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ग्रामीण विकास में सरपंचों की है महत्वपूर्ण भूमिका – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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ग्रामीण विकास में सरपंचों की है महत्वपूर्ण भूमिका – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित उनके कार्यालय के सभा कक्ष में जशपुर जिले से चार दिवसीय अध्ययन भ्रमण पर आए सरपंचों के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की।मुख्यमंत्री साय ने बड़ी आत्मीयता से सरपंचों से भेंट कर उनके क्षेत्र की स्थिति तथा विकास कार्यों के बारे में जानकारी ली।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ग्रामीण विकास में सरपंचों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं पंच के रूप में जनसेवा का कार्य प्रारंभ किया था। पंच रहने के बाद वे सरपंच बने और आगे चलकर विधायक तथा सांसद के रूप में भी जनता की सेवा करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि यदि किसी सरपंच में अपने गांव और पंचायत के विकास के लिए समर्पण और जज्बा हो, तो वह अपने क्षेत्र में बड़ा सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर अधोसंरचना विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की बड़ी जिम्मेदारी सरपंचों के कंधों पर होती है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को नई गति मिल रही है। उन्होंने सरपंचों से आग्रह किया कि वे योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें, ताकि ग्रामीण जनता को उनका पूरा लाभ मिल सके।उन्होंने कहा कि समर्पित नेतृत्व और योजना के सही क्रियान्वयन से कोई भी पंचायत आदर्श पंचायत बन सकती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और विकास के अवसर बढ़ रहे हैं। उन्होंने सरपंचों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने पंचायत क्षेत्र की समस्याओं और विकास से जुड़े मुद्दों पर विभागीय मंत्रियों और अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में रहें तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि अध्ययन भ्रमण का उद्देश्य अन्य क्षेत्रों में हुए विकास कार्यों को देखकर सीखना और उन्हें अपने गांवों में लागू करना है।

उल्लेखनीय है कि जशपुर जिले से चार दिवसीय अध्ययन भ्रमण पर आए 35 सरपंचों का दल आज विधानसभा की कार्यवाही देखने विधानसभा पहुंचा था। भ्रमण के दौरान यह दल दुर्ग जिले के ग्राम पंचायत पतोरा तथा धमतरी जिले के ग्राम पंचायत सांकरा में हुए विकास कार्यों का अवलोकन भी करेगा।

इस अवसर पर विधायक गोमती साय, रायमुनि भगत सहित जशपुर जिले से आए सरपंचगण उपस्थित थे।

फुले-नकुल-अम्बेडकर जयंती मेला महोत्सव के लिए मुख्यमंत्री को मिला आमंत्रण

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फुले-नकुल-अम्बेडकर जयंती मेला महोत्सव के लिए मुख्यमंत्री को मिला आमंत्रण
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय कक्ष में सर्व अनुसूचित जाति-जनजाति एवं अन्य पिछड़ा समाज छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की।

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री साय को 14 अप्रैल को महासमुंद जिले के बसना में आयोजित होने वाले फुले-नकुल-अम्बेडकर जयंती मेला महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।

मुख्यमंत्री साय ने आमंत्रण के लिए प्रतिनिधिमंडल का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि महापुरुषों की जयंती के अवसर पर आयोजित ऐसे आयोजन समाज में जागरूकता और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देते हैं।

इस अवसर पर बसना विधायक सम्पत अग्रवाल भी उपस्थित थे।

राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा से मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ. धीरेंद्र तिवारी की सौजन्य भेंट

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राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा से मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ. धीरेंद्र तिवारी की सौजन्य भेंट
मुख्यमंत्री के सलाहकार (योजना, नीति, कृषि एवं ग्रामीण विकास) डॉ. धीरेंद्र तिवारी ने आज छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग के नवनियुक्त उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर प्रदेश के समग्र और दीर्घकालिक विकास को ध्यान में रखते हुए विजन–2047 के अंतर्गत छत्तीसगढ़ की विकास रणनीतियों और भावी योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।

