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मार्च में साल का पहला चंद्र ग्रहण, भारत में भी दिखेगा

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मार्च में साल का पहला चंद्र ग्रहण, भारत में भी दिखेगा
वैदिक ज्योतिष के अनुसार, साल 2026 का पहला चंद्रग्रहण 3 मार्च 2026 को फाल्गुन मास की पूर्णिमा पर लगेगा। इस दौरान मन के कारक चंद्रमा सिंह राशि और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में रहेंगे। यह ग्रहण भारत के साथ साथ एशिया, ऑस्ट्रेलिया, उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका जैसे कई देशों में भी दिखाई देगा। चूंकि भारत (जैसे अरुणाचल प्रदेश, मप्र, दिल्ली, बिहार, उत्तर प्रदेश, असम, मणिपुर, मिजोरम नागालैंड, असम, आइजोल, गुवाहाटी समेत कई देश के जिलों में दिखाई देगा) में यह ग्रहण दिखेगा, इसलिए सूतक काल भी मान्य होगा।

चंद्रग्रहण का समय
चंद्र ग्रहण की शुरुआत दोपहर 2 बजकर 16 मिनट से होगी। मुख्य प्रभाव दोपहर 3 बजकर 21 मिनट से दिखाई देगा। शाम 6 बजकर 46 मिनट पर चंद्रमा ग्रहण से बाहर आने लगेगा। चंद्र ग्रहण पूरी तरह शाम 7 बजकर 52 मिनट पर समाप्त हो जाएगा।
सूतक सुबह 9 बजकर 39 मिनट से शुरू होकर शाम 6 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। चंद्रग्रहण लगने के 9 घंटे पहले ही सूतक लग जाता है।
यह एक पूर्ण चंद्र ग्रहण (Total Lunar Eclipse) होगा, जिसे ‘ब्लड मून’ भी कहा जा सकता है। बता दें कि हिंदू पंचाग के अनुसार, 3 मार्च को होलिका दहन और 4 मार्च को होली (रंग पर्व) खेली जाएगी, ऐसे में इस ग्रहण का महत्व और बढ़ जाता है।

महत्वपूर्ण जानकारी
चंद्रग्रहण की ​तारीख: 3 मार्च 2026, मंगलवार
चंद्रग्रहण का आरंभ समय: दोपहर 2:16 PM (लगभग)
चंद्रग्रहण का समापन: शाम 7:52 PM (लगभग)
​​सूतक का समय: 3 मार्च को सुबह लगभग 6:20 AM से
भारत में दिखने का समय (चंद्रोदय) : शाम 06:26 बजे, अधिकतम ग्रहण : शाम 06:33 बजे से शाम 06:40 बजे तक, ग्रहण समाप्त : शाम 06:46 बजे

जानिए कब लगता है चंद्रग्रहण
चंद्रग्रहण के दौरान सूर्य की परिक्रमा के दौरान पृथ्वी, चांद और सूर्य के बीच आ जाती है, इस दौरान चांद धरती की छाया से पूरी तरह से छुप जाता है।
पूर्ण चंद्रग्रहण के दौरान सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक दूसरे के बिल्कुल सीध में होते हैं। इस दौरान जब हम धरती से चांद देखते हैं तो वह हमें काला नजर आता है और इसे चंद्रग्रहण कहा जाता है।
आंशिक चंद्रग्रहण के दौरान सिर्फ चांद का एक भाग पृथ्वी की छाया में प्रवेश करता है। चंद्रमा के धरती की तरफ वाले हिस्से पर धरती की छाया काली दिखाई देती है, कटा हिस्सा दिखाई देता है, तो वह इस पर निर्भर करता है कि किस प्रकार सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में हैं।

राशियों पर कैसा रहेगा प्रभाव
धनु, मेष, सिंह और मकर राशि वालों के लिए चंद्रग्रहण लाभप्रद सिद्ध हो सकता है। इस अवधि में कोई वाहन या प्रापर्टी खरीदने के योग बन सकते हैं। आय, साहस और पराक्रम में वृद्धि के प्रबल संकेत हैं। नौकरीपेशा को वेतनवृद्धि के साथ पदोन्नति का लाभ मिल सकता है।। देश- विदेश की यात्रा कर सकते हैं। समाज में मान- सम्मान और प्रतिष्ठा की प्राप्ति होगी। व्यापारियों को अच्छा धनलाभ हो सकता है। परिवार में सुख-शांति और सकारात्मक माहौल बना रहेगा।

