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नेशनल अवॉर्ड में यामी गौतम और कार्तिक आर्यन छाए, अनंत नाग को मिला दादा साहेब फाल्के सम्मान

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72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में भारतीय सिनेमा के दिग्गज कलाकारों और फिल्मों का सम्मान हुआ। गुजरात के एकता नगर में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वर्ष 2024 के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान किए। इस दौरान दिग्गज कन्नड़ अभिनेता अनंत नाग को दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। पांच दशक से अधिक लंबे उनके सिनेमाई सफर और भारतीय सिनेमा में योगदान के लिए उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान दिया गया।

अभिनय के क्षेत्र में यामी गौतम ने ‘आर्टिकल 370’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार हासिल किया। वहीं कार्तिक आर्यन को ‘चंदू चैंपियन’ में उनके अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिला। इस श्रेणी में मलयालम सिनेमा के दिग्गज ममूटी को ‘ब्रह्मयुगम’ के लिए कार्तिक के साथ संयुक्त रूप से सर्वश्रेष्ठ अभिनेता चुना गया।

‘आर्टिकल 370’ को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार भी मिला। फिल्म के लिए यामी गौतम को मिले अभिनय सम्मान ने इसकी उपलब्धियों में एक और अध्याय जोड़ा। वहीं तमिल फिल्म ‘अमरन’ के लिए राजकुमार पेरियासामी को सर्वश्रेष्ठ निर्देशन का पुरस्कार मिला।

समारोह में रणदीप हुड्डा को ‘स्वतंत्र वीर सावरकर’ के लिए सर्वश्रेष्ठ नवोदित निर्देशक का पुरस्कार भी प्रदान किया गया। इस बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह पहली बार नई दिल्ली से बाहर गुजरात के एकता नगर में आयोजित हुआ, जिससे आयोजन को एक अलग स्वरूप मिला।

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 का बढ़ा क्रेज, 72 देशों से पहुंचेंगे करीब 600 विदेशी खरीदार

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उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक कर आयोजन की तैयारियों की समीक्षा की और सुरक्षा, ट्रैफिक, स्वच्छता, विदेशी मेहमानों के स्वागत तथा सुविधाओं को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश दिए। यह आयोजन 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित होगा।

इस वर्ष ट्रेड शो में 72 देशों और क्षेत्रों से करीब 600 अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के पहुंचने की उम्मीद है। विदेशी खरीदारों को फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशंस (FIEO) और विदेशों में स्थित भारतीय मिशनों के माध्यम से जोड़ा जा रहा है। जापान, वियतनाम, रूस, सिंगापुर, ऑस्ट्रिया और बेलारूस इस संस्करण के साझेदार देश होंगे।

ट्रेड शो में उत्तर प्रदेश के ODOP, MSME, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी, डिफेंस और एयरोस्पेस, कृषि, रिन्यूएबल एनर्जी, ऑटोमोबाइल एवं इलेक्ट्रिक व्हीकल, फार्मा, टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स, पर्यटन और संस्कृति जैसे क्षेत्रों को प्रदर्शित किया जाएगा। करीब 36,500 वर्ग मीटर प्रदर्शनी क्षेत्र बुक किया जा चुका है और 20 से अधिक नॉलेज सेशन आयोजित किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने विदेशी खरीदारों और प्रदर्शकों के लिए बेहतर आवास व्यवस्था, संबंधित देशों के लिए लायजन अधिकारियों की नियुक्ति और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ बिजनेस मीटिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आयोजन स्थल पर CCTV, इंटरनेट-वाइफाई, पेयजल, स्वच्छता और पार्किंग जैसी सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

आगंतुकों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए 500 से अधिक इलेक्ट्रिक शटल बसों की व्यवस्था की जा रही है, जो पार्किंग क्षेत्रों से प्रदर्शनी स्थल तक लोगों को पहुंचाएंगी। अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों और वीआईपी मेहमानों की सहायता के लिए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर विशेष सुविधा केंद्र भी बनाया गया है।

