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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीसी से ग्वालियर के कृषि मंथन में कृषि वैज्ञानिकों को दिया संदेश

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीसी से ग्वालियर के कृषि मंथन में कृषि वैज्ञानिकों को दिया संदेश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसान हमारे प्रदेश की अर्थव्यवस्था के आधार स्तंभ हैं। इनके अथक परिश्रम से ही हमारे बाजार गुलजार है। हम वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रहे हैं। यह वर्ष प्रदेश के इतिहास में किसानों के हित और समग्र कल्याण के मामले में मील का पत्थर साबित होगा।उन्होंने कहा कि यह वर्ष ‘खेत से लेकर कारखाने तक और बाग से लेकर बाजार तक’ की पूरी मूल्य संवर्धन श्रृंखला को एक सूत्र में जोड़ेगा। इस वर्ष हम क़ृषि उत्पादों के प्रसंस्करण और इनमें वैल्यू एडिशन के लिए अधिकाधिक रोजगार आधारित उद्योगों के विकास, उन्नत किस्म के बीजोत्पादन, पशुपालन, दुग्धोत्पादन, मत्स्योत्पादन में वृद्धि सहित हर वो कदम उठाएंगे, जिनसे खेती और अन्नदाताओं का विकास हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास से कृषि विश्वविद्यालय परिसर, ग्वालियर में हो रहे ‘कृषि मंथन एवं कृषि प्रौद्योगिकी मेला 2026’ को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना संबंधी कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में तेज़ी से सिंचाई सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। हमारी सरकार प्रदेश में औषधीय और मसाला फसलों का उत्पादन बढ़ाने के सभी प्रयास कर रही है। हम जल्द ही कृषि उत्पादन निर्यात नीति लाने वाले हैं। हम कृषि में शोध कार्य भी बढ़ायेंगे। उन्होंने कहा कि हम खेती-किसानी और फल-फूलों की खेती को लाभकारी व्यवसाय बनाने के लिए कोई कसर नहीं रखेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस कृषि मंथन से जो अमृत निकलेगा, वह हमें किसानो के कल्याण के लिये प्रभावी और कारगर कदम उठाने में सहायक होगा। ‘कृषि मंथन’ राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् (आईसीएआर) नई दिल्ली और कृषि विभाग, म.प्र. शासन के संयुक्त तत्वावधान में हो रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश” की थीम पर हो रहा कृषि मंथन निश्चित ही किसानों को खेती में जरूरी सुधार और बदलाव लाने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार आधुनिक कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, डेयरी और मत्स्य क्षेत्रों में मूल्य-श्रृंखला विकास, प्रोसेसिंग, तकनीक अपनाने और ग्रामीण युवाओं की उद्यमिता को बढ़ावा देकर व्यापक रोजगार सृजन करने पर फोकस कर रही है। तकनीकी नवाचार, विविधीकरण और नीतिगत समर्थन से इन क्षेत्रों में न केवल उत्पादकता बढ़ाई जा सकेगी, बल्कि विपणन एवं प्रसंस्करण के क्षेत्र में बाजार अनुरूप लाभकारी व्यवस्था कृषकों के लिए निर्मित होगी। हम कृषि के अलावा उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं सहकारिता क्षेत्र में भी नई सोच से आगे बढ़ रहे है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज कृषि जलवायु परिवर्तन के बढ़ते जोखिमों का सामना कर रही है। इस मंथन में देश के विभिन्न कृषि संस्थानों के वरिष्ठ वैज्ञानिक विचार मंथन कर नई तकनीकों के विकास की राह प्रशस्त करेंगे।

वीडियो काँफ्रेंसिंग में सचिव कृषि एवं किसान कल्याण विभाग निशांत वरवड़े, सचिव परिवहन एवं आयुक्त जनसम्पर्क मनीष सिंह ने भोपाल से सहभागिता की। यूनिवर्सिटी परिसर में हो रहे इस कृषि मंथन में कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर के कुलगुरू प्रो. (डॉ.) अरविंद कुमार शुक्ला, आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, अयोध्या के कुलपति डा. ब्रजेन्द्र सिंह, यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज, धारवाड़, कर्नाटक के कुलपति डॉ. पी.एल पाटिल, भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान, मोदीपुरम, मेरठ के निदेशक डॉ. सुनील कुमार, देश के विभिन्न कृषि संस्थानों से आये वैज्ञानिक, आईसीएआर के पदाधिकारी सहित कृषि अधिकारी भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लुप्तप्राय प्रजातियों के 5 गिद्धों को हलाली डेम जल क्षेत्र में किया मुक्त

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लुप्तप्राय प्रजातियों के 5 गिद्धों को हलाली डेम जल क्षेत्र में किया मुक्त
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को हलाली डेम क्षेत्र में लुप्तप्राय प्रजाति के 5 गिद्ध को प्राकृतिक आवास में मुक्त किया। इनमें चार भारतीय गिद्ध (जिप्स इंडिकस) और एक सिनेरियस गिद्ध (एजिपीयस मोनाकस) शामिल हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पारिस्थितिकी तंत्र में सहयोगी पशु पक्षियों के संरक्षण के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। मध्यप्रदेश जहां बाघ, तेंदुआ और अन्य वन्य प्राणियों की सर्वाधिक संख्या वाला राज्य है वहीं गिद्ध संरक्षण में भी देश में प्रथम है। मध्यप्रदेश में सभी प्रांतों से अधिक संख्या में गिद्ध पाए जाते हैं। इनमें प्रवासी गिद्ध भी शामिल हैं। पारस्थितिकी तंत्र में इन पक्षियों का विशेष योगदान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन विभाग और स्थानीय प्रशासन को गिद्ध पक्षी संरक्षण के प्रयासों के लिए बधाई दी।

इस अवसर पर बताया गया कि उच्च परिशुद्धता वाले जीपीएस-जीएसएम उपग्रह ट्रांसमीटरों से सुसज्जित पाँच दुर्लभ प्रजाति के गिद्धों को भोपाल स्थित गिद्ध संरक्षण प्रजनन केंद्र में व्यवस्थित अनुकूलन और अवलोकन अवधि के बाद मुक्त किया गया है। टैगिंग प्रक्रिया सभी संबंधित संस्थाओं एवं वन विभाग के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में वाइल्डलाइफ एसओएस के वन्यजीव पशु चिकित्सक की देख-रेख में हुई है। यह पहल मध्य भारत के विकसित होते ‘गिद्ध परिदृश्य’ को समझने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जहाँ भारतीय गिद्ध सामान्यतः एक ही क्षेत्र में रहते हैं, वहीं सिनेरियस गिद्ध मध्य एशियाई फ्लाई-वे के अंतर्गत लंबी दूरी का प्रवास करते हैं, जो 30 से अधिक देशों तक फैला विश्व का एक प्रमुख प्रवासी पक्षी गलियारा है।

गिद्ध संरक्षण एवं पक्षी संरक्षण के प्रयास
पक्षी संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मध्यप्रदेश के वन विभाग ने डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया और बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी के सहयोग से गिद्धों की गतिविधियों और निगरानी के लिए उपग्रह टेलीमेट्री कार्यक्रम प्रारंभ किया है। टेलीमेट्री से प्राप्त आंकड़ों के माध्यम से गिद्धों के भू-दृश्य उपयोग, आवागमन पैटर्न और मानव-जनित दबावों के प्रति उनकी प्रतिक्रिया के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होती है। इससे प्रमुख पड़ाव स्थलों और भोजन क्षेत्रों की पहचान, संरक्षित एवं मानव-प्रधान क्षेत्रों में उनकी पारिस्थितिकी को समझने तथा बिजली के झटके, विषाक्तता और आवास क्षरण जैसे उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान करने में सहायता मिल रही है। इस प्रक्रिया में संग्रहित वैज्ञानिक प्रमाण अधिक प्रभावी खतरा-निवारण रणनीतियाँ विकसित करने और सीमा-पार सहयोग सहित भू-दृश्य स्तर पर संरक्षण योजनाओं को सशक्त बनाने में सहायक होंगे।

मध्यप्रदेश में उपग्रह टेलीमेट्री से गिद्ध संरक्षण की एकीकृत डेटा-आधारित एवं भू-दृश्य स्तरीय संरक्षण का पारस्थितिकी तंत्र विकसित हुआ है। इससे लुप्तप्राय गिद्ध प्रजातियों का संरक्षण होगा और पर्यावरणीय स्वास्थ्य के प्रहरी के रूप में उनकी भूमिका भी दीर्घकालिक रूप से सुनिश्चित होगी।

भारतीय परंपरा में गिद्धों को शक्ति और सम्मान का प्रतीक माना गया है। रामायण में उल्लेख है कि जटायु ने रावण से माता सीता की रक्षा के प्रयास में आत्मोत्सर्ग कर दिया। रामायण में ही उसके भाई सम्पाती की भी कथा है, जिसने अपने छोटे भाई जटायु को सूर्य की तपन से बचाते हुए बलिदान दे दिया था। पर्यावरण पारिस्थितिकी तंत्र में गिद्ध प्रकृति के सफाईकर्मी के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। गिद्ध पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में सहायक हैं, साथ ही बीमारियों के प्रसार को रोकने में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। मध्यप्रदेश लंबे समय से देश में गिद्धों की समृद्ध आबादी का केंद्र रहा है। प्रदेश में भारतीय गिद्ध (लॉन्ग-बिल्ड वल्चर), सिनेरियस गिद्ध (ब्लैक वल्चर), मिस्र गिद्ध (व्हाइट स्कैवेंजेर वल्चर) और हिमालयन ग्रिफॉन जैसी प्रजातियाँ पाई जाती हैं। हाल ही में वल्चर एस्टिमेशन-2026 के पहले दिन दक्षिण पन्ना वन प्रभाग में एक हजार से अधिक गिद्धों का अवलोकन किया गया, जो हाल के वर्षों में सर्वाधिक संख्या है।

कार्यक्रम में वरिष्ठ विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी, जिला पंचायत पदाधिकारी यशवंत मीणा, राकेश शर्मा के अलावा सु राजो मालवीय सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन कमलेश बहादुर सिंह ने किया।

संत गाडगे बाबा ने दिया स्वच्छता ही सच्ची पूजा का संदेश : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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संत गाडगे बाबा ने दिया स्वच्छता ही सच्ची पूजा का संदेश : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में राष्ट्र संत शिरोमणि गाडगे बाबा की 150वीं जयंती पर आयोजित निर्मल दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हम सभी ऐसे महान संत का स्मरण कर रहे हैं, जिन्होंने अपने जीवन और कर्मों से समाज को स्वच्छता, सेवा और सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि संत गाडगे बाबा ने “स्वच्छता ही सच्ची पूजा” का जो संदेश दिया, वह आज भी उतना ही प्रासंगिक और प्रेरणादायक है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि संत गाडगे बाबा की स्वच्छता की प्रेरणा से उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ किए गए स्वच्छ भारत अभियान का स्मरण हो गया। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त 2014 को लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की और आज स्वच्छता जनआंदोलन बन चुकी है। उन्होंने कहा कि यह संत गाडगे बाबा के विचारों का ही प्रभाव है कि देश में स्वच्छता के प्रति व्यापक जागरूकता आई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान ने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में हमारी माताओं-बहनों को सम्मान दिलाने का कार्य किया है। देशभर में शौचालयों के निर्माण से उनकी गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गरीबों के उत्थान के लिए अनेक ऐतिहासिक योजनाएँ शुरू की गईं, जिनमें प्रधानमंत्री आवास योजना और प्रधानमंत्री जनधन योजना जैसी पहलें शामिल हैं। आज सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों तक पहुँच रहा है, जिससे पारदर्शिता और विश्वास दोनों बढ़े हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि देश आर्थिक रूप से निरंतर मजबूत हो रहा है और हम सभी विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के साथ-साथ विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण भी हमारा संकल्प है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि समाज के हर वर्ग का सम्मान बढ़े और सभी समुदाय विकास की मुख्यधारा से जुड़ें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा ही विकास का मूलमंत्र है। शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त कर नौकरी हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि सफल और संस्कारित जीवन जीने की आधारशिला है। उन्होंने समाज से अपील करते हुए कहा कि सभी बच्चों को शिक्षा से जोड़ना हम सबकी जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रखने और समाज में नशामुक्त वातावरण बनाने के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने संत गाडगे बाबा के जीवन पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा उनकी आरती एवं स्मारिका का विमोचन किया। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान बच्चों और समाज के उत्कृष्ट व्यक्तियों को सम्मानित भी किया।

कार्यक्रम को विधायक सुनील सोनी, विधायक मोतीलाल साहू तथा पद्म पंडित रामलाल बरेठ ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर संत गाडगे बाबा के वंशज भी मंच पर उपस्थित थे।

कार्यक्रम में तुलसी कौशिक, घनश्याम चौधरी, श्रीमती रजनी रजक, विनय निर्मलकर सहित छत्तीसगढ़ रजक समाज के पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

विधानसभा के सदस्यों के लिए ब्रह्मा भोजन का आयोजन सुंदर और प्रेरणादायी परंपरा : मुख्यमंत्री साय

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विधानसभा के सदस्यों के लिए ब्रह्मा भोजन का आयोजन सुंदर और प्रेरणादायी परंपरा : मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज नया रायपुर स्थित शांति सरोवर में छत्तीसगढ़ विधानसभा के सम्मानित सदस्यों के लिए प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित स्नेह मिलन एवं ब्रह्मा भोजन कार्यक्रम में शामिल हुए।

मुख्यमंत्री साय ने ब्रह्माकुमारी बहनों के स्नेह, आत्मीयता और सेवा भाव की सराहना करते हुए कहा कि बहनों के प्रेम और आदर से हम सब अभिभूत हैं। उन्होंने कहा कि हर वर्ष बड़े स्नेह के साथ विधानसभा के सदस्यों के लिए ब्रह्मा भोजन का आयोजन एक सुंदर और प्रेरणादायी परंपरा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रजापिता ब्रह्माकुमारी संस्था द्वारा समाज में नैतिक मूल्यों, आध्यात्मिक जागरूकता और आत्मिक शांति के प्रसार की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शांति सरोवर और शांति शिखर जैसे आध्यात्मिक केंद्रों में सदैव सकारात्मक ऊर्जा और आत्मिक शांति की अनुभूति होती है। संस्था का 137 से अधिक देशों में विस्तार होना अत्यंत सुखद और प्रेरक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय अनेक जनकल्याणकारी गतिविधियों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों में जनजागृति लाने का कार्य कर रहा है। महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने में संस्था की भूमिका उल्लेखनीय है। जनजातीय क्षेत्रों में भी संस्था द्वारा सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए किए जा रहे प्रयासों से स्थानीय लोगों को व्यापक लाभ मिला है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ब्रह्माकुमारी बहनों के अतिथि बने और पवित्र ब्रह्मा भोजन ग्रहण किया। कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत सहित कैबिनेट मंत्रीगण और सभी विधायकगणों ने भी ब्रह्मा भोजन का आनंद लिया।

कार्यक्रम में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की बहनों ने मुख्यमंत्री एवं विधानसभा के सभी सदस्यों को माउंट आबू आने का आग्रह किया, जिसे मुख्यमंत्री साय ने सहर्ष स्वीकार करते हुए वहां आने की सहमति दी। इस मौके पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम में वन मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, विधायक धरमलाल कौशिक सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। ब्रह्माकुमारी परिवार की ओर से मृत्युंजय भाई, आत्म प्रकाश भाई, हेमलता दीदी, लता दीदी, आशा दीदी, सरिता दीदी एवं सविता दीदी सहित अन्य सदस्य कार्यक्रम में सहभागी रहे।

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने पेश की आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट

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वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने पेश की आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट
छत्तीसगढ़ का बजट पेश करने के एक दिन पूर्व 23 फरवरी को छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 रिपोर्ट पेश किया। इसमें उन्होंने वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) 11.57% बढ़ने का अनुमान जताया है। उन्होंने जीएसडीपी में 6.31 लाख करोड़ रुपए होने की संभावना जताई है।

उन्होंने बताया कि 2024-25 में 10.50% वृद्धि दर्ज की गई है, जिसमें कृषि में 11.76%, उद्योग में 9.91% और सेवा क्षेत्र में 10.08% की बढ़ोतरी हुई। सरकारी योजनाओं का सकारात्मक असर बताते हुए राज्य में प्रति व्यक्ति आय 2025- 26 में 1,79,244 रुपए होने का अनुमान जताया है, जो 2024-25 के 10.07 प्रतिशत से ज्यादा है।

