Home Blog Page 2

दुनिया भारत को उम्मीद और विकास की नई किरण के रूप में देख रही: PM मोदी

0

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच दुनिया भारत को विकास और उम्मीद के एक ‘ब्राइट स्पॉट’ के रूप में देख रही है। उन्होंने शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित Economic Times World Leaders Forum 2026 को संबोधित करते हुए भारत की आर्थिक प्रगति और सरकार की सुधार नीतियों पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया इस समय विकास को लेकर चिंताओं, संसाधनों के हथियारीकरण और देशों के बीच बढ़ते अविश्वास जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे माहौल में भारत लगातार विकास की गति बनाए रखने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में सुधारों को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि सुधार सरकार के लिए मजबूरी नहीं, बल्कि प्रतिबद्धता हैं।

‘लाइसेंस राज’ से प्रोत्साहन आधारित व्यवस्था तक

पीएम मोदी ने कहा कि भारत की आर्थिक नीतियों में बड़ा बदलाव आया है। उनके मुताबिक, पहले उत्पादन बढ़ाने पर दंडात्मक व्यवस्था का प्रभाव था, जबकि अब Production Linked Incentive (PLI) जैसी योजनाओं के जरिए अधिक उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

उन्होंने नियामकीय व्यवस्था में भी बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार का दृष्टिकोण अब ‘prohibited unless permitted’ से बदलकर ‘permitted unless prohibited’ की दिशा में जा रहा है। इसका उद्देश्य कारोबार और निवेश के लिए अधिक अनुकूल वातावरण तैयार करना है।

राजनीतिक स्थिरता और नीतियों की निरंतरता पर जोर

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में राजनीतिक स्थिरता और नीतियों की निरंतरता ने देश को वैश्विक स्तर पर भरोसेमंद आर्थिक साझेदार के रूप में स्थापित करने में मदद की है। उन्होंने कहा कि भारत अगले दौर के सुधारों के साथ विकास, रोजगार और अवसरों को बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

पीएम मोदी ने यह भी कहा कि दुनिया का भविष्य एक-दूसरे से जुड़ा हुआ है। भारत की G20 अध्यक्षता के दौरान ‘One Earth, One Family, One Future’ का मंत्र इसी साझा भविष्य की भावना को दर्शाता है। उन्होंने वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए सहयोग और साझा जिम्मेदारी को जरूरी बताया।

32 IAS अधिकारियों का ट्रांसफर, जिला पंचायत CEO से नगर निगम आयुक्त तक बदले

0

भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 32 IAS अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापना के आदेश जारी किए। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) की ओर से जारी आदेश में जिला पंचायत CEO, नगर निगम आयुक्त, अपर कलेक्टर और मंत्रालय में उप सचिव स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है।

ग्वालियर और सतना को मिले नए नगर निगम आयुक्त

तबादला सूची में अभिषेक चौधरी को ग्वालियर नगर निगम का आयुक्त बनाया गया है। वहीं, डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा को सतना नगर निगम आयुक्त की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नागार्जुन गौड़ा सतना स्मार्ट सिटी के CEO का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे।

कई जिलों के जिला पंचायत CEO बदले

फेरबदल के तहत कई जिलों के जिला पंचायत CEO भी बदले गए हैं। संघ प्रिय को सिंगरौली जिला पंचायत का CEO बनाया गया है, जबकि जगदीश कुमार गोमे को सागर जिला पंचायत CEO की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, नवीन कुमार धुर्वे को देवास जिला पंचायत CEO और सृष्टि देशमुख गौड़ा को रीवा जिला पंचायत CEO बनाया गया है।

मंत्रालय और नगरीय प्रशासन में भी बदलाव

तबादला सूची में कई अधिकारियों को मंत्रालय में उप सचिव के पद पर नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। संजना जैन को जल संसाधन विभाग में उप सचिव बनाया गया है। वहीं, अभिषेक सराफ को नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग में अतिरिक्त आयुक्त की जिम्मेदारी मिली है।

2024 बैच के अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारी

प्रशासनिक फेरबदल में 2024 बैच के अधिकारियों को भी अलग-अलग जिलों में SDO (राजस्व) की जिम्मेदारी दी गई है। इनमें बीना, बैहर, मझौली, कुक्षी, देवसर, बिछिया, शाहपुरा, बिजावर और डबरा जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

