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मुख्यमंत्री डॉ. यादव दिल्ली में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन के एमओयू समारोह में हुए शामिल

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MPIND-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत हर क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। भारत सरकार के संचार मंत्रालय और मध्यप्रदेश सरकार के बीच ग्वालियर में ग्लोबल टेलीकॉम मैन्यूफैक्चरिंग हब एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन निर्माण के लिए नई दिल्ली में हुआ एमओयू ऐतिहासिक कदम है। अब मध्यप्रदेश की धरती पर निर्मित संचार उपकरण देश-दुनिया को उपलब्ध होंगे। ये उपकरण मेक इन इंडिया के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी के फेथ इन मध्यप्रदेश का जरिया बनेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योगपतियों के साथ हुई राउंड टेबल मीटिंग में 3500 करोड़ रूपये के निवेश तथा 14 हजार से अधिक रोजगार सृजन की संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन के एमओयू हस्ताक्षर समारोह को संबोधित कर रहे थे। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया तथा केंद्रीय संचार राज्य मंत्री पी.एस. चंद्रशेखरन भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश वह राज्य है, जिस पर देश और दुनिया का विश्वास बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्वालियर की धरती पर ग्लोबल टेलीकॉम मैन्यूफैक्चरिंग जोन के रूप में एक नए दौर की शुरुआत हो रही है। आज भारत डिजिटल टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक मेन्यूफैक्चरिंग, डिफेंस सेक्टर में नए कीर्तिमान गढ़ रहा है। ग्वालियर में ग्लोबल टेलीकॉम मैन्यूफैक्चरिंग जोन की शुरुआत से निर्यात बढ़ेगा और अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान में टेलीकॉम सेक्टर के माध्यम से स्मार्ट एआई मेन्यूफैक्चरिंग, डिफेंस, हेल्थ और गुड गवर्नेंस के क्षेत्र में आधारशिला तैयार हो चुकी है। आज देश में आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस आधारित नेटवर्क से टेलीकॉम सेक्टर को नई ऊंचाइयां मिली हैं। ग्वालियर अंचल को ग्लोबल टेलीकॉम मैन्यूफैक्चरिंग जोन की सौगात मिलना सोने पर सुहागा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में उपस्थित टेलीकॉम सेक्टर के निवेशकों को ग्वालियर में निवेश करने का आमंत्रण दिया। उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलवाया कि जो देश में कहीं नहीं मिलेगा, वो मध्यप्रदेश में निश्चित रूप से मिलेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुरहानपुर के बलराम कृषि महोत्सव को उज्जैन से किया वर्चुअली संबोधित

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसान कल्याण का जो संकल्प राज्य सरकार ने लिया है, उसकी पूर्ति के लिए हम निरंतर सक्रिय हैं। किसानों की हर समस्या का समाधान करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। बुरहानपुर में मई और जून में मौसम की मार ने केले की फसल को बहुत नुकसान पहुंचाया। बुरहानपुर नगर, बुरहानपुर ग्रामीण, नेपानगर और खकनार तहसीलों के 188 गांवों के 8 हजार 115 किसानों की केले की फसल प्रभावित हुई है। संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार कंधे से कंधा मिलाकर किसानों के साथ खड़ी है। आज प्राकृतिक आपदा से प्रभावित जिले के 8 हजार से अधिक किसानों के खातों में 107 करोड़ 72 लाख रुपये से अधिक की राहत राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की जा रही है। यह राशि मुश्किल समय में किसानों को संबल देगी। जब तक किसानों के चेहरों पर दोबारा मुस्कान नहीं आ जाती, राज्य सरकार चैन से बैठने वाली नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को बुरहानपुर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को उज्जैन से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केले की पैदावर में हुए नुकसान के लिए किसानों के खातों में सिंगल क्लिक से मुआवजा राशि अंतरित की। बुरहानपुर में आयोजित कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद ज्ञानेश्वर पटेल, पूर्व मंत्री एवं विधायक अर्चना चिटनिस उपस्थित थीं। वीसी में बुरहानपुर से शामिल चिटनिस ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव को रक्षाबंधन पर बुरहानपुर से केले के रेशे से बनी राखी भेजी जाएगी।

