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189 दिनों तक थिएटर्स में लगातार चली थी Vinod Khanna की फिल्म, 55 साल से कायम है रिकॉर्ड

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189 दिनों तक थिएटर्स में लगातार चली थी Vinod Khanna की फिल्म, 55 साल से कायम है रिकॉर्ड
विनोद खन्ना हिंदी सिनेमा के वह अभिनेता थे, जिनकी पर्सनैलिटी की चर्चा आज भी जाती है। जब वह पर्दे पर एंट्री मारते थे, तब सिनेमाघरों में सीटियां सुनाई देती थीं। इंडस्ट्री में उनका कद इतना बड़ा था, जिसकी छाप आज भी कायम है।

इस बीच हम आपको विनोद खन्ना के करियर की उस फिल्म बारे में आपको बताने जा रहे हैं, जिसने हिंदी सिनेमा की परिभाषा को बदलकर रख दिया था। एक्टर की वह फिल्म 27 हफ्तों तक यानी करीब 189 दिनों तक सिनेमाघर में सफलतापूर्वक चली थी।

विनोद खन्ना की ब्लॉकबस्टर फिल्म
अभिनेता विनोद खन्ना हिंदी सिनेमा के उन चुनिंदा कलाकारों में शुमार थे, जो पर्दे पर लीड हीरो के रोल के अलावा एंटी हीरो बनकर भी अपनी छाप छोड़ने में सफल होती थे। ऐसा ही कमाल उन्होंने 55 साल पहले सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली ब्लॉकबस्टर फिल्म मेरा गांव मेरा देश (Mera Gaon Mera Desh) में करके दिखाया था।

इस फिल्म में विनोद खन्ना के अलावा धर्मेंद्र और आशा पारेख जैसे अन्य कई कलाकार मौजूद रहे थे। मेरा गांव मेरा देश में विनोद ने खूंखार डकैत जब्बर सिंह की भूमिका को अदा किया था। जिस तरह से विनोद ने ये नेगेटिव किरदार अदा किया था, उससे वह फिल्म में धर्मेंद्र के रोल पर भी भारी पड़े थे। फिल्म की कहानी और गाने काफी शानदार रहे, जिसकी वजह से मेरा गांव मेरा देश बॉक्स ऑफिस पर भी सफल रही थी।

यही कारण था जो मेरा गांव मेरा देश सिल्वर जुबली भी रही थी और 27 हफ्तों तक सिनेमाघरों में चलती रही थी। 189 दिनों से ज्यादा समय तक मुंबई के एक थिएटर में विनोद खन्ना की इस मूवी के चार शोज लगातार चलते रहे थे।
साल की सबसे बड़ी हिट रही थी मेरा गांव मेरा देश

गौर किया जाए मेरा गांव मेरा देश की कमर्शियल परफॉर्मेंस की तरफ तो साल 1971 में रिलीज होने वाली हिंदी फिल्मों में कमाई में ये मूवी टॉप पर रही थी। माना जाता है कि मेरा गांव मेरा देश के बाद ही निर्देशक रमेश सिप्पी को शोले जैसी कल्ट मूवी बनाने का फैसला लिया था।

CBSE बोर्ड 12वीं का रिजल्ट जल्द होगा जारी, DigiLocker अलर्ट से छात्रों में उत्साह

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CBSE बोर्ड 12वीं का रिजल्ट जल्द होगा जारी, DigiLocker अलर्ट से छात्रों में उत्साह
सीबीएसई कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा का आयोजन देशभर के विभिन्न केंद्रों पर 17 फरवरी से लेकर 10 अप्रैल 2026 तक किया गया था। कॉपियों का मूल्यांकन इस बार “ऑनस्क्रीन मार्किंग स्कीम” के तहत हो रहा है, जो अंतिम चरण में है। जल्द ही परिणाम घोषित हो सकते हैं। हालांकि अब तक कोई तारीख केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने घोषित नहीं की है।

डिजिटल लॉकर ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट https://www.digilocker.gov.in/ पर “बारहवीं परिणाम को लेकर “Result Coming Soon” का नोटिफिकेशन जारी किया है। पिछले वर्षों के रुझानों को देखते हुए अंदाजा लगाया जा रहा कि मार्कशीट अगले सप्ताह कभी भी जारी हो सकती है। अपेक्षित तारीख 11 से लेकर 20 मई 2026 है। अपडेट के लिए उम्मीदवारों को नियमित तौर पर आधिकारिक वेबसाइट https://www.cbse.gov.in/ विजिट करते रहने की सलाह दी जाती है।

