हो। सरकार आगामी शिपमेंट्स (Shipments) को लेकर भी पूरी तरह से अलर्ट है।

एक बड़ा रणनीतिक पहलू (Strategic Aspect)
इस पूरे घटनाक्रम का एक बड़ा रणनीतिक पहलू (Strategic Aspect) यह भी है कि भारत ने दुनिया को दिखा दिया है कि मुश्किल वक्त में भी वह अपनी ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) से कोई समझौता नहीं करता। जब दुनिया के कई बड़े देश ग्लोबल सप्लाई चेन (Global Supply Chain) के बाधित होने और ऊर्जा संकट (Energy Crisis) से जूझ रहे हैं, तब भारत ने होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) जैसे तनावपूर्ण इलाके से अपना जहाज सुरक्षित निकालकर अपनी ताकत का अहसास कराया है।

बंगाल चुनाव के लिए BJP का दांव: ममता के गढ़ में शुभेंदु की चुनौती, 144 नामों की पहली सूची में कई दिग्गजों को मिला टिकट

0

बंगाल चुनाव के लिए BJP का दांव: ममता के गढ़ में शुभेंदु की चुनौती, 144 नामों की पहली सूची में कई दिग्गजों को मिला टिकट
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद भाजपा ने अपनी चुनावी रणनीति को आगे बढ़ाते हुए 144 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। इस सूची में कई बड़े नेताओं को मैदान में उतारा गया है। खास बात यह है कि भाजपा ने इस बार नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी को दो सीटों नंदीग्राम और भवानीपुर से उम्मीदवार बनाया गया है।

पिछली बार शुभेंदु को नंदीग्राम से टिकट मिला था। इसके बाद ममता ने नंदीग्राम से शुभेंदु के खिलाफ चुनाव लड़ने का एलान किया था। साथ ही ममता भवानीपुर से भी चुनावी मैदान में थी। नंदीग्राम में दोनों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली थी। ममता नंदीग्राम से हार गई थींं। हालांकि भवानीपुर से वो जीत गईं थीं। इस बार भाजपा ने बड़ा दांव खेलते हुए शुभेंदु को भावनीपुर और नंदीग्राम दोनों से प्रत्याशी बनाया है।

अशोक डिंडा को फिर होंगे चुनावी मैदान में
क्रिकेटर अशोक डिंडा को भाजपा ने फिर से मोयना विधानसभा सीट से मौका दिया है। इससे पहले भी डिंडा को भाजपा ने मोयना विधासभा से ही टिकट दिया था और उन्होंने 1260 वोटों से जीत दर्ज की थी। भाजपा की इस सूची में कई प्रमुख नेताओं को जगह दी गई है। पार्टी ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष को खड़गपुर सदर सीट से उम्मीदवार बनाया है। नीचे सूची में देखें, किसे कहां से टिकट मिला है।