बलराम कृषि महोत्सव में किसानों को सेवाओं के साथ सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को पवित्र श्रावण मास की बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर्स को निर्देशित किया कि श्रावण मास में प्रदेश में जहां-जहां से कांवड़ यात्रा निकलने वाली हैं, वहां कांवड़ियों के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित कर ली जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में कृषक कल्याण वर्ष 2026 में राज्य सरकार किसानों की समृद्धि, सम्मान और कल्याण के लिए अनेक महत्वपूर्ण कार्यों को तेजी से पूरा कर रही हैं। उन्होंने आहवान किया कि किसान नई तकनीक को आत्मसात करें, प्राकृतिक खेती, जैविक खेती और उद्यानिकी फसलों से अपनी आय बढ़ाएं। खेती से सभी प्रकार के उद्योगों के लिए कच्चा माल और युवाओं को रोजगार के अवसर मिलते हैं। राज्य सरकार ने कृषक कल्याण वर्ष के माध्यम से किसानों को लाभान्वित करने के लिए 16 विभागों के साथ मिलकर कार्ययोजना तैयार की है। किसानों की समृद्धि, उनकी आय दोगुनी करने के लिए जिलास्तर पर बलराम कृषि महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं। इसकी शुरुआत मां अहिल्याबाई होल्कर की धरती इंदौर से की थी।

परीक्षा सिस्टम को बेहतर बनाने वाले बिल के पास होने पर पीएम नरेंद्र मोदी ने शेयर किया वीडियो

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PM-देश में परीक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए संसद ने ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026’ को मंज़ूरी दे दी है। इसे लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी पास कर दिया गया है। इस बिल के पास होने के बाद अब परीक्षा में पेपर लीक करने वालों के खिलाफ सख्त सज़ा का भी ज़िक्र है, जैसे 10 साल तक की जेल, 10 करोड़ रुडपे तक का जुर्माना और दोषी पाए गए लोगों की संपत्ति जब्त करना। मामलों का तेज़ी से निपटारा सुनिश्चित करने के लिएयह ज़रूरी किया गया है कि हर राज्य सरकार और केंद्र शासित प्रदेश का प्रशासन रोज़ाना सुनवाई के लिए स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए। इसमें यह भी प्रावधान है कि अपराधों की जांच पुलिस स्टेशन में जानकारी दर्ज होने की तारीख से दो महीने के भीतर पूरी हो जानी चाहिए। चार्जशीट दाखिल होने के तीन महीने के भीतर मुक़दमे की सुनवाई पूरी हो जानी चाहिए। इस बिल के पास होने के बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने एक वीडियो शेयर करते हुए अपने विचार जाहिर किए हैं।

बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा
पीएम मोदी ने वीडियो शेयर करते हुए ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026’ के पास होने पर बात करते हुए कहा, “साथियों, इंटरनेशनल टेस्ट सिस्टम के लिए एक के बाद एक कदम उठाए जा रहे हैं। इनमें टास्क फोर्स बनाना, फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाना और राज्यों के सुझावों पर ध्यान देना ज़रूरी है। पिछले कुछ दशकों से हर राज्य और केंद्र सरकार पेपर लीक की समस्या का सामना कर रही है। इससे बच्चों का भविष्य भी खतरे में पड़ रहा है।”

“इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए केंद्र और देश भर के सभी राज्यों में शिक्षा व्यवस्था में सुधार करना ज़रूरी हो गया है। टेक्नोलॉजी का ज़्यादा इस्तेमाल ज़रूरी हो गया है। साथ ही पेपर माफिया, पेपर लीक करने वाला गैंग और देश के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले गैंग को बख्शा नहीं जाएगा। इसलिए कड़े कानूनों की भी ज़रूरत है हम संसद में इस विषय में बिल लाए और जैसा कि मैंने आपसे वादा किया था, दो दिन पहले संसद के दोनों सदनों में सम्मानित सांसदों ने इस पर विस्तार से चर्चा की। आज दोनों सांसदों ने कड़े कानूनों के साथ इस बिल को पास कर दिया है।”

“अब इंटरनेशनल टेस्ट सिस्टम की दिशा में एक अहम काम पूरा हो गया है। यह काम जारी रहेगा।हम ऐसी स्थितियों को लंबे समय तक चलने नहीं देंगे। इसी भरोसे के साथ, दोस्तों, आइए हम सब मिलकर विकसित भारत के सपनों को पूरा करने के लिए काम करें। बहुत-बहुत धन्यवाद।”

