Home Blog

जनता दर्शन में सीएम योगी ने सुनीं 200 फरियादें, अधिकारियों को दिए त्वरित समाधान के निर्देश

0

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन कार्यक्रम में करीब 200 फरियादियों की समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने एक-एक कर लोगों से उनकी शिकायतों और समस्याओं की जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को उनके शीघ्र और प्रभावी समाधान के निर्देश दिए।

सीएम योगी ने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी तरह की लापरवाही या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक फरियादी की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए समयबद्ध तरीके से उसका निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

जनता दर्शन में बड़ी संख्या में लोग अपनी विभिन्न समस्याएं लेकर पहुंचे। इनमें जमीन और राजस्व विवाद, आर्थिक सहायता, इलाज, पुलिस-प्रशासन से जुड़ी शिकायतों समेत अन्य मामले शामिल रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में किसी प्रकार की बाधा न आने पाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ लोगों की बात सुनने और शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

कजरी तीज पर व्रत रखने से पहले जान लें ये जरूरी नियम, इन महिलाओं को उपवास से बचना चाहिए

0

हिंदू धर्म में कजरी तीज का विशेष महत्व माना जाता है। यह पर्व भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। इस साल कजरी तीज का व्रत 31 अगस्त 2026, सोमवार को रखा जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विवाहित महिलाएं पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी दांपत्य जीवन की कामना से यह व्रत रखती हैं। वहीं, कई स्थानों पर अविवाहित कन्याएं भी अच्छे जीवनसाथी की कामना से यह व्रत करती हैं।

किन महिलाओं को कजरी तीज का व्रत नहीं रखना चाहिए?
कजरी तीज का व्रत कई जगह निर्जला रखने की परंपरा से जुड़ा है। ऐसे में हर महिला के लिए लंबे समय तक बिना पानी और भोजन के रहना उचित नहीं माना जाता। खासकर गर्भवती महिलाओं, गंभीर स्वास्थ्य समस्या से जूझ रही महिलाओं, कमजोरी या डिहाइड्रेशन की समस्या वाली महिलाओं को निर्जला व्रत रखने से बचना चाहिए। स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर अपनी क्षमता के अनुसार ही व्रत रखने की सलाह दी जाती है।

इसके अलावा जो महिलाएं नियमित रूप से ऐसी दवाएं लेती हैं जिन्हें भोजन या पर्याप्त पानी के साथ लेना जरूरी है, उन्हें भी बिना चिकित्सकीय सलाह के निर्जला उपवास नहीं करना चाहिए।

क्या कुंवारी लड़कियां रख सकती हैं व्रत?
कजरी तीज केवल सुहागिन महिलाओं तक सीमित नहीं मानी जाती। धार्मिक परंपराओं के अनुसार अविवाहित कन्याएं भी भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कर मनचाहे जीवनसाथी की कामना से यह व्रत कर सकती हैं। हालांकि उनके लिए निर्जला व्रत रखना अनिवार्य नहीं माना जाता और कई स्थानों पर फलाहार के साथ व्रत करने की परंपरा है।

कजरी तीज पर इन नियमों का रखें ध्यान
व्रत रखने वाली महिलाओं को सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनने और व्रत का संकल्प लेने की परंपरा है। इसके बाद भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। शिवलिंग पर जल और बेलपत्र अर्पित किए जाते हैं, जबकि माता पार्वती को श्रृंगार सामग्री चढ़ाना शुभ माना जाता है। पूजा के बाद कजरी तीज की कथा सुनने और आरती करने की परंपरा भी है।

धार्मिक मान्यताओं में व्रत का उद्देश्य श्रद्धा और भक्ति माना गया है। इसलिए स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाकर व्रत करना आवश्यक नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में चिकित्सकीय सलाह को प्राथमिकता देना उचित रहेगा।

नोट: कजरी तीज से जुड़े नियम और परंपराएं अलग-अलग क्षेत्रों में भिन्न हो सकती हैं। ऊपर दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और उपलब्ध पंचांग संबंधी जानकारियों पर आधारित है।

सौरव गांगुली के परिवार को धमकी भरा पत्र मिलने से मचा हड़कंप, जांच में जुटी पुलिस

0

पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान सौरव गांगुली और उनकी पत्नी डोना गांगुली को कथित तौर पर धमकी भरा पत्र मिलने से हड़कंप मच गया है। पत्र में कथित रूप से पूरे परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई है। घटना के सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, धमकी भरे पत्र में सौरव गांगुली और उनके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की बात कही गई है। मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई गई है और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।

घटना के बाद गांगुली परिवार की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ाए जाने की संभावना है। पुलिस पत्र की सत्यता, उसे भेजने वाले व्यक्ति और धमकी के पीछे की वजह का पता लगाने में जुटी है।

फिलहाल मामले की जांच जारी है और धमकी से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस की आधिकारिक जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

रांची में देर रात छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का आरोप, घायल प्रदर्शनकारियों की तस्वीरें सामने आईं