सरकार के इस व्यापक प्रशासनिक फेरबदल से प्रदेश के कई जिलों और नगरीय निकायों में प्रशासनिक नेतृत्व में बदलाव हुआ है। नई पदस्थापनाओं के बाद संबंधित अधिकारियों के जल्द कार्यभार संभालने की उम्मीद है।

यूपी में जापान का बड़ा निवेश, 600 करोड़ रुपये की परियोजनाओं से बढ़ेंगे उद्योग और रोजगार

0

उत्तर प्रदेश में जापानी निवेश को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में आयोजित UP-Japan Investment Meet 2026 में जापानी कंपनियों की ओर से उत्तर प्रदेश में करीब 600 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की गई। इस साझेदारी को राज्य में औद्योगिक विकास, तकनीक और रोजगार के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश और जापान के संबंध अब केवल निवेश तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि यह दीर्घकालिक और भरोसे पर आधारित औद्योगिक साझेदारी के रूप में आगे बढ़ेंगे। उन्होंने जापानी कंपनियों को उत्तर प्रदेश में निवेश, विनिर्माण और तकनीकी सहयोग के लिए आमंत्रित किया।

ग्रीन हाइड्रोजन समेत कई क्षेत्रों में सहयोग

यूपी-जापान साझेदारी के तहत ग्रीन हाइड्रोजन, मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल, नवीकरणीय ऊर्जा, तकनीक और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। जापानी प्रतिनिधिमंडल और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच इन क्षेत्रों में निवेश तथा दीर्घकालिक परियोजनाओं को लेकर चर्चा हुई है।

200 से अधिक जापानी उद्योगपति हुए शामिल

UP-Japan Investment Meet 2026 में जापान के 200 से अधिक CEO, उद्योगपति, निवेशक और नीति-निर्माता शामिल हुए। प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली, नोएडा, आगरा, लखनऊ और वाराणसी में विभिन्न स्तरों पर सरकारी और कारोबारी बैठकों में हिस्सा लिया।

निवेश से रोजगार को मिलेगी रफ्तार

जापानी निवेश से उत्तर प्रदेश में नई औद्योगिक इकाइयों के साथ रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी जोर दिया कि इस साझेदारी का उद्देश्य केवल निवेश आकर्षित करना नहीं, बल्कि नई तकनीक, बेहतर कौशल, वैश्विक स्तर के उत्पाद और बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करना है।

यूपी सरकार जापान के साथ इस साझेदारी को राज्य की औद्योगिक अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रही है।

ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं पर योगी सरकार की सख्ती, बिना वजह पिकअप कैंसिल करने पर ₹100 जुर्माना

0

उत्तर प्रदेश में ऐप आधारित टैक्सी और कैब सेवाओं को लेकर योगी सरकार ने यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सख्ती बढ़ा दी है। नई व्यवस्था के तहत यदि कोई बुकिंग ऐप कंपनी बिना उचित कारण के यात्री का पिकअप रद्द करती है, तो उस पर ₹100 का जुर्माना लगाया जाएगा।

यात्रियों को बार-बार कैंसिलेशन से मिलेगी राहत

सरकार के इस फैसले का उद्देश्य ऐप आधारित कैब सेवाओं में यात्रियों को होने वाली परेशानियों को कम करना है। कई बार बुकिंग स्वीकार करने के बाद ड्राइवर या कंपनी की ओर से बिना स्पष्ट वजह पिकअप कैंसिल कर दिया जाता है। इससे यात्रियों को दोबारा कैब बुक करनी पड़ती है और समय के साथ-साथ अतिरिक्त किराये का भी सामना करना पड़ सकता है।

किराये में मनमानी पर भी नजर

नई नीति में केवल कैंसिलेशन ही नहीं, बल्कि किराये में मनमानी बढ़ोतरी और अनुचित व्यवहार पर भी नियंत्रण की व्यवस्था की गई है। सरकार का जोर है कि ऐप आधारित परिवहन सेवाएं पारदर्शी तरीके से संचालित हों और यात्रियों को बुकिंग के समय स्पष्ट जानकारी उपलब्ध हो।

यात्रियों के अधिकारों की सुरक्षा पर जोर

योगी सरकार का कहना है कि परिवहन सेवाओं में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। नई व्यवस्था से कैब कंपनियों की जवाबदेही बढ़ने और यात्रियों को बेहतर सेवा मिलने की उम्मीद है।

सरकार के इस कदम को प्रदेश में ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं को अधिक जवाबदेह और यात्री-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