UPITS-2026 को उत्तर प्रदेश के उत्पादों, उद्यमों और औद्योगिक क्षमताओं को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने वाले प्रमुख व्यापारिक मंच के रूप में तैयार किया जा रहा है। आयोजन में बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) बैठकों और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के साथ व्यापारिक संपर्क पर विशेष जोर रहेगा।

‘वंदे मातरम्’ को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त, न गाने पर कार्रवाई के सवाल पर केंद्र से जवाब तलब

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राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के गायन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को अहम सुनवाई हुई। कर्नाटक संगीतकार टी. एम. कृष्णा की याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने इस सवाल पर विचार किया कि अंतरात्मा या धार्मिक कारणों से राष्ट्रीय गीत न गाने वाले व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जा सकती है या नहीं। अदालत ने इस मामले में केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।

छह छंदों को लेकर भी विवाद
याचिका में केंद्र सरकार के उन निर्देशों को चुनौती दी गई है, जिनमें आधिकारिक और अन्य निर्धारित कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ के सभी छह छंदों के गायन का प्रावधान किया गया है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस स्तर पर यह तय करने से इनकार किया कि राष्ट्रीय गीत के रूप में दो छंद गाए जाने चाहिए या सभी छह। अदालत ने कहा कि यह तय करना न्यायालय का विषय नहीं है कि राष्ट्रीय गीत का आधिकारिक स्वरूप कितने छंदों का होना चाहिए।

1986 के ‘बिजो इमैनुएल’ फैसले का जिक्र
सुनवाई के दौरान पीठ ने 1986 के बिजो इमैनुएल मामले का हवाला दिया। उस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि राष्ट्रगान का सम्मानपूर्वक खड़े होकर गायन न करने वाले छात्रों को केवल इस आधार पर दंडित नहीं किया जा सकता, यदि उनका आचरण उनकी अंतरात्मा और धार्मिक विश्वास से जुड़ा हो। अदालत ने संकेत दिया कि इस मामले में भी उस स्थापित कानूनी सिद्धांत की प्रासंगिकता पर विचार किया जाएगा।

2026 के कानून संशोधन से जुड़ा है मामला
केंद्र सरकार ने 2026 में राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 की धारा 3 में संशोधन किया है। सरकारी जानकारी के अनुसार संशोधन के बाद ‘वंदे मातरम्’ को भी उस कानूनी संरक्षण के दायरे में शामिल किया गया है, जिसके तहत राष्ट्रीय गान के गायन को जानबूझकर रोकना या उसके गायन में व्यवधान डालना दंडनीय है।

सुप्रीम कोर्ट में फिलहाल मामला विचाराधीन है। केंद्र का जवाब मिलने के बाद अदालत इस बात पर आगे सुनवाई करेगी कि संशोधित कानून और संबंधित सरकारी निर्देशों को संवैधानिक अधिकारों की कसौटी पर किस तरह देखा जाए।

अभिषेक शर्मा ने फिर दिखाया दम, विस्फोटक बल्लेबाजी से बनाया माहौल

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भारतीय क्रिकेट के युवा बल्लेबाज अभिषेक शर्मा एक बार फिर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी को लेकर चर्चा में हैं। अपनी तेजतर्रार बैटिंग और बड़े शॉट्स के लिए पहचाने जाने वाले अभिषेक ने हालिया मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम के लिए महत्वपूर्ण रन जुटाए।

पारी की शुरुआत से ही अभिषेक ने गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश की। उन्होंने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए चौके-छक्के लगाए और मैदान के अलग-अलग हिस्सों में शॉट्स खेलकर दर्शकों का मनोरंजन किया। उनकी बल्लेबाजी ने मुकाबले का रोमांच बढ़ा दिया।

अभिषेक की खासियत उनकी तेज रन बनाने की क्षमता मानी जाती है। पावरप्ले के दौरान वह तेजी से रन बटोरने के साथ विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश करते हैं। यही आक्रामक अंदाज उन्हें टी20 क्रिकेट में एक खास बल्लेबाज बनाता है।

