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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की केन्द्रीय मंत्रियों से भेंट

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की केन्द्रीय मंत्रियों से भेंट
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को नई दिल्ली में केन्द्रीय मंत्रियों के साथ भेंट कर, राज्य हित के विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय मंत्रियों से भेंट के बाद इलेक्ट्रॉनिक मीडिया प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए कहा कि उनका नई दिल्ली प्रवास बहुत सफल रहा। केंद्र सरकार के मंत्रालयों के साथ बेहतर समन्वय से मध्यप्रदेश के लिए विभिन्न योजनाओं की स्वीकृति में पूर्ण सहयोग मिल रहा है। संचालित कल्याणकारी कार्यक्रमों के लिए केंद्र सरकार के सहयोग और भविष्य की दृष्टि से उपयोगी प्रकल्पों के संबंध में सार्थक विचार-विमर्श हुआ। कई योजनाओं के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश के अग्रणी रहने की जानकारी भी केन्द्र सरकार के संबंधित मंत्रालयों को प्रदान की गई।

मध्यप्रदेश में होगी राज्यों के कृषि मंत्रियों की बैठक
मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने बताया कि कृषि क्षेत्र को उन्नत बनाने के लिए निकट भविष्य में राज्यों के कृषि मंत्री मध्यप्रदेश में संयुक्त बैठक कर विचार-विमर्श करेंगे। कृषि विज्ञान केन्द्रों की भूमिका और कृषि तकनीक सहित किसानों के हित से संबंधित महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर इस बैठक में चर्चा होगी।

कृषि और ग्रामीण विकास योजनाएं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि केन्द्रीय कृषि और पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ किसानों की आय वृद्धि और कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने पर बातचीत हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में किसान कल्याण वर्ष-2026 के अंतर्गत 17 विभागों के सहयोग और समन्वय से संचालित कृषक कल्याण अभियान की जानकारी केन्द्रीय कृषि मंत्री को दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सोयाबीन उत्पाद किसानों के लिए भावांतर योजना के सफल क्रियान्वयन के साथ ही सरसों के लिए भी योजना का लाभ लेने पर सहमति देनी होगी। प्रदेश में तुअर दाल की 55 इकाइयों की स्थापना के लिए चर्चा हुई। भारत सरकार द्वारा तिलहन का रकबा बढ़ाने और उत्पादित दाल की खरीदी व्यवस्थाओं को और अधिक सशक्त बनाने पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि केंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय से प्रधानमंत्री सड़क योजना और अन्य ग्रामीण आवास योजनाओं के लिए सहयोग प्राप्त करने पर भी चर्चा हुई।

वित्तीय प्रबंधन पर केन्द्रीय वित्त मंत्री से चर्चा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण से वित्तीय प्रबंधन के संबंध में चर्चा हुई। वर्तमान वित्त वर्ष में विभिन्न योजनाओं में लक्ष्य एवं पूर्ति की जानकारी देते हुए प्रदेश को आवश्यक वित्तीय सहयोग के संबंध में चर्चा हुई। सिंहस्थ-2028 के कार्यों और अन्य महत्वपूर्ण प्रकल्पों के लिए आवश्यक वित्त व्यवस्था पर बातचीत हुई।

सिंचाई परियोजनाओं पर चर्चा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल से भी उनकी भेंट हुई। विश्व में सबसे पहले मध्यप्रदेश में 2 अंतर्राज्यीय नदी जोड़ो परियोजनाओं, केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) के लिए केन्द्र सरकार द्वारा मंजूरी दी गई है। एक-एक लाख करोड़ रुपये की सहायता परियोजना के लिए प्राप्त होगी। मध्यप्रदेश सिंचाई क्षेत्र में तेजी से प्रगति करने वाला राज्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि केन्द्रीय मंत्री पाटिल से परियोजना के साथ ही नर्मदा घाटी सिंचाई योजनाओं के अंतर्गत पड़ोसी राज्यों गुजरात और महाराष्ट्र के साथ हुई अनुबंधों के संबंध में भी विस्तार से चर्चा हुई। एकल जल परियोजनाओं और समूह नल-जल योजना के माध्यम से अधिक से अधिक नागरिकों तक नल से जल पहुंचना के संबंध में बातचीत हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि विभिन्न कार्यों के लिए लंबित भुगतान के संबंध में भी सार्थक चर्चा हुई है।

