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राहुल गांधी का फ्रेंडशिप डे पर नया अंदाज, Gen Z स्टाइल ने खींचा लोगों का ध्यान

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लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने फ्रेंडशिप डे के मौके पर युवाओं के लोकप्रिय ‘फिंगर हार्ट’ जेस्चर के साथ देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में राहुल गांधी मुस्कुराते हुए फिंगर हार्ट बनाते नजर आए और मजाकिया अंदाज में कहा कि उन्हें अब जाकर इस इशारे का मतलब समझ में आया है।

राहुल गांधी का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में उनका सहज और हल्का-फुल्का अंदाज लोगों का ध्यान खींच रहा है। कई यूजर्स ने इसे युवाओं से जुड़ने की कोशिश बताया, जबकि समर्थकों ने उनके अंदाज की सराहना की।

फ्रेंडशिप डे के अवसर पर साझा किए गए इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे राहुल गांधी का अलग अंदाज बता रहे हैं, तो कुछ इसे राजनीतिक छवि से अलग एक अनौपचारिक और दोस्ताना संदेश के रूप में देख रहे हैं।

गोल्ड मार्केट में जुलाई की शानदार बढ़त, क्या आगे भी जारी रहेगी तेजी?

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जुलाई महीने में सोने की कीमतों में अच्छी तेजी देखने को मिली। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, अमेरिकी डॉलर में उतार-चढ़ाव और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी के चलते निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में सोने की ओर बढ़ा। इसका असर घरेलू बाजार में भी देखने को मिला, जहां सोने के दाम में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में सोने की कीमतों की दिशा काफी हद तक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति, डॉलर इंडेक्स और वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगी। यदि वैश्विक अनिश्चितता बनी रहती है, तो सोने में निवेशकों की दिलचस्पी और बढ़ सकती है, जिससे कीमतों को समर्थन मिल सकता है।

हालांकि, विशेषज्ञ निवेशकों को सलाह दे रहे हैं कि वे बाजार की चाल पर नजर रखते हुए सोच-समझकर निवेश करें। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संकेतकों के आधार पर आने वाले हफ्तों में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।

‘मेरे साथ भी हुआ कास्टिंग काउच’… विजय वर्मा के खुलासे ने चौंकाया

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बॉलीवुड अभिनेता Vijay Varma ने अपने संघर्ष के दिनों का एक दर्दनाक अनुभव साझा करते हुए कास्टिंग काउच को लेकर बड़ा खुलासा किया है। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि मॉडलिंग के शुरुआती दौर में एक मॉडल कोऑर्डिनेटर ने उनके साथ अनुचित व्यवहार किया और गलत तरीके से छूने की कोशिश की, जिससे वह मानसिक रूप से काफी परेशान हो गए।

विजय वर्मा ने कहा कि उस घटना ने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया था और उन्हें बेहद असहज महसूस हुआ। अभिनेता का कहना है कि मनोरंजन जगत में कास्टिंग काउच जैसी समस्याओं का सामना सिर्फ महिलाओं को ही नहीं, बल्कि पुरुषों को भी करना पड़ सकता है।

अभिनेता के इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर उनके बयान की काफी चर्चा हो रही है। कई लोगों ने उनके साहस की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे अनुभवों पर खुलकर बात करने से इंडस्ट्री में सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल बनाने की दिशा में सकारात्मक संदेश जाता है।

टीम इंडिया को बड़ा झटका, श्रीलंका टेस्ट सीरीज में नहीं खेलेंगे जसप्रीत बुमराह

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भारतीय क्रिकेट टीम को श्रीलंका के खिलाफ आगामी दो मैचों की टेस्ट सीरीज से पहले बड़ा झटका लगा है। स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह चोट के कारण पूरी टेस्ट सीरीज से बाहर हो गए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, बुमराह की बाएं घुटने की परेशानी पूरी तरह ठीक नहीं हुई है और बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में हुए मेडिकल आकलन के बाद उन्हें आराम देने का फैसला लिया गया है।