मुलाकात के दौरान राज्य के आर्थिक विकास, सामाजिक सशक्तिकरण, कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, तथा बुनियादी ढांचे के विस्तार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। दोनों ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि प्रदेश के विकास के लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, संसाधनों का बेहतर उपयोग तथा नीति निर्माण में दूरदर्शी दृष्टिकोण आवश्यक है।

चर्चा के दौरान प्रदेश में कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित करने, तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं को और अधिक सुलभ बनाने के विषयों पर भी सकारात्मक संवाद हुआ। साथ ही जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी संचालन और उनके लाभ को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए प्रशासनिक समन्वय को और मजबूत बनाने पर भी सहमति व्यक्त की गई।

डॉ. तिवारी ने कहा कि विजन–2047 के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी दृष्टि से सशक्त एवं आत्मनिर्भर राज्य बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। वहीं श्री मिश्रा ने भी राज्य के विकास को गति देने के लिए नीति आयोग की ओर से हर संभव सहयोग और समन्वय का भरोसा दिलाया।

दोनों के बीच हुई इस मुलाकात में प्रदेश के समावेशी, सतत और संतुलित विकास के लिए मिलकर कार्य करने तथा भविष्य की योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।

राज्यसभा के लिए मना किया, रिटायरमेंट की खबरों को बताया अफवाह

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‘नहीं जाना चाहता राज्यसभा, लेकिन राजनीति से संन्यास…’, दिग्विजय सिंह
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने राजनीति से संन्यास लेने की अटकलों को खारिज करते हुए रविवार (8 मार्च) को कहा कि उन्होंने केवल पार्टी से अनुरोध किया है कि वर्तमान कार्यकाल समाप्त होने के बाद उन्हें राज्यसभा के लिए तीसरी बार उम्मीदवार नहीं बनाया जाए. सिंह ने कहा कि वह अंतिम सांस तक पार्टी की सेवा करते रहेंगे. वहीं सिंह के भविष्य की योजनाओं को लेकर अटकलें उस समय शुरू हुईं जब उन्होंने 5 मार्च को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक वीडियो साझा किया था, जिसमें एक दंपति सेवानिवृत्ति के बाद देश के विभिन्न स्थानों की यात्रा करते दिख रहा है.

‘अंतिम सांस तक कांग्रेस की सेवा करते रहूंगा’- दिग्विजय सिंह
वीडियो साझा करते हुए सिंह ने लिखा था कि, ‘मेरी सेवानिवृत्ति की योजना? शायद. क्यों नहीं? जय सिया राम’ इससे यह अटकलें लगने लगीं कि वह सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने का संकेत दे रहे हैं. सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने केवल कांग्रेस नेतृत्व से यह अनुरोध किया है कि राज्यसभा का उनका वर्तमान कार्यकाल समाप्त होने के बाद उन्हें राज्यसभा नहीं जाना है. उन्होंने कहा, ‘देखिए, इस तरह की चर्चा होती रहती है और आप जानते हैं कि यह कहां से आती है. बात इतनी ही है कि मैंने अपनी पार्टी से कहा है कि दूसरे कार्यकाल के बाद मैं तीसरी बार राज्यसभा नहीं जाना चाहता.’

कांग्रेस नेता सिंह ने कहा कि इसका अर्थ यह नहीं है कि वह पार्टी के लिए काम करना बंद कर देंगे, बल्कि वह अंतिम सांस तक कांग्रेस की सेवा करते रहेंगे. उन्होंने कहा कि उन्हें क्या जिम्मेदारी दी जाएगी, यह पार्टी नेतृत्व, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) और मध्यप्रदेश कांग्रेस पर निर्भर करेगा.