0

रांची में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान देर रात पुलिस कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। प्रदर्शन से सामने आई तस्वीरों में कुछ छात्रों के चेहरे और सिर पर चोट के निशान दिखाई दे रहे हैं। छात्रों ने पुलिस पर कार्रवाई के दौरान कथित बर्बरता का आरोप लगाया है।

प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि अपनी मांगों को लेकर वे शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें हटाने के लिए कार्रवाई की, जिसमें कई छात्रों के घायल होने का दावा किया गया है।

घटना के बाद प्रदर्शनकारियों में नाराजगी देखी जा रही है। छात्रों ने कार्रवाई की जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग उठाई है। वहीं, प्रशासन की ओर से पूरे घटनाक्रम को लेकर स्थिति स्पष्ट किए जाने का इंतजार है।

फिलहाल पुलिस कार्रवाई और छात्रों के घायल होने को लेकर सामने आए दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। मामले में प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।

जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण पर सरकार का फोकस, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश

0

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की जनता की समस्याओं का समयबद्ध और प्रभावी समाधान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार का उद्देश्य है कि आमजन को अपनी शिकायतों के निराकरण के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े और उन्हें शासन की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ आसानी से मिले।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसमस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उनका प्राथमिकता के आधार पर निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन और जनता के बीच बेहतर संवाद से समस्याओं का समाधान अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आम नागरिकों की शिकायतों पर संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करें और लंबित मामलों के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना और जनकल्याण को प्राथमिकता देना शासन की जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन का वास्तविक उद्देश्य जनता को राहत देना और उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रशासन उपलब्ध कराना है।

कहीं कम बारिश तो कहीं बाढ़ का खतरा, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों से लिया अपडेट

0

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश के कुछ जिलों में कम वर्षा और कुछ जिलों में बाढ़ की संभावित स्थिति को लेकर समीक्षा बैठक की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से जिलों में बारिश की स्थिति, जलभराव, नदी-नालों के जलस्तर और संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कम वर्षा वाले क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। वहीं, जिन जिलों में अधिक बारिश के कारण बाढ़ की आशंका है, वहां प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट रहने और राहत एवं बचाव की तैयारियां मजबूत रखने के निर्देश दिए गए।

डॉ. यादव ने कहा कि अतिवृष्टि या बाढ़ की स्थिति में आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता, जल निकासी की व्यवस्था तथा संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से मौसम की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश भी दिए।

अब 40 वर्ष से अधिक उम्र की अविवाहित महिलाओं को भी मिल सकती है आर्थिक मदद, योजना में बदलाव की तैयारी

0

छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना से जुड़ा एक बड़ा अपडेट सामने आया है। राज्य सरकार योजना का दायरा बढ़ाने की तैयारी कर रही है। इसके तहत 40 वर्ष से अधिक उम्र की अविवाहित महिलाओं को भी योजना का लाभ देने पर विचार किया जा रहा है।

सरकार करा रही सर्वे
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस प्रस्ताव को लेकर राज्य में ऐसी महिलाओं का सर्वे कराया जा रहा है, जो 40 वर्ष से अधिक उम्र की हैं और अविवाहित हैं। सर्वे के आंकड़ों के आधार पर योजना में इन्हें शामिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है।

फिलहाल विवाहित महिलाओं को मिलता है लाभ
महतारी वंदन योजना के मौजूदा प्रावधानों के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि सीधे बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाती है। योजना के आधिकारिक पोर्टल पर भी वर्तमान में विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की वित्तीय सहायता दिए जाने की जानकारी दी गई है।

नए बदलाव से किसे होगा फायदा?
यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो 40 वर्ष से अधिक उम्र की अविवाहित महिलाओं को भी आर्थिक सहायता के दायरे में लाया जा सकता है। इससे ऐसी महिलाओं को आर्थिक रूप से सहारा मिलने की उम्मीद है, जो वर्तमान पात्रता व्यवस्था के कारण योजना से बाहर हैं।

हालांकि, अविवाहित महिलाओं के लिए अंतिम पात्रता शर्तें, आवेदन प्रक्रिया और रजिस्ट्रेशन की तारीख की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। इसलिए लाभार्थियों को सरकार या महिला एवं बाल विकास विभाग की आधिकारिक सूचना का इंतजार करना चाहिए।

कोलंबिया में भूकंप का कहर, 7.4 तीव्रता के झटकों से मची तबाही; 47 की मौत

0

कोलंबिया में सोमवार को आए 7.4 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचा दी। पश्चिमी कोलंबिया के कई शहरों में इमारतें भरभराकर गिर गईं, जबकि बड़ी संख्या में लोग मलबे में फंस गए। अधिकारियों के मुताबिक, कम से कम 47 लोगों की मौत हो चुकी है और कई अन्य घायल हैं। राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है।

