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पीएम मोदी की 24 घंटे में दूसरी बार अपील

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पीएम मोदी की 24 घंटे में दूसरी बार अपील
मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक अर्थव्यवस्था पर साफ दिखने लगा है, और इसका असर भारत पर भी पड़ सकता है. इसी संदर्भ में नरेंद्र मोदी ने गुजरात के वडोदरा में सरदार धाम हॉस्टल के उद्घाटन के दौरान देशवासियों को सावधानी बरतने की सलाह दी.

वडोदरा रैली के दौरान सोमवार की शाम को प्रधानमंत्री मोदी ने संकेत दिया कि जब तक हालात सामान्य नहीं होते, लोगों को छोटे-छोटे लेकिन महत्वपूर्ण कदम उठाने चाहिए. उन्होंने पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, कार पूलिंग अपनाने, वर्क फ्रॉम होम और वर्चुअल मीटिंग्स को बढ़ावा देने की बात कही. इसके साथ ही स्कूलों से भी ऑनलाइन क्लास चलाने का आग्रह करने की बात कही.

आर्थिक चुनौतियों का इशारा
आर्थिक दबाव को देखते हुए पीएम मोदी ने लोगों से सोने की खरीद टालने की अपील की और विदेशी उत्पादों के बजाय स्वदेशी चीजों के इस्तेमाल पर जोर दिया. उन्होंने किसानों से भी रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक खेती अपनाने का आग्रह किया.

प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया पिछले कुछ वर्षों से लगातार संकटों से गुजर रही है. पहले कोविड-19 महामारी, फिर आर्थिक अस्थिरता, और अब पश्चिम एशिया में बढ़ता युद्ध. उनके अनुसार, अगर कोरोना इस सदी का सबसे बड़ा संकट था, तो पश्चिम एशिया का मौजूदा संघर्ष इस दशक के बड़े संकटों में शामिल हो सकता है.

ईरान वॉर इस दशक का बड़ा संकट
उन्होंने भरोसा जताया कि जैसे देश ने कोरोना महामारी का मुकाबला किया, वैसे ही इस चुनौती से भी पार पाया जा सकता है. साथ ही सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि इन वैश्विक परिस्थितियों का असर आम लोगों पर कम से कम पड़े. प्रधानमंत्री का संदेश साफ है- वैश्विक संकट के इस दौर में सतर्कता, बचत और आत्मनिर्भरता ही सबसे बड़ा सहारा हो सकते हैं.

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि आर्थिक चुनौतियों के इस दौर में हमें अपनी जीवनशैली में छोटे लेकिन असरदार बदलाव लाने चाहिए. उन्होंने खासतौर पर कहा कि लोग विदेशों में डेस्टिनेशन वेडिंग करने के बजाय भारत में ही शादी समारोह आयोजित करें, क्योंकि उनके अनुसार भारत से बेहतर कोई जगह नहीं है.

क्या-क्या बोले पीएम मोदी
इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने खाने के तेल के उपयोग को कम करने की भी सलाह दी, ताकि स्वास्थ्य और आर्थिक दोनों स्तरों पर संतुलन बना रहे. ईंधन की बचत पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि जहां तक संभव हो, पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल कम किया जाए. उन्होंने मेट्रो, इलेक्ट्रिक बसों और अन्य पब्लिक ट्रांसपोर्ट के अधिक उपयोग की अपील की. साथ ही कार पूलिंग को बढ़ावा देने की बात कहते हुए उन्होंने कहा कि जिनके पास कार है, वे एक ही वाहन में ज्यादा लोगों के साथ यात्रा करें.

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि आज डिजिटल टेक्नोलॉजी ने जीवन को काफी आसान बना दिया है, इसलिए वर्चुअल मीटिंग्स और ऑनलाइन माध्यमों का ज्यादा इस्तेमाल कर यात्रा की जरूरत को कम किया जा सकता है. उनका संदेश यही था कि बदलते वैश्विक हालात में जिम्मेदार उपभोग, बचत और स्थानीय संसाधनों के उपयोग से ही देश मजबूत रह सकता है.

मोहन सरकार का बड़ा ऐलान: वृद्धावस्था पेंशन जारी, जरूरतमंदों को मंत्री देंगे ₹25 हजार तक सहायता

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मोहन सरकार का बड़ा ऐलान: वृद्धावस्था पेंशन जारी, जरूरतमंदों को मंत्री देंगे ₹25 हजार तक सहायता
प्रदेश में वृद्धावस्था पेंशन, शहरी एवं ग्रामीण मार्गों के निर्माण, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सिंचाई सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं के लिए 29 हजार 540 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में दी गई। इसके साथ ही सिंचाई सुविधा में विस्तार के लिए नीमच जिले की खुमान सिंह शिवाजी जलाशय सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को मंजूरी देने के साथ ही बुदनी में एमबीबीएस, नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेज की स्थापना लागत में वृद्धि के प्रस्ताव को अनुमति दी गई।

सड़कों और वृद्धावस्था पेंशन के लिए भारी-भरकम बजट
शहरों और गांवों की सड़कों पर 6,900 करोड़ रुपये खर्च होंगे। बैठक में शहरी एवं नगरीय सड़कों के नव निर्माण, उन्नयन सहित सुदृढ़ीकरण से संबंधित योजनाओं को 31 मार्च 2031 तक निरंतर रखने का निर्णय लिया गया। इसमें नए निर्माण और उन्नयन पर 2,100 करोड़ और सुदृढ़ीकरण के काम पर 4,800 करोड़ रुपये व्यय होंगे। वहीं, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना को आगामी पांच वर्षों तक निरंतर रखने में 6116 करोड़ रुपये व्यय होंगे। योजना में गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वृद्धजनों को पात्रतानुसार 600 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जाती है। कोषालयों की स्थापना, लंबित देनदारियों के भुगतान से संबंधित योजनाओं के साथ लेखा प्रशिक्षण शालाओं की स्थापना, विभागीय परिसंपत्तियों का संधारण सहित अन्य कार्यों के लिए 115,598 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।

