Home Blog Page 85

टीम इंडिया के सामने डबल टेंशन

0

टीम इंडिया के सामने डबल टेंशन
अभिषेक शर्मा का खराब स्वास्थ्य पहले ही टीम इंडिया के लिए चिंता का विषय बना हुआ है. अब ईशान किशन के भी चोटिल होने की खबर ने भारतीय खेमे को और भी बड़ी चिंता दे दी है. यह अपडेट ऐसे समय में आया है जब भारत बनाम नामीबिया मैच में 24 घंटे से भी कम समय बचा है.

बुधवार को अभ्यास करते समय ईशान किशन को पैर में चोट आई है. बताया जा रहा है कि जसप्रीत बुमराह की यॉर्कर गेंद उनके बाएं पैर के अंगूठे पर जाकर लगी, जिसके बाद भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज दर्द से कराहते हुए नजर आए. मैदान पर फिजियो द्वारा ईशान को ट्रीटमेंट लेते भी देखा गया.

अच्छी बात ये रही कि ईशान किशन थोड़ी देर बाद दोबारा अभ्यास करने लगे. दोबारा अभ्यास शुरू करने के 5 मिनट बाद ही उन्होंने अपना ट्रेनिंग सेशन खत्म किया. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स अनुसार सूत्रों का कहना है कि ईशान ठीक हैं और घबराने जैसी कोई बात नहीं है.

अभिषेक शर्मा हैं बीमार
अभिषेक शर्मा पहले से बीमार हैं, ऐसे में ईशान किशन की चोट की खबर ने टीम इंडिया को डबल टेंशन देने का काम किया है. नामीबिया के साथ मैच से पूर्व प्रेस कॉन्फ्रेंस में तिलक वर्मा ने बताया कि अभिषेक शर्मा को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है. तिलक ने बताया कि अभिषेक कल नामीबिया के साथ खेल पाएंगे या नहीं, इसका फैसला कल मैच से ठीक पहले लिया जाएगा.

आपको बताते चलें कि भारत अभी ग्रुप A की पॉइंट्स टेबल में दूसरे स्थान पर है. पाकिस्तान अपने दोनों मैच जीत चुका है, जिसके अभी 4 अंक हैं. वहीं नामीबिया को हराकर टीम इंडिया एक बार फिर पॉइंट्स टेबल के टॉप पर आ सकती है.

‘एपस्टीन ने मुझे दोमुंहा कहा था’ – हरदीप सिंह पुरी

0

‘एपस्टीन ने मुझे दोमुंहा कहा था’ – हरदीप सिंह पुरी
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार (11 फरवरी 2026) को बजट सत्र के दौरान एपस्टीन फाइल्स का जिक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी पर कई आरोप लगाए. इस पर जवाब देते हुए हरदीप पुरी ने कहा कि उन्हें (राहुल गांधी) बेबुनियाद आरोप लगाने की आदत है. केंद्रीय मंत्री के अनुसार उन्होंने अंतरराष्ट्रीय पीस इंस्टिट्यूट (IPI) के एक प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा रहते हुए जेफरी एपस्टीन से मुलाकात की थी. उन्होंने कहा, ‘मुझे एपस्टीन की गतिविधियों में कोई दिलचस्पी नहीं थी. उसने मुझे दोमुंहा कहा था.’

एपस्टीन फाइल्स को लेकर क्या बोले हरदीप पुरी?

उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि युवा नेता को यह पता होना चाहिए कि एपस्टीन फाइल्स गलत कामों और आपराधिक मामलों से संबंधित हैं. केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘फाइल्स में आरोप हैं कि एपस्टीन के पास एक द्वीप था, जहां वे अनैतिक काम करते थे. उन पीड़ितों ने अधिकारियों के खिलाफ मामले दर्ज कराए हैं. मेरी बातचीत का इससे कोई लेना-देना नहीं था.