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विजन को रेखांकित करेगी ‘मुस्कुराता बस्तर’ कार्टून कार्यशाला

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cg-छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग के सहयोग से देश की एकमात्र मासिक कार्टून पत्रिका कार्टून वॉच द्वारा जगदलपुर में स्कूली विद्यार्थियों के लिए ‘मुस्कुराता बस्तर’ थीम पर विशेष कार्टून कार्यशाला आयोजित की जाएगी। कार्यशाला में विद्यार्थियों को कार्टून और कैरिकेचर कला का प्रशिक्षण देने के साथ बस्तर की संस्कृति, पर्यटन और लोकजीवन को रचनात्मक रूप से अभिव्यक्त करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर आज विकास, पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान के नए आयाम स्थापित कर रहा है। बस्तर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति और पर्यटन स्थलों के कारण देश-दुनिया में नई पहचान बना रहा है। चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, बस्तर दशहरा तथा अन्य लोकपर्व बस्तर की समृद्ध विरासत के प्रतीक हैं। कार्टून वॉच के संपादक त्र्यंबक शर्मा ने बताया कि कार्यशाला की थीम ‘मुस्कुराता बस्तर’ इन्हीं सकारात्मक पहलुओं को कार्टून कला के माध्यम से रचनात्मक अभिव्यक्ति देना है।

इस कार्यशाला में दिल्ली के वरिष्ठ कार्टूनिस्ट माधव जोशी तथा पुणे के प्रसिद्ध कैरिकेचर कलाकार शुभम जिंदे लाइव डेमो के माध्यम से ऑन-द-स्पॉट कार्टून और कैरिकेचर बनाने का प्रशिक्षण देंगे। साथ ही विद्यार्थियों को कार्टून कला के सामाजिक, रचनात्मक और रोजगारपरक पक्षों से भी परिचित कराया जाएगा।

कार्यशाला के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिलेगा और बस्तर की सकारात्मक पहचान को कला के माध्यम से देशभर तक पहुंचाया जा सके। ‘मुस्कुराता बस्तर’ अभियान नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, लोक परंपराओं और प्राकृतिक धरोहर से जोड़ने का रचनात्मक प्रयास है।

दतिया विधानसभा उपचुनाव में 71.44% मतदान हुआ

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MP-मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में गुरुवार को 71.44 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इस चुनाव में मतदाताओं ने केवल नया विधायक चुनने के लिए ही मतदान नहीं किया, बल्कि प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री और दतिया से तीन बार विधायक रहे डॉ. नरोत्तम मिश्रा की राजनीतिक साख की भी अहम परीक्षा हो गई। अब 3 अगस्त को आने वाला परिणाम भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के साथ-साथ डॉ. मिश्रा की भविष्य की राजनीतिक भूमिका पर भी असर डाल सकता है।

टिकट नहीं मिला, फिर भी पार्टी के साथ खड़े रहे
दतिया सीट रिक्त होने के बाद से ही डॉ. नरोत्तम मिश्रा उपचुनाव की तैयारियों में सक्रिय थे। हालांकि, भाजपा ने उन्हें टिकट देने के बजाय आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया। टिकट की घोषणा के बाद उनके समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन भी किया, लेकिन डॉ. मिश्रा ने पार्टी अनुशासन का पालन करते हुए सार्वजनिक तौर पर किसी तरह की नाराजगी नहीं दिखाई और भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में चुनाव प्रचार किया।

नतीजे से तय होगी आगे की राजनीतिक दिशा
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि भाजपा यह सीट जीतती है तो इसे डॉ. नरोत्तम मिश्रा के प्रभाव और संगठन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की पुष्टि माना जाएगा। वहीं, यदि पार्टी को हार का सामना करना पड़ता है तो इसे उनके समर्थकों की नाराजगी और स्थानीय समीकरणों से भी जोड़कर देखा जा सकता है।

