Home Blog Page 84

ईशान-हार्दिक के तूफान के बाद नामीबिया का जबरदस्त कमबैक

0

ईशान-हार्दिक के तूफान के बाद नामीबिया का जबरदस्त कमबैक
भारत ने नामीबिया के खिलाफ 209 रन बना दिए हैं. यह 2026 टी20 वर्ल्ड कप में अभी तक टीम इंडिया का सबसे बड़ा स्कोर है. मगर डेथ ओवरों में नामीबियाई गेंदबाज पूरी तरह भारतीय बल्लेबाजों पर हावी हो गए. आखिरी 4 ओवर में टीम इंडिया सिर्फ 25 ही रन जोड़ पाई. भारतीय पारी में ईशान किशन और हार्दिक पाण्ड्या ने दमदार अर्धशतकीय पारी खेली.

ईशान किशन और हार्दिक पाण्ड्या की अर्धशतकीय पारियों के बाद नामीबिया ने गेंदबाजी में जबरदस्त कमबैक किया और अंतिम 11 गेंद में भारत के 5 विकेट चटका डाले. विशेष रूप से नामीबिया के कप्तान जेरहार्ड इरासमस ने 4 विकेट लेते हुए भारतीय बैटिंग लाइन-अप को तहस नहस करने का काम किया.

ईशान-हार्दिक का तूफान
संजू सैमसन 8 गेंद में 22 रन बनाकर आउट हो गए थे, लेकिन ईशान किशन ने तबाही मचाते हुए 20 गेंद में अर्धशतक पूरा किया और इस मैच में उन्होंने 61 रनों की पारी खेली. टीम इंडिया पावरप्ले में ही 86 रन बना चुकी थी और 7 ओवर समाप्त होने से पहले ही 100 रनों का आंकड़ा पार कर चुकी थी.

उनके अलावा हार्दिक पाण्ड्या ने भारतीय पारी को संभाला और 28 गेंदों में 52 रनों की तेज और सधी हुई पारी खेली. कप्तान सूर्यकुमार यादव केवल 12 रन और तिलक वर्मा 25 रन ही बना पाए.

11 गेंद में 5 विकेट
जब तक हार्दिक पाण्ड्या क्रीज पर डटे रहे, तब तक लग रहा था कि टीम इंडिया आसानी से 235-240 रन बना सकती है. मगर अंतिम 11 गेंदों में भारत के 5 विकेट गिर गए. हालांकि ये पहली बार है जब टीम इंडिया ने इस वर्ल्ड कप में 200 रनों से ज्यादा स्कोर बनाया है. टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में यह कुल चौथी बार है जब टीम इंडिया ने 200 या उससे ज्यादा स्कोर बनाया है. इससे पहले वो इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और अफगानिस्तान के खिलाफ ऐसा कर चुकी है.

त्रयोदशी-चतुर्दशी के संयोग में महाशिवरात्रि

0

त्रयोदशी-चतुर्दशी के संयोग में महाशिवरात्रि
रविवार, 15 फरवरी को शिव पूजा का महापर्व महाशिवरात्रि है. इस पर्व पर भगवान शिव की पूजा खासतौर पर रात में करने की परंपरा है. महाशिवरात्रि को महारात्रि भी कहा जाता है, क्योंकि इस तिथि पर रात में की जाने वाली पूजा अक्षय पुण्य देने वाली मानी जाती है.

श्री लक्ष्मीनारायण एस्ट्रो सॉल्यूशन अजमेर की निदेशिका ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि शिवपुराण में लिखा है कि, फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि की रात भगवान शिव शिवलिंग के रूप में प्रकट हुए थे. उस समय ब्रह्मा और विष्णु के बीच विवाद चल रहा था. दोनों देवताओं खुद को श्रेष्ठ बता रहे थे. इस विवाद को शांत कराने के लिए भगवान शिव शिवलिंग के रूप में प्रकट हुए और इन दोनों देवताओं को अपनी महिमा बताई थी. हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल फाल्गुन मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है.

फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाने वाली शिवरात्रि इस बार दो शुभ योगों में 15 फरवरी को सर्वार्थ सिद्धि योग में त्रियोदशी युक्त चतुर्दशी में मनाई जाएगी. महाशिवरात्रि के दिन शिवजी के भक्त श्रद्धा और विश्वास के साथ व्रत रखते हैं और विधि-विधान से शिव-गौरी की पूजा करते हैं. ऐसा कहा जाता है कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान भोलेनाथ पृथ्वी पर मौजूद सभी शिवलिंग में विराजमान होते हैं, इसलिए महाशिवरात्रि के दिन की गई शिव की उपासना से कई गुना अधिक फल प्राप्त होता है.

14 फरवरी को शाम 4.02 बजे त्रयोदशी शुरू होगी और 15 फरवरी को शाम 5.05 बजे तक त्रियोदशी है. 15 फरवरी को शाम 5.06 बजे चतुर्दशी शुरू होगी, जोकि 16 फरवरी को शाम 5.35 बजे तक है. इस कारण इस बार 15 फरवरी को त्रयोदशी युक्त चतुर्दशी में महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा. इस दिन सुबह 7.08 से शाम 7.48 बजे तक सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है. इस दिन विधि विधान के साथ शिव लिंग की पूजा करनी चाहिए. शुभ संयोग और शुभ मुहूर्त में भगवान शिव की आराधना करने से उनके भक्तों को मनोवांछित फलों की प्राप्ति होगी.

सर्वार्थ सिद्धि योग ज्योतिष में एक अत्यंत शुभ योग माना जाता है. जिसका अर्थ है सभी इच्छाओं की पूर्ति करने वाला. यह विशेष वार (दिन) और निश्चित नक्षत्रों के संयोग से बनता है, ऐसी मान्यता है कि कार्य (जैसे व्यापार, वाहन खरीदना, खरीदारी) निश्चित रूप से सफल होता है. यह योग बाधाओं को दूर करता है और मनोवांछित फल देता है.

