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सामक्का सागर परियोजना पर बढ़ी हलचल, तेलंगाना ने CM साय से मांगी बड़ी मंजूरी

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तेलंगाना के सिंचाई मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सामक्का सरक्का बैराज (सामक्का सागर परियोजना) के लिए छत्तीसगढ़ सरकार से जल्द अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करने का अनुरोध किया।

तेलंगाना सरकार का कहना है कि NOC मिलने से बैराज में उसकी निर्धारित क्षमता के अनुसार जल भंडारण किया जा सकेगा और परियोजना के सिंचाई संबंधी लाभों को पूरी तरह हासिल करने में मदद मिलेगी। परियोजना गोदावरी नदी पर स्थित है और इससे तेलंगाना के कई क्षेत्रों में सिंचाई सुविधा मजबूत होने की उम्मीद है।

बैठक के दौरान तेलंगाना के मंत्री ने छत्तीसगढ़ में बैराज के कारण डूब में आने वाली भूमि और मकानों का पूरा मुआवजा देने की बात कही। तेलंगाना सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि संबंधित आकलन के आधार पर मुआवजे की राशि पहले से जमा करने के लिए वह तैयार है।

सामक्का सागर बैराज की लंबाई करीब 1,143 मीटर है और इसमें 59 रेडियल गेट हैं। इसकी डिजाइन भंडारण क्षमता 6.94 टीएमसी है। परियोजना का उद्देश्य श्रीराम सागर परियोजना के दूसरे चरण के तहत करीब 4.40 लाख एकड़ क्षेत्र में सिंचाई को स्थिर करना तथा अतिरिक्त 30,000 एकड़ क्षेत्र को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना है।

दोनों राज्यों के बीच यह मुद्दा अंतरराज्यीय जल परियोजना से जुड़ा है। ऐसे में छत्तीसगढ़ की NOC को परियोजना की आगे की मंजूरियों और निर्धारित जल भंडारण के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

UP में बारिश-बाढ़ से हाहाकार, 23 जिलों पर संकट; PM मोदी ने वाराणसी का लिया जायजा

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उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश और बैराजों से छोड़े गए पानी के कारण 23 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। कई इलाकों में नदियों का जलस्तर बढ़ने से निचले क्षेत्रों में पानी भर गया है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है।

बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार से फोन पर बात कर हालात की जानकारी ली। प्रधानमंत्री ने गंगा और वरुणा नदियों के जलस्तर, राहत शिविरों की व्यवस्था और प्रभावित लोगों तक पहुंचाई जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।

वाराणसी में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से ऊपर पहुंच गया है। बाढ़ के कारण कई निचले इलाकों और घाटों पर पानी पहुंच गया है। प्रशासन ने प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ राहत शिविरों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया है।

भारी बारिश और बाढ़ के कारण जौनपुर, सोनभद्र, वाराणसी, पीलीभीत, चित्रकूट और चंदौली समेत कई जिलों में स्कूल बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।

प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने और प्रभावित परिवारों तक जरूरी सुविधाएं समय पर पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की ओर से लगातार जलस्तर की निगरानी की जा रही है और संवेदनशील इलाकों में बचाव दलों को तैनात किया गया है।

स्मृति मंधाना ने रचा इतिहास, मिताली राज का बड़ा रिकॉर्ड तोड़ बनीं महिला क्रिकेट की नंबर-1 रन स्कोरर

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भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। महिला एशिया कप 2026 में हांगकांग के खिलाफ मुकाबले में शानदार शतक जड़ते हुए उन्होंने महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। मंधाना ने इस मामले में दिग्गज मिताली राज को पीछे छोड़ दिया।

मंधाना ने हांगकांग के खिलाफ महज 64 गेंदों में 124 रन की तूफानी पारी खेली। उनकी पारी में 14 चौके और 7 छक्के शामिल रहे। इस शानदार प्रदर्शन के दम पर भारत ने 20 ओवर में 193/5 का मजबूत स्कोर खड़ा किया और मुकाबला 137 रन से जीतकर सेमीफाइनल में जगह बनाई।

इस पारी के दौरान मंधाना ने एक साथ कई रिकॉर्ड अपने नाम किए। वह महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 18 शतक लगाने वाली सबसे ज्यादा शतक बनाने वाली बल्लेबाज भी बन गईं। इसके अलावा 124 रन महिला टी20 एशिया कप में किसी बल्लेबाज का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है।

मंधाना की इस ऐतिहासिक पारी के बाद क्रिकेट जगत में उनकी जमकर तारीफ हो रही है। उनकी निरंतर शानदार बल्लेबाजी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह भारतीय महिला क्रिकेट की सबसे प्रभावशाली बल्लेबाजों में से एक हैं।