हालांकि, पार्टी के भीतर यह भी माना जा रहा है कि डॉ. मिश्रा जैसे जनाधार वाले नेता को लंबे समय तक सक्रिय राजनीति से दूर रखना भाजपा के लिए आसान नहीं होगा। वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए संगठन उन्हें किसी महत्वपूर्ण भूमिका में आगे ला सकता है।
इसलिए हुआ उपचुनाव

दतिया विधानसभा सीट पर यह उपचुनाव कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के बाद कराया गया। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में राजेंद्र भारती ने डॉ. नरोत्तम मिश्रा को हराया था। ऐसे में इस उपचुनाव को राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है।

यूपी की 11 हजार से ज्यादा ग्राम पंचायतों को मिलेगी डिजिटल लाइब्रेरी

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यूपी की 11 हजार से ज्यादा ग्राम पंचायतों को मिलेगी डिजिटल लाइब्रेरी
upd-पचायती राज विभाग द्वारा प्रदेश की 11,350 ग्राम पंचायतों में हाईटेक डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना कराई जा रही है। ये सभी लाइब्रेरियां जल्द शुरू करा दिए जाने की तैयारी है। स्थापना हो जाने पर युवाओं को गांव में ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में सहुलियत हो जाएगी। अध्ययन के लिए 20 हजार से अधिक डिजिटल अध्ययन सामग्री लाइब्रेरियों में उपलब्ध कराए जाएंगे।

योजना के प्रथम चरण में 37 जिलों में पुस्तकों व फर्नीचर की आपूर्ति कर दी गई है। अब तक 10,976 ग्राम पंचायतों में पुस्तकें पहुंचाई गई हैं तथा 9909 ग्राम पंचायतों में फर्नीचर उपलब्ध करा दिए गए हैं। एक डिजिटल लाइब्रेरी पर करीब चार लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

इस धनराशि से पुस्तकें, आईटी उपकरण तथा आधुनिक फर्नीचर की व्यवस्था की जा रही है। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 20 हजार से अधिक डिजिटल अध्ययन सामग्री जिसमें ई-बुक्स, वीडियो लेक्चर, ऑडियो कंटेंट, डिजिटल लर्निंग मॉड्यूल तथा इंटरैक्टिव क्विज उपलब्ध कराए जाएंगे।

इसके साथ ही विभाग ने 110 ग्राम पंचायतों में आधार नामांकन व आधार से संबंधित अन्य सेवाएं शुरू करा दी है। इन केंद्रों से अब तक 75 हजार से अधिक लोगों को आधार संबंधी सेवाएं दी जा चुकी हैं।

पंचायती राज विभाग के निदेशक अमित कुमार सिंह के मुताबिक सभी 57,694 ग्राम पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से आधार सेवा केंद्र स्थापित किए जाएंगे। पहले चरण में पांच हजार ग्राम पंचायतों को योजना से जोड़ा जा रहा है।

अजय देवगन का बॉक्स ऑफिस पर ‘धमाल’

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cinema-इंदर कुमार की कॉमिक फ्रेंचाइजी ‘धमाल 4’ बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार कलेक्शन कर रही है. फिल्म ने दुनियाभर में अपना जादू चलाया. फिल्म का वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 217.22 करोड़ हो गया है. 20 दिनों में ही फिल्म ने धमाका कर दिया है.

इन 4 फिल्मों को ‘धमाल 4’ ने पछाड़ा
कोईमोई के मुताबिक, फिल्म ने 20 दिनों में ओवरसीज मार्केट में 25 करोड़ की कमाई कर ली है. इसी के साथ फिल्म ने 4 बड़ी फिल्मों को पछाड़ दिया है. ‘धमाल 4’ ने अजय देवगन की ‘शैतान’, वरुण धवन की ‘जुड़वा 2’, सलमान खान की ‘दबंग 3’ और सुशांत सिंह राजपूत की ‘एमएस धोनी: द अनटोल्ड’ स्टोरी जैसी फिल्मों को पछाड़ दिया है. ‘शैतान’ ने 216.88 करोड़, ‘जुड़वा 2’ ने 216.61 करोड़, ‘दबंग 3’ ने 217 करोड़ और ‘एमएस धोनी: द अनटोल्ड’ ने 217 करोड़ कमाए थे.

