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श्रद्धालुओं को सुविधाएँ उपलब्ध कराने में नहीं रखी जाएगी कोई कमी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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श्रद्धालुओं को सुविधाएँ उपलब्ध कराने में नहीं रखी जाएगी कोई कमी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज उज्जैन में क्षिप्रा नदी पर निर्माणधीन घाटों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को सुविधाएं उपलब्ध कराने में कोई कमी नहीं रखी जायें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अंगारेश्वर और सिद्धवट के मध्य क्षिप्रा नदी पर बन रहे नए घाटों का अवलोकन भी किया। ये घाट आगामी सिंहस्थ महापर्व-2028 को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं के स्नान और अन्य सुविधाओं के लिए तैयार किए जा रहे हैं। घाटों पर श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए विभिन्न व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवनिर्मित घाटों के लगभग 200 मीटर क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए वस्त्र बदलने की व्यवस्था तथा सुविधाजनक स्थानों पर टॉयलेट बनाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रमुख घाटों पर लगभग 200 मीटर की दूरी पर सुविधा घर विकसित करने के निर्देश भी दिए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घाटों के आसपास श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए लगभग 500 मीटर की दूरी पर सीढ़ियाँ या अन्य पहुँच मार्ग सुनिश्चित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए, जिससे मुख्य घाटों तक पहुंचना आसान हो सके।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिद्धवट और अंगारेश्वर मंदिर के बीच निर्माणाधीन पुल का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि पुल के निर्माण से दोनों प्रमुख धार्मिक स्थलों के बीच आवागमन सुगम होगा और श्रद्धालुओं को एक वैकल्पिक मार्ग भी उपलब्ध होगा। घाटों पर स्नान के लिए लगभग 5 मीटर चौड़ा घाट तैयार किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं के आने-जाने के साथ बैठने की भी पर्याप्त सुविधा उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घाटों पर श्रद्धालुओं के बैठने सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं भी विकसित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से गोवा के खेल एवं जनजातीय कल्याण मंत्री रमेश तावड़कर की सौजन्य भेंट

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से गोवा के खेल एवं जनजातीय कल्याण मंत्री रमेश तावड़कर की सौजन्य भेंट
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में गोवा के खेल एवं युवा मामले तथा जनजातीय कल्याण मंत्री रमेश तावड़कर ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए तावड़कर का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें बस्तर आर्ट का प्रतीक चिन्ह एवं जशपुर के स्थानीय उत्पाद भेंट किए।

मुख्यमंत्री साय ने तावड़कर से जनजातीय कल्याण और खेलों के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार खेलों को प्रोत्साहन देने के लिए निरंतर प्रयासरत है और राज्य में आधुनिक खेल अधोसंरचना विकसित कर प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि देश के प्रथम ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ का आयोजन छत्तीसगढ़ में होना राज्य के लिए गौरव का विषय है। यह आयोजन न केवल जनजातीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान करेगा, बल्कि उनकी सांस्कृतिक पहचान और आत्मविश्वास को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।

उल्लेखनीय है कि रमेश तावड़कर के नेतृत्व में गोवा सरकार का प्रतिनिधिमंडल ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ में सहभागिता हेतु छत्तीसगढ़ प्रवास पर है। यह प्रतिनिधिमंडल खेल आयोजन में भागीदारी के साथ-साथ छत्तीसगढ़ मुक्तांगन, आदिवासी संग्रहालय सहित राज्य की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और विरासत से जुड़े विभिन्न स्थलों का अवलोकन भी करेगा।

खेल प्रतिभाओं को नया आसमान देने सरकार प्रतिबद्ध — मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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खेल प्रतिभाओं को नया आसमान देने सरकार प्रतिबद्ध — मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
छत्तीसगढ़ की धरती आज एक ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनी, जब राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज ग्राउंड में देश के प्रथम ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026’ का भव्य शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस राष्ट्रीय आयोजन की आधिकारिक घोषणा करते हुए स्पष्ट किया कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और खेल अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। इस गरिमामयी अवसर पर केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। यह खेल महाकुंभ 25 मार्च से 3 अप्रैल तक रायपुर के साथ-साथ बस्तर और सरगुजा में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देशभर के 30 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों से लगभग 2500 खिलाड़ी 9 खेल विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। कार्यक्रम में हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप तिर्की और ओलंपिक पदक विजेता सु साइखोम मीराबाई चानू की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गौरव प्रदान किया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए सौभाग्य का विषय है कि प्रभु श्रीराम के ननिहाल में देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन हो रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया का छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता की ओर से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य में खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। बस्तर ओलंपिक में 4 लाख तथा सरगुजा ओलंपिक में साढ़े तीन लाख लोगों की भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि जनजातीय समाज में खेलों के प्रति गहरी रुचि है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि आत्मसमर्पित नक्सली भी ‘नुआबाट’ (नई राह) के माध्यम से मुख्यधारा में लौटकर इन आयोजनों में सहभागी बने—जो परिवर्तन और विश्वास का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार में खेलों को लेकर उत्साह और प्रयास दोनों दोगुने हैं। राज्य सरकार ने ‘मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन’ की शुरुआत की है, जिसके अंतर्गत खेल अधोसंरचना निर्माण और प्रतिभाओं के चिन्हांकन के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने बताया कि रायपुर और बिलासपुर में खेलो इंडिया के तहत रेजिडेंशियल अकादमियां संचालित हैं, जबकि जशपुर, रायगढ़ और रायपुर में इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जा रहा है। राज्य सरकार ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए ओलंपिक में चयनित खिलाड़ियों को 21 लाख रुपए, स्वर्ण पदक विजेताओं को 3 करोड़, रजत पदक विजेताओं को 2 करोड़ और कांस्य पदक विजेताओं को 1 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि निर्धारित की है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि नवा रायपुर में स्थित देश के दूसरे सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम का नामकरण जनजातीय नायक शहीद वीर नारायण सिंह के नाम पर किया गया है, जो राज्य के गौरव और प्रेरणा के प्रतीक हैं।
जनजातीय संस्कृति, इतिहास और गौरव से जुड़ा आयोजन
मुख्यमंत्री ने देशभर से आए खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ न केवल प्रभु श्रीराम का ननिहाल है, बल्कि यह जनजातीय शौर्य और बलिदान की भूमि भी है। उन्होंने शहीद वीर नारायण सिंह, गेंद सिंह और गुण्डाधुर जैसे नायकों का उल्लेख करते हुए बताया कि नवा रायपुर में उनके सम्मान में म्यूजियम बनाया गया है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया है। उन्होंने खिलाड़ियों से इस म्यूजियम का अवलोकन करने का आग्रह भी किया।

केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की शुरुआत छत्तीसगढ़ से होना ऐतिहासिक है और आने वाले वर्षों में भी यह श्रृंखला जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि एक संतुलित जीवन शैली है।उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेल संस्कृति के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘फिट इंडिया’ और ‘खेलो इंडिया’ जैसे अभियानों ने खेलों को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि देश की 65 प्रतिशत से अधिक युवा आबादी में अपार क्षमता है और अब खेल प्रतिभाएं केवल शहरों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जनजातीय क्षेत्रों से भी उभर रही हैं।

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि नवरात्रि के पावन अवसर पर भगवान राम के ननिहाल में इस आयोजन का शुभारंभ होना अत्यंत शुभ संयोग है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के जनजातीय समाज ने सदैव देश को वीरता और परिश्रम की प्रेरणा दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खेलों को नई दिशा मिल रही है और ‘ट्राइबल गेम्स’ इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि यह आयोजन ऐतिहासिक है और देशभर से आए खिलाड़ियों के स्वागत के लिए पूरा छत्तीसगढ़ उत्साहित है। उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स जनजातीय प्रतिभाओं को विश्व मंच तक ले जाने का सशक्त माध्यम बनेगा और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा किए जा रहे प्रयासों का लाभ प्रदेश के खिलाड़ियों को मिलेगा।

इस अवसर पर संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक सुनील सोनी, अनुज शर्मा, मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, इंद्र कुमार साव, महापौर मीनल चौबे, मुख्य सचिव विकासशील सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण, बड़ी संख्या में खेल प्रेमी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

हाई कोर्ट में सोम डिस्टिलरीज की याचिका खारिज

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हाई कोर्ट में सोम डिस्टिलरीज की याचिका खारिज
मंगलवार को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सोम डिस्टिलरीज से जुड़ी याचिका खारिज करते हुए एक्साइज कमिश्नर द्वारा 8 लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई को सही ठहराया। जस्टिस विवेक अग्रवाल की बेंच ने 32 पन्नों के फैसले में कहा कि शराब का व्यापार मौलिक अधिकार नहीं है और नियम उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई वैध है।
एक्साइज विभाग ने 4 फरवरी 2026 के आदेश से Som Distilleries Pvt. Ltd. और Som Distilleries and Breweries Pvt. Ltd. के कुल 8 लाइसेंस सस्पेंड किए थे। यह कार्रवाई 26 फरवरी 2024 के शो-कॉज नोटिस के आधार पर हुई थी, जिसमें फर्जी परमिट से शराब परिवहन के आरोप थे।
कंपनियों ने पुराने नोटिस को आधारहीन बताया
कंपनियों ने दलील दी कि नोटिस 2023-24 की अवधि से जुड़ा था और 31 मार्च 2024 को लाइसेंस समाप्त हो चुके थे। नए लाइसेंस जारी होने के बाद पुराने नोटिस के आधार पर कार्रवाई को अवैध बताया गया।
राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता हरप्रीत सिंह रूपराह और शासकीय अधिवक्ता मानस मणि वर्मा ने कहा कि एक्साइज एक्ट के तहत कार्रवाई का अधिकार स्पष्ट है और नियमों का पालन अनिवार्य है।
‘नियमों के उल्लंघन पर लाइसेंस सस्पेंड करना वैध’
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि शराब का कारोबार पूरी तरह सरकारी नियंत्रण में है। नियमों के उल्लंघन पर लाइसेंस सस्पेंड या रद्द करना कानूनन वैध है।
कोर्ट ने कहा कि शो-कॉज नोटिस किसी अवधि तक सीमित नहीं होता। गंभीर आरोप होने पर बाद में भी कार्रवाई संभव है और पुराने उल्लंघन नए लाइसेंस को प्रभावित कर सकते हैं।
धोखाधड़ी साबित होने पर दलीलें कमजोर
फैसले में कहा गया कि धोखाधड़ी किसी भी कानूनी प्रक्रिया को प्रभावित करती है। एक बार आरोप साबित होने पर अन्य दलीलें कमजोर हो जाती हैं।
कोर्ट ने कहा कि डिस्टिलिंग, ब्रूइंग और बॉटलिंग जैसी गतिविधियों में गंभीर उल्लंघन होने पर व्यापक कार्रवाई उचित है। यह निर्णय “प्रोपोर्शनैलिटी टेस्ट” पर खरा उतरता है।

भूमि अधिग्रहण के मुआवजे और उस पर ब्याज वित्तीय बोझ पर निर्भर नहीं -सुप्रीम कोर्ट

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भूमि अधिग्रहण के मुआवजे और उस पर ब्याज वित्तीय बोझ पर निर्भर नहीं -सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि भूमि अधिग्रहण मामलों में उचित मुआवजे की सांविधानिक गारंटी को कम नहीं किया जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि क्षतिपूर्ति और ब्याज वित्तीय बोझ की मात्रा पर निर्भर नहीं हो सकते। शीर्ष अदालत ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) की समीक्षा याचिका खारिज कर दी।