ग्रहण में क्या करें और क्या नहीं?
ग्रहण के सूतक काल में पूजा पाठ बंद कर देना चाहिए।
ग्रहण के अवधि के दौरान घर के पूजा वाले स्थान को पर्दे से ढक दें।
ग्रहण में भूलकर भी देवी-देवताओं की पूजा नहीं करना चाहिए।
ग्रहण के दौरान खाना-पीना नही चाहिए।
खाद्य पदार्थों में तुलसी के पत्ते डालकर रखना चाहिए
ग्रहण की समाप्ति के बाद घर और पूजा स्थल को गंगाजल का छिड़काव करके शुद्ध करना चाहिए।
गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, उन्हें घर से
बाहर नहीं निकलना चाहिए और न ही ग्रहण देखना चाहिए।
ग्रहण के सूतक काल में भोजन बनाना, खाना, सोना, बाल काटना, तेल लगाना,
सिलाई-कढ़ाई करना और चाकू चलाना नहीं चाहिए।

सनी देओल से डटकर मुकाबला कर रही हैं रानी मुखर्जी

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सनी देओल से डटकर मुकाबला कर रही हैं रानी मुखर्जी
‘मर्दानी 3’ और ‘बॉर्डर 2’ हाल ही में रिलीज हुईं ये दोनों ही फिल्में काफी चर्चा में बनी हुईहैं. इन दोनों की फिल्मों की कहानी और जोनर एकदम अलग- अलग है, लेकिन फिर ये दोनों ही फिल्में एक दूसरे को कड़ी टक्कर दे रही हैं. बॉक्स ऑफिस पर ‘बॉर्डर 2’ की रिलीज को 12 दिन हो चुके हैं, तो वहीं ‘मर्दानी 3’ की रिलीज को पांच दिन हो गए हैं. ऐसे में दोनों ही फिल्मों का कलेक्शन बढ़िया चल रहा है. आइये बताते हैं कि मंगलवार को इन दोनों फिल्मों ने कितना कलेक्शन कर लिया है.

‘मर्दानी 3’ का पांचवे दिन का कलेक्शन
रानी मुखर्जी का क्राइम थ्रिलर फिल्म ‘मर्दानी 3’ 30 जनवरी को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी. हालांकि फिल्म को शुरुआत से ही थोड़ कम थिएटर मिले थे, लेकिन फिर भी इस फिल्म ने पांच ही दिनों में अच्छा खासा कलेक्शन कर लिया है. फिल्म की रफ्तार हर दिन के साथ बढ़ती जा रही है. फिल्म ने रिलीज के पहले ही दिन 4 करोड़ रुपये का कारोबार कर लिया था. जिसके बाद लगातार फिल्म का कलेक्शन बढ़ता गया, खासतौर से वीकेंड्स पर. हालांकि वीक डेज के हिसाब से थोड़ी रफ्तार कम हुई है लेकिन इतनी भी कम नहीं रही. जैसे सैकनिक के मुताबिक पहले सोमवार को फिल्म ने 2.25 करोड़ रुपये की कमाई की है. तो वहीं मंगलवार को फिल्म ने 1.82 करोड़ (रात 8 बजे तक) की कमाई कर ली है.

‘बॉर्डर 2’ का बारहवें दिन का कलेक्शन
बात करें ‘बॉर्डर 2’ की तो, सनी देओल स्टारर इस फिल्म ने 200 करोड़ क्लब में तो चुटकियों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा ली थी. हालांकि 300 करोड़ में पहुंचने में फिल्म को काफी समय लग रहा है. जिस तरह ये मंगलवार ‘मर्दानी 3’ का पहला मंगलवार है. वैसे ही ये ‘बॉर्डर 2’ का दूसरा मंगलवार है. फिल्म ने अपने दूसरे मंगलवार पर सैकनिक के मुताबिक अब तक 4.22 करोड़ (रात 8 बजे तक) रुपये का कारोबार किया है. तो वहीं बात करें पहले मंगलवार की तो फिल्म ने इसमें 20 करोड़ का कारोबार किया था, जो दूसरे के मुकाबले लगभग 25% काफी कम है.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव वडोदरा में महंत स्वामी महाराज के 92वें जन्मजयंती महोत्सव में हुए शामिल

