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टी20 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया का धमाका, यह कारनामा करने वाली दुनिया के दूसरी टीम बनी

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टी20 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया का धमाका, यह कारनामा करने वाली दुनिया के दूसरी टीम बनी
आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 का 48वां मुकाबला आज (26 फरवरी) भारत और जिम्बाब्वे के बीच चेन्नई में खेला जा रहा है. जहां भारतीय टीम ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए इतिहास रच दिया है. वह टी20 वर्ल्ड कप इतिहास के एक मैच में विपक्षी टीम के खिलाफ सबसे बड़ा स्कोर खड़ा करने वाली दुनिया की दूसरी टीम बन गई है. पहले स्थान पर श्रीलंका का नाम आता है. जिन्होंने 2007 टी20 वर्ल्ड कप में केन्या के खिलाफ 260 रन बनाए थे. अब भारतीय टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ एक मैच में 256 रन बनाए हैं.

अभिषेक शर्मा और हार्दिक पंड्या ने लगाया अर्धशतक
भारत की तरफ से आज के मुकाबले में कुल दो बल्लेबाज अर्धशतक लगाने में कामयाब रहे. जिन दोनों बल्लेबाजों ने अर्धशतक जड़ा वह दोनों बल्लेबाजी अभिषेक शर्मा और हार्दिक पंड्या हैं. अभिषेक शर्मा ने पारी का आगाज करते हुए 30 गेंदों में 183.33 की स्ट्राइक रेट से 55 रन बनाए. वहीं पांचवें क्रम पर बल्लेबाजी करते हुए हार्दिक पंड्या ने 23 गेंद में 217.39 की स्ट्राइक रेट से नाबाद 50 रनों का योगदान दिया.

इन बल्लेबाजों ने भी लूटी महफिल
अभिषेक शर्मा और हार्दिक पंड्या ही नहीं जिम्बाब्वे के खिलाफ संजू सैमसन, ईशान किशन, सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा का बल्ला भी खूब चला. पारी का आगाज करते हुए सैमसन ने 15 गेंद में 24, जबकि ईशान किशन ने 24 गेंद में 38, कैप्टन सूर्यकुमार यादव ने 13 गेंद में 33 और तिलक वर्मा ने छठवें क्रम पर बल्लेबाजी करते हुए 16 गेंदों में नाबाद 44 रनों का योगदान दिया.

जिम्बाब्वे की तरफ से इन गेंदबाजों को मिली सफलता
जिम्बाब्वे की तरफ से आज के मुकाबले में कुल चार गेंदबाजों को क्रमशः एक-एक सफलता हाथ लगी. जिसमें रिचर्ड अंगारावा, ब्लेसिंग मुजाराबानी, तिनोतेंदा मपोसा और सिकंदर रजा का नाम शामिल है. अंगारावा ने सूर्यकुमार यादव, मुजाराबानी ने संजू सैमसन, मपोसा ने अभिषेक शर्मा और रजा ने ईशान किशन को आउट किया.

अगर दोषी नहीं थे केजरीवाल, तो जिम्मेदार कौन?

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अगर दोषी नहीं थे केजरीवाल, तो जिम्मेदार कौन?
राष्ट्र की बात
शीतल रॉय ✍🏻

जांच एजेंसियों की साख पर उठते सवाल

सत्ता की मंशा पर बहस तेज, जेल में बीते वक्त की भरपाई कौन करेगा?
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को शराब नीति घोटाले में अदालत द्वारा बरी किया जाना सिर्फ एक कानूनी फैसला नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम पर एक तीखा सवाल है,और प्रहार भी..
लंबे समय तक चले इस मामले में केजरीवाल की गिरफ्तारी, पूछताछ और जेल में बिताए गए दिनों के बाद अब अदालत कहती है कि आरोप सिद्ध नहीं हुए क्योकि पर्याप्त सबूतों की कमी थी,तो सवाल यह है कि फिर यह पूरा घटनाक्रम किसके जिम्मे जाता है?
इस पूरे मामले ने एक बार फिर जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या एक मुख्यमंत्री की समूची जांच
तथ्यों और सबूतों पर आधारित थी, या फिर किसी दबाव में दिशा तय की गई?
जब कोई बड़ा जनप्रतिनिधि महीनों तक जांच और पुलिस हिरासत का सामना करता है और अंत में बरी हो जाता है, तो यह केवल एक व्यक्ति की नहीं बल्कि पूरी जांच प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल पैदा हो जाता है।
और सत्ताधारी व्यवस्था पर प्रहार करता है।विपक्ष लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि अक्सर केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को दबाने के लिए किया जाता है। इस फैसले के बाद यह आरोप और तेज सिद्ध होते दिखाई दे रहे है।
क्या यह मामला भी उसी कड़ी का हिस्सा था?

