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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल की सुपुत्री सुरभि खण्डेलवाल के निधन पर मंत्रीगण, सांसद, जिलाध्यक्ष, विधायक, महापौर, जिला पदाधिकारियों ने किया शोक व्यक्त

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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल की सुपुत्री सुरभि खण्डेलवाल के निधन पर मंत्रीगण, सांसद, जिलाध्यक्ष, विधायक, महापौर, जिला पदाधिकारियों ने किया शोक व्यक्त

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के भोपाल जिलाध्यक्ष रविन्द्र यति ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खण्डेलवाल की सुपुत्री सुरभि खण्डेलवाल का बुधवार को दुखद निधन हो गया। वे एक स्पेशल चाइल्ड थीं और लंबे समय से अस्वस्थ चल रही थीं। सुरभि खण्डेलवाल के निधन पर मंत्रीगण, सांसद, विधायक, महापौर, जिला पदाधिकारियों ने शोक व्यक्त किया।
प्रदेश शासन के मंत्री, सांसद, भोपाल जिलाध्यक्ष विधायक, महापौर, भोपाल जिला संगठन प्रभारी एवं जिला पदाधिकारियों ने सुरभि खण्डेलवाल के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि बीमारी के कारण उनका असमय निधन अत्यंत पीड़ादायक है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने तथा शोक संतप्त परिवार को इस गहन दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में पूरा भाजपा परिवार प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल और उनके परिवार के साथ है।

कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति पूर्णतः बंद करना गलत, व्यापारियों को राहत दी जाए : कैट

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कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति पूर्णतः बंद करना गलत, व्यापारियों को राहत दी जाए : कैट
भोपाल। होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट एवं केटरिंग व्यवसाय से जुड़े व्यापारियों की ओर से कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों के ऑर्डर पर लगी रोक को लेकर आज भोपाल कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। इस अवसर पर होटल इंडस्ट्री से तेजकुल पाल सिंह पाली (पूर्व चैम्बर अध्यक्ष) तथा मुरली हरवानी (मनोहर डेयरी) एवं धर्मेंद्र शर्मा जिला अध्यक्ष कैट भोपाल, पंकज जी गागर स्वीट, संजय अग्रवाल ब्रजवासी स्वीट, आशीष जी छप्पन भोग, मोहन जी घंटा वाला स्वीट सहित व्यापार जगत के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। यह ज्ञापन संपूर्ण होटल व्यवसाय एवं व्यापारी वर्ग की ओर से प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

इस संबंध में कैट (कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स) ने कहा कि कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के ऑर्डर पर लगी रोक के कारण भोपाल शहर में संचालित होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट तथा केटरिंग व्यवसाय से जुड़े हजारों छोटे व्यापारियों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कॉमर्शियल गैस सिलेंडर इन व्यवसायों के संचालन का मुख्य आधार है और इसकी आपूर्ति बाधित होने से उनके दैनिक कार्य पूरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।

धर्मेन्द्र शर्मा ने बताया कि वर्तमान समय में विवाह समारोहों एवं अन्य सामाजिक आयोजनों का दौर चल रहा है। ऐसे में केटरिंग सेवाओं और बड़े आयोजनों में कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की आवश्यकता अत्यधिक होती है। सिलेंडरों की उपलब्धता प्रभावित होने से न केवल व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है बल्कि आम नागरिकों को भी विवाह एवं अन्य कार्यक्रमों के आयोजन में असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि शहर में बड़ी संख्या में मजदूर, कामगार, छात्र एवं अन्य नागरिक अपने दैनिक भोजन के लिए होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट पर निर्भर रहते हैं। गैस सिलेंडर की आपूर्ति बाधित होने से इन प्रतिष्ठानों के संचालन में गंभीर व्यवधान उत्पन्न हो रहा है, जिससे आम लोगों के सामने भोजन की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है। इसलिए इस विषय पर मानवीय एवं सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण से विचार किया जाना आवश्यक है।

व्यापारियों ने प्रशासन से आग्रह किया कि यदि किसी प्रशासनिक अथवा तकनीकी कारणवश कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों के ऑर्डर को तत्काल पूर्ण रूप से बहाल करना संभव न हो, तो भी पूर्ण प्रतिबंध के स्थान पर सीमित अथवा निर्धारित मात्रा में कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति की व्यवस्था की जाए, ताकि होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट एवं केटरिंग व्यवसाय से जुड़े व्यापारी अपने व्यवसाय को न्यूनतम स्तर पर ही सही, परंतु संचालित रख सकें। अन्यथा सिलेंडरों की पूर्ण अनुपलब्धता की स्थिति में यह पूरा व्यवसाय ठप होने की आशंका है, जिससे हजारों लोगों की आजीविका प्रभावित हो सकती है।