हरदीप सिंह पुरी ने कहा, ‘कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने एक ईमेल में सवाल उठाया कि मुझे लगता है कि हरदीप पुरी को एपस्टीन से किसने मिलवाया? ये तथ्य सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं. 30 लाख ईमेल जारी किए जा चुके हैं. मैं मई 2009 से जब मैंने संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत के रूप में कार्यभार संभाला, आठ साल तक न्यूयॉर्क में रहा. 2017 में मैं मंत्री बना. आठ वर्षों में संभवतः तीन या चार बार एपस्टीन से मुलाकातों का जिक्र है.’

दबाव में नहीं हैं पीएम मोदी: हरदीप सिंह पुरी
कांग्रेस सासंद राहुल गांधी और पार्टी के दूसरे नेताओं ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दवाब में थे. इस पर हरदीप सिंह पुरी ने कहा, ‘प्रधानमंत्री दबाव में नहीं हैं. मैंने प्रधानमंत्री के साथ काम किया है, यह मेरा नौवां साल है. पीएम का दिमाग दबाव महसूस करने के लिए बना ही नहीं है. वे हर समय शांत रहते हैं, हममें से कई लोग दिन में 18 घंटे काम करते हैं, वे उससे भी ज्यादा काम करते हैं.’

केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘वे (पीएम मोदी) देश को बदलने के लिए लगातार काम कर रहे हैं, सोच रहे हैं और भाग-दौड़ कर रहे हैं. मुझे लगता है कि युवा नेता (राहुल गांधी) इसे सहन नहीं कर पा रहे हैं और इसीलिए वे संसद में आकर बयान देते हैं और फिर स्थिति से भाग जाते हैं.’

भोपाल की तीसरी तहसील कोलार के भव्य ऑफिस का हुआ लोकार्पण

0

भोपाल की तीसरी तहसील कोलार के भव्य ऑफिस का हुआ लोकार्पण
– व्यवस्थित तरीके से होंगे काम, अफसरों और जनता के लिए पर्याप्त जगह
भोपाल। राजधानी की तीसरी तहसील कोलार तहसील के नए भवन का लोकार्पण मंगलवार को किया गया। यह लोकार्पण विधायक रामेश्वर शर्मा ने किया। उन्होंने कहा कि जल्दी ही कोलार के इस कार्यालय में पंजीयन ऑफिस खोला जाएगा, ताकि कोलार क्षेत्र की रजिस्ट्रियां यहीं हो सके। इसी परिसर में बिजली कंपनी के अधिकारियों और पुलिस के एसीपी स्तर के अधिकारी का भी कार्यालय बनाए जा रहे हैं। ताकि यहां पर आने वाला हर व्यक्ति एक साथ अपने सारे काम पूरे करके जाए। यहां पर वर्तमान में नगर निगम कार्यालय भी संचालित हो रहा है। इस मौके पर कोलार एसडीएम पीसी पांडे, तहसीलदार यशवर्धन सिंह, मंडल अध्यक्ष प्रदीप पाटीदार मनोहर मीणा, स्थानीय पार्षद बबीता डोंगरे, समाजसेवी बीएस बाजपेई सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे।

नए ऑफिस के चालू होने से अब एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, आरआई, पटवारी सहित अन्य लोगों को बैठने के लिए पर्याप्त जगह मिलेगी। अभी तक कोलार तहसील का कार्यालय नगर निगम के जोन कार्यालय में अस्थाई तौर पर चल रहा था। जहां पर जगह की कमी के कारण सभी को परेशानियां उठानी पड़ रही थी। करीब 6 साल पहले 6 करोड़ 40 लाख की लागत से इसका निर्माण किया गया है ।

रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग मामला: 5 आरोपियों पर लगा मकोका

0

रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग मामला: 5 आरोपियों पर लगा मकोका
फिल्ममेकर रोहित शेट्टी के घर के बाहर हुई फायरिंग की घटना में मुंबई पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है. इस मामले में गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों पर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) लगा दिया गया है. बुधवार को पांचों आरोपियों की पुलिस कस्टडी खत्म होने के बाद स्पेशल मकोका कोर्ट में पेश किया गया. कोर्ट ने सभी पांचों आरोपियों को 17 फरवरी तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है.

