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यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफल प्रदेश के अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी बधाई

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यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफल प्रदेश के अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी बधाई
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में सफलता प्राप्त करने वाले छत्तीसगढ़ के सभी अभ्यर्थियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रदेश के प्रतिभाशाली युवाओं ने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर यह उपलब्धि हासिल कर पूरे छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया है।

मुख्यमंत्री साय ने वैभवी अग्रवाल, दर्शना सिंह बघेल, डायमंड सिंह ध्रुव, रौनक अग्रवाल और संजय डहरिया को उनकी उल्लेखनीय सफलता के लिए बधाई दी है। उन्होंने कहा कि इन होनहार बेटे-बेटियों की उपलब्धि प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणादायक है और यह दिखाती है कि निरंतर परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण से किसी भी ऊँचाई को प्राप्त किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी सफल अभ्यर्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि छत्तीसगढ़ के युवाओं को बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने के लिए प्रेरित करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन युवाओं की सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों के सपनों को नई ऊर्जा और दिशा देने वाली प्रेरणा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ये सभी प्रतिभाशाली युवा प्रशासनिक सेवाओं में रहते हुए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ जनसेवा करेंगे तथा राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

वो 5 कप्तान जो टीम इंडिया को वर्ल्ड कप के फाइनल में ले गए

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वो 5 कप्तान जो टीम इंडिया को वर्ल्ड कप के फाइनल में ले गए
आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड की टीम का सामना करने के लिए टीम इंडिया तैयार है. यहां तक भारतीय टीम को ले जाने का एक बड़ा क्रेडिट कप्तान सूर्यकुमार यादव को जाता है. इस टूर्नामेंट में बतौर टी20 कप्तान सूर्या ने कमाल का प्रदर्शन किया है. हालांकि, सूर्या का नाम उन चंद भारतीय कप्तानों में अब शामिल हो चुका है, जिनकी कप्तानी में टीम इंडिया वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले तक पहुंचने में सफल रही है. यहां हम उन्हीं 5 भारतीय कप्तानों की बात करने वाले हैं.

टीम इंडिया को वर्ल्ड कप फाइनल में ले जाने वाले 5 कप्तान
1. कपिल देव – 1983 वनडे वर्ल्ड कप
कपिल देव ने अपनी कप्तानी में टीम इंडिया को पहली बार किसी वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंचाया था. साल 1983 के वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में वेस्टइंडीज को हराकर भारत को पहला विश्व खिताब दिलाया था. इस वर्ल्ड कप में कपिल देव ने जिम्बाब्वे के खिलाफ नाबाद 175 रन की ऐतिहासिक पारी खेलकर टीम इंडिया को टूर्नामेंट से बाहर होने से बचाया था.

2. सौरव गांगुली – 2003 वनडे वर्ल्ड कप
सौरव गांगुली की कप्तानी में टीम इंडिया ने 20 साल बाद वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल का सफर तय किया था. दक्षिण अफ्रीका में आयोजित 2003 वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में भारत पहुंचा था, जहां उसे ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार का सामना करना पड़ा था. गांगुली ने उस टूर्नामेंट में 3 शतक जड़े थे.

3. एम.एस. धोनी – 2007 टी20, 2011 वनडे, 2014 टी20
महेंद्र सिंह धोनी को भारत के सबसे सफल कप्तान माना जाता है. धोनी इकलौते ऐसे कप्तान हैं, जिन्होंने टीम इंडिया को तीन बार वर्ल्ड कप के फाइनल (दो बार टी20 और एक बार वनडे) में पहुंचाया. उनकी कप्तानी में भारत ने 2007 का पहला टी20 वर्ल्ड कप और 2011 का वनडे वर्ल्ड कप जीता. 2014 टी20 वर्ल्ड कप में भी टीम इंडिया फाइनल तक पहुंची थी, लेकिन उसे श्रीलंका से हार का सामना करना पड़ा था.