प्रधानमंत्री से उत्पादित बासमती चावल को जीआईटैग देने की मांग
सिंह ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की. उन्होंने कहा कि यह ओडिशा के सेवानिवृत्त बैंक प्रबंधक दंपति का वीडियो था, जो देशभर की यात्रा कर रहे हैं और उन्हें यह विचार रोचक लगा, इसलिए उन्होंने इसे साझा कर दिया. वहीं जब दिग्विजय सिंह से किसानों के लिए एक प्रदर्शन की उनकी घोषणा के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह राजनीति में हमेशा सक्रिय रहे हैं.

सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एक पत्र लिखकर मध्यप्रदेश में उत्पादित बासमती चावल को ‘भौगोलिक संकेत’ (जीआईटैग) दिए जाने की मांग की है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांग पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो एक आंदोलन किया जाएगा.

नेपाल चुनाव में RSP की जीत पर पीएम मोदी ने दी बधाई

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भारत-नेपाल के संबंध नई ऊंचाइयों तक पहुचेंगेः पीएम मोदी
नेपाल में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) ने लेफ्ट पार्टियों का सूपड़ा साफ कर दिया है. रबी लामिछाने और बालेन शाह की लीडरशिप में आरएसपी ने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पुष्प कमल दहल प्रचंड को बुरी तरह हराया. यहां तक कि बालेन शाह ने तो ओली को सीट पर ही चुनाव हरा दिया. नेपाल में चुनाव परिणाम के ऐलान के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रबी लामिछाने और बालेन शाह से फोन पर बात कर उन्हें जीत की बधाई दी है.

पीएम मोदी ने एक्स पर शेयर किया पोस्ट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल चुनाव में आरएसपी की प्रचंड जीत पर बधाई देते हुए सोमवार (9 मार्च, 2026) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया. अपने पोस्ट में पीएम मोदी ने आरएसपी के अध्यक्ष रबी लामिछाने और वरिष्ठ नेता बालेंद्र शाह से फोन पर बातचीत करने की भी जानकारी साझा की.

उन्होंने पोस्ट में लिखा, ‘मैंने राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के अध्यक्ष रबी लामिछाने और पार्टी के वरिष्ठ नेता बालेंद्र शाह के साथ टेलीफोन पर गर्मजोशी से बातचीत की. मैंने दोनों नेताओं को उनकी चुनावी जीत और नेपाल के चुनावों में RSP की शानदार सफलता के लिए बधाई दी. साथ ही उनकी आगामी नई सरकार के लिए अपनी शुभकामनाएं भी व्यक्त कीं.’

भारत-नेपाल के संबंध नई ऊंचाइयों तक पहुचेंगेः पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि भारत दोनों देशों की साझा समृद्धि, प्रगति और जनकल्याण के लिए उनके साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है. मुझे विश्वास है कि हमारे संयुक्त प्रयासों से भारत और नेपाल के संबंध आने वाले सालों में नई ऊंचाइयों तक पहुंचेंगे.

नेपाल में चुनाव आयोजन की सफलता पर पीएम मोदी ने दी थी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इससे पहले शनिवार (7 मार्च, 2026) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए एक अन्य पोस्ट में नेपाल में संसदीय चुनाव के सफल आयोजन को लेकर बधाई दी थी. उन्होंने पोस्ट में कहा था कि एक करीबी दोस्त और पड़ोशी के तौर पर भारत, नेपाल के लोगों और वहां की नई सरकार के साथ मिलकर शांति, प्रगति और समृद्धि की नई ऊंचाइयों को छूने के लिए पूरी तरह से संकल्पित है.