बुमराह की गैरमौजूदगी भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण के लिए बड़ा नुकसान मानी जा रही है। टीम प्रबंधन और चयनकर्ता उनकी फिटनेस को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहते, क्योंकि आने वाले महीनों में भारत के सामने कई अहम अंतरराष्ट्रीय मुकाबले हैं।

भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज 15 अगस्त से गॉल में शुरू होगी। अब बुमराह की अनुपस्थिति में भारतीय टीम को अपने गेंदबाजी संयोजन में बदलाव करना होगा और युवा तेज गेंदबाजों पर बड़ी जिम्मेदारी होगी।

इंडोनेशिया में समुद्र के बीच यात्री जहाज में भीषण आग, 5 की मौत; 41 लोगों की तलाश जारी

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इंडोनेशिया के मदुरा द्वीप के पास समुद्र में एक यात्री जहाज में भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। अधिकारियों के अनुसार हादसे में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई है, जबकि 41 लोग अब भी लापता हैं। जहाज पर 271 यात्री और चालक दल के सदस्य सवार थे। अब तक 225 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि लापता लोगों की तलाश के लिए बड़े स्तर पर खोज एवं बचाव अभियान जारी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार जहाज पूर्वी जावा के सुरबाया से दक्षिण सुलावेसी के मकासार जा रहा था, तभी समुद्र के बीच आग लग गई। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है और मामले की जांच की जा रही है।

मूसलाधार बारिश से केरल, गुजरात और असम बेहाल, 6 लोगों की मौत; कई जिलों में रेड अलर्ट

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देश के कई राज्यों में मानसून ने विकराल रूप धारण कर लिया है। केरल, गुजरात और असम में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। विभिन्न राज्यों में बारिश से जुड़ी घटनाओं में कम से कम 6 लोगों की मौत की खबर है, जबकि कई इलाकों में बाढ़, भूस्खलन और जलभराव जैसी स्थिति बनी हुई है।

केरल में मूसलाधार बारिश के कारण फ्लैश फ्लड, भूस्खलन और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। कई सड़कों पर यातायात बाधित है और कुछ स्थानों पर स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कई जिलों में रेड अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

गुजरात में लगातार बारिश से कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं। सूरत, वलसाड, नवसारी समेत कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। राहत एवं बचाव दल प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं। IMD ने राज्य के कई जिलों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

वहीं असम में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है। कई जिले जलमग्न हैं और हजारों लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है, जिससे प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 24 से 48 घंटों के दौरान इन राज्यों के कई हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश जारी रह सकती है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

सर्वदलीय बैठक में सीएम योगी का संदेश, जनहित के मुद्दों पर रचनात्मक बहस करें जनप्रतिनिधि

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उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया और आगामी सत्र को सुचारु, शांतिपूर्ण एवं सार्थक ढंग से संचालित करने पर चर्चा की गई।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को सदन में प्रमुखता से उठाएं और सकारात्मक चर्चा के माध्यम से उनका समाधान निकालने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है, जहां जनहित के विषयों पर गंभीर और रचनात्मक संवाद होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने विपक्ष और सत्ता पक्ष के सभी सदस्यों से सदन की गरिमा बनाए रखने तथा नियमों का पालन करते हुए चर्चा में भाग लेने का आग्रह किया। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी दलों के सहयोग से मानसून सत्र प्रदेश के विकास और जनकल्याण से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए प्रभावी साबित होगा।

‘सात्विक बलि’ के लिए प्रसिद्ध है भारत का यह मंदिर, जानिए क्या है इसकी खास परंपरा

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भारत में आस्था और परंपराओं से जुड़े अनेक मंदिर हैं, लेकिन एक ऐसा मंदिर भी है जहां बकरे की ‘सात्विक बलि’ देने की अनोखी परंपरा निभाई जाती है। खास बात यह है कि इस प्रक्रिया में बकरे का वध नहीं किया जाता और न ही खून की एक भी बूंद बहती है। यही वजह है कि यह परंपरा देशभर में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