क्र. विधानसभा का नाम उम्मीदवार का नाम
1 कूचबिहार उत्तर (अजा) सुकुमार रॉय
2 सीतलकुची (अजा) सावित्री बर्मन
3 दिनहाटा अजय रॉय
4 तूफानगंज मालती रावा रॉय
5 कुमारग्राम (अजजा) मनोज कुमार ओरांव
6 कालचीनी (अजजा) विशाल लामा
7 अलीपुरद्वार परितोष दास
8 फालाकाटा (अजा) दीपक बर्मन
9 डाबग्राम-फूलबाड़ी शिखा चटर्जी
10 नागराकाटा (अजजा) पुना भेंगरा
11 माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी (अजा) आनंदमय बर्मन
12 सिलीगुड़ी शंकर घोष
13 फांसीदेवा (अजजा) दुर्गा मुर्मू
14 गोलपोखर सरजीत बिस्वास
15 चाकुलिया मनोज जैन
16 करनदिघी बिराज बिस्वास
17 कलियागंज (अजा) उत्पल महाराज
18 रायगंज कौशिक चौधरी
19 कुशमंडी (अजा) तापस चंद्र रॉय
20 कुमारगंज शुभेंदु सरकार
21 बालुरघाट बिद्युत रॉय
22 तपन (अजजा) बुधराई टुडू
23 गंगारामपुर (अजा) सत्येंद्र नाथ राय
24 हरिरामपुर देबब्रत मजुमदार
25 हबीबपुर (अजजा) जोएल मुर्मू
26 गाजोल (अजा) चिन्मय देब बर्मन
27 चंचल रतन दास
28 मालतीपुर आशीष दास
29 रतुआ अभिषेक सिंघानिया
30 मानिकचक गौर चंद्र मंडल
31 मालदा (अजा) गोपाल चंद्र साहा
32 मोथाबाड़ी निबारण घोष
33 सुजापुर अभिराज चौधरी
34 सुती महाबीर घोष
35 रघुनाथगंज सुरजीत पोद्दार
36 लालगोला अमर कुमार दास
37 भगवानगोला भास्कर सरकार
38 मुर्शिदाबाद गौरी शंकर घोष
39 रेजिनगर बापन घोष
40 बेलडांगा भरत कुमार झावर
41 बहरामपुर सुब्रत मित्रा
42 हरिहरपाड़ा तन्मय बिस्वास
43 नउदा राणा मंडल
44 डोमकल नंद दुलाल पाल
45 जलंगी नबा कुमार सरकार
46 करीमपुर समरेंद्रनाथ घोष
47 पलासीपाड़ा अनिमा दत्ता
48 कालीगंज बापन घोष
49 राणाघाट उत्तर पश्चिम पार्थसारथी चटर्जी
50 राणाघाट उत्तर पूर्व (अजा) असीम बिस्वास
51 चकदहा बंकिम चंद्र घोष
52 हरिनघाटा (अजा) असीम कुमार सरकार
53 बदुरिया सुकृति सरकार
54 अमडंगा अरिंदम डे
55 नैहाटी सौमित्र चटर्जी
56 भाटपाड़ा पवन कुमार सिंह
57 बारानगर सजल घोष
58 देंगंगा तरुण कांति घोष
59 बशीरहाट उत्तर नारायण चन्द्र मंडल
60 बसंती (अजा) बिकास सरदार
61 कुलतली (अजा) माधवी महलदर
62 पाथरप्रतिमा असित कुमार हल्दर
63 काकद्वीप दीपांकर जना
64 रायदिघी पलाश राणा
65 कैनिंग पूर्व असीम सपुई
66 डायमंड हार्बर दीपक कुमार हल्दर
67 बिष्णुपुर (अजा) अग्निश्वर नस्कर
68 बज बज तरुण कुमार अदाक
69 मेटियाब्रुज वीर बहादुर सिंह
70 भवानीपुर शुभेंदु अधिकारी
71 रासबिहारी स्वपन दास गुप्ता
72 हावड़ा उत्तर उमेश राय
73 शिबपुर रूद्रनील घोष
74 उलबेरिया दक्षिण मंगलानंद पुरी महाराज
75 अमता अमित सामंत
76 डोमजूर गोबिंद हाजरा
77 सप्तग्राम स्वराज घोष
78 तारकेश्वर संतु पान
79 पुरसुराह बिमान घोष
80 आरामबाग (अजा) हेमंत बाग
81 गोघाट (अजा) प्रशांत दिघर
82 खानाकुल सुशांत घोष
83 पंसकुरा पूर्व सुब्रत मैती
84 पंसकुरा पश्चिम सिंतु सेनापति
85 मोयना अशोक डिंडा
86 महिषादल सुभाष पांजा
87 हल्दिया (अजा) प्रदीप कुमार बिजली
88 नंदीग्राम शुभेंदु अधिकारी
89 पटाशपुर तपन मैती
90 कांथी उत्तर सुमिता सिन्हा
91 कांथी दक्षिण अरूप कुमार दास
92 रामनगर चंद्र शेखर मंडल
93 दांतन अजीत कुमार जना
94 नयाग्राम (अजजा) अमिया किस्कू
95 गोपीबल्लभपुर राजेश महतो
96 झारग्राम लक्ष्मीकांत साहू
97 केशियारी (अजजा) भद्रा हेम्ब्रम
98 खड़गपुर सदर दिलीप घोष
99 नारायणगढ़ राम प्रसाद गिरि
100 सबंग अमल पांडा
101 खड़गपुर तपन भुया
102 डेबरा शुभाशीष ओम
103 दासपुर तपन दत्ता
104 घाटाल (अजा) शीतल कपाट
105 चंद्रकोना (अजा) सुकांत दोलुई
106 सालबोनी बिमान महतो
107 केशपुर (अजा) शुभेंदु सामंत
108 बिनपुर (अजजा) प्रणत टुडू
109 बांदवान (अजजा) लबसेन बास्के
110 बलरामपुर जलधर महतो
111 मानबाजार (अजजा) मैना मुर्मू
112 काशीपुर कमलकांत हंसदा
113 पारा (अजा) नदियार चंद बाउरी
114 रघुनाथपुर (अजा) मामोनी बाउरी
115 साल्टोरा (अजा) चंदना बाउरी
116 छतना सत्यनारायण मुखोपाध्याय
117 रानीबांध (अजजा) क्षुदिराम टुडू
118 रायपुर (अजजा) क्षेत्र मोहन हंसदा
119 तालडांगरा सौविक पात्रा
120 बरजोड़ा बिलेश्वर सिंघा
121 ओंदा अमरनाथ शाखा
122 कटुलपुर (अजा) लक्ष्मीकांत मजुमदार
123 इंदस (अजा) निर्मल कुमार धारा
124 सोनामखी (अजा) दिबाकर घरामी
125 रैना (अजा) सुभाष पात्रा
126 जमालपुर (अजा) अरुण हल्दर
127 मोटेश्वर सैकत पंजा
128 बर्धमान उत्तर (अजा) संजय दास
129 भातर सोमेन करफा
130 केतुग्राम अनादि घोष (मथुरा)
131 औसग्राम (अजा) कलिता माझी
132 पांडबेश्वर जितेंद्र कुमार तिवारी
133 दुर्गापुर पूर्व चंद्र शेखर बनर्जी
134 दुर्गापुर पश्चिम लक्ष्मण चंद घोरुई
135 जामुारिया बिजन मुखर्जी
136 आसनसोल दक्षिण अग्निमित्रा पॉल
137 आसनसोल उत्तर कृष्णेंदु मुखर्जी
138 कुल्टी अजय कुमार पोद्दार
139 दुबराजपुर (अजा) अनुप कुमार साहा
140 सूरी जगन्नाथ चट्टोपाध्याय
141 बोलपुर दिलीप कुमार घोष
142 नानूर (अजा) खोकन दास
143 मयूरेश्वर दुध कुमार मंडल
144 हंसन निखिल बनर्जी