मुंबई क्राइम ब्रांच ने इन आरोपियों की 15 दिनों की पुलिस कस्टडी की मांग की थी, लेकिन स्पेशल कोर्ट ने इतनी लंबी कस्टडी देने से इनकार कर दिया. केवल 17 फरवरी तक की अवधि के लिए पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया है.

इस मामले में पुलिस ने पहले ही पांच लोगों को गिरफ्तार किया था. इन आरोपियों पर रोहित शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग करने का आरोप है. घटना के बाद पुलिस ने 12 टीमों का गठन किया. वहीं, मुंबई क्राइम ब्रांच ने तुरंत जांच शुरू की और कुछ दिनों में ही इन पांचों को हिरासत में ले लिया.

शुरुआती जांच में कई खुलासे हुए हैं, जिसके बाद पुलिस ने मकोका लगाने का फैसला किया. मकोका एक सख्त कानून है, जिसका इस्तेमाल संगठित अपराध, गैंगवार और वसूली जैसे मामलों में किया जाता है. इस कानून के तहत आरोपी को आसानी से जमानत नहीं मिलती और जांच के दौरान पुलिस को ज्यादा अधिकार मिलते हैं.

‘मुंबई में कुछ बड़ा करना है’
वहीं, रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग मामले की जांच में मुंबई क्राइम ब्रांच ने बड़ा खुलासा किया है. फरार आरोपी शुभम लोनकर मुंबई में दहशत फैलाने की साजिश रच रहा था. उसने गिरफ्तार आरोपियों से कहा था कि ‘मुंबई में कुछ बड़ा करना है.’

इसके अलावा, शुभम ने अपने भाई प्रवीण लोनकर को तीन हथियार दिए थे. प्रवीण ने ये हथियार रोहित शेट्टी फायरिंग केस में शामिल गिरफ्तार आरोपियों तक पहुंचाए. अब पुलिस प्रवीण लोनकर को कस्टडी में लेकर गहन पूछताछ करेगी. पुलिस का कहना है कि यह साजिश बड़ी हो सकती है. फरार शुभम लोनकर को जल्द गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी और निगरानी तेज कर दी गई है.

स्वस्थ समाज ही समृद्ध राज्य की नींव : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

0

स्वस्थ समाज ही समृद्ध राज्य की नींव : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जीपीएम जिले की स्थापना की छठवीं वर्षगांठ के अवसर पर जिले को स्वास्थ्य क्षेत्र की एक बड़ी सौगात दी है। उन्होंने जिला अस्पताल के नवीन भवन के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। नवीन जिला अस्तपाल करीब 18 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगा। यह अत्याधुनिक अस्पताल 100 बिस्तरयुक्त होगा। इस अस्पताल के बनने से जिले के नागरिकों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक प्रणव मरपच्ची ने की।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि स्वस्थ समाज ही समृद्ध राज्य की नींव होता है। जीपीएम जिले में नए अस्पताल भवन का निर्माण स्वास्थ्य सुविधाओं को नई मजबूती देगा। टीबी मुक्त और बाल विवाह मुक्त पंचायतें इस बात का प्रमाण हैं कि जब शासन और समाज मिलकर काम करते हैं, तो बड़े सामाजिक बदलाव संभव होते हैं। छत्तीसगढ़ को रोगमुक्त, सुरक्षित और सशक्त बनाने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में जिले की 52 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त एवं 71 ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त घोषित किया। इन पंचायतों के सरपंचों को प्रशस्ति पत्र एवं महात्मा गांधी जी की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया गया। गौरतलब है कि बाल विवाह मुक्त घोषित ग्राम पंचायतों में पिछले दो वर्षों में एक भी बाल विवाह के प्रकरण सामने नहीं आए हैं, वहीं टीबी मुक्त पंचायतों में दो से तीन वर्षों से कोई नया प्रकरण दर्ज नहीं हुआ है। यह उपलब्धि जनजागरूकता, स्वास्थ्य विभाग और पंचायतों के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को गति देने के लिए जागरूकता हेतु तीन प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में जन-जागरूकता और अधिक सशक्त हो सके। यह अभियान 10 फरवरी से शुरु होकर 25 फरवरी तक चलेगा। जिसमें लोगो को निःशुल्क रुप से फाइलेरिया उन्मूलन के लिए सामूहिक दवा सेवन कराया जाएगा। कार्यक्रम में विधायक अनुज शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष समीरा पैंकरा, अनेक जनप्रतिनिधियों सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।