विद्यार्थियों को रिजल्ट से पहले दस्तावेजों को तैयार रखने की सलाह दी जाती है। इसमें रोल नंबर, स्कूल नंबर, एडमिट कार्ड आईडी, जन्मतिथि और डिजिलॉकर एक्सेस कोड इत्यादि शामिल हैं। 6 डिजिट का डिजीलॉकर एक्सेस कोड स्कूल द्वारा छात्रों को प्रदान किया जाएगा। इससे पहले उम्मीदवारों को डिजिलॉकर या उमंग ऐप पर अपना प्रोफाइल क्रिएट करने की सलाह दी जाती है। ताकि परिणाम वाले दिन किसी प्रकार की समस्या न हो।

ध्यान रखें कि 12वीं की डिजिटल मार्कशीट तब तक ही मान्य होगी, जब तक फिजिकल मार्कशीट और सर्टिफिकेट सीबीएसई जारी नहीं कर देता। इसके अलावा छात्र अपना परिणाम एसएमएस के जरिए भी जान सकते हैं।

असम में फिर हिमंत बिस्वा सरमा राज, दूसरी बार बनेंगे मुख्यमंत्री

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असम में फिर हिमंत बिस्वा सरमा राज, दूसरी बार बनेंगे मुख्यमंत्री
असम में हुई बीजेपी विधायक दल की बैठक में नया फैसला लिया गया है। इसके मुताबिक हिमंत बिस्वा सरमा एक बार फिर राज्य के मुख्यमंत्री बनाए जाएंगे। विधायक दल की बैठक में लिए गए फैसले के बाद जेपी नड्डा ने उनके नाम का ऐलान किया।

जानकारी के मुताबिक 12 मई को सुबह 11 बजे हिमंत दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। विधायक दल का नेता चुनने के लिए पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पर्यवेक्षक बनाया गया था। इसके लिए विधायक दल की बैठक बुलाई गई थी। जिसमें औपचारिक रूप से नेता का चुनाव किया गया।

दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री बनेंगे हिमंत
बता दें कि हिमंत ने 6 चुनाव के बाद 6 मई को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। वह फिलहाल कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। नई सरकार के गठन के साथ वह लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं।

कब है शपथ ग्रहण समारोह
असम में शपथ ग्रहण समारोह 12 मई की सुबह 11 बजे गुवाहाटी के खानापारा वेटरिनरी कॉलेज फील्ड में रखा गया है। इस शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता अपनी मौजूदगी दर्ज करवाएंगे। इसके अलावा 22 राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी समारोह में आमंत्रित किया जाएगा।

बता दें कि साल 2016 में बीजेपी पहली बार असम की सत्ता में काबिज हुई थी। उस समय सर्वानंद सोनेवाल को मुख्यमंत्री बनाया गया था। इसके बाद 2021 में हिमंत बिस्वा सरमा ने मुख्यमंत्री का पद संभाला। अब 2026 के विधानसभा चुनाव में मिली जीत के बाद मुख्यमंत्री का पद संभालेंगे।

NDA को मिला भारी बहुमत
4 मई को जब 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजे का ऐलान किया गया। तब असम में बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन को भारी बहुमत मिला। 126 सीट वाली असम विधानसभा में बीजेपी ने 82 सीटों पर जीत हासिल की और कांग्रेस को केवल 19 सीट मिल पाई। एजीपी और बीओपीएफ को 10 10 सीट हासिल हुई। एआईयूडीए केवल 2 सीटों पर सिमट कर रह गई।

मुख्यमंत्री बनते ही विजय ने खोला राहत का पिटारा, बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा फायदा

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मुख्यमंत्री बनते ही विजय ने खोला राहत का पिटारा, बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा फायदा
तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री विजय ने पद संभालते ही आम लोगों को बड़ी राहत दी है। विजय ने बिजली बिल में भारी छूट का ऐलान कर दिया है। अब घरेलू उपभोक्ताओं को हर दो महीने में 200 यूनिट बिजली मुफ्त मिलेगी। यह लाभ उन उपभोक्ताओं को मिलेगा, जिनका बिजली खपत दो महीने में 500 यूनिट है।

मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि सरकार का फोकस आम आदमी पर है। जिन परिवारों का दो महीने का बिजली खर्च 500 यूनिट से कम या बराबर है, उन्हें 200 यूनिट बिल्कुल फ्री मिलेंगी। पहले यह छूट सिर्फ 100 यूनिट तक सीमित थी। यानी अब सीधे डबल राहत मिली है।

किसके लिए गेम चेंजर साबित होगी स्कीम?
यह स्कीम उन लोगों के लिए गेम चेंजर साबित होगी, जिनके घर में पंखा, फ्रिज, टीवी और छोटे-मोटे उपकरण चलते हैं। खासकर ग्रामीण इलाकों और छोटे शहरों में जहां बिजली बिल पूरे महीने की कमाई का बड़ा हिस्सा खा जाता था।

500 यूनिट से ज्यादा खर्च करने वालों पर क्या असर?
जिन उपभोक्ताओं का हर माह बिजली खपत 500 यूनिट से ज्यादा है, उनके लिए पुरानी व्यवस्था जारी रहेगी। उन्हें अभी भी 100 यूनिट फ्री मिलेंगी और बाकी यूनिट पर पुराना टैरिफ लागू होगा। सरकार का कहना है कि इससे बिजली की बर्बादी को भी रोका जाएगा और जरूरतमंदों को ज्यादा फायदा पहुंचेगा।

राज्य की बिजली व्यवस्था पर पड़ेगा कितना बोझ?
इस बीच, विशेषज्ञों का कहना है कि यह ऐलान राज्य की बिजली कंपनियों पर अतिरिक्त बोझ डाल सकता है। तमिलनाडु पहले से ही बिजली घाटे से जूझ रहा है। लेकिन नई सरकार का मानना है कि बेहतर प्रबंधन, सोलर पावर बढ़ावा और केंद्र से मदद लेकर इस बोझ को संभाला जाएगा। मुख्यमंत्री विजय ने इस मौके पर कहा- हमारी सरकार का वादा है कि हर घर में सस्ती और लगातार बिजली पहुंचे। यह सिर्फ शुरुआत है।

किसानों और छोटे उद्योगों पर भी नजर
हालांकि, यह स्कीम मुख्य रूप से घरेलू उपभोक्ताओं के लिए है, लेकिन सरकार ने संकेत दिया है कि किसानों को भी बिजली सप्लाई में सुधार किया जाएगा। छोटे उद्योगों और दुकानदारों को भी जल्द कुछ राहत पैकेज आने की उम्मीद है।

विपक्ष की प्रतिक्रिया
विपक्षी पार्टियों ने इस ऐलान का स्वागत तो किया है लेकिन सवाल भी उठाए हैं। एक नेता ने कहा- अच्छा फैसला है, लेकिन सरकार को बताना चाहिए कि इसका खर्च कैसे वहन किया जाएगा। कहीं फिर जनता पर नया टैक्स तो नहीं बढ़ेगा?

बेंगलुरु में PM मोदी के दौरे से पहले सुरक्षा अलर्ट, कार्यक्रम स्थल के पास मिला विस्फोटक

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बेंगलुरु में PM मोदी के दौरे से पहले सुरक्षा अलर्ट, कार्यक्रम स्थल के पास मिला विस्फोटक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बेंगलुरु यात्रा से पहले रविवार (10 मई, 2026) को शहर के बाहरी इलाके में स्थित कार्यक्रम स्थल से थोड़ी दूर पर दो जिलेटिन स्टीक्स बरामद किए गए हैं. पीएम के कार्यक्रम स्थल के नजदीक जिलेटिन स्टीक्स के बरामद किए जाने के बाद सुरक्षा महकमे में हड़कंप मच गया है. यह विस्फोटक बेंगलुरु के कागलीपुरा के पास एक आश्रम के नजदीक मिली, जो मुख्य कार्यक्रम स्थल से करीब 3 किलोमीटर दूर था, जिसमें पीएम मोदी शामिल होने वाले थे.