भोपाल में 18 मार्च को होगा कर्मश्री का भव्य हिंदू नववर्ष उत्सव, डॉ. कुमार विश्वास होंगे मुख्य आकर्षण

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भोपाल में 18 मार्च को होगा कर्मश्री का भव्य हिंदू नववर्ष उत्सव, डॉ. कुमार विश्वास होंगे मुख्य आकर्षण
भोपाल। हिंदू नववर्ष, गुड़ी पड़वा और चैती चांद के पावन अवसर पर प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला कर्मश्री संस्था का अखिल भारतीय कवि सम्मेलन इस वर्ष अपने 25वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। इस अवसर पर 18 मार्च को भोपाल में भव्य हिंदू नववर्ष उत्सव आयोजित किया जाएगा, जिसमें देश के प्रसिद्ध कवि डॉ. कुमार विश्वास अपनी कविताओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे।

कार्यक्रम की तैयारियों के तहत कर्मश्री संस्था के अध्यक्ष एवं रामेश्वर शर्मा ने नोएडा में डॉ. कुमार विश्वास से भेंट कर उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट किया और इस ऐतिहासिक आयोजन में सम्मिलित होने का औपचारिक आमंत्रण दिया।
हर वर्ष की तरह इस बार भी यह आयोजन साहित्य और संस्कृति का भव्य संगम बनेगा। आयोजकों के अनुसार, 25वें वर्ष में प्रवेश कर रहा यह कवि सम्मेलन पहले से अधिक भव्य और आकर्षक होगा, जिसमें देशभर के ख्याति प्राप्त कवि अपनी काव्यधारा से श्रोताओं को आनंदित करेंगे।

कार्यक्रम में हिंदू नववर्ष, गुड़ी पड़वा और चैती चांद के उत्सव के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, परंपरा और साहित्य की समृद्ध विरासत को भी मंच से अभिव्यक्त किया जाएगा। आयोजकों को उम्मीद है कि इस आयोजन में बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी और नागरिक शामिल होकर कार्यक्रम को सफल

“बंगाल का रण: भाजपा की ‘परिवर्तन यात्रा’ में गूंजा घुसपैठ और भ्रष्टाचार का मुद्दा, शाह-नड्डा ने दिया सत्ता बदलने का संदेश”

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“बंगाल का रण: भाजपा की ‘परिवर्तन यात्रा’ में गूंजा घुसपैठ और भ्रष्टाचार का मुद्दा, शाह-नड्डा ने दिया सत्ता बदलने का संदेश”
पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की ‘परिवर्तन यात्रा’ के जरिए राज्य की सियासत तेज हो गई है। राज्य के विभिन्न जिलों में आयोजित जनसभाओं में भाजपा के केंद्रीय और प्रदेश स्तर के नेताओं ने तृणमूल कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार, घुसपैठ, कानून-व्यवस्था की गिरती स्थिति और कुप्रशासन के आरोप लगाते हुए सत्ता परिवर्तन का आह्वान किया। पार्टी नेताओं ने दावा किया कि जनता बदलाव चाहती है और राज्य में विकास व सुशासन के लिए भाजपा को मौका देने का समय आ गया है।

ममता राज में राष्ट्रपति का विरोध और घुसपैठियों का स्वागतः अनुराग ठाकुर
भाजपा की परिवर्तन यात्रा के तहत उत्तर 24 परगना जिले के नैहाटी विधानसभा क्षेत्र में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री और हमीरपुर से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर राज्य सरकार राष्ट्रपति और राज्यपाल का विरोध करती है, जबकि दूसरी ओर घुसपैठियों और माफियाओं को संरक्षण दिया जाता है। ठाकुर ने कहा कि बंगाल की अस्मिता और संसाधनों की रक्षा के लिए तृणमूल कांग्रेस सरकार को हटाकर भाजपा की सरकार बनाना जरूरी है। उनके अनुसार आगामी विधानसभा चुनाव बंगाली गौरव, संस्कृति और राज्य के भविष्य की निर्णायक लड़ाई होगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि बांग्लादेश से अवैध घुसपैठ लंबे समय से जारी है और कांग्रेस, वाम दलों तथा तृणमूल कांग्रेस ने इसे वोट बैंक की राजनीति के लिए बढ़ावा दिया। ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने उद्योग और रोजगार सृजन के बजाय कट-मनी और भ्रष्टाचार की राजनीति को बढ़ावा दिया है और सत्तारूढ़ दल के कई मंत्री और नेता भ्रष्टाचार के मामलों में गिरफ्तार हो चुके हैं।

