Home Blog Page 62

प्रदेश के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रधानमंत्री से लिया मार्गदर्शन

0

प्रदेश के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रधानमंत्री से लिया मार्गदर्शन
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को नई दिल्ली में पुष्प-गुच्छ भेंटकर स्वागत कर सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ प्रदेश के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श कर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी को प्रदेश में किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों और गतिविधियों की जानकारी दी। साथ ही राज्य में किसानों के हित में किए जा रहे प्रयासों तथा प्रदेश की प्रगति से अवगत कराया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि किसान कल्याण वर्ष में 17 विभिन्न विभागों के माध्यम से किसानों के लिए समेकित रूप से कार्ययोजना बनाकर प्रभावी क्रियान्वयन शुरू कर दिया गया है। प्रदेश में गरीब, युवा, किसान और महिला वर्ग की बेहतरी के लिए राज्य सरकार पूरी लगन से कार्य कर रही है। इन चारों श्रेणी के समग्र विकास के लिए अलग-अलग मिशन बनाकर उन पर प्रभावी अमल किया जा रहा है। राज्य सरकार इनकी बेहतरी के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि किसान कल्याण वर्ष के तहत कृषि विकास, किसानों की आय वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रदेश में कई पहलें की जा रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने इन प्रयासों की सराहना करते हुए मार्गदर्शन प्रदान किया।

स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

0

स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में चिकित्सक संगठन एवं मेडिकल छात्राओं ने सौजन्य मुलाकात की और प्रदेश को डीएम कार्डियोलॉजिस्ट की 2 सीट मिलने पर उनका आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में हमारी सरकार लगातार प्राथमिकता के साथ बेहतर कार्य कर रही है, ताकि प्रदेशवासियों को सहज और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य केंद्रों में बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि एक समय प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज हुआ करता था, जिसमें लगभग 100 से 150 सीटें थीं। आज प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर 14 मेडिकल कॉलेज स्थापित हो चुके हैं, जिनमें लगभग 1400 सीटें उपलब्ध हैं। इसके साथ ही फिजियोथेरेपी, नर्सिंग सहित अन्य उच्च शैक्षणिक संस्थान भी स्थापित हुए हैं, जिनका लाभ प्रदेश के विद्यार्थियों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में मेडिको सिटी की स्थापना की जा रही है, जहां बड़े-बड़े सुपरस्पेशलिटी अस्पताल स्थापित किए जाएंगे, जिससे प्रदेश के लोगों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ को डीएम कार्डियोलॉजिस्ट की 2 सीट प्रदान किए जाने पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के प्रति भी आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर तुलसी कौशिक, डॉ. देवेंद्र कश्यप सहित जूडो और मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

ओडिशा के कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज में हुई दुर्घटना पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जताया गहरा शोक

0

ओडिशा के कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज में हुई दुर्घटना पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जताया गहरा शोक
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ओडिशा के कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा केयर आईसीयू में आग लगने की दुर्घटना में हुई जनहानि पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत पीड़ादायक और हृदयविदारक बताया है।

मुख्यमंत्री साय ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुखद घड़ी में छत्तीसगढ़ की जनता उनके साथ खड़ी है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।

मुख्यमंत्री साय ने महाप्रभु जगन्नाथ स्वामी से प्रार्थना करते हुए कहा कि वे दिवंगत पुण्यात्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवारों को इस कठिन समय को सहने की शक्ति प्रदान करें।

चैत्र नवरात्रि सूर्यास्त के बाद कलश स्थापना क्यों नहीं करनी चाहिए

0

चैत्र नवरात्रि सूर्यास्त के बाद कलश स्थापना क्यों नहीं करनी चाहिए
चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर कलश स्थापना का विशेष महत्व है, लेकिन अक्सर विद्वान प्रदोषकाल (सूर्यास्त के बाद का समय) में कलश स्थापना करने से मना करते हैं।