वायरल गर्ल मोनालिसा की पहली फिल्म का टीजर रिलीज

0

वायरल गर्ल मोनालिसा की पहली फिल्म का टीजर रिलीज
महाकुंभ में माला बेचते हुए मोनालिसा वायरल हो गई थी. उनकी कजरारी आंखें और मासूम चेहरे ने फैंस का दिल लूट लिया था. इसके बाद मोनालिसा की किस्मत चमक उठी. अब वो बॉलीवुड एक्ट्रेस बनने जा रही हैं. उनकी पहली फिल्म है ‘द मणिपुर डायरीज’. इस फिल्म को सनोज मिश्रा बना रहे हैं.

फिल्म का पहला टीजर रिलीज हो गया है. द मणिपुर डायरीज के टीजर में मोनालिसा को देख फैंस काफी खुश हैं और उनकी एक्टिंग की तारीफ कर रहे हैं.

क्या है टीजर?
टीजर की शुरुआत मोनालिसा से ही होती है. टीजर में मोनालिसा को मणिपुर की सबसे अकेली लड़की बताया जाता है. वो शहर में भर में घूमती फिरती हैं. नेचर को एंजॉय करती हैं. उनके दोस्त जानवर, पेड़, तितलियां और पिल्लू. मोनालिसा अपनी अदाओं से दिल जीतती नजर आ रही हैं. मोनालिसा को झरने के पास रोमांस करते हुए भी दिखाया गया.

इसके अलावा फिल्म की कहानी में आगे मणिपुर की पॉलिटिक्स दिखाई गई है. टीजर में जाति- धर्म के नाम पर दंगा, धरना भी दिखाए गए.
फिल्म के डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने फिल्म की पूरी टीम और कलाकारों के साथ टीजर रिलीज किया. उन्होंने कहा, ‘द डायरी आफ मणिपुर फिल्म 10 करोड़ के बजट में लगभग एक साल में बनकर तैयार हुई है. ये एक लव स्टोरी है और इसमें मुख्य भूमिका में मोनालिसा और प्रयागराज के एक्टर अभिषेक तिवारी हैं. ये फिल्म उनके सपने के सच होने जैसा है. अप्रैल के पहले हफ्ते में इस फिल्म के रिलीज होने की पूरी संभावना है. ढाई घंटे की इस फिल्म में चार-पांच गाने भी हैं जो दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करेंगे. ये लव स्टोरी देश की राजधानी दिल्ली से नॉर्थ ईस्ट मणिपुर को कनेक्ट करती है.’

आगे उन्होंने कहा, ‘ये फिल्म मणिपुर में शूट हुई है. 5 फ़ीसदी फिल्म नेपाल और 80 फ़ीसदी फिल्म की शूटिंग उत्तराखंड में पूरी हुई है. वहीं महाकुंभ की वायरल गर्ल मोनालिसा ने कहा है, ‘द डायरी आफ मणिपुर’ फिल्म में काम कर मुझे बहुत अच्छा लगा. मुझे हिंदी नहीं आती थी और मैं पढ़ी-लिखी नहीं हूं. इस फिल्म के लिए मुझे काफी मेहनत करनी पड़ी. इसके लिए मुझे फिल्म के डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने पूरा सहयोग दिया इसके साथ-साथ मेरी फैमिली भी मेरे साथ खड़ी रही.’

फिल्म को लेकर मोनालिसा ने कहा ये
मोनालिसा ने अपने डायरेक्टर सनोज मिश्रा को लेकर कहा है, ‘उन्होंने एक आम लड़की को उन्होंने स्क्रीन तक पहुंचाया है. वो अपने गांव में स्कूल खोलना चाहती हैं. अपनी छोटी बहन को कलेक्टर बनना चाहती हैं. उनकी तेलुगु में भी एक फिल्म “लाइफ” भी बनकर तैयार है. जो जल्द ही रिलीज होने वाली है. इसके अलावा कुछ और फिल्मों पर भी काम चल रहा है.’

मोनालिसा ने दर्शकों से अपील की है कि वह उनकी अपकमिंग फिल्म “द डायरी ऑफ मणिपुर” देखने के लिए सिनेमाघर में जरूर जाएं.

PM मोदी से फैमिली के साथ मिले सचिन तेंदुलकर, बेटे अर्जुन की शादी का दिया न्योता

0

PM मोदी से फैमिली के साथ मिले सचिन तेंदुलकर, बेटे अर्जुन की शादी का दिया न्योता
भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर मार्च में सानिया चंडोक के साथ शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं. सचिन ने अपने परिवार से साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और उन्हें शादी का न्योता दिया. पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर पीएम मोदी के साथ मिलने की तस्वीरे शेयर करते हुए ये जानकारी दी.

परिवार के साथ पीएम मोदी से मिले सचिन तेंदुलकर
क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘हमें अर्जुन और सानिया के विवाह समारोह में माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ. इस युवा कपल को आपके आशीर्वाद और विचारशील सलाह के लिए पीएम मोदी को धन्यवाद.’

अर्जुन तेंदुलकर की कब होगी शादी?
सानिया चंडोक जाने-माने कारोबारी रवि घई की पोती हैं. वह एक क्वालिफाइड वेटरनरी टेक्नीशियन भी हैं. न्यूज एजेंसी आईएएनएस ने सूत्रों के हवाले से बताया कि शादी की रस्में 3 मार्च से शुरू होने की उम्मीद है. 5 मार्च को दोनों शादी रचाएंगे, जो मुंबई में होगी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कपल ने पिछले साल अगस्त में सगाई की थी. इस समारोह में सिर्फ परिवार और करीबी लोग ही शामिल हुए थे.

अर्जुन तेंदुलकर का क्रिकेटिंग करियर
अर्जुन एक तेज गेंदबाज और लोअर-ऑर्डर बल्लेबाज हैं, जिन्हें इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में मुंबई इंडियंस से लखनऊ सुपर जायंट्स में ट्रेड किया गया था. अर्जुन तेंदुलकर ने साल 2022 में गोवा के लिए रणजी ट्रॉफी में डेब्यू किया था. साल 2021 में अर्जुन तेंदुलकर को आईपीएल नीलामी में मुंबई इंडियंस (MI) ने 20 लाख के बेस प्राइस में खरीदा था. हालांकि, उस साल अर्जुन को चोट के कारण आईपीएल से बाहर होना पड़ा था.

इसके बाद आईपीएल 2022 की नीलामी में मुंबई इंडियंस ने एक बार फिर अर्जुन तेंदुलकर पर दांव खेला. उन्हें नीलामी में 30 लाख रुपये में खरीदा गया. अर्जुन ने आईपीएल 2023 में डेब्यू किया और इस सीजन 4 मुकाबले खेले थे. इसके बाद अगले साल मुंबई इंडियंस ने उन्हें सिर्फ एक मैच में उतारा. अर्जुन अब तक 5 आईपीएल मुकाबलों में 3 विकेट लेने के अलावा, 13 रन बना चुके हैं.

राहुल गांधी के आरोपों पर पेंगुइन ने दी सफाई तो आया जनरल नरवणे का रिएक्शन

0

राहुल गांधी के आरोपों पर पेंगुइन ने दी सफाई तो आया जनरल नरवणे का रिएक्शन
‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ किताब पर विवाद बढ़ता ही जा रहा है. राहुल गांधी ने जब से संसद में इस किताब का जिक्र किया, तब से कई बड़े बयान सामने आ चुके हैं. किताब की पब्लिशर कंपनी पेंगुइन पब्लिकेशन ने हाल ही में बयान जारी कर सफाई दी थी कि यह किताब अभी छपी नहीं है. इसके बाद किताब के लेखक पूर्व आर्मी चीफ एम एम नरवणे का बयान भी सामने आ गया है.