देश आगे बढ़ रहा, बंगाल पिछड़ रहा
उत्तर बंगाल के माल विधानसभा क्षेत्र में आयोजित सभा में बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है, जबकि ममता बनर्जी के शासन में बंगाल पिछड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि अवैध घुसपैठ पर रोक नहीं लगी तो राज्य का जनसांख्यिकीय संतुलन बदल सकता है और आदिवासी, राजबोंग्शी, गोरखा तथा अन्य समुदायों के अधिकार प्रभावित होंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने चाय बागान श्रमिकों के हितों के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए।

मेदिनीपुर डिवीजन के सबंग विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राहुल सिन्हा ने तृणमूल कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में लगातार बम और हथियार बरामद हो रहे हैं, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं को राजनीतिक कारणों से निशाना बनाया जा रहा है।

बंगाल को व्यापक बदलाब की जरूरतः सुकांत
बर्धमान डिवीजन के कालना विधानसभा क्षेत्र में केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मंजूमदार ने कहा कि बंगाल को केवल राजनीतिक परिवर्तन ही नहीं, बल्कि व्यापक सामाजिक और आर्थिक बदलाव की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा, रोजगार के अवसर और उद्योगों के विकास को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

सरकार बनी तो महिलाओं को देंगे हर माह तीन हजारः शमिक
हावड़ा-हुगली डिवीजन के सप्तग्राम विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद शमिक भट्टाचार्य ने तृणमूल कांग्रेस पर भ्रष्टाचार और निवेश विरोधी नीतियों का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य की औद्योगिक क्षमता को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने वादा किया कि भाजपा सरकार बनने पर महिलाओं को 3,000 प्रति माह की आर्थिक सहायता दी जाएगी और सातवां वेतन आयोग लागू किया जाएगा।

इस बीच, मानबाजार विधानसभा क्षेत्र में केंद्रीय राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने कहा कि भाजपा सरकार बनने पर आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा, आवास और अन्य कल्याणकारी योजनाओं को पारदर्शी तरीके से लागू किया जाएगा। मालदा जिले के गाज़ोल में आयोजित सभा में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की कई योजनाओं में राज्य में कट-मनी वसूली हुई और लाभार्थियों तक पूरी राशि नहीं पहुंची। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनने पर महिलाओं की सुरक्षा, पारदर्शिता और विकास को प्राथमिकता दी जाएगी।

भाजपा नेताओं ने संयुक्त रूप से दावा किया कि राज्य में जनता बदलाव चाहती है और आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा को समर्थन देकर ‘डबल इंजन सरकार’ बनाने का अवसर दे सकती है। नेताओं ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल में विकास, सुरक्षा, पारदर्शिता और जनकल्याण को नई दिशा दी जाएगी।

अयोध्या में हाईटेक सुरक्षा: QR कोड वाला डिजिटल पास ही दिलाएगा राम मंदिर में प्रवेश, राष्ट्रपति की मौजूदगी में होगा पूजन

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अयोध्या में हाईटेक सुरक्षा: QR कोड वाला डिजिटल पास ही दिलाएगा राम मंदिर में प्रवेश, राष्ट्रपति की मौजूदगी में होगा पूजन
रामनगरी अयोध्या स्थित राम मंदिर में 19 मार्च को होने वाले भव्य समारोह की तैयारियां तेज हो गई हैं। कार्यक्रम में आने वाले विशिष्ट अतिथियों के लिए इस बार क्यूआर कोड से लैस विशेष आमंत्रण पत्र जारी किए जा रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मेहमानों को प्रवेश से पहले क्यूआर कोड स्कैन कराना अनिवार्य होगा।