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इस बार के आर्थिक सर्वेक्षण में कृषि क्षेत्र में 12.53%, उद्योग क्षेत्र में 10.26%, सेवा क्षेत्र में 13.15% के साथ स्थिर भावों पर 8.11% वृद्धि का अनुमान जताया है।

भोजशाला मामले में पेश सर्वे रिपोर्ट पर दावे-आपत्तियों के लिए दो सप्ताह का समय

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भोजशाला मामले में पेश सर्वे रिपोर्ट पर दावे-आपत्तियों के लिए दो सप्ताह का समय
मध्यप्रदेश के धार में स्थित भोजशाला मामले में सोमवार को इंदौर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। एएसआई के सर्वे रिपोर्ट को लेकर पर कोर्ट ने कहा कि इसकी प्रति सभी पक्षकारों को दी जाए और उस पर दावे-आपत्तियां आमंत्रित की जाएं। कोर्ट ने इसके लिए दो सप्ताह का समय दिया है। अब अगली सुनवाई 16 मार्च को होगी।

सुनवाई जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी के समक्ष हुई। कोर्ट ने सभी याचिकाकर्ताओं और प्रतिवादियों को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की सर्वे रिपोर्ट पर दो सप्ताह में अपनी आपत्तियां, सुझाव पेश करने के निर्देश दिए हैं।

हाईकोर्ट ने दिए निर्देश
एडवोकेट विनय जोशी के अनुसार हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को निर्देशित किया कि वे एएसआई की 98 दिन तक चली वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट पर अपनी लिखित आपत्तियां और सुझाव अगली सुनवाई से पहले दाखिल करें।

रिपोर्ट का अध्ययन करेंगे
याचिकाकर्ता आशीष गोयल ने कहा कि 2100 पेज की रिपोर्ट में जिन तथ्यों का उल्लेख किया गया है। वे उत्साहजनक हैं। सर्वे में पुरानी मूर्तियां, श्लोक लिखे शिलालेख मिले हैं, जो साबित करते हैं कि वहां पहले भोजशाला थी, न कि कमाल मौला मस्जिद।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बिफरे ट्रंप, एक साथ कई देशों को दी चेतावनी

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सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बिफरे ट्रंप, एक साथ कई देशों को दी चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति पर हाल ही में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले ने वैश्विक राजनीति में गजब का तहलका मचा दिया है। इसी बीच अब इस मामले में ट्रंप ने एक साथ कई देशों को बड़ी चेतावनी दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि जो भी देश अमेरिका के टैरिफ के मामले में खेल खेलने की कोशिश करेगा, उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। ट्रंप ने अपने बयान में सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले को बेतुका बताते हुए कहा कि कुछ देश इस फैसले का फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि कई देश वर्षों, यहां तक कि दशकों से अमेरिका का आर्थिक रूप से फायदा उठाते रहे हैं। इतना ही नहीं ट्रंप ने साफ शब्दों में यह भी कहा कि अगर कोई देश हाल ही में हुए समझौतों के बावजूद अमेरिका के साथ चालाकी करने की कोशिश करेगा, तो उस पर पहले से तय टैरिफ (आयात शुल्क) से भी ज्यादा टैरिफ लगाया जाएगा।

ऐसे देश के खिलाफ सख्त कदम उठाने की धमकी दी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आगे कहा कि हाल ही में अमेरिका के साथ समझौता करने के बाद अगर कोई देश चालाकी करता है तो ऐसे देशों के खिलाफ और भी कड़े कदम उठाए जा सकते हैं। अपने बयान में उन्होंने साफ किया कि ट्रंप ने उनकी सरकार अमेरिका के आर्थिक हितों की रक्षा के लिए सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी।

बता दें कि ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका कई देशों के साथ व्यापार समझौतों और टैरिफ को लेकर बातचीत कर रहा है। माना जा रहा है कि यह संदेश उन देशों के लिए है जो व्यापार नियमों या न्यायिक फैसलों का फायदा उठाकर अमेरिका पर दबाव बनाने की कोशिश कर सकते हैं।

मासिक दुर्गाष्टमी : कल बरसेगी मां दुर्गा की असीम कृपा, नोट कर लें पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त और विधि

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मासिक दुर्गाष्टमी : कल बरसेगी मां दुर्गा की असीम कृपा, नोट कर लें पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त और विधि
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हर महीने के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि शक्ति की उपासना के लिए समर्पित होती है। इस बार 24 फरवरी को फाल्गुन मास की मासिक दुर्गाष्टमी मनाई जाएगी। यह दिन मां दुर्गा के भक्तों के लिए बेहद खास है, क्योंकि माना जाता है कि इस दिन व्रत रखने और श्रद्धा भाव से पूजा करने से मां दुर्गा सभी मनोकामनाएं पूरी करती हैं।

कब से कब तक है अष्टमी तिथि?
हिंदू कैलेंडर के मुताबिक, फाल्गुन शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत 24 फरवरी को सुबह 7:01 बजे हो रही है, जो अगले दिन 25 फरवरी को सुबह 4:51 बजे समाप्त होगी। उदयातिथि के अनुसार, दुर्गाष्टमी का व्रत 24 फरवरी को ही रखा जाएगा।

पूजा के लिए सबसे श्रेष्ठ समय:
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:23 से 6:12 तक

सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 7:01 से शुरू (इस समय में की गई पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है)

गोधूलि मुहूर्त: शाम 6:40 से 7:05 तक

कैसे करें मां को प्रसन्न? (Step-by-Step Puja Method)
मां दुर्गा की पूजा बहुत ही सादगी और सच्ची श्रद्धा से की जाती है।

संकल्प और सफाई: सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और मंदिर की सफाई करें। साफ कपड़े पहनकर हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प लें।

स्थापना: एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर मां दुर्गा की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।

श्रृंगार और अर्पण: मां को गंगाजल से स्नान कराएं, सिंदूर लगाएं और लाल फूल चढ़ाएं। यदि संभव हो तो मां को सोलह श्रृंगार की सामग्री जरूर भेंट करें।

पाठ और मंत्र: पूजा के दौरान धूप-दीप जलाएं। मां के शक्तिशाली मंत्रों का जाप करें और दुर्गा चालीसा या दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।

भोग: मां को फल, मिठाई या घर में बना हलवा-पूरी अर्पित करें।

आरती: पूजा के अंत में मां की कपूर से आरती उतारें और अपनी गलतियों के लिए क्षमा मांगें।

होलाष्टक और दुर्गाष्टमी का संयोग
विशेष बात यह है कि इस साल 24 फरवरी से ही होलाष्टक की शुरुआत भी हो रही है। होलाष्टक के दौरान भले ही शुभ कार्य (जैसे शादी या गृह प्रवेश) वर्जित होते हैं, लेकिन देवी-देवताओं की पूजा और मंत्रों का जाप करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है। ऐसे में दुर्गाष्टमी पर मां की आराधना करने से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और घर में सुख-शांति बनी रहती है।

लखनऊ में डबल डेकर बस पलटी, हादसे में 5 लोगों की दर्दनाक मौत

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लखनऊ में डबल डेकर बस पलटी, हादसे में 5 लोगों की दर्दनाक मौत
लखनऊ में सोमवार (23 फरवरी) को एक डबल डेकर बस पलट गई. इस हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई और 16 लोग घायल हो गए. बताया जा रहा है कि ड्राइवर को झपकी आ गई जिससे ये बड़ा हादसा हो गया. ये डबल डेकर बस लुधियाना से दरभंगा जा रही थी. गोसाईगंज थाने के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हादसा हो गया. KGMU के ट्रामा सेंटर में घायलों को इलाज के लिए भर्ती किया गया है. गंभीर रूप से घायलों को ग्रीन कॉरिडोर बना कर ट्रामा सेंटर ले जाया गया.

क्रेन से बस को उठाया गया
हादसे के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई. क्रेन से बस को उठा गया और मौके पर एंबुलेंस बुलाई गई. आस पास मौजूद लोग घायलों की मदद के लिए आगे आए. घटनास्थल पर पुलिस की टीम पहुंची.

ड्राइवर ने शराब पी रखी थी- यात्री
एक शख्स ने बताया, “अररिया जाने के लिए मैं सोनीपत से बस में चढ़ा. ड्राइवर ने शराब पी रखी थी. एक शराब की बोतल भी मिली है. मेरी पीठ पर चोट लगी है. पुलिस की टीम घटनास्थल पर तुरंत पहुंच गई. आधे लोगों को हमने हादसे के बाद बस से निकाला.” एक और शख्स ने बताया, “कुछ लोग बचने के लायक नहीं हैं. बस डगमगाने लगी और पांच मिनट के बाद पलट गई.” हादसे में बस बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई.

हादसे पर पुलिस ने कहा कि इस हादसे में एक महिला, एक पुरुष और तीन बच्चों की दुखद मौत हो गई. घायलों की स्थिति स्थिर बताई जा रही है. आगे की कार्रवाई के आदेश दे दिए गए हैं.

कुछ लोग क्रिटकल हैं- डिविजनल कमिश्नर
लखनऊ के डिविजनल कमिश्नर विजय विश्वास पंत ने कहा कि हमारी पहली प्राथमिकता घायलों का इलाज है. हमारी कोशिश है कि जान-माल का नुकसान कम से कम हो. गंभीर रूप से घायल लोगों को रेफर किया गया है. कुल लोग क्रिटकल हैं.

‘कांतारा 2’ के दैव वाले सीन की मिमिक्री कर कानूनी पचड़े में फंसे थे रणवीर सिंह

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‘कांतारा 2’ के दैव वाले सीन की मिमिक्री कर कानूनी पचड़े में फंसे थे रणवीर सिंह
रणवीर सिंह एक तरफ फिल्म धुरंधर की सक्सेस एंजॉय कर रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ वो फिल्म कांतारा: चैप्टर 1 को लेकर भी विवादों में फंसे हुए हैं. दरअसल, एक इवेंट में रणवीर सिंह ने कांतारा 2 के दैव वाले सीन की मिमिक्री की थी. इसके बाद वो काफी विवादों में आ गए थे. उनके ऊपर एफआईआर भी दर्ज हुई थी. अब रणवीर सिंह ने इस मामले में कर्नाटक हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. रणवीर सिंह ने अपने खिलाफ FIR रद्द करने के लिए कर्नाटक हाई कोर्ट में अर्जी दी है.

रणवीर सिंह सिर्फ तारीफ कर रहे थे
टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, रणवीर सिंह के लीगल रिप्रेजेंटेटिव कर्नाटक हाई कोर्ट गए. उन्होंने कहा कि रणवीर का किसी की इंसल्ट करने का कोई इरादा नहीं था. एक्टर सिर्फ ऋषभ शेट्टी की शानदार परफॉर्मेंस की तारीफ कर रहे थे. इसी के साथ उनके फिल्म की कहानी कहने के स्टाइल की तारीफ कर रहे थे.

उन्होंने कहा कि रणवीर ऋषभ शेट्टी की तारीफ कर रहे थे जिसे गलत तरीके से देखा गया. उन्होंने कहा- रणवीर की तारीफ को क्रिमिनल एक्ट के तौर पर देखा गया.

बता दें कि ये घटना 28 नवंबर 2025 की है. जब वो गोवा में हुए 56वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया में ऋषभ शेट्टी के काम की तारीफ कर रहे थे. इसी दौरान उन्होंने कांतारा 2 के दैव वाले सीन की तारीफ भी की थी.

रणवीर सिंह के काम की बात करें तो पिछली बार उन्हें फिल्म धुरंधर में देखा गया था. इस फिल्म को आदित्य धर ने बनाया. फिल्म में आदित्य की एक्टिंग को काफी पसंद किया गया. रणवीर की इस फिल्म ने रिकॉर्ड ब्रेक कमाई की. फिल्म में संजय दत्त, आर माधवन, अक्षय खन्ना, अर्जुन रामपाल और सारा अर्जुन जैसे स्टार्स थे.

अब फिल्म का दूसरा पार्ट भी आने वाला है. दूसरा पार्ट 19 मार्च को रिलीज होगा. फिल्म का क्लैश यश की टॉक्सिक से होने वाला है.