भूकंप का केंद्र चोको क्षेत्र में सैन जोस डेल पालमार के पास बताया गया है। तेज झटकों का असर कोलंबिया के कई हिस्सों में महसूस किया गया और पड़ोसी देशों तक भी कंपन पहुंची। कैलि, पेरेरा, मनीजालेस और क्विब्दो जैसे शहरों में कई इमारतों को गंभीर नुकसान पहुंचा है।

मलबे में फंसे लोगों की तलाश जारी
भूकंप के बाद कई इलाकों में लोग घरों और इमारतों से बाहर निकलकर सड़कों पर आ गए। कैलि में कई ढांचे ढहने की खबर है और मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए बचाव दल जुटे हुए हैं। प्रशासन ने संभावित आफ्टरशॉक्स को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

कई शहरों में भारी नुकसान
पेरेरा में बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है, जबकि मनीजालेस में ऐतिहासिक कैथेड्रल समेत कई इमारतों को नुकसान पहुंचा है। भूकंप के कारण कुछ हवाई अड्डों का संचालन भी सुरक्षा जांच के लिए अस्थायी रूप से रोका गया। अधिकारियों के अनुसार, नुकसान का आकलन और राहत कार्य अभी जारी है, इसलिए मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।

डाक कांवड़ को लेकर हरिद्वार में बढ़ी सुरक्षा, 500 CCTV कैमरों से होगी निगरानी

0

हरिद्वार में डाक कांवड़ यात्रा का दूसरा चरण शुरू हो गया है। सावन के पावन अवसर पर बड़ी संख्या में कांवड़िए गंगाजल लेने के लिए हरिद्वार पहुंच रहे हैं। डाक कांवड़ के दूसरे चरण में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है।

यात्रा मार्ग और प्रमुख स्थानों पर करीब 500 CCTV कैमरों के जरिए निगरानी की जा रही है। इन कैमरों की मदद से पुलिस भीड़ की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ-साथ यातायात व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को भी लगातार मॉनिटर कर रही है।

डाक कांवड़ के चलते हरिद्वार के प्रमुख घाटों, बाजारों, पार्किंग क्षेत्रों और कांवड़ मार्गों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। पुलिस ने संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त जवानों की तैनाती की है।

प्रशासन की ओर से कांवड़ियों से निर्धारित मार्गों का पालन करने और सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की गई है। वहीं, यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं।

अधिकारियों का कहना है कि डाक कांवड़ के दूसरे चरण के दौरान भीड़ और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में CCTV निगरानी, पुलिस बल की तैनाती और यातायात प्रबंधन के जरिए यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

टीम इंडिया में ‘इंजरी क्राइसिस’, श्रीलंका टेस्ट से पहले कई खिलाड़ी बाहर

0

श्रीलंका के खिलाफ 15 अगस्त से शुरू होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज से पहले टीम इंडिया की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। लगातार खिलाड़ियों के चोटिल होने से भारतीय टीम का संतुलन प्रभावित हुआ है और अब BCCI की नजर खिलाड़ियों की फिटनेस तथा मेडिकल मैनेजमेंट पर है।

सबसे बड़ा झटका तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के रूप में लगा है। बाएं घुटने की परेशानी के कारण वह श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से बाहर हो चुके हैं। उनकी जगह जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज औकिब नबी को पहली बार भारतीय टेस्ट टीम में शामिल किया गया है।

वहीं, साई सुदर्शन भी पैर की चोट के कारण सीरीज से बाहर हो गए हैं। उनकी जगह सरफराज खान को टीम में शामिल किया गया है। सुदर्शन के दाएं पैर के अंगूठे में स्ट्रेस रिएक्शन की समस्या बताई गई है।

चिंता यहीं खत्म नहीं हुई। वॉशिंगटन सुंदर, हर्षित राणा, नितीश कुमार रेड्डी और आकाश दीप जैसे खिलाड़ियों की फिटनेस भी चोटों के कारण प्रभावित हुई है। ऐसे में टीम मैनेजमेंट के सामने उपलब्ध खिलाड़ियों से मजबूत प्लेइंग-11 तैयार करने की चुनौती है।

इसी बीच कप्तान शुभमन गिल को भी अभ्यास के दौरान दाएं हाथ की रिंग फिंगर में चोट लगी थी। हालांकि मेडिकल टीम उनकी स्थिति पर नजर रख रही है और हालिया अपडेट के मुताबिक वह फिट होकर अभ्यास मैच में वापसी कर चुके हैं।

लगातार बढ़ती चोटों के बीच BCCI ने फिटनेस व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। रिपोर्टों के मुताबिक बोर्ड खिलाड़ियों के फिटनेस आकलन को ज्यादा मानकीकृत करने के लिए नए बेसलाइन टेस्ट लागू करने की दिशा में काम कर रहा है। साथ ही BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण से भी मुलाकात की है।

श्रीलंका के खिलाफ पहला टेस्ट 15 अगस्त से गॉल में खेला जाएगा। चोटों के इस दौर में भारतीय टीम के लिए फिटनेस मैनेजमेंट और उपलब्ध खिलाड़ियों का सही इस्तेमाल सीरीज से पहले सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गया है।