किन अन्य नेताओं को मिला टिकट?
भाजपा ने अपनी सूची में कई अन्य प्रमुख नेताओं को भी टिकट दिया है। पार्टी ने नेता अग्निमित्रा पॉल को आसनसोल दक्षिण सीट से उम्मीदवार बनाया है। वहीं पूर्व राज्यसभा सांसद स्वपन दासगुप्ता को रशबेहारी सीट से मैदान में उतारा गया है। कहा जा रहा है कि उम्मीदवारों का चयन स्थानीय समीकरण और जीत की संभावना को ध्यान में रखकर किया गया है।

चुनाव कब होंगे और क्या है कार्यक्रम?
चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव दो चरणों में कराने का फैसला किया है। राज्य में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को मतदान होगा। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करते हुए कहा कि चुनाव को सरल और सुचारू बनाने के लिए चरणों की संख्या सीमित रखी गई है। पश्चिम बंगाल के साथ असम, केरल, पुदुचेरी और तमिलनाडु में भी चुनाव होंगे। इन सभी राज्यों के नतीजे चार मई को घोषित किए जाएंगे।

पिछले चुनाव में क्या रहा था परिणाम?
पश्चिम बंगाल में वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस ने बड़ी जीत दर्ज की थी। पार्टी ने 215 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी। वहीं, भाजपा ने 77 सीटें जीतकर मुख्य विपक्ष की भूमिका हासिल की थी। अब भाजपा 2026 के चुनाव में अपने प्रदर्शन को बेहतर करने की कोशिश में है और इसके लिए उसने मजबूत उम्मीदवारों के साथ चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी की है।

बाल-बाल बचे निक-प्रियंका: ऑस्कर नाइट में होने वाला था बड़ा हादसा, हवा में उछली कपल की गोल्फ कार्ट

0

बाल-बाल बचे निक-प्रियंका: ऑस्कर नाइट में होने वाला था बड़ा हादसा, हवा में उछली कपल की गोल्फ कार्ट
ग्लोबल पॉवर कपल निक जोनस और प्रियंका चोपड़ा ने ऑस्कर अवॉर्ड सेरेमनी में भाग लेकर एक बार फिर फैंस की धड़कनें बढ़ा दीं। मगर इस आइकॉनिक मूमेंट के होने से ठीक पहले दोनों एक हादसे के शिकार होने से बचे।

निक-प्रियंका का वीडियो वायरल
98वें ऑस्कर अवॉर्ड में प्रियंका चोपड़ा और निक जोनस भी हिस्सा लेने पहुंचे थे। रेड कार्पेट पर जाने के लिए कपल काफी लेट था। ऐसे में दोनों को मेन गेट से अंदर तक जाने के लिए एक गोल्फ कार्ट तैयार थी। निक और प्रिंयका उसमें बैठे और जैसे ही ड्राइवर कार्ट को मोढ़ा तो उसका बैलेंस बिगड़ गया।