शास्त्रों के अनुसार, नवरात्रि शक्ति की उपासना का पर्व है और इसकी शुरुआत ‘उदय तिथि’ और सूर्य की उपस्थिति में करना सबसे शुभ माना जाता है। कलश को ब्रह्मांड और देवताओं का प्रतीक माना जाता है, इसलिए इसकी स्थापना के लिए दिन का प्रकाश और शुभ मुहूर्त का होना अनिवार्य है। आइए जानते हैं कि आखिर क्यों शाम के समय कलश स्थापना करना वर्जित माना गया है।

शास्त्रों में दिन के मुहूर्त का महत्व
हिंदू धर्म और वैदिक ज्योतिष के अनुसार, कोई भी मंगल कार्य या नई शुरुआत ‘अभिजीत मुहूर्त’ या सुबह के समय करना श्रेष्ठ होता है। प्रदोषकाल को मुख्य रूप से भगवान शिव की आराधना और दीपदान के लिए जाना जाता है, लेकिन कलश स्थापना जैसे ‘आवाहन’ के कार्यों के लिए इसे उपयुक्त नहीं माना गया।

शास्त्रों में स्पष्ट उल्लेख है कि यदि प्रतिपदा तिथि सूर्यास्त के बाद भी रहती है, तब भी कलश स्थापना अगले दिन के सूर्योदय के बाद ही की जानी चाहिए। यह नियम आपके जीवन में ऊर्जा के सही संचालन और सकारात्मकता बनाए रखने के लिए बनाया गया है।

क्यों वर्जित है शाम का समय?
प्रदोषकाल का समय दिन और रात का संधि काल होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस समय तामसिक शक्तियां अधिक सक्रिय होती हैं, जबकि कलश स्थापना पूरी तरह से सात्विक और दैवीय कार्य है। शाम के समय स्थापना करने से पूजा का पूर्ण फल मिलने में आशंका रहती है।

कलश स्थापना का उद्देश्य घर में सुख-समृद्धि की बड़ी इच्छाएं पूरी करना होता है, जिसके लिए सूर्य की सकारात्मक किरणों का होना शुभ माना जाता है। पूजा के समय मन की सहजता और एकाग्रता सुबह के शांत वातावरण में जितनी बेहतर होती है, उतनी शाम के शोर-शराबे में नहीं हो पाती।

शुभ संकल्प और मानसिक शांति
सुबह के समय जब आप कलश स्थापित करते हैं और आरती करते हैं, तो पूरे दिन घर में भक्ति का माहौल बना रहता है। इससे न केवल घर के क्लेश कम होते हैं, बल्कि समृद्धि के द्वार भी खुलते हैं। कलश स्थापना के बाद ग्रैटिट्यूड मेडिटेशन करना और मां का आभार व्यक्त करना आपके मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी बहुत अच्छा है।

भगवान का धन्यवाद करें कि उन्होंने आपको इस पूजा का अवसर दिया। सही मुहूर्त में किया गया कार्य आपके जीवन के रखरखाव को बेहतर बनाता है और मां दुर्गा की कृपा आप पर हमेशा बनी रहती है।

बीरभूम में पत्थर की खदान में भूस्खलन, तीन श्रमिकों की मौत

0

बीरभूम में पत्थर की खदान में भूस्खलन, तीन श्रमिकों की मौत
बीरभूम में एक पत्थर की खदान में भूस्खलन से तीन श्रमिकों की मौत हो गई है। कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। यह घटना सोमवार को बीरभूम के मुरारई थाना इलाके के गोपालपुर में हुई।

इससे पहले, पिछले साल सितंबर में बीरभूम के नलहाटी स्थित एक खदान में इसी तरह की दुर्घटना हुई थी, जिसमें पांच श्रमिकों की मौत हो गई थी।

बीरभूम की पत्थर खदान में भूस्खलन
इस दिन खदान में जब यह दुर्घटना घटी, उस समय 12-14 मजदूर काम कर रहे थे। उनमें से लगभग सभी मलबे के नीचे दब गए। स्थानीय लोगों के प्रयासों से कई लोगों को बचाया गया। पुलिस मौके पर पहुंची। घायलों को अस्पताल ले जाया गया।

आशंका है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है। इस दुर्घटना ने राजनीतिक विवाद को भी जन्म दिया है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, दुर्घटना में प्रभावित खदान के मालिक बीरभूम जिला परिषद के अधीक्षक सिराजुल इस्लाम हैं।

टीएमसी नेता की गिरफ्तारी की मांग
भाजपा ने खदान के मालिक की गिरफ्तारी की मांग की है। भाजपा के पूर्व संगठनात्मक जिला अध्यक्ष ध्रुव साहा ने कहा कि खदान अवैध है। चुनावी आचार संहिता लागू हो चुकी है। हम पुलिस से मांग करते हैं कि आरोपित टीएमसी नेता को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।

अफीम की खेती के अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा

0

अफीम की खेती के अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में मादक पदार्थ अफीम की खेती के बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए बलरामपुर पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के 2 सरगना को बिहार और झारखंड से गिरफ्तार (Opium interstate network busted) किया है। पुलिस की एंड टू एंड विवेचना और टेक्निकल साक्ष्यों के आधार पर की गई कार्रवाई में इन आरोपियों को उनके ठिकानों से दबोचकर छत्तीसगढ़ लाया गया है। इस मामले में पहले ही 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा जा चुका है।

बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कुसमी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम त्रिपुरी घोसराडांड़ तथा कोरंधा थाना क्षेत्र के ग्राम तुर्रीपानी खजूरी में अफीम की खेती (Opium interstate network busted) किए जाने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस, प्रशासन, एफएसएल और अन्य संयुक्त टीमों ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। यहां खेतों में बड़े पैमाने पर अफीम की खेती पाई गई।

जांच के दौरान ग्राम त्रिपुरी घोसराडांड़ से 4344.569 किलोग्राम अफीम बरामद की गईए जिसकी अनुमानित कीमत करीब 4 करोड़ 75 लाख रुपए (Opium interstate network busted) आंकी गई है।

वहीं ग्राम तुर्रीपानी खजूरी से 1883.76 किलोग्राम अफीम जब्त की गई, जिसकी कीमत करीब 2 करोड़ रुपए बताई गई है। दोनों मामलों में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8 और 18 के तहत अपराध दर्ज कर पुलिस ने पहले ही 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल (Opium interstate network busted) भेज दिया था।

कई संभावित ठिकानों पर दबिश
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा और पुलिस अधीक्षक बलरामपुर के निर्देशन में विशेष टीमों का गठन किया गया। आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमों ने झारखंड और बिहार (Opium interstate network busted) के कई संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी। एंड टू एंड विवेचना और टेक्निकल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को मुख्य आरोपियों के ठिकानों की जानकारी मिली।

45,000 मीट्रिक टन LPG से लदा ‘शिवालिक जहाज’ भारत पहुंचा

0

45,000 मीट्रिक टन LPG से लदा ‘शिवालिक जहाज’ भारत पहुंचा
भारत के लिए आज एक बहुत बड़ी और सुकून देने वाली (Relief) खबर सामने आई है। मिडिल ईस्ट (Middle East) में चल रहे युद्ध (War) के बीच, देश की रसोई गैस (Cooking Gas) की जरूरत को पूरा करने वाला एक अहम मालवाहक जहाज ‘शिवालिक’ (Shivalik Ship) आखिरकार सुरक्षित भारत की सीमा में दाखिल हो गया है। यह विशालकाय जहाज (Vessel) दुनिया के सबसे खतरनाक समुद्री रास्तों में से एक, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पार करके गुजरात (Gujarat) के मुंद्रा पोर्ट (Mundra Port) पर सफलतापूर्वक पहुंच गया है। पहले इस जहाज के केवल पहुंचने की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन अब यह शाम 5 बजे अपने गंतव्य (Destination) पर लंगर डाल चुका है। इस जहाज में 45 हजार मीट्रिक टन (Metric Ton) से अधिक लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) भरी हुई है। यह भारत सरकार की कूटनीतिक (Diplomatic) सफलता का एक बहुत बड़ा उदाहरण है, जिससे देश भर में गैस संकट (Gas Crisis) की सभी अफवाहें और आशंकाएं अब पूरी तरह खत्म हो गई हैं।

कूटनीति और समन्वय की बड़ी जीत(Strategic Success)
इस विशालकाय जहाज का सुरक्षित मुंद्रा पोर्ट (Mundra Port) तक पहुंचना कोई मामूली बात नहीं है। मौजूदा समय में लाल सागर और ईरान के आस-पास के समुद्री मार्गों में भारी अस्थिरता (Instability) बनी हुई है। ऐसे मुश्किल हालातों में 45,000 मीट्रिक टन एलपीजी (LPG) को देश में लेकर आना एक बड़ी चुनौती थी। लेकिन भारतीय कूटनीति और शिपिंग (Shipping) कंपनियों के बेहतरीन समन्वय से यह संभव हो सका है।

आम जनता और बाजार (Market) में खुशी और राहत का माहौल
जहाज के गुजरात पहुंचने के तुरंत बाद, गैस को उतारने (Unloading) और उसे देश की अलग-अलग रिफाइनरियों (Refineries) और बॉटलिंग प्लांट (Bottling Plant) तक पहुंचाने का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है। तेल और गैस कंपनियों (Oil Companies) ने यह सुनिश्चित किया है कि इस गैस की सप्लाई चेन (Supply Chain) बिल्कुल सुचारू रहे, ताकि किसी भी राज्य में गैस की कोई कमी न महसूस हो। सरकार आगामी शिपमेंट्स (Shipments) को लेकर भी पूरी तरह से अलर्ट है।

एक बड़ा रणनीतिक पहलू (Strategic Aspect)
इस पूरे घटनाक्रम का एक बड़ा रणनीतिक पहलू (Strategic Aspect) यह भी है कि भारत ने दुनिया को दिखा दिया है कि मुश्किल वक्त में भी वह अपनी ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) से कोई समझौता नहीं करता। जब दुनिया के कई बड़े देश ग्लोबल सप्लाई चेन (Global Supply Chain) के बाधित होने और ऊर्जा संकट (Energy Crisis) से जूझ रहे हैं, तब भारत ने होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) जैसे तनावपूर्ण इलाके से अपना जहाज सुरक्षित निकालकर अपनी ताकत का अहसास कराया है।

बंगाल चुनाव के लिए BJP का दांव: ममता के गढ़ में शुभेंदु की चुनौती, 144 नामों की पहली सूची में कई दिग्गजों को मिला टिकट

0

बंगाल चुनाव के लिए BJP का दांव: ममता के गढ़ में शुभेंदु की चुनौती, 144 नामों की पहली सूची में कई दिग्गजों को मिला टिकट
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद भाजपा ने अपनी चुनावी रणनीति को आगे बढ़ाते हुए 144 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। इस सूची में कई बड़े नेताओं को मैदान में उतारा गया है। खास बात यह है कि भाजपा ने इस बार नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी को दो सीटों नंदीग्राम और भवानीपुर से उम्मीदवार बनाया गया है।

पिछली बार शुभेंदु को नंदीग्राम से टिकट मिला था। इसके बाद ममता ने नंदीग्राम से शुभेंदु के खिलाफ चुनाव लड़ने का एलान किया था। साथ ही ममता भवानीपुर से भी चुनावी मैदान में थी। नंदीग्राम में दोनों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली थी। ममता नंदीग्राम से हार गई थींं। हालांकि भवानीपुर से वो जीत गईं थीं। इस बार भाजपा ने बड़ा दांव खेलते हुए शुभेंदु को भावनीपुर और नंदीग्राम दोनों से प्रत्याशी बनाया है।

अशोक डिंडा को फिर होंगे चुनावी मैदान में
क्रिकेटर अशोक डिंडा को भाजपा ने फिर से मोयना विधानसभा सीट से मौका दिया है। इससे पहले भी डिंडा को भाजपा ने मोयना विधासभा से ही टिकट दिया था और उन्होंने 1260 वोटों से जीत दर्ज की थी। भाजपा की इस सूची में कई प्रमुख नेताओं को जगह दी गई है। पार्टी ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष को खड़गपुर सदर सीट से उम्मीदवार बनाया है। नीचे सूची में देखें, किसे कहां से टिकट मिला है।

क्र. विधानसभा का नाम उम्मीदवार का नाम
1 कूचबिहार उत्तर (अजा) सुकुमार रॉय
2 सीतलकुची (अजा) सावित्री बर्मन
3 दिनहाटा अजय रॉय
4 तूफानगंज मालती रावा रॉय
5 कुमारग्राम (अजजा) मनोज कुमार ओरांव
6 कालचीनी (अजजा) विशाल लामा
7 अलीपुरद्वार परितोष दास
8 फालाकाटा (अजा) दीपक बर्मन
9 डाबग्राम-फूलबाड़ी शिखा चटर्जी
10 नागराकाटा (अजजा) पुना भेंगरा
11 माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी (अजा) आनंदमय बर्मन
12 सिलीगुड़ी शंकर घोष
13 फांसीदेवा (अजजा) दुर्गा मुर्मू
14 गोलपोखर सरजीत बिस्वास
15 चाकुलिया मनोज जैन
16 करनदिघी बिराज बिस्वास
17 कलियागंज (अजा) उत्पल महाराज
18 रायगंज कौशिक चौधरी
19 कुशमंडी (अजा) तापस चंद्र रॉय
20 कुमारगंज शुभेंदु सरकार
21 बालुरघाट बिद्युत रॉय
22 तपन (अजजा) बुधराई टुडू
23 गंगारामपुर (अजा) सत्येंद्र नाथ राय
24 हरिरामपुर देबब्रत मजुमदार
25 हबीबपुर (अजजा) जोएल मुर्मू
26 गाजोल (अजा) चिन्मय देब बर्मन
27 चंचल रतन दास
28 मालतीपुर आशीष दास
29 रतुआ अभिषेक सिंघानिया
30 मानिकचक गौर चंद्र मंडल
31 मालदा (अजा) गोपाल चंद्र साहा
32 मोथाबाड़ी निबारण घोष
33 सुजापुर अभिराज चौधरी
34 सुती महाबीर घोष
35 रघुनाथगंज सुरजीत पोद्दार
36 लालगोला अमर कुमार दास
37 भगवानगोला भास्कर सरकार
38 मुर्शिदाबाद गौरी शंकर घोष
39 रेजिनगर बापन घोष
40 बेलडांगा भरत कुमार झावर
41 बहरामपुर सुब्रत मित्रा
42 हरिहरपाड़ा तन्मय बिस्वास
43 नउदा राणा मंडल
44 डोमकल नंद दुलाल पाल
45 जलंगी नबा कुमार सरकार
46 करीमपुर समरेंद्रनाथ घोष
47 पलासीपाड़ा अनिमा दत्ता
48 कालीगंज बापन घोष
49 राणाघाट उत्तर पश्चिम पार्थसारथी चटर्जी
50 राणाघाट उत्तर पूर्व (अजा) असीम बिस्वास
51 चकदहा बंकिम चंद्र घोष
52 हरिनघाटा (अजा) असीम कुमार सरकार
53 बदुरिया सुकृति सरकार
54 अमडंगा अरिंदम डे
55 नैहाटी सौमित्र चटर्जी
56 भाटपाड़ा पवन कुमार सिंह
57 बारानगर सजल घोष
58 देंगंगा तरुण कांति घोष
59 बशीरहाट उत्तर नारायण चन्द्र मंडल
60 बसंती (अजा) बिकास सरदार
61 कुलतली (अजा) माधवी महलदर
62 पाथरप्रतिमा असित कुमार हल्दर
63 काकद्वीप दीपांकर जना
64 रायदिघी पलाश राणा
65 कैनिंग पूर्व असीम सपुई
66 डायमंड हार्बर दीपक कुमार हल्दर
67 बिष्णुपुर (अजा) अग्निश्वर नस्कर
68 बज बज तरुण कुमार अदाक
69 मेटियाब्रुज वीर बहादुर सिंह
70 भवानीपुर शुभेंदु अधिकारी
71 रासबिहारी स्वपन दास गुप्ता
72 हावड़ा उत्तर उमेश राय
73 शिबपुर रूद्रनील घोष
74 उलबेरिया दक्षिण मंगलानंद पुरी महाराज
75 अमता अमित सामंत
76 डोमजूर गोबिंद हाजरा
77 सप्तग्राम स्वराज घोष
78 तारकेश्वर संतु पान
79 पुरसुराह बिमान घोष
80 आरामबाग (अजा) हेमंत बाग
81 गोघाट (अजा) प्रशांत दिघर
82 खानाकुल सुशांत घोष
83 पंसकुरा पूर्व सुब्रत मैती
84 पंसकुरा पश्चिम सिंतु सेनापति
85 मोयना अशोक डिंडा
86 महिषादल सुभाष पांजा
87 हल्दिया (अजा) प्रदीप कुमार बिजली
88 नंदीग्राम शुभेंदु अधिकारी
89 पटाशपुर तपन मैती
90 कांथी उत्तर सुमिता सिन्हा
91 कांथी दक्षिण अरूप कुमार दास
92 रामनगर चंद्र शेखर मंडल
93 दांतन अजीत कुमार जना
94 नयाग्राम (अजजा) अमिया किस्कू
95 गोपीबल्लभपुर राजेश महतो
96 झारग्राम लक्ष्मीकांत साहू
97 केशियारी (अजजा) भद्रा हेम्ब्रम
98 खड़गपुर सदर दिलीप घोष
99 नारायणगढ़ राम प्रसाद गिरि
100 सबंग अमल पांडा
101 खड़गपुर तपन भुया
102 डेबरा शुभाशीष ओम
103 दासपुर तपन दत्ता
104 घाटाल (अजा) शीतल कपाट
105 चंद्रकोना (अजा) सुकांत दोलुई
106 सालबोनी बिमान महतो
107 केशपुर (अजा) शुभेंदु सामंत
108 बिनपुर (अजजा) प्रणत टुडू
109 बांदवान (अजजा) लबसेन बास्के
110 बलरामपुर जलधर महतो
111 मानबाजार (अजजा) मैना मुर्मू
112 काशीपुर कमलकांत हंसदा
113 पारा (अजा) नदियार चंद बाउरी
114 रघुनाथपुर (अजा) मामोनी बाउरी
115 साल्टोरा (अजा) चंदना बाउरी
116 छतना सत्यनारायण मुखोपाध्याय
117 रानीबांध (अजजा) क्षुदिराम टुडू
118 रायपुर (अजजा) क्षेत्र मोहन हंसदा
119 तालडांगरा सौविक पात्रा
120 बरजोड़ा बिलेश्वर सिंघा
121 ओंदा अमरनाथ शाखा
122 कटुलपुर (अजा) लक्ष्मीकांत मजुमदार
123 इंदस (अजा) निर्मल कुमार धारा
124 सोनामखी (अजा) दिबाकर घरामी
125 रैना (अजा) सुभाष पात्रा
126 जमालपुर (अजा) अरुण हल्दर
127 मोटेश्वर सैकत पंजा
128 बर्धमान उत्तर (अजा) संजय दास
129 भातर सोमेन करफा
130 केतुग्राम अनादि घोष (मथुरा)
131 औसग्राम (अजा) कलिता माझी
132 पांडबेश्वर जितेंद्र कुमार तिवारी
133 दुर्गापुर पूर्व चंद्र शेखर बनर्जी
134 दुर्गापुर पश्चिम लक्ष्मण चंद घोरुई
135 जामुारिया बिजन मुखर्जी
136 आसनसोल दक्षिण अग्निमित्रा पॉल
137 आसनसोल उत्तर कृष्णेंदु मुखर्जी
138 कुल्टी अजय कुमार पोद्दार
139 दुबराजपुर (अजा) अनुप कुमार साहा
140 सूरी जगन्नाथ चट्टोपाध्याय
141 बोलपुर दिलीप कुमार घोष
142 नानूर (अजा) खोकन दास
143 मयूरेश्वर दुध कुमार मंडल
144 हंसन निखिल बनर्जी

किन अन्य नेताओं को मिला टिकट?
भाजपा ने अपनी सूची में कई अन्य प्रमुख नेताओं को भी टिकट दिया है। पार्टी ने नेता अग्निमित्रा पॉल को आसनसोल दक्षिण सीट से उम्मीदवार बनाया है। वहीं पूर्व राज्यसभा सांसद स्वपन दासगुप्ता को रशबेहारी सीट से मैदान में उतारा गया है। कहा जा रहा है कि उम्मीदवारों का चयन स्थानीय समीकरण और जीत की संभावना को ध्यान में रखकर किया गया है।

चुनाव कब होंगे और क्या है कार्यक्रम?
चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव दो चरणों में कराने का फैसला किया है। राज्य में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को मतदान होगा। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करते हुए कहा कि चुनाव को सरल और सुचारू बनाने के लिए चरणों की संख्या सीमित रखी गई है। पश्चिम बंगाल के साथ असम, केरल, पुदुचेरी और तमिलनाडु में भी चुनाव होंगे। इन सभी राज्यों के नतीजे चार मई को घोषित किए जाएंगे।

पिछले चुनाव में क्या रहा था परिणाम?
पश्चिम बंगाल में वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस ने बड़ी जीत दर्ज की थी। पार्टी ने 215 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी। वहीं, भाजपा ने 77 सीटें जीतकर मुख्य विपक्ष की भूमिका हासिल की थी। अब भाजपा 2026 के चुनाव में अपने प्रदर्शन को बेहतर करने की कोशिश में है और इसके लिए उसने मजबूत उम्मीदवारों के साथ चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी की है।

बाल-बाल बचे निक-प्रियंका: ऑस्कर नाइट में होने वाला था बड़ा हादसा, हवा में उछली कपल की गोल्फ कार्ट

0

बाल-बाल बचे निक-प्रियंका: ऑस्कर नाइट में होने वाला था बड़ा हादसा, हवा में उछली कपल की गोल्फ कार्ट
ग्लोबल पॉवर कपल निक जोनस और प्रियंका चोपड़ा ने ऑस्कर अवॉर्ड सेरेमनी में भाग लेकर एक बार फिर फैंस की धड़कनें बढ़ा दीं। मगर इस आइकॉनिक मूमेंट के होने से ठीक पहले दोनों एक हादसे के शिकार होने से बचे।

निक-प्रियंका का वीडियो वायरल
98वें ऑस्कर अवॉर्ड में प्रियंका चोपड़ा और निक जोनस भी हिस्सा लेने पहुंचे थे। रेड कार्पेट पर जाने के लिए कपल काफी लेट था। ऐसे में दोनों को मेन गेट से अंदर तक जाने के लिए एक गोल्फ कार्ट तैयार थी। निक और प्रिंयका उसमें बैठे और जैसे ही ड्राइवर कार्ट को मोढ़ा तो उसका बैलेंस बिगड़ गया।

इस दौरान गोल्फ कार्ट का एक पहिया जमीन से हवा में उठ गया। ऐसे में बैलेंस बनाने के लिए तुरंत निक और प्रियंका ने कार्ट को जोर से पकड़ा। ड्राइवर ने भी कुछ ही सेकेंड में कार्ट पर काबू पा लिया और हादसा टल गया।

ऑस्कर में पर्सनल गाड़ी को इजाजत नहीं
ऑस्कर अवॉर्ड समारोह का आयोजन अमेरिका के हॉलीवुड स्थित डॉल्बी थिएटर में हुआ। इस दौरान थिएटर के सुरक्षा घेरे के अंदर किसी भी निजी वाहन को आने की अनुमति नहीं थी। समारोह में दुनिया भर से सेलिब्रिटीज के आने से वाहनों के मेनेज करना मुश्किल होता है। ऐसे में आयोजकों ने उन्हें रेड कारपेट तक ले जाने के लिए गोल्फ कार्ट का इंतजाम किया था।

इस साल रहा ‘वन बैटल आफ्टर अनदर’ का जलवा
ऑस्कर 2026 का आयोजन हो चुका है और विजेताओं की घोषणा भी की जा चुकी है। इस बार लियोनार्डो डिकैप्रियो की ‘वन बैटल आफ्टर अनदर’ ने सबसे ज्यादा छह अवॉर्ड अपने नाम किए। इसके अलावा चार अवॉर्ड्स ‘सिनर्स’ ने अपनी झोली में डाले। प्रियंका चोपड़ा बतौर अवॉर्ड प्रेजेंटर ऑस्कर अवॉर्ड्स में शामिल हुईं। वे अपने पति निक जोनस के साथ रेड कार्पेट पर नजर आईं।

रुपये में ऐतिहासिक गिरावट: डॉलर के मुकाबले 92.40 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर फिसला, कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई मुसीबत

0

रुपये में ऐतिहासिक गिरावट: डॉलर के मुकाबले 92.40 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर फिसला, कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई मुसीबत
भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और वैश्विक ऊर्जा बाज़ार में जारी उथल-पुथल का सीधा असर भारतीय मुद्रा पर देखने को मिला है। सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 10 पैसे कमजोर होकर 92.40 (अस्थायी) के नए सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल और विदेशी निवेशकों द्वारा लगातार की जा रही फंड निकासी ने रुपये पर यह भारी दबाव बनाया है। यह स्थिति मुद्रा बाज़ार में बढ़ती अस्थिरता और वैश्विक व्यापारिक चिंताओं को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।

मुद्रा बाजार के ताजा आंकड़ों के अनुसार, सोमवार के कारोबारी सत्र में रुपये ने ऐतिहासिक गोता लगाया।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में स्थानीय मुद्रा की शुरुआत ही कमज़ोरी के साथ 92.44 के स्तर पर हुई।
दिन के कारोबार के दौरान, डॉलर के मुकाबले रुपये ने 92.47 के अपने अब तक के सबसे निचले स्तर को छू लिया।
कारोबारी सत्र के अंत में, रुपया अपने पिछले बंद भाव से 10 पैसे का नुकसान दर्ज करते हुए 92.40 (अस्थायी) पर बंद हुआ।
रुपये की इस ऐतिहासिक गिरावट के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े अंतरराष्ट्रीय कारक काम कर रहे हैं:

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल: वैश्विक बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे भारत का आयात बिल प्रभावित होने की आशंका है और डॉलर की मांग में भारी इजाफा हुआ है।
विदेशी पूंजी की निकासी: भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण विदेशी निवेशक सतर्क हो गए हैं। सुरक्षित निवेश की तलाश में वे भारतीय बाज़ारों से लगातार अपनी पूंजी निकाल रहे हैं, जिससे रुपये पर भारी दबाव पड़ा है।

शेयर बाजार और होर्मुज जलडमरूमध्य से राहत
इन तमाम नकारात्मक कारकों के बावजूद, रुपये में एक बहुत बड़ी और अचानक होने वाली गिरावट को रोकने में कुछ घरेलू और भू-राजनीतिक कारकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार होर्मुज जलडमरूमध्य के फिर से खुलने की उम्मीदों ने बाज़ार की धारणा को काफी हद तक सकारात्मक बनाया है। इन उम्मीदों के बीच घरेलू शेयर बाजारों में एक महत्वपूर्ण रिकवरी देखी गई, जिसने स्थानीय मुद्रा को एक मजबूत सहारा प्रदान किया और उसे और अधिक टूटने से बचा लिया।

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये का 92.40 के ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंचना, भू-राजनीतिक तनावों और ऊर्जा बाज़ार की अस्थिरता का सीधा परिणाम है। हालांकि घरेलू शेयर बाज़ार में सुधार और होर्मुज जलडमरूमध्य के दोबारा खुलने की उम्मीदों ने रुपये को आंशिक समर्थन दिया है। आगे चलकर, विदेशी निवेशकों का रुख और कच्चे तेल की कीमतों की दिशा ही मुद्रा बाजार का अगला रुझान तय करेगी।