राज्यसभा से भी पास एंटी पेपर लीक बिल

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Pleak-लोकसभा के बाद अब राज्यसभा से भी एंटी पेपर लीक बिल पास हो गया है. विपक्षी सांसदों के वॉकआउट करने के बाद ध्वनि मत से इस बिल को राज्यसभा से भी पारित किया. दोनों सदनों से पास होने के बाद अब यह बिल कानून बनने से बस एक कदम दूर है. राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह कानून बन जाएगा. इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की. इस बिल में अधिक सख्त सजा का प्रस्ताव है. इस कानून का मकसद ऐसे लोगों, संगठित समूहों और संस्थाओं को अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने और अपराध करने से प्रभावी ढंग से रोकना है, जिससे सार्वजनिक परीक्षाओं की ईमानदारी पर बुरा असर पड़ता है.

बिल में क्या-क्या प्रावधान?
इस बिल के प्रावधान के तहत, परीक्षाओं में पेपर लीक या अनुचित तरीकों में शामिल पाए गए लोगों को कम से कम पांच साल और अधिकतम 10 साल तक जेल जाना पड़ सकता है और उन पर 50 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. संगठित अपराधों के लिए, विधेयक में कम से कम सात साल की सजा और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रस्ताव है. एआई की मदद से नकल करना, परीक्षा प्रणाली को हैक करना, ऑनलाइन पेपर सेंड करना और साइबर फ्रॉड भी इस कानून के दायरे में आएगा.

यह मुद्दा देश के हर परिवार से जुड़ा हुआ: जितेंद्र सिंह
राज्यसभा में एंटी पेपर लीक बिल पेश करते हुए केंद्रीय जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह मुद्दा देश के हर परिवार से जुड़ा हुआ है. उन्होंने कहा, ‘पीएम मोदी जब विकसित भारत 2047 की बात करते हैं तो उसमें हमारे ये बच्चे बड़ा निवेश हैं. हमारे विपक्ष नेता ने फिर से 152 पेपर लीक की बात कही ,लेकिन उसे ऑथेंटिकेट नहीं कर सके.’ जितेंद्र सिंह ने कहा कि मैनेजमेंट कोटा खत्म कर प्रधानमंत्री ने मेडिकल शिक्षा को सबके लिए सुलभ बनाया.’

मल्लिकार्जुन खरगे ने दिया ये सुझाव
इससे पहले राज्यसभा में गुरुवार को इस बिल पर चर्चा के दौरान जमकर हंगामा हुआ. राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रश्न पत्र लीक मामलों को रोकने के लिए सरकार द्वारा लाये गये विधेयक को लेकर एक वार्षिक परीक्षा कैलेंडर बनाये जाने का सुझाव दिया. उन्होंने हाल में हुए छात्र आंदोलन में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई ज्यादतियों की न्यायिक जांच कराने की मांग की.

ई-बसों का ट्रायल रन पूरा होने के बाद अब 30 जुलाई से 2 रूटों पर चलेंगी 10 इलेक्ट्रिक बसें

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ई-बसों का ट्रायल रन पूरा होने के बाद अब 30 जुलाई से कमर्शियल रन शुरू होने जा रहा है। पहले चरण में दो रूटों पर 10 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा। इस दौरान यात्रियों से वर्ष 2022 में तय किराया संरचना के अनुसार प्रति किलोमीटर डेढ़ रुपये और न्यूनतम सात रुपये किराया लिया जाएगा।

बीसीएलएल अधिकारियों के अनुसार फिलहाल 30 ई-बसें भोपाल पहुंच चुकी हैं। इनमें से 10 बसें पहले चरण में सड़कों पर उतरेंगी, जबकि अगले सप्ताह 10 और बसें नए रूटों पर शुरू करने की तैयारी है। निगम का लक्ष्य अगले एक महीने में 100 ई-बसों का संचालन शुरू करना है।

टिकटिंग सॉफ्टवेयर की टेस्टिंग पूरी, यात्रियों का इंतजार खत्म
पीएम ई-बस सेवा के तहत भोपाल को मिली बसों का 20 जुलाई से बिना यात्रियों के ट्रायल रन किया जा रहा था, जो पहले पांच दिन में पूरा होना था। इसके बाद से ही शहरवासी इन बसों के यात्रियों के लिए शुरू होने को लेकर इंतजार कर रहे हैं, लेकिन टिकटिंग सॉफ्टवेयर की टेस्टिंग न होने की वजह से यह शुरू नहीं हो सकीं थीं। अब टिकटिंग सॉफ्टवेयर की टेस्टिंग भी पूरी हो चुकी है, जिसका जिम्मा चलो कंपनी को दिया गया है। अब 30 जुलाई से बसें शहर के विभिन्न स्टॉप पर यात्रियों के लिए रुकना शुरू हो जाएंगी।