बुदनी मेडिकल कॉलेज और नीमच सिंचाई परियोजना को मिली गति
बुदनी में एमबीबीएस, नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए 714.91 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। यह लागत 48.49 करोड़ रुपये बढ़ गई है। कैबिनेट ने 763.40 करोड़ रुपये की पुनरीक्षित स्वीकृति दे दी। इससे 100 एमबीबीएस सीट प्रवेश क्षमता का नया मेडिकल कॉलेज और 500 बिस्तर का संबद्ध अस्पताल स्थापित किया जाएगा। साथ ही नर्सिंग पाठ्यक्रमों के लिए 60 सीट प्रवेश क्षमता का नर्सिंग कॉलेज और पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों के लिए 60 सीट प्रवेश क्षमता का पैरामेडिकल कॉलेज बनाया जाएगा। इसी तरह नीमच जिले की खुमान सिंह शिवाजी जलाशय सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 164 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी दी गई। परियोजना की ऊंचाई एक मीटर बढ़ाने से नीमच तहसील के 22 ग्रामों की 5,200 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। उच्च न्यायालय जबलपुर के सामने मल्टीलेवल वाहन पार्किंग के निर्माण और बार ऑफिस निर्माण की लागत राशि को विभागीय सूचकांक की गणना से मुक्त रखे जाने की स्वीकृति दी गई है।

राज्यमंत्रियों के स्वेच्छानुदान में वृद्धि और ठेकेदारों को राहत
कृष्णा गौर के सुझाव पर राज्यमंत्रियों का स्वेच्छानुदान बढ़ा दिया गया है। कैबिनेट मंत्री एक बार में एक व्यक्ति को 40 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दे सकते हैं। 25 से बढ़ाकर इसे 40 हजार किया गया था लेकिन राज्यमंत्रियों का स्वेच्छानुदान नहीं बढ़ा था। राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संज्ञान में यह बात लाई। उन्होंने सामान्य प्रशासन विभाग को इसके निर्देश दिए और अब तय किया गया है कि राज्यमंत्री एक वर्ष में एक व्यक्ति को 25 हजार रुपये का स्वेच्छानुदान दे सकेंगे। यह सीमा अभी तक 16 हजार थी।

इसके साथ ही, बिटुमिन की बढ़ी कीमत की भरपाई सरकार करेगी। वैश्विक परिस्थितियों के कारण पेट्रोलियम पदार्थों की आवक प्रभावित हुई है। इसके कारण सड़क निर्माण में उपयोग होने वाले बिटुमिन (डामर) की कीमतें बढ़ने के साथ उपलब्धता पर भी असर पड़ा है। डामर की दरों में 20 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है। निर्माण कार्यों पर पड़ रहे असर को देखते हुए सरकार ने दस करोड़ रुपये से कम लागत वाले कामों में अंतर की राशि की भरपाई करने का निर्णय किया है। मासिक दर के आधार पर मूल्य समायोजन का लाभ दिया जाएगा। इसमें डामर की बढ़ी हुई दरों का बोझ ठेकेदारों के ऊपर नहीं आएगा। एक मई से 30 जून 2026 तक की अवधि में खरीदे गए बिटुमिन के लिए यह प्रावधान लागू होंगे।

ईरान के जवाब से अमेरिका नाराज़, ट्रंप ने दी कड़ी प्रतिक्रिया

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ईरान के जवाब से अमेरिका नाराज़, ट्रंप ने दी कड़ी प्रतिक्रिया
मिडिल ईस्ट में जारी भीषण संघर्ष को रोकने की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार (10 मई) को कहा, जंग को खत्म करने के मकसद के लिए वाशिंगटन के शांति प्रस्ताव पर ईरान की प्रतिक्रिया की समीक्षा की है. ट्रंप ने साफ किया कि उन्हें ईरान की प्रतिक्रिया बिल्कुल पसंद नहीं आई. उन्होंने इसे अमेरिका के लिए ‘पूरी तरह अस्वीकार्य’ करार दिया.

ट्रंप का सख्त रुख
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर जारी एक बयान में ट्रंप ने बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया.उन्होंने कहा कि ईरान के प्रतिनिधियों की ओर से दिया गया जवाब उनकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा. ट्रंप ने ईरान पर दशकों से अमेरिका को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए लिखा, ‘ईरान पिछले 47 वर्षों से अमेरिका और पूरी दुनिया के साथ केवल ‘देरी’ करने का खेल खेल रहा है. उन्होंने हमारे महान देश का मजाक उड़ाया है, लेकिन अब वे और नहीं हंस पाएंगे.’

ट्रंप ने इस दौरान पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा पर भी निशाना साधा. उन्होंने दावा किया कि ओबामा की नरम नीतियों की वजह से ही तेहरान को दोबारा उभरने और शक्तिशाली बनने का मौका मिला.

पाकिस्तानी मध्यस्थों के जरिए अमेरिका तक पहुंचे इस प्रस्ताव में ईरान ने कई बड़ी शर्तें रखी थीं. ईरानी समाचार एजेंसी ‘तसनीम’ और अन्य मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान ने लेबनान सहित उन सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करने की मांग की है, जहां इजरायल और ईरान-समर्थित हिजबुल्लाह के बीच संघर्ष जारी है. इसके अलावा तेहरान प्रतिबंधों से राहत चाहता है. ईरान चाहता था कि अमेरिकी विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFAC) ईरानी तेल की बिक्री पर लगे प्रतिबंधों को कम से कम 30 दिनों के लिए हटा दे.