उमरिया में सात दिन से झमाझम बारिश, किसानों के चेहरे खिले; खरीफ फसलों को मिली राहत

0

उमरिया: मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में पिछले करीब सात दिनों से मानसून सक्रिय है। जिले के कई इलाकों में रुक-रुककर और कुछ स्थानों पर तेज बारिश का दौर जारी है। लगातार बारिश से जहां नदी-नाले उफान पर हैं और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन रही है, वहीं खेती-किसानी के लिए बारिश राहत लेकर आई है।

खेतों में बढ़ी नमी, किसानों को राहत
बारिश का सबसे सकारात्मक असर खरीफ फसलों पर दिखाई दे रहा है। खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचने से किसानों की चिंता काफी हद तक दूर हुई है। किसानों को उम्मीद है कि यदि बारिश का सिलसिला इसी तरह बना रहा तो फसलों की स्थिति बेहतर होगी और कृषि उत्पादन के लिए परिस्थितियां अनुकूल रहेंगी।

नदी-नाले उफान पर
लगातार बारिश के कारण जिले की छोटी-बड़ी जलधाराओं में पानी का बहाव तेज हो गया है। कई नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से कुछ स्थानों पर आवागमन प्रभावित होने की आशंका है। प्रशासन की ओर से निचले इलाकों और जलस्रोतों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

जोहिला डैम के जलस्तर पर नजर
बारिश के चलते जलाशयों और बांधों में पानी की आवक भी बढ़ी है। जोहिला डैम के जलस्तर की निगरानी की जा रही है। जलस्तर बढ़ने पर गेट खोलकर पानी छोड़े जाने को लेकर भी प्रशासन सतर्क है, ताकि आसपास के इलाकों में अचानक जलभराव या बाढ़ की स्थिति न बने।

किसानों को अच्छी पैदावार की उम्मीद
लगातार बारिश से किसानों को इस खरीफ सीजन में बेहतर उत्पादन की उम्मीद जगी है। हालांकि, अत्यधिक बारिश भी फसलों के लिए नुकसानदायक हो सकती है। इसलिए खेतों में जलनिकासी और मौसम की स्थिति पर नजर रखना जरूरी है।

फिलहाल उमरिया में बारिश ने किसानों को राहत दी है। खेती के लिए पर्याप्त नमी मिलने से किसानों के चेहरों पर रौनक लौट आई है, जबकि प्रशासन नदी-नालों, बांधों और निचले इलाकों की स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए है।

दिल्ली के करोल बाग में हादसा, निर्माणाधीन इमारत का हिस्सा ढहा; एक की मौत

0

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के करोल बाग इलाके में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। रेगरपुरा स्थित प्यारे लाल रोड पर एक पुरानी दो मंजिला इमारत को गिराने के दौरान उसका एक बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर ढह गया। हादसे में मलबे में दबने से एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए।

 

डेमोलिशन के दौरान हुआ हादसा

जानकारी के मुताबिक, इमारत में डेमोलिशन का काम एक निजी ठेकेदार की देखरेख में चल रहा था। इसी दौरान अचानक इमारत का हिस्सा गिर गया और वहां काम कर रहे मजदूर मलबे में फंस गए। सूचना मिलते ही पुलिस और दिल्ली फायर सर्विस की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।

 

एक मजदूर की मौत, तीन घायल

हादसे में एक मजदूर की मलबे में दबने से मौत हो गई। तीन अन्य मजदूर घायल हुए हैं, जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।

 

बिना अनुमति डेमोलिशन का आरोप

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि इमारत को गिराने के लिए संबंधित एजेंसी से अनुमति नहीं ली गई थी। पुलिस ने इमारत के मालिकों और ठेकेदार से पूछताछ शुरू कर दी है। हादसे के कारणों और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की जांच की जा रही है।

 

घटना ने राजधानी में पुराने भवनों के डेमोलिशन के दौरान सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

DPL में युवा बल्लेबाज सांसद पप्पू यादव के बेटे ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की

0

दिल्ली प्रीमियर लीग (DPL) में एक बार फिर युवा बल्लेबाज ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से क्रिकेट प्रशंसकों का ध्यान खींचा। सांसद पप्पू यादव के बेटे ने मुकाबले में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए लगातार बड़े शॉट लगाए और अपनी टीम के लिए अहम पारी खेली।

मैच के दौरान उनकी बल्लेबाजी का अंदाज बेहद आक्रामक रहा। गेंदबाजों पर दबाव बनाते हुए उन्होंने कई गेंदों को बाउंड्री के पार पहुंचाया। उनकी पारी में लगातार छक्कों की झड़ी देखने को मिली, जिसके बाद मैदान पर मौजूद दर्शकों में खासा उत्साह नजर आया।

युवा बल्लेबाज ने पारी के दौरान अपनी टाइमिंग और शॉट चयन से प्रभावित किया। उन्होंने तेज रन गति बनाए रखी और टीम के स्कोर को मजबूत स्थिति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी इस पारी की चर्चा सोशल मीडिया पर भी होने लगी।

DPL में इससे पहले भी वह अपनी बल्लेबाजी से सुर्खियां बटोर चुके हैं। लगातार प्रभावी प्रदर्शन के बाद क्रिकेट प्रशंसकों की नजर अब उनके आगामी मुकाबलों पर टिकी है। अगर उनका शानदार फॉर्म जारी रहता है तो टूर्नामेंट में उनकी टीम को इसका बड़ा फायदा मिल सकता है।

युवा खिलाड़ी की आक्रामक बल्लेबाजी ने एक बार फिर साबित किया कि घरेलू क्रिकेट में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कोई कमी नहीं है। DPL जैसे मंच युवा क्रिकेटरों को अपनी प्रतिभा दिखाने और आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान कर रहे हैं।

मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने का खास दिन, जानें वरलक्ष्मी व्रत की तारीख और पूजा विधि

0

हिंदू धर्म में वरलक्ष्मी व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। यह व्रत माता लक्ष्मी के वरलक्ष्मी स्वरूप को समर्पित होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन विधि-विधान से पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि, धन-धान्य और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। वर्ष 2026 में वरलक्ष्मी व्रत 28 अगस्त, शुक्रवार को रखा जाएगा। यह व्रत श्रावण शुक्ल पक्ष के अंतिम शुक्रवार को मनाया जाता है।

वरलक्ष्मी व्रत 2026 की तारीख
इस साल वरलक्ष्मी व्रत 28 अगस्त 2026 को रखा जाएगा। दक्षिण भारत में इस पर्व को विशेष श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। व्रत के दिन महिलाएं माता लक्ष्मी की पूजा कर परिवार की सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं।

वरलक्ष्मी पूजा का शुभ समय
पूजा का सबसे सही समय स्थानीय पंचांग और स्थान के अनुसार निर्धारित किया जाता है। इसलिए पूजा का मुहूर्त अपने शहर के सूर्योदय और तिथि के आधार पर देखना उचित माना जाता है। वरलक्ष्मी व्रत श्रावण शुक्ल पक्ष के अंतिम शुक्रवार को पड़ता है।

वरलक्ष्मी व्रत की पूजा विधि
सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें और पूजा स्थल को साफ करें। इसके बाद चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर कलश स्थापित करें। कलश में जल भरकर उसमें अक्षत, सुपारी और सिक्का डालें तथा आम के पत्ते लगाकर ऊपर नारियल रखें।

इसके बाद कलश को माता लक्ष्मी के स्वरूप के रूप में सजाएं। माता लक्ष्मी की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक जलाएं और उन्हें फूल, अक्षत, रोली, कुमकुम, फल और मिठाई अर्पित करें। इसके बाद लक्ष्मी मंत्र का जाप करें और वरलक्ष्मी व्रत की कथा का श्रवण या पाठ करें।

पूजा के अंत में माता लक्ष्मी की आरती करें और परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें। धार्मिक परंपराओं में कलश, नारियल और आम के पत्तों से पूजा करने को वरलक्ष्मी पूजन का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।

इन बातों का रखें ध्यान
वरलक्ष्मी व्रत के दौरान श्रद्धालुओं को सात्विक भोजन, संयम और शुद्धता का पालन करना चाहिए। पूजा में मन को शांत रखते हुए माता लक्ष्मी का ध्यान करना चाहिए। व्रत रखने की क्षमता व्यक्ति की सेहत और व्यक्तिगत परिस्थितियों पर निर्भर करती है, इसलिए स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर कठोर उपवास से बचना उचित है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, वरलक्ष्मी व्रत श्रद्धा और विधि-विधान से करने पर माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और परिवार में सुख, शांति एवं समृद्धि बनी रहती है।

त्योहारों से पहले महंगी हुई चीनी, कीमत में करीब 20% का उछाल

0

त्योहारी सीजन से पहले चीनी की कीमतों में तेज उछाल ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले करीब 12 दिनों में खुदरा बाजार में चीनी का भाव लगभग ₹52 से बढ़कर ₹62 प्रति किलो तक पहुंच गया है, यानी कीमत में करीब 19-21 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

थोक बाजार में भी रिकॉर्ड तेजी
चीनी के थोक भाव में भी जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है। उत्तर प्रदेश में एक्स-फैक्ट्री कीमतें ₹5,400 प्रति क्विंटल के पार पहुंच गई हैं, जबकि दिल्ली और मुजफ्फरनगर जैसे प्रमुख बाजारों में थोक भाव करीब ₹5,800 और ₹5,754 प्रति क्विंटल तक बताए जा रहे हैं।

हालांकि, सरकारी मूल्य निगरानी के आंकड़ों के अनुसार देश में चीनी का औसत खुदरा भाव करीब ₹51.68 प्रति किलो है। अलग-अलग शहरों और बाजारों में स्थानीय मांग और आपूर्ति के कारण वास्तविक खुदरा कीमत इससे अधिक हो सकती है।

आखिर क्यों बढ़ रहे हैं चीनी के दाम?
चीनी की कीमतों में तेजी के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। त्योहारी सीजन से पहले मांग बढ़ रही है, जबकि घरेलू बाजार में उपलब्धता को लेकर दबाव बना हुआ है। कम उत्पादन, गन्ने की उपलब्धता और एथेनॉल उत्पादन की ओर गन्ने के इस्तेमाल जैसे कारकों ने भी बाजार को प्रभावित किया है।

आने वाले महीनों में गणेश चतुर्थी, दशहरा और दिवाली जैसे त्योहारों के कारण चीनी की मांग और बढ़ने की संभावना है। इसी वजह से कीमतों पर दबाव बना हुआ है।

सरकार ने उठाए कदम
बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने चीनी के स्टॉक को लेकर नियम और सख्त किए हैं। 1 सितंबर से 30 नवंबर तक प्रति माह 10 मीट्रिक टन से अधिक चीनी का इस्तेमाल करने वाले थोक उपभोक्ताओं के लिए स्टॉक सीमा 15 दिनों की खपत तक निर्धारित की गई है।

इसके अलावा सरकार रिकॉर्ड कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सीमित शुल्क-मुक्त चीनी आयात और अन्य उपायों पर भी विचार कर रही है।

ऐसे में आने वाले दिनों में सरकार के फैसलों और बाजार में चीनी की उपलब्धता पर कीमतों की दिशा काफी हद तक निर्भर करेगी।

NCERT की पॉलिटिकल साइंस की किताबों को अपडेट करने की तैयारी शुरू

0

राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) की पॉलिटिकल साइंस की किताबों को अपडेट करने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए नई टीम का गठन किया गया है, जो पाठ्यक्रम और पुस्तकों की मौजूदा सामग्री की समीक्षा कर आवश्यक बदलावों पर काम करेगी।

नई टीम का मुख्य उद्देश्य राजनीतिक विज्ञान की पुस्तकों को वर्तमान शैक्षणिक जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है। टीम पाठ्यक्रम में शामिल विषयों, अध्यायों और अध्ययन सामग्री की समीक्षा करेगी। इसके बाद विशेषज्ञों की राय के आधार पर पुस्तकों में आवश्यक संशोधन किए जा सकते हैं।

NCERT की पाठ्यपुस्तकें देशभर के स्कूलों में विद्यार्थियों की पढ़ाई का महत्वपूर्ण आधार हैं। ऐसे में पॉलिटिकल साइंस की किताबों में होने वाले बदलावों पर शिक्षकों, विद्यार्थियों और शिक्षा जगत की भी नजर रहेगी।

बताया जा रहा है कि नई टीम शैक्षणिक दृष्टिकोण से विषय-वस्तु की प्रासंगिकता, तथ्यात्मकता और विद्यार्थियों की समझ के स्तर का भी ध्यान रखेगी। समीक्षा प्रक्रिया पूरी होने के बाद संशोधित पुस्तकों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा सकता है।

पॉलिटिकल साइंस की किताबों को अपडेट करने की यह कवायद नई शिक्षा नीति के अनुरूप पाठ्यक्रम और अध्ययन सामग्री को समयानुकूल बनाने की व्यापक प्रक्रिया का हिस्सा मानी जा रही है।