इस दौरान गोल्फ कार्ट का एक पहिया जमीन से हवा में उठ गया। ऐसे में बैलेंस बनाने के लिए तुरंत निक और प्रियंका ने कार्ट को जोर से पकड़ा। ड्राइवर ने भी कुछ ही सेकेंड में कार्ट पर काबू पा लिया और हादसा टल गया।

ऑस्कर में पर्सनल गाड़ी को इजाजत नहीं
ऑस्कर अवॉर्ड समारोह का आयोजन अमेरिका के हॉलीवुड स्थित डॉल्बी थिएटर में हुआ। इस दौरान थिएटर के सुरक्षा घेरे के अंदर किसी भी निजी वाहन को आने की अनुमति नहीं थी। समारोह में दुनिया भर से सेलिब्रिटीज के आने से वाहनों के मेनेज करना मुश्किल होता है। ऐसे में आयोजकों ने उन्हें रेड कारपेट तक ले जाने के लिए गोल्फ कार्ट का इंतजाम किया था।

इस साल रहा ‘वन बैटल आफ्टर अनदर’ का जलवा
ऑस्कर 2026 का आयोजन हो चुका है और विजेताओं की घोषणा भी की जा चुकी है। इस बार लियोनार्डो डिकैप्रियो की ‘वन बैटल आफ्टर अनदर’ ने सबसे ज्यादा छह अवॉर्ड अपने नाम किए। इसके अलावा चार अवॉर्ड्स ‘सिनर्स’ ने अपनी झोली में डाले। प्रियंका चोपड़ा बतौर अवॉर्ड प्रेजेंटर ऑस्कर अवॉर्ड्स में शामिल हुईं। वे अपने पति निक जोनस के साथ रेड कार्पेट पर नजर आईं।

रुपये में ऐतिहासिक गिरावट: डॉलर के मुकाबले 92.40 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर फिसला, कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई मुसीबत

0

रुपये में ऐतिहासिक गिरावट: डॉलर के मुकाबले 92.40 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर फिसला, कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई मुसीबत
भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और वैश्विक ऊर्जा बाज़ार में जारी उथल-पुथल का सीधा असर भारतीय मुद्रा पर देखने को मिला है। सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 10 पैसे कमजोर होकर 92.40 (अस्थायी) के नए सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल और विदेशी निवेशकों द्वारा लगातार की जा रही फंड निकासी ने रुपये पर यह भारी दबाव बनाया है। यह स्थिति मुद्रा बाज़ार में बढ़ती अस्थिरता और वैश्विक व्यापारिक चिंताओं को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।

मुद्रा बाजार के ताजा आंकड़ों के अनुसार, सोमवार के कारोबारी सत्र में रुपये ने ऐतिहासिक गोता लगाया।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में स्थानीय मुद्रा की शुरुआत ही कमज़ोरी के साथ 92.44 के स्तर पर हुई।
दिन के कारोबार के दौरान, डॉलर के मुकाबले रुपये ने 92.47 के अपने अब तक के सबसे निचले स्तर को छू लिया।
कारोबारी सत्र के अंत में, रुपया अपने पिछले बंद भाव से 10 पैसे का नुकसान दर्ज करते हुए 92.40 (अस्थायी) पर बंद हुआ।
रुपये की इस ऐतिहासिक गिरावट के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े अंतरराष्ट्रीय कारक काम कर रहे हैं:

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल: वैश्विक बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे भारत का आयात बिल प्रभावित होने की आशंका है और डॉलर की मांग में भारी इजाफा हुआ है।
विदेशी पूंजी की निकासी: भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण विदेशी निवेशक सतर्क हो गए हैं। सुरक्षित निवेश की तलाश में वे भारतीय बाज़ारों से लगातार अपनी पूंजी निकाल रहे हैं, जिससे रुपये पर भारी दबाव पड़ा है।

शेयर बाजार और होर्मुज जलडमरूमध्य से राहत
इन तमाम नकारात्मक कारकों के बावजूद, रुपये में एक बहुत बड़ी और अचानक होने वाली गिरावट को रोकने में कुछ घरेलू और भू-राजनीतिक कारकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार होर्मुज जलडमरूमध्य के फिर से खुलने की उम्मीदों ने बाज़ार की धारणा को काफी हद तक सकारात्मक बनाया है। इन उम्मीदों के बीच घरेलू शेयर बाजारों में एक महत्वपूर्ण रिकवरी देखी गई, जिसने स्थानीय मुद्रा को एक मजबूत सहारा प्रदान किया और उसे और अधिक टूटने से बचा लिया।