भारतीय टीम में अपनी जगह मजबूत करने की कोशिश कर रहे अभिषेक के प्रदर्शन पर क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें बनी हुई हैं। युवा बल्लेबाज से आने वाले मुकाबलों में भी इसी तरह के आक्रामक प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।

परिवर्तिनी एकादशी पर मंदिरों में उमड़ी आस्था, विष्णु पूजा और व्रत का खास महत्व

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भाद्रपद शुक्ल पक्ष की परिवर्तिनी एकादशी आज श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जा रही है। हिंदू धर्म में इस एकादशी का विशेष महत्व माना गया है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा और व्रत करने से पुण्य की प्राप्ति होती है तथा भगवान विष्णु की कृपा बनी रहती है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, परिवर्तिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु शेषशय्या पर करवट बदलते हैं, इसलिए इसे परिवर्तिनी एकादशी कहा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु के वामन स्वरूप की पूजा का भी विशेष महत्व बताया गया है। श्रद्धालु सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करने के बाद भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करते हैं।

पूजन में भगवान विष्णु को पीले फूल, तुलसी दल, फल और नैवेद्य अर्पित किया जाता है। श्रद्धालु दिनभर उपवास रखते हुए भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि एकादशी व्रत मनुष्य को आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है और जीवन में सकारात्मकता लाता है।

परिवर्तिनी एकादशी के अवसर पर मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन के आयोजन किए जा रहे हैं। श्रद्धालु भगवान विष्णु के दर्शन कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना कर रहे हैं।

बलराम कृषि महोत्सव में CM यादव की किसानों से खास बातचीत, खेती के मुद्दों पर हुआ मंथन

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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रीवा में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव में शामिल किसानों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से खेती-किसानी, कृषि उत्पादन, सिंचाई, आधुनिक तकनीक और उनकी स्थानीय जरूरतों को लेकर चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने किसानों से बातचीत करते हुए कृषि क्षेत्र को अधिक समृद्ध और आधुनिक बनाने के लिए नई तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों की आय और कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।

कार्यक्रम में किसानों ने भी खेती से जुड़े अपने अनुभव साझा किए और क्षेत्र की कृषि संबंधी आवश्यकताओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों की बातों को सुना और कृषि क्षेत्र के विकास के लिए सरकार की विभिन्न योजनाओं एवं प्रयासों की जानकारी दी।

बलराम कृषि महोत्सव के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों, नई तकनीक और कृषि क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान और कृषि क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि मौजूद रहे।

स्थापना दिवस पर किसानों को मिलेगी प्राथमिकता, CM यादव ने दी ‘समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश’ की थीम

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश का स्थापना दिवस इस वर्ष “समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश” की थीम पर मनाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की प्रगति में किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका है और स्थापना दिवस के आयोजनों में कृषि, किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास को प्रमुखता दी जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्थापना दिवस की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेशभर में होने वाले कार्यक्रमों में मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, कृषि शक्ति और विकास की उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया जाए। उन्होंने आयोजन को जनभागीदारी से जोड़ने पर भी जोर दिया।

उन्होंने कहा कि किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, नवाचार और बेहतर बाजार व्यवस्था से जोड़ने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं। स्थापना दिवस के अवसर पर किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों की भागीदारी सुनिश्चित कर प्रदेश की कृषि क्षमता को सामने लाया जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि स्थापना दिवस के कार्यक्रम गरिमापूर्ण और आकर्षक होने के साथ-साथ प्रदेश के विकास की दिशा और भविष्य की संभावनाओं को भी प्रदर्शित करें। विभिन्न जिलों में स्थानीय संस्कृति और परंपराओं के अनुरूप कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, ताकि प्रदेश की विविधता और विरासत की झलक भी देखने को मिले।

तीज मिलन उत्सव में दिखेगी छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक, CM साय होंगे शामिल