मान्यता के अनुसार, इस मंदिर में बलि का स्वरूप पूरी तरह प्रतीकात्मक होता है। धार्मिक अनुष्ठान के तहत बकरे को देवी-देवता के समक्ष समर्पित किया जाता है, लेकिन उसकी हत्या नहीं की जाती। पूजा संपन्न होने के बाद उसे जीवित ही छोड़ दिया जाता है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस परंपरा से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और पशु हिंसा से भी बचा जा सकता है।

हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस अनोखी परंपरा को देखने और पूजा-अर्चना करने के लिए मंदिर पहुंचते हैं। धार्मिक मान्यताओं और अहिंसा के संदेश का अनूठा संगम मानी जाने वाली यह परंपरा भारत की सांस्कृतिक विविधता और लोक आस्थाओं का एक अलग उदाहरण प्रस्तुत करती है।

मुख्यमंत्री ने यात्रा का शुभारंभ कर यात्रियों को दीं शुभकामनाएं

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उज्जैन केवल एक नगर नहीं, भूत भगवान महाकाल की पावन नगरी है। यहां के 84 महादेव श्रद्धा, साधना और सनातन परंपरा के जीवंत प्रतीक हैं। दर्शन यात्रा हमारी सांस्कृतिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगी। श्रद्धालुओं के लिए यह यात्रा आस्था के साथ-साथ आत्मिक जागरण का भी पुण्य अवसर भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को उज्जैन में आयोजित 84 महादेव दर्शन यात्रा-2026 का शुभारंभ कर वीडियो कान्फ्रेसिंग से संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने दर्शन करने जा रहे सभी यात्रियों को अपनी आत्मीय शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी भारतीय संस्कृति वसुधैव कुटुम्बकम् और सर्वे भवन्तु सुखिनः का संदेश देती है। भगवान शिव समरसता, करुणा और लोककल्याण के प्रतीक हैं। भारत की आध्यात्मिक शक्ति आज पूरे विश्व को आकर्षित कर रही है। यह यात्रा हमारी पवित्र आध्यात्मिक चेतना को आगे बढ़ाने का अभियान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 84 महादेवों की परिक्रमा शिवभक्ति की प्राचीन और पवित्र परंपरा है। यह यात्रा श्रद्धा, संयम और आध्यात्मिक अनुशासन का संदेश देती है। प्रत्येक मंदिर उज्जैन के गौरवशाली इतिहास और संस्कृति का साक्षी है। यह आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का सशक्त प्रयास है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऐसे आयोजन कम ही होते हैं। 84 महादेव दर्शन यात्रा में शामिल सभी मातृशक्तियों को आयोजक संस्था द्वारा लाल चुनरी, साडी, रूद्राक्ष की माला, बिल्वपत्र का पौधा निःशुल्क भेंट किए जा रहे हैं। यात्रा के साथ में प्रसिद्ध भजन गायक मनीष तिवारी की भजन मंडली भी चल रही है। उन्होंने कहा कि सावन मास के पावन अवसर पर भगवान शिव के प्रति सबकी श्रद्धा प्रशंसनीय है। इस यात्रा से हमारी संस्कृति के प्रचार-प्रसार को बढावा मिलेगा, धार्मिक पर्यटन को बल मिलेगा और हमारी सामाजिक समरसता मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि धार्मिक यात्राएं केवल आस्था नहीं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था की भी शक्ति हैं। इससे होटल, परिवहन, हस्तशिल्प और छोटे व्यापारियों को लाभ मिलेगा। प्रदेश सरकार तीर्थ स्थलों पर बेहतर सुविधाएं विकसित कर रही है। हमारा लक्ष्य उज्जैन को विश्वस्तरीय आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र बनाना है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं को सहज और सुरक्षित दर्शन का अनुभव मिले, यही हमारी प्राथमिकता है। प्रशासन और समाज मिलकर इस आयोजन को सफल बनाएंगे जनभागीदारी से ही ऐसे आयोजन भव्य और दिव्य बनते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्कृति से जुड़ा समाज ही सशक्त और आत्मविश्वास राष्ट्र बनाता है। इसलिए हमारे युवाओं को भी अपनी संस्कृति, तीर्थ और परंपराओं से जुड़ना चाहिए। क्योंकि हमारी पहचान हमारी सभ्यता और संस्कारों से बनती है। यह यात्रा युवाओं में सेवा, अनुशासन औ राष्ट्रभाव की प्रेरणा जगाएगी।