नरवणे ने पेंगुइन के पोस्ट को रिट्वीट किया
एम एम नरवणे ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट X पर पोस्ट किया है. उन्होंने पेंगुइन पब्लिकेशन के ट्वीट को पोस्ट करते हुए लिखा, ‘पुस्तक की वर्तमान स्थिति यही है.’ हालांकि, नरवणे ने इस मामले और किताब पर इससे ज्यादा कुछ नहीं कहा. यह नरवणे का पहला रिएक्शन है.

नरवणे से पहले पेंगुइन ने दी सफाई
इससे पहले पेंगुइन पब्लिकेशन ने भी ट्वीट कर सफाई दी थी. पेंगुइन ने कहा था कि यह एक घोषित किताब, प्री-ऑर्डर वाली किताब और प्रकाशित किताब तीन अलग-अलग चीजें हैं. अगर कोई कॉपी कहीं घूम रही है, तो यह कॉपीराइट उल्लंघन है. कंपनी ऐसी कॉपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगी. पेंगुइन ने पहले भी सोमवार (9 फरवरी 2026) को बयान दिया था कि किताब प्रकाशन की प्रक्रिया में नहीं गई है. आज की सफाई राहुल गांधी के सवालों के जवाब में आई है.

पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने कहा है कि कंपनी किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ के लिए एकमात्र प्रकाशन अधिकार रखती है. किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई है. इस किताब का प्री-ऑर्डर लिस्टिंग या ऐलान होना प्रकाशन नहीं माना जाता है. प्री-ऑर्डर एक सामान्य प्रक्रिया है, जिसमें लोग पहले से ऑर्डर दे सकते हैं, लेकिन किताब तब तक प्रकाशित नहीं होती जब तक वह दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिक्री के लिए उपलब्ध न हो.

विवाद की पूरी कहानी क्या है?
यह विवाद लोकसभा में शुरू हुआ जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने संसद परिसर में इस किताब की एक हार्डकॉपी दिखाई और कहा कि पूर्व सेना प्रमुख की किताब में कुछ ऐसी बातें हैं जो सरकार के लिए असुविधाजनक हैं. राहुल गांधी ने दावा किया कि किताब उपलब्ध है और इसमें गलवान घाटी विवाद जैसी संवेदनशील बातें हैं. उन्होंने जनरल नरावणे के 2023 के एक पुराने ट्वीट का हवाला दिया, जिसमें लिखा था कि उनकी किताब ‘अब उपलब्ध है’ और खरीदने के लिए लिंक दिया था.

राहुल गांधी ने प्रकाशक पेंगुइन पर सवाल उठाया था कि अगर किताब प्रकाशित नहीं हुई तो यह कैसे उपलब्ध थी. उन्होंने कहा कि या तो जनरल नरावणे झूठ बोल रहे हैं या पेंगुइन. राहुल ने आगे कहा, ‘मुझे लगता है जनरल नरावणे झूठ नहीं बोलेंगे.’

‘अमेरिका ने हमें टॉयलेट पेपर की तरह इस्तेमाल कर फेंक दिया’ – पाकिस्तान

0

‘अमेरिका ने हमें टॉयलेट पेपर की तरह इस्तेमाल कर फेंक दिया’ – पाकिस्तान
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने नेशनल असेंबली में तालिबान का जिक्र कर अमेरिका पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की धरती पर हुए दोनों युद्धों में इस्लाम की रक्षा के लिए भाग नहीं लिया था. उन्होंने स्वीकार किया कि अफगानिस्तान से जंग में उनके लोगों को जिहाद के नाम पर मरवाया गया और फिर भी पाकिस्तान उससे सबक नहीं सीखा.

US ने हमें टॉयलेट पेपर की तरह इस्तेमाल कर फेंका: ख्वाजा आसिफ
उन्होंने बताया कि पाकिस्तान ने इन युद्धों का समर्थन करने के लिए अपने शैक्षिक पाठ्यक्रम में भी बदलाव किए, जिन्हें आज तक सुधारा नहीं जा सका है. ख्वाजा आसिफ ने कहा कि 1999 के बाद पाकिस्तान ने अमेरिका का समर्थन हासिल करने के लिए दोबारा जंग में शामिल हो गया, जिसकी हमने भारी कीमत चुकाई है. उन्होंने इन फैसलों के लिए पूर्व सेना प्रमुख जनरल जिया-उल-हक और जनरल परवेज मुशर्रफ की आलोचना करते हुए कहा कि पाकिस्तान का इस्तेमाल टॉयलेट पेपर से भी बदतर टिशू पेपर की तरह किया गया और फिर फेंक दिया गया.