इन दो रूटों पर चलेंगी बसें
पहले चरण में 10 बसों के साथ ई-बस सेवा की शुरुआत की जाएगी। बीसीएलएल के अधिकारियों के अनुसार, दो रूटों पर ही बसों का परीक्षण किया जाएगा। इसमें पहला रूट चिरायु अस्पताल से बोर्ड ऑफिस मेट्रो स्टेशन होते हुए बैरागढ़-चिचली तक रहेगा, जबकि दूसरा रूट चिरायु अस्पताल से बोर्ड ऑफिस मेट्रो स्टेशन से चेतक ब्रिज होते हुए रेलवे कोच फैक्ट्री तक संचालित होगा।

प्रदर्शन के चलते रूट में हो सकता है बदलाव
इससे पहले ई-बसों के टिकट कलेक्शन सिस्टम की जांच की जा चुकी है। वहीं, मॉनिटरिंग सिस्टम और यात्रियों की सुरक्षा से संबंधित सभी सिस्टम चेक किए गए। देर शाम तक बीसीएलएल अधिकारी रूट को लेकर भी मंथन करते रहे। क्योंकि रोशनपुरा चौराहा पर किसानों का प्रदर्शन चल रहा है। ऐसे में गुरुवार की स्थिति को देखते हुए बसों के डायवर्जन को लेकर निर्णय लिया जाएगा।

मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला, खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था फिलहाल स्थगित

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किसानों की मांग और व्यावहारिक परेशानियों को देखते हुए सरकार ने किसान प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीदी को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। अब पात्र किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 25 के स्थान पर 60 प्रतिशत मूंग खरीदी जाएगी।

उपार्जन के लिए स्लाट बुकिंग 30 जुलाई के स्थान पर दस दिन बढ़ाकर 10 अगस्त, खरीदी की अंतिम तिथि 10 से बढ़ाकर 20 अगस्त तक करने का निर्णय लिया है।

खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था को फिलहाल स्थगित किया गया है। पूरी व्यवस्था की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है। बैठक में सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग और ओबीसी कल्याण मंत्री कृष्णा गौर सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना ने किसान प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद बताया कि भारत सरकार की प्राइस सपोर्ट स्कीम योजना के तहत कुल उत्पादन का अधिकतम 25 प्रतिशत ही समर्थन मूल्य पर खरीदे जाने का प्रविधान है। इसी आधार पर पहले प्रत्येक पात्र किसान से उसकी उपज का 25 प्रतिशत खरीदने का निर्णय लिया गया था।

किसानों की मांग और जमीनी स्थितियों को देखते हुए सरकार ने तय किया है कि प्रत्येक पात्र किसान से उसकी मूंग उपज का 60 प्रतिशत तक समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा। नर्मदापुरम, हरदा और सीहोर जैसे प्रमुख मूंग उत्पादक जिलों में यह औसतन लगभग तीन क्विंटल प्रति एकड़ के बराबर होगा।

किसानों की सुविधा के लिए स्लाट बुकिंग की अंतिम तिथि 30 जुलाई से बढ़ाकर 10 अगस्त कर दी है। वहीं, उपार्जन की अंतिम तिथि भी 10 अगस्त से बढ़ाकर 20 अगस्त कर दी गई है, ताकि अधिक से अधिक किसान खरीदी प्रक्रिया में शामिल हो सकें।

ई-टोकन से खाद वितरण की व्यवस्था स्थगित- सरकार ने इसके साथ ही किसानों की एक और बड़ी मांग को पूरा करते हुए ई-टोकन व्यवस्था को स्थगित कर दिया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी, जो ई-टोकन प्रणाली की समीक्षा कर अपनी अनुशंसाएं देगी, जिसके आधार पर सुधार किए जाएंगे। तब तक खाद वितरण की पुरानी व्यवस्था जारी रहेगी।