अतः व्यापारियों ने जिला प्रशासन से इस गंभीर विषय पर शीघ्र संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश देने तथा कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति यथाशीघ्र सुचारु कराने अथवा न्यूनतम आवश्यक मात्रा में उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि व्यापारियों, कामगारों एवं आम नागरिकों को राहत मिल सके।

सुरक्षा घेरा चीरते हुए व्हाइट हाउस के पास पहुंची वैन, जांच में जुटी सीक्रेट सर्विस

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सुरक्षा घेरा चीरते हुए व्हाइट हाउस के पास पहुंची वैन, जांच में जुटी सीक्रेट सर्विस
अमेरिका में व्हाइट हाउस की सुरक्षा में बड़ी चूक सामने आई है. यहां एक कार ने व्हाइट हाउस के पास लगे बैरिकोड को टक्कर मार दी. हालांकि वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों ने कार के ड्राइवर को हिरासत में ले लिया है. इसकी फोटो भी सामने आई है.

पकड़ा गया चालक
बताया जा रहा है कि एक वाहन ने व्हाइट हाउस की सुरक्षा बैरिकेड को टक्कर मार दी, पुलिस ने चालक को हिरासत में ले लिया है. एक वैन व्हाइट हाउस की सुरक्षा बैरिकेड से टकरा गई. अमेरिकी सीक्रेट सर्विस ने चालक को तुरंत पकड़ लिया. फॉक्स न्यूज के अनुसार, किसी के घायल होने की खबर नहीं है. घटनास्थल को सुरक्षित करने के लिए इलाके की कई सड़कों को बंद कर दिया गया है.

जानकारी के मुताबिक जिस जगह गाड़ी टकराई वह इलाका ज्यादातर टूरिस्ट और कर्मचारियों से भरा रहता है. हालांकि अभी तक अधिकारियों ने ड्राइवर के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है.

मार-ए-लागो में घुसा था हमलावर
बता दें कि इससे पहले 22 फरवरी को ही अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के पाम बीच पर स्थित आवास मार-ए-लागो में एक हमलावर ने शॉटगन और पेट्रोल बम लेकर घुसने का प्रयास किया था. हालांकि सुरक्षा कर्मियों ने उसे रोकने का प्रयास किया, अधिकारियों ने उसे इन चीजों को छोड़ने के लिए कहा लेकिन उसने गोली चलाने के लिए बंदूक उठा ली. संभावित खतरे को नाकाम करने के लिए जवाबी कार्रवाई की. जिसमें 20 साल के हमलावर की मौके पर ही मौत हो गई.

एफबीआई, सीक्रेट सर्विस और पाम बीच काउंटी शेरिफ ऑफिस संयुक्त रूप से गोलीबारी की जांच कर रहे हैं. यह भी पड़ताल की जा रही है कि आखिर हमला करने वाले शख्स का मकसद क्या था और उसका बैकग्राउंड और हाल में उसकी एक्टिविटी क्या रही है. हालांकि घटना के समय अमेरिकी राष्ट्रपति वाशिंगटन में थे और रिसॉर्ट में कोई भी संरक्षित व्यक्ति मौजूद नहीं था.

अब सिलेंडर की डिलीवरी पर लगेगा OTP का ‘पहरा’, रजिस्टर्ड नंबर पर आएगा 4 अंकों का गुप्त कोड

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अब सिलेंडर की डिलीवरी पर लगेगा OTP का ‘पहरा’, रजिस्टर्ड नंबर पर आएगा 4 अंकों का गुप्त कोड
मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के असर के बीच नोएडा और ग्रेटर नोएडा में LPG सिलेंडर को लेकर उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ती नजर आ रही है. कई गैस एजेंसियों पर सुबह से ही लंबी-लंबी लाइनें देखी जा रही हैं. इस बीच LPG के नियमों में बदलाव हुए हैं. अब लोग डिलीवरी तारीख के 25 दिन बाद बुकिंग कर सकेंगे, अगर उनका 1 सिलेंडर का कनेक्शन है तब. डिलीवरी के समय OTP देना अनिवार्य होगा. गौतम बुद्ध नगर की इंचार्ज डिस्ट्रिक्ट सप्लाई ऑफिसर स्मृति गौतम ने कहा कि जिले में न LPG सिलेंडर और ना ही पेट्रोल-डीजल की कोई कमी है.