मार्कण्डेय पुराण में शिवरात्रि को महारात्रि कहा गया
मार्कण्डेय पुराण के श्री दुर्गा सप्तशती में तीन प्रकार की दारुण रात्रियों का उल्लेख है. इन तीन रात्रियों को कालरात्रि, महारात्रि और मोहरात्रि कहा गया है. होली का पर्व कालरात्रि के रूप में मनाया जाता है. जबकि दीपावली और शरद पूर्णिमा को मोहरात्रि का पर्व माना गया है. हालांकि कुछ विद्वान दीपावली को कालरात्रि का पर्व भी मानते हैं. शिवरात्रि को विशेष रूप से महारात्रि का कहा गया है, क्योंकि यह रात्रि साधना और भक्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है. हिंदू धर्म में अधिकतर त्योहार सूर्योदय के बाद मनाने की परंपरा है, लेकिन कुछ पर्व हैं, जिन्हें रात में मनाना चाहिए. इनमें होली, दीपावली, शरद पूर्णिमा, जन्माष्टमी, शिवरात्रि और नवरात्रि प्रमुख हैं. इन पर्वों में रात्रि का महत्व है, क्योंकि यह समय साधना, ध्यान और ईश्वर से जुड़ने के लिए श्रेष्ठ माना जाता है.

महाशिवरात्रि तिथि
वैदिक पंचांग के अनुसार इस साल फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि रविवार 15 फरवरी को शाम 05:04 मिनट से शुरू होगी. यह चतुर्दशी तिथि 16 फरवरी को शाम 5:34 मिनट तक रहेगी. ऐसे में महाशिवरात्रि रविवार 15 फरवरी को मनाई जाएगी. महाशिवरात्रि के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का शुभ संयोग बन रहा है. उत्तराषाढा और श्रवण नक्षत्र का शुभ संयोग बना रहेगा. व्यतीपात योग बनेगा, जो पूरे दिन रहने वाला है. कुंभ राशि में सूर्य, बुध, राहु और शुक्र का संयोग चतुर्ग्रही योग का निर्माण करेंगे.

चार प्रहर की पूजा
महाशिवरात्रि के पर्व काल में धर्म शास्त्रीय मान्यता के अनुसार चार प्रहर की साधना का विशेष महत्व है. प्रत्येक प्रहर में भगवान शिव की उपासना के अलग-अलग प्रकार का वर्णन मिलता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यथा श्रद्धा, यथा प्रहर, यथा स्थिति और यथा उपचार के अनुसार साधना करनी चाहिए. चार प्रहर की साधना से धन, यश, प्रतिष्ठा और समृद्धि प्राप्त होती है. जिनके जीवन में संतान संबंधी बाधा हो रही हो, उन्हें भी यह साधना अवश्य करनी चाहिए.

चार प्रहर की पूजा का समय
प्रथम प्रहर पूजा का समय: सायं 06:15 बजे से रात्रि 09:28 बजे तक
द्वितीय प्रहर पूजा का समय: रात्रि 09:29 बजे से मध्यरात्रि 12:41 बजे तक
तृतीय प्रहर पूजा का समय: मध्यरात्रि 12:42 बजे से 16 फरवरी प्रातः03:54 बजे तक
चतुर्थ प्रहर पूजा का समय: 16 फरवरी, प्रातः03:55 बजे से प्रातः 07:07 बजे तक

पूजा में करें महामृत्युंजय मंत्र का जप
महाशिवरात्रि पर शिव पूजा करते समय में अपनी मनोकामना के अनुसार मंत्र जप करना चाहिए. इस मंत्र के जप से अनजाना भय और चिंता दूर होती है. महामृत्युंजय मंत्र की वजह से शिव जी की विशेष कृपा मिलती है, जिससे जीवन में सुख-शांति बनी रहती है.

महामृत्युंजय मंत्र- ऊँ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिंपुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्।

इन चीजों से करें भगवान शिव का अभिषेक
महाशिवरात्रि पर्व के दिन भगवान शिव की उपासना के समय शिवलिंग पर शहद से अभिषेक करना शुभ होता है. ऐसा करने से श्रद्धालु के कार्य जीवन में आ रही सभी समस्याएं दूर हो जाती है और भगवान शिव की कृपा बनी रहती है. शिवरात्रि के दिन भगवान शिव का रुद्राभिषेक दही से करने से भी आर्थिक क्षेत्र में आ रही सभी परेशानियां दूर हो जाती है. वहीं गन्ने के रस से भगवान शिव का अभिषेक करने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं. भगवान शिव का अभिषेक करते समय 108 बार ‘ॐ पार्वतीपतये नमः’ मंत्र का जाप करना चाहिए. ऐसा करने से जीवन में अकाल संकट नहीं आता है.

महाशिवरात्रि 2026 पूजन विधि
महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव को पंचामृत से स्नान करा कराएं. केसर के 8 लोटे जल चढ़ाएं. पूरी रात्रि का दीपक जलाएं. चंदन का तिलक लगाएं. बेलपत्र, भांग, धतूरा, गन्ने का रस, तुलसी, जायफल, कमल गट्टे, फल, मिष्ठान, मीठा पान, इत्र व दक्षिणा चढ़ाएं. सबसे बाद में केसर युक्त खीर का भोग लगा कर प्रसाद बांटें.