देश की अर्थव्यवस्था बचाने के लिए PM मोदी की खास अपील

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देश की अर्थव्यवस्था बचाने के लिए PM मोदी की खास अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद में एक सभा को संबोधित करते हुए देश से अपील की है. उन्होंने देश से कोरोना के समय जो रूटीन अपनाया गया था, उसी पर जोर देने को कहा है. इस दौरान उन्होंने कई अहम बातें कही हैं. यह सारी बातें मिडिल ईस्ट में जारी जंग के असर को लेकर की गई है. साथ ही यूक्रेन युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि भारत पर इन युद्धों का कितना असर पड़ा है. इसके अलावा पीएम मोदी ने अगले एक साल तक शादियों के लिए सोना ना खरीदने की अपील भी जनता से की है.

पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा कि मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे एक साल तक सोना न खरीदें. कोरोनाकाल के दौरान हमने वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन मीटिंग्स और वीडियो कॉन्फ्रेंस जैसी व्यवस्थाओं को अपनाया था. हमने इसकी आदत डाल ली थी. आज भी समय की मांग है कि हम उन व्यवस्थाओं को फिर से प्राथमिकता दें.

मिडिल ईस्ट की जंग से काफी असर हुआ है
इसके अलावा पीएम ने कहा कि पिछले दो महीने से चल रही मिडिल ईस्ट जंग का असर काफी ज्यादा हुआ है. इसका असर दुनिया सहित भारत पर पड़ा है. मौजूदा समय में विदेश मुद्रा बचाने पर भी विशेष जोर पीएम मोदी की तरफ सेदिया गया है. उन्होंने कहा है कि दुनियाभर में पेट्रोल और डीजल महंगे हो चुके हैं. ईंधन की बचत करना बेहद ही जरूरी है.

दुनिया इस वक्त सप्लाई चेन संकट से जूझ रही है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि दुनिया इस समय एक बड़े सप्लाई चेन संकट से जूझ रही है. यूक्रेन और मिडिल ईस्ट जंग ने वैश्विक स्तर पर कठिनाइयों को बढ़ा दिया है. पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 5 से 6 सालों से हमारी सरकार इस संकट से निपटने की कोशिश कर रही है. आज फर्टिलाइजर की बोरी तीन हजार रुपए की बिक रही है. वहीं भारत में वही बोरी किसानों को 300 रुपए में मुहैया कराई जा रही है.

प्रदेश में सभी तरह के उद्योगों की स्थापना पर जोर, युवाओं के लिए रोजगार प्राथमिकता: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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प्रदेश में सभी तरह के उद्योगों की स्थापना पर जोर, युवाओं के लिए रोजगार प्राथमिकता: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में सभी तरह के उद्योगों की स्थापना पर जोर दिया जा रहा है। मध्यप्रदेश सरकार युवाओं के लिए रोजगार को प्राथमिकता देते हुए किसानों, महिलाओं और गरीबों के साथ सभी वर्गों के कल्याण के लिए सक्रिय है। पर्यटन और पशुपालन के क्षेत्र में प्रदेश महत्वपूर्ण उपलब्धियां प्राप्त करेगा। गुना क्षेत्र में सीमेंट निर्माण इकाई से डेढ़ हजार लोगों को रोजगार प्राप्त होगा। अडाणी समूह की ओर से 32 हैक्टेयर भूमि पर इस इकाई की स्थापना के फलस्वरूप 4 मिलीयन टन सीमेंट उत्पादन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को गुना जिले में अंम्बुजा सीमेंट फैक्ट्री के शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने औद्योगिक विकास, अधोसंरचनात्मक सुदृढ़ीकरण और रोजगार सृजन को नई गति देने के उद्देश्य से विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण भी किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन विकास कार्यों से गुना जिले में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा तथा आमजन को बेहतर सेवाओं का लाभ मिलेगा। प्रदेश का ग्वालियर और चंबल अंचल कभी डकैतों की गोलियों से गूंजता था, अब यहां विकास का परचम लहरा रहा है। अब यहां दस्युओं के स्थान पर प्रगति पहचान का माध्यम बनी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश बदल रहा है। सरकार जनहित के लिए निरंतर कार्य कर रही है। गुना अंचल के लिए आज होली और दीपावली के त्यौहारों की तरह उल्लास का वातावरण है। इस क्षेत्र में सिंचाई, पानी, बिजली के साथ सभी नागरिक सुविधाओं का विस्तार किया गया है, जो आगे भी जारी रहेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की महत्वपूर्ण घोषणाएं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक समय इस क्षेत्र के विकास के लिए सिंधिया परिवार द्वारा पहल की गई थी। अब केंद्र और राज्य सरकार मिलकर विकास को गति दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री सिंधिया द्वारा दिए गए सुझावों को मानते हुए तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इनमें गुनिया नदी के पुनर्जीवन के लिए 80 करोड़ 22 लाख राशि का प्रस्ताव भारत सरकार की जल शक्ति योजना में भेजने, लक्ष्मण कोपरा से राम नगर टकोदिया तक पहुंच को आसान बनाने के लिए पार्वती नदी पर 42 करोड़ रुपए की लागत से ब्रिज निर्माण और गुना शहर के भुजारिया तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए 25 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत करने की घोषणा शामिल है।