वहीं, इसी स्थिति को देखते हुए गौतमबुद्ध नगर की जिलाधिकारी मेधा रूपम ने गैस एजेंसी संचालकों और संबंधित अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की. सूरजपुर स्थित जिला कलेक्ट्रेट में हुई इस बैठक में डीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में उपभोक्ताओं को घरेलू गैस की कमी नहीं होनी चाहिए. साथ ही गैस की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं.

गैस की ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए छापेमारी
बैठक में यह भी तय किया गया कि प्रशासन की टीम बनाकर लगातार छापेमारी करेगी ताकि कहीं भी ब्लैक मार्केटिंग न हो सके. जिलाधिकारी ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें, जिले में एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है. प्रशासन का कहना है कि केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि लोगों को घरेलू गैस की किसी तरह की परेशानी न हो.

गौतम बुद्ध नगर इंचार्ज डिस्ट्रिक्ट सप्लाई ऑफिसर ने क्या कहा?
वहीं इस पूरे मामले पर गौतम बुद्ध नगर की इंचार्ज डिस्ट्रिक्ट सप्लाई ऑफिसर स्मृति गौतम ने कहा, ”मैं सबको आश्वस्त करती हूं कि हमारे जिले में एलपीजी सिलेंडर, पेट्रोल- डीजल के पर्याप्त मात्रा में स्टॉक उपलब्ध हैं. किसी प्रकार की पैनिक सिचुएशन पैदा करने की कोई जरूरत नहीं है. सिर्फ बुकिंग और डिलीवरी के नियम में बदलाव हुआ है. अब आप अपने लास्ट डिलीवरी डेट के 25 दिन के बाद सिलेंडर बुक करवा सकते हैं और 30 दिन के बाद डबल कनेक्शन को बुक करवा सकते हैं. जिसने पहले बुकिंग की है उन्हें पहले डिलीवरी दी जाएगी.”

रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर OTP को करवाना होगा वेरीफाई
उन्होंने जानकारी देते हुए आगे बताया कि आपको रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी जाएगा उसको वेरीफाई करवाना पड़ेगा. उन्होंने कहा, ”मेरी लोगों से अपील है कि कृपया आप अपने एलपीजी सिलेंडर ऑफलाइन कैश एजेंसी से ही लें ना कि अन्य स्रोतों से जिससे कि ब्लैक मार्केटिंग पर रोक लगाई जा सके. जिला प्रशासन की टीम लगातार भ्रमणशील है. हम इंश्योर कर रहे हैं कि जिले में कहीं भी किसी प्रकार की ब्लैक मार्केटिंग ना हो पाए. ऐसा कुछ संज्ञान में आता है तो प्रशासन की ओर से उस पर कार्रवाई की जाएगी.”

ईरान में आसमान से गिरा ‘जहरीला पानी’, तेल डिपो पर हमलों ने पैदा की पर्यावरणीय तबाही

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ईरान में आसमान से गिरा ‘जहरीला पानी’, तेल डिपो पर हमलों ने पैदा की पर्यावरणीय तबाही
ईरान और इजरायल के बीच छिड़ी जंग अब केवल बम-धमाकों तक सीमित नहीं रही है, बल्कि इसका असर कुदरत के जानलेवा बदलावों के रूप में दिखने लगा है. अमेरिकी और इजरायली हवाई हमलों के बाद ईरान के आसमान से पानी नहीं, बल्कि काली स्याही जैसा तरल बरस रहा है. तेल डिपो और रासायनिक ठिकानों पर हुए हमलों ने हवा में इतना जहर भर दिया है कि अब बादलों का रंग सफेद से काला पड़ चुका है. यह काली बारिश ईरान के नागरिकों के लिए युद्ध से भी बड़ा खतरा बनती जा रही है.

क्या है काली बारिश और यह इतनी दुर्लभ क्यों है?
वैज्ञानिक भाषा में काली बारिश एक ऐसी वायुमंडलीय घटना है जो केवल भीषण औद्योगिक आपदाओं या युद्ध के समय ही देखी जाती है. जब मिसाइल हमले तेल डिपो या रिफाइनरियों को निशाना बनाते हैं, तो उससे निकलने वाली कालिख और अधूरे जले हाइड्रोकार्बन हवा में मीलों ऊपर तक चले जाते हैं. बारिश की बूंदें गिरते समय एक स्पंज या चुंबक की तरह काम करती हैं, जो इन जहरीले कणों को अपने भीतर समेट लेती हैं. यही कारण है कि जब यह पानी जमीन पर गिरता है, तो इसका रंग गहरा काला और गाढ़ा होता है.

इंसानों के लिए जहर
वायुमंडलीय रसायन विशेषज्ञों का मानना है कि इसे केवल एसिड रेन कहना गलत होगा. सामान्य एसिड रेन में केवल सल्फ्यूरिक और नाइट्रिक अम्ल होते हैं, लेकिन ईरान में हो रही इस बारिश में हेवी मेटल्स और पॉलीसाइक्लिक एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन (PAHs) जैसे खतरनाक तत्व मिले हुए हैं. यह तेल के कुओं में लगी आग और फटने वाली मिसाइलों के धुएं का एक घातक मिश्रण है. ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने चेतावनी दी है कि यह मिश्रण मानव त्वचा और श्वसन तंत्र के लिए तत्काल प्रभावी जहर की तरह काम कर रहा है.

महाकुंभ की ‘मोनालिसा’ ने रचाई शादी: मुस्लिम बॉयफ्रेंड संग लिए सात फेरे, परिवार के विरोध के बाद पुलिस से मांगी सुरक्षा

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महाकुंभ की ‘मोनालिसा’ ने रचाई शादी: मुस्लिम बॉयफ्रेंड संग लिए सात फेरे, परिवार के विरोध के बाद पुलिस से मांगी सुरक्षा
महाकुंभ वायरल गर्ल मोनालिसा एक बार फिर से खबरों में आ गई हैं. उन्होंने मुस्लिम बॉयफ्रेंड फरमान खान संग शादी कर ली है. मोनालिसा ने बुधवार को Arumanoor मंदिर में फरमान संग शादी. ये शादी के दौरान मंदिर में फैंस, मीडिया और नेता भी शामिल हुए. शादी की रस्मों के बाद कपल ने भगवान के सामने माथा टेका. फिर पुजारी से आशीर्वाद लिया.

उनकी शादी में केरल के शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी, सीपीएम के राज्य सचिव एम. वी. गोविंदन और सांसद ए. ए. रहीम शामिल थे. मौके पर बोलते हुए ए. ए. रहीम ने कहा कि ये विवाह केरल की सांप्रदायिक सौहार्द की परंपरा को दर्शाता है. उन्होंने कहा, ‘शादियां स्वर्ग में तय होती हैं और वह स्वर्ग केरल है. हम यहां उनके इस उत्सव में शामिल होने आए हैं.’

शिक्षा मंत्री शिवनकुट्टी ने भी इस अवसर को राज्य के लिए गर्व का क्षण बताते हुए कहा, ‘यही असली केरल स्टोरी है.’ उन्होंने केरल की सामाजिक सौहार्द की परंपरा का उल्लेख किया.

कैसा था मोनालिसा का ब्राइडल लुक?
मोनालिसा ने रेड कलर की साड़ी पहनी थी. उन्होंने लाल वरमाला पहनी थी. साथ ही उन्होंने मांग में सिंदूर भी भरा हुआ था. मोनालिसा इस लुक में बेहद सुंदर लग रही थीं. उन्होंने गले में नेकलेस पहना था और साइड पार्टेड हेयरस्टाइल बनाई थी. जबकि दूल्हे ने सफेद शर्ट और मुंडू पहना था. मोनालिसा और फरमान साथ-साथ चलते दिखे.

परिवार था शादी के खिलाफ
बता दें कि मोनालिसा मध्य प्रदेश के इंदौर की रहने वाली हैं. वहीं फरमान महाराष्ट्र के रहने वाले हैं. मोनालिसा और फरमान खान डेढ़ साल से रिलेशनशिप में थे. लेकिन उनके परिवारवाले इस शादी के खिलाफ थे. जब परिवार ने इस शादी और उनके प्यार का विरोध किया तो मोनालिसा और फरमान ने केरल में शरण ली. मोनालिसा ने सुरक्षा मांगते हुए तिरुवनंतपुरम के थंपनूर पुलिस स्टेशन में शरण ली.

इससे पहले दिन में मोनालिसा अपने प्रेमी फरमान खान के साथ तिरुवनंतपुरम पहुंची थीं. पुलिस से संपर्क कर बताया था कि उनके पिता विजय सिंह भोसले उन पर अपनी पसंद के व्यक्ति से शादी करने का दबाव बना रहे हैं. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अब तक कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है क्योंकि शारीरिक उत्पीड़न का कोई आरोप नहीं लगाया गया है. पुलिस ने स्थिति की समीक्षा की और पुष्टि की कि मोनालिसा बालिग हैं, इसलिए उन्हें अपनी पसंद से विवाह करने का कानूनी अधिकार है. पुलिस ने ये बात उनके पिता को भी स्पष्ट कर दी.

पिता के साथ जाने से कर दिया था इंकार
रिपोर्टों के अनुसार, उनके परिवार ने इस रिश्ते का विरोध किया था और शुरुआत में दावा किया था कि मोनालिसा नाबालिग हैं. हालांकि, पुलिस की जांच में पुष्टि हुई कि वो 18 वर्ष की हैं. बताया जाता है कि मोनालिसा के पिता उन्हें वापस ले जाने के लिए केरल पहुंचे थे, लेकिन उन्होंने उनके साथ हवाई अड्डे जाने से इनकार कर दिया.

मोनालिसा महाकुंभ के दौरान वायरल हुई थीं. महाकुंभ में वो माला बेच रही थी, इसी दौरान की उनकी एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई. इसके बाद हर जगह मोनालिसा के ही चर्चे थे. मोनालिसा की किस्मत पूरी तरह बदल गई थी. मोनालिसा को फिल्मों में भी काम मिला. उन्होंने कई बड़े ब्रांड्स के लिए भी शूट किया. साथ ही म्यूजिक वीडियो भी किए.

मोनालिसा का वर्कफ्रंट
वो फिल्म द डायरी ऑफ मणिपुर में नजर आएंगी. ये उनकी डेब्यू फिल्म है. फिल्म का ट्रेलर फरवरी 2026 में रिलीज किया गया. इस फिल्म के लिए मोनालिसा ने कड़ी मेहनत की. फिल्म को लेकर फैंस एक्साइटेड हैं. वहीं मोनालिसा पूवर में निर्देशक पी. बिनु वर्गीज की मलयालम फिल्म ‘नगम्मा’ की शूटिंग कर रही हैं.

कांग्रेस का बड़ा दांव: केरल की 90 सीटों पर लड़ेगी चुनाव, सांसदों के सहारे सत्ता वापसी की आस

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केरल विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने तैयारियां शुरू कर दी हैं. बुधवार (11 मार्च) को केरल विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक हुई. कांग्रेस अध्यक्ष खरगे, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, संगठन महासचिव KC वेणुगोपाल, अम्बिका सोनी, TS देव समेत अन्य सदस्य कांग्रेस दफ़्तर में मौजूद रहे और चुनाव को लेकर मंथन किया. सूत्रों के मुताबिक मीटिंग में कांग्रेस उम्मीदवारों की पहली लिस्ट पर मुहर लग सकती है.

कई सांसद लड़ सकते हैं चुनाव
सूत्रों के मुताबिक केरल की 140 सीटों में से करीब 90 सीटों पर चुनाव लड़ने की रणनीति तैयार की है, बाकी सीटें अपने गठबंधन के सहयोगियों के लिए छोड़ देगी.
सूत्रों के मुताबिक, इनमें से पहली लिस्ट की 31 सीटों पर मुहर लग गई है. केरल कांग्रेस से कई सांसद विधानसभा के चुनावी मैदान में उतर सकते हैं. चर्चा है कि सांसद हिबी हिडेन, सांसद के सुधाकरण, सांसद के सुरेश विधानसभा चुनाव लड़ने को तैयार हैं.

राहुल गांधी ने बढ़ाई चुनावी गतिविधि
राहुल गांधी ने केरल में अपनी चुनावी आवाजाही को बढ़ाया है. हाल ही में वह कई इवेंट्स में हिस्सा लेने के लिए राज्य में आ चुके हैं. उन्होंने युवाओं और महिलाओं के लिए कुछ सोशल-वेलफेयर गारंटी का भी ऐलान किया है, जिससे चुनाव की तारीखें आने के बाद जबरदस्त कैंपेन के लिए माहौल तैयार हो सके.

चुनावी सरगर्मियां तेज
केरल में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं. एक ओर लेफ्ट की अगुवाई में एलडीएफ गठबंधन है तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस का यूडीएफ है. जल्द ही केरल में विधानसभा चुनाव के लिए तारीखों का ऐलान हो सकता है. बीते दो कार्यकाल से राज्य में वामपंथी नेतृत्व वाली सरकार सत्ता काबिज है. भारतीय जनता पार्टी यहां तीसरे नंबर की पार्टी है. जबकि कांग्रेस मुकाबले में रही है. कांग्रेस का दावा है कि इस बार वह सत्ता हासिल कर लेगी.

मुख्यमंत्री ने राहतगढ़ और जेसीनगर को दी आधुनिक ग्रंथालय की सौगात

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मुख्यमंत्री ने राहतगढ़ और जेसीनगर को दी आधुनिक ग्रंथालय की सौगात
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत में मातृ सत्ता प्रधान संस्कृति है। भारत की छवि विश्व गुरू की रही है। दुनिया में केवल भारतीय संस्कृति है, जिसने अपने मूल्यों के आधार पर ज्ञान की धारा को तक्षशिला और नालंदा विश्वविद्यालयों के माध्यम से विश्व के कोने-कोने में पहुंचाया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत का समय बदला है। अब हमारा देश आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में विश्व का नेतृत्व कर रहा है। भारत अपने कौशल के बल पर आधुनिक तकनीक में विश्व में नंबर वन बन रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महान शिक्षाविद् डॉ. हरि सिंह गौर ने अपनी जमा पूंजी लगाकर बुंदेलखंड के सागर में शिक्षा का नया सूर्योदय किया। गौर के प्रयासों से बुंदेलखंड को केंद्रीय विश्वविद्यालय की सौगात मिली है। यहां विभिन्न कोर्स की पढ़ाई कर निकले विद्यार्थियों ने देश-विदेश में अपनी अलग पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राहतगढ़ और जेसीनगर में श्रमिकों के बच्चों के लिए लाइब्रेरी बनाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को सागर में ज्ञानवीर विश्वविद्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस क्रम में आज सागर में मां सरस्वती की कृपा से शिक्षा का एक नया अध्याय लिखा जा रहा है। ज्ञानवीर विश्वविद्यालय के रूप में शिक्षा के आधुनिक मंदिर बुंदेलखंड के युवाओं के सामर्थ्य और संकल्पों को नई ऊंचाई देगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस पहल के लिए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत का अभिवादन किया। उन्होंने कहा कि ज्ञानवीर के केवल विश्वविद्यालय का नाम नहीं बल्कि एक बेटे का अपने माता-पिता के चरणों में श्रृद्धा सुमन है। मंत्री राजपूत ने इस संस्थान को अपनी पूज्य माता ज्ञानबाई जी के नाम से ज्ञान और अपने श्रद्धेय पिता वीर सिंह के नाम से वीर शब्द लेकर उन्हें समर्पित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह विश्वविद्यालय बुंदेलखंड के युवाओं के लिए सपनों के नए द्वार खोलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समय के साथ चलने के लिए युवाओं से कौशल और तकनीक में पारंगत होने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कुशल मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने बुंदेलखंड के चहुंमुखी विकास के लिए उल्लेखनीय कार्य किए हैं। वर्ष 2003 के बाद हुए कार्यों से बुंदेलखंड क्षेत्र का कायाकल्प हो गया है। उसके पहले की सरकारों के कार्यकाल में विकास धरातल पर कहीं नजर नहीं आया। पूर्व मुख्यमंत्री सु उमा भारती, श्रद्धेय बाबूलाल गौर और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में भी राज्य सरकार के लिए बुंदेलखंड सर्वोच्च प्राथमिकता का क्षेत्र रहा है। हमारी सरकार ने पिछले दिनों खजुराहो में हुई कैबिनेट बैठक में बुंदेलखंड के विकास के लिए 27 हजार करोड़ रूपये के विशेष पैकेज की मंजूरी दी। इससे क्षेत्र में करोड़ों का निवेश आएगा और बड़ी संख्या में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। प्रदेश में युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बुंदेलखंड वीरों और महावीरों की धरती है। बुंदेलखंड की पहचान महाराजा छत्रसाल से भी है। उन्होंने अपने कालखंड में कई लड़ाइयां लड़ीं और बुंदेलखंड की पावन धरा पर सनातन संस्कृति की ध्वजा फहराई। यहां के आल्हा और ऊदल की वीरता की कहानियां आज भी जीवंत हैं। बुंदेलखंड के वीरों ने अपने शौर्य से मातृभूमि की रक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय टीम के क्रिकेट में विश्व विजेता बनने और होली पर्व की बधाई दी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सहित देश के खिलाड़ी, अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए दुनिया में भारत का परचम लहरा रहे हैं। आज विश्व के कई संस्थानों के शीर्ष पदों पर भारतवंशी अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा रहे हैं, यह देश की श्रेष्ठतम शिक्षा व्यवस्था का ही परिणाम है।

सागर के विकास में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का योगदान अविस्मरणीयः मंत्री गोविंद सिंह राजपूत
खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने ज्ञानवीर विश्वविद्यालय के लोकार्पण अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस दिन को सागर के लिए ऐतिहासिक बताते हुए विकास के कई महत्वपूर्ण पड़ावों को रेखांकित किया। मंत्री राजपूत ने कहा कि आज का दिन बेहद सौभाग्यशाली है। उन्होंने याद दिलाया कि ज्ञानवीर विश्वविद्यालय की फाइल पर डॉ. मोहन यादव ने तभी हस्ताक्षर कर इसकी शुरुआत कराई थी, जब वे प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री थे। सागर अब उन चुनिंदा शहरों में शामिल है जहाँ केंद्रीय विश्वविद्यालय के साथ राजकीय विश्वविद्यालय (स्टेट यूनिवर्सिटी) और मेडिकल कॉलेज की सुविधा भी उपलब्ध है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विशेष धन्यवाद किया।

कार्यक्रम के प्रारंभ में ज्ञानवीर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति आदित्य सिंह राजपूत ने स्वागत उदबोधन में विश्वविद्यालय के संबंध में जानकारी दी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल, रहली विधायक एवं पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव, खुरई एवं पूर्व मंत्री विधायक भूपेन्द्र सिंह, सागर विधायक शैलेन्द्र जैन, नरयावली विधायक प्रदीप लारिया, देवरी विधायक ब्रज बिहारी पटेरिया, बण्डा विधायक वीरेन्द्र सिंह लोधी, बीना विधायक श्रीमति निर्मला सप्रे, जिला पंचायत अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत, महापौर नगर निगम सागर श्रीमती संगीता सुशील तिवारी सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने परखी भविष्य के वकीलों की तैयारी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ज्ञानवीर विश्वविद्यालय के नवनिर्मित परिसर का उद्घाटन करशैक्षणिक सुविधाओं का जायजा लिया, जिसमें विशेष रूप से विधि (Law) के छात्र-छात्राओं के लिए तैयार की गई मूट कोर्ट (Moot Court) आकर्षण का केंद्र रही। मूट कोर्ट एक प्रकार की कृत्रिम या नकली न्यायिक कार्यवाही होती है। इसमें कानून की पढ़ाई कर रहे छात्र एक काल्पनिक कानूनी मामले पर वास्तविक अदालत की तरह बहस करते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को वास्तविक अदालती कार्यवाही और प्रोटोकॉल की बारीकियां सिखाना, न्यायिक तर्क और पैरवी की कला में निपुण बनाना, मुकदमेबाजी और कानूनी दस्तावेजीकरण का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है।

मुख्यमंत्री ने बढ़ाया छात्र-छात्राओं का उत्साह
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मूट कोर्ट का अवलोकन करते हुए वहां मौजूद छात्र-छात्राओं से संवाद किया। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक अनुभव ही एक कुशल अधिवक्ता और न्यायविद तैयार करने में सहायक होता है। उन्होंने आधुनिक शिक्षा पद्धति में ऐसी सिम्युलेटेड लर्निंग (प्रायोगिक शिक्षण) को उपयोगी बताया। विश्वविद्यालय प्रबंधन के अनुसार, मूट कोर्ट के माध्यम से छात्र अपनी झिझक दूर कर सकेंगे और भविष्य में उच्च न्यायालयों व सर्वोच्च न्यायालय में पैरवी के लिए खुद को तैयार कर सकेंगे।

बुंदेली स्वाद का लिया आनंद
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुंदेलखंड के पारंपरिक खान-पान संस्कृति की सराहना करते हुए इसे सेहत के लिए भी उत्तम बताया है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बुंदेलखंड के पारंपरिक मोटे अनाज (Millets) से बने व्यंजनों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ज्वार, बाजरा, मक्का की रोटी न केवल ऊर्जा प्रदान करती है, बल्कि हमारी प्राचीन आहार पद्धति का गौरव भी है।

थाली में परोसा गया बुंदेलखंड का वैभव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की थाली में बुंदेलखंड के पारंपरिक व्यंजन शामिल थे। इनमें मुख्य रूप से मेथी और चने की भाजी, कड़ी पकौड़ा, दही बड़े, पारंपरिक स्वाद के साथ बिजोरे, कचरिया, बरी की सब्जी और प्रसिद्ध महेरी, खीचला, पापड़, मंगोड़ी और गुजराती नमकीन, चिरौंजी की बर्फी, आम-नींबू का अचार और ताजगी से भरपूर आम का पना शामिल थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बुंदेली व्यंजन केवल स्वाद में ही बेमिसाल नहीं हैं, बल्कि यह पाचन की दृष्टि से भी अत्यंत लाभकारी है। ज्वार-बाजरा जैसे मोटे अनाज स्वास्थ्य का आधार हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय व्यंजनों को बढ़ावा देना ’’वोकल फॉर लोकल’’ के संकल्प को मजबूत करता है। बुंदेलखंड के ये व्यंजन इस क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और मेहमाननवाजी का प्रतीक हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सागर जिले के प्रवास के दौरान बुंदेली संस्कृति की जीवंत प्रस्तुति ने सभी का ध्यान खींच लिया। स्थानीय बुंदेली कलाकारों एवं पारंपरिक वाद्य यंत्रों की मनमोहक प्रस्तुति के साथ मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया गया। कलाकारों ने राई, बधाई एवं अन्य लोक गीतों की प्रस्तुतियां दीं, जिसमें ढोलक, नगड़िया, बांसुरी, मंजीरा और अन्य पारंपरिक बुंदेली वाद्य यंत्रों की धुनें गूंज उठी। मनमोहक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलाकारों को गले लगाया और उनकी पी ठ थपथपाकर सराहना की।

ग्रामीण विकास में सरपंचों की है महत्वपूर्ण भूमिका – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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ग्रामीण विकास में सरपंचों की है महत्वपूर्ण भूमिका – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित उनके कार्यालय के सभा कक्ष में जशपुर जिले से चार दिवसीय अध्ययन भ्रमण पर आए सरपंचों के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की।मुख्यमंत्री साय ने बड़ी आत्मीयता से सरपंचों से भेंट कर उनके क्षेत्र की स्थिति तथा विकास कार्यों के बारे में जानकारी ली।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ग्रामीण विकास में सरपंचों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं पंच के रूप में जनसेवा का कार्य प्रारंभ किया था। पंच रहने के बाद वे सरपंच बने और आगे चलकर विधायक तथा सांसद के रूप में भी जनता की सेवा करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि यदि किसी सरपंच में अपने गांव और पंचायत के विकास के लिए समर्पण और जज्बा हो, तो वह अपने क्षेत्र में बड़ा सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर अधोसंरचना विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की बड़ी जिम्मेदारी सरपंचों के कंधों पर होती है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को नई गति मिल रही है। उन्होंने सरपंचों से आग्रह किया कि वे योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें, ताकि ग्रामीण जनता को उनका पूरा लाभ मिल सके।उन्होंने कहा कि समर्पित नेतृत्व और योजना के सही क्रियान्वयन से कोई भी पंचायत आदर्श पंचायत बन सकती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और विकास के अवसर बढ़ रहे हैं। उन्होंने सरपंचों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने पंचायत क्षेत्र की समस्याओं और विकास से जुड़े मुद्दों पर विभागीय मंत्रियों और अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में रहें तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि अध्ययन भ्रमण का उद्देश्य अन्य क्षेत्रों में हुए विकास कार्यों को देखकर सीखना और उन्हें अपने गांवों में लागू करना है।

उल्लेखनीय है कि जशपुर जिले से चार दिवसीय अध्ययन भ्रमण पर आए 35 सरपंचों का दल आज विधानसभा की कार्यवाही देखने विधानसभा पहुंचा था। भ्रमण के दौरान यह दल दुर्ग जिले के ग्राम पंचायत पतोरा तथा धमतरी जिले के ग्राम पंचायत सांकरा में हुए विकास कार्यों का अवलोकन भी करेगा।

इस अवसर पर विधायक गोमती साय, रायमुनि भगत सहित जशपुर जिले से आए सरपंचगण उपस्थित थे।

फुले-नकुल-अम्बेडकर जयंती मेला महोत्सव के लिए मुख्यमंत्री को मिला आमंत्रण

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फुले-नकुल-अम्बेडकर जयंती मेला महोत्सव के लिए मुख्यमंत्री को मिला आमंत्रण
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय कक्ष में सर्व अनुसूचित जाति-जनजाति एवं अन्य पिछड़ा समाज छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की।

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री साय को 14 अप्रैल को महासमुंद जिले के बसना में आयोजित होने वाले फुले-नकुल-अम्बेडकर जयंती मेला महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।

मुख्यमंत्री साय ने आमंत्रण के लिए प्रतिनिधिमंडल का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि महापुरुषों की जयंती के अवसर पर आयोजित ऐसे आयोजन समाज में जागरूकता और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देते हैं।

इस अवसर पर बसना विधायक सम्पत अग्रवाल भी उपस्थित थे।