विस्फोटक की बरामदगी के बाद बेंगलुरु सेंट्रल रेंज के डीआईजी ने कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी के आने से पहले की जा रही जांच के दौरान दो जिलेटिन स्टीक्स रविवार (10 मई, 2026) की सुबह फुटपाथ के किनारे से बरामद की गईं, जो मुख्य कार्यक्रम स्थल से करीब 3 किमी दूर था, जिसमें पीएम शामिल होने वाले थे.’

उन्होंने कहा, ‘घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत इलाके को घेर लिया है. बम निरोधक दस्ता और फॉरेंसिक टीम को मौके पर भेजा गया है, जहां बरामद सामग्री की जांच की गई. इस मामले में आगे की जांच फिलहाल जारी है.’

खुफिया एजेंसियों ने संभावित आतंकी खतरे की दी सूचना
यह घटना खुफिया एजेंसियों की तरफ से संभावित आतंकी खतरे की सूचना मिलने के एक दिन बाद सामने आई है. जिसके चलते दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने कई संवेदनशील स्थानों पर अपनी निगरानी बढ़ा दी है. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, एक अधिकारी ने कहा, ‘पुलिस को संवेदनशील इलाकों में संदिग्ध गतिविधियों, लावारिस सामानों और खड़ी गाड़ियों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं.’

पुलिस गहनता से कर रही मामले की जांच
बेंगलुरु पुलिस ने इस मामले में गहनता के साथ अपनी जांच शुरू कर दी है और पुलिस अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर जिलेटिन स्टिक्स उस जगह तक कैसे पहुंचीं और क्या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश थी.

VK चीफ विजय सुबह 10 बजे CM पद की शपथ लेंगे

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VK चीफ विजय सुबह 10 बजे CM पद की शपथ लेंगे
अभिनेता से नेता बने सी जोसेफ विजय आज सुबह 10 बजे तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. उनके शपथग्रहण समारोह में लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी भी शामिल होंगे. विजय को सरकार बनाने के लिए शनिवार को चौथी बार में राज्यपाल से मंजूरी मिली. उनकी पार्टी तमिलगा वेट्री कषगम (टीवीके) को कई छोटे दलों ने सपोर्ट किया है, जिसके बाद 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. विजय ने टीवीके के वरिष्ठ नेताओं के साथ राज्यपाल को 120 विधायकों के समर्थन का पत्र सौंपा.

विजय को किन पार्टियों से मिला समर्थन?
विदुथलाई चिरुथाइगल काची, सीपीआई, सीपीआई एम, और कांग्रेस सहित अन्य पार्टियों ने गठबंधन सरकार के गठन के लिए टीवीके प्रमुख को बिना शर्त समर्थन दिया है. विजय 59 सालों में तमिलनाडु के पहले गैर-द्रविड़ियन मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं और वो अकेले ही शपथ लेंगे. इस बीच मंत्रिमंडल के आकार को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है और अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि उनके साथ कितने मंत्रियों को शामिल किया जाएगा.

1 हफ्ते में राज्यपाल से 4 बार मुलाकात
शनिवार को विजय की राज्यपाल से एक सप्ताह के भीतर चौथी मुलाकात हुई, जिसमें उन्होंने सरकार बनाने का निमंत्रण मांगा. विधायकों से आवश्यक समर्थन पत्र न मिलने के कारण वो 2 बार फेल हुए. तमिलनाडु में कई दिनों की गहन बातचीत के बाद राजनीतिक अनिश्चितता समाप्त हो गई, जब डीएमके के सहयोगियों ने आखिरकार विजय को समर्थन दिया और 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा पार करने में मदद की. हालांकि गठबंधन के पास केवल 120 विधायकों का बहुमत है.

2 सीटों से विधानसभा चुनाव लड़े थे विजय
बहुमत मिलने के बाद टीवीके के कई कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने चेन्नई स्थित पार्टी मुख्यालय के बाहर जश्न मनाया और पटाखे फोड़े. टीवीके विधानसभा चुनाव में 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन बहुमत के आंकड़े से 10 सीटें कम रह गईं. 23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनावों के बाद पार्टी ने डीएमके के सहयोगी दलों, कांग्रेस, सीपीआई, सीपीआई(एम), वीसीके और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग से सरकार बनाने के लिए समर्थन मांगा था.