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव वडोदरा में महंत स्वामी महाराज के 92वें जन्मजयंती महोत्सव में हुए शामिल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गुजरात की धरती भारत सहित अनेक राष्ट्रों में धर्म, आध्यात्म, सनातनी परम्परा, मानव कल्याण और सेवा मूल्यों को चेतना से जोड़ने का कार्य कर रही है। इस धरा से कभी महात्मा गांधी और सरदार पटेल जैसी विभूतियों ने राष्ट्र को योगदान दिया, वहीं अब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह इस परम्परा को आगे बढ़ा रहे हैं। आज सऊदी अरब सहित अबूधाबी और अमेरिका में स्वामी नारायण अक्षर धाम के पारम्परिक हिन्दू मंदिर और विश्व के अनेक देशों में 600 से अधिक मंदिरों का निर्माण उल्लेखनीय है। सत्संगदीक्षा जैसे शास्त्रसम्मत ग्रंथ की रचना और हजारों सेवाभावी नवयुवान संतों का निर्माण सनातन की परम्परा को ऊंचाइयां दे रहा है। यह गर्व की बात है कि महंत स्वामी महाराज की जीवन यात्रा की जड़ें मध्यप्रदेश से भी जुड़ी हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को गुजरात के वडोदरा में पूज्य महंत स्वामी महाराज की 92वीं जन्म वर्षगांठ पर उनके दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त कर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वामी को जन्म दिवस की बधाई देते हुए उनके शतायु होने की कामना की और आशा व्यक्त की कि आने वाले वर्षों में स्वामी जी का जन्म शताब्दी समारोह अधिक भव्य रूप में आयोजित होगा। कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र भाई पटेल भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वडोदरा एक नगर नहीं बल्कि उस सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है जहां भक्ति के साथ सेवा की सुदीर्घ परम्परा है। इस धरती से गुरू के उस संदेश का प्रसार हो रहा है, जो भगवान स्वामी नारायण से लेकर पूज्य महंत स्वामीजी के जीवन में अभिव्यक्त होता है। अमृत बरसाने वाली यह धारा निरंतर प्रवाहित रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संत वृंद ईश्वर के रूप में विराजमान रहते हैं। उनकी सामूहिक उपस्थिति बगिया में अनेक पुष्पों के एक साथ खिलने की तरह होती है। अपनी शिक्षाओं से वे बच्चों को आलोकित करते हैं। निश्चित ही यह बच्चे भारतीय संस्कृति को जीवंत करने का कार्य करेंगे। दीक्षित हो रहे बच्चे भी वंदन अभिनंदन के पात्र हैं।

संस्कृत श्लोकों के सामूहिक पाठ का बना नया रिकार्ड
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महंत स्वामी महाराज के 92वें जन्मजयंती महोत्सव में 15 हजार 666 बच्चों को एक साथ स्वामी जी द्वारा रचित ‘सत्संग दीक्षा’ ग्रंथ के 315 श्लोकों का पाठ किए जाने को एक उपलब्धि बताया। इस गतिविधि का नया गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड भी बना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और गुजरात के मुख्यमंत्री श्री पटेल ने महंत स्वामी महाराज से जनकल्याण के लिए आशीर्वाद प्राप्त किया। स्वामी जी ने दोनों मुख्यमंत्रियों का पुष्पमाला से अभिनंदन किया। कार्यक्रम में श्री गुणातितानंद स्वामी की अद्भुत महिमा एवं जीवन पर केंद्रित नाटक का मंचन किया गया। इसमें गौंड साम्राज्य के राजा श्री भगवत सिंह के चरित्र के माध्यम से गुणातितानंद स्वामी के सामाजिक और धार्मिक कार्यों की जानकारी दी गई। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव के वडोदरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचने पर गुजरात के मुख्यमंत्री श्री पटेल ने आत्मीय स्वागत किया।

डोनाल्ड ट्रंप ने PM मोदी से फोन पर की बात

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डोनाल्ड ट्रंप ने PM मोदी से फोन पर की बात
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की. भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने एक्स पर पोस्ट कर ये जानकारी दी. हालांकि, उन्होंने बातचीत के बारे में और कोई जानकारी नहीं दी, लेकिन कहा कि आगे की जानकारी के लिए जुड़े रहें. दोनों नेताओं के बीच बातचीत ऐसे समय में हुई है जब भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया. हालांकि ट्रंप ने कई बार कहा है कि दोनों देशों के बीच जल्द ही ट्रेड डील पर मुहर लगने वाली है.

अभी तक ट्रेड डील पर नहीं बनी बात
भारत और अमेरिका मार्च 2025 से ट्रेड डील पर बात कर रहे हैं. पिछले साल अगस्त से अमेरिका ने भारतीय निर्यात पर 50 फीसदी का भारी टैरिफ लगाया है, जो किसी भी देश पर लगाए गए उच्चतम टैरिफ में से एक है. इसमें 25 फीसदी टैरिफ टैरिफ रूस तेल खरीदने को लेकर लगाया गया है.