क्या सत्ता के प्रभाव में किसी भी जनप्रतिनिधि की जांच की दिशा तय होती है?
ये सवाल अब और मुखर होंगे।क्योकि केजरीवाल का जो वक्त जेल में बीता उसकी भरपाई कौन करेगा?
सबसे बड़ा और सबसे असहज सवाल यही है।अगर अरविंद केजरीवाल दोषी नहीं थे, तो उनके जेल में बिताए गए समय की भरपाई कौन करेगा?

क्या कोई माफी?
य कोई जवाबदेही तय होगी।
या फिर यह मान लिया जाए कि सत्ता और सिस्टम की चक्की में पिसना ही “राजनीतिक जोखिम” है?
इस घटना का भविष्य पर क्या असर होगा क्या इसका फायदा विपक्ष को मिलेगा य फिर बड़ा नैरेटिव“राजनीतिक प्रताड़ना” का मुद्दा और मजबूत होगा

क्या अब जांच एजेंसियों की कार्यशैली और पारदर्शिता पर जवाबदेही की मांग तेज होगी।
आने वाले चुनावों में यह फैसला एक बड़ा राजनीतिक हथियार बन सकता है।क्योकि केजरीवाल की जीत का फैसला सिर्फ अदालत का नहीं, सिस्टम का आईना है।कोर्ट का यह निर्णय केवल एक केस का अंत नहीं, बल्कि उस प्रक्रिया का आईना है जिसमें आरोप पहले तय होते हैं और सबूत बाद में ढूंढे जाते हैं। लोकतंत्र व्यवस्था में कानून सर्वोपरि है, लेकिन जब निर्दोष साबित होने के बाद भी किसी को जेल की सलाखों के पीछे समय बिताना पड़े, तो यह सवाल उठना लाज़मी है। की केजरीवाल के बरी होने का फैसला ही अगर न्याय है, तो उसके पहले की पूरी प्रक्रिया भी उतनी ही न्यायपूर्ण होनी चाहिए?

लक्ष्मीप्रिया देवी की ‘बूंग’ का नया पोस्टर

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लक्ष्मीप्रिया देवी की ‘बूंग’ का नया पोस्टर
भारतीय सिनेमा के लिए गर्व का पल लेकर आई मणिपुरी फिल्म ‘बूंग’ अब एक बार फिर बड़े पर्दे पर लौटने जा रही है. निर्देशक लक्ष्मीप्रिया देवी की इस फिल्म ने हाल ही में बाफ्टा फिल्म अवार्ड में बड़ा सम्मान हासिल किया और इतिहास रच दिया. यह पहली भारतीय फिल्म है, जिसे इस मंच पर अवॉर्ड मिला. इसी बीच अब मेकर्स ने ऐलान किया है कि ‘बूंग’ 6 मार्च को देशभर के सिनेमाघरों में दोबारा रिलीज होगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा दर्शक इस खास कहानी को थिएटर में अनुभव कर सकें.

कैसी है फिल्म की कहानी ?
फिल्म की कहानी मणिपुर के एक छोटे से गांव में रहने वाले बच्चे के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी मां के साथ रहता है. उसके पिता जॉयकुमार रहस्यमय तरीके से गायब हो चुके हैं. कोई नहीं जानता कि वे जिंदा हैं या परिवार को छोड़कर चले गए. इसी दर्द के बीच यह बच्चा अपनी मां को खुश करने के लिए एक बड़ा फैसला करता है. वह अपने सबसे अच्छे दोस्त के साथ पिता की तलाश में निकल पड़ता है. यह सफर सिर्फ एक खोज नहीं, बल्कि भावनाओं, मासूमियत और उम्मीद की कहानी है. फिल्म में मुख्य भूमिकाएं गुगुन किंगपिन और बाला हिजाम ने निभाई हैं.