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये का 92.40 के ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंचना, भू-राजनीतिक तनावों और ऊर्जा बाज़ार की अस्थिरता का सीधा परिणाम है। हालांकि घरेलू शेयर बाज़ार में सुधार और होर्मुज जलडमरूमध्य के दोबारा खुलने की उम्मीदों ने रुपये को आंशिक समर्थन दिया है। आगे चलकर, विदेशी निवेशकों का रुख और कच्चे तेल की कीमतों की दिशा ही मुद्रा बाजार का अगला रुझान तय करेगी।

पश्चिम एशिया जंग के बीच केंद्र का जवाब: तेल आपूर्ति सामान्य और भारतीयों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता

0

पश्चिम एशिया जंग के बीच केंद्र का जवाब: तेल आपूर्ति सामान्य और भारतीयों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता
पश्चिम एशिया में गहराते भू-राजनीतिक संकट के बीच भारत सरकार ने घरेलू ऊर्जा सुरक्षा और नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए बहुआयामी रणनीति लागू की है। सरकार ने अपने ताजा बयान में बताया कि एक ओर ईरान से भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला जा रहा है, वहीं दूसरी ओर घरेलू मोर्चे पर ईंधन आपूर्ति शृंखला पूरी तरह से सामान्य है और देश की रिफाइनरियां अपनी अधिकतम क्षमता पर काम कर रही हैं।

ऊर्जा सुरक्षा और ईंधन आपूर्ति की ताजा स्थिति
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने साफ किया है कि मौजूदा वैश्विक तनाव का भारत की ईंधन आपूर्ति पर कोई असर नहीं पड़ा है।
देश की सभी रिफाइनरियां अपनी उच्चतम क्षमता पर संचालित हो रही हैं।
पेट्रोल पंपों पर कामकाज पूरी तरह से सामान्य है और देश के किसी भी हिस्से से ईंधन खत्म होने की कोई सूचना नहीं मिली है।
परिवहन के लिए इस्तेमाल होने वाली सीएनजी और घरों में उपयोग होने वाली पीएनजी की आपूर्ति उपभोक्ताओं को 100 प्रतिशत सुनिश्चित की जा रही है।

पीएनजी अपनाने पर विशेष जोर और प्रोत्साहन
ऊर्जा स्थिरता को और मजबूत करने के उद्देश्य से सरकार स्वच्छ ईंधन के उपयोग पर जोर दे रही है। संयुक्त सचिव के अनुसार, वाणिज्यिक एलपीजी उपभोक्ताओं से आग्रह किया गया है कि वे जहां भी संभव हो, पीएनजी कनेक्शन अपनाएं। इसके साथ ही, पीएनजी को बढ़ावा देने के लिए गैस कंपनियों ने विशेष प्रोत्साहन की घोषणा की है:
इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड ने ऑफर दिया है कि यदि कोई घरेलू उपभोक्ता 31 मार्च से पहले पीएनजी कनेक्शन लेता है और गैस खरीदना शुरू करता है, तो उसे 500 रुपये की मुफ्त गैस मिलेगी।
गेल और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) जैसी प्रमुख कंपनियां भी उपभोक्ताओं को स्वच्छ ईंधन की ओर आकर्षित करने के लिए इसी तरह के प्रोत्साहन दे रही हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य और समुद्री लॉजिस्टिक्स की सफलता
पश्चिम एशिया संकट के दौरान ऊर्जा शिपमेंट के सुरक्षित परिवहन को लेकर भी सकारात्मक खबर आई है। बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि फारस की खाड़ी से रवाना हुआ ‘शिवालिक एलपीजी कैरियर’ होर्मुज जलडमरूमध्य को सफलतापूर्वक पार कर चुका है और भारत की ओर बढ़ रहा है। इस पोत के शाम 5 बजे के आसपास भारतीय बंदरगाह पर पहुंचने की उम्मीद है। इसके आगमन से पूर्व ही बंदरगाह पर दस्तावेज़ीकरण और प्राथमिकता के आधार पर बर्थिंग की सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं, ताकि आपूर्ति में कोई विलंब न हो।

ईरान से भारतीय नागरिकों की निकासी
अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में आर्थिक मोर्चे के साथ-साथ कूटनीतिक मोर्चे पर भी अपडेट साझा किए गए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ईरान में फंसे भारतीयों की स्थिति पर जानकारी दी।

अब तक 550 से अधिक भारतीय नागरिक ईरान से भूमि सीमा के माध्यम से आर्मेनिया में सुरक्षित प्रवेश कर चुके हैं।
इसके अलावा, लगभग 90 अन्य भारतीय नागरिकों ने ईरान से भूमि सीमा के रास्ते ही अज़रबैजान में प्रवेश किया है।
इन सभी नागरिकों की सुरक्षित आवाजाही को तेहरान स्थित भारतीय दूतावास द्वारा सुगम बनाया गया है, जिसने वीज़ा और आव्रजन औपचारिकताओं में पूरी सहायता प्रदान की है।