भारत अब ईरान के बजाय वेनेजुएला से तेल खरीदेगा: ट्रंप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार (1 फरवरी 2026) को दावा किया कि भारत अब ईरान के बजाय वेनेजुएला से तेल खरीदेगा. उन्होंने कहा कि यह कदम वेनेजुएला में हुए कानूनी सुधारों के बाद उठाया गया है. हाल के वर्षों में भारत ने रियायती दरों पर रूसी कच्चे तेल की खरीद में बढ़ोतरी की है, जिससे रूस भारत के सबसे बड़े तेल आपूर्तिकर्ताओं में शामिल हो गया है.

अमेरिका दौरे पर विदेश मंत्री जयशंकर
विदेश मंत्री एस. जयशंकर रेयर मिनरल्स सप्लाई चेन पर वाशिंगटन के नेतृत्व में आयोजित मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लेने के लिए अमेरिका की तीन दिवसीय यात्रा पर सोमवार को रवाना हुए. जयशंकर की यह यात्रा महत्वपूर्ण मानी जा रही है. इसे दोनों रणनीतिक साझेदारों के बीच संबंधों में आई गिरावट के बाद स्थिति को सुधारने के अवसर के तौर पर देखा जा रहा है.

इसके अलावा मई में भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव समाप्त कराने संबंधी ट्रंप के दावे और अमेरिका की नई इमिग्रेशन नीति सहित कई अन्य मुद्दे के कारण भी संबंधों पर असर पड़ा है.

ईपीएफओ (EPFO) की न्यूनतम पेंशन को ₹1,000 से बढ़ाकर ₹7,500 करने की चर्चा

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ईपीएफओ (EPFO) की न्यूनतम पेंशन को ₹1,000 से बढ़ाकर ₹7,500 करने की चर्चा
ईपीएफओ (EPFO) की न्यूनतम पेंशन को ₹1,000 से बढ़ाकर ₹7,500 करने की चर्चा और मांग लंबे समय से हो रही है। पेंशनर्स और विभिन्न श्रमिक संगठन का तर्क है कि बढ़ती महंगाई में ₹1,000 की राशि सम्मानजनक जीवन जीने के लिए पर्याप्त नहीं है। इसी बीच संसद में एक बार फिर मोदी सरकार ने ईपीएफओ (EPFO) की न्यूनतम पेंशन बढ़ाने के मुद्दे पर संसद में अपनी स्थिति स्पष्ट की है।

दरअसल, हाल ही में राज्यसभा में महाराष्ट्र से भाजपा सांसद डॉ. मेधा विष्णु कुलकर्णी ने EPS-95 पेंशनर्स की परेशानियों का मुद्दा उठाया था। उन्होंने सरकार से पूछा था कि क्या न्यूनतम पेंशन को ₹7,500 तक करने का विचार किया जा रहा है, क्या इस संबंध में महाराष्ट्र के पेंशनर्स और यूनियनों से कोई ज्ञापन मिला है, इस पर अबतक क्या कार्रवाई की गई और क्या सरकार ने इसकी कोई समयसीमा तय की है। इस सवाल के लिखित जवाब में श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने साफ कहा कि फिलहाल न्यूनतम EPS पेंशन बढ़ाने का कोई अलग प्रस्ताव या समयसीमा तय नहीं की गई है।

महाराष्ट्र से भाजपा सासंद डॉ. मेधा विश्राम कुलकर्णी के सवाल

क्या सरकार को महाराष्ट्र में लाखों EPS-95 पेंशनभोगियों की न्यूनतम मासिक पेंशन को ₹1,000 से बढ़ाकर ₹7,500 करने की चल रही मांगों के बारे में पता है।
महाराष्ट्र स्थित कर्मचारी यूनियनों और पेंशनभोगी संघों की ओर से प्राप्त अभ्यावेदनों पर अबतक क्या कार्रवाई की गई? क्या EPS-95 के तहत विशेष रूप से महाराष्ट्र के पेंशनभोगियों के लिए कोई एक्चुअरियल अध्ययन या फंड की व्यवहार्यता का मूल्यांकन किया गया है ? EPS-95 के तहत न्यूनतम पेंशन में संशोधन के लिए प्रस्तावित समय-सीमा, जिसमें योजना की वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने के उपाय शामिल हैं?