उद्योग खुलने से युवाओं को रोजगार के लिए बाहर नहीं जाना होगा : केंद्रीय मंत्री सिंधिया
केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि प्रदेश के विकास के लिए मुख्यमंत्री डा. यादव परिश्रम और निष्ठा से कार्य कर रहे हैं। गुना के विकास के लिए नई दीप माला प्रज्ज्वलित हो रही है। केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि गुना क्षेत्र में सीमेंट इकाई की स्थापना एक ऐतिहासिक कदम है। यह कार्य बहुप्रतिक्षित था। उन्होंने लगभग सौ वर्ष पूर्व सिंधिया परिवार द्वारा इस क्षेत्र में किए गए औद्योगीकरण के प्रयासों का उल्लेख भी किया। सिंधिया ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार उद्योगों की स्थापना के लिए लगातार कार्य कर रही है, जिससे गुना के युवाओं को अन्य प्रांतों में रोजगार तलाशने नहीं जाना पड़ेगा। बहनों को भी लखपति दीदी बनाकर समृद्धि का लाभ दिलवाया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि कोटा-बीना लाइन के दोहरीकरण, तात्या टोपे विश्वविद्यालय प्रारंभ करने की पहल, जल प्रदाय योजना और सिंचाई योजनाओं के क्रियान्वयन, गुना से देवास राष्ट्रीय राजमार्ग को चौड़ा बनाने के लिए 5 हजार करोड़ के व्यय, गुना के लिए 15 किलोमीटर लंबाई के बायपास जैसे कार्य आमजन को सुविधा प्रदान कर रहे हैं। कृषि क्षेत्र में गुना -चाचौड़ा- राघोगढ़ क्षेत्र के किसान पंजाब की तरह पहचान बना रहे हैं।

मध्यप्रदेश में औद्योगिक क्षेत्र हो रहा सशक्त : प्रणव अदाणी
उद्योगपति प्रणव अदाणी ने कहा कि मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से विकास को नई रफ्तार मिली है। अधोसंरचना, लॉजिस्टिक, ट्रांसपोर्ट और अन्य सुविधाओं से मध्यप्रदेश में उद्योग क्षेत्र की मजबूती सुनिश्चित की जा रही है। पीएम गति शक्ति मिशन से औद्योगिक क्षेत्र का वातावरण सशक्त हो रहा है। गत वर्ष भोपाल में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में अदाणी समूह के चेयरमेन गौतम अदाणी ने एक लाख हजार करोड़ से अधिक निवेश का संकल्प व्यक्त किया था, जिसे साकार करने के लिए सीमेंट इकाई की आधारशिला रखी जा रही है। प्रथम चरण में एक हजार 60 करोड़ का निवेश किया जा रहा है, जो आगामी चरणों में तीन गुना से अधिक होगा। अदाणी ने मध्यप्रदेश में कटनी, कैमोर सहित अन्य क्षेत्रों में सीमेंट और अन्य इकाइयों की स्थापना की पहल की गई। समूह द्वारा ऊर्जा क्षेत्र में भी प्रोजेक्ट अमल में लाए जाएंगे।

खाद्य,नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण एवं गुना जिले के प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि प्रदेश में विकास का पहिया तीव्र गति से घूम रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योग वर्ष के बाद कृषि वर्ष में प्रदेश में समृद्धि के प्रयास तेज किए हैं। परियोजनाओं के लिए जिन किसानों की भूमि ली जाएगी उन्हें चार गुना मुआवजा देने का निर्णय लिया गया। प्रदेश में भारत सरकार से अनुमति प्राप्त करने के बाद 78 लाख मीट्रिक टन के स्थान पर 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया जा रहा है। किसानों को उनकी मेहनत की पूरी कीमत दी जा रही है। कार्यक्रम में जिले के विधायकगण और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

रोड शो में हुआ भव्य स्वागत
मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री सिंधिया के गुना आगमन पर रोड-शो में नागरिकों ने पुष्पहारों से भव्य स्वागत किया गया। स्थानीय नागरिक जिनमें युवा, व्यापारी वर्ग, महिला समाज, सामाजिक कार्यकर्ता शामिल थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागरिकों का अभिवादन किया।

संवेदनशीलता और सुशासन ही विकास की मुख्य अवधारणा : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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संवेदनशीलता और सुशासन ही विकास की मुख्य अवधारणा : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
कार्यक्रम में केन्द्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, वाणिज्य एवं उद्योग, श्रम तथा जिले के प्रभारी मंत्री लखनलाल देवांगन, बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक, मुंगेली विधायक पुन्नूलाल मोहले, तखतपुर विधायक धरमजीत सिंह, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष कांत पाण्डेय, नगर पालिका अध्यक्ष रोहित शुक्ला सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम के दौरान पुष्प वाटिका एवं चौपाटी, नहर, एनीकट, लाइवलीहुड कॉलेज भवन पहुंच मार्ग, मुंगेली-भटगांव पहुंच मार्ग सहित अनेक सड़क निर्माण कार्यों, महतारी सदनों, छात्रावासों, जल जीवन मिशन के कार्यों, सामुदायिक भवनों, अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों, प्राथमिक शाला भवनों, सांस्कृतिक मंचों, सीसी सड़कों, अमृत सरोवरों तथा आंगनबाड़ी भवनों का लोकार्पण किया। इसके साथ ही विभिन्न ग्रामों में सीसी सड़क, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सड़क मार्ग, एसटीपी निर्माण, तालाब सौंदर्यीकरण, फुटपाथ और पुल निर्माण सहित अनेक विकास कार्यों का शिलान्यास भी किया गया। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान के अंतर्गत स्वामी आत्मानंद विद्यालय मोतिमपुर, लालपुरथाना, लोरमी, पथरिया और सरगांव का वर्चुअल लोकार्पण भी किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन सरकार विकास और जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आज मुंगेली जिले को मिली विकास कार्यों की यह बड़ी सौगात आने वाले समय में जिले के विकास को नई गति प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से आमजनों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी, समयबद्ध और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है तथा शिकायतों के समाधान में लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध कार्रवाई भी की जा रही है।