महाशिवरात्रि की पौराणिक कथा
शिवपुराण के मुताबिक एक बार ब्रह्मा-विष्णु के बीच विवाद हो गया. झगड़े की वजह ये थी कि दोनों ही देवता खुद को श्रेष्ठ बता रहे थे. जब दोनों देवता दिव्यास्त्रों से युद्ध शुरू करने वाले थे, ठीक उसी समय भगवान शिव लिंग रूप में इनके सामने प्रकट हो गए. शिव जी ने कहा कि आप दोनों में से जो भी इस लिंग का छोर (अंत) खोज लेगा, वही श्रेष्ठ माना जाएगा. ये बात सुनकर एक छोर की ओर ब्रह्मा जी और दूसरे छोर की ओर विष्णु जी चल दिए. बहुत समय तक ब्रह्मा-विष्णु अपने-अपने छोर की ओर आगे बढ़ते रहे, लेकिन उन्हें लिंग का अंत नहीं मिला. उस समय ब्रह्मा जी खुद को श्रेष्ठ घोषित करने के लिए एक योजना बनाई.

ब्रह्मा ने एक केतकी का पौधा लिया और उससे झूठ बोलने के लिए कहा कि वह शिव-विष्णु के सामने बोले कि ब्रह्मा जी ने लिंग का अंत खोज लिया है. ब्रह्मा केतकी के पौधे को लेकर शिव जी के पास पहुंचे, विष्णु जी भी वहां आ गए और उन्होंने कहा कि मैं इस लिंग का अंत नहीं खोज सका. ब्रह्मा ने कहा कि मैंने इस लिंग का अंत खोज लिया है, ये बात आप केतकी के पौधे से भी पूछ सकते हैं. केतकी ने भी भगवान के सामने झूठ बोल दिया. ब्रह्मा जी का झूठ सुनते ही शिव जी क्रोधित हो गए. उन्होंने कहा कि आपने झूठ कहा है, इसलिए आज से आपकी कहीं भी पूजा नहीं होगी और केतकी ने आपके झूठ में साथ दिया, इसलिए इसके फूल मेरी पूजा में वर्जित रहेंगे। इसके बाद विष्णु जी सर्वश्रेष्ठ घोषित हो गए. ये घटना फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी की ही मानी जाती है, इसलिए इस तिथि पर महाशिवरात्रि पर्व मनाने की परंपरा है.

मुख्यमंत्री ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सशक्त बनाने के लिए किया प्रोजेक्ट संवर्धन का शुभारंभ

0

मुख्यमंत्री ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सशक्त बनाने के लिए किया प्रोजेक्ट संवर्धन का शुभारंभ
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है। उन्हीं के मार्गदर्शन में बने महाकाल लोक में उज्जैन को वैश्विक आध्यात्मिक पर्यटन का केन्द्र बनाया है। मोक्षदायिनी शिप्रा मैया की कृपा से उज्जैन अब सिंहस्थ-2028 के लिए तैयार हो रहा है। भगवान महाकाल के आशीर्वाद से सिंहस्थ की तैयारियों के लिए 1133.67 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित की जा रही हरियाखेड़ी जल आवर्धन परियोजना का भूमि-पूजन हो रहा है। इस परियोजना से सिंहस्थ-2028 के दौरान श्रद्धालुओं और नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा। साथ ही शहर के हर घर में लंबे समय तक जल आपूर्ति सुनिश्चित होगी। सिंहस्थ के लिए उज्जैन के प्रबंधन से पूरे प्रदेश का गौरव बढ़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन के ग्राम हरियाखेड़ी में जल आवर्धन परियोजना के भूमि-पूजन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव लगभग 47.23 करोड़ लागत के 11 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर उनको नमन करते हुए कहा कि उनके दिखाए अंत्योदय के मार्ग पर चलते हुए ही हमारी सरकार गरीब से गरीब के कल्याण में लगी हुई है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सशक्त बनाने के उद्देश्य से ही उज्जैन जिले में प्रोजेक्ट संवर्धन आरंभ किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए उनके सम्मान और सफाई कर्मचारियों को किट वितरण जैसी गतिविधियां प्रतीक स्वरूप आयोजित की गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में आयुर्वेद का धनवंतरी इंस्टीट्यूट खोला जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी के माध्यम से आयुर्वेद की पढ़ाई और चिकित्सा के लिए एक बड़ी सौगात बहुत जल्द मिलने वाली है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े सभी स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित कर रही है। सरकार ने उज्जैन, ओरछा सहित प्रदेश के अन्य धार्मिक स्थानों पर शराबबंदी कर एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के युवाओं और बहनों को रोजगार दिलवाने के लिए रोजगार आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उज्जैन के पास रेडीमेड गारमेंट की यूनिट शुरू होने पर बहनों को काम करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि आकाशवाणी उज्जैन ने बाबा महाकाल के कार्यक्रमों का प्रसारण किया। यह प्रसन्नता का विषय है कि आकाशवाणी के माध्यम से उज्जैन के युवा अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। आकाशवाणी के माध्यम से सिंहस्थ से जुड़े समाचार भी जन-जन तक पहुंचेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ: 2028 में पूरी दुनिया के श्रद्धालु उज्जैन आएंगे। राज्य सरकार इसके लिए सभी तैयारियों को समय रहते हुए पूरा कर रही है। उज्जैन बाबा महाकाल और सम्राट विक्रमादित्य की नगरी है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सभी बुनियादी सुविधाओं के लिए विकास कार्य हो रहे हैं। क्षिप्रा के घाटों पर सिंहस्थ में आए 5 करोड़ श्रद्धालु स्नान कर सकेंगे। रामघाट के पास एक छोटा और एक बड़ा पुल बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगले महीने मार्च में उज्जैन में भव्य गीता भवन का लोकार्पण होगा। शीघ्र ही उज्जैन-इंदौर फोर लेन रोड का भूमि-पूजन भी किया जाएगा। उज्जैन भी मेट्रोपोलिटन सिटी का हिस्सा होगा। यह सभी कार्य शहर के विकास में मील का पत्थर सिद्ध होंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में बताया गया कि हरियाखेड़ी परियोजना को 24 माह में पूर्ण कर लिया जाएगा। हरियाखेडी एवं गंभीर पर 2 नए इंटेक वेल का निर्माण किया जा रहा है। इसके अंतर्गत नए जल शोधन संयंत्रों का निर्माण और 17 नए ओवरहेड टैंक बनाए जाएंगे। योजना अंतर्गत 708 किमी पाइपलाइन का नया वितरण नेटवर्क विकसित किया जाएगा तथा पुरानी एसीपी पाइपलाइन भी बदली जाएगी। परियोजना से 49,087 नए घरेलू जल सेवा कनेक्शन प्रदान किए जाएंगे। हरियाखेड़ी जल आवर्धन परियोजना के अंतर्गत सि‍लारखेड़ी, गंभीर, उंडासा एवं साहिबखेड़ी को मुख्य जल स्रोत के रूप में उपयोग किया जाएगा जिससे सिंहस्थ के दौरान और उसके बाद भी निर्बाध जल आपूर्ति बनी रहे। सिंहस्थ-2028 के दौरान उज्जैन शहर की प्रभावी जनसंख्या लगभग 9.65 लाख तथा मेला क्षेत्र की अस्थायी जनसंख्या लगभग 21.83 लाख अनुमानित है। दिव्य राजसी स्नान के दिनों में एक ही दिन में लगभग 2 करोड़ 28 लाख श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना है। उज्जैन के निकट बसे लगभग 20 ग्रामों को भी योजना में शामिल किया गया है।
विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन सहित संपूर्ण प्रदेश के विकास के लिए कृत संकल्पित हैं। सिंहस्थ-2028 के दृष्टिगत महाकाल की नगरी में सड़क, सीवर, स्वच्छ पेयजल सहित सभी बुनियादी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। प्रदेश में गरीबों को पक्के मकान मिल रहे हैं। युवाओं को रोजगार और लाड़ली बहनों को हर माह 1500 रुपए की राशि उनके बैंक खातों में भेजी जा रही है। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री पारस जैन, उज्जैन महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने वन मेले का किया शुभारंभ