श्रम और रोज़गार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे का जवाब
कर्मचारी पेंशन योजना, 1995 एक ‘परिभाषित अंशदान-परिभाषित लाभ’ (Defined Contribution-Defined Benefit) सामाजिक सुरक्षा योजना है। कर्मचारी पेंशन फंड का कोष नियोक्ता द्वारा वेतन का 8.33 प्रतिशत अंशदान और केंद्र सरकार द्वारा ₹15,000 प्रति माह तक के वेतन पर 1.16% अंशदान से बनता है। इस योजना के तहत सभी लाभ इसी फंड से दिए जाते हैं।

सरकार EPS, 1995 के तहत पेंशनभोगियों को प्रति माह 1000 रुपये की न्यूनतम पेंशन दे रही है, जो कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) को EPS के लिए वेतन के 1.16 प्रतिशत की बजट सहायता के अतिरिक्त है।EPS, 1995 के पैराग्राफ 32 के तहत अनिवार्य रूप से फंड का वार्षिक मूल्यांकन किया जाता है।
सरकार EPFO ​​द्वारा चलाई जा रही EPF योजना, 1952, EPS-95 और EDLI योजनाओं के सदस्यों को इन योजनाओं के संबंधित फंडों की स्थिरता के साथ-साथ उन पर भविष्य की देनदारियों को ध्यान में रखते हुए, मजबूत सामाजिक सुरक्षा कवरेज प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
कर्मचारी पेंशन योजना (EPS), 1995 के तहत मौजूदा ₹1,000 प्रति माह से न्यूनतम पेंशन बढ़ाने के लिए ट्रेड यूनियनों और जन प्रतिनिधियों सहित विभिन्न हितधारकों से अभ्यावेदन प्राप्त हुए हैं। EPS-95 के तहत पेंशनभोगियों के लिए कोई अलग राज्यवार फंड नहीं है। महाराष्ट्र या किसी अन्य राज्य से आई मांगों पर राष्ट्रीय स्तर पर विचार किया जाता है।

EPS-95 क्या है?
कर्मचारी पेंशन योजना 1995 (EPS-95) एक सामाजिक सुरक्षा योजना है। यह रिटायरमेंट के बाद कर्मचारियों को तय पेंशन देती है। इस योजना में नियोक्ता कर्मचारी की सैलरी का 8.33% फंड में जमा करता है, जबकि केंद्र सरकार 1.16% का योगदान देती है। यह योगदान ₹15,000 की अधिकतम सैलरी पर कैप किया गया है।वर्तमान में EPF-95 के तहत लगभग 186 संस्थान आते हैं। 80 लाख पेंशनभोगी ऐसे हैं जो इस कैटेगरी में आते हैं।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 6 दिवसीय ओडिशा-छत्तीसगढ़ दौरा

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 6 दिवसीय ओडिशा-छत्तीसगढ़ दौरा
नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज से ओडिशा और छत्तीसगढ़ के छह दिवसीय दौरे पर रहेंगी। यह यात्रा 7 फरवरी तक चलेगी, जिसका मुख्य फोकस शिक्षा, आदिवासी कल्याण और सांस्कृतिक संरक्षण पर केंद्रित है। राष्ट्रपति आज शाम ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर पहुंचेंगी, जहां से उनके विभिन्न कार्यक्रमों की शुरुआत होगी।

इस दौरे का उद्देश्य आदिवासी बहुल क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देना और वहां के लोगों से सीधा संवाद स्थापित करना है। राष्ट्रपति अपने गृह राज्य ओडिशा में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगी।

शिक्षा और युवाओं पर विशेष ध्यान
राष्ट्रपति मुर्मू 3 फरवरी को बालासोर स्थित फकीर मोहन विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगी। इस अवसर पर वे विश्वविद्यालय परिसर में नवनिर्मित ऑडिटोरियम का उद्घाटन भी करेंगी। इस पहल को पूर्वी भारत में उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

इसके बाद 4 फरवरी को राष्ट्रपति मयूरभंज जिले के राइरांगपुर का दौरा करेंगी। यह क्षेत्र आदिवासी संस्कृति का एक प्रमुख केंद्र है। यहां वे महुलदीहा स्थित सरकारी गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल की छात्राओं से बातचीत करेंगी, जो युवा पीढ़ी को प्रोत्साहित करने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
आदिवासी गौरव और विकास परियोजनाएं

राइरांगपुर में ही राष्ट्रपति प्रतिष्ठित आदिवासी नेता भान्जबीर सुनाराम सोरेन की प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगी। यह कार्यक्रम आदिवासी समाज के नायकों को सम्मान देने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

अपने दौरे के दौरान राष्ट्रपति शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और शहरी विकास से जुड़ी कई परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगी और उद्घाटन करेंगी। इनमें प्रमुख हैं:
सरकारी आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल
ओडिशा कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय परिसर में विकास कार्य
एक आधुनिक आर्चरी सेंटर
शहर सौंदर्यीकरण और ड्रेनेज सुधार कार्य
MSCB विश्वविद्यालय का नया IT कैंपस
विभिन्न कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) योजनाएं

इन सभी परियोजनाओं का लक्ष्य आदिवासी क्षेत्रों में समग्र विकास को बढ़ावा देना और स्थानीय निवासियों के लिए बेहतर अवसर पैदा करना है।