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर भक्ति और श्रम की प्रतीक माता कर्मा, सामाजिक समरसता के प्रतीक बाबा गुरु घासीदास, संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर तथा शौर्य और त्याग के प्रतीक महाराणा प्रताप की प्रतिमाओं का अनावरण करते हुए कहा कि ये महापुरुष समाज को प्रेरणा देने वाले आदर्श हैं। उन्होंने नवागढ़ रोड में वीरांगना रानी दुर्गावती की प्रतिमा स्थापना के लिए 25 लाख रुपये, मुंगेली में पोस्ट मैट्रिक छात्रावास भवन निर्माण, मेला नवागांव में बाउंड्रीवाल एवं प्रवेश द्वार निर्माण के लिए 20 लाख रुपये तथा सीसी सड़क निर्माण के लिए 10 लाख रुपये की घोषणा की। साथ ही चिकित्सा महाविद्यालय की मांग को पूरा करने के लिए सकारात्मक आश्वासन दिया।

केन्द्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने जिले को मिली 353 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात के लिए मुख्यमंत्री का अभिनंदन करते हुए कहा कि प्रदेश में विकास और सुशासन को नई दिशा मिल रही है।

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि सरकार जनता के दुख-दर्द को समझते हुए त्वरित निर्णय ले रही है और मोदी की गारंटी को धरातल पर उतारना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रभारी मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि मुंगेली जिला निरंतर विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है और यह सब मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम है। विधायक पुन्नूलाल मोहले ने जिले में हो रहे विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को सामग्री एवं सहायता राशि वितरित कर लाभान्वित भी किया। उन्होंने बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिले के चार विद्यार्थियों अंशुल शर्मा, नंदिता देवांगन, हेमा साहू और चैतूराम साहू को लैपटॉप प्रदान कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को आवास की चाबियां, मनियारी बैराज योजना से प्रभावित परिवारों को प्रतिकात्मक चेक, मछुआरों को मछली जाल एवं आइस बॉक्स, किसानों को मिनी किट तथा विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत सहायता सामग्री वितरित की। कुल 282 से अधिक हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया गया।

कार्यक्रम के अंत में जिला प्रशासन द्वारा अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर संभागायुक्त सुनील जैन, आईजी बिलासपुर रामगोपाल गर्ग, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल, डीएफओ अभिनव कुमार, अतिरिक्त कलेक्टर निष्ठा पाण्डेय तिवारी, जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पाण्डेय सहित प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

देश की प्रगति और राष्ट्रीय एकता में क्षत्रिय कुर्मी समाज का योगदान अविस्मरणीय : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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देश की प्रगति और राष्ट्रीय एकता में क्षत्रिय कुर्मी समाज का योगदान अविस्मरणीय : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कुर्मी समाज का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। छत्रपति शिवाजी महाराज और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जैसी महान विभूतियों ने देश की एकता, सुरक्षा और राष्ट्र निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि कुर्मी समाज मेहनतकश, प्रगतिशील और जागरूक समाज है, जिसने खेती-किसानी से लेकर शिक्षा, प्रशासन और सामाजिक नेतृत्व तक हर क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पुनर्जागरण के नए दौर से गुजर रहा है। अयोध्या में भगवान राम मंदिर निर्माण करोड़ों देशवासियों की आस्था का प्रतीक बना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार रामलला दर्शन योजना के माध्यम से श्रद्धालुओं को अयोध्या दर्शन करा रही है तथा अब तक लगभग 42 हजार श्रद्धालु इसका लाभ ले चुके हैं। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को भी पुनः प्रारंभ किया गया है, जिसके अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों को देश के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में “मोदी की गारंटी” को धरातल पर उतारने का कार्य किया है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत अब तक 27 किश्तों का भुगतान किया जा चुका है, जिससे प्रदेश की लाखों मातृशक्ति के खातों में 27-27 हजार रुपये की राशि पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 10 हजार 500 करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है, जिससे कृषि क्षेत्र को नई मजबूती मिलेगी। रेलवे अधोसंरचना के विस्तार और आधुनिकीकरण पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने के लिए विजन डॉक्यूमेंट तैयार कर योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। प्रदेश की पांच प्रमुख शक्ति पीठों को विकसित कर धार्मिक और सांस्कृतिक कॉरिडोर के माध्यम से जोड़ने की दिशा में भी सरकार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जो समाज शिक्षित और संगठित होता है, वही निरंतर विकास के नए आयाम स्थापित करता है।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकता और संगठन में निहित होती है। उन्होंने कहा कि जिस समाज के प्रेरणास्रोत छत्रपति शिवाजी महाराज और सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे महानायक हों, वह समाज स्वाभाविक रूप से गौरवशाली और प्रगतिशील बनता है। उन्होंने समाज से शिक्षा, संगठन और सामाजिक समरसता को और मजबूत करने का आह्वान किया।

राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि कुर्मी समाज की सबसे बड़ी ताकत उसकी एकजुटता, संगठन और पारस्परिक विश्वास है। उन्होंने कहा कि जहां विश्वास, संस्कार और चरित्र का समावेश होता है, वहां समाज निरंतर प्रगति करता है और नई पीढ़ियों को दिशा देता है।

तखतपुर विधायक धरमजीत सिंह ने कहा कि कुर्मी समाज छत्तीसगढ़ का एक प्रमुख, जागरूक और प्रगतिशील समाज है, जिसकी मजबूत उपस्थिति प्रदेश के लगभग प्रत्येक गांव में दिखाई देती है। पंडरिया विधायक मती भावना बोहरा ने कहा कि कुर्मी समाज मेहनत, कर्मठता और प्रगतिशील सोच के लिए जाना जाता है तथा समाज के लोग हर क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं।

अखिल भारतीय क्षत्रिय कुर्मी समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष सर्वेश कटियार ने कहा कि कुर्मी समाज की संगठनात्मक परंपरा 132 वर्षों से अधिक पुरानी है। समाज ने अपनी मेहनत, सामाजिक मूल्यों और एकता के बल पर देशभर में विशिष्ट पहचान स्थापित की है। उन्होंने कहा कि जहां-जहां कुर्मी समाज की सक्रिय भागीदारी रही है, वहां विकास और सामाजिक प्रगति को नई दिशा मिली है। इस अवसर पर गणमान्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं समाज के लोग उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री चौहान भैरूंदा में राज्य स्तरीय कार्यक्रम में हुए शामिल