क्या है मामला?
एनएचएआई ने 4 फरवरी, 2025 के फैसले की समीक्षा मांगी थी। इस फैसले में कहा गया था कि 2019 का निर्णय पूर्वव्यापी रूप से लागू होगा। 2019 के फैसले में एनएचएआई अधिनियम के तहत अधिग्रहित भूमि के किसानों को मुआवजा और ब्याज देने की बात थी। पीठ ने कहा कि भूस्वामियों को देय ब्याज भूमि अधिग्रहण अधिनियम के अनुसार नौ फीसदी होगा। यह एनएचएआई अधिनियम के पांच फीसदी की सीमा के अनुसार नहीं होगा। एनएचएआई ने दावा किया था कि वित्तीय देनदारी 29,000 करोड़ रुपये होगी। पहले यह राशि 100 करोड़ रुपये बताई गई थी। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि वित्तीय देनदारी का अनुमान समीक्षा का वैध आधार नहीं है।

दावों का स्पष्टीकरण
हालांकि, पीठ ने कहा कि उसके पिछले निर्णयों को सीमित स्पष्टीकरण की आवश्यकता है। यह निर्णय के दायरे और प्रभाव की सुसंगत समझ सुनिश्चित करने के लिए है। यह निर्विवाद है कि राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम के तहत अधिग्रहित भूमि के भूस्वामी क्षतिपूर्ति और ब्याज के हकदार हैं। ये उचित मुआवजे का हिस्सा हैं।

अंतिम दावों को दोबारा नहीं खोला जाएगा
कोर्ट ने कहा कि सभी भूस्वामियों के दावे एक समान नहीं हैं। कई मामलों में भूस्वामियों ने मुआवजे या लाभ बढ़ाने के लिए विभिन्न उपाय किए हैं। अदालत का मानना है कि अंतिम रूप से तय किए गए दावों को दोबारा खोलने की अनुमति नहीं दी जा सकती। भूस्वामियों के अधिकारों और मुकदमेबाजी में निश्चितता के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। 23 फरवरी को कोर्ट ने कहा था कि मार्च 2018 से पहले के मामलों को दोबारा नहीं खोला जा सकता।

ट्रंप ने ईरान को भेजा 15 सूत्रीय युद्धविराम प्रस्ताव

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ट्रंप ने ईरान को भेजा 15 सूत्रीय युद्धविराम प्रस्ताव
डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने ईरान को 15 सूत्रीय युद्धविराम प्रस्ताव पेश किया है। यह जानकारी एक ऐसे व्यक्ति ने दी, जिसे इसकी जानकारी है, लेकिन उसे सार्वजनिक रूप से इस मुद्दे पर बोलने की अनुमति नहीं है। यह युद्धविराम प्रस्ताव पाकिस्तान के मध्यस्थों के जरिए ईरान को सौंपा गया है। पाकिस्तान द्वारा ही अमेरिका और तेहरान के बीच मध्यस्थता बातचीत की मेजबानी की पेशकश की गई है।

युद्धविराम प्रस्ताव के साथ ही सैनिकों की तैनाती भी बढ़ा रहा अमेरिका
अमेरिका द्वारा ईरान को यह प्रस्ताव ऐसे समय भेजा गया है जब अमेरिकी सेना क्षेत्र में पहले से तैनात लगभग 50,000 सैनिकों के अलावा अपनी 82वीं एयरबोर्न डिवीजन से कम से कम 1,000 और सैनिकों को पश्चिम एशिया में तैनात करने की तैयारी कर रही है। द न्यूयॉर्क टाइम्स ने मंगलवार को अपनी रिपोर्ट में बताया था कि 15 सूत्रीय योजना ईरानी अधिकारियों को सौंप दी गई है। इस बीच, पेंटागन दो मरीन यूनिट्स की तैनाती की प्रक्रिया में भी है, जिससे क्षेत्र में करीब 5,000 मरीन और हजारों नाविकों की अतिरिक्त तैनाती की जाएगी।

इस्राइल ने ईरान को युद्धविराम प्रस्ताव पर जताई हैरानी
वहीं इस्राइल की सरकार, जो ट्रंप से ईरान के खिलाफ युद्ध जारी रखने की वकालत कर रही थी, वे अमेरिकी प्रशासन द्वारा युद्धविराम प्रस्ताव भेजे जाने से हैरान है। मध्य पूर्व में अतिरिक्त सैनिक और मरीन भेजने की अमेरिकी तैयारियों के बीच इस कदम को ट्रंप की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि युद्धविराम के चलते अमेरिका को आगे की रणनीति बनाने और सैनिकों की तैनाती का समय मिल गया है। ताकि ईरान अगर युद्धविराम पर सहमत नहीं होता है तो आगे के फैसलों को बेहतर तरीके से लागू किया जा सके। व्हाइट हाउस ने इस मामले पर टिप्पणी के अनुरोधों का कोई जवाब नहीं दिया।

शांति वार्ता में हैं कई चुनौतियां
अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत को कई बड़ी चुनौतियों का सामना कर सकती है। खासकर ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका की सख्ती अभी भी बनी हुई है।
वहीं इस्राइल ने ईरानी नेतृत्व को निशाना बनाना जारी रखने की बात कही है।

कूटनीतिक स्थिति पर विरोधाभास
ट्रंप ने व्हाइट हाउस में कहा कि अमेरिका बातचीत कर रहा है और इसमें स्टीव विटकॉफ, जारेड कुश्नर, विदेश मंत्री मार्को रुबियो और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस शामिल हैं। वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची विभिन्न देशों के समकक्षों से चर्चा कर रहे हैं, लेकिन ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर ने अमेरिका के साथ सीधी वार्ता से इनकार किया है। ईरानी सेना ने भी साफ कहा है कि पूरी जीत तक सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी।