फिल्म की हुई जमकर तारीफ
बता दें, ‘बूंग’ को 79वें बाफ्टा फिल्म अवार्ड में बेस्ट चिल्ड्रेन एंड फैमिली फिल्म का अवॉर्ड मिला. यह इवेंट लंदन के रॉयल फेस्टिवल हाल में आयोजित हुआ था. फिल्म का वर्ल्ड प्रीमियर 2024 में टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में हुआ था, जिसके बाद इसे इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया और मामी मुंबई फिल्म फेस्टिवल जैसे बड़े फेस्टिवल्स में भी दिखाया गया. इसे एक्सेल एंटरटेनमेंट, चॉकबोर्ड एंटरटेनमेंट और सूटेबल पिक्चर्स ने मिलकर प्रोड्यूस किया है. निर्माताओं का कहना है कि फिल्म की कहानी सिर्फ मणिपुर की नहीं, बल्कि हर उस जगह की है जहां लोग मुश्किल हालात में भी उम्मीद का सहारा ढूंढते हैं. अब देखना दिलचस्प होगा कि दोबारा रिलीज पर दर्शक इस फिल्म को कितना प्यार देते हैं.

राजस्थान के माउंट आबू, कामां और जहाजपुर का नाम बदला

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राजस्थान के माउंट आबू, कामां और जहाजपुर का नाम बदला
राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने की सदन में बड़ी घोषणा की. उन्होंने कहा कि माउंट आबू का नाम बदलकर आबूराज, कामां का नाम बदलकर कामवन और जहाजपुर का बदलकर यज्ञपुर किया गया. सीएम ने जैसी ही ये घोषणा की, सदन में मेजें थपथपाकर इस फैसले का स्वागत किया गया. राज्य सरकार ने अंग्रेजी प्रभाव वाला नाम बदल दिया. आबू को धार्मिक दृष्टि से पवित्र पर्वत माना जाता है. हर सालष लाखों श्रद्धालु आबू की परिक्रमा करते हैं. ये ऋषि-मुनियों की तपोभूमि रही है. राज्य मंत्री ओटाराम देवासी और विधायक समाराम गरासिया ने मांग उठाई थी. लंबे समय से नाम बदलने की मांग चल रही थी.

राजस्थान देश का ग्रोथ इंजन बन रहा- सीएम
बजट पर चर्चा के दौरान सीएम भजनलाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व में राजस्थान देश का ग्रोथ इंजन बन कर उभर रहा है. राजस्थान की निरंतर बढ़ती अर्थव्यवस्था हमारी सरकार की पारदर्शी नीयत, प्रभावी नीतियों और दृढ़ संकल्प का सशक्त परिणाम है.

‘कांग्रेस की तुलना में किसानों के बजट में 34 फीसदी की वृद्धि’
सीएम ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल की तुलना में किसानों के बजट में 34 फीसदी की वृद्धि, डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता और किसान हितैषी नीतियों का सशक्त प्रमाण है. डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों से कृषि क्षेत्र को मिली यह ऐतिहासिक बढ़ोतरी किसानों की आय, सिंचाई, बीज, उर्वरक और तकनीकी सशक्तीकरण को नई गति दे रही है. उन्होंने कहा कि राज्य में प्रति व्यक्ति आय में 21.15% की वृद्धि दर्ज होना हमारी सरकार की सुदृढ़ आर्थिक नीतियों, कुशल वित्तीय प्रबंधन और तीव्र विकास का सशक्त प्रमाण है.

बीजेपी जो कहती है, वो करके दिखाती है- सीएम
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बीजेपी जो कहती है, वो करके दिखाती है. डबल इंजन सरकार के संकल्प से राजस्थान को जल्द ही यमुना नदी का पानी मिलने जा रहा है.

एमएस धोनी झारखंड में स्थित मां देवड़ी मंदिर दर्शन के लिए पहुंचे

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एमएस धोनी झारखंड में स्थित मां देवड़ी मंदिर दर्शन के लिए पहुंचे
भारतीय क्रिकेट टीम और चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के पूर्व कप्तान एमएस धोनी (MS Dhoni) अपनी परंपरा को निभाते हुए झारखंड के प्रसिद्ध मां देवड़ी के मंदिर पहुंचे. माही का मंदिर पहुंचने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. आईपीएल के अगले सीजन (IPL 2026) से पहले माही ने अपनी अटूट आस्था को एक बार फिर दुनिया को दिखाया.

बता दें कि आईपीएल के अलावा धोनी अपना ज्यादातर वक्त रांची में परिवार के साथ ही बिताते हैं. वहीं शुक्रवार को धोनी के मां देवड़ी के मंदिर पहुंचने का वीडियो सामने आया. यह मंदिर रांची से करीब 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. माही ने मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चाना की. वहीं सामने आई एक तस्वीर में माही तिलक लगाए हुए नजर आए. इसके अलावा उनके हाथ में लाल चुनरी भी दिखाई दी.

आईपीएल से पहले हर साल करते हैं दर्शन
कई मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि एमएस धोनी आईपीएल की शुरुआत से पहले हर साल मां देवड़ी के मंदिर दर्शन के लिए जाते हैं. 2026 के सीजन से पहले भी उन्होंने इस रीति-रिवाज को बखूबी बरकरार रखा. धोनी के मंदिर पहुंचते ही वहां भीड़ जमा हो गई.

बहुत पुराना है मंदिर का इतिहास
गौरतलब है कि मंदिर का इतिहास काफी पुराना है. बताया जाता है कि मंदिर 700 साल से भी ज्यादा पुराना है. हालांकि मंदिर के निर्माण का सही समय अब भी एक रहस्य बना हुआ है. मंदिर में दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं.

एमएस धोनी का आईपीएल करियर
धोनी ने अब तक अपने आईपीएल करियर में 278 मुकाबले खेल लिए हैं. इन मैचों की 242 पारियों में बैटिंग करते हुए उन्होंने 38.30 की औसत और 137.45 के स्ट्राइक रेट से 5439 रन बनाए. इस दौरान उनके बल्ले से 24 अर्धशतक निकले, जिसमें हाई स्कोर 84* रनों का रहा. वहीं माही ने 375 चौके और 264 छक्के लगा लिए हैं.

‘स्प्लिट्सविला 7’ फेम मयंक पवार का हुआ निधन

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‘स्प्लिट्सविला 7’ फेम मयंक पवार का हुआ निधन
टेलीविजन इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर सामने आ रही है. ‘स्पिट्सविला 7’ में नजर आए एक्टर और मॉडल मयंक पवार का निधन हो गया है. मयंक ने कुछ दिन पहले यानी 1 जनवरी 2026 को ही अपना 37वां जन्मदिन मनाया था. उनके निधन की खबर उन्हीं के इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिए शेयर की गई है. जिससे दोस्त और फैंस भी हैरान रह गए हैं.

सोशल मीडिया से मिली खबर
मयंक के निधन की खबर उन्हीं के इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिए शेयर की गई है. जिसमें उनकी फोटो है और उसके साथ कंडोलेंस मीटिंग के लिए तारीख दी गई है. इस पोस्ट को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, ‘एक भाई, एक चैम्पियन, एक मैंटोर और कई लोगों के लिए एक इंस्पिरेशन. मयंक पवार हमेशा हमारे दिल में रहेंगे. कृपया प्रार्थना में शामिल हों और याद करें. ओम शांति’.

सोमवार को हो गया था निधन
इस पोस्ट में बताया गया है कि मयंक का निधन 23 फरवरी 2026 को हुआ. इसके बाद अब उनकीप्रार्थना सभा 25 फरवरी 2026 को रखी गई है. हालांकि इस पोस्ट में उनके निधन का कोई कारण नहीं बताया गया है. ऐसे में उनके फैंस भी हैरान है और जानना चाहते हैं कि आखिर मयंक को इतनी कम उम्र में हुआ क्या था.

स्प्लिट्सविला में आए थे नजर
बता दें कि मयंक पवार टीवी रियलिटी शो ‘स्प्लिट्सविला’ के सातवें सीजन में नजर आए थे. इस शो में मयंक को काफी पसंद किया गया था. शो में मयंक ने हर टास्क को बेहतरीन तरीके से किया था, जिसके चलते उन्हें साथी कंटेस्टेंट्स भी बहुत पसंद करते थे. यहां तक कि जिस दिन मयंक शो से बाहर हुए थे ये एपिसोड सबसे ज्यादा सुर्खियों में रहा था. शो की होस्ट सनी लियोनी तक की आंखें भर आई थीं. जब मयंक बाहर जा रहे थे तब सनी लियोनी ने उन्हें गले लगाया तो वहीं को-होस्ट निखिल चिनप्पा ने भी मयंक की खूब तारीफ की थी.

पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर फिर किया अटैक

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पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर फिर किया अटैक
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर बॉर्डर पर पांच जगहों पर झड़प की खबरें सामने आई है. पाकिस्तानी सेना ने मंगलवार (24 फरवरी 2026) शाम 6:43 बजे (भारतीय समयानुसार) उरघा बॉर्डर पर स्थित अफगानिस्तान की पोस्ट को आर्टिलरी से निशाना बनाया. इसके बाद उराघा बॉर्डर, जका खेल, वरघा, शाहकोट और लंदी कोटल इलाको में झड़प शुरू हो हुई.

अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक की भारत ने निंदा की
पाकिस्तान की सेना ने रविवार की सुबह अफगानिस्तान की सीमा से लगे इलाकों में एयरस्ट्राइक किया. काबुल ने आरोप लगाया कि ऑपरेशन में रिहायशी जगहों पर हमला हुआ. वहीं पाकिस्तान ने कहा कि हमले अफगानिस्तान के आतंकी समूहों पर किए गए थे, जिन्हें वह पाक के अंदर हाल ही में हुए कई सुसाइड हमलों के लिए जिम्मेदार मानता है. अफगानिस्तान क्षेत्र में पाकिस्तान के हवाई हमले की भारत ने निंदा की.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘भारत रमजान के पवित्र महीने के दौरान अफगान धरती पर पाकिस्तान के हवाई हमलों की कड़ी निंदा करता है, जिसके परिणामस्वरूप महिलाओं और बच्चों सहित आम नागरिकों की मौत हुई है. यह पाकिस्तान की ओर से अपनी आंतरिक विफलताओं का दोष भारत पर डालने का एक और प्रयास है. भारत अफगानिस्तान की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और स्वतंत्रता के प्रति अपने समर्थन को दोहराता है.’

पाकिस्तान का अफगानिस्तान पर आरोप
पाकिस्तान अफगानिस्तान पर आरोप लगाता रहा है कि वह आतंकवादियों को हमलों के लिए अपनी धरती का इस्तेमाल करने से रोकने में नाकाम रहा है. इसके कारण पाकिस्तान और अफगान तालिबान के बीच संबंध बिगड़ गए हैं. पिछले साल अक्टूबर में, दोनों पक्षों के बीच संक्षिप्त रूप से सशस्त्र संघर्ष हुआ था. पाकिस्तानी सेना के अनुसार, इसमें 23 पाकिस्तानी सैनिक और 200 से अधिक अफगान तालिबान सैनिक मारे गए थे.

पाकिस्तान के एयरस्ट्राइक के बाद तालिबान ने आसिम मुनीर की सेना को कार्रवाई की चेतावनी दी. अफगान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा, पाकिस्तान ने नंगरहार और पक्तिका प्रांतों में हमारे आम लोगों पर बमबारी की, जिसमें महिलाओं और बच्चों समेत दर्जनों लोग मारे गए और घायल हो गए.

टीम इंडिया के स्टार क्रिकेटर रिंकू सिंह टूर्नामेंट को बीच में छोड़ घर लौटे

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टीम इंडिया के स्टार क्रिकेटर रिंकू सिंह टूर्नामेंट को बीच में छोड़ घर लौटे
2026 टी20 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया के लिए सेमीफाइनल की राह मुश्किल हो गई है. इस बीच भारतीय टीम को एक बड़ा झटका भी लगा है. टीम इंडिया के स्टार क्रिकेटर रिंकू सिंह टूर्नामेंट को बीच में छोड़ घर लौट गए हैं. मंगलवार को चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में टीम इंडिया का प्रैक्टिस सेशन था, लेकिन इसमें रिंकू सिंह ने हिस्सा नहीं लिया. उनके अलावा बाकी खिलाड़ी अभ्यास करते नजर आए.

रिपोर्ट में बताया गया है कि रिंकू सिंह के पिता की तबियत खराब हो गई है. उनकी हालत गंभीर है. इसी कारण रिंकू सिंह को अचानक घर लौटना पड़ा है. 28 साल के रिंकू सिंह उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के रहने वाले हैं. रिंकब वापस कब लौटेगें और कब टीम इंडिया से दोबारा जुड़ेंगे, इसे लेकर अभी कोई अपडेट सामने नहीं आया है.

26 फरवरी को भारत का जिम्बाब्वे से है मैच
2026 टी20 विश्व कप में भारत का अगला मैच जिम्बाब्वे से है. भले ही टीम इंडिया का मैच जिम्बाब्वे जैसी छोटी टीम से है, लेकिन भारत के लिए यह मुकाबला काफी अहम है, क्योंकि भारतीय टीम को यह मैच बड़े अंतर से जीतना है. वैसे, जिम्बाब्वे इस टूर्नामेंट में काफी शानदार खेली है. वो दो उलटफेर भी कर चुकी है. जिम्बाब्वे ने इस विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका को हराया है.

रिंकू सिंह की जगह अक्षर पटेल को मिल सकता है मौका
भारत और जिम्बाब्वे का मैच चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला जाना है. यहां की पिच स्पिनर्स के लिए अनुकूल रहती है. ऐसे में अगर रिंकू सिंह उपलब्ध नहीं होते हैं तो फिर उनकी जगह अक्षर पटेल को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जा सकता है. अक्षर के आने से बैटिंग कमजोर भी नहीं होगी और बॉलिंग में एक विकल्प और बढ़ जाएगा. अक्षर टूर्नामेंट में शुरुआती मैच खेले थे, लेकिन फिर उनकी जगह वाशिंगटन सुंदर को मौका दिया गया था.

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को बताया ‘संकल्प से सिद्धि’ का रोडमैप

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को बताया ‘संकल्प से सिद्धि’ का रोडमैप
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रदेश के सर्वांगीण विकास, अंत्योदय और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को साकार करने वाला बजट है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का पहला बजट “ज्ञान” और दूसरा बजट “गति” की थीम पर आधारित था, जबकि इस वर्ष का बजट “संकल्प” की भावना को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है, जो विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में निर्णायक कदम सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस बजट में समावेशी विकास, अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण, निवेश संवर्धन, कुशल मानव संसाधन निर्माण, लाइवलीहुड, अंत्योदय तथा “पॉलिसी से परिणाम” तक की स्पष्ट रणनीति को प्राथमिकता दी गई है। यह बजट यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत 2047 के विजन के अनुरूप प्रदेश की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार मिशन मोड में कार्य करने के लिए पांच मुख्यमंत्री मिशन प्रारंभ कर रही है, जिनमें मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन, मुख्यमंत्री एआई मिशन, मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन, मुख्यमंत्री स्टार्टअप मिशन तथा मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन शामिल हैं। इन मिशनों के माध्यम से प्रदेश के विकास को नई दिशा, नई धार और नई गति मिलेगी।

उन्होंने कहा कि शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्कूल शिक्षा के लिए कुल बजट का 13.5 प्रतिशत प्रावधान किया गया है, जो सर्वाधिक है। बस्तर के अबूझमाड़ और जगरगुंडा में दो एजुकेशन सिटी स्थापित की जाएंगी, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों के लिए कैशलेस उपचार सुविधा हेतु भी बजट में प्रावधान किया गया है। औद्योगिक विकास को गति देने के लिए 23 नवीन औद्योगिक पार्कों की स्थापना हेतु 250 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। वहीं शहरी क्षेत्रों के विकास के लिए मुख्यमंत्री आदर्श शहर समृद्धि योजना में 200 करोड़ रुपए तथा भूमि विकास बैंक के लिए भी 200 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है और कृषि क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था की आधारशिला है। इसी को ध्यान में रखते हुए कृषि क्षेत्र के लिए 13 हजार 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। किसानों को 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी के अंतर की राशि का भुगतान एकमुश्त करने की व्यवस्था जारी रहेगी और इसके लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर और सरगुजा क्षेत्र का विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इन क्षेत्रों में खाद्य, कृषि और उससे जुड़े उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। साथ ही बकरी पालन, सूअर पालन और मधुमक्खी पालन जैसे गतिविधियों को बढ़ावा देकर स्थानीय लोगों की आय बढ़ाने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि इंद्रावती नदी पर देवरगांव और मटनार बैराज निर्माण के लिए 2000 करोड़ रुपए से अधिक का प्रावधान किया गया है, जिससे बस्तर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता का विस्तार होगा और किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि माओवादी उन्मूलन में बस्तर फाइटर्स की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। उनके योगदान को ध्यान में रखते हुए बस्तर फाइटर्स में 1500 नई भर्तियों का प्रावधान किया गया है। पर्यटन और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने के लिए होमस्टे योजना हेतु 10 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं, जिनमें कुनकुरी, मनेन्द्रगढ़, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा एवं दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज संचालन, जगदलपुर-अंबिकापुर हवाई सेवाओं का विस्तार, अंदरूनी क्षेत्रों में मुख्यमंत्री बस सेवा तथा बस्तर एवं सरगुजा ओलंपिक्स के आयोजन शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि युवाओं के लिए भर्ती प्रक्रियाओं को तेज करने हेतु व्यापम की दक्षता बढ़ाने के प्रावधान किए गए हैं। साथ ही युवाओं के शैक्षणिक भ्रमण के लिए छत्तीसगढ़ युवा दर्शन योजना प्रारंभ की जाएगी तथा लखपति दीदियों के भ्रमण कार्यक्रम के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री साय ने इस बजट को प्रदेशवासियों की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब बताते हुए वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी एवं उनकी पूरी टीम को बधाई दी और कहा कि यह बजट प्रदेश को समृद्धि की नई ऊंचाइयों तक ले जाने में मील का पत्थर साबित होगा।

दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड के फर्जी चेक से 10 करोड़ की ठगी का प्रयास, आरोपी को 3-3 साल की सजा

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दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड के फर्जी चेक से 10 करोड़ की ठगी का प्रयास, आरोपी को 3-3 साल की सजा
भोपाल, 24 फरवरी 2026।संभागीय जनसंपर्क अधिकारी भोपाल मनोज त्रिपाठी के अनुसार माननीय न्यायालय अतुल सक्सेना, 23वें अपर सत्र न्यायाधीश, भोपाल द्वारा फर्जी चेक के माध्यम से राशि आहरण करने का प्रयास करने वाले आरोपी शौकीन्द्र कुमार पिता धर्मपाल को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई गई है।

न्यायालय ने आरोपी को धारा 420 सहपठित धारा 511 भादवि के तहत 3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500 रुपये अर्थदंड तथा धारा 474 भादवि के तहत 3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500 रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। प्रकरण में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक एसटीएफ भोपाल आकिल खान ने पैरवी की।

घटना का विवरण
प्रकरण के अनुसार पुलिस थाना एसटीएफ भोपाल को कंपनी के अध्यक्ष भारत जी द्वारा लिखित शिकायत दी गई थी। शिकायत में बताया गया कि कंपनी द्वारा पूर्व में जारी चेक क्रमांक 492400 राशि 3,000 रुपये, जो कर्मचारी अंकुर कुमार को दिया गया था, उसकी क्लोनिंग कर अज्ञात व्यक्ति द्वारा 10 करोड़ रुपये का फर्जी चेक तैयार किया गया।

यह फर्जी चेक 27 फरवरी 2020 को देव कंस्ट्रक्शन के नाम से केनरा बैंक, जिला मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश में प्रस्तुत किया गया। क्लियरिंग शाखा द्वारा जांच में पाया गया कि उक्त क्रमांक का मूल चेक पहले ही आहरित हो चुका है। इसके बाद बैंक ने भुगतान पर रोक लगाते हुए संबंधित शाखा को सूचना दी।

सूचना के आधार पर पुलिस थाना एसटीएफ भोपाल में अपराध क्रमांक 144/2020 धारा 420, 511 एवं 474 भादवि के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना की गई। संपूर्ण जांच उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
न्यायालय ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों, दस्तावेजों एवं तर्कों से सहमत होते हुए आरोपी को दोषसिद्ध ठहराते हुए उपरोक्त सजा का निर्णय पारित किया।