0

मुख्यमंत्री ने वन मेले का किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वन हमारी वसुंधरा का वैभव हैं, धरती की धरोहर और धरा का अलंकरण हैं। वन हमारी राष्ट्रीय पूंजी हैं। इनका संरक्षण एवं संवर्धन करना हम सबकी जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वन मेले प्रदेश की समृद्ध जैविक और वानस्पतिक विविधताओं को प्रदर्शित करने का सशक्त माध्यम हैं। इनके जरिए हमारे जनजातीय भाई-बहनों को अपने वनोत्पाद और काष्ठ शिल्प विक्रय करने का सुनहरा मौका मिलता है। उन्होंने कहा कि ‘ महाकाल वन मेले’ की आज से शुरूआत हो गई है। ये मेला शीघ्र ही अपनी एक विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा। मेले में प्रदर्शित जड़ी-बूटियां तथा विभिन्न प्रकार के शुद्ध एवं सुरक्षित अकाष्ठीय लघु वनोत्पाद आयुर्वेदिक और प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों से रोगोपचार में बेहद उपयोगी होते हैं। वनौषधियां हर रोग के इलाज में कारगर साबित हो रही हैं। इनसे असंभव रोग का इलाज भी संभव हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्रीय बजट-2026 में एम्स की तर्ज पर देश में तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान खोलने की घोषणा की गई है। इनमें से एक अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान भगवान धनवंतरी की कर्मभूमि और सिंहस्थ भूमि उज्जैन में स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेज दिया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को धार्मिक नगरी उज्जैन में पहली बार आयोजित ‘ महाकाल वन मेला-2026’ का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि इस वन मेले में नागरिकों को प्राकृतिक रंग-गुलाल मिलेंगे। इसमें नाड़ी वैद्य और आयुर्वेदिक चिकित्सक भी अपनी सेवाएं देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वन मेले में प्रदर्शित काष्ठ और बांस से निर्मित एथनिक क्रॉफ्ट आइटम्स न केवल पारम्परिक शिल्पकला का उत्कृष्ट उदाहरण हैं, बल्कि सबके घरों की शोभा भी बढ़ाते हैं। उन्होंने उज्जैन के नागरिकों से अपील की कि वे इस वन मेले का भरपूर लाभ उठाएं और प्रदेश की वन संपदा तथा जनजातीय उत्पादों का उपयोग कर सबको प्रोत्साहित भी करें। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा ‘महाकाल वन मेले’ के जरिए स्थानीय वन उत्पादों और शिल्पकारों को बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। पर्यावरण जागरूकता, आयुर्वेदिक उत्पादों के प्रचार-प्रसार और आत्मनिर्भरता की दिशा में यह एक सार्थक कदम है। उज्जैन के दशहरा मैदान में यह वन मेला 16 फरवरी तक चलेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार तेजी से प्रदेश में मेडिकल और आयुर्वेदिक कॉलेजों की संख्या में वृद्धि कर रही है। पिछले साल हमने विभिन्न जिलों में 8 नए आयुर्वेदिक कॉलेज शुरू किए हैं। इस साल हम और भी तेजी से इस दिशा में आगे बढ़ेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विंध्य हर्बल के प्राकृतिक रंग-गुलाल, महाकाल स्मृति उपहार किट एवं ‘महाकाल वन प्रसादम्’ का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पन्ना जिले के वन औषधियों से उपचार पद्धति के विशेष जानकार वनरक्षक जगदीश प्रसाद अहिरवार को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया। प्रधानमंत्री मोदी ने 25 जनवरी को ‘मन की बात’ में वनरक्षक अहिरवार द्वारा वनौषधियों के देशज ज्ञान के संरक्षण की दिशा में किए गए प्रयासों की सराहना की थी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश के जनजातीय और वनांचल को समृद्धि देने के लिए भोपाल और उज्जैन जैसे वन मेले प्रदेश भर में लगाए जाने की आवश्यकता है। उज्जैन में महाशिवरात्रि और विक्रमोत्सव के अवसर पर आयोजित वन मेला प्रदेशवासियों के लिए अद्भुत है। वन विभाग ने प्राकृतिक रूप से महाकाल वन प्रसादम् तैयार किया है। इसमें काष्ठ से बने गमले में एक पौधा लगाया गया है। यह गमला महाकाल को भेंट स्वरूप दिया जाएगा। वापस मिलने पर इसे किसी भी जगह पर सीधे रोपित कर दिया जाएगा। काष्ठ गलकर खाद बन जाएगा और पौधा बिना गमला निकालते ही निर्बाध रूप से पल्लवित होता रहेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन के महाकाल वन मेले में महुआ के लड्डू, श्रीअन्नों से बनी मिष्ठान्न सहित अनेक वनोपज उत्पाद भी उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि उज्जैन के वन मेले में आए वैद्य और चिकित्सक अनेक असाध्य रोगों के उपचार के लिए नागरिकों को नि:शुल्क सेवाएं देंगे।

वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में जनजातीय समुदायों की आय बढ़ाने के लिए वन विभाग लगातार काम कर रहा है। उज्जैन की धरती पर आयोजित यह वन मेला निश्चित रूप से भोपाल वन मेले की तरह सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित करेगा। यहां विभिन्न प्रकार की प्राकृतिक औषधियां एवं बांस से बने उत्पाद उपलब्ध हैं। नागरिक इसका भरपूर लाभ उठाएं।

अपर मुख्य सचिव वन एवं सहकारिता अशोक बर्णवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के शहर-शहर में वन मेला लगाने की शुरुआत की है। भोपाल के बाहर यह पहला वन मेला उज्जैन में लगाया गया है। वन मेलों के दो उद्देश्य होते हैं। इनसे जनजातीय समुदायों को तो आमदनी होती ही है, शहरी लोगों को प्राकृतिक उत्पाद खरीदने और नेचर के साथ चलने-संवरने का अवसर भी मिल जाता है। उन्होंने बताया कि म.प्र. लघु वनोपज संघ के जरिए प्रदेश के 30 लाख जनजातीय संग्राहकों को सीधा लाभ मिल रहा है। भोपाल में डेढ़ माह पहले हुए वन मेले में 3 करोड़ रुपए से अधिक की बिक्री हुई थी। महाकाल वन मेला में प्रदेशभर के विभिन्न उत्पादों के 250 स्टॉल लगाए गए हैं। इसके अलावा यहां 150 से अधिक वैद्य एवं आयुर्वेदिक चिकित्सक लोगों को परामर्श प्रदान करेंगे।

वन मेले के शुभारंभ अवसर पर विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, विधायक सतीश मालवीय, विधायक जितेंद्र पंड्या, जिला पंचायत अध्यक्ष उज्जैन श्रीमती कमला कुंवर सहित डॉ. प्रभुराम जाटवा, उमेश सेंगर, राजेश पांचाल, बहादुर सिंह, ओम जैन, वन बल प्रमुख वीएन अंबाड़े, प्रबंध संचालक, मप्र लघु वनोपज संघ डॉ. समिता राजौरा, सीएफ उज्जैन आलोक पाठक, अन्य जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

अन्नदाता का मान ही हमारी सरकार की पहचान: समर्थन मूल्य के अंतर की राशि होली के पहले एकमुश्त देने का निर्णय – मुख्यमंत्री साय

0

अन्नदाता का मान ही हमारी सरकार की पहचान: समर्थन मूल्य के अंतर की राशि होली के पहले एकमुश्त देने का निर्णय – मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को ₹3100 प्रति क्विंटल के मान से अंतर की राशि होली पर्व से पूर्व एकमुश्त प्रदान की जाएगी। इस निर्णय के तहत लगभग ₹10,000 करोड़ की राशि 25 लाख से अधिक किसानों के खातों में सीधे हस्तांतरित की जाएगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश के अन्नदाता भाइयों-बहनों की मुस्कान ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा कि सरकार केवल धान की खरीदी नहीं करती, बल्कि किसानों के परिश्रम का उचित मूल्य सुनिश्चित करना और उनके सम्मान की रक्षा करना अपना दायित्व मानती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस निर्णय से किसानों को आर्थिक संबल मिलने के साथ ही उत्सव का उल्लास बढ़ेगा।

उल्लेखनीय है कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में राज्य के 25 लाख 24 हजार 339 किसानों से 141.04 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत बीते दो वर्षों में किसानों को धान मूल्य अंतर की राशि के रूप में ₹25,000 करोड़ से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। होली से पूर्व किसानों के खाते में ₹10,000 करोड़ के भुगतान के साथ यह राशि बढ़कर ₹35,000 करोड़ से अधिक हो जाएगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसान प्रदेश की आत्मा और अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव हैं। उनकी मेहनत और पसीने से ही राज्य की समृद्धि सुनिश्चित होती है। राज्य सरकार किसानों की खुशहाली, सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

6 बड़ी फिल्मों को ठुकराना गोविंदा को पड़ा महंगा

0

6 बड़ी फिल्मों को ठुकराना गोविंदा को पड़ा महंगा
बॉलीवुड एक्टर गोविंदा काफी टाइम से पर्दे से दूर हैं. इन दिनों वो अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में हैं. हालांकि एक समय ऐसा भी था जब इंडस्ट्री में उनका सिक्का चलता था. 90 के दशक में गोविंदा की मौजूदगी ही फिल्म के हिट होने की गारंटी मानी जाती थी.