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छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने वाले तीज पर्व के अवसर पर नवा रायपुर में आज भव्य तीज मिलन उत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपनी पत्नी कौशल्या देवी साय के साथ शामिल होंगे। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह भी अपनी पत्नी के साथ इस उत्सव में भाग लेंगे।

नवा रायपुर के सेक्टर-24 स्थित आयोजन स्थल पर तीजा पर्व की पारंपरिक झलक देखने को मिलेगी। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी लोकगीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, पारंपरिक नृत्य और स्थानीय व्यंजनों का आयोजन किया जाएगा। बड़ी संख्या में महिलाओं और सामाजिक संगठनों की भागीदारी की संभावना है।

तीज मिलन उत्सव को छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक माना जाता है। मुख्यमंत्री साय का इस आयोजन में शामिल होना राज्य की लोक परंपराओं और सांस्कृतिक आयोजनों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उत्सव के दौरान प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना भी की जाएगी।

ओडिशा प्रवास पर CM साय, राज्यपाल से हुई अहम मुलाकात

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ओडिशा प्रवास के दौरान सोमवार को भुवनेश्वर स्थित लोक भवन में राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कंभमपति से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान दोनों के बीच छत्तीसगढ़ और ओडिशा के साझा सामाजिक एवं सांस्कृतिक संबंधों के साथ विभिन्न समसामयिक विषयों पर चर्चा हुई।

मुलाकात के दौरान दोनों राज्यों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में विकास और आपसी सहयोग को और मजबूत करने की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ। राज्यपाल डॉ. कंभमपति ने कहा कि दोनों राज्यों के बीच लंबे समय से मजबूत सांस्कृतिक संबंध रहे हैं और इन्हें आगे और प्रगाढ़ बनाने की व्यापक संभावनाएं हैं।

मुख्यमंत्री साय का यह ओडिशा दौरा दो दिवसीय है। प्रवास के दौरान उन्होंने ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से भी मुलाकात की। साथ ही मुख्यमंत्री साय ने भुवनेश्वर में भगवान लिंगराज मंदिर में दर्शन-पूजन किया।

22 सितंबर को परिवर्तिनी एकादशी, भगवान विष्णु की पूजा का विशेष दिन

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हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। भाद्रपद शुक्ल पक्ष की परिवर्तिनी एकादशी का व्रत 22 सितंबर 2026, मंगलवार को रखा जाएगा। यह एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित मानी जाती है और इस दिन विशेष रूप से भगवान विष्णु के वामन स्वरूप की पूजा करने की परंपरा है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चातुर्मास के दौरान भगवान विष्णु योगनिद्रा में रहते हैं और परिवर्तिनी एकादशी के दिन करवट बदलते हैं। इसी वजह से इस एकादशी को परिवर्तिनी एकादशी कहा जाता है। इसे पद्मा, पार्श्व या वामन एकादशी के नाम से भी जाना जाता है।

इस दिन श्रद्धालु सुबह स्नान के बाद भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करते हैं। भगवान को पीले फूल, तुलसी दल, फल और पंचामृत अर्पित करने की परंपरा है। भक्त भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करने के साथ एकादशी व्रत कथा का पाठ और श्रवण भी करते हैं।

पंचांग के अनुसार, इस बार एकादशी तिथि 21 सितंबर की रात करीब 8 बजे से शुरू होकर 22 सितंबर की रात 9:43 बजे तक रहेगी। व्रत का पारण 23 सितंबर को किया जाएगा। उपलब्ध पंचांग विवरण के अनुसार पारण का समय सुबह 6:10 बजे से 8:35 बजे तक बताया गया है, हालांकि स्थानीय पंचांग के अनुसार समय में थोड़ा अंतर हो सकता है।

परिवर्तिनी एकादशी के अवसर पर मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे। श्रद्धालु भगवान विष्णु की आराधना के साथ दान-पुण्य और जरूरतमंदों की सहायता भी करेंगे।