सरकारी अधिकारियों के ताजा बयान बताते हैं कि भारत पश्चिम एशिया के संकट से उत्पन्न होने वाली चुनौतियों का मजबूती से सामना कर रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे संवेदनशील समुद्री मार्ग से एलपीजी पोत की सुरक्षित वापसी और घरेलू रिफाइनरियों का पूर्ण क्षमता पर चलना भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी राहत है। इसके साथ ही, एलपीजी से पीएनजी की ओर स्थानांतरण के दीर्घकालिक प्रयास और नागरिकों की त्वरित निकासी सरकार के सक्रिय नीतिगत प्रबंधन को रेखांकित करते हैं।

मुख्यमंत्री ने नेपानगर विधानसभा क्षेत्र को दी 363.82 करोड़ के 127 विकास कार्यों की सौगात

0

मुख्यमंत्री ने नेपानगर विधानसभा क्षेत्र को दी 363.82 करोड़ के 127 विकास कार्यों की सौगात
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नेपानगर अद्भुत नगरी है। यह कृषि और उद्योग का बेजोड़ संगम है। बुरहानपुर जिला मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विविधता का जीवंत उदाहरण है। हम बुरहानपुर के एग्री एक्सपोर्ट और प्रोसेसिंग का हब बनाने की ओर बढ़ रहे हैं। प्रदेश के जनजातीय वर्ग का समग्र विकास हमेशा से ही हमारी पहली प्राथमिकता रही है। जनजातीय समाज के समग्र कल्याण के लिए नए वित्त वर्ष 2026-27 के सालाना बजट में 26 प्रतिशत की वृद्धि कर 47 हजार 428 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान रखा है, जिससे जनजातीय वर्ग के चहुंमुखी विकास और कल्याण में कोई कमी न रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्रीय पीएम जन-मन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत कराए जा रहे कार्य प्रदेश में जनजातीय कल्याण का नया अध्याय लिख रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को बुरहानपुर जिले के जनजातीय बहुल नेपानगर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित जनजातीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा क्षेत्र को 363 करोड़ 82 लाख रुपए के 127 विकास कार्यों की सौगात दी। इसमें 191 करोड़ 62 लाख रुपए लागत के 81 विकास कार्यों का भूमिपूजन (30.59 करोड़ से सातपायरी में औद्योगिक प्रक्षेत्र के भूमिपूजन सहित) और 172 करोड़ 20 लाख रुपए लागत के 46 विकास कार्यों का लोकार्पण शामिल है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकास तभी सार्थक है, जब इसके प्रकाश का पूरा लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जिन विकास कार्यों की सौगात मिली है, यह इस क्षेत्र के जनजातीय बंधुओं के कल्याण में मील का पत्थर साबित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इतिहास के पन्नों में नेपानगर दक्षिण के द्वार के रूप में अंकित है। कभी खानदेश और दक्षिण की काशी के रूप में पहचाने जाने वाले नेपानगर को हमारी सरकार महाराष्ट्र के छोर पर मध्यप्रदेश के विकास के प्रमुख द्वार के रूप में विकसित करेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नेपानगर विधानसभा क्षेत्र में दो प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं (झिरमिट्टी मध्यम सिंचाई परियोजना एवं नावथा वृहद सिंचाई परियोजना) को शासकीय मंजूरी मिलने की जानकारी देते हुए कहा कि ये सिंचाई परियोजनाएं इस क्षेत्र के 34 हजार 400 किसान परिवारों की तकदीर और तस्वीर बदल देंगी। उन्होंने बताया कि कुल 2598.97 करोड़ रुपये की इन दोनों परियोजनाओं से जनजातीय बहुल क्षेत्र में 51800 हेक्टेयर कृषि रकबे में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। इन परियोजनाओं से 132 गांव लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे किसी के भी अनर्गल प्रलाप से कतई प्रभावित न हों। इन परियोजनाओं के निर्माण में हमारी सरकार किसी भी व्यक्ति या किसान को घर से बेघर नहीं होने देगी। हम सबके हितों का बराबर ध्यान रखेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नेपानगर पेपर मिल इस क्षेत्र की पहचान है। यह मिल हमेशा की तरह चलती रहेगी। इस चलाए रखने के लिए हम सभी व्यवस्थाएं और समुचित प्रबंधन करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार इस मिल के कागज भी खरीदेगी और श्रमिक को उसके रोजगार से जोडे़ रखेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रमुख घोषणाएँ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बीते एक माह के दौरान ही दो कार्यक्रमों में बुरहानपुर जिले को करीब 1100 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की सौगातें मिली हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुरहानपुर के शासकीय महाविद्यालय में कृषि संकाय की पढ़ाई प्रारंभ कराने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि नेपानगर में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार की स्मृति में एक आकर्षक उद्यान बनाया जाएगा। धूलकोट के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रोन्नत किया जाएगा। लोखंडिया से हसीनाबाद मार्ग के चौड़ीकरण के साथ ताप्ती नदी पर वर्तमान रपटे के स्थान पर एक उच्च स्तरीय पुल बनाया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र की पहचान असीरगढ़ के किले को भव्य पर्यटन केन्द्र के रूप में विकसित किया जाएगा। प्रदेश के वनवासियों को दिए गए वन अधिकार पट्टों को अब राजस्व विभाग के माध्यम से संपत्ति की रजिस्ट्री के रूप में बदला जाएगा, इसकी रजिस्ट्री शुल्क का खर्चा राज्य सरकार उठाएगी। क्षेत्रीय जनजातीय बन्धुओं को वनाधिकार पट्टों का लाभ देने के लिए जल्द ही पुन: सर्वे कराया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि, बागवानी और मसाला उत्पादन के लिए मशहूर निमाड़ क्षेत्र में सभी प्रकार की फसलों का बीमा कराने और इस क्षेत्र में शीघ्र ही रीजनल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित करने की बात कही।