उनकी कॉमिक टाइमिंग, शानदार डांस और अलग अंदाज ने उन्हें टॉप स्टार्स की लिस्ट में खड़ा कर दिया था. लेकिन करियर के उसी सुनहरे दौर में उन्होंने कुछ ऐसी बड़ी फिल्मों को ठुकरा दिया, जो आगे चलकर बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने वाली साबित हुईं. आइए एक नजर डालते है उन फिल्मों पर.

चांदनी (1989)
रिपोर्ट्स के मुताबिक, श्रीदेवी स्टारर इस फिल्म के लिए पहले गोविंदा का नाम सामने आया था. हालांकि बाद में ऋषि कपूर को कास्ट किया गया और फिल्म जबरदस्त हिट रही.

गदर: एक प्रेम कथा (2001)
सनी देओल की यह ब्लॉकबस्टर फिल्म पहले गोविंदा को ऑफर हुई थी. कहा जाता है कि स्क्रिप्ट पसंद न आने की वजह से उन्होंने इसे मना कर दिया. बाद में यह फिल्म हिंदी सिनेमा की सबसे बड़ी हिट्स में शामिल हुई.

देवदास (2002)
शाहरुख खान और ऐश्वर्या राय स्टारर इस फिल्म में चुन्नी बाबू का रोल पहले गोविंदा को ऑफर हुआ था. उनके इंकार के बाद यह किरदार जैकी श्रॉफ ने निभाया.

ताल (1999)
अक्षय खन्ना और ऐश्वर्या राय की इस म्यूजिकल हिट फिल्म में विक्रांत कपूर का रोल अनिल कपूर ने निभाया. लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि ये भूमिका पहले गोविंदा को ऑफर हुई थी.

बीवी नंबर 1 (1999)
कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि सुष्मिता सेन के साथ मतभेदों के चलते गोविंदा ने एक फिल्म छोड़ दी थी, जिसे बाद में सलमान खान ने किया.

स्लमडॉग मिलियनेयर (2008)
बताया जाता है कि इस फिल्म में होस्ट की भूमिका के लिए भी गोविंदा से संपर्क किया गया था. बाद में यह रोल अनिल कपूर ने निभाया और फिल्म ने ऑस्कर तक का सफर तय किया.

ईरान पर हमले की तैयारी में अमेरिका

0

ईरान पर हमले की तैयारी में अमेरिका
अमेरिका ने कतर के अल उदैद एयर बेस पर पैट्रियट मिसाइल सिस्टम को मोबाइल ट्रक लॉन्चर्स पर लोड कर दिया है. यह कदम जनवरी 2026 से बढ़ते ईरान के साथ तनाव के बीच उठाया गया है. हालिया जारी हुई सैटेलाइट इमेज से पता चला है कि अमेरिकी सेना ने पैट्रियट मिसाइलों को ट्रक पर माउंट कर दिया, ताकि वे जल्दी से किसी भी जगह पर ले जाए जा सकें या डिफेंसिव पोजिशन में बदली जा सकें. यह अमेरिका का सबसे बड़ी मिडिल ईस्ट बेस है, जहां से पूरे क्षेत्र में ऑपरेशंस चलते हैं.

अमेरिका ने बेस पर हथियार बढ़ाए
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सैटेलाइट इमेज प्लैनेट लैब्स से ली गई हैं. 17 जनवरी 2026 और 1 फरवरी 2026 की तस्वीरों की तुलना से दिखा कि पैट्रियट सिस्टम अब M983 हेवी एक्सपैंडेड मोबिलिटी टैक्टिकल ट्रक्स (HEMTT) पर लगे हैं, जबकि पहले वे सेमी-स्टैटिक लॉन्चर्स पर थे. 1 फरवरी की इमेज में कम से कम 10 MIM-104 पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम ट्रकों पर लोड दिखे. इसी दौरान बेस पर एयरक्राफ्ट भी बढ़े हैं, जिनमें 1 RC-135 रेकॉनिसेंस प्लेन, 3 C-130 हर्क्यूलिस, 18 KC-135 स्ट्रैटोटैंकर (जो पहले 18 थे) और 7 C-17 ग्लोबमास्टर (जो पहले दो थे) शामिल हैं.

कतर में अमेरिका का अल-उदैद एयरबेस
फॉरेंसिक इमेज एनालिस्ट विलियम गुडहिंद ने कहा कि ट्रकों पर मिसाइल रखने से पैट्रियट को बहुत ज्यादा मोबिलिटी मिल गई है. ईरान के हमला करने पर वे जल्दी से दूसरी जगह ले जाए जा सकते हैं या रीपोजिशन हो सकते हैं. अमेरिका का यह कदम ईरान के साथ बढ़ते रिस्क को दिखाता है.

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ा
दोनों देशों के बीच जनवरी 2026 से तनाव बढ़ा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के न्यूक्लियर और बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम, मिडिल ईस्ट में उसके समर्थित ग्रुप्स की मदद और घरेलू विरोध को कुचलने पर बमबारी की धमकी दी है. दोनों तरफ युद्ध रोकने की बातचीत चल रही है. 2025 में दो हफ्ते के संघर्ष में इजराइल ने ईरान के न्यूक्लियर सुविधाओं और मिलिट्री टारगेट्स पर हमला किया था, जिसमें अमेरिका बाद में शामिल हुआ. ईरान ने उसके बाद मिसाइल स्टॉक फिर से भर लिए. ईरान के रेवोल्यूशनरी गार्ड्स ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ईरान पर हमला करेगा तो वे क्षेत्र में किसी भी अमेरिकी बेस पर जवाबी हमला करेंगे. ईरान के पास तेहरान, केरमानशाह, सेमनान और गल्फ कोस्ट के पास अंडरग्राउंड मिसाइल कॉम्प्लेक्स हैं.

अमेरिका ने पूरे मिडिल ईस्ट में बेस पर मिलिट्री बिल्ड-अप किया है. जॉर्डन के मुवफ्फक सॉल्टी एयर बेस पर 2 फरवरी 2026 की इमेज में 17 F-15E स्ट्राइक एयरक्राफ्ट, 8 A-10 थंडरबोल्ट, चार C-130 और चार हेलीकॉप्टर दिखे. सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान बेस पर C-5 गैलेक्सी और C-17 थे. डिएगो गार्सिया और ओमान के दुखन बेस पर भी एयरक्राफ्ट बढ़े. ईरान की तरफ से IRIS शाहिद बागेरी नाम का नौसेना ड्रोन कैरियर 27 जनवरी और 10 फरवरी को बंदर अब्बास के पास दिखा.

कतर बेस को लेकर अमेरिका ने क्या कहा?
इस मामले पर पेंटागन ने अभी कोई टिप्पणी नहीं की है. यह डिप्लॉयमेंट अमेरिका की डिफेंसिव और स्ट्राइक रेडीनेस बढ़ाता है, लेकिन क्षेत्र में युद्ध का खतरा भी बढ़ाता है. ईरान के जवाबी हमले की चेतावनी और अमेरिका की धमकियां दोनों तरफ से तनाव को और गहरा कर रही हैं.

‘WTO में कांग्रेस ने सरेंडर किया था’ -निर्मला सीतारमण

0

‘WTO में कांग्रेस ने सरेंडर किया था’ -निर्मला सीतारमण
लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज बजट पर भाषण दिया और नेता विपक्ष राहुल गांधी के आरोपों की कड़ी आलोचना की. उन्होंने राहुल के PM मोदी पर लगाए आरोपों पर कहा कि वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (WTO) में आपने सरेंडर किया था, न कि हमने. वित्त मंत्री ने बंगला की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी जमकर निशाना साधा. इसके अलावा उन्होंने विपक्ष के सवालों के जवाब देते हुए कहा कि देश में क्रेडिट की कोई कमी नहीं है. फर्टिलाइजर्स के लिए अलग से बजट अलॉट किया गया है, जिससे किसानों को कोई परेशानी नहीं होगी.

राहुल गांधी के बयान पर निर्मला का पलटवार
निर्मला सीतारमण ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष हमें सिखा रहे हैं कि नेगोसिएशन कैसे करना है. 2009 में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भारत और पाकिस्तान को साथ लाने की बात कही थी. तब कांग्रेस ने कहा था कि हम पाकिस्तान के साथ समझौता भी करेंगे और बात भी करेंगे. आज हमें यही कांग्रेसी एडवाइज दे रहे हैं. बेचने वाले लोग आप हैं. इस दौरान विपक्ष ने हंगामा किया, तो निर्मला ने कहा कि चिल्ला-चिल्ला कर मेरी आवाज बंद नहीं कर सकते हैं. पूरा देश सुनेगा. उन्होंने आगे कहा, ‘किरेन रिजीजू ने सही कहा कि भारत को बेचने वाले कोई माई का लाल पैदा नहीं हुआ है.’

सुप्रीम कोर्ट में डांट TMC को पड़ेगी डांट: सीतारमण
निर्मला सीतारमण ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के आरोपों का भी जवाब दिया, जिसमें कहा गया था कि बजट में बंगाल के लिए कुछ नहीं है. निर्मला सीतारमण ने कहा कि ये गलत आरोप लगा रहे हैं. बंगाल की जनता के हित में ये कुछ नहीं कर सकते हैं और कहते हैं कि केंद्र ने बंगाल को कुछ नहीं दिया. सुप्रीम कोर्ट में डांट खाओगे फिर कहोगे कि केंद्र सरकार कुछ नहीं दे रही है. इस दौरान निर्मला के पीछे बैठे गिरीराज सिंह ने कहा, ‘बंगाल में बीजेपी आएगी.’

निर्मला सीतारमण ने कहा कि TMC नेता शायद कट मनी लेते होंगे इसलिए ऐसी बात कर रहे हैं. अगर केंद्र कुछ नहीं देता तो दिल्ली से कोलकाता में पेट्रोल 10 रुपए में क्यो जाता है?

निर्मला सीतारमण ने CM ममता के बयान को आड़े हाथ लिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि गर्ल चाइल्ड हो, महिला हो तो रात के समय में बाहर नहीं आना. निर्मला ने कहा, ‘यह गलत है. आप लॉ एंड ऑर्डर को इम्प्रूव नहीं कर रहे हो. सिर्फ महिलाओं के ऊपर दोष डालते जा रहे है.’

पुराने बिजनेस को बढ़ाने पर सरकार का जोर: सीतारमण
निर्मला सीतारमण ने कहा कि मछलीपालन और एनिमल हस्बेंड्री को बढ़ावा देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है. इससे किसानों और इसके लिए काम करने वालों को फायदा होगा. उन्होंने कहा कि केवल MSME ही नहीं पुराने बिजनेस को भी बढ़ावा देने के लिए सरकार का जोर है.

200 पुराने क्लस्टर दशकों से उन जगहों के तौर पर जाने जाते हैं जिन्होंने MSME को सपोर्ट किया और वे प्रोडक्शन और एक्सपोर्ट करते हैं. यह लुधियाना, जालंधर, कानपुर या बिहार के पास के सेंटर हो सकते हैं. यह बंगाल में कहीं भी हो सकते हैं. हमने अपनी मर्जी से कहा है कि इसे फंड किया जा सकता है, अपग्रेड किया जा सकता है और मॉडर्न इंस्ट्रूमेंट्स दिए जा सकते हैं.

टीम इंडिया के सामने डबल टेंशन

0

टीम इंडिया के सामने डबल टेंशन
अभिषेक शर्मा का खराब स्वास्थ्य पहले ही टीम इंडिया के लिए चिंता का विषय बना हुआ है. अब ईशान किशन के भी चोटिल होने की खबर ने भारतीय खेमे को और भी बड़ी चिंता दे दी है. यह अपडेट ऐसे समय में आया है जब भारत बनाम नामीबिया मैच में 24 घंटे से भी कम समय बचा है.

बुधवार को अभ्यास करते समय ईशान किशन को पैर में चोट आई है. बताया जा रहा है कि जसप्रीत बुमराह की यॉर्कर गेंद उनके बाएं पैर के अंगूठे पर जाकर लगी, जिसके बाद भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज दर्द से कराहते हुए नजर आए. मैदान पर फिजियो द्वारा ईशान को ट्रीटमेंट लेते भी देखा गया.

अच्छी बात ये रही कि ईशान किशन थोड़ी देर बाद दोबारा अभ्यास करने लगे. दोबारा अभ्यास शुरू करने के 5 मिनट बाद ही उन्होंने अपना ट्रेनिंग सेशन खत्म किया. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स अनुसार सूत्रों का कहना है कि ईशान ठीक हैं और घबराने जैसी कोई बात नहीं है.

अभिषेक शर्मा हैं बीमार
अभिषेक शर्मा पहले से बीमार हैं, ऐसे में ईशान किशन की चोट की खबर ने टीम इंडिया को डबल टेंशन देने का काम किया है. नामीबिया के साथ मैच से पूर्व प्रेस कॉन्फ्रेंस में तिलक वर्मा ने बताया कि अभिषेक शर्मा को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है. तिलक ने बताया कि अभिषेक कल नामीबिया के साथ खेल पाएंगे या नहीं, इसका फैसला कल मैच से ठीक पहले लिया जाएगा.

आपको बताते चलें कि भारत अभी ग्रुप A की पॉइंट्स टेबल में दूसरे स्थान पर है. पाकिस्तान अपने दोनों मैच जीत चुका है, जिसके अभी 4 अंक हैं. वहीं नामीबिया को हराकर टीम इंडिया एक बार फिर पॉइंट्स टेबल के टॉप पर आ सकती है.

‘एपस्टीन ने मुझे दोमुंहा कहा था’ – हरदीप सिंह पुरी

0

‘एपस्टीन ने मुझे दोमुंहा कहा था’ – हरदीप सिंह पुरी
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार (11 फरवरी 2026) को बजट सत्र के दौरान एपस्टीन फाइल्स का जिक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी पर कई आरोप लगाए. इस पर जवाब देते हुए हरदीप पुरी ने कहा कि उन्हें (राहुल गांधी) बेबुनियाद आरोप लगाने की आदत है. केंद्रीय मंत्री के अनुसार उन्होंने अंतरराष्ट्रीय पीस इंस्टिट्यूट (IPI) के एक प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा रहते हुए जेफरी एपस्टीन से मुलाकात की थी. उन्होंने कहा, ‘मुझे एपस्टीन की गतिविधियों में कोई दिलचस्पी नहीं थी. उसने मुझे दोमुंहा कहा था.’

एपस्टीन फाइल्स को लेकर क्या बोले हरदीप पुरी?

उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि युवा नेता को यह पता होना चाहिए कि एपस्टीन फाइल्स गलत कामों और आपराधिक मामलों से संबंधित हैं. केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘फाइल्स में आरोप हैं कि एपस्टीन के पास एक द्वीप था, जहां वे अनैतिक काम करते थे. उन पीड़ितों ने अधिकारियों के खिलाफ मामले दर्ज कराए हैं. मेरी बातचीत का इससे कोई लेना-देना नहीं था.

हरदीप सिंह पुरी ने कहा, ‘कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने एक ईमेल में सवाल उठाया कि मुझे लगता है कि हरदीप पुरी को एपस्टीन से किसने मिलवाया? ये तथ्य सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं. 30 लाख ईमेल जारी किए जा चुके हैं. मैं मई 2009 से जब मैंने संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत के रूप में कार्यभार संभाला, आठ साल तक न्यूयॉर्क में रहा. 2017 में मैं मंत्री बना. आठ वर्षों में संभवतः तीन या चार बार एपस्टीन से मुलाकातों का जिक्र है.’

दबाव में नहीं हैं पीएम मोदी: हरदीप सिंह पुरी
कांग्रेस सासंद राहुल गांधी और पार्टी के दूसरे नेताओं ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दवाब में थे. इस पर हरदीप सिंह पुरी ने कहा, ‘प्रधानमंत्री दबाव में नहीं हैं. मैंने प्रधानमंत्री के साथ काम किया है, यह मेरा नौवां साल है. पीएम का दिमाग दबाव महसूस करने के लिए बना ही नहीं है. वे हर समय शांत रहते हैं, हममें से कई लोग दिन में 18 घंटे काम करते हैं, वे उससे भी ज्यादा काम करते हैं.’

केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘वे (पीएम मोदी) देश को बदलने के लिए लगातार काम कर रहे हैं, सोच रहे हैं और भाग-दौड़ कर रहे हैं. मुझे लगता है कि युवा नेता (राहुल गांधी) इसे सहन नहीं कर पा रहे हैं और इसीलिए वे संसद में आकर बयान देते हैं और फिर स्थिति से भाग जाते हैं.’