रूस-यूक्रेन युद्ध पर शांति प्रयास तेज, अमेरिकी दूत मॉस्को और कीव का करेंगे दौरा

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रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए एक बार फिर कूटनीतिक प्रयास तेज होते नजर आ रहे हैं। अमेरिका की ओर से विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर के रूस और यूक्रेन का दौरा करने की तैयारी है। दोनों देशों के साथ बातचीत के जरिए शांति वार्ता को फिर से गति देने की कोशिश की जा रही है।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने भी संकेत दिया है कि अमेरिकी वार्ताकार आने वाले दिनों में कीव पहुंच सकते हैं। वहीं रूस की ओर से भी शांति समझौते की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया गया है, हालांकि क्रेमलिन का कहना है कि फिलहाल किसी समझौते के लिए ठोस आधार मौजूद नहीं है।

हालांकि, दोनों पक्षों के बीच क्षेत्रीय मुद्दों और यूक्रेन की NATO सदस्यता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मतभेद अभी भी बने हुए हैं। इसके बावजूद अमेरिका की मध्यस्थता में प्रस्तावित नई बैठकें लंबे समय से जारी युद्ध के समाधान की दिशा में उम्मीद जगा रही हैं।

युद्ध के बीच बातचीत की कोशिश: शांति प्रयासों के साथ-साथ रूस और यूक्रेन के बीच सैन्य संघर्ष भी जारी है। ऐसे में आने वाले दिनों में अमेरिकी दूतों की बैठकों को वार्ता की दिशा तय करने के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेशाध्यक्ष खंडेलवाल को जन्मदिन पर दीं शुभकामनाएं

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने, बैतूल विधानसभा क्षेत्र से विधायक एवं प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के जन्मदिन पर उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ‘एक्स’ पर कहा कि खंडेलवाल का संगठनात्मक अनुभव, कुशल नेतृत्व और जनसेवा के प्रति समर्पण निरंतर समाज एवं संगठन को हमेशा नई ऊर्जा प्रदान करता रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मां नर्मदा से खंडेलवाल के उत्तम स्वास्थ्य, सुदीर्घ, यशस्वी एवं मंगलमय जीवन की कामना की है।

माइनिंग से हाई-वैल्यू मैन्युफैक्चरिंग तक, छत्तीसगढ़ लगा रहा दांव

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छत्तीसगढ़ की औद्योगिक पहचान लंबे समय से खनिज और प्राथमिक प्रसंस्करण पर आधारित रही है। अब राज्य इस पहचान को बदलते हुए कच्चे संसाधनों की बजाय वैल्यू एडेड और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंगका केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार की औद्योगिक रणनीति में इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग, ऑटो कंपोनेंट्स, रक्षा उपकरण, एआई और ग्रीन स्टील जैसे क्षेत्रों को प्रमुखता दी जा रही है।

राज्य की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में इस बदलाव का आधार तैयार किया गया है। इस नीति में स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और उनके मूल्य संवर्धन के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी, एआई, रोबोटिक्स, बायोटेक्नोलॉजी, फार्मा, रक्षा और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहन दिया गया है। इसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ को केवल खनिजों का आपूर्तिकर्ता नहीं, बल्कि तैयार उत्पादों और उन्नत तकनीक आधारित उद्योगों का केंद्र बनाना है।

करीब 8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव
औद्योगिक नीति लागू होने के बाद से राज्य में निवेशकों की रुचि तेजी से बढ़ी है। राज्य के निवेश प्रोत्साहन पोर्टल के अनुसार पिछले करीब 18 महीनों में लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावप्राप्त हुए हैं। इनसे 1.5 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। खास बात यह है कि इन प्रस्तावों का बड़ा हिस्सा पारंपरिक खनिज आधारित उद्योगों से आगे बढ़कर एआई, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, फार्मा, टेक्सटाइल और एग्रो-प्रोसेसिंग जैसे विशेष क्षेत्रों से जुड़ा है।

नवा रायपुर में एआई और डेटा सेंटर से जुड़े निवेश तथा सेमीकंडक्टर क्षेत्र में 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव राज्य की बदलती औद्योगिक दिशा को दर्शाते हैं। इसी क्रम में राजनांदगांव मेंइलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (EMC 2.0)को मंजूरी मिली है। इससे 3,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश और करीब 9,000 प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार आने की उम्मीद है।

सत्येंद्र जैन को बड़ी राहत: दिल्ली जल बोर्ड भ्रष्टाचार मामले में कोर्ट से मिली जमानत

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सत्येंद्र जैन को बड़ी राहत: दिल्ली जल बोर्ड भ्रष्टाचार मामले में कोर्ट से मिली जमानत
दिल्ली जल बोर्ड (DJB) से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन को आज बड़ी राहत मिली है। अदालत ने सुनवाई के बाद उनकी जमानत अर्जी को मंजूर कर लिया है।