नागरिक चिंतित न हों, कालाबाजारी रोकेंगे
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान में मिडिल ईस्ट-एशिया में युद्ध की स्थितियों के संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मंत्रीगण सजग हैं। नागरिकों को चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है, केंद्र और राज्य सरकार के स्तर पर कालाबाजारी रोकने के लिए पूरे प्रबंधन किए गए हैं। नागरिकों को रसोई गैस संबंधी परेशानी नहीं होगी।

IPL 2026: 18 साल के सूखे को खत्म करने उतरेगी राजस्थान रॉयल्स

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IPL 2026: 18 साल के सूखे को खत्म करने उतरेगी राजस्थान रॉयल्स
इंडियन प्रीमियर लीग के 19वें सीजन में राजस्‍थान रॉयल्‍स अपने अभियान की शुरुआत 30 मार्च से करने जा रही है। पहले सीजन की विजेता टीम का पहला मुकाबला चेन्‍नई सुपर किंग्‍स (CSK) के खिलाफ गुवहाटी में होगा। यह मैच भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे से शुरू होगा।

इस सीजन कुछ फ्रेंचाइजी के घरेलू मैदानों में बदलाव हुआ है। RCB अपने सात घरेलू मैचों में से 5 बेंगलुरु में और 2 रायपुर में खेलेगी। PBKS 4 घरेलू मैच न्यू चंडीगढ़ में और तीन धर्मशाला में खेलेगी। वहीं राजस्थान रॉयल्स तीन घरेलू मैच गुवाहाटी में और चार जयपुर में खेलेगी।

खिलाड़ियों की इंटरनेशनल यात्रा और कुछ प्रशासनिक कारणों को देखते हुए अभी शुरुआती 20 मैचों का शेड्यूल जारी हुआ है। बीसीसीआई ने बताया कि पूरे सीजन का शेड्यूल बाद में घोषित किया जाएगा। तीन राज्यों तमिलनाडु, असम और पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव होने हैं। आईपीएल की तैयारियों पर पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का असर देखने को मिल रहा है।

अदालत ने खारिज की पेशी से छूट की अर्जी, पूर्व CM फारूक अब्दुल्ला के खिलाफ वारंट जारी

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अदालत ने खारिज की पेशी से छूट की अर्जी, पूर्व CM फारूक अब्दुल्ला के खिलाफ वारंट जारी
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला मुश्किल में घिरते नजर आ रहे हैं। जम्मू-कश्मीर क्रिकेट संघ (जेकेसीए) स्कैम मामले में उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया है। श्रीनगर की एक अदालत ने गुरुवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा जांच किए जा रहे कथित जेकेसीए घोटाले मामले में फारूक अब्दुल्ला को झटका दिया।

30 मार्च को फिर होगी सुनवाई
फारूक 2001 और 2011 के बीच जम्मू-कश्मीर क्रिकेट संघ के अध्यक्ष थे। यह कथित घोटाला 2012 में तब सामने आया जब जेकेसीए के कोषाध्यक्ष मंजूर वजीर ने उस समय के महासचिव मोहम्मद सलीम खान और पूर्व कोषाध्यक्ष अहसान मिर्जा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। अब आगे की कार्रवाई के लिए 30 मार्च को फिर से केस की सुनवाई होगी।

सुनवाई के दौरान अब्दुल्ला अदालत के सामने पेश नहीं हुए और खबर है कि वे जम्मू में थे। उनके वकील ने कार्यवाही में शामिल होने में उनकी असमर्थता का हवाला देते हुए निजी तौर पर पेशी से छूट की अर्जी दी। हालांकि, कोर्ट ने देखा कि बचाव पक्ष को वर्चुअल मोड से अब्दुल्ला की मौजूदगी पक्की करने का विकल्प दिया गया था, लेकिन उन्होंने इस सुझाव को मना कर दिया।