सिंचाई क्षमता में लगातार हो रही वृद्धि : मंत्री सिलावट

जल संसाधन मंत्री एवं बुरहानपुर जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में सिंचाई क्षमता में लगातार दिन दूनी-रात चौगुनी वृद्धि हो रही है। उन्होंने इस क्षेत्र के लिए मंजूर दो सिंचाई परियोजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि यह परियोजना जनजातीय क्षेत्र के विकास की नई इबारत लिखेंगी। उन्होंने कहा कि ताप्ती बेसिन मेगा ग्राउंड वाटर रिचार्ज परियोजना भी मंजूर हो चुकी है। इससे नेपानगर सहित बुरहानपुर जिले की सिंचाई क्षमता में भारी वृद्धि होगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के 54 लाख हैक्टेयर कृषि क्षेत्र में सिंचाई हो रही है, जिसे वर्ष 2029 तक बढ़कर 100 लाख हेक्टेयर तक किया जाएगा।

सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने कहा कि नेपानगर क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में यहां की नेपा मिल का अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से अनुरोध किया कि यह नेपा मिल किसी भी स्थिति में बंद न हो, बल्कि हमेशा की तरह संचालित होती रहे, ऐसे सभी प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसान, मजदूर, विद्यार्थी और महिला सहित समाज के सभी वर्गों की भलाई के लिए पूरी शिद्धत से काम कर रही है।

विधायक बुरहानपुर एवं पूर्व मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश लगातार विकास कर रहा है। उन्होंने वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाए जाने एवं 19 मार्च से प्रारंभ हो रहे राज्य स्तरीय जल गंगा संवर्धन अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि यह सरकार, सामाजिक सरोकारों से जुड़ी सरकार है। सरकार के प्रयासों से प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय भी निरंतर बढ़ रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से बुरहानपुर में “सम्राट विक्रमादित्य” महानाट्य का मंचन कराने का अनुरोध किया।

नेपानगर विधानसभा क्षेत्र की विधायक सु मंजू राजेन्द्र दादू ने जनजातीय उत्सव के प्रतीक मांदल और झांझर की उल्लसित झनकार के बीच मुख्यमंत्री डॉ. यादव को तीर कमान भेंट कर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश का दूरस्थ एवं सीमावर्ती विधानसभा क्षेत्र होने से नेपानगर क्षेत्र में विकास की असीम संभावनाएं हैं। उन्होंने असीरगढ़ के प्राचीन किले का जीर्णोद्धार करवाने एवं यहां पर्यटन गतिविधियां विकसित करने का अनुरोध किया।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष गंगाराम मार्को, उपाध्यक्ष गजानंद, नगर निगम बुरहानपुर की महापौर माधुरी अतुल पटेल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, जनजातीय बंधु, किसान और महिलाएं उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन कन्या-पूजन एवं भगवान बिरसा मुंडा जी के चित्र पर पुष्पांजलि एवं माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। साथ ही कार्यक्रम स्थल पर लगी विकास प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। प्रदर्शनी में कृषक कल्याण वर्ष के तहत किये जा रहे नवाचारों और प्रयासों को दर्शाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसकी सराहना की।