वर्तमान चुनौतियों और आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार नए आपराधिक कानूनों ने न्याय व्यवस्था में लाया ऐतिहासिक परिवर्तन : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगभग डेढ़ सौ वर्ष पुराने औपनिवेशिक कानूनों के स्थान पर भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू किए गए हैं। इन कानूनों की मूल भावना नागरिक-केंद्रित न्याय व्यवस्था की स्थापना है, जिसमें पीड़ित को शीघ्र न्याय मिले और अपराधी कानून के शिकंजे से बच न सके।

उन्होंने कहा कि पुराने कानून ऐसे समय में बने थे, जब डिजिटल तकनीक, सीसीटीवी, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और आधुनिक फॉरेंसिक विज्ञान का अस्तित्व नहीं था। आज अपराधों की प्रकृति बदल चुकी है और तकनीक न्याय व्यवस्था का अनिवार्य हिस्सा बन गई है। नए कानूनों ने डिजिटल साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल चैट, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड तथा वैज्ञानिक फॉरेंसिक जांच को विधिक मान्यता देकर अपराध अनुसंधान और अभियोजन को नई मजबूती प्रदान की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी की शाखा प्रारंभ होने से अपराध अनुसंधान और न्यायिक प्रक्रिया को नई दिशा मिलेगी। ई-साक्ष्य जैसी व्यवस्था इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के सुरक्षित संरक्षण और उनकी प्रामाणिकता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक के उपयोग से न्याय प्रक्रिया पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज और प्रभावी हुई है। पहले समन की तामील में कई दिन लग जाते थे, जबकि अब ई-समन के माध्यम से सूचना तत्काल संबंधित व्यक्ति तक पहुंच रही है और उसकी डिजिटल ट्रैकिंग भी संभव हो गई है। न्याय श्रुति जैसी व्यवस्था न्यायालयीन कार्यवाही के सुरक्षित डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने के साथ-साथ ऑनलाइन एवं हाइब्रिड सुनवाई को भी अधिक सक्षम बना रही है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) के माध्यम से देशभर के पुलिस थाने डिजिटल रूप से एक-दूसरे से जुड़े हैं। इससे अपराधियों का रिकॉर्ड तत्काल उपलब्ध हो जाता है और पुलिस को त्वरित कार्रवाई में सुविधा मिलती है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के सभी थाने ऑनलाइन मोड में कार्यरत हैं तथा राज्य में अब तक 1 लाख 97 हजार 547 एफआईआर ऑनलाइन दर्ज की जा चुकी हैं। नागरिकों को डिजिटल हस्ताक्षरित एफआईआर की प्रति भी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएस) न्यायपालिका, पुलिस, अभियोजन, जेल और अन्य संबंधित संस्थाओं के बीच सुरक्षित डिजिटल समन्वय स्थापित कर रहा है। इससे सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान संभव हुआ है और न्यायिक प्रक्रिया में होने वाली अनावश्यक देरी में उल्लेखनीय कमी आई है।

उन्होंने कहा कि नए कानूनों से न्याय प्राप्त करने की प्रक्रिया पहले की अपेक्षा अधिक सरल, पारदर्शी और कम खर्चीली हुई है। कागजी औपचारिकताओं में कमी आई है तथा सीमित संसाधनों में अधिक प्रभावी परिणाम प्राप्त हो रहे हैं। साइबर अपराध जैसी नई चुनौतियों से निपटने में भी ये कानून अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं। इसी दिशा में राज्य सरकार ने नौ नए साइबर थाने प्रारंभ किए हैं तथा व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि तकनीक निरंतर विकसित हो रही है। इसलिए न्याय व्यवस्था से जुड़े प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी को समय-समय पर प्रशिक्षण प्राप्त करना आवश्यक है। राज्य सरकार नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सतत प्रशिक्षण, क्षमता विकास और नियमित मॉनिटरिंग के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।