मंदिर प्रशासन के अनुसार आमंत्रण पत्र पर अंकित क्यूआर कोड को स्कैन करने के बाद ही अतिथियों को मंदिर परिसर में प्रवेश की अनुमति मिलेगी। इससे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और आमंत्रित अतिथियों की पहचान भी आसानी से हो सकेगी। बताया गया है कि कार्यक्रम में शामिल होने वाले सभी मेहमानों को सुबह 10 बजे तक मंदिर परिसर में प्रवेश करना अनिवार्य होगा। निर्धारित समय के बाद आने वाले मेहमानों को सुरक्षा कारणों से प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा
19 मार्च को होने वाले इस विशेष समारोह में देश भर से संत-महंत, विशिष्ट अतिथि और कई गणमान्य लोग शामिल होंगे। मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शामिल होंगी। कार्यक्रम को लेकर मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा, पार्किंग, प्रवेश व्यवस्था और अतिथियों के स्वागत की तैयारियां तेजी से चल रही हैं, ताकि समारोह सुचारु और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया जा सके।

मेहमानों के लिए बुक किए गए 1500 से अधिक कमरे
राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से मेहमानों के लिए अयोध्या धाम में 1500 से अधिक कमरे बुक कराए गए हैं। ज्यादातर कमरे होम स्टे व गेस्ट हाउस में बुक कराए गए हैं। राम मंदिर के आसपास स्थित होम स्टे को प्राथमिकता दी गई है। आलम यह है कि मंदिर के आसपास स्थित लगभग सभी होम स्टे व गेस्ट हाउस 18 व 19 मार्च के लिए फुल हो गए हैं। इसके अलावा कारसेवकपुरम, रामसेवकपुरम और तीर्थ क्षेत्र पुरम में भी संघ व विहिप के कार्यकर्ताओं व मेहमानों के रुकने की व्यवस्था की गई है।

“जंग का असर! दिल्ली से मैनचेस्टर जा रही फ्लाइट को हवा से ही मुड़ना पड़ा, 7 घंटे बाद सुरक्षित लैंडिंग”

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“जंग का असर! दिल्ली से मैनचेस्टर जा रही फ्लाइट को हवा से ही मुड़ना पड़ा, 7 घंटे बाद सुरक्षित लैंडिंग”
पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के कारण कई देशों ने अचानक अपने हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। इसी वजह से इंडिगो की दिल्ली से मैनचेस्टर जाने वाली फ्लाइट को करीब सात घंटे उड़ान भरने के बाद वापस दिल्ली लौटना पड़ा। एयरलाइन ने सोमवार को इस घटना की पुष्टि की।

एयरलाइन के प्रवक्ता के मुताबिक, फ्लाइट 6E 033 दिल्ली से मैनचेस्टर के लिए रवाना हुई थी, लेकिन उड़ान के दौरान कुछ देशों द्वारा अंतिम समय में एयरस्पेस प्रतिबंध लागू कर दिए गए। इसके चलते विमान को सुरक्षा कारणों से वापस दिल्ली लौटना पड़ा।

एयरलाइन को किन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा?
प्रवक्ता ने कहा कि पश्चिम एशिया और उसके आसपास की स्थिति तेजी से बदल रही है। ऐसे हालात में कई उड़ानों को लंबा मार्ग लेना पड़ सकता है या उन्हें बीच रास्ते से ही मोड़ना पड़ सकता है। इसी वजह से इस उड़ान को भी अपने शुरुआती स्थान दिल्ली लौटना पड़ा।

एयरलाइन ने बताया कि यात्रियों की यात्रा फिर से शुरू कराने के लिए संबंधित अधिकारियों और एयरपोर्ट एजेंसियों के साथ समन्वय किया जा रहा है। कंपनी के अनुसार यात्रियों, क्रू और विमान की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