गढ़फुलझर नानकसागर में होला मोहल्ला कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

0

गढ़फुलझर नानकसागर में होला मोहल्ला कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज महासमुंद जिले के बसना क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक एवं पवित्र स्थल गढ़फुलझर के नानकसागर में आयोजित होला मोहल्ला कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने यहां पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष माथा टेका तथा विशेष कीर्तन समागम और अरदास में भाग लेकर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर सिख समाज की ओर से मुख्यमंत्री को सरोफा भेंट कर आत्मीय सम्मान किया गया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि गढ़फुलझर की पावन धरती स्थित नानकसागर अत्यंत श्रद्धा और आस्था का केंद्र है, जहां पूज्य गुरु नानक देव जी के चरण पड़े हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ संतों की तपोभूमि रही है, जहां अनेक महान संतों ने मानवता, सेवा और सद्भाव का संदेश दिया है। इस पवित्र स्थल पर आकर उन्हें अत्यंत गर्व और आत्मिक आनंद की अनुभूति हो रही है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी प्रमुख तीर्थस्थलों के संरक्षण और समुचित विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में गढ़फुलझर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा पहले ही की जा चुकी है। इसके विकास कार्यों के लिए लगभग 2 करोड़ 50 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है और निर्माण कार्य जारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन कार्यों को शीघ्र पूर्ण किया जाए तथा नानकसागर क्षेत्र में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जाए, जिससे यह स्थल प्रदेश और देश के श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन सके।

बसना विधायक संपत अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि सिख समाज सदैव संगठन, सेवा और सामाजिक समरसता की भावना के साथ आगे बढ़ने वाला समाज रहा है।
उन्होंने कहा कि गढ़फुलझर न केवल सिख समाज की आस्था का केंद्र है, बल्कि यह सर्वधर्म समभाव और सद्भावना की जीवंत मिसाल भी है।

कार्यक्रम में कृषि मंत्री रामविचार नेताम, बसना विधायक संपत अग्रवाल, छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर, छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह सवन्नी, छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा सहित सिख समाज के अनेक गणमान्यजन और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

चैत्र नवरात्र में करें सप्तश्लोकी दुर्गा स्तोत्र का पाठ, हर कार्य में मिलेगी सफलता

0

चैत्र नवरात्र में करें सप्तश्लोकी दुर्गा स्तोत्र का पाठ, हर कार्य में मिलेगी सफलता
चैत्र नवरात्र 19 मार्च से शुरू हो रहे हैं, जिसमें भक्त नौ दिनों तक मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा करते हैं। इस अवधि में यदि आप रोजाना सप्तश्लोकी दुर्गा स्तोत्र का पाठ करते हैं, तो इससे आपको मात रानी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। साथ ही साधक को शुभ परिणाम भी मिलने लगते हैं।

मां दुर्गा के मंत्र
1. मंत्र: श्री क्लीं ह्रीं वरदायै नम:

2. मंत्र: ॐ ऐं ह्रीं क्लीं महागौर्ये नम:

3. सर्वभू‍तेषु माँ गौरी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।

3. मां दुर्गा का ध्यान –

ॐ जटा जूट समायुक्तमर्धेंन्दु कृत लक्षणाम|
लोचनत्रय संयुक्तां पद्मेन्दुसद्यशाननाम॥

इन बातों का रखें ध्यान
पाठ से पहले स्नान करें और दीपक/धूप जलाएं और माता दुर्गा का ध्यान करें।
पाठ के दौरान मन को शांत रखें और किसी तरह के नकारात्मक विचार मन में न लाएं।
नौ दिनों में प्रतिदिन एक ही समय और एक ही स्थान पर बैठकर पाठ करना उत्तम माना जाता है।

पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान, 4 मई को आएगा परिणाम

0

पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान, 4 मई को आएगा परिणाम
देश के पांच राज्यों की आठ विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की तारीखों का एलान कर दिया गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि इन सीटों पर मतदान दो चरणों में होगा, जबकि सभी सीटों की मतगणना 4 मई को की जाएगी।

उन्होंने बताया कि गोवा, कर्नाटक, नागालैंड और त्रिपुरा की पांच सीटों पर 9 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। वहीं गुजरात और महाराष्ट्र की तीन सीटों पर 23 अप्रैल को मतदान कराया जाएगा। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि सभी आठ सीटों पर उपचुनाव इसलिए कराए जा रहे हैं क्योंकि वहां के मौजूदा विधायकों का निधन हो गया था।