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री चौहान भैरूंदा में राज्य स्तरीय कार्यक्रम में हुए शामिल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विकास की प्रबल इच्छा-शक्ति हो, तो एक योजना ही पूरे देश के ग्रामीण इलाकों की तकदीर बदल सकती है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ने यह संभव कर दिखाया है। इस योजना से बनीं सड़कें गांवों की जीवन धारा बन चुकी हैं। ग्रामीण भारत की तकदीर और तस्वीर बदलने में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का योगदान अतुलनीय है। देश-प्रदेश के छोटे-बड़े कस्बों, गांव-देहात, टोले-मजरों की अंतिम सीमा तक पक्की सड़कों की पहुंच हो गई है। अब ग्रामीण क्षेत्रों तक आवागमन बेहद आसान हो गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्राम विकास कार्यक्रमों और लोक कल्याणकारी योजनाओं को धरातल में उतारकर समावेशी विकास की लक्ष्य पूर्ति में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से नई रफ्तार मिली है। ग्राम्य भारत का पूरा परिदृश्य ही बदल देने वाली प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के 25 साल पूरे होने पर आज मध्यप्रदेश इस ऐतिहासिक अवसर का साक्षी बन रहा है। इस योजना का रजत जयंती समारोह वास्तव में ग्रामीण विकास के एक नए युग का उद्घोष है। पीएमजीएसवाय-फोर और पीएम जन-मन का राष्ट्रव्यापी शुभारंभ देश के गांवों को मजबूत, टिकाऊ और सर्वकालिक सड़क सम्पर्क से जोड़ने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को सीहोर जिले के भैरुंदा में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना फेज-4 एवं प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाभियान (पीएम जन-मन) के कार्यों के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव, केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं संचार राज्यमंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी, केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री कमलेश पासवान सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर राज्य स्तरीय समारोह का विधिवत् शुभारंभ किया। कार्यक्रम में पीएमजीएसवाय की 25 वर्षों की यात्रा पर केंद्रित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा मध्यप्रदेश ग्रामीण कनेक्टिविटी के मामले में देश में पहले स्थान पर है। प्रदेश में बीते कुछ सालों में 90 हजार 150 किमी सड़कों का निर्माण कर 17 हजार 540 से अधिक बसाहटों को मुख्य मार्गों से जोड़ा गया है। पिछले 25 सालों में सड़कों से मंडियों तक किसानों की पहुंच आसान हुई है। बच्चों की शिक्षा नियमित हुई और स्वास्थ्य सेवाओं में भी व्यापक सुधार हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समारोह के जरिए मध्यप्रदेश को 5 हजार करोड़ रुपये से अधिक की सौगातें मिली हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास की बात पर हम सभी साथ हैं। गरीब का कल्याण हमारा लक्ष्य है। इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए हम केन्द्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर काम करेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गांव-देहात की सड़क एक रास्ता भर नहीं होती, यह विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सम्मानजनक जीवन की आधार रेखा होती है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ने देश के गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया है। पीएमजीएसवाय-फोर ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने में मील का पत्थर सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में ग्रामीण अधोसंरचना को लगातार मजबूत किया जा रहा है। मध्यप्रदेश हमेशा ही इस राष्ट्रीय अभियान में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। सुदूरवर्ती गांवों तक सड़क बनने से किसानों को बाजार तक पहुंचने, विद्यार्थियों को शिक्षा, मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं और युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिले हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बुधनी क्षेत्र से आज प्रदेश को विकास की बड़ी सौगातें मिली हैं। उन्होंने कहा कि स्व. अटल जी ने 25 साल पहले ग्रामीण सड़कों के निर्माण की शुरुआत की थी, जिसे भारत सरकार के सहयोग से राज्य सरकार आगे बढ़ा रही है। आज प्रदेशवासियों को प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़कें, प्रधानमंत्री आवास और अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए राशि मिली है। सड़कों के निर्माण और रखरखाव के लिए मध्यप्रदेश को अलग-अलग कैटेगरी में तीन पुरस्कार मिले हैं। ग्रामीण सड़कों के निर्माण के मामले में मध्यप्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। उन्होंने कहा कि विदिशा लोकसभा संसदीय क्षेत्र के विकास में कोई कसर नहीं रहने दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों द्वारा मांगे गए सभी विकास कार्यों एवं मांगों पर सहमति देते हुए इनकी पूर्ण मंजूरी की घोषणा की।

केन्द्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री चौहान ने पीएमजीएसवाय-फोर एवं पीएम-जन-मन योजनाओं के स्वीकृति आदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सौंपे। केन्द्रीय मंत्री चौहान ने मध्यप्रदेश को वर्तमान वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से संबंधित निधि का 830 करोड़ रुपये सांकेतिक आवंटन मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सौंपा। कार्यक्रम के दौरान देश के अन्य राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों को डिजिटल माध्यम से वर्ष 2026-27 के लिए पीएमजीएसवाय से संबंधित निधि 18 हजार 907 करोड़ रुपये का सांकेतिक वित्तीय आवंटन जारी किया गया। इसमें से 830 करोड़ रुपये मध्यप्रदेश में होने वाले विकास कार्यों के लिए आरक्षित हैं। कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण के अंतर्गत मध्यप्रदेश को 2 हजार 55 करोड़ रुपये की मदर सैंक्शन जारी कर इसका स्वीकृति पत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सौंपा। केन्द्र सरकार का यह बजट आवंटन ग्रामीण क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास और आवासीय सुविधाओं को नई गति देगा। केन्द्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री चौहान ने भारत सरकार द्वारा मूंग एवं सरसों की फसल समर्थन मूल्य में खरीदे जाने का स्वीकृति पत्र भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव सौंपा।