इस घटना की जानकारी सबसे पहले फ्लाइट ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म FlightRadar24 ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की थी। ट्रैकिंग डेटा के अनुसार विमान ने इथियोपिया और इरिट्रिया की सीमा के पास यू-टर्न लिया और भारत की ओर लौट गया। यह उड़ान 26 फरवरी के बाद दिल्ली-मैनचेस्टर रूट पर इंडिगो की पहली फ्लाइट थी।

फ्लाइट ट्रैकर के एक अन्य अपडेट में बताया गया कि 8 मार्च तक यूएई की प्रमुख एयरलाइनों और कतर एयरवेज के संचालन में भी बदलाव देखा गया। रविवार को एयर अरेबिया, एमिरेट्स और फ्लाईदुबई की उड़ान गतिविधियां बढ़ीं, जबकि एतिहाद एयरवेज और कतर एयरवेज ने पिछले दिन की तुलना में कम उड़ानें संचालित कीं।

एयरलाइन के शेयरों में आई गिरावट
इस घटनाक्रम का असर शेयर बाजार में भी दिखा। सोमवार को इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) के शेयरों में दबाव देखा गया। बीएसई पर कंपनी का शेयर करीब 4 प्रतिशत गिरकर 4,236 रुपये पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 4,035.65 रुपये के निचले स्तर तक पहुंच गया, जो पिछले सप्ताह के बंद स्तर से लगभग 8.37 प्रतिशत कम है।

क्या है विशेषज्ञों की राय?
विश्लेषकों के अनुसार निवेशकों की चिंता का एक प्रमुख कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भी है। पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के चलते वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है। रिपोर्टों के मुताबिक, प्रमुख तेल उत्पादकों द्वारा उत्पादन घटाने और होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रभावी रूप से बंद रहने की आशंका के कारण कीमतें करीब 110 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। माना जा रहा है कि अगर पश्चिम एशिया में तनाव लंबे समय तक जारी रहता है, तो अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के मार्ग, ईंधन लागत और एयरलाइंस के परिचालन पर इसका असर और बढ़ सकता है।

“युद्ध ने बिगाड़ा दुनिया का बजट! तेल की कीमतों में लगी आग, सोना-चांदी में भारी उथल-पुथल

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“युद्ध ने बिगाड़ा दुनिया का बजट! तेल की कीमतों में लगी आग, सोना-चांदी में भारी उथल-पुथल
पश्चिम एशिया में ईरान से जुड़े युद्ध और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने भारत समेत दुनियाभर के वित्तीय बाजारों को बुरी तरह झकझोर दिया है और अर्थव्यवस्था के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। सोमवार को वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी के कारण भारतीय इक्विटी और मुद्रा (करेंसी) बाजार में चौतरफा बिकवाली दिखी। इस संकट ने निवेशकों को करीब 12 लाख करोड़ रुपये का चूना लगा दिया। अर्थशास्त्रियों के अनुसार, भारत इस समय एक ‘तिहरे प्रहार’- महंगा कच्चा तेल, गिरते रुपये और शेयर बाजार में गिरावट का सामना कर रहा है। वहीं, सोने-चांदी की कीमतों में भी लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है।

शेयर बाजार में अचानक इतनी बड़ी गिरावट का मुख्य कारण क्या है?
पश्चिम एशिया में ईरान-इस्राइल-अमेरिका युद्ध के कारण कच्चे तेल की सप्लाई बाधित होने का भारी डर पैदा हो गया है। इस दहशत के कारण सोमवार को सेंसेक्स 2,400 अंकों का गोता लगा गया, जबकि निफ्टी करीब 3% टूटकर 24,028.05 के स्तर पर आ गया। भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) तेजी से अपना पैसा निकालकर सुरक्षित विकल्पों (जैसे डॉलर) का रुख कर रहे हैं। इससे बाजार में बिकवाली की सुनामी आ गई है। हालांकि, बाजार बंद होते समय सेंसेक्स और निफ्टी अपने निचले स्तरों से संभलकर बंद हुए।