कूटनीतिक बातचीत की चर्चाओं के बीच भी हिंसा जारी
इस्राइल के ईरान पर हमले जारी हैं। वहीं ईरान ने भी इस्राइल पर हमले किए हैं। लेबनान, बहरीन, कुवैत और सऊदी अरब सहित पूरे क्षेत्र में हमले हुए हैं। इस्राइल ने बेरूत के दक्षिणी इलाकों में भी हमले किए, जहां ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया गया। इस बीच, लेबनान ने ईरान के राजदूत को देश छोड़ने का आदेश दे दिया है और ईरानी उड़ानों पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। इससे ईरान और लेबनान के संबंधों में भी तनाव बढ़ गया है।

मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समेत समस्‍त दिग्‍गजो ने जन्म दिवस की शुभकामनाएं दीं

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मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समेत समस्‍त दिग्‍गजो ने जन्म दिवस की शुभकामनाएं दीं
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आज 25 मार्च को जन्म दिवस है। इस अवसर पर देश और प्रदेश से जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने उनके दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना की। राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में लोगों और कार्यकर्ताओं ने सुबह से ही कई तरह की गतिविधियां कर राज्य के मुखिया का जन्मदिन मनाना शुरू कर दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन सहित कई हस्तियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बधाई दी और कहा कि उनके नेतृत्व में मध्य प्रदेश लगातार विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। शुभकामना संदेशों में उनके सरल स्वभाव, कर्मठ कार्यशैली और जनहित के प्रति समर्पण की विशेष सराहना की गई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को उनके जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनाएं। वे मध्य प्रदेश के सर्वांगीण विकास को आगे बढ़ाने वाली कई महत्वपूर्ण पहलों में अग्रणी हैं। उनके दीर्घायु, स्वस्थ और सुखमय जीवन की कामना करते हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं आपके नेतृत्व में प्रदेश विकास और जनकल्याण के नए आयाम छू रहा है। प्रभु महाकाल आपको उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु प्रदान करें। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को जन्मदिन पर हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाएं। ईश्वर से आपके स्वस्थ, सुदीर्घ और प्रफुल्लित जीवन की कामना करता हूं।

उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और मंगलमय जीवन की प्रार्थना
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और मंगलमय जीवन की प्रार्थना करता हूं। वहीं, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को जन्मदिन की आत्मीय बधाई। बाबा महाकाल से आपके उत्तम स्वास्थ्य, सुदीर्घ और यशस्वी जीवन के लिए प्रार्थना करता हूं। आपके कुशल नेतृत्व में मध्य प्रदेश निरंतर विकास और उन्नति के पथ पर अग्रसर रहे, सभी नागरिकों के जीवन में खुशहाली व आनंद उत्तरोत्तर बढ़े, यही कामना करता हूं।

केंद्रीय मंत्री गिरीराज सिंह ने कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, आपको जन्मदिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। बाबा महाकाल से आपके उत्तम स्वस्थ एवं दीर्घायु की कामना करता हूं। दूसरी ओर, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मध्य प्रदेश के ऊर्जावान एवं लोकप्रिय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को जन्मदिन की हार्दिक एवं अनंत शुभकामनाएं। प्रदेश के सर्वांगीण विकास हेतु आपका समर्पण और दृढ़ प्रतिबद्धता निरंतर जनमानुष को नई ऊर्जा प्रदान कर रही है। कामना है कि आप इसी संकल्प के साथ मध्य प्रदेश को नई ऊंचाइयों पर अग्रसर करते रहें। बाबा महाकाल से आपके उत्तम स्वास्थ्य, सुदीर्घ एवं यशस्वी जीवन की मंगलकामना करता हूं।

राष्ट्र की सेवा में समर्पित मुख्यमंत्री
केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को हार्दिक जन्मदिन की शुभकामनाएं। कामना है कि आपका नेतृत्व राज्य को निरंतर प्रगति, समृद्धि और समावेशी विकास की ओर मार्गदर्शन करता रहे। आपको अच्छा स्वास्थ्य, असीम शक्ति तथा राष्ट्र की सेवा में समर्पित और भी कई वर्षों की शुभकामनाएं। केंद्रीय मंत्री देवेंद्र प्रधान ने कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। महाकाल की कृपा से आप सदैव ऊर्जावान और जनसेवा के प्रति समर्पित रहें। आपके नेतृत्व में मध्य प्रदेश प्रगति, सुशासन और जनकल्याण के नए आयाम स्थापित करता रहे, इसी शुभेच्छा के साथ आपके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना है।

सभी संकल्पों के सिद्ध होने की कामना
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा जनसेवा को समर्पित, ऊर्जावान नेतृत्व के धनी, मध्य प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को जन्मदिन की हार्दिक बधाई। बाबा महाकाल से आपके उत्तम स्वास्थ्य, सुदीर्घ तथा सुयशपूर्ण जीवन की प्रार्थना है। उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, आपको जन्मदिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। बाबा महाकाल से आपके उत्तम स्वास्थ एवं दीर्घायु की कामना करता हूं। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सोशल मीडिया पर बधाई दी। उन्होंने लिखा, मध्यप्रदेश के ऊर्जावान एवं कर्मठ मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, आपको जन्मदिन की आत्मीय बधाई एवं शुभकामनाएं। राज्य के सर्वांगीण विकास और जनकल्याण के आपके सभी संकल्प सिद्ध हों। बाबा महाकाल से आपके उत्तम स्वास्थ्य, सुदीर्घ और यशस्वी जीवन की कामना करता हूं।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को जन्मदिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। प्रभु बदरी विशाल से आपके सुखद, आरोग्यपूर्ण एवं मंगलमय जीवन की प्रार्थना करता हूं। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कहा, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना करता हूं।

केन्द्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया करेंगे देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का शुभारंभ

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केन्द्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया करेंगे देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का शुभारंभ
केन्द्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया 25 मार्च को छत्तीसगढ़ की मेजबानी में देश में पहली बार हो रहे खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शुभारंभ कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव अति विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह में शामिल होंगे।

केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू, छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा शुभारंभ कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। राज्य शासन के सभी मंत्रीगण, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर जिले के सभी विधायकगण, महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष और छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष भी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

शाम साढ़े पांच बजे पहुंचेंगे केन्द्रीय मंत्री मांडविया
केन्द्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया 25 मार्च को खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का शुभारंभ करने नई दिल्ली से शाम साढ़े पांच बजे रायपुर पहुंचेंगे। वे शाम छह बजे साइंस कॉलेज परिसर में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का शुभारंभ करने के बाद रात दस बजे नई दिल्ली के लिए वापस रवाना होंगे।

चैत्र नवरात्रि में पढ़ें माता के 18 मंत्र, दुर्गासप्तशती पाठ करने के समान मिलता है फल

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चैत्र नवरात्रि में पढ़ें माता के 18 मंत्र, दुर्गासप्तशती पाठ करने के समान मिलता है फल
महाशक्ति की आराधना का पर्व है नवरात्रि. दुर्गा सप्तशती के अन्तर्गत देव दानव युद्ध का विस्तृत वर्णन है. इसमें देवी भगवती और मां पार्वती ने किस प्रकार से देवताओं के साम्राज्य को स्थापित करने के लिए तीनों लोकों में उत्पात मचाने वाले महादानवों से लोहा लिया इसका वर्णन आता है.

यही कारण है कि आज सारे भारत में हर जगह दुर्गा यानि नवदुर्गाओं के मन्दिर स्थपित हैं. हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र मास की शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि 19 मार्च को सुबह 6:52 मिनट पर शुरू होगी और तिथि का समापन 20 मार्च की सुबह 4:52 मिनट पर होगा. इसलिए इस वर्ष चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च को घटस्थापना के साथ होगी. उदया तिथि के अनुसार इस साल चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू होगी और इसका समापन 27 मार्च को होगा. चैत्र नवरात्रि प्रतिपदा तिथि से ही नया हिंदू वर्ष प्रारंभ हो जाता है.

सर्वमंगलमंगलये शिवे सर्वार्थसाधिके. शरण्ये त्रयम्बके गौरि नारायणि नमोऽतु ते.. शरणांगतदीन आर्त परित्राण परायणे सर्वस्यार्तिहरे देवी नारायणि नमोऽस्तु ते.. सर्वस्वरूपे सर्वेशे सर्वशक्तिसमन्विते. भयेभ्यारत्नाहि नो देवि दुर्गे देवि नमोऽस्तु ते ..

वैसे तो दुर्गा के 108 नाम गिनाये जाते हैं लेकिन नवरात्रों में उनके स्थूल रूप को ध्यान में रखते हुए नौ दुर्गाओं की स्तुति और पूजा पाठ करने का गुप्त मंत्र ब्रहमा जी ने अपने पौत्र मार्कण्डेय ऋषि को दिया था. इसको देवीकवच भी कहते हैं. देवीकवच का पूरा पाठ दुर्गा सप्तशती के 56 श्लोकों के अन्दर मिलता है. नौ दुर्गाओं के स्वरूप का वर्णन संक्षेप में ब्रहमा जी ने इस प्रकार से किया है.

प्रथमं शैलपुत्री च द्वितीयं ब्रहमचारिणी.तृतीयं चन्द्रघण्टेति कूष्माण्डेति चतुर्थकम्..

पंचमं स्क्न्दमातेति षष्ठं कात्यायनीति च.सप्तमं कालरात्रीति

महागौरीति चाष्टमम्.नवमं सिद्धिदात्री च नवदुर्गाः प्रकीर्तिताः

नौ दुर्गाओं ने देव दानव युद्ध में विशेष भूमिका निभाई है इनकी सम्पूर्ण कथा देवी भागवत पुराण और मार्कण्डेय पुराण में लिखित है. शिव पुराण में भी इन दुर्गाओं के उत्पन्न होने की कथा का वर्णन आता है कि कैसे हिमालय राज की पुत्री पार्वती ने अपने भक्तों को सुरक्षित रखने के लिए तथा धरती आकाश पाताल में सुख शान्ति स्थापित करने के लिए दानवों राक्षसों और आतंक फैलाने वाले तत्वों को नष्ट करने की प्रतीज्ञा की ओर समस्त नवदुर्गाओं को विस्तारित करके उनके 108 रूप धारण करने से तीनों लोकों में दानव और राक्षस साम्राज्य का अन्त किया.

इन नौदुर्गाओं में सबसे प्रथम देवी का नाम है शैल पुत्री जिसकी पूजा नवरात्र के पहले दिन होती है.
दूसरी देवी का नाम है ब्रहमचारिणी जिसकी पूजा नवरात्र के दूसरे दिन होती है.
तीसरी देवी का नाम है चन्द्रघण्टा जिसकी पूजा नवरात्र के तीसरे दिन होती है.
चौथी देवी का नाम है कूष्माण्डा जिसकी पूजा नवरात्र के चौथे दिन होती है.
पांचवी दुर्गा का नाम है स्कन्दमाता जिसकी पूजा नवरात्र के पांचवें दिन होती है.
छठी दुर्गा का नाम है कात्यायनी जिसकी पूजा नवरात्र के छठे दिन होती है.
सातवी दुर्गा का नाम है कालरात्रि जिसकी पूजा नवरात्र के सातवें दिन होती है.
आठवीं देवी का नाम है महागौरी जिसकी पूजा नवरात्र के आठवें दिन होती है.
नवीं दुर्गा का नाम है सिद्धिदात्री जिसकी पूजा नवरात्र के अन्तिम दिन होती है.
इन सभी दुर्गाओं के प्रकट होने और इनके कार्यक्षेत्र की बहुत लम्बी चौड़ी कथा और फेहरिस्त है. लेकिन यहां हम संक्षेप में ही उनकी पूजा अर्चना का वर्णन कर सकेंगे.