विजय ने दो विधानसभा सीटों से जीत हासिल की है. उन्हें एक सीट खाली करनी होगी, जिससे टीवीके की सीटों की संख्या घटकर 107 रह जाएगी. टीवीके के सहयोगी दलों में कांग्रेस के 5 विधायक, सीपीआई, सीपीआई(एम), वीसीके और आईयूएमएल के 2-2 विधायक शामिल हैं. इन सबको जोड़कर विधानसभा में गठबंधन की कुल संख्या 120 पहुंच गई है.

‘पोस्टर वॉर से थरूर-खरगे मीटिंग तक’ केरल CM को लेकर कांग्रेस में बड़ा घमासान

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‘पोस्टर वॉर से थरूर-खरगे मीटिंग तक’ केरल CM को लेकर कांग्रेस में बड़ा घमासान
केरल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की जीत के बाद अब मुख्यमंत्री पद को लेकर घमासान तेज हो गया है। सीएम पद की रेस में कांग्रेस में तीन बड़े नेताओं वीडी सतीशन, रमेश चेन्निथला और केसी वेणुगोपाल का नाम सबसे आगे माने जा रहे हैं। तीनों नेता इस समय दिल्ली में मौजूद हैं, जहां कांग्रेस हाईकमान लगातार बैठकें कर रहा है। माना जा रहा है कि अगले 24 घंटे में नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान हो सकता है।

बता दें कि 2016 के बाद यह पहला मौका है जब प्रदेश में कांग्रेस सत्ता में वापसी कर रही है। पिछली बार राज्य में कांग्रेस की सरकार ओमन चांडी के नेतृत्व में थी। जुलाई 2024 में उनके निधन के बाद भी वे केरल कांग्रेस के सबसे सम्मानित नेताओं में गिने जाते हैं। ऐसे में इस हफ्ते ओमन चांडी और केसी वेणुगोपाल की तस्वीर वाला फ्लेक्स बोर्ड फाड़े जाने और उस पर काला तेल फेंके जाने की घटना ने पार्टी के भीतर की खींचतान को खुलकर सामने ला दिया।

सड़कों पर पहुंची सीएम पद की लड़ाई
दरअसल, सीएम पद की लड़ाई अब सड़कों तक पहुंच चुकी है। सतीशन समर्थकों ने तिरुवनंतपुरम में मार्च निकाला, जबकि वेणुगोपाल और चेन्निथला समर्थकों ने अलग-अलग इलाकों में पोस्टर और होर्डिंग लगाए। फ्लेक्स बोर्ड तोड़े जाने की घटना पर कांग्रेस नेताओं ने नाराजगी जताई।

कांग्रेस सांसद राजमोहन उन्नीथन ने कहा कि जो लोग वेणुगोपाल का फ्लेक्स बोर्ड तोड़ रहे हैं, उन्हें कांग्रेस का हिस्सा नहीं माना जा सकता। वहीं वरिष्ठ नेता पीजे कुरियन ने साफ कहा कि दबाव की राजनीति से मुख्यमंत्री तय नहीं होगा।

चर्चाओं में आया शशि थरूर का नाम
इस बीच चौथा नाम शशि थरूर का भी चर्चा में है। हालांकि पार्टी के भीतर उन्हें अब तक केंद्रीय राजनीति का चेहरा माना जाता रहा है, न कि राज्य प्रशासन का। शुक्रवार को थरूर ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात कर केरल की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की, जिससे अटकलों का दौर और तेज हो गया।

देशभर में अगले दो सप्ताह रहेगा आंधी-बारिश का दौर, लू से मिलेगी राहत

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देशभर में अगले दो सप्ताह रहेगा आंधी-बारिश का दौर, लू से मिलेगी राहत
दक्षिण-पश्चिम मानसून आने से पहले देश में सक्रिय अलग-अलग चक्रवात सिस्टम और पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम बार-बार बदल रहा है। कई राज्यों में अप्रेल के बाद मई में भी आंधी-बारिश की गतिविधियां जारी है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो सप्ताह (7 से 20 मई 2026) के दौरान देश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रहेगा। इससे उत्तर भारत में लू की स्थिति में काफी राहत मिलने की उम्मीद है। दो नए पश्चिमी विक्षोभ 10 मई और 11 से 13 मई के बीच लगातार सक्रिय होने से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में बारिश का मौसम बना रहेगा। लेकिन पश्चिमी राजस्थान व गुजरात के कुछ भागों में लू चलने की संभावना है।

आइएमडी के अनुसार मौजूदा सक्रिय चक्रवातों के कारण इस सप्ताह उत्तर भारत के दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और 30-50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं वहीं मध्य भारत के मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में गरज-चमक के साथ छिटपुट बारिश, पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय सहित पूरे क्षेत्र में भारी बारिश की संभावना है। पूर्वी भारत के बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में छिटपुट से व्यापक बारिश तथा दक्षिण भारत के केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में कई जगहों पर भारी बारिश की संभावना है।

20 मई तक अंडमान पहुंचेगा मानसून
आइएमडी के अनुसार 14 से 20 मई तक नया विक्षोभ पश्चिमी हिमालय को प्रभावित करेगा। इन दिनों में बंगाल की खाड़ी में दक्षिण-पश्चिम मानसून की गतिविधियां शुरू हो जाएगी और 20 मई तक दक्षिण-पश्चिम अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में पहुंचने की संभावना है। मानसून से पहले प्री-मानसून की गतिविधियां शुरू होगी और इससे पूर्वी, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में सामान्य से अधिक भारी बारिश होने की उम्मीद है।

बीते सप्ताह 79 प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज-
पिछले सप्ताह (30 अप्रेल से 6 मई) देशभर में सामान्य से 79 प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज की गई। उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में अधिकतम तापमान सामान्य से 3-5 डिग्री सेल्सियस कम रहा। कई राज्यों में ओलावृष्टि भी हुई। बीते सप्ताह सबसे ज्यादा तापमान 45.3 डिग्री सेल्सियस तेलंगाना के अदिलाबाद में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 14.5 डिग्री सेल्सियस असम के हफलांग में दर्ज किया गया।

1.51 लाख के पार पहुंचा सोना, चांदी में भी दिखी तेजी

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1.51 लाख के पार पहुंचा सोना, चांदी में भी दिखी तेजी
भू-राजनीतिक अस्थिरता और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच इस हफ्ते सर्राफा बाजार में जोरदार तेजी देखी गई। साप्ताहिक आधार पर सोने की कीमतों में 1.83 प्रतिशत और चांदी में भारी बढ़त दर्ज की गई। शुक्रवार को एमसीएक्स (MCX) पर जून का सोना 1,52,589 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। वहीं, जुलाई की चांदी 1.34 प्रतिशत की उछाल के साथ 2,61,999 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।

इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, इस एक हफ्ते के भीतर 999 शुद्धता वाले सोने की कीमत में 2,721 रुपये की वृद्धि हुई, जिससे यह सोमवार के 1,48,357 रुपये से बढ़कर शुक्रवार को 1,51,078 रुपये पर पहुंच गया। चांदी में यह उछाल और भी अधिक रहा। सोमवार के 2,44,237 रुपये के मुकाबले चांदी शुक्रवार को 2,55,600 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई, यानी एक हफ्ते में 11,363 रुपये की भारी तेजी आई।

तेजी के क्या हैं कारण?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और अमेरिका-ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की उम्मीदों ने कीमतों को सहारा दिया है। हालांकि, अमेरिका के मजबूत रोजगार आंकड़ों (अप्रैल में उम्मीद से अधिक रोजगार) ने संकेत दिया है कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रख सकता है, जो भविष्य में सोने जैसी बिना ब्याज वाली संपत्तियों पर दबाव डाल सकता है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स (Comex) गोल्ड 4,760 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के उच्च स्तर तक पहुंच गया। विश्लेषकों का मानना है कि सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग बरकरार है, लेकिन डॉलर की स्थिरता और होर्मुज स्ट्रेट में सप्लाई बाधित होने की आशंका ने बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है। फिलहाल, बड़े उतार-चढ़ाव के बाद बाजार तकनीकी स्थिरता की ओर बढ़ रहा है और कीमती धातुएं एक सीमित दायरे में स्थिर होने की कोशिश कर रही हैं। पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव अभी भी निवेशकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

11 मई से इन राशियों के शुरू होने वाले हैं अच्छे दिन, मान-सम्मान और उन्नति के लिए करें ये उपाय

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11 मई से इन राशियों के शुरू होने वाले हैं अच्छे दिन, मान-सम्मान और उन्नति के लिए करें ये उपाय
ग्रहों के राजा सूर्य अब अपने ही स्वामित्व वाले कृत्तिका नक्षत्र में गोचर करने जा रहे हैं। चूंकि सूर्य इस नक्षत्र के स्वामी स्वयं हैं, इसलिए इस अवधि में उनकी ऊर्जा और तेज कई गुना बढ़ जाएगा। ज्योतिष शास्त्र में कृत्तिका नक्षत्र को ‘शुद्धिकरण’ और ‘परिवर्तन’ का कारक माना जाता है।

यह समय हमारे भीतर सोई हुई इच्छाओं को जगाने और जीवन के प्रति कड़े फैसले लेने का है। आइए जानते हैं, इस नक्षत्र परिवर्तन का मेष से लेकर कन्या राशि तक के जातकों के जीवन पर क्या असर होने वाला है:

1. मेष राशि: बढ़ेगा नेतृत्व और आत्मविश्वास
सूर्य मेष राशि के प्रथम भाव में गोचर करेंगे। यह स्थिति आपके भीतर एक नई ऊर्जा का संचार करेगी।

प्रभाव: आपके नेतृत्व (Leadership) कौशल की प्रशंसा होगी और करियर में नए अवसर मिलेंगे।
सावधानी: आत्मविश्वास और अहंकार के बीच की बारीक लकीर को पहचानें। रिश्तों में मधुरता बनाए रखने के लिए वाणी पर नियंत्रण रखें।
समाधान: सूर्य को नियमित अर्घ्य दें।

2. वृषभ राशि: आत्म-मंथन और भविष्य की रणनीति
वृषभ जातकों के लिए सूर्य का यह गोचर बारहवें भाव से जुड़ा होगा, जो आंतरिक विकास का संकेत है।

प्रभाव: यह समय लंबी अवधि की योजनाएं बनाने के लिए श्रेष्ठ है। अपनी कमियों को पहचान कर उन्हें सुधारने का प्रयास करेंगे।
सावधानी: अनचाहे खर्चों और मानसिक तनाव से बचें। जीवन में अनुशासन लाना अनिवार्य होगा।
समाधान: ‘ॐ सूर्याय नमः’ का जाप करें।

3. मिथुन राशि: सामाजिक सम्मान और लाभ के योग
मिथुन राशि के लिए सूर्य ग्यारहवें (लाभ) भाव को सक्रिय करेंगे, जो आर्थिक और सामाजिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करेगा।

प्रभाव: प्रभावशाली लोगों से मेल-जोल बढ़ेगा, जिसका फायदा करियर में मिलेगा। समाज में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी।
सावधानी: सफलता के शिखर पर पहुंचकर घमंड न करें। जमीन से जुड़े रहना ही आपकी जीत होगी।
समाधान: रविवार को गुड़ का दान करें।

4. कर्क राशि: कार्यक्षेत्र में चमकेगा सितारा
सूर्य का गोचर आपके दसवें भाव में होगा, जो सीधा आपके कर्म और प्रोफेशन से जुड़ा है।

प्रभाव: ऑफिस में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। आपकी मेहनत को नई पहचान मिलेगी और आप एक लीडर के रूप में स्थापित होंगे।
सावधानी: काम के बोझ के कारण तनाव बढ़ सकता है। कार्यस्थल पर भावनाओं के बजाय तर्क और बुद्धि से काम लें।
समाधान: प्रतिदिन सूर्य नमस्कार करें।

5. सिंह राशि: भाग्य का साथ और नई ऊंचाइयां
अपनी ही राशि के स्वामी सूर्य का नौवें (भाग्य) भाव में जाना सिंह राशि वालों के लिए स्वर्ण काल जैसा है।

प्रभाव: लंबी दूरी की यात्राएं फलदायी होंगी। वरिष्ठों और गुरुओं का आशीर्वाद सफलता के द्वार खोलेगा।
सावधानी: अपना नजरिया दूसरों पर थोपने की आदत आपके संबंधों को प्रभावित कर सकती है। स्वभाव में लचीलापन लाएं।
समाधान: आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।