पश्चिम एशिया में ईरान से जुड़े युद्ध और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने भारत समेत दुनियाभर के वित्तीय बाजारों को बुरी तरह झकझोर दिया है और अर्थव्यवस्था के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। सोमवार को वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी के कारण भारतीय इक्विटी और मुद्रा (करेंसी) बाजार में चौतरफा बिकवाली दिखी। इस संकट ने निवेशकों को करीब 12 लाख करोड़ रुपये का चूना लगा दिया। अर्थशास्त्रियों के अनुसार, भारत इस समय एक ‘तिहरे प्रहार’- महंगा कच्चा तेल, गिरते रुपये और शेयर बाजार में गिरावट का सामना कर रहा है। वहीं, सोने-चांदी की कीमतों में भी लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है।

शेयर बाजार में अचानक इतनी बड़ी गिरावट का मुख्य कारण क्या है?
पश्चिम एशिया में ईरान-इस्राइल-अमेरिका युद्ध के कारण कच्चे तेल की सप्लाई बाधित होने का भारी डर पैदा हो गया है। इस दहशत के कारण सोमवार को सेंसेक्स 2,400 अंकों का गोता लगा गया, जबकि निफ्टी करीब 3% टूटकर 24,028.05 के स्तर पर आ गया। भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) तेजी से अपना पैसा निकालकर सुरक्षित विकल्पों (जैसे डॉलर) का रुख कर रहे हैं। इससे बाजार में बिकवाली की सुनामी आ गई है। हालांकि, बाजार बंद होते समय सेंसेक्स और निफ्टी अपने निचले स्तरों से संभलकर बंद हुए।

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से भारत को सबसे ज्यादा खतरा क्यों है?
भारत अपनी जरूरत का 89% से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है। युद्ध शुरू होने के बाद से ब्रेंट क्रूड 50% से अधिक उछलकर 117 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है। भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ है, जहां से हमारा रोजाना 26 लाख बैरल तेल गुजरता है। कतर के ऊर्जा मंत्री ने चेतावनी दी है कि अगर खाड़ी देशों के ऊर्जा निर्यात पर असर पड़ा, तो तेल की कीमतें 150 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती हैं।

सोने-चांदी में उतार-चढ़ाव और रुपये के टूटने के क्या मायने हैं?
सोमवार को दिल्ली में चांदी की कीमतों में 3,400 रुपये की गिरावट आई और यह 2.68 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई, जबकि सोने का भाव लगभग स्थिर रहा और 1,64,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बना रहा। अस्थिर वैश्विक बाजारों के बीच मजबूत अमेरिकी डॉलर ने कीमती धातुओं की मांग को कम कर दिया।

ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार, सफेद धातु (सोने) में लगातार तीसरे दिन गिरावट जारी रही और शुक्रवार के बंद भाव 2,71,700 रुपये प्रति किलोग्राम से गिरकर 3,400 रुपये या लगभग 1.3 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,68,300 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) पर पहुंच गया। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के कमोडिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक सौमिल गांधी ने कहा, “कच्चे तेल की कीमतों में तेज वृद्धि से मुद्रास्फीति का दबाव फिर से बढ़ने की आशंका बढ़ गई है, जिसके चलते चांदी की कीमतों में पिछले सप्ताह की गिरावट जारी रही।”

ऊर्जा की बढ़ती कीमतें व्यापक मुद्रास्फीति की आशंकाओं को बढ़ावा देती हैं, जिससे फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की गति में देरी हो सकती है। उन्होंने आगे कहा कि इस परिदृश्य से अमेरिकी डॉलर और ट्रेजरी यील्ड को समर्थन मिला, जिससे बदले में कीमती धातुओं पर दबाव पड़ा।