4. रोहित शर्मा – 2023 वनडे, 2024 टी20
रोहित शर्मा ने अपनी कप्तानी में टीम इंडिया को बेहद आक्रामक और निडरता से खेलने वाली टीम बनाया है. उनकी कप्तानी में भारत ने लगातार दो वर्ल्ड कप के फाइनल खेले. साल 2023 के वनडे वर्ल्ड कप में भारत अजेय रहते हुए फाइनल तक पहुंचा. फिर साल 2024 के टी20 वर्ल्ड कप में दक्षिण अफ्रीका को हराकर भारत को वर्ल्ड चैंपियन बनाया था.

5. सूर्यकुमार यादव – 2026 टी20 वर्ल्ड कप
सूर्यकुमार यादव का नाम इस लिस्ट में सबसे नया है. रोहित शर्मा के टी20 इंटरनेशनल से संन्यास लेने के बाद टीम इंडिया की कप्तानी संभालने वाले सूर्या ने अपने पहले ही बड़े टूर्नामेंट में भारत को फाइनल तक पहुंचा दिया है. 2026 टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में इंग्लैंड को हराकर भारत को लगातार दूसरे टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंच चुकी है.

ईरान के 3000 ठिकानों को तबाह करने का अमेरिका ने किया दावा

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ईरान के 3000 ठिकानों को तबाह करने का अमेरिका ने किया दावा
अमेरिका ने ईरान के खिलाफ चल रही जंग को लेकर बड़ा दावा किया है. उसने कहा है कि पिछले 7 दिनों में ईरान के 3000 ठिकानों को तबाह कर दिया है.

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया के जरिए बताया कि वे डोवर एयरफोर्स बेस जाएंगे. उन्होंने पोस्ट में लिखा, ‘मैं कल फर्स्ट लेडी और अपने कैबिनेट के सदस्यों के साथ डोवर एयर फोर्स बेस जाऊंगा, जिससे अपने महान वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि दे सकूं.’

ईरान की दोटूक चेतावनी: ‘इजरायल ने कर दी है बड़ी गलती, अब भुगतना होगा अंजाम’

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ईरान की दोटूक चेतावनी: ‘इजरायल ने कर दी है बड़ी गलती, अब भुगतना होगा अंजाम’
पश्चिमी ईरान में इजरायली एयर फोर्स का हमला जारी है. जिन टारगेट पर हमला हुआ, उनमें बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर और सरकार के अनमैन्ड एरियल व्हीकल के लिए स्टोरेज शामिल है. दिनभर पश्चिमी ईरान के कई इलाकों में ईरान के 400 से अधिक ठिकानों पर भारी गोलाबारी की गई. हमलों में शामिल ठिकानों में ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर और मानवरहित हवाई वाहनों के भंडारण केंद्र भी थे.

मिडिल ईस्ट में जंग के बीच अमेरिका वहां फंसे अपने नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहा है. यूएस राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि हम मिडिल ईस्ट के अलग-अलग देशों से हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं. यह काम चुपचाप बिना किसी शोर-शराबे के विदेश सचिव मार्को रुबियो के नेतृत्व में किए जा रहे हैं.

अखिलेश यादव बोले- नीतीश कुमार के पास था प्रधानमंत्री बनने का मौका, पर उन्होंने रास्ता बदल लिया

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अखिलेश यादव बोले- नीतीश कुमार के पास था प्रधानमंत्री बनने का मौका, पर उन्होंने रास्ता बदल लिया
सपा के मुखिया अखिलेश यादव ने कहा कि हम सब लोग मिलकर नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री बनाना चाहते थे. लेकिन अब वो ऐसे मुख्यमंत्री रहे जो राज्यसभा सदस्य के रूप में रिटायर होंगे. सपा प्रमुख ने कहा कि जो लोग राजनीति को समझते हैं उन्हें पहले दिन ही पता था कि भारतीय जनता पार्टी क्या कदम उठाएगी. हम तो चाहते थे कि वो (नीतीश कुमार) प्रधानमंत्री के रूप में रिटायर हों लेकिन अब वो राज्यसभा के मेंबर होकर ही रिटायर हो जाएंगे.

ईरान-इजरायल युद्ध पर क्या बोले?
अखिलेश यादव ने कहा, “हम युद्ध के पक्ष में नहीं हैं. समाजवादी पार्टी कभी युद्ध के पक्ष में नहीं रही है. युद्ध नुकसान करता है, युद्ध जानें लेता है. युद्ध के परिमाण हमेशा दुखदायी होते हैं, दुख पहुंचाते हैं. युद्ध के पक्ष में हम लोग नहीं हैं.”

अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत और शोक जताने से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा, “जहां भारत सरकार को अपना पक्ष रखना चाहिए वहां मजबूरी में विपक्ष को अपना पक्ष रखना पड़ रहा है. इतनी कमजोर सरकार शायद किसी ने नहीं देखी होगी.”

सरकार की विदेश नीति पर अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया
सरकार की विदेश नीति पर उन्होंने कहा, “विदेश नीति पर हमसे चर्चा मत कराओ. विदेश नीति जो दिख रही है, वो नहीं है. अंदर ही अंदर कहां हाथ किससे मिले हुए हैं, किसी को नहीं पता. कारोबार से हमलोग जुड़ रहे हैं. चीन से हम कितना कारोबार कर रहे हैं, फ्रांस से हम कितना कारोबार कर रहे हैं, रूस और अमेरिका से हम कितना बड़ा कारोबार कर रहे हैं, यूरोप में कई देशों से फ्री-ट्रे़ड एग्रीमेंट कर चुके हैं. पड़ोसी देशों से हमारे दूसरे तरह के संबंध हैं. आज जो सरकार है उसने भारत को विदेश नीति में उलझा दिया है.”

गंगा-जमुनी तहजीब हिंदुस्तान की पहचान- अखिलेश यादव
लखनऊ में इफ्तार पार्टी में शामिल होने के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि ये हिंदुस्तानीयत की पहचान है कि हम सब लोग एक दूसरे के त्योहार में शामिल होते हैं. हमारी संस्कृति एक दूसरे से मिली जुली है. यही गंगा-जमुनी तहजीब है. अलग जाति-धर्म के इतने लोग एक साथ कहीं नहीं रहते होंगे जितने हमारे देश में रहते हैं. अभी हम लोगों ने होली मनाई जिसमें हम लोग गले मिले. कुछ दिनों में ईद मनाएंगे और फिर गले मिलेंगे.

अहमदाबाद में महामुकाबला: क्या बारिश बनेगी विलेन? जानें फाइनल के लिए क्या है ‘रिजर्व डे’ और ‘जॉइंट विनर’ का गणित

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अहमदाबाद में महामुकाबला: क्या बारिश बनेगी विलेन? जानें फाइनल के लिए क्या है ‘रिजर्व डे’ और ‘जॉइंट विनर’ का गणित
2026 टी20 वर्ल्ड कप का आगाज ठीक एक महीने पहले शुरू हुआ था. 54 मैचों के रोमांच के बाद अब फाइनल की बारी आ गई है, जिसमें भारत और न्यूजीलैंड (IND vs NZ Final) आमने-सामने होंगे. फाइनल मैच 8 मार्च को अहमदाबाद स्थित नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा. भारत 2 बार चैंपियन बन चुका है और न्यूजीलैंड अपने पहले खिताब की तलाश में है.

ये टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में पहली बार होगा जब भारत और न्यूजीलैंड के बीच फाइनल मैच खेला जाएगा. मगर फाइनल मुकाबला बारिश या किसी अन्य कारण से रद्द हो जाता है तो किसे विजेता घोषित किया जाएगा. यहां समझ लीजिए पूरा नियम.

बारिश आई, तो क्या होगा?
भारत बनाम न्यूजीलैंड फाइनल मैच 8 मार्च को खेला जाना है. अगर 8 मार्च को नरेंद्र मोदी स्टेडियम में कोई खेल नहीं हो पाता है तो ऐसे में रिजर्व डे का नियम लागू हो जाएगा. इस परिस्थिति में फाइनल मैच 9 मार्च को खेला जाएगा. आपको बताते चलें कि पहले 8 तारीख को ही कम से कम 10 ओवर का मैच करवाने का प्रयास किया जाएगा.