हर समस्या का समाधान हैं ये श्लोक

नवरात्र में शक्ति साधना व कृपा प्राप्ति का का सरल उपाय दुर्गा सप्तशती का पाठ है. नवरात्र के दिवस काल में सविधि मां के कलश स्थापना के साथ शतचंडी, नवचंडी, दुर्गा सप्तशती और देवी अथर्वशीर्ष का पाठ किया जाता है.

दुर्गा सप्तशती के पाठ के कई विधि विधान है. दुर्गा सप्तशती महर्षि वेदव्यास रचित मार्कण्डेय पुराण के सावर्णि मन्वतर के देवी महात्म्य के 700 श्लोक का एक भाग है. दुर्गा सप्तशती में अध्याय एक से तेरह तक तीन चरित्र विभाग हैं. इसमें 700 श्लोक हैं.

दुर्गा सप्तशती के छह अंग तेरह अध्याय को छोड़कर हैं. कवच, कीलक, अर्गला दुर्गा सप्तशती के प्रथम तीन अंग और प्रधानिक आदि तीन रहस्य हैं. इसके अलावा और कई मंत्र भाग है जिसे पूरा करने से दुर्गा सप्तशती पाठ की पूर्णता होती है. इस संदर्भ में विद्वानों में मतांतर है. दुर्गा-सप्तशती को दुर्गा-पाठ, चंडी-पाठ से भी संबोधित करते हैं. चंडी पाठ में छह संवाद है.

महर्षि मेधा ने सर्वप्रथम राजा सुरथ और समाधि वैश्य को दुर्गा का चरित्र सुनाया. तदनंतर यही कथा महर्षि मृकण्डु के पुत्र चिरंजीवी मार्कण्डेय ने मुनिवर भागुरि को सुनाई. यही कथा द्रोण पुत्र पक्षिगण ने महर्षि जैमिनी से कही. जैमिनी महर्षि वेदव्यास जी के शिष्य थे. यही कथा संवाद महर्षि वेदव्यास ने मार्कण्डेय पुराण में यथावत् क्रम वर्णन कर लोकोपकार के लिए संसार में प्रचारित की. इस प्रकार दुर्गा सप्तशती में दुर्गा के चरित्रों का वर्णन है.

दुर्गा सप्तशती पाठ क्यों है शक्तिशाली

मार्कण्डेय पुराण में ब्रह्माजी ने मनुष्यों के रक्षार्थ परम गोपनीय साधन, कल्याणकारी देवी कवच एवं परम पवित्र उपाय संपूर्ण प्राणियों को बताया, जो देवी के नौ मूर्ति-स्वरूप हैं, जिन्हें ‘नव दुर्गा’ कहा जाता है. उनकी आराधना आश्विन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से महानवमी तक की जाती है.

माता के 18 शक्तिशाली मंत्र

श्री दुर्गा सप्तशती का पाठ मनोरथ सिद्धि के लिए किया जाता है; क्योंकि श्री दुर्गा सप्तशती दैत्यों के संहार की शौर्य गाथा से अधिक कर्म, भक्ति एवं ज्ञान की त्रिवेणी हैं. यह श्री मार्कण्डेय पुराण का अंश है. यह देवी महात्म्य धर्म, अर्थ, काम एवं मोक्ष चारों पुरुषार्थों को प्रदान करने में सक्षम है. सप्तशती में कुछ ऐसे भी स्तोत्र एवं मंत्र हैं, जिनके विधिवत पारायण से इच्छित मनोकामना की पूर्ति होती है.

देवी का ध्यान मंत्रः देवी प्रपन्नार्तिहरे प्रसीद प्रसीद मातर्जगतोsखिलस्य. प्रसीद विश्वेतरि पाहि विश्वं त्वमीश्चरी देवी चराचरस्य.

इस प्रकार भगवती से प्रार्थना कर भगवती के शरणागत हो जाएं. देवी कई जन्मों के पापों का संहार कर भक्त को तार देती है. वही जननी सृष्टि की आदि, अंत और मध्य है.

देवी से प्रार्थना करें: शरणागत-दीनार्त-परित्राण-परायणे! सर्वस्यार्तिंहरे देवि! नारायणि! नमोऽस्तुते॥
सर्वकल्याण एवं शुभार्थ प्रभावशाली माना गया हैः सर्व मंगलं मांगल्ये शिवे सर्वाथ साधिके. शरण्येत्र्यंबके गौरी नारायणि नमोस्तुऽते॥
बाधा मुक्ति एवं धन-पुत्रादि प्राप्ति के लिएः सर्वाबाधा विनिर्मुक्तो धन-धान्य सुतान्वितः. मनुष्यों मत्प्रसादेन भवष्यति न संशय॥
सर्वबाधा शांति के लिएः सर्वाबाधा प्रशमनं त्रैलोक्यस्याखिलेश्वरि. एवमेव त्वया कार्यमस्मद्दैरिविनाशनम्..
आरोग्य एवं सौभाग्य प्राप्ति के लिए इस चमत्कारिक फल देने वाले मंत्र को स्वयं देवी दुर्गा ने देवताओं को दिया हैः देहि सौभाग्यं आरोग्यं देहि में परमं सुखम्. रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषोजहि॥
अर्थातः शरण में आए हुए दीनों एवं पीडि़तों की रक्षा में संलग्न रहने वाली तथा सब की पीड़ा दूर करने वाली नारायणी देवी! तुम्हें नमस्कार है. देवी से प्रार्थना कर अपने रोग, अंदरूनी बीमारी को ठीक करने की प्रार्थना भी करें. ये भगवती आपके रोग को हरकर आपको स्वस्थ कर देंगी.

विपत्ति नाश के लिएः शरणागतर्दनार्त परित्राण पारायणे. सर्व स्यार्ति हरे देवि नारायणि नमोऽतुते॥

मोक्ष प्राप्ति के लिएः त्वं वैष्णवी शक्तिरनन्तवीर्या. विश्वस्य बीजं परमासि माया.. सम्मोहितं देवि समस्तमेतत्. त्वं वैप्रसन्ना भुवि मुक्त हेतु:..

शक्ति प्राप्ति के लिएः सृष्टिस्थितिविनाशानां शक्तिभूते सनातनि. गुणाश्रये गुणमये नारायणि नमोह्यस्तु ते..

अर्थातः तुम सृष्टि, पालन और संहार की शक्ति भूता, सनातनी देवी, गुणों का आधार तथा सर्वगुणमयी हो. नारायणि! तुम्हें नमस्कार है.

रक्षा का मंत्रः शूलेन पाहि नो देवि पाहि खड्गेन चाम्बिके. घण्टास्वनेन न: पाहि चापज्यानि: स्वनेन च..

अर्थातः देवी! आप शूल से हमारी रक्षा करें. अम्बिके! आप खड्ग से भी हमारी रक्षा करें तथा घण्टा की ध्वनि और धनुष की टंकार से भी हमलोगों की रक्षा करें.

रोग नाश का मंत्रः रोगानशेषानपहंसि तुष्टा रुष्टा तु कामान सकलानभीष्टान्. त्वामाश्रितानां न विपन्नराणां त्वामाश्रिता हाश्रयतां प्रयान्ति.

अर्थातः देवी! तुम प्रसन्न होने पर सब रोगों को नष्ट कर देती हो और कुपित होने पर मनोवांछित सभी कामनाओं का नाश कर देती हो. जो लोग तुम्हारी शरण में जा चुके है. उनको विपत्ति तो आती ही नहीं. तुम्हारी शरण में गए हुए मनुष्य दूसरों को शरण देने वाले हो जाते हैं.

दु:ख-दारिद्र नाश के लिएः दुर्गे स्मृता हरसि भीतिमशेषजन्तो:. स्वस्थै स्मृता मतिमतीव शुभां ददासि.. द्रारिद्र दु:ख भयहारिणि का त्वदन्या. सर्वोपकारकारणाय सदाह्यद्र्रचिता..

ऐश्वर्य, सौभाग्य, आरोग्य, संपदा प्राप्ति एवं शत्रु भय मुक्ति-मोक्ष के लिएः ऐश्वर्य यत्प्रसादेन सौभाग्य-आरोग्य सम्पदः. शत्रु हानि परो मोक्षः स्तुयते सान किं जनै॥

भय नाशक दुर्गा मंत्रः सर्व स्वरूपे सर्वेशे सर्वशक्ति समन्विते, भयेभ्यास्त्रहिनो देवी दुर्गे देवी नमोस्तुते.

स्वप्न में कार्य सिद्घि-असिद्घि जानने के लिएः दुर्गे देवि नमस्तुभ्यं सर्वकामार्थ साधिके. मम सिद्घिमसिद्घिं वा स्वप्ने सर्व प्रदर्शय..

अर्थातः शरणागत की पीड़ा दूर करने वाली देवी हम पर प्रसन्न होओ. संपूर्ण जगत माता प्रसन्न होओ. विश्वेश्वरी! विश्व की रक्षा करो. देवी! तुम्ही चराचर जगत की अधिश्वरी हो.

मां के कल्याणकारी स्वरूप का वर्णनः सृष्टिस्थिति विनाशानां शक्तिभूते सनातनि. गुणाश्रये गुणमये नारायणि! नमोऽस्तुते॥

अर्थातः हे देवी नारायणी! तुम सब प्रकार का मंगल प्रदान करने वाली मंगलमयी हो. कल्याणदायिनी शिवा हो. सब पुरुषार्थों को सिद्ध करने वाली शरणागतवत्सला, तीन नेत्रों वाली एवं गौरी हो, तुम्हें नमस्कार है. तुम सृष्टि पालन और संहार की शक्तिभूता सनातनी देवी, गुणों का आधार तथा सर्वगुणमयी हो. नारायणी! तुम्हें नमस्कार है.

इस प्रकार देवी उनकी शरण में जाने वालों को इतनी शक्ति प्रदान कर देती है कि उस मनुष्य की शरण में दूसरे लोग आने लग जाते हैं. देवी धर्म के विरोधी दैत्यों का नाश करने वाली है. देवताओं की रक्षा के लिए देवी ने दैत्यों का वध किया. वह आपके आतंरिक एवं बाह्य शत्रुओं का नाश करके आपकी रक्षा करेगी. आप बारंबार उसकी शरणागत हो एवं स्वरमय प्रार्थना करें.

तुम तीनों लोकों की समस्त बाधाओं को शांत करो और हमारे शत्रुओं का नाश करती रहो. पुन: भगवती के शरणागत जाकर भगवती चरित्र को पढ़ने, उनका गुणगान करने मात्र से सर्वबाधाओं से मुक्त होकर धन, धान्य एवं पुत्र से संपन्न होंगे. इसमें तनिक भी संदेह नहीं. भगवती के प्रादुर्भाव की सुंदर गाथाएं सुनकर मनुष्य निर्भय हो जाता है. मुझे अनुभव है कि भगवती के माहात्म्य को सुनने वाले पुरुष के सभी शत्रु नष्ट हो जाते हैं.

उन्हें कल्याण की प्राप्ति होती है तथा उनका कुल आनंदित रहता है. स्वयं भगवती का वचन है कि मेरी शरण में आया हर व्यक्ति दु:ख से परे हो जाता है. यदि आप संगणित है तथा और आपके बीच दूरियां हो गई हैं तो आप पुन: संगठित हो जाएंगे. बालक अशांत है तो शांतिमय जीवन हो जाएगा.

श्लोकः शांतिकर्मणि सर्वत्र तथा दु:स्वप्रदर्शने. ग्रहपीड़ासु चोग्रासु महात्मयं शणुयात्मम.

अर्थातः सर्वत्र शांति कर्म में, बुरे स्वप्न दिखाई देने पर तथा ग्रहजनित भयंकर पीड़ा उपस्थित होने पर माहात्म्य श्रवण करना चाहिए. इससे सब पीड़ाएं शांत और दूर हो जाती है. मनुष्यों के दु:स्वप्न भी शुभ स्वप्न में परिवर्तित हो जाते है. ग्रहों से अक्रांत हुए बालकों के लिए देवी का माहात्म्य शांतिकारक है. देवी प्रसन्न होकर धार्मिक बुद्धि, धन सभी प्रदान करती है. स्तुता सम्पूजिता पुष्पैर्धूपगंधादिभिस्तथा ददाति वित्तं पुत्रांश्च मति धर्मे गति शुभाम्.

जाप विधिः नवरात्रि के प्रतिपदा के दिन घटस्थापना के बाद संकल्प लें.
प्रातः स्नान करके दुर्गा की मूर्ति या चित्र की पंचोपचार या दक्षोपचार या षोड्षोपचार से गंध, पुष्प, धूप, दीपक नैवेद्य निवेदित कर पूजा करें.
मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रखें. शुद्ध-पवित्र आसन ग्रहण कर रुद्राक्ष या तुलसी या चंदन की माला से मंत्र का जाप एक माला से पांच माला तक पूर्ण कर अपना मनोरथ कहें.
पूरे नवरात्र जाप करने से वांछित मनोकामना अवश्य पूरी होती है. समयाभाव में केवल 10 बार मंत्र का जाप निरंतर प्रतिदिन करने पर भी माँ दुर्गा प्रसन्न हो जाती हैं. दुर्गेदुर्गति नाशिनी जय जय॥
श्लोकः नमो देव्यै महादेव्यै शिवायै सततंनम:. नम: प्रकृत्यै भद्राये नियता: प्रणता: स्मताम्.

देवी को नमस्कार है, महादेवी शिवा को सर्वदा नमस्कार है. प्रकृति एवं भद्रा को प्रणाम है. हम लोग नियमपूर्वक जगदंबा को नमस्कार करते हैं. शैद्रा को नमस्कार है. नित्या गौरी एवं धात्री को बारंबार नमस्कार है. ज्योत्सनामयी चंद्ररूपिणी एवं सुखस्वरूपा देवी को सतत प्रणाम है. इस प्रकार देवी दुर्गा का स्मरण कर प्रार्थना करने मात्र से देवी प्रसन्न होकर अपने भक्तों की इच्छा पूर्ण करती है. देवी मां दुर्गा अपनी शरण में आए हर शरणार्थी की रक्षा कर उसका उत्थान करती है. देवी की शरण में जाकर देवी से प्रार्थना करें, जिस देवी की स्वयं देवता प्रार्थना करते हैं. वह भगवती शरणागत को आशीर्वाद प्रदान करती है.

धुरंधर 2’ की सुनामी में भी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर मचा दिया भौकाल

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धुरंधर 2’ की सुनामी में भी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर मचा दिया भौकाल
बॉक्स ऑफिस पर इन दिनों ‘धुरंधर 2’ की सुनामी चल रही है. रणवीर सिंह और आदित्य धर की फिल्म जबरदस्त कमाई कर रही है. लेकिन इसी बीच एक ऐसी फिल्म भी है जिसने मेकर्स को मालामाल कर दिया है. साउथ की इस फिल्म ने बजट से करीब ढाई गुना कलेक्शन किया है. इतना ही नहीं, सिर्फ चार दिन की कमाई से ही ये फिल्म सुपरहिट हो चुकी है.

हम बात कर रहे हैं मलयालम में रिलीज आडू 3 (Aadu 3: One Last Ride- Part 1) की जिसने चार दिनों में बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया है. एक कॉमेडी फैंटेसी फिल्म है. इसे मिधुन मैनुअल थॉमस ने डायरेक्ट किया है. ये Aadu 2 का सीक्वल है जो 2017 में रिलीज किया गया था. 19 मार्च को थियेटर्स में रिलीज हुई इस फिल्म की ऑक्यूपेंसी 70% से ज्यादा दर्ज हो रही है.

इस फिल्म में जयसूर्या को शाजी पप्पन की भूमिका में देखा जा रहा है. वहीं, सैजू कुरुप, विनायकन, सनी वेन, धर्मजन बोलगट्टी, विजय बाबू, इंद्रान्स, भगाथ मैनुअल और बिजूकुट्टन जैसे कलाकारों को अहम भूमिका में देखा जा रहा है.

जानें 4 दिनों का कलेक्शन

‘आडू 3’ ने चार दिनों में वर्ल्डवाइड 78 करोड़ का कलेक्शन किया है. कोई मोई की रिपोर्ट के मुताबिक इस फिल्म का बजट करीब 20 करोड़ है.

चार दिनों की कमाई में ही ये फिल्म सुपरहिट हो गई है. बजट और कमाई की तुलना करें तो इस फिल्म ने बजट से 2.9 गुना ज्यादा कमाकर मेकर्स को 290% का प्रॉफिट दिया है.
ट्रेड आंकड़े देने वाली वेबसाइट सैकनिक के मुताबिक ‘आडू 3’ ने चार दिनों में इंडिया में नेट 26.50 करोड़ का कलेक्शन किया है. वहीं, वर्ल्डवाइड इसका कलेक्शन करीब 78 करोड़ से ज्यादा है.

डेवाइज कलेक्शन
पहला दिन- 5.95 करोड़ | ऑक्यूपेंसी 67.0%
दूसरा दिन 6.30 करोड़ | ऑक्यूपेंसी 74%
तीसरा दिन 7.15 करोड़ | ऑक्यूपेंसी 74 %
चौथा दिन 7.10 करोड़ | ऑक्यूपेंसी 74%
टोटल कलेक्शन- 30.61 करोड़ ग्रॉस
इंडिया नेट कलेक्शन – ₹26.50