कोर्ट ने एंटी-करप्शन ब्रांच (ACB) द्वारा की गई इस गिरफ्तारी को ‘मनमाना’ (Arbitrary) बताया । अदालत ने नोट किया कि मई 2024 में FIR दर्ज होने और गिरफ्तारी के बीच 27 महीनों की लंबी और अस्पष्टीकृत देरी हुई. इस दौरान एजेंसी को उनकी फिजिकल कस्टडी की जरूरत महसूस नहीं हुई थी. कोर्ट ने पाया कि जैन को सीधे तौर पर इस कथित घोटाले से जोड़ने वाला कोई पुख्ता इलेक्ट्रॉनिक या ठोस सबूत नहीं है। सत्येंद्र जैन को ₹2 लाख का पर्सनल बेल बॉन्ड और इतनी ही राशि के दो सिक्योरिटी बॉन्ड जमा करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही उन्हें अपना पासपोर्ट सरेंडर करना होगा ।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फर्रुखाबाद के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित की

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर 995 बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री और 31 ऐसे लोगों को जमीन के पट्टा अभिलेख और आवासीय योजना की धनराशि दी, जिनके घर गंगा की धार में बह गए थे। मुख्यमंत्री ने बाढ़ पीड़ितों को आश्वासन दिया कि डबल इंजन की सरकार आपदा की इस घड़ी में उनके साथ खड़ी है।

फर्रुखाबाद के लोगों को गंगा में आने वाली बाढ़ के स्थाई समाधान के लिए ड्रेजिंग करवाकर गंगा की गहराई बढ़ाई जाएगी और उससे निकलने वाली सिल्ट को तटबंध बनाने में उपयोग किया जाएगा। बाढ़ से खराब हुई फसलों का सर्वे करवाकर किसानों को मुआवजे की धनराशि सीधे उनके खाते में भेजी जाएगी।

गुरुवार 11:35 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फर्रुखाबाद के कायमगंज के शमसाबाद, अमृतपुर, सदर तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का हेलीकाप्टर से हवाई सर्वेक्षण किया। 12:06 बजे पुलिस लाइन के परेड ग्राउंड में बनाए गए बाढ़ राहत शिविर में बाढ़ पीड़ितों के बीच जाकर उनसे संवाद किया।

995 बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री और 31 उन लोगों को जिनके घर बाढ़ में बह गए हैं, उन्हें पट्टा के अभिलेख और आवास योजना की धनराशि की प्रतीकात्मक चेक दिए। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों को संबोधित करते हुए कहा कि आपदा की इस घड़ी में वह अकेले नहीं हैं। डबल इंजन की सरकार की संवेदना बाढ़ पीड़ितों के साथ है।

जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधि 15 दिन से बाढ़ राहत कार्य तेजी से कर रहे हैं। उन्होंने जिले के भाजपा जिलाध्यक्ष व चारों विधायकों के साथ लखनऊ में बैठक कर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर चर्चा की है।

प्रभारी मंत्री को भेेजकर बाढ़ राहत कार्यों की निगरानी, समीक्षा करने और उसकी रिपोर्ट देने के लिए भेजा था। बाढ़ राहत कार्य के लिए 24 घंटे कंट्रोलरूम, बाढ़ चौकियां, राहत शिविर बनाए। बाढ़ प्रभावित परिवारों के रहने व भोजन की व्यवस्था की। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में रह रहे लोगों को राशन किट व अन्य राहत सामग्री उपलब्ध कराई।

राहत सामग्री किट में चावल, आटा, अरहर की दाल, तेल, मसाले, बाल्टी, बरसाती करीब 50 तरह की चीजें हैं। कायमगंज विधायक ने यहां बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में बच्चों को पढ़ाने के लिए शिक्षक शिविर व गांवों में जाकर कक्षाएं लगा रहे हैं।

सांसद व चारों विधायकों ने कहा कि समय के अनुरूप मां गंगा उथली हुई हैं। जब भी नदी उथली होगी पानी का फैलाव होगा। जिससे अन्नदाता किसान की फसल का नुकसान होगा। हमने पिछले नौ साल के अंदर सैकड़ों करोड़ की परियोजनाओं को स्वीकृत किया, लेकिन जनप्रतिनिधियाें का कहना सही है कि इसका एकमात्र समाधान है कि पूरे क्षेत्र में गंगा नदी की ड्रेजिंग करके उसे चैनलाइज करें और जो भी सिल्ट निकलती है उसका तटबंध के रूप में इस्तेेमाल करें। इसीलिए वह यहां आए हैं और देखा है कि यह वास्तव में यहां की आवश्यकता है।