रिजर्व डे पर भी बारिश आई, तो क्या?
अगर 9 मार्च को भी नरेंद्र मोदी स्टेडियम में होने वाले फाइनल मैच में बारिश खलल देती है तो कम से कम 10 ओवर का मैच करवाने का प्रयास किया जाएगा. आईसीसी इवेंट्स के नॉकआउट मैचों में परिणाम आने के लिए प्रत्येक पारी में कम से कम 10 ओवर का खेल होना जरूरी होता है. अगर पहले दिन कुछ ओवरों का खेल हो जाता है तो रिजर्व डे के दिन खेल वहीं से शुरू होगा जहां पिछले दिन रुका था.

अगर रिजर्व डे का दिन भी पूरी तरह बारिश में धुल जाता है, तो भारत और न्यूजीलैंड दोनों को संयुक्त विजेता घोषित कर दिया जाएगा. ऐसे बहुत कम मौके रहे हैं जब किसी आईसीसी इवेंट के फाइनल मैच में बारिश के कारण कोई खेल ना हो पाया हो. 2002 चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में ऐसा हुआ था, जब भारत और श्रीलंका को संयुक्त विजेता घोषित कर दिया गया था.

OTT पर ‘द राजा साब’ का धमाका: हिंदी दर्शकों के लिए बड़ी खुशखबरी, प्रभास की फिल्म ने दी दस्तक

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OTT पर ‘द राजा साब’ का धमाका: हिंदी दर्शकों के लिए बड़ी खुशखबरी, प्रभास की फिल्म ने दी दस्तक
साउथ सुपरस्टार प्रभास की फिल्म ‘द राजा साब’ इस साल की सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाली फिल्मों में से एक थी. 9 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हुई में ये फिल्म थिएटर में कुछ कमाल नहीं दिखा सकी थी. रिलीज होने के बाद फिल्म को दर्शकों से खास रिस्पॉन्स नहीं मिला और इसकी कहानी व निर्देशन को लेकर काफी आलोचना भी हुई.

थिएटर में रिलीज होने के एक महीने से भी कम समय में मेकर्स ने इस फिल्म को ओटीटी पर रिलीज कर दिया था. हालांकि, ओटीटी पर हिंदी भाषा में ये फिल्म नहीं आई थी. मेकर्स इस फिल्म को 6 फरवरी को ओटीटी प्लेटफॉर्म जियो हॉटस्टार पर तेलुगू, तमिल, कन्नड़ और मलयालम भाषा में लेकर आए थे. हालांकि अब हिंदी में भी ये फिल्म रिलीज हो चुकी है.

OTT पर हिंदी में भी रिलीज हुई ‘द राजा साब’
बाकी भाषाओं की तरह ‘द राजा साब’ का हिंदी वर्जन भी जियो हॉटस्टार पर ही रिलीज किया गया है. अब देखना दिलचस्प होगा कि ओटीटी पर, खासकर हिंदी दर्शकों के बीच, इस फिल्म को कैसा रिस्पॉन्स मिलता है. प्रभास के साथ मालविका मोहनन, निधि अग्रवाल और संजय दत्त भी इस फिल्म का हिस्सा हैं. ‘द राजा साब’ का डायरेक्शन मारुति ने किया है.

ये एक बड़े बजट की फिल्म है. मेकर्स ने इस फिल्म को बनाने में करोड़ों खर्च किए थे. हालांकि, ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो गई. रिपोर्ट्स के मुताबिक इस फिल्म का बजट लगभग 400 करोड़ रुपये था. हालांकि, वर्ल्डवाइड ये फिल्म कोईमोई की रिपोर्ट के मुताबिक 206 करोड़ रुपये का ही कलेक्शन कर पाई थी.

प्रभास की अपकमिंग फिल्म
प्रभास की अपकमिंग फिल्म की बात करें तो वो जल्द ही फिल्म ‘स्पिरिट’ में नजर आने वाले हैं, जो 5 मार्च 2027 को सिनेमाघरों में दस्तक देगी. संदीप रेड्डी वांगा के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में उनके अपोजिट तृप्ति डिमरी दिखेंगी. वहीं विवेक ओबेरॉय निगेटिव रोल में नजर आएंगे. फैंस इस फिल्म का बेसब्री ने इंतजार कर रहे हैं.