7 फरवरी को छत्तीसगढ़ दौरा
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 7 फरवरी को छत्तीसगढ़ के जगदलपुर के दौरे पर रहेंगी। राष्ट्रपति यहां बस्तर पंडुम के संभाग स्तरीय कार्यक्रम में शामिल होकर इसका शुभारंभ करेंगी। राष्ट्रपति के प्रस्तावित प्रवास को लेकर राज्य प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।

फरवरी में लगेगा साल का पहला सूर्य ग्रहण

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फरवरी में लगेगा साल का पहला सूर्य ग्रहण
साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी 2026, फाल्गुन मास की अमावस्या को लगने वाला है। भारतीय समय के अनुसार, ग्रहण दोपहर 3:26 बजे से शुरू होकर शाम 7:57 बजे तक रहेगा। यह एक वलयाकार सूर्य ग्रहण (annular solar eclipse) होगा। भारत को छोड़कर अफ्रीका के दक्षिणी भाग, साउथ अमेरिका के दक्षिणी भाग, अंटार्कटिका आदि में आंशिक ग्रहण के रूप में दिखाई देगा। भारत में न दिखने के कारण सूतक काल मान्य नहीं होगा। बता दें कि सूर्य ग्रहण में सूतक 12 घंटे पहले शुरू हो जाता है।

जानिए कब लगता है सूर्य ग्रहण?

सूर्य ग्रहण हमेशा अमावस्या के दिन ही लगता है। ज्योतिष के मुताबिक, जब चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य के बीच से गुजरता है तो सूरज की रोशनी धरती तक पहुंच नहीं पाती है, तब पूर्ण सूर्य ग्रहण लगता है।
आंशिक सूर्य ग्रहण के दौरान चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह से नहीं ढक पाता है। सूर्य का केवल एक हिस्सा ही ढका होता है। यहां चंद्रमा सूर्य के एक हिस्से को ढंकता हुआ नजर आता है।
वलयाकार सूर्य ग्रहण तब लगता है जब चंद्रमा पृथ्वी से दूर हो। तब यह पूरी तरह सूर्य को ढक नहीं पाता, जिस कारण हमें सूर्य ग्रहण के दौरान आसमान में एक ‘आग का छल्ला (Ring of fire)’ दिखता है।

​महत्वपूर्ण समय (भारतीय समयानुसार – IST)

​ग्रहण का प्रारंभ: दोपहर 3:26 बजे
​रिंग ऑफ फायर (चरम सीमा): शाम 5:42 बजे
​ग्रहण की समाप्ति: शाम 7:57 बजे

इन राशियों को रहना होगा सतर्क

वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहण के दौरान ग्रहों के राजा सूर्य, मन के कारक चंद्रमा, दैत्यों के गुरु शुक्र, मायावी ग्रह राहु और ग्रहों के राजकुमार बुध कुंभ राशि (शनि की राशि) में विराजमान रहेंगे। इस दौरान कुंभ राशि में बुध-शुक्र की युति से लक्ष्मी नारायण योग, सूर्य-बुध की युति से बुधादित्य, सूर्य-शुक्र युति से शुक्रादित्य योग बनेगा और सूर्य-राहु की भी युति बनेगी। भारत में दृश्य न होने के बावजूद ग्रहों की दशा और स्थिति के चलते सूर्य ग्रहण का कुछ राशियों पर नकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है।
सूर्य ग्रहण के दौरान ग्रहों की स्थिति के चलते कुंभ, मीन, कर्क और सिंह राशि के जातकों को थोड़ा संभलकर रहने की जरूरत है। किसी भी काम में जल्दबाजी ना करें। मानसिक और पारिवारिक तनाव का सामना कर सकते हैं। स्वास्थ्य के लिहाज से आवश्यक सावधानी बरतने की जरूरत है। वैवाहिक जीवन से जुड़े मामलों में सतर्क रहने की आवश्यकता है। व्यापार में जल्दबाजी में लिया गया निर्णय नुकसान पहुंचा सकता है। किसी भी प्रकार का निवेश, नई डील या साझेदारी शुरू करने से पहले सोच-विचार अवश्य करें।