नदी चैनलाइज होगी तो आसपास के गांव बाढ़ से प्रभावित होने से बचेंगे, फसल बचेगी और लोगों को राहत मिलेगी। इसके लिए जिन किसानों की जमीन जाएगी, उन्हें मुआवजा दिया जाएगा। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जहरीले कीड़ों का डर रहता है। सरकार ने हर चिकित्साल में एंटी वेनम, एंटी रैबीज व पर्याप्त दवा की व्यवस्था की है।

मुख्यमंत्री ने बालिकाओं और महिलाओं के लिए चलाई जा रहीं रानी लक्ष्मीबाई योजना, लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति योजना के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि एक बेटी शिक्षित होती है तो दो परिवारों को सशक्त करती है। युवाओं को नौकरियां और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पहले सैफई सिंडीकेट नौकरियां हड़प जाता था और युवा देखता रह जाता था।

ओरछा के विकास को मिली नई दिशा, रामराजा लोक से बुंदेलखंड में बढ़ेगा पर्यटन

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मध्य प्रदेश सरकार ऐतिहासिक और धार्मिक नगरी ओरछा को देश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्रों में विकसित करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को निर्माणाधीन श्री रामराजा लोक के कार्यों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के साथ गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रामराजा लोक को उज्जैन के महाकाल लोक की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। महाकाल लोक के निर्माण के बाद उज्जैन में धार्मिक पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिली है। इसी मॉडल से ओरछा में भी श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या बढ़ाने की योजना है।

धार्मिक आस्था के साथ विरासत का संरक्षण
सीएम मोहन यादव ने ओरछा के जुझार सिंह महल और जहांगीर महल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि ओरछा बुंदेला काल की समृद्ध स्थापत्य और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। पुराने भवनों के संरक्षण और जीर्णोद्धार में पारंपरिक सामग्री और कुशल कारीगरों का इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि ऐतिहासिक स्वरूप बरकरार रहे।

रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का मानना है कि रामराजा लोक के विकास से देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। इससे होटल, परिवहन, खान-पान, हस्तशिल्प और स्थानीय कारोबार को फायदा मिलने के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

मध्य प्रदेश सरकार ओरछा के साथ चित्रकूट, दतिया, नलखेड़ा और मंदसौर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास पर भी जोर दे रही है। उद्देश्य प्रदेश के धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों को बेहतर सुविधाओं से जोड़कर मध्य प्रदेश को देश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन राज्यों में शामिल करना है।

मेधावी छात्रों के लिए बड़ा ऐलान, 1.21 लाख विद्यार्थियों को लैपटॉप के लिए मिले ₹25-25 हजार

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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार, 1 सितंबर को प्रदेश के मेधावी विद्यार्थियों के लिए बड़ी सौगात दी। ‘प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना’ के तहत 1.21 लाख से अधिक छात्रों के बैंक खातों में ₹304 करोड़ से ज्यादा की राशि सीधे ट्रांसफर की गई। पात्र विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए ₹25,000-₹25,000 की आर्थिक सहायता दी गई।

यह सहायता उन विद्यार्थियों को दी गई है, जिन्होंने कक्षा 12वीं की परीक्षा पहले प्रयास में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक हासिल किए हैं। भोपाल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रतीकात्मक रूप से कुछ विद्यार्थियों को लैपटॉप भी वितरित किए और उनसे संवाद किया।

डिजिटल शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि लैपटॉप केवल एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस नहीं, बल्कि उच्च शिक्षा और डिजिटल लर्निंग में महत्वपूर्ण साधन है। उन्होंने छात्रों से बड़े लक्ष्य तय करने, असफलताओं से सीखने और ज्ञान के साथ कौशल विकसित करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में कई मेधावी विद्यार्थियों ने अपनी उपलब्धियों और भविष्य के लक्ष्यों के बारे में मुख्यमंत्री से बातचीत की। कुछ छात्रों ने 12वीं की पढ़ाई के साथ NEET और JEE Main जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल करने की जानकारी भी साझा की।

अब तक लाखों विद्यार्थियों को मिला लाभ
राज्य सरकार के अनुसार, लैपटॉप सहायता योजना के तहत अब तक करीब 6.5 लाख विद्यार्थियों को ₹1,620 करोड़ की सहायता दी जा चुकी है। सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य मेधावी विद्यार्थियों को डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराकर उनकी उच्च शिक्षा और भविष्य की तैयारी को मजबूत करना है।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को सफलता के साथ विनम्रता बनाए रखने और असफलता को सीखने का अवसर मानकर आगे बढ़ने की सलाह दी। सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में किताबों, यूनिफॉर्म, साइकिल, लैपटॉप और अन्य सुविधाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को सहयोग जारी रखने की बात कही है।