क्या है मामला?
अब्दुल्ला के खिलाफ जिस मामले में वारंट जारी किया गया है वह जेकेसीए के कामकाज में कथित वित्तीय गड़बड़ियों से जुड़ा है, जब अब्दुल्ला इसके अध्यक्ष थे। 2018 में सीबीआई ने एक चार्जशीट फाइल की थी जिसमें आरोप लगाया गया था कि जम्मू और कश्मीर में क्रिकेट के विकास के लिए दिए गए 43 करोड़ रुपये से ज्यादा के पैसे को 2002 और 2011 के बीच संघ के अधिकारियों ने गलत इस्तेमाल किया था। ये फंड भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा इस क्षेत्र में क्रिकेट के विकास के लिए जारी किए गए 100 करोड़ रुपये से ज्यादा के ग्रांट का हिस्सा थे। जांच के मुताबिक, ये फंड कथित तौर पर जेकेसीए अकाउंट से धोखाधड़ी से पैसे निकालकर और ट्रांजैक्शन करके निकाले गए थे। अब्दुल्ला और संघ के कई पूर्व अधिकारियों के नाम चार्जशीट में थे।

जम्मू और कश्मीर हाई कोर्ट ने 2015 में इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। अब्दुल्ला ने पहले किसी भी गलत काम से इनकार किया है और आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है। मामला अभी भी अंडर ट्रायल है।

20 साल बाद फिर लौट रही है खोसला की मंडली, जानें किस दिन रिलीज होगा ‘खोसला का घोसला 2’

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20 साल बाद फिर लौट रही है खोसला की मंडली, जानें किस दिन रिलीज होगा ‘खोसला का घोसला 2’
2006 का दौर हिंदी सिनेमा में कल्ट क्लासिक कॉमेडी फिल्मों के लिए याद किया जाता है। जिनमें खोसला का घोसला का नाम भी शामिल होता है। काफी समय पहले अभिनेता अनुपम खेर और रणवीर शौरी स्टारर खोसला का घोसला के सीक्वल का आधिकारिक एलान किया गया था, जिसके बाद इसके पार्ट 2 के लिए फैंस की एक्साइटमेंट हाई गई।

अब सिनेप्रेमियों की ये उत्सुकता और अधिक बढ़ने वाली है कि क्योंकि मेकर्स की तरफ से खोसला का घोसला 2 की रिलीज डेट की अनाउंसमेंट भी कर दी गई है। आइए जानते हैं कि खोसला का घोसला 2 को थिएटर्स में कब पेश किया जाएगा।

खोसला का घोसला 2 रिलीज डेट
बीते जनवरी में अभिनेता अनुपम खेर ने अपने ऑफिशियल एक्स हैंडल पर खोसला का घोसला 2 की वापसी का एलान किया था। अब फिल्म के मेकर्स टी सीरीज की तरफ से एक्स पर मूवी के फर्स्ट लुक पोस्टर के साथ रिलीज डेट का एलान किया है। ट्वीट में लिखा है- 20 साल बाद द खोसला वापस आ रहे हैं। 28 अगस्त 2026 को इस मूवी को सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा।

‘तेल का स्टॉक फुल, सप्लाई चेन दुरुस्त’; पेट्रोलियम मंत्री ने कहा- देश में नहीं होगा ऊर्जा संकट

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‘तेल का स्टॉक फुल, सप्लाई चेन दुरुस्त’; पेट्रोलियम मंत्री ने कहा- देश में नहीं होगा ऊर्जा संकट
पश्चिम एशिया में तनाव के बीच भारत में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की सप्लाई को लेकर सरकार ने बड़ी राहत भरी जानकारी दी है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव (मार्केटिंग और ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने कहा कि देश में कच्चे तेल की उपलब्धता फिलहाल पूरी तरह सामान्य और आरामदायक स्थिति में है और किसी भी पेट्रोल पंप पर ईंधन खत्म होने की कोई खबर नहीं है।

‘रोज 55 लाख बैरल तेल खपत के बावजूद सप्लाई सामान्य’
उन्होंने बताया कि भारत हर दिन लगभग 55 लाख बैरल कच्चे तेल का इस्तेमाल करता है और देश दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रिफाइनर है। इसी वजह से पेट्रोल और डीजल जैसे उत्पादों की उपलब्धता को लेकर सरकार को भरोसा है कि आम लोगों को किसी तरह की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। देशभर में करीब एक लाख पेट्रोल पंप काम कर रहे हैं और इनमें से अधिकांश सरकारी तेल कंपनियों के हैं। मंत्रालय के मुताबिक किसी भी पंप पर ड्राई आउट यानी तेल खत्म होने की स्थिति नहीं आई है।

LPG उत्पादन भी बढ़ा- पेट्रोलियम मंत्रालय
एलपीजी को लेकर भी सरकार ने विशेष कदम उठाए हैं। 9 मार्च को आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत आदेश जारी कर सभी रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद घरेलू उत्पादन बढ़कर 28 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो पहले करीब 25 प्रतिशत था। सरकार का कहना है कि इससे घरेलू गैस की उपलब्धता और बेहतर होगी। सुजाता शर्मा ने यह भी बताया कि भारत अपनी एलपीजी जरूरत का लगभग 60 प्रतिशत आयात करता है और इसमें से करीब 90 प्रतिशत सप्लाई होर्मुज जलडमरूमध्य से आती है। मौजूदा हालात को देखते हुए यह चुनौतीपूर्ण स्थिति जरूर है, लेकिन सरकार लगातार कोशिश कर रही है कि घरेलू उपभोक्ताओं को गैस की सप्लाई प्रभावित न हो।

‘देश में रोजाना करीब 50 लाख LPG सिलिंडर की डिलीवरी’
उन्होंने कहा कि देश में रोजाना करीब 50 लाख एलपीजी सिलिंडर की डिलीवरी की जाती है। हालांकि हाल के दिनों में घबराहट के कारण सिलेंडर बुकिंग में अचानक काफी बढ़ोतरी देखी गई है। मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि घबराकर अतिरिक्त बुकिंग न करें, क्योंकि फिलहाल सप्लाई में कोई कमी नहीं है।

राज्य सरकारों को दिए गए अहम निर्देश
सरकार ने राज्य सरकारों से भी कहा है कि जरूरतमंद उपभोक्ताओं की सूची तैयार करें ताकि घरेलू और कमर्शियल सिलिंडर की डिलीवरी प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जा सके। कुल मिलाकर सरकार का कहना है कि मौजूदा वैश्विक हालात के बावजूद देश में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की सप्लाई पूरी तरह नियंत्रण में है।

‘कामदा’ पर अद्भुत संयोग: रविवार के दिन एकादशी का संगम, इन राशियों पर बरसेगी श्रीहरि की विशेष कृपा

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‘कामदा’ पर अद्भुत संयोग: रविवार के दिन एकादशी का संगम, इन राशियों पर बरसेगी श्रीहरि की विशेष कृपा
चैत्र शुक्ल पक्ष की एकादशी, जिसे हम कामदा एकादशी के नाम से जानते हैं, इस साल 29 मार्च 2026 को मनाई जाएगी। यह हिंदू नववर्ष की पहली एकादशी है, जो सभी प्रकार की कामनाओं को सिद्ध करने वाली मानी जाती है। धार्मिक दृष्टि से इस दिन का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है, क्योंकि इस साल कामदा एकादशी पर कई अत्यंत दुर्लभ और शुभ योग बन रहे हैं। यदि आपके जीवन के सही संचालन में बाधाएं आ रही हैं या मन में कोई बड़ी इच्छा दबी हुई है, तो इन शुभ योगों में की गई पूजा विशेष फलदायी होने की संभावना है।

कामदा एकादशी पर बनने वाले विशेष शुभ योग
इस वर्ष कामदा एकादशी पर महासंयोग का निर्माण हो रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन शिववास योग बन रहा है, जो साधना और मंत्र जप के लिए अत्यंत श्रेष्ठ माना जाता है। इसके साथ ही, मन के कारक चंद्र देव कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में गोचर करेंगे, जिससे मानसिक स्पष्टता और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। इन शुभ योगों में भगवान विष्णु की आराधना करने से घर की सुख-शांति बनी रहती है और शत्रुओं के भय की आशंका समाप्त हो जाती है। यह समय मेडिटेशन के लिए भी बहुत उत्तम है, जिससे जीवन में सुख शांति का संचार होता है।

पूजा और पारण का सटीक समय
कामदा एकादशी के व्रत और पूजन के लिए दृक पंचांग के अनुसार निम्नलिखित समय का ध्यान रखना चाहिए:

एकादशी तिथि का आरंभ: 28 मार्च 2026 को सुबह 08:45 बजे से।
एकादशी तिथि का समापन: 29 मार्च 2026 को सुबह 07:46 बजे तक।
उदयातिथि के अनुसार व्रत: रविवार, 29 मार्च 2026।
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:05 से 12:53 तक (विशेष पूजन के लिए श्रेष्ठ)।
इन योगों में पूजन का आध्यात्मिक लाभ
शुभ योगों में की गई पूजा व्यक्ति के भीतर की नकारात्मक ऊर्जा को दूर करती है। कामदा एकादशी का व्रत रखने से अनजाने में हुई चूक या गलतियों के दोष से मुक्ति मिलती है। इस दिन भगवान विष्णु को तुलसी दल और पीले फल अर्पित करने से व्यवसाय में उन्नति की संभावना बढ़ती है। यदि आप गृह शांति के लिए विशेष अनुष्ठान करना चाहते हैं, तो इन योगों का लाभ अवश्य उठाएं। सच्ची श्रद्धा और सहज भाव से की गई भक्ति भविष्य की बाधाओं को दूर करने में सहायक होती है और परिवार में आपसी तालमेल को मजबूत बनाती है।

‘जितना महंगा तेल, उतना अमीर अमेरिका’, ईरान को चिढ़ाते हुए ट्रंप ने दिया बेबाक बयान

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‘जितना महंगा तेल, उतना अमीर अमेरिका’, ईरान को चिढ़ाते हुए ट्रंप ने दिया बेबाक बयान
ईरान और इस्राइल-अमेरिका के बीच जारी युद्ध के चलते दुनियाभर में तेल संकट खड़ा हो गया है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का इस तेज संकट पर अजीबोगरीब बयान सामने आया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि तेल की बढ़ती कीमतों से अमेरिका को आर्थिक लाभ हो सकता है। ट्रंप ने ईरान को ‘दुष्ट साम्राज्य’ बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि उसके परमाणु हथियार बनाने की कोशिशें पश्चिम एशिया ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की स्थिरता के लिए खतरा बन सकती हैं।

ट्रंप की टिप्पणी
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा तेल उत्पादक है इसलिए जब तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो हमें भी काफी फायदा होता है। फिर भी मेरे लिए सबसे अहम बात यह है कि एक ‘खतरनाक शक्ति’ ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका जाए, क्योंकि इससे मिडिल ईस्ट और पूरी दुनिया को खतरा हो सकता है।”

उन्होंने दावा किया, मैं ऐसा कभी होने नहीं दूंगा। ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (आईईए) ने चेतावनी दी है कि ईरान के बढ़ते हमलों की वजह से दुनिया को तेल की सप्लाई में इतिहास की सबसे बड़ी रुकावट का सामना करना पड़ सकता है।बुधवार को ओहियो में ट्रंप ने गैस की बढ़ती कीमतों पर कहा, मैं कहूंगा कि यह हमारी सोच से थोड़ी कम बढ़ी है। फिर भरोसा दिलाते हुए कहा, “यह इतनी कम हो जाएगी कि कोई भी समझ नहीं पाएगा।

यह बयान ऐसे समय आया है, जब ईरान के साथ जारी संघर्ष 13वें दिन में प्रवेश कर गया है। एक दिन पहले ट्रंप ने कहा था कि ईरान के साथ युद्ध ‘जल्द’ खत्म हो सकता है। उन्होंने दावा किया था कि अमेरिकी सेना पहले ही तेहरान की सैन्य ताकत को भारी नुकसान पहुंचा चुकी है। एक्सियोस से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि ईरान में अब कुछ भी निशाना बनाने के लिए नहीं बचा है। उन्होंने कहा, थोड़ा बहुत इधर-उधर… जब भी मैं चाहूं, यह युद्ध खत्म हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह संघर्ष उम्मीद से ज्यादा तेजी से आगे बढ़ रहा है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान के पहले सप्ताह में ही अमेरिका करीब 11.3 अरब डॉलर खर्च कर चुका है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह अनुमान पेंटागन ने कांग्रेस (संसद) को दिया है। यह अब तक इस युद्ध की लागत का सबसे विस्तृत आकलन माना जा रहा है, जबकि युद्ध 13वें दिन में पहुंच चुका है और इसके खत्म होने के कोई स्पष्ट संकेत नहीं हैं।

32 सदस्य देशों के आपातकालीन भंडार से 40 करोड़ बैरल तेल जारी करने पर सहमति जताई
बता दें, पश्चिम एशिया संकट के बीच एक अहम फैसले में आईईए के सदस्य देशों ने बुधवार को तेल बाजार में आई बाधाओं को दूर करने के लिए 32 सदस्य देशों के आपातकालीन भंडार से 40 करोड़ बैरल तेल जारी करने पर सहमति जताई।इन आपातकालीन भंडारों को प्रत्येक सदस्य देश की राष्ट्रीय परिस्थितियों के अनुरूप समय-सीमा के भीतर बाजार में उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही कुछ देश अतिरिक्त आपात कदम भी उठाएंगे। भारत ने भी इस कदम का स्वागत किया है।

आईईए सदस्य देशों के पास कुल मिलाकर 1.2 अरब बैरल से अधिक का आपातकालीन तेल भंडार है, जबकि उद्योगों के पास सरकार की बाध्यता के तहत करीब 60 करोड़ बैरल अतिरिक्त भंडार मौजूद है। यह समन्वित रूप से तेल भंडार जारी करने का आईईए के इतिहास में छठा अवसर है। इससे पहले 1991, 2005, 2011 और 2022 में दो बार ऐसा कदम उठाया गया था। अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी की स्थापना 1974 में की गई थी।

आईईए के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण बाजार की स्थिति का आकलन करने और आपूर्ति बाधाओं से निपटने के विकल्पों पर विचार करने के लिए आईईए के कार्यकारी निदेशक फातिह बिरोल ने सदस्य देशों की एक विशेष बैठक बुलाई थी, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया। 28 फरवरी से शुरू हुए पश्चिम एशिया के संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है। वर्तमान में कच्चे तेल और रिफाइंड उत्पादों का निर्यात संघर्ष से पहले के स्तर के 10 प्रतिशत से भी कम रह गया है।

‘दुश्मनों को चुकानी होगी कीमत’, सुप्रीम लीडर बनते ही मोजतबा ने खाई कसम; तेल संकट से दुनिया में मचेगा कोहराम

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‘दुश्मनों को चुकानी होगी कीमत’, सुप्रीम लीडर बनते ही मोजतबा ने खाई कसम; तेल संकट से दुनिया में मचेगा कोहराम
मिडिल ईस्ट में जारी जंग के कारण ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद करने का ऐलान किया, जिसके बाद दुनियाभर में एनर्जी की पहुंच में रुकावट आने लगी है. इस बीच ईरान के सुप्रीम लीडर मोज्तबा खामेनेई चेतावनी दी है कि वह अमेरिका से हर मौत का बदला लेंगे. उन्होंने कहा कि जंग में हम दूसरे फ्रंट भी खोल सकते हैं, जिसके दुश्मन को एहसान भी नहीं होगा. मोज्तबा खामेनेई ने साफ किया कि ईरान ने दुश्मनों का रास्ता रोक दिया और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अभी बंद रहेगा.

खाड़ी देशों पर हमला जारी रखेगा ईरान
मोज्तबा खामेनेई का बयान गुरुवार (12 मार्च 2026) को सरकारी टेलीविजन पर एक न्यूज एंकर ने पढा, वह खुद कैमरे पर दिखाई नहीं दिए. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य अड्डे चालू रहे तो उन पर हमला हो सकता है. उनका इशारा खाड़ी देशों की तरफ था. उन्होंने कहा, ‘इस क्षेत्र में सभी अमेरिकी सौन्य अड्डों को तुरंत बंद कर देना चाहिए.’ ईरानी नेता ने युद्ध में मारे गए लोगों का बदला लेने की कसम खाई और दावा किया कि ईरान अपने दुश्मन से मुआवजा लेगा. उन्होंने कहा कि अगर दुश्मन ऐसा करने से मना करता है तो ईरान उसकी संपत्तियों को जब्त कर लेगा या उन्हें उसी हद तक नष्ट कर देगा.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज भी बंद रखेंगे: मोज्तबा खामेनेई
मोज्तबा खामेनेई ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान का रुख साफ किया. उन्होंने कहा कि ईरान को जंग में एक रणनीतिक मार्ग का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए जारी रखना चाहिए. उन्होंने कहा कि ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने के हथियार का इस्तेमाल करते रहना चाहिए. उन्होंने साफ किया कि पड़ोसी देशों के प्रति ईरान की नीति सहयोग की बनी हुई है. बयान के अनुसार, ईरान क्षेत्रीय देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों का समर्थन करता है, लेकिन उन्हें अमेरिकी सेनाओं की मेजबानी के खिलाफ चेतावनी भी देता है.

हर मौत का बदला लेगा ईरान: खामेनेई
ईरान के नए नेता ने कहा कि तेहरान अपने नागरिकों की हत्या का बदला लेने में जरा भी संकोच नहीं करेगा. उन्होंने दक्षिणी ईरानी शहर मीनाब में हुए हमले का जिक्र किया, जहां युद्ध के पहले ही दिन मिसाइल हमले में एक लड़कियों का स्कूल तबाह कर दिया गया. उन्होंने कहा,’ हम किसी की शहादत नहीं भूलेंगे. हम हर मौत का बदला लेंगे हम अपने शहीदों के खून को व्यर्थ नहीं जाने देंगे.’

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल की सुपुत्री सुरभि खण्डेलवाल के निधन पर मंत्रीगण, सांसद, जिलाध्यक्ष, विधायक, महापौर, जिला पदाधिकारियों ने किया शोक व्यक्त

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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल की सुपुत्री सुरभि खण्डेलवाल के निधन पर मंत्रीगण, सांसद, जिलाध्यक्ष, विधायक, महापौर, जिला पदाधिकारियों ने किया शोक व्यक्त

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के भोपाल जिलाध्यक्ष रविन्द्र यति ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खण्डेलवाल की सुपुत्री सुरभि खण्डेलवाल का बुधवार को दुखद निधन हो गया। वे एक स्पेशल चाइल्ड थीं और लंबे समय से अस्वस्थ चल रही थीं। सुरभि खण्डेलवाल के निधन पर मंत्रीगण, सांसद, विधायक, महापौर, जिला पदाधिकारियों ने शोक व्यक्त किया।
प्रदेश शासन के मंत्री, सांसद, भोपाल जिलाध्यक्ष विधायक, महापौर, भोपाल जिला संगठन प्रभारी एवं जिला पदाधिकारियों ने सुरभि खण्डेलवाल के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि बीमारी के कारण उनका असमय निधन अत्यंत पीड़ादायक है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने तथा शोक संतप्त परिवार को इस गहन दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में पूरा भाजपा परिवार प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल और उनके परिवार के साथ है।

कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति पूर्णतः बंद करना गलत, व्यापारियों को राहत दी जाए : कैट

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कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति पूर्णतः बंद करना गलत, व्यापारियों को राहत दी जाए : कैट
भोपाल। होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट एवं केटरिंग व्यवसाय से जुड़े व्यापारियों की ओर से कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों के ऑर्डर पर लगी रोक को लेकर आज भोपाल कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। इस अवसर पर होटल इंडस्ट्री से तेजकुल पाल सिंह पाली (पूर्व चैम्बर अध्यक्ष) तथा मुरली हरवानी (मनोहर डेयरी) एवं धर्मेंद्र शर्मा जिला अध्यक्ष कैट भोपाल, पंकज जी गागर स्वीट, संजय अग्रवाल ब्रजवासी स्वीट, आशीष जी छप्पन भोग, मोहन जी घंटा वाला स्वीट सहित व्यापार जगत के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। यह ज्ञापन संपूर्ण होटल व्यवसाय एवं व्यापारी वर्ग की ओर से प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

इस संबंध में कैट (कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स) ने कहा कि कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के ऑर्डर पर लगी रोक के कारण भोपाल शहर में संचालित होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट तथा केटरिंग व्यवसाय से जुड़े हजारों छोटे व्यापारियों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कॉमर्शियल गैस सिलेंडर इन व्यवसायों के संचालन का मुख्य आधार है और इसकी आपूर्ति बाधित होने से उनके दैनिक कार्य पूरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।

धर्मेन्द्र शर्मा ने बताया कि वर्तमान समय में विवाह समारोहों एवं अन्य सामाजिक आयोजनों का दौर चल रहा है। ऐसे में केटरिंग सेवाओं और बड़े आयोजनों में कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की आवश्यकता अत्यधिक होती है। सिलेंडरों की उपलब्धता प्रभावित होने से न केवल व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है बल्कि आम नागरिकों को भी विवाह एवं अन्य कार्यक्रमों के आयोजन में असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि शहर में बड़ी संख्या में मजदूर, कामगार, छात्र एवं अन्य नागरिक अपने दैनिक भोजन के लिए होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट पर निर्भर रहते हैं। गैस सिलेंडर की आपूर्ति बाधित होने से इन प्रतिष्ठानों के संचालन में गंभीर व्यवधान उत्पन्न हो रहा है, जिससे आम लोगों के सामने भोजन की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है। इसलिए इस विषय पर मानवीय एवं सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण से विचार किया जाना आवश्यक है।

व्यापारियों ने प्रशासन से आग्रह किया कि यदि किसी प्रशासनिक अथवा तकनीकी कारणवश कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों के ऑर्डर को तत्काल पूर्ण रूप से बहाल करना संभव न हो, तो भी पूर्ण प्रतिबंध के स्थान पर सीमित अथवा निर्धारित मात्रा में कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति की व्यवस्था की जाए, ताकि होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट एवं केटरिंग व्यवसाय से जुड़े व्यापारी अपने व्यवसाय को न्यूनतम स्तर पर ही सही, परंतु संचालित रख सकें। अन्यथा सिलेंडरों की पूर्ण अनुपलब्धता की स्थिति में यह पूरा व्यवसाय ठप होने की आशंका है, जिससे हजारों लोगों की आजीविका प्रभावित हो सकती है।

अतः व्यापारियों ने जिला प्रशासन से इस गंभीर विषय पर शीघ्र संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश देने तथा कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति यथाशीघ्र सुचारु कराने अथवा न्यूनतम आवश्यक मात्रा में उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि व्यापारियों, कामगारों एवं आम नागरिकों को राहत मिल सके।