ग्रहण में क्या करें और क्या नहीं?
ग्रहण के सूतक काल में पूजा पाठ बंद कर देना चाहिए।
ग्रहण के अवधि के दौरान घर के पूजा वाले स्थान को पर्दे से ढक दें।
ग्रहण में भूलकर भी देवी-देवताओं की पूजा नहीं करना चाहिए।
ग्रहण के दौरान खाना-पीना नही चाहिए।
खाद्य पदार्थों में तुलसी के पत्ते डालकर रखना चाहिए
ग्रहण की समाप्ति के बाद घर और पूजा स्थल को गंगाजल का छिड़काव करके शुद्ध करना चाहिए।
गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, उन्हें घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए और न ही ग्रहण देखना चाहिए।
ग्रहण के सूतक काल में भोजन बनाना, खाना, सोना, बाल काटना, तेल लगाना,
सिलाई-कढ़ाई करना और चाकू चलाना नहीं चाहिए।

तड़प के सात साल बाद करेंगे अहान शेट्टी करेंगे रोमांटिक फिल्म

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तड़प के सात साल बाद करेंगे अहान शेट्टी करेंगे रोमांटिक फिल्म
बॉलीवुड के स्टार अहान शेट्टी इन दिनों अपनी हालिया फिल्म ‘बॉर्डर 2’ की सफलता का मजा ले रहे हैं. पांच साल बाद बड़े पर्दे पर वापसी करते हुए अहान ने नेवी ऑफिसर महेंद्र एस. रावत का किरदार निभाया था. और लोगों को उनका अंदाज खूब पसंद आया. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छा कर रही है और अहान को भी काफी पॉजिटिव रिस्पॉन्स मिल रहा है. लेकिन उनका काम सिर्फ यहीं नहीं रुका अब वो अपनी अगली फिल्म की तैयारी में जुट चुके हैं.

इंटरव्यू में खुला अगली फिल्म का प्लान
Mid-Day से बातचीत के दौरान अहान ने अपनी अगली फिल्म के बारे में बताया कि वो शाद अली के साथ एक इंटेंस रोमांटिक ड्रामा करने वाले हैं. उन्होंने कहा, ‘यह एक इंटेंस एक्शन-लव स्टोरी होगी कुछ ऐसा जिसे मैं तड़प (2021) के बाद कर रहा हूं. मुझे ऐसे किरदार पसंद हैं जिनमें गहराई और इमोशन हो.’ अहान ने ये भी बताया कि शाद अली को अपने विजन की पूरी समझ है और उनके साथ काम करना आसान है. अहान मानते हैं कि जब डायरेक्टर पर पूरा भरोसा किया जाए तो परफॉर्मेंस और भी बेहतरीन निकलती है.

बॉर्डर 2 के सेट से वापसी और फैंस का प्यार
अहान की वापसी ‘बॉर्डर 2’ के जरिए हुई जो जेपी दत्ता की 1997 की लेजेंड्री फिल्म बॉर्डर का सीक्वल है. फिल्म में अहान के अलावा सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और कई और कलाकार हैं. देशभक्ति और सच्चाई से भरी इस कहानी ने लोगों को काफी प्रभावित किया है. फिल्म भारतीय सैनिकों की बहादुरी और त्याग को सेलिब्रेट करती है और इस साल की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक बन चुकी है.

फैमिली की प्रतिक्रियाएं भी खास रही
अहान ने इंटरव्यू में बताया कि उनके पिता सुनील शेट्टी ने बॉक्स ऑफिस पर फिल्म के एक खास आंकड़े तक पहुंचने के बाद ही इसे देखने का वादा किया था. हालांकि वो प्रीमियर में बेटे का हौसला बढ़ाने जरूर पहुंचे थे लेकिन बाकी शो के दौरान नहीं रहे. वहीं उनकी मां माना शेट्टी और जीजा केएल राहुल ने अहान की एक्टिंग देखकर भावुक हो गए थे. और बहन अथिया शेट्टी ने तो खुद टिकट लेकर फिल्म अकेले देखी थी.

एमएम नरवणे की किताब पर मचा बवाल तो राहुल गांधी के बचाव में उतरीं बहन प्रियंका

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एमएम नरवणे की किताब पर मचा बवाल तो राहुल गांधी के बचाव में उतरीं बहन प्रियंका
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के संसद में दिए बयान पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि आर्मी को भैया कभी बदनाम नहीं करेंगे. कांग्रेस सांसद ने कहा, ‘वह आर्मी चीफ की किताब का एक हिस्सा पढ़ रहे थे इसमें बदनाम करने वाली क्या बात है. नियम है कि पब्लिक सोर्स होना चाहिए. चाहे वो किताब हो या मैगजीन. यह किताब का एक अंश है, जो मैगजीन में पब्लिश हो चुका है. इसमें कोई अप्रमाणित सोर्स नहीं है तो फिर समस्या क्या है? ऐसे में मोदी सरकार क्यों डर रही है?’