रजत जयंती समारोह के दौरान ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया। इसके लिए लम्बाई, बसाहटों को जोड़ना, तकनीक के उत्कृष्ट प्रदर्शन, रखरखाव एवं गारंटी पीरियड के बाद भी बेहतर रख-रखाव के मानक की कुल पांच श्रेणियां बनाई गई हैं। इन श्रेणियों में से सर्वाधिक लम्बाई वाली पीएमजीएसवाय सड़क निर्माण में मध्यप्रदेश को पहला स्थान मिला है। मध्यप्रदेश में कुल 90 हजार 150 किमी सड़कों का निर्माण किया गया है। पीएमजीएसवाय सड़कों से ग्रामीण बसाहटों को जोडने की श्रेणी में बिहार राज्य को पहला स्थान प्राप्त हुआ। दूसरा स्थान मध्यप्रदेश को मिला। मध्यप्रदेश में कुल 17 हजार 793 ग्रामीण बसाहटों को पक्की बारहमासी सड़कों से जोड़ा गया है। गारंटी पीरियड के बाद भी सड़कों को बेहतर रख-रखाव के मामले में मध्यप्रदेश को पहला स्थान मिला है।

बताया गया कि केन्द्र सरकार द्वारा देश के ग्रामीण सम्पर्क, अधोसंरचना और समावेशी विकास से जुड़ी भावी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इनसे मध्यप्रदेश को विशेष लाभ मिलेगा। इस अवसर पर पीएमजीएसवाय-फोर के अंतर्गत मध्यप्रदेश को 1 हजार 763 करोड़ रुपये की लागत से 2 हज़ार 117 किमी लंबाई वाली 973 नई सड़कों की बड़ी सौगात मिली। इन सड़कों से 987 ग्रामीण बसाहटों को जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही पीएम जन-मन के तहत 261 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 384 किमी लंबाई वाली सड़क परियोजनाओं की भी इस मौके पर मंजूरी मिली। इन सड़कों के बनने से 168 जनजातीय बहुल बसाहटों को सीधा लाभ मिलेगा। केंद्र सरकार की यह पहल प्रदेश के जनजातीय, दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में विकास की नई रौशनी लेकर आएगी।

केन्द्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव संकल्प के धनी हैं। प्रदेश के विकास में वे कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। उनके नेतृत्व में प्रदेश में विकास का महायज्ञ चल रहा है। प्रदेश में 973 सड़कों को मंजूरी दी गई है। प्रदेश का कोई गांव पक्की सड़कों ने वंचित नहीं रहेगा। पीएम जनमन के अंतर्गत भी पीएम जनमन योजना के अंतर्गत 261 करोड़ लागत की नई सड़कों की सौगात मिली है। प्रदेश का कोई गरीब बिना छत के नहीं रहेगा। इसके लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 2055 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता का स्वीकृति पत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सौंपा है। मध्यप्रदेश प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़कों के निर्माण में नंबर 1 है। इसके लिए राज्य सरकार और अधिकारी बधाई के पात्र हैं। आज देश के विभिन्न राज्यों को सड़क निर्माण कार्य पूर्ण करने के लिए 18 हजार 907 करोड़ रुपए की राशि का आवंटन किया। इसमें से 830 करोड़ रुपए मध्यप्रदेश को मिले हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व गांवों तक पक्की सड़कें बन रही हैं। पहले मध्यप्रदेश में सड़क और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी थी। अब मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश के किसानों को दिन में भी बिजली मिल रही है। स्व. अटल जी की प्रेरणा से ग्रामीण सड़कों का निर्माण जारी है। प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए नए सिरे से सर्वे कराया गया है सबको पक्का मकान मिलेगा। केंद्र सरकार ने 3 करोड़ लखपति दीदी तैयार करने का लक्ष्य हासिल कर लिया है। अब प्रधानमंत्री जी ने इस लक्ष्य को बढ़ाकर 6 करोड़ करने की बात कही है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विकसित और शक्तिशाली भारत का निर्माण हो रहा है।

केन्द्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री कमलेश पासवान ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के माध्यम से गांव और शहर की दूरी कम हुई है। आज किसान अपना अनाज शहर की मंडियों में बेच रहा है। गर्भवती महिलाएं समय पर अस्पताल और बच्चे पढ़ाई के लिए स्कूल जा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय फील्ड में जाकर बेहतर कार्य कर रहा है। प्रधानमंत्री ने देश में तीन करोड़ दीदियों को लखपति बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि बीते एक साल में ही 2 करोड़ लखपति दीदियां बन चुकी हैं। गांवों में बसने वाली देश की आधी आबादी को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की 25वीं वर्षगांठ पर सभी को बधाई दीं।

केन्द्रीय ग्रामीण विकास एवं संचार राज्यमंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्पासानी ने कहा कि भूतपूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस पर 25 दिसंबर 2000 को भारत के गांवों को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का उपहार मिला। अटल जी का अटूट विश्वास था ग्रामीण सड़कें देश के विकास का मजबूत आधार हैं। उनका लक्ष्य साफ था कि देश के हर गांव तक पक्की सड़क पहुंचाना है। इस योजना के अंतर्गत अब तक 8 लाख 25 हजार किलोमीटर से अधिक ग्रामीण सड़कों को मंजूरी मिली और इनका 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। देशभर में 1 लाख 7 हजार से अधिक ग्रामीण बस्तियों को मुख्य सड़क से जोड़ा जा चुका है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश केन्द्र सरकार की योजनाओं को अक्षरश: लागू करने के साथ इनका लक्ष्य भी हासिल करता है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना-4 में हम देश में 2500 किलोमीटर की नई सड़कें बनाएंगे और बस्तियों से सम्पर्क सुधारेंगे। हमारी सरकार ग्रामीण क्षेत्रों का कायाकल्प कर रही है। जल जीवन मिशन से हर घर को पानी दिया जा रहा है। विकसित भारत 2047 की यात्रा में गांव और किसान का विकास भी जरूरी है। प्रधानमंत्री मोदी ने स्व. अटल जी के 25 साल पहले लिए संकल्पों को आगे बढ़ाया है।