धर्मनगरी में कल होगा गृहमंत्री का अहम दौरा, जनसभा को संबोधित कर कार्यकर्ताओं में भरेंगे जोश

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धर्मनगरी में कल होगा गृहमंत्री का अहम दौरा, जनसभा को संबोधित कर कार्यकर्ताओं में भरेंगे जोश
केंद्रीय मंत्री अमित शाह शनिवार को शहर में करीब सवा चार घंटे रहेंगे। वैरागी द्वीप में आयोजित नूतन न्याय संहिता पर राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन, जनसभा संबोधन और अन्य गतिविधियों के बीच वह निजी होटल में आयोजित पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ बैठक करेंगेंं। इसके लिए शुक्रवार को दिनभर पुलिस-प्रशासन की टीम तैयारियों में जुटी रही।

 

तय कार्यक्रम के मुताबिक, गृह मंत्री शनिवार को दोपहर 12:15 बजे जौलीग्रांट एयरपोर्ट देहरादून पहुंचेंगे, जहां से 12:30 बजे गुरुकुल कांगड़ी हेलीपैड हरिद्वार पहुंचेंगे। यहां से 12:40 बजे वह वैरागी द्वीप में कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगे। फिर 1:55 बजे तक वह वैरागी कैंप में जनसभा को संबोधित करेंगे। दिन में 2:00 बजे से 2:30 बजे तक समय आरक्षित रखा गया है।

इसके अलावा 2:30 बजे से 3:00 बजे तक वैरागी कैंप में ही नूतन न्याय संहिता पर राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन और अवलोकन करेंगे। वह 3:00 से 3:30 बजे के बीच उत्तराखंड सरकार की विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे। 3:30 बजे वैरागी कैंप से प्रस्थान कर 3:40 बजे एक निजी होटल पहुंचेंगे। यहां पर पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ बैठक कर केंद्रीय गृह मंत्री 4:45 बजे जौलीग्रांट एयरपोर्ट के लिए निकल जाएंगे।

विदेशी मुद्रा भंडार में ऐतिहासिक उछाल, नए शिखर पर पहुंचा भारत

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विदेशी मुद्रा भंडार में ऐतिहासिक उछाल, नए शिखर पर पहुंचा भारत
वैश्विक स्तर पर मध्य पूर्व में चल रहे तनाव के बावजूद, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 27 फरवरी को समाप्त हुए सप्ताह में 4.885 अरब डॉलर की प्रभावशाली वृद्धि के साथ अब तक के उच्चतम स्तर 728.494 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। यह अभूतपूर्व वृद्धि देश की मजबूत आर्थिक स्थिति और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सुरक्षित निवेश के प्रति निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।

क्या कहते हैं आरबीआई के आंकड़े?
आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, इस सप्ताह विदेशी मुद्रा भंडार के प्रमुख घटकों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।

स्वर्ण भंडार: गोल्ड रिजर्व का मूल्य 4.141 अरब डॉलर बढ़कर 131.630 अरब डॉलर हो गया है। यह वृद्धि सोने को एक सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में वैश्विक स्तर पर बढ़ती स्वीकार्यता को इंगित करती है।
विदेशी मुद्रा अस्तियां: विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा घटक, फॉरेन करेंसी एसेट्स, 56.1 करोड़ डॉलर बढ़कर 573.125 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। एफसीए में डॉलर के साथ-साथ जापानी येन, यूरो और ब्रिटिश पाउंड जैसी प्रमुख वैश्विक मुद्राओं का भंडार शामिल होता है, जिनका मूल्य डॉलर में मापा जाता है।
विशेष आहरण अधिकार: अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की ओर से जारी विशेष आहरण अधिकारका मूल्य 2.6 करोड़ डॉलर बढ़कर 18.866 अरब डॉलर हो गया है।
रिजर्व पोजीशन: भारत की आईएमएफ में रिजर्व पोजीशन भी 15.8 करोड़ डॉलर बढ़कर 4.873 अरब डॉलर हो गई है।
यह ध्यान देने योग्य है कि इससे पहले विदेशी मुद्रा भंडार का उच्चतम स्तर फरवरी के मध्य में 725.727 अरब डॉलर दर्ज किया गया था।

विदेशी मुद्रा भंडार अर्थव्यवस्था के लिए कितना महत्वपूर्ण?
किसी भी देश के लिए उसका विदेशी मुद्रा भंडार उसकी आर्थिक स्थिरता का एक महत्वपूर्ण संकेतक होता है। यह न केवल देश की वित्तीय सेहत को दर्शाता है, बल्कि मुद्रा विनिमय दर को स्थिर रखने में भी अहम भूमिका निभाता है।

विनिमय दर स्थिरता: डॉलर के मुकाबले रुपये पर दबाव बढ़ने की स्थिति में, केंद्रीय बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार का उपयोग करके डॉलर की बिक्री कर सकता है, जिससे रुपये को गिरने से रोका जा सके और विनिमय दर में स्थिरता लाई जा सके।
आर्थिक मजबूती: विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि यह भी संकेत देती है कि देश में डॉलर की आवक मजबूत बनी हुई है, जो अर्थव्यवस्था को बल प्रदान करती है।
अंतरराष्ट्रीय व्यापार में आसानी: बढ़ते विदेशी मुद्रा भंडार से देश के लिए विदेशों में व्यापार करना और वित्तीय लेन-देन करना अधिक सुगम हो जाता है।
अनिश्चितताओं के बीच स्थिरता, अब आगे क्या?
मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में आई यह रिकॉर्ड वृद्धि, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की सुदृढ़ता का प्रमाण है। यह दर्शाता है कि निवेशक भारतीय अर्थव्यवस्था पर भरोसा कर रहे हैं और देश की वित्तीय नीतियां प्रभावी साबित हो रही हैं। यह भंडार देश को भविष्य में किसी भी अप्रत्याशित आर्थिक झटके से निपटने के लिए बेहतर स्थिति में रखता है।

संकष्टी चतुर्थी पर नक्षत्रों का अद्भुत मेल

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संकष्टी चतुर्थी पर नक्षत्रों का अद्भुत मेल
पंचांग के अनुसार, आज यानी 06 मार्च को कई शुभ योग बन रहे हैं। इस तिथि पर भगवान गणेश की पूजा होती है। इस दिन पूजा-पाठ व व्रत करने से साधक के जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं। साथ ही जीवन में सुख-शांति आती है।

तिथि: कृष्ण तृतीया
मास पूर्णिमांत: चैत्र
दिन: शुक्रवार
संवत्: 2082

तिथि: कृष्ण तृतीया – शाम 05:53 बजे तक
योग: गंड – सुबह 07:06 बजे तक
करण: विष्टि – शाम 05:53 बजे तक
करण: बव – सुबह 06:31 बजे तक (7 मार्च)।

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
सूर्योदय का समय: सुबह 06:41 बजे
सूर्यास्त का समय: शाम 06:24 बजे
चंद्रोदय का समय: शाम 09:14 बजे
चंद्रास्त का समय: सुबह 08:01 बजे।

सूर्य और चंद्रमा की राशियां
सूर्य देव: कुंभ राशि में स्थित हैं।
चन्द्र देव: कन्या राशि में स्थित हैं, रात 10:18 बजे तक।

आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:09 बजे से दोपहर 12:56 बजे तक
अमृत काल: सुबह 04:23 बजे से सुबह 06:06 बजे (7 मार्च) तक।

आज के अशुभ समय
राहुकाल: सुबह 11:05 बजे से सुबह 12:33 बजे तक
गुलिकाल: सुबह 08:09 बजे से सुबह 09:37 बजे तक
यमगण्ड: दोपहर 03:28 बजे से शाम 04:56 बजे तक

आज का नक्षत्र
आज चंद्रदेव हस्त नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।
हस्त नक्षत्र: सुबह 09:29 बजे तक
सामान्य विशेषताएं: निडर, साहसी, उपकारी, दानी, मेहनती, फुर्तीला, लक्ष्य के प्रति समर्पित, बुद्धिमान, कभी-कभी झगड़ालू, कठोर, जीवन के उत्तरार्ध में सुखी, शारीरिक कार्यों में निपुण।
नक्षत्र स्वामी: चंद्रदेव
राशि स्वामी: बुधदेव
देवता: सविता (सूर्य देव का एक रूप)
प्रतीक: हाथ या बंद मुट्ठी।