‘चीन के सामने 56 इंच की छाती का क्या हुआ’
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार इस बात से डरी हुई है कि पूर्व आर्मी चीफ एम एम नरवणे के किताब की बातें सामने आईं तो देश को बीजेपी के दोनों प्रमुख नेताओं की असलियत पता चल जाएगी और यह भी मालूम पड़ जाएगा कि चीन के सामने ’56 इंच की छाती’ का क्या हुआ. लोकसभा में गतिरोध बने रहने पर सदन की बैठक दो बार के स्थगन के बाद शाम चार बजकर 10 मिनट पर मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.

मोदी सरकार डरी हुई है: राहुल गांधी
सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद राहुल गांधी ने संसद परिसर में दावा किया, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राजनाथ सिंह और पूरी सरकार सिर्फ एक लाइन से डरी हुई है. वो लाइन मैं संसद में बोलूंगा, मुझे कोई नहीं रोक पाएगा. बाद में उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘पूर्व सेना प्रमुख का बयान उजागर कर देगा कि पीएम मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सेना को कैसे निराश किया.’

सेना पर सवाल उठा रहे राहुल गांधी: किरेन रिजिजू
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि वह काल्पनिक बातें करके सदन को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं और सेना पर सवाल उठा रहे हैं. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, ‘आप (राहुल गांधी) देश को नीचा दिखाकर क्या कहना चाहते हैं…आप एक ऐसी बात कर रहे हैं जिसका कोई सोर्स नहीं है. आप ऐसी कोई बात मत बोलिए, जिससे सेना का मनोबल गिरे.’

अब पाकिस्तान की अकड़ निकालने की तैयारी में ICC

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अब पाकिस्तान की अकड़ निकालने की तैयारी में ICC
2026 टी20 वर्ल्ड कप का आगाज 7 फरवरी से होना है. इस वैश्विक टूर्नामेंट के शुरू होने में अब 5 दिन रह गए हैं, लेकिन इससे पहले एक अलग ही ड्रामा देखने को मिल रहा है. ये ड्रामा किया है पाकिस्तान ने. दरअसल, रविवार को पाकिस्तान की शाहबाज सरकार ने एलान किया कि उनकी टीम 2026 टी20 वर्ल्ड कप में 15 फरवरी को भारत के खिलाफ होने वाले मैच का बहिष्कार करेगी. हालांकि, अभी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने इसकी सूचना इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) को नहीं दी है. ऐसे में अगर पाकिस्तान अपना फैसला नहीं बदलता है और भारत के खिलाफ 15 फरवरी को मैच खेलने नहीं उतरता है तो फिर उसे इसका तगड़ा नुकसान झेलना पड़ सकता है.

क्या ICC पाकिस्तान पर लेगा एक्शन?
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो अभी तक पीसीबी ने आईसीसी को भारत से मैच नहीं खेलने को लेकर जानकारी नहीं दी है. जब पीसीबी आधिकारिक रूप से आईसीसी को इस बहिष्कार की सूचना देगा, तभी आईसीसी एक्शन ले सकती है. एक रिपोर्ट में ऐसा भी कहा जा रहा है कि अब पाकिस्तान के 2026 टी20 विश्व कप से बाहर भी किया जा सकता है. इसके अलावा अब आईसीसी पाकिस्तान की टी20 लीग (PSL) में विदेशी खिलाड़ियों को NOC देने से भी मना कर सकती है.

पाकिस्तान ने क्यों लिया ऐसा फैसला?
ये जगजाहिर है कि पाकिस्तान ने ऐसा फैसला बांग्लादेश को खुश करने के लिए लिया है. इससे पहले बांग्लादेश ने 2026 टी20 वर्ल्ड कप में हिस्सा नहीं लेने का एलान किया था, क्योंकि आईसीसी ने उनके मैच तय कार्यक्रम और शेड्यूल के एलान के बाद भारत के बाहर शिफ्ट करने से मना कर दिया था. पाकिस्तान के खिलाड़ियों और उनके बोर्ड के चीफ मोहसिन नकवी ने इसके बाद आईसीसी की आलोचना की थी और टूर्नामेंट का बहिष्कार करने के संकेत भी दिए थे. अब पाकिस्तान बांग्लादेश से अपने राजनीतिक संबधं अच्छे रखने के लिए उनके सपोर्ट में भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार कर रहा है.

हालांकि, पाकिस्तान सरकार ने अभी यह कंफर्म नहीं किया है कि अगर टी20 विश्व कप में उनका सेमीफाइनल या फाइनल मैच भारत से होता है तब क्या होगा? क्या तब वो खेलेंगे या नहीं? अभी शहबाज सरकार ने सिर्फ 15 फरवरी को खेले जाने वाले मैच का बहिष्कार करने की बात कही है.