बुधनी विधायक रमाशंकर भार्गव ने कहा कि भैरुंदा में हो रहे इस राज्यस्तरीय कार्यक्रम के जरिए आज प्रदेश को कई नयी पक्की सड़कों की सौगात मिल रही है। प्रदेश में 1763 करोड़ रुपये लागत से 2117 कि.मी. लंबी 963 सड़कों का निर्माण किया जाएगा।

समारोह में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, विधायक सीहोर सुदेश राय, विधायक आष्टा गोपाल सिंह इंजीनियर, जिला पंचायत अध्यक्षा रचना सुरेन्द्र मेवाड़ा, केन्द्रीय संयुक्त सचिव, ग्रामीण विकास मंत्रालय अदिति सिंह, जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ने पिछले 25 वर्षों में ग्रामीण भारत के सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन में अहम भूमिका निभाई है। देश में लाखों किमी सड़कों के निर्माण ने गांवों को शहरों से जोड़ा है। कृषि उत्पादों को बाजार तक पहुंचाया और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति दी। मध्यप्रदेश में भी इस योजना के जरिए हजारों गांवों तक बारहमासी सड़क सम्पर्क स्थापित हुआ। इस राष्ट्रीय आयोजन में बीते दौर की उपलब्धियों के प्रदर्शन के साथ ही ग्रामीण भारत का भावी विजन भी प्रस्तुत किया गया। पीएमजीएसवाय- फोर और पीएम जन-मन जैसी योजनाएं भविष्य में गांवों को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने का बेहतरीन जरिया बनेंगी। देश-प्रदेशों की राजधानी के बारहमासी ग्रामीण सम्पर्क का यह नया अध्याय विकसित भारत के संकल्प को और भी मजबूत करेगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय हरिनाम संकीर्तन नामयज्ञ में हुए शामिल

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय हरिनाम संकीर्तन नामयज्ञ में हुए शामिल
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर में आयोजित हरिनाम संकीर्तन नामयज्ञ में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने विधि-विधान के साथ भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

मुख्यमंत्री साय ने हरिनाम संकीर्तन की परंपरा को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन लोगों को आध्यात्मिक रूप से जोड़ने के साथ-साथ समाज में भाईचारे और सद्भाव का संदेश भी देते हैं। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालुगण उपस्थित थे।

अपरा एकादशी पर करें ये खास मंत्र जाप, राशि अनुसार मिलेगा अपार धन और सुख

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अपरा एकादशी पर करें ये खास मंत्र जाप, राशि अनुसार मिलेगा अपार धन और सुख
पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष में आने वाली एकादशी पर अपरा एकादशी का व्रत किया जाता है, जो इस बार 13 मई को पड़ रहा है। इस दिन पर भगवान विष्णु के मंत्र का जप करने से अपार सुख, समृद्धि और पापों से मुक्ति मिलती है। विशेष लाभ के लिए आप इस दिन पर अपनी राशि के अनुसार मंत्रों का जप कर सकते हैं।

एकादशी पर राशि अनुसार मंत्र
मेष – अपरा एकादशी की पूजा में आपको ॐ श्री केशवाय नमः या ॐ गोविंदाय नमः मंत्र का जप करना चाहिए।
वृषभ – भगवान विष्णु की पूजा में ॐ श्री हृषीकेशाय नमः मंत्र का जप करें।
मिथुन – मिथुन राशि के जातकों को एकादशी के दिन ॐ श्री कृष्णाय नमः या ॐ राधिकेशाय स्वाहा मंत्र का जप करना चाहिए।
कर्क – आप अपरा एकादशी के दिन ॐ श्री अच्युताय नमः मंत्र का जप कर सकते हैं।
सिंह – सिंह राशि के लोग एकादशी पर ॐ श्री जनार्दनाय नमः मंत्र का जप करें।
कन्या – आप अपरा एकादशी के शुभ अवसर पर ॐ श्री चतुर्भुजाय नमः मंत्र का जप कर सकते हैं।
तुला – तुला राशि के जातकों को एकादशी पर ॐ श्री माधवाय नमः मंत्र का जप करना चाहिए।
वृश्चिक – वृश्चिक राशि वाले लोग एकादशी पर ॐ श्री गोविन्दाय नमः मंत्र का जप कर सकते हैं।
धनु – आपको इस दिन पर ॐ श्री नारायणाय नमः मंत्र का जप करना चाहिए।
मकर – मकर राशि वाले एकादशी पर ॐ श्री वामनाय नमः मंत्र का जप करें।
कुंभ – आप एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा में ॐ श्री उपेन्द्राय अच्युताय नमः मंत्र का जप करके लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
मीन – आपको इस शुभ दिन पर ॐ श्री पद्मनाभाय नमः मंत्र का जप करने से विशेष लाभ मिल सकता है।

कृपा प्राप्ति के लिए करें ये काम
व्रत के दिन प्रातः काल उठकर व्रत का संकल्प लें।
भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करें।
प्रभु श्रीहरि का पंचामृत से अभिषेक करें और पीले फूल चढ़ाएं।
भगवान विष्णु के भोग में तुलसी पत्र अर्पित करना न भूलें।
शाम के समय तुलसी के पास घी का दीपक भी जरूर जलाएं।
इस दिन पर अपनी क्षमता के अनुसार दान आदि करें।
रात्रि में जागरण और विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें।