Home Blog Page 70

OTT पर ‘द राजा साब’ का धमाका: हिंदी दर्शकों के लिए बड़ी खुशखबरी, प्रभास की फिल्म ने दी दस्तक

0

OTT पर ‘द राजा साब’ का धमाका: हिंदी दर्शकों के लिए बड़ी खुशखबरी, प्रभास की फिल्म ने दी दस्तक
साउथ सुपरस्टार प्रभास की फिल्म ‘द राजा साब’ इस साल की सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाली फिल्मों में से एक थी. 9 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हुई में ये फिल्म थिएटर में कुछ कमाल नहीं दिखा सकी थी. रिलीज होने के बाद फिल्म को दर्शकों से खास रिस्पॉन्स नहीं मिला और इसकी कहानी व निर्देशन को लेकर काफी आलोचना भी हुई.

थिएटर में रिलीज होने के एक महीने से भी कम समय में मेकर्स ने इस फिल्म को ओटीटी पर रिलीज कर दिया था. हालांकि, ओटीटी पर हिंदी भाषा में ये फिल्म नहीं आई थी. मेकर्स इस फिल्म को 6 फरवरी को ओटीटी प्लेटफॉर्म जियो हॉटस्टार पर तेलुगू, तमिल, कन्नड़ और मलयालम भाषा में लेकर आए थे. हालांकि अब हिंदी में भी ये फिल्म रिलीज हो चुकी है.

OTT पर हिंदी में भी रिलीज हुई ‘द राजा साब’
बाकी भाषाओं की तरह ‘द राजा साब’ का हिंदी वर्जन भी जियो हॉटस्टार पर ही रिलीज किया गया है. अब देखना दिलचस्प होगा कि ओटीटी पर, खासकर हिंदी दर्शकों के बीच, इस फिल्म को कैसा रिस्पॉन्स मिलता है. प्रभास के साथ मालविका मोहनन, निधि अग्रवाल और संजय दत्त भी इस फिल्म का हिस्सा हैं. ‘द राजा साब’ का डायरेक्शन मारुति ने किया है.

ये एक बड़े बजट की फिल्म है. मेकर्स ने इस फिल्म को बनाने में करोड़ों खर्च किए थे. हालांकि, ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो गई. रिपोर्ट्स के मुताबिक इस फिल्म का बजट लगभग 400 करोड़ रुपये था. हालांकि, वर्ल्डवाइड ये फिल्म कोईमोई की रिपोर्ट के मुताबिक 206 करोड़ रुपये का ही कलेक्शन कर पाई थी.

प्रभास की अपकमिंग फिल्म
प्रभास की अपकमिंग फिल्म की बात करें तो वो जल्द ही फिल्म ‘स्पिरिट’ में नजर आने वाले हैं, जो 5 मार्च 2027 को सिनेमाघरों में दस्तक देगी. संदीप रेड्डी वांगा के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में उनके अपोजिट तृप्ति डिमरी दिखेंगी. वहीं विवेक ओबेरॉय निगेटिव रोल में नजर आएंगे. फैंस इस फिल्म का बेसब्री ने इंतजार कर रहे हैं.

धर्मनगरी में कल होगा गृहमंत्री का अहम दौरा, जनसभा को संबोधित कर कार्यकर्ताओं में भरेंगे जोश

0

धर्मनगरी में कल होगा गृहमंत्री का अहम दौरा, जनसभा को संबोधित कर कार्यकर्ताओं में भरेंगे जोश
केंद्रीय मंत्री अमित शाह शनिवार को शहर में करीब सवा चार घंटे रहेंगे। वैरागी द्वीप में आयोजित नूतन न्याय संहिता पर राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन, जनसभा संबोधन और अन्य गतिविधियों के बीच वह निजी होटल में आयोजित पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ बैठक करेंगेंं। इसके लिए शुक्रवार को दिनभर पुलिस-प्रशासन की टीम तैयारियों में जुटी रही।

 

तय कार्यक्रम के मुताबिक, गृह मंत्री शनिवार को दोपहर 12:15 बजे जौलीग्रांट एयरपोर्ट देहरादून पहुंचेंगे, जहां से 12:30 बजे गुरुकुल कांगड़ी हेलीपैड हरिद्वार पहुंचेंगे। यहां से 12:40 बजे वह वैरागी द्वीप में कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगे। फिर 1:55 बजे तक वह वैरागी कैंप में जनसभा को संबोधित करेंगे। दिन में 2:00 बजे से 2:30 बजे तक समय आरक्षित रखा गया है।

इसके अलावा 2:30 बजे से 3:00 बजे तक वैरागी कैंप में ही नूतन न्याय संहिता पर राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन और अवलोकन करेंगे। वह 3:00 से 3:30 बजे के बीच उत्तराखंड सरकार की विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे। 3:30 बजे वैरागी कैंप से प्रस्थान कर 3:40 बजे एक निजी होटल पहुंचेंगे। यहां पर पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ बैठक कर केंद्रीय गृह मंत्री 4:45 बजे जौलीग्रांट एयरपोर्ट के लिए निकल जाएंगे।

विदेशी मुद्रा भंडार में ऐतिहासिक उछाल, नए शिखर पर पहुंचा भारत

0

विदेशी मुद्रा भंडार में ऐतिहासिक उछाल, नए शिखर पर पहुंचा भारत
वैश्विक स्तर पर मध्य पूर्व में चल रहे तनाव के बावजूद, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 27 फरवरी को समाप्त हुए सप्ताह में 4.885 अरब डॉलर की प्रभावशाली वृद्धि के साथ अब तक के उच्चतम स्तर 728.494 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। यह अभूतपूर्व वृद्धि देश की मजबूत आर्थिक स्थिति और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सुरक्षित निवेश के प्रति निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।

क्या कहते हैं आरबीआई के आंकड़े?
आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, इस सप्ताह विदेशी मुद्रा भंडार के प्रमुख घटकों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।

स्वर्ण भंडार: गोल्ड रिजर्व का मूल्य 4.141 अरब डॉलर बढ़कर 131.630 अरब डॉलर हो गया है। यह वृद्धि सोने को एक सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में वैश्विक स्तर पर बढ़ती स्वीकार्यता को इंगित करती है।
विदेशी मुद्रा अस्तियां: विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा घटक, फॉरेन करेंसी एसेट्स, 56.1 करोड़ डॉलर बढ़कर 573.125 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। एफसीए में डॉलर के साथ-साथ जापानी येन, यूरो और ब्रिटिश पाउंड जैसी प्रमुख वैश्विक मुद्राओं का भंडार शामिल होता है, जिनका मूल्य डॉलर में मापा जाता है।
विशेष आहरण अधिकार: अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की ओर से जारी विशेष आहरण अधिकारका मूल्य 2.6 करोड़ डॉलर बढ़कर 18.866 अरब डॉलर हो गया है।
रिजर्व पोजीशन: भारत की आईएमएफ में रिजर्व पोजीशन भी 15.8 करोड़ डॉलर बढ़कर 4.873 अरब डॉलर हो गई है।
यह ध्यान देने योग्य है कि इससे पहले विदेशी मुद्रा भंडार का उच्चतम स्तर फरवरी के मध्य में 725.727 अरब डॉलर दर्ज किया गया था।

विदेशी मुद्रा भंडार अर्थव्यवस्था के लिए कितना महत्वपूर्ण?
किसी भी देश के लिए उसका विदेशी मुद्रा भंडार उसकी आर्थिक स्थिरता का एक महत्वपूर्ण संकेतक होता है। यह न केवल देश की वित्तीय सेहत को दर्शाता है, बल्कि मुद्रा विनिमय दर को स्थिर रखने में भी अहम भूमिका निभाता है।

विनिमय दर स्थिरता: डॉलर के मुकाबले रुपये पर दबाव बढ़ने की स्थिति में, केंद्रीय बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार का उपयोग करके डॉलर की बिक्री कर सकता है, जिससे रुपये को गिरने से रोका जा सके और विनिमय दर में स्थिरता लाई जा सके।
आर्थिक मजबूती: विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि यह भी संकेत देती है कि देश में डॉलर की आवक मजबूत बनी हुई है, जो अर्थव्यवस्था को बल प्रदान करती है।
अंतरराष्ट्रीय व्यापार में आसानी: बढ़ते विदेशी मुद्रा भंडार से देश के लिए विदेशों में व्यापार करना और वित्तीय लेन-देन करना अधिक सुगम हो जाता है।
अनिश्चितताओं के बीच स्थिरता, अब आगे क्या?
मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में आई यह रिकॉर्ड वृद्धि, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की सुदृढ़ता का प्रमाण है। यह दर्शाता है कि निवेशक भारतीय अर्थव्यवस्था पर भरोसा कर रहे हैं और देश की वित्तीय नीतियां प्रभावी साबित हो रही हैं। यह भंडार देश को भविष्य में किसी भी अप्रत्याशित आर्थिक झटके से निपटने के लिए बेहतर स्थिति में रखता है।

संकष्टी चतुर्थी पर नक्षत्रों का अद्भुत मेल

0

संकष्टी चतुर्थी पर नक्षत्रों का अद्भुत मेल
पंचांग के अनुसार, आज यानी 06 मार्च को कई शुभ योग बन रहे हैं। इस तिथि पर भगवान गणेश की पूजा होती है। इस दिन पूजा-पाठ व व्रत करने से साधक के जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं। साथ ही जीवन में सुख-शांति आती है।

तिथि: कृष्ण तृतीया
मास पूर्णिमांत: चैत्र
दिन: शुक्रवार
संवत्: 2082

तिथि: कृष्ण तृतीया – शाम 05:53 बजे तक
योग: गंड – सुबह 07:06 बजे तक
करण: विष्टि – शाम 05:53 बजे तक
करण: बव – सुबह 06:31 बजे तक (7 मार्च)।

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
सूर्योदय का समय: सुबह 06:41 बजे
सूर्यास्त का समय: शाम 06:24 बजे
चंद्रोदय का समय: शाम 09:14 बजे
चंद्रास्त का समय: सुबह 08:01 बजे।

सूर्य और चंद्रमा की राशियां
सूर्य देव: कुंभ राशि में स्थित हैं।
चन्द्र देव: कन्या राशि में स्थित हैं, रात 10:18 बजे तक।

आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:09 बजे से दोपहर 12:56 बजे तक
अमृत काल: सुबह 04:23 बजे से सुबह 06:06 बजे (7 मार्च) तक।

आज के अशुभ समय
राहुकाल: सुबह 11:05 बजे से सुबह 12:33 बजे तक
गुलिकाल: सुबह 08:09 बजे से सुबह 09:37 बजे तक
यमगण्ड: दोपहर 03:28 बजे से शाम 04:56 बजे तक

आज का नक्षत्र
आज चंद्रदेव हस्त नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।
हस्त नक्षत्र: सुबह 09:29 बजे तक
सामान्य विशेषताएं: निडर, साहसी, उपकारी, दानी, मेहनती, फुर्तीला, लक्ष्य के प्रति समर्पित, बुद्धिमान, कभी-कभी झगड़ालू, कठोर, जीवन के उत्तरार्ध में सुखी, शारीरिक कार्यों में निपुण।
नक्षत्र स्वामी: चंद्रदेव
राशि स्वामी: बुधदेव
देवता: सविता (सूर्य देव का एक रूप)
प्रतीक: हाथ या बंद मुट्ठी।

सुखोई-30 MKI लड़ाकू विमान हादसे में दोनों पायलट की मौत

0

सुखोई-30 MKI लड़ाकू विमान हादसे में दोनों पायलट की मौत
असम में वायु सेना का एक सुखोई-30 MKI लड़ाकू विमान नियमित प्रशिक्षण मिशन के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में दोनों पायलट की मौत हो गई है। यह हादसा असम के कार्बी आंगलोंग जिले में हुआ, जो जोरहाट वायुसेना अड्डे से लगभग 60 किलोमीटर दूर है।

विमान हादसे की जांच कर रहे अधिकारियों ने बताया कि भारतीय वायु सेना का एक सुखोई-30 लड़ाकू विमान गुरुवार शाम को जोरहाट एयरबेस से उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद असम के कार्बी आंगलोंग जिले के ऊपर से उड़ते समय रडार से लापता हो गया था।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी भारतीय क्रिकेट टीम को बधाई

0

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी भारतीय क्रिकेट टीम को बधाई
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आईसीसी मेन्स टी-20 वर्ल्ड कप सीरीज में भारत की इंग्लैंड पर शानदार विजय के लिए भारतीय क्रिकेट खिलाड़ियों को हार्दिक बधाई दी है। गुरूवार को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में भारत ने इंग्लैंड को हराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आशा व्यक्त की है कि भारत सीरीज के अंतिम मुकाबले में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर अवश्य जीतेगा।

मुख्यमंत्री जल संचय-जन भागीदारी अभियान की समीक्षा में वर्चुअली हुए शामिल

0

मुख्यमंत्री जल संचय-जन भागीदारी अभियान की समीक्षा में वर्चुअली हुए शामिल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश नदियों का मायका है। देश की कई महत्वपूर्ण नदियों के उद्गम स्थल होने के साथ ही प्रदेश में 250 से अधिक नदियां हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आहवान पर जल संसाधनों के संरक्षण, संवर्धन के लिए देश में आरंभ हुआ जल संचय-जन भागीदारी अभियान सामुदायिक सहभागिता का उत्कृष्ट उदाहराण बन गया है। मध्यप्रदेश ने इस अभियान के प्रथम चरण में 2 लाख 79 हजार जल संग्रहण संरचनाओं का निर्माण कर महत्वपूर्ण योगदान दिया है। द्वितीय चरण में भी मध्यप्रदेश में 64 हजार 395 कार्य प्रगति पर हैं और 72 हजार 647 कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं। इस प्रकार 1 लाख 37 हजार 42 संरचनाओं के साथ प्रदेश, देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव केन्द्रीय जल शक्ति मंत्रालय द्वारा गुरूवार को आयोजित संयुक्त वीडियो कॉन्फ्रेंस को मंत्रालय भोपाल से संबोधित कर रहे थे। जल संचय-जन भागीदारी की व्यापक समीक्षा के लिए आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंस में केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल, प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, सभी संभागायुक्त और जिला कलेक्टर्स शामिल हुए।

केन्द्रीय मंत्री पाटिल ने अभियान के अंतर्गत मध्यप्रदेश की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश सामुदायिक सहभागिता पर आधारित जल संरक्षण और सतत् जल प्रबंधन में देश के सम्मुख श्रेष्ठ उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भूजल स्त्रोतों के दोहन के कारण गिरते हुए भूजल स्तर, प्राचीन जल संग्रहण संरचनाओं के क्षरण और नदियों के कम होते प्रवाह के प्रति हम पूर्णत: सजग है। इसलिए मध्यप्रदेश ने जल संचय-जन भागीदारी की राष्ट्रीय पहल को सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आत्मसात करते हुए राज्य स्तर पर इसे व्यापक जनभागीदारी से जोड़ा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश से जिन नदियों का उद्गम है, उनके जल का स्त्रोत प्रदेश के वन हैं। यह नदियां अन्य राज्यों की कृषि और अन्य आर्थिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। इस प्रकार प्रदेश की नदियों का राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय योगदान है। इस दृष्टि से राज्य में विद्यमान वनों के रखरखाव के लिए राज्य सरकार को केन्द्र की ओर से अतिरिक्त आर्थिक सहयोग की अपेक्षा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण के लिए बुनियादी ढांचे के विकास के लिए खेत-तालाबों और नए सरोवरों का निर्माण किया गया है। भू-जल संवर्धन के लिए कुओं का पुनर्भरण किया गया है। शहरी क्षेत्रों और वन क्षेत्रों में भी वर्षा जल संचयन संरचनाओं का निर्माण किया गया है। औद्योगिक इकाइयों को रूफ वाटर हार्वेस्टिंग के लिए प्रेरित किया गया है। नदियां निर्मल और अविरल रहे, यह हमारी प्रतिबद्धता है और इसके लिए अभियान के अंतर्गत प्रमुख नदियों में गिरने वाले प्रदूषित नालों की पहचान कर उनके शोधन की याजना बनाई गई है। पाठशालाओं में जल के संबंध में विभिन्न गतिविधियों जैसे चित्रकला, निबंध प्रतियोगिता, जल शपथ तथा रैलियों का आयोजन किया गया है। पानी के दक्षतापूर्ण उपयोग को भी अभियान के अंतर्गत प्रोत्साहित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा संकल्प है कि प्रत्येक जिला, प्रत्येक ग्राम और प्रत्येक शहर इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाए और जल संरक्षण को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाए। केंद्र, राज्य सरकार और जनसहयोग से हम जल सुरक्षा के लक्ष्य को अवश्य प्राप्त करेंगे।

मध्यप्रदेश बांधों की संख्या के मामले में देश में दूसरे स्थान पर : केन्द्रीय मंत्री पाटिल

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने कहा कि मध्यप्रदेश बांधों की संख्या के मामले में देश में दूसरे स्थान पर है। मध्यप्रदेश गुजरात को पानी दे रहा है। केन-बेतवा लिंक परियोजना के माध्यम से उत्तर प्रदेश को भी पानी मिलेगा। इस परियोजना से 10 लाख 62 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी और लाखों लोगों को पेयजल की सुविधा मिलेगी। राजस्थान के साथ भी पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना को लेकर मध्यप्रदेश सरकार ने सकारात्मक सोच दिखाई है। मध्यप्रदेश, देश के सर्वाधिक लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने वाला राज्य है। केन्द्रीय मंत्री पाटिल ने कहा कि मध्यप्रदेश ने जल संचय-जनभागीदारी अभियान में उत्कृष्ट कार्य किया है। हमारी कोशिश है कि गांव का पानी गांव और खेत का पानी खेत में सिंचाई के लिए उपयोग हो। प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से पेयजल की बर्बादी रोकने का भी आह्वान किया है। केंद्रीय मंत्री पाटिल ने कहा कि मध्यप्रदेश एक बड़े वन क्षेत्र वाला राज्य है। वर्षा जल को संचित करने के प्रयासों से राज्य में सिंचाई और पेयजल के लिए पानी की उपलब्धता में और वृद्धि की जा सकती है।

बैठक के दौरान खंडवा (पूर्व निमाड़), राजगढ़ और इंदौर जिलों के जिला कलेक्टरों ने विस्तृत प्रस्तुतियाँ दीं, जिनमें जल संचय जनभागीदारी 2.0 के क्रियान्वयन की जिला स्तरीय प्रगति तथा आगामी कार्ययोजना प्रस्तुत की गई। प्रस्तुतियों में भूजल पुनर्भरण, नदी पुनर्जीवन तथा जल संरक्षण गतिविधियों में सामुदायिक सहभागिता को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। उल्लेखनीय है कि अभियान के अंतर्गत मध्यप्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर चौथा स्थान प्राप्त किया था। विशेष रूप से खंडवा (पूर्व निमाड़) जिला देशभर के जिलों में प्रथम स्थान पर रहा, जो जल संरक्षण के क्षेत्र में प्रभावी नेतृत्व और जनभागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण है। मंत्रालय भोपाल में बैठक में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, श्रीमती दीपाली रस्तोगी, संजय दुबे, प्रमुख सचिव पी. नरहरि सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लोकतंत्र सेनानी महावीर प्रसाद जैन के निधन पर जताया शोक

0

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लोकतंत्र सेनानी महावीर प्रसाद जैन के निधन पर जताया शोक
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जशपुर के वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता और लोकतंत्र सेनानी महावीर प्रसाद जैन के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महावीर प्रसाद जैन ने अपने जीवन को समाजसेवा, राष्ट्रहित और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए समर्पित किया।आपातकाल के कठिन दौर में उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए साहसपूर्वक संघर्ष किया और अपने सिद्धांतों पर अडिग रहे। उस समय उनके द्वारा किया गया त्याग और समर्पण लोकतांत्रिक चेतना के प्रति उनकी अटूट निष्ठा का परिचायक है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जैन का जीवन समाज के लिए प्रेरणादायी रहा है। उनका योगदान सदैव स्मरण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री साय ने ईश्वर से प्रार्थना की है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोक संतप्त परिवार को इस दुःख की घड़ी में संबल प्रदान करें।

नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए दाखिल किया नामांकन

0

नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए दाखिल किया नामांकन
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल कर दिया है। इस मौके पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी पटना पहुंचे। आज सुबह ही नीतीश कुमार ने ट्वीट करते हुए राज्यसभा जाने की इच्छा जताई थी। हालांकि उनके इस फैसले से जेडीयू कार्यकर्ता और समर्थक खासे नाराज़ नज़र आए और उन्होंने जमकर हंगामा भी किया। वहीं कांग्रेस भी इस मुद्दे पर उन्हें घेर रही है।

कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने नीतीश कुमार के इस फैसले पर तीखा हमला बोला है। जयपुर में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि ये जनता के साथ धोखा है। अगर छह महीने पहले वो ये बात बोल देते तो शायद बिहार चुनाव के नतीजे कुछ और होते। पायलट ने कहा कि नीतीश कुमार जी पहले भी कई बार अपना मन बदल चुके हैं और कभी इस पाले में कभी उस पाले में जाते रह हैं।

नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए भरा नामांकन
बिहार की राजनीति में बड़े उलटफेर होने जा रहा है। सारी अटकलों पर विराम देते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल कर दिया है। इस अवसर पर अमित शाह भी पटना पहुंचे। इससे पहले नीतीश कुमार ने ट्वीट करते हुए राज्यसभा जाने की इच्छा ज़ाहिर की थी और कहा था कि संसदीय जीवन की शुरुआत से ही उनके मन में यह इच्छा रही है कि वे बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के साथ-साथ संसद के दोनों सदनों के सदस्य बनें। इसी क्रम में वे अब राज्यसभा चुनाव में भाग लेकर सदस्य बनना चाहते हैं। नीतीश कुमार ने बिहार की जनता का आभार जताया और भरोसा दिलाया कि नई बनने वाली सरकार को उनका पूरा समर्थन और मार्गदर्शन मिलता रहेगा।

कौन होगा बिहार का अगला सीएम
उनके नामांकन दाखिल करने के बाद अब बिहार के अगले मुख्यमंत्री के नाम को लेकर कयास लगने शुरु हो गए हैं। वहां एनडीए सरकार के छह महीने भी पूरे नहीं हुए हैं और नए सीएम की तलाश शुरु हो गई है। माना जा रहा है कि अगला सीएम भारतीय जनता पार्टी से हो सकता है। अगर ऐसा होता है तो बिहार में बीजेपी का पहला मुख्यमंत्री बनेगा। बीजेपी की तरफ से सम्राट चौधरी, दिलीप जायसवाल, संजीव चौरसिया सहित कुछ और नाम रेस में हैं। वहीं चर्चा है कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को डिप्टी सीएम का पद दिया जा सकता है।

मुख्यमंत्री निवास में आयोजित होली मिलन समारोह में सभी को दीं मंगलकामनाएं

0

मुख्यमंत्री निवास में आयोजित होली मिलन समारोह में सभी को दीं मंगलकामनाएं
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास में आयोजित होली मिलन समारोह में प्रदेशवासियों को उत्साह, उमंग और समरसता के पावन पर्व होली की बधाई और मंगलकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह उत्सव हर आंगन में सुख, शांति और समृद्धि के नए रंग बिखेरे और समाज में सद्भाव-सकारात्मकता और एकता का रंग सदा चटक रहे यही कामना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी से आत्मीयता और सौहार्द के साथ त्यौहार मनाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने होली पर मुख्यमंत्री निवास पहुंचे नागरिकों के साथ होली की मंगलकामनाओं का आदान-प्रदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास पधारे संतों से आशीर्वाद प्राप्त किया। वरिष्ठ और गणमान्य नागरिकों का अभिवादन किया तथा सभी आगंतुकों पर पुष्प वर्षा एवं गुलाल उड़ाकर मेजबान के रूप में सबका स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सांस्कृतिक प्रस्तुति देने वाले कलाकारों को गुलाल लगाया और पारम्परिक वाद्य यंत्रों के साथ उनके सुर में सुर भी मिलाया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को मुख्यमंत्री निवास पधारे राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, वरिष्ठ सांसद विष्णु दत्त शर्मा, विधायक रामेश्वर शर्मा, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, मनु श्रीवास्तव, शिवशेखर शुक्ला , प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव , सचिव परिवहन एवं आयुक्त जनसंपर्क मनीष सिंह, खाटू श्याम मंदिर भोपाल के प्रमुख प्रचारक पूज्य अनिल आनंद महाराज सहित कई जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, पत्रकार गण और वरिष्ठ अधिकारियों ने मंगल कामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री निवास में आयोजित होली मिलन समारोह में उड़ते रंग गुलाल और पुष्प वर्षा के बीच, ब्रज-बरसाने के होली गीतों, पारंपरिक संगीत और मयूर नृत्य के साथ उल्लास और उमंग से सराबोर वातावरण में सभी ने शालीनता के साथ पर्व का आनंद लिया। मंच पर प्रस्तुति दे रहे कलाकारों ने रंग बरसे, होली के दिन दिल खिल जाते हैं, होली खेलें रघुवीरा, आज ब्रज में होली रे रसिया जैसे होली गीतों का सस्वर गायन कर सभी के उल्लास को दोगुना कर दिया। मुख्यमंत्री निवास में होली पर्व पर आयोजित मिलन समारोह में सभी को गुजिया, बालूशाही, ठंडाई सहित कई परंपरागत व्यंजन परोसे गए।