पुरानी सरकार को अमेरिकन बैसाखियां चाहिए थीं: ख्वाजा आसिफ
ख्वाजा आसिफ ने तर्क दिया कि इस गलत फैसले ने पाकिस्तान को दूसरों के युद्धों में एक मोहरे के रूप में स्थापित कर दिया. उन्होंने कहा, ‘1980 के दशक में अफगानिस्तान में रूस के खिलाफ विद्रोह हुआ, जिसे अमेरिका ने करवाया. उस समय पाकिस्तान की तत्कालीन सरकार को अमेरिकन बैसाखियां चाहिए थीं और इसलिए हमने इसमें अपने लोगों को शामिल कर लिया, जो बड़ी गलती थी.’

‘यूएस की वजह से हम तालिबान के खिलाफ हो गए’
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने कहा, ‘तालिबानियों ने रूस के खिलाफ जिस जंग की शुरुआत की थी उसका नाम जिहाद रखा. हालांकि वह जिहाद नहीं था क्योंकि रूस ने अफगानिस्तान पर कब्जा नहीं किया था. इस जंग में पाकिस्तान को शामिल होने का कोई औचित्य नहीं था, लेकिन फिर भी हम लड़े.’ उन्होंने कहा, ‘अमेरिका के लिए हम साल 2001 में तालिबान के खिलाफ हो गए. वह (अमेरिका) तो चला गया, लेकिन हम आज तक उसका नुकसान उठा रहे हैं. इसकी भरपाई कभी नहीं की जा सकती है.’

रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण ने बढ़ाई अपनी सिक्योरिटी

0

रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण ने बढ़ाई अपनी सिक्योरिटी
एक्टर रणवीर सिंह को धमकी मिली है और करोड़ों रुपयों की मांग की गई है.वहीं रणवीर सिंह–दीपिका पादुकोण ने अपनी सिक्योरिटी बढ़ाई है. एक्टर के फ्लैट पर 6 सशस्त्र गार्ड तैनात किए गए. लेकिन इस सिक्योरिटी को लेकर विवाद भी हो गया है. मुंबई के वर्ली इलाके में स्थित उनकी ब्यू मोंडे सोसायटी में सुरक्षा को लेकर विवाद हुआ.

दादर पुलिस स्टेशन में शिकायत की गई है. सोसायटी का दावा है कि बिना अनुमति के तैनाती की गई है. कॉमन एरिया में हथियारों के साथ गार्ड की आवाजाही से चिंता का माहौल है. एक वर्दीधारी पुलिसकर्मी की मौजूदगी पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं. सोसायटी ने दादर पुलिस से मांगा आधिकारिक स्पष्टीकरण. पुलिस ने मौके पर अधिकारी भेजे और जांच शुरू हुई.

बिना परमिशन के तैनात किए गए सुरक्षा गार्ड
सोसायटी ने एक पत्र भी लिखा है. इसमें लिखा गया- ये पत्र कल आपके कार्यालय में हुई हमारी बैठक के संदर्भ में है. इसमें ब्यू मोंडे (Beau Monde) सोसाइटी, फ्लैट क्रमांक 2602 के निवासी रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण द्वारा तैनात सशस्त्र सुरक्षा कर्मियों के विषय पर चर्चा की गई थी. बैठक के दौरान आपको अवगत कराया गया था कि उपरोक्त निवासियों द्वारा सोसाइटी प्रबंध समिति से पूर्व अनुमति या स्वीकृति लिए बिना छह सशस्त्र निजी सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए हैं. साथ ही ये भी देखा गया है कि उनके साथ एक वर्दीधारी पुलिसकर्मी